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ओवर द स्कारबोरो शोल (साउथ चाइना सी):“आप बेहद करीब उड़ रहे हैं, यह खतरनाक साबित हो सकता है” – चीन ने आसमान में फिलीपींस को अपनी दादागिरी दिखाई

चीन ने अब फिलीपींस को आसमान मे अपनी दादागिरी दिखाई है। दरअसल, दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र में मंगलवार को चीनी नेवी का एक हेलीकॉप्टर फिलीपींस के एक गश्ती विमान के 10 फीट के दायरे में उड़ रहा था। चीनी विमान की इस हरकत पर फिलीपींस के पायलट ने रेडियो पर चेतावनी दी, ‘आप बहुत करीब उड़ रहे हैं, यह बहुत खतरनाक है।’ चीनी हेलीकॉप्टर फिलीपींस ब्यूरो ऑफ फिशरीज एंड एक्वेटिक रिसोर्सेज के सेसना कारवां टर्बोप्रॉप प्लेन को उस इलाके से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था जिस पर चीन अपना हवाई क्षेत्र होने का दावा करता है।

‘अपने प्लेन को हमसे दूर रखें और दूरी बनाए रखें’

प्लेन में मौजूद एसोसिएटेड प्रेस के एक पत्रकार और अन्य आमंत्रित विदेशी मीडियाकर्मियों ने 30 मिनट तक चली इस तनावपूर्ण रस्साकशी को देखा, जहां फिलीपींस का विमान स्कारबोरो के आसपास अपने कम ऊंचाई वाले घेरे में गश्त करते हुए आगे बढ़ रहा था, जबकि चीनी नेवी का हेलीकॉप्टर उसके ऊपर मंडरा रहा था। फिलीपींस के पायलट ने एक समय चीनी नेवी के हेलीकॉप्टर से रेडियो पर कहा,‘आप बहुत करीब उड़ रहे हैं, यह बहुत खतरनाक है और (आप) हमारे क्रू मेंबर और यात्रियों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं। अपने प्लेन को हमसे दूर रखें और दूरी बनाए रखें, आप FAA और ICAO द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानक का उल्लंघन कर रहे हैं।

फिलीपींस की तरफ से जारी किया गया बयान

फिलीपींस का पायलट अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन द्वारा प्लेन एक्सीडेंट को रोकने के लिए प्लेन के बीच जरूरी मानक दूरी का जिक्र कर रहा था। इस बारे में अभी पता नहीं चल पाया है कि क्या फिलीपींस के जहाज को टकराव से बचने के लिए अपने पहले से तय रास्ते और ऊंचाई को बदलना पड़ा। फिलीपींस के तटरक्षक और मत्स्य ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि वे ‘चीन के अग्रेसिव एक्शन के बावजूद, पश्चिमी फिलीपींस सागर में अपनी संप्रभुता, संप्रभु अधिकारों और समुद्री अधिकार क्षेत्र का दावा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

Latest Hindi News :अयोध्या में भगदड़ फैलाने की साजिश नाकाम, पुलिस ने संदिग्ध रूप से उड़ रहे ड्रोन को पकड़ा

रामनगरी अयोध्या में भगदड़ मचाने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। मंगलवार को ड्रोन रोधी प्रणाली के परीक्षण के दौरान पुलिस ने राम मंदिर मार्ग पर एक ड्रोन को पकड़ा है जो कि संदिग्ध हालत में उड़ रहा था। पुलिस ने दावा किया है कि ये ड्रोन भीड़ में भगदड़ मचाने की एक गहरी साजिश का हिस्सा था। बता दें कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी महाकुभ 2025 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या के राम मंदिर में दर्शन के लिए भी आ रहे हैं। इसलिए अयोध्या में भारी भीड़ उमड़ रही है।

सुरक्षा को कोई खतरा नहीं

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया है कि ड्रोन रोधी प्रणाली के परीक्षण के दौरान राम मंदिर मार्ग के ऊपर मंडरा रहे एक संदिग्ध ड्रोन को देखा गया जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उसे पकड़ लिया। उनके मुताबिक, राम मंदिर के ऊपर और उसके आसपास ड्रोन उड़ाना सख्त मना है। उन्होंने कहा कि बम निरोधक दस्ते ने ड्रोन कैमरे की गहन जांच करने के बाद पुष्टि की कि सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है।

भगदड़ मचाने की गहरी साजिश- पुलिस

पुलिस की ओर से इस पूरी घटना को लेकर राम जन्मभूमि थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने प्राथमिकी में दावा किया है कि ड्रोन को भीड़ के बीच गिराने के लिए उड़ाया जा रहा था ताकि राम मंदिर में और मंदिर के बाहरी इलाकों में भगदड़ मचाई जा सके और बड़ी संख्या में लोग मारे जाएं। पुलिस ने अपनी प्राथमिकी नें कहा है कि ये अयोध्या में बड़ी संख्या में लोगों की जान लेने वाली भगदड़ मचाने की गहरी साजिश थी।

आरोपी के बारे में क्या पता चला?

पुलिस ने संदिग्ध ड्रोन के मामले में BNS की धारा 125 और 233 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने फिलहाल घटना के विवरण और आरोपी की पहचान को उजागर करने से इनकार कर दिया। हालांकि, PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि कथित साजिशकर्ता की पहचान कर ली गई है। वह हरियाणा के गुरुग्राम का रहने वाला है।

हमास का आया बड़ा एलान: शनिवार को इजरायल के 6 बंधकों को रिहा करेगा, 4 के शव भी सौंपेगा

इजरायल और अमेरिकी की सख्त धमकी के बाद हमास के सुर लगातार नरम पड़ रहे हैं। अब हमास ने ऐलान किया है कि शनिवार को 6 जीवित इजरायली बंधकों को रिहा करेगा। इसके साथ ही गुरुवार को 4 बंधकों के शव भी सौंप दिए जाएंगे। इसमें बिबास परिवार के अवशेष शामिल हैं। बता दें कि शनिवार को रिहा होने वाले 6 बंधक गाजा में सीजफायर के पहले चरण के तहत छोड़े जाने वाले अंतिम जीवित बंधक हैं।

15 महीने जंग के बाद सीजफायर

बता दें कि हमास द्वारा इजरायली बंधकों की रिहाई के बदले में इजरायल भी सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों को रिहा कर रहा है। इजरायल और हमास के बीच 15 महीने तक भीषण जंग के बाद सीजफायर समझौता हुआ है। हाल ही में हमास ने ऐलान किया था कि वह बीते शनिवार को होने वाली बंधकों की रिहाई को टाल रहा है। हालांकि, अमेरिका और इजरायल की चेतावनी के बाद उसने बंधकों को रिहा किया।

 हमास को खत्म किया जाना चाहिए- अमेरिकी विदेश मंत्री

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को गाजा पट्टी में इजराइल के युद्ध उद्देश्यों का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि हमास को ‘खत्म किया जाना चाहिए’ क्योंकि इसने अस्थिर युद्धविराम के भविष्य पर संदेह खड़ा कर दिया है। रुबियो ने क्षेत्रीय दौरे की शुरुआत में यरूशलम में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की, रुबियो ने कहा है कि गाजा में हमास ‘सैन्य या सरकारी बल के रूप में मौजूद नहीं रह सकता’।

बिबास परिवार के शव वापस आएंगे

गुरुवार को हमास जिन बंधकों के शव वापस करेगा उनमें बिबास परिवार के सदस्यों के शव भी होंगे। इनमें शीरी बिबास और उसके दो छोटे बच्चों-एरियल और कफीर शामिल हैं। इजरायल के लोगों का मानना है कि बिबास परिवार हमास द्वारा बंधकों पर किए गए अत्याचारों को दर्शाता है। इजरायल ने उनकी मौक की पुष्टि नहीं की है लेकिन हमास ने कहा कि ये लोग युद्ध की शुरुआत में इजराइली हवाई हमले में मारे गए थे

महाकुंभ की वायरल गर्ल ट्रैप में फंसी, क्या भोली-भाली मोनालिसा को दिया गया झांसा?

‘महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा लगातार चर्चा में बनी हुई। कई दिनों पहले ही खबरें आईं कि इंदौर की रहने वाली मोनालिसा भोसले को निर्देशक सनोज मिश्रा हीरोइ बनाएंगे। वो उन्हें फिल्म का ऑफर देकर मुंबई भी ले गए। इस बीच सोशल मीडिया पर लगातार मोनालिसा भी अपनी लाइफ अपडेट देती रहीं। उन्होंने अपनी पहली विमान यात्रा से लेकर पढ़ाई-लिखाई और एक्टिंग की क्लासेज शुरू होने की अपडेट दी। इसी बीच वो ब्रैंड इवेंट में भी पहुंचीं, लेकिन अब सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है कि मोनालिसा भोसले को ट्रैप में फंसाया गया है। उनके भोलेपन का फायदा फिल्म ऑफर करने वाले निर्देशक उठा रहे हैं। ऐसे दावे करने वाला शख्स कोई और नहीं बल्कि एक फिल्म प्रोड्यूसर है। फिलहाल इन आरोपों पर सनोज मिश्रा ने बी रिएक्ट किया है और अपना पक्ष लोगों के सामने रखा है। फिलहाल पहले आपको पूरा मामला बताते हैं।

‘ट्रैप में मोनालिसा’

प्रोड्यूसर जितेंद्र नारायण सिंह उर्फ वसीम रिजवी ने एक यूट्यूबर को दिए इंटरव्यू में दावा करते हुए कहा, ‘मोनालिसा ट्रैप में फंसी हैं। मुझे मोनालिसा के ऊपर और उनकी फैमिली के ऊपर दया आ रही है, ये सीधे-साधे लोग थे। इनकी कुंभ की वायरल तस्वीरों को हमने भी देखा था लेकिन सनोज मिश्रा जैसा डायरेक्टर इनके घर पहुंच गया और उन्होंने उसके बारे में कुछ पता भी नहीं किया और अपनी लड़की को उसके हवाले कर दिया।’ वसीम रिजवी ने इन आरोपों में कहा, ‘सनोज मिश्रा के पास न तो फाइनेंसर है। न ही खुद के पास पैसा है, वो फिल्म बनाएगा कैसे। मणिपुर डायरी कभी बन ही नहीं पाएगी। ये सिर्फ उस लड़की की मासूमियत का फायदा उठा रहा है और उसे चारों तरफ घुमा रहा है।

प्रोड्यूसर का दावा

प्रोड्यूसर जितेंद्र नारायण सिंह उर्फ वसीम रिजवी ने ये भी दावा किया सनोज मिश्रा ने इससे पहले कई प्रोड्यूसर्स को ठगा है और मार्केट से पैसे उधार लेकर भागा हुआ है। ये खबर आग की तरह फैल गई और मोनालिसा के फैंस को उसकी चिंता सताने लगी। अब इस बीच सनोज मिश्रा का भी बयान सामने आया है। उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए सभी आरोपों को गलत ठहराया है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी मंशा साफ है और वो मोनालिसा की मदद करने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने साझा किए गए वीडियो के कैप्शन में लिखा, ‘विधर्मी बर्बाद करना चाहते है मोनालिसा की जिंदगी। देश के लोगों से अपील है कि ऐसे लोगों को सबक सिखाए। ये लोग नहीं चाहते की एक गरीब भी आसमान की बुलंदी छुए।’

यहां देखें वीडियो

सनोज मिश्रा ने आरोपों को किया खारिज

इस वीडियो में सनोज मिश्रा कह रहे हैं, ‘नमस्कार साथियों, मैं सनोज मिश्रा आज पूरे देश के सामने अपील कर रहा हूं कि आप लोग कृप्या अफवाहों पर ध्यान न दें। बताना चाहूंगा कि एक लड़की महाकुंभ में वायरल हुई थी पिछले दिनों जिसका नाम मोनालिसा है, जिसको वहां से भागकर घर आना पड़ा, उसका काफी आर्थिक नुकसान हुआ और तमाम यातनाएं उसे झेलनी पड़ीं। इस बीच उसकी मदद के लिए कोई संस्था और कोई व्यक्ति सामने नहीं आया। मुझे लगा कि मुझे उसकी मदद करनी चाहिए और जो मेरे पास था यानी सिनेमा…मैंने उसे फिल्म ऑफर की, मैं उसके घर गया और उससे मिला। मुझसे जो भी बन पड़ा वो सारी सहुलियतें उसे दीं और आज वो प्रक्षिण ले रही है, अपने परिवार के साथ, इस बीच कुछ ऐसे तत्व जो मेरे साथ पहले भी गलत कर चुके थे, जिन्होंने मेरी जान लेने की भी कोशिश की वो व्यक्ति जिसका मैं नाम भी नहीं लेना चाहता, जो हिंदू से मुस्लिम बन गया है…पूरा देश मेरे साथ खड़ा है, मैं उन लोगों के लिए काम कर रहा हूं जो टेंट में रहते हैं, सनातन धर्म मेरा साथ दे रहा है तो इस मुस्लमान को पेट में दर्द होने लगा है। इसके लाइमलाइट में आना है और कुछ न कुछ कहना है ताकि इसे राज्यसभा का सदस्य बना दें।’ अपने लंबे बयान में सनोज मिश्रा ने पूरी तरह से आरोपों को नकारा है।

कनाडा में बड़ा हुआ हादसा, बर्फीली जमीन पर लैंडिंग के दौरान विमान पलटा, 76 लोग सवार थे

कनाडा की राजधानी टोरंटो में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। टोरंटो के पियर्सन हवाई अड्डे पर लैंड करते समय डेल्टा एयरलाइंस का एक विमान बर्फीली जमीन पर ही पलट गया। इस हादसे में 19 लोग घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर है।

विमान में सवार थे 76 लोग

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी पुष्टि की है। टोरंटो के पियर्सन हवाई अड्डे ने बताया कि मिनियापोलिस से डेल्टा के विमान के साथ हादसा हुआ है। विमान 76 यात्री तथा चार चालक दल के सदस्य सवार थे। डेल्टा  एयरलाइंस ने एक बयान में कहा कि दुर्घटना सोमवार दोपहर 3:30 बजे हुई है।

पिछले दिनों टोरंटो में आया था बर्फीला तूफान

घटनास्थल से मिले वीडियो में मित्सुबिशी CRJ-900LR को बर्फीले टरमैक पर उल्टा पड़ा हुआ दिख रहा है, जबकि आपातकालीन कर्मचारी इसे पानी से धो रहे हैं। पिछले दिनों टोरंटो में बर्फीला तूफान आया था। माना जा रहा है इस कारण ये हादसा हुआ होगा।

1 बच्चे समेत 3 यात्रियों की हालत गंभीर

ऑर्न्ज एयर एम्बुलेंस ने कहा कि एक बच्चे को टोरंटो के सिककिड्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो वयस्कों यात्री को गंभीर रूप से घायल होने पर शहर के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एयरपोर्ट ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि आपातकालीन टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। साथ ही ये भी बताया कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि विमान के पलटने का कारण क्या था? हो सकता है बिगड़े मौसम की वजह से ये हादसा हुआ हो।

हादसे के वक्त एयरपोर्ट पर हो रही थी बर्फबारी

कनाडा की मौसम सेवा के अनुसार, एयरपोर्ट पर बर्फबारी हो रही थी। हवा की गति 51 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक थी। तापमान लगभग माइनस 8.6 डिग्री सेल्सियस था। फ्लोरिडा के सेंट पीटर्सबर्ग में एविएशन सेफ्टी कंसल्टिंग फर्म सेफ्टी ऑपरेटिंग सिस्टम के सीईओ जॉन कॉक्स ने कहा, ‘ऐसा कुछ देखना बहुत दुर्लभ है। हमने टेकऑफ के कुछ मामले देखे हैं। जहां विमान उल्टा हो गया है, लेकिन यह बहुत दुर्लभ है।’