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Latest Sports News :इस बल्लेबाज ने रचा इतिहास, शतक लगाते ही तोड़ा केन विलियमसन का रिकॉर्ड, पहुंचा पहले स्थान पर

Rachin Ravindra: न्यूजीलैंड की टीम ने बांग्लादेश को पांच विकेट से हरा दिया। इस मैच में बांग्लादेश की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 236 रन बनाए। इसके बाद रचिव रवींद्र के शतक से न्यूजीलैंड ने आसानी से टारगेट चेज कर लिया। मैच जीतते ही न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में एंट्री मारी है। कीवी टीम के लिए रचिन सबसे बड़े हीरो साबित हुए और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। वहीं, गेंदबाजी में कमाल करते हुए माइकल ब्रेसवेल ने चार विकेट हासिल किए। बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड मिला।

रचिन रवींद्र ने किया कमाल

बांग्लादेश के खिलाफ मैच में रचिन रवींद्र पूरी तरह से लय में नजर आए और उन्होंने बांग्लादेशी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने 105 गेंदों में 112 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और एक छक्का शामिल था। इसी के साथ ही रचिन न्यूजीलैंड के लिए आईसीसी वनडे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए हैं और उन्होंने पहला स्थान हासिल करते हुए केन विलियमन का रिकॉर्ड तोड़ा है। रचिन ने न्यूजीलैंड के लिए अभी तक आईसीसी वनडे टूर्नामेंट में कुल चार शतक लगाए हैं। वहीं केन विलियमसन सिर्फ 3 शतक ही लगा पाए थे।

ICC वनडे टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज: 

    • रचिन रवींद्र- चार शतक
    • केन विलियमसन- तीन शतक
    • नाथन एस्टल- तीन शतक

न्यूजीलैंड की शुरुआत रही थी खराब

न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। जब विल यंग बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद केन विलियमसन भी 5 रन बनाकर आउट हो गए। कीवी टीम ने 15 रनों पर ही दो विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में लग रहा था बांग्लादेश की टीम न्यूजीलैंड को कड़ी टक्कर देगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। इसके बाद रचिन रवींद्र और टॉम लैथम ने शानदार बल्लेबाजी की। इन दोनों प्लेयर्स ने न्यूजीलैंड को संकट से निकाल लिया। रचिन रवींद्र का का टॉम लैथम ने अच्छा साथ निभाया। लैथम ने 55 रनों का योगदान दिया।

न्यूजीलैंड के लिए खेले तीनों फॉर्मेट

रचिन रवींद्र ने न्यूजीलैंड के लिए वनडे क्रिकेट में साल 2023 में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने अभी तक 30 वनडे मैचों में कुल 1082 रन बनाए हैं, जिसमें उनके बल्ले से चार शतक और चार अर्धशतक निकले हैं। इस दौरान वह टीम के लिए 15 टेस्ट और 26 टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेल चुके हैं।

पाकिस्तान(लाहौर): पंजाब पुलिस ने PTI नेताओं के घरों और दफ्तरों पर मारा छापा

 पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के नेताओं के कार्यालयों और आवासों पर छापेमारी करके इसके 12 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पार्टी की ओर से राजनीतिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने की घोषणा के बाद यह कार्रवाई की गई है। मुर्री जिला महासचिव सफदर जमान सत्ती सहित 12 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।

घरों में की गई तोड़फोड़

पंजाब के वरिष्ठ पीटीआई नेता शौकत बसरा ने कहा कि पंजाब पुलिस ने रावलपिंडी और प्रांत के अन्य जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलनों के आयोजन की व्यवस्था करने में जुटे 12 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। बसरा ने कहा, ‘‘पीटीआई सांसदों के घरों धावा बोला गया और तोड़फोड़ की गई। फासीवादी शासन के पदाधिकारी यह कहकर अपनी कार्रवाई को उचित ठहराते हैं कि वो सेना के आदेश पर ऐसा कर रहे हैं।’’

PTI नेताओं ने साझा किए वीडियो

बसरा और पीटीआई की पंजाब में प्रमुख संगठनकर्ता आलिया हमजा ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो साझा किए हैं जिनमें पुलिस की मनमानी साफ दिखाई दे रही है। हमजा ने कहा कि पंजाब सरकार सिर्फ अर्थव्यवस्था में वृद्धि के अपने फर्जी और झूठे आंकड़ों को प्रचारित करने के लिए बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियान चलाने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि सेना समर्थित ‘जनादेश चोरों’ ने जनता पर आतंक का राज कायम कर दिया है।

पाक सरकार पर भड़के PTI नेता

पीटीआई प्रवक्ता शेख वक्कास अकरम ने कहा, ‘‘कठपुतली शासन ने व्यवस्थित रूप से कानून के शासन को रौंद दिया है, संवैधानिक सर्वोच्चता को खत्म कर दिया है, न्यायपालिका को पंगु बना दिया है, अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है और सत्ता पर अपनी निरंकुश पकड़ सुनिश्चित करने के लिए आतंक का राज कायम किया है।’’

उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी बजट पर डॉ. राजेश्वर सिंह का विधान सभा में जोरदार भाषण: सरोजनी नगर विधायक ने कहा- बजट में डिजिटल इंडिया और वैश्विक अवसरों पर विशेष जोर, सरोजनीनगर में शिक्षा और तकनीक को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान सभा में सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत ₹8.8 लाख करोड़ के बजट को ऐतिहासिक और विकासोन्मुखी बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट ₹79,000 करोड़ के राजस्व अधिशेष और 2.97% के नियंत्रित वित्तीय घाटे के साथ वित्तीय अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है।

अंग्रेजी भाषा और वैश्विक अवसरों पर विपक्ष को दिया करारा जवाब

डॉ. सिंह ने विपक्ष द्वारा अंग्रेजी भाषा के विरोध को खारिज करते हुए कहा कि अंग्रेजी वैश्विक शिक्षा और रोजगार का महत्वपूर्ण सेतु है। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी में दक्षता से युवाओं को बेहतर नौकरियां, उच्च वेतन और विश्व की शीर्ष यूनिवर्सिटी में प्रवेश मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

डिजिटल क्रांति: उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए सुनहरा अवसर

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि इस बजट में डिजिटल साक्षरता को बड़ी प्राथमिकता दी गई है।
✅ 18,000 से अधिक स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं बनाई जाएंगी।
✅ 880 स्कूलों में आईसीटी (ICT) लैब्स स्थापित की जाएंगी।
✅ 49 लाख टैबलेट्स का वितरण किया जाएगा।
✅ स्वामी विवेकानंद योजना के तहत 2 करोड़ टैबलेट्स युवाओं को दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह योजनाएँ उत्तर प्रदेश के छात्रों को डिजिटल भविष्य के लिए तैयार करेंगी और उन्हें आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाएंगी।

भविष्य की नौकरियों के लिए डिजिटल स्किल्स होंगे अनिवार्य

डॉ. सिंह ने अपने भाषण में एक महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा किया:
👉 2030 तक 8.5 करोड़ पारंपरिक नौकरियां समाप्त हो जाएंगी।
👉 लेकिन 9.5 करोड़ नई नौकरियां डिजिटल अर्थव्यवस्था में आएंगी।

उन्होंने कहा कि ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में रोजगार की भारी संभावनाएं हैं। ऐसे में युवाओं को डिजिटल कौशल में पारंगत बनाना बेहद जरूरी है।

सरोजनीनगर में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल

अपने क्षेत्र सरोजनीनगर में किए गए कार्यों को गिनाते हुए डॉ. सिंह ने बताया कि:
✅ रण बहादुर सिंह डिजिटल सशक्तिकरण केंद्र की स्थापना की गई है, जहाँ युवाओं को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा दी जा रही है।
✅ 30+ स्कूलों में डिजिटल पुस्तकालय बनाए गए हैं, जिससे 20,000+ बच्चों को लाभ मिला है।
✅ 1,000 मेधावी छात्रों को टैबलेट, लैपटॉप और साइकिल वितरित किए गए हैं।

तकनीक: जाति और लिंग से परे एक समान अवसर

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि तकनीक जाति-निरपेक्ष और लिंग-निरपेक्ष होती है। हमें बच्चों को जातिगत राजनीति में उलझाने की बजाय डिजिटल रूप से सशक्त बनाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता यह बजट

अंत में, डॉ. सिंह ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और श्री शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत बजट का समर्थन करते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश की प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने इसे राज्य के भविष्य को मजबूत करने वाला साहसिक और दूरदर्शी कदम बताया।

वाशिंगटन: ट्रंप ने अवैध प्रवासियों के निष्कासन को बताया उचित फैसला

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध विदेशी नागरिकों के निर्वासन पर बड़ा बयान दिया है। अपने फैसले को सही ठहराते हुए ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए धोखेबाजों, ठगों और ‘डीप स्टेट’ नौकरशाहों (बाहरी ताकतें जो सरकार के निर्णयों को प्रभावित कर सकती हैं) को घर भेज रहा है। ट्रंप ने अवैध प्रवासियों के बड़े पैमाने पर निर्वासन को अपनी प्रमुख नीति बना लिया है।

‘भ्रष्टाचार को खत्म कर रहे हैं’

वाशिंगटन के बाहर ‘कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस’ (सीपीएसी) को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, “धोखेबाजों, झूठों, बेईमानों, वैश्विकतावादियों और ‘डीप स्टेट’ नौकरशाहों को बाहर भेजा जा रहा है।” उन्होंने कहा, “अवैध विदेशी अपराधियों को घर भेजा जा रहा है। हम भ्रष्टाचार को खत्म कर रहे हैं और लोगों का शासन बहाल कर रहे हैं।”

आव्रजन प्रणाली में परिवर्तन का काम शुरू

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पदभार संभालने के बाद से ही अमेरिकी आव्रजन प्रणाली के कुछ हिस्सों में आमूलचूल परिवर्तन करने का काम शुरू कर दिया है तथा “बड़े पैमाने पर निर्वासन” और गिरफ्तारियों का आश्वासन किया है। होमलैंड सुरक्षा विभाग ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि तीन फरवरी तक उसके एजेंटों ने 8,768 लोगों को गिरफ्तार किया था।

पाकिस्तान(ग्वादर): न विमान, न यात्री, न सुविधाएं; पाकिस्तान का नया हवाई अड्डा बना रहस्य

पाकिस्तान का सबसे नया और सबसे महंगा हवाई अड्डा एक रहस्य की तरह है, जहां ना तो कोई विमान है और ना ही कोई यात्री। चीन की तरफ से पूरी तरह से वित्तपोषित 24 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लागत से बने नए ग्वादर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बारे में यह बता पाना मुश्किल है कि यह वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए कब खुलेगा। अक्टूबर 2024 में बनकर तैयार हुआ यह हवाई अड्डा इसके आसपास के गरीब एवं अशांत दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत से बिल्कुल अलग है।

ग्वादर में बदलाव नजर नहीं आता

चीन पिछले एक दशक से ‘चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे’ या सीपीईसी परियोजना के तहत बलूचिस्तान और ग्वादर में अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है। यह परियोजना उसके पश्चिमी शिनजियांग प्रांत को अरब सागर से जोड़ती है। प्राधिकारियों ने इसे परिवर्तनकारी बताकर इसकी प्रशंसा की है, लेकिन ग्वादर में कोई खास बदलाव नजर नहीं आता। शहर राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़ा नहीं है, बिजली पड़ोसी ईरान या सौर पैनल से आती है और वहां पर्याप्त स्वच्छ पानी नहीं है। शहर के 90,000 लोगों के लिए 4,00,000 यात्री क्षमता वाला हवाई अड्डा प्राथमिकता नहीं है।

‘चीन के लिए है हवाई अड्डा’

पाकिस्तान-चीन संबंधों के विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ अजीम खालिद ने कहा, ‘‘यह हवाई अड्डा पाकिस्तान या ग्वादर के लिए नहीं है। यह चीन के लिए है, ताकि वह अपने नागरिकों को ग्वादर और बलूचिस्तान तक सुरक्षित पहुंच प्रदान कर सके।’’ सीपीईसी ने संसाधन संपन्न और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बलूचिस्तान में दशकों से जारी उग्रवाद को बढ़ावा दिया है। स्थानीय लोग प्रांत एवं अन्य स्थानों पर पाकिस्तानी सैनिकों तथा चीनी श्रमिकों को निशाना बना रहे हैं। पाकिस्तान के जातीय बलूच अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों का कहना है कि सरकार उनके साथ भेदभाव करती है और उन्हें देश में अन्यत्र उपलब्ध अवसरों से वंचित रखा जाता है। हालांकि, सरकार इन आरोपों से इनकार करती है।

ग्वादर जाना है कठिन

ग्वादर एक खूबसूरत जगह है, लेकिन ऐसी धारणा है कि यहां जाना खतरनाक या कठिन है। ग्वादर के घरेलू हवाई अड्डे से केवल एक वाणिज्यिक मार्ग पर उड़ान का संचालन किया जाता है। कराची के लिए सप्ताह में तीन बार उड़ान का संचालन किया जाता है। ग्वादर निवासी खुदा बख्श हाशिम (76) ने कहा कि वह सीपीईसी को सफल होते देखना चाहते हैं, ताकि स्थानीय लोगों, खासकर युवाओं को रोजगार, उम्मीद और जीवन में कोई उद्देश्य मिल सके, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

ग्वादर के एक भी निवासी को नहीं मिली नौकरी

सुरक्षा चिंताओं के कारण ग्वादर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन में देरी हुई और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके चीनी समकक्ष ली कियांग ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसका उद्घाटन किया। पहली उड़ान मीडिया और आम लोगों के लिए प्रतिबंधित थी। ‘बलूचिस्तान अवामी पार्टी’ के जिला अध्यक्ष अब्दुल गफूर होथ ने कहा कि ग्वादर के एक भी निवासी को हवाई अड्डे पर काम करने के लिए नहीं रखा गया, ‘‘यहां तक ​​कि चौकीदार के तौर पर भी नहीं।’’