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भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह के प्रयास से सरोजनीनगर के 41 श्रद्धालुओं ने किए करतारपुर साहिब के पावन दर्शन, करतारपुर पहुंचे श्रद्धालुओं के छलके श्रद्धा के आंसू, मन गुरुओं की कृपा में हुआ लीन

  • डॉ. राजेश्वर सिंह का सरोजनीनगर को केवल एक विधानसभा क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक परिवार के रूप में विकसित करने का प्रयास।
  • डॉ. सिंह द्वारा राम रथ यात्राओं के बाद अब करतारपुर साहिब यात्रा की शुरुआत का सफल आयोजन।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था को पूर्ण करने और उन्हें आध्यात्मिक शांति प्रदान करने का संकल्प।
  • भविष्य में भी इस तरह की यात्राएँ आयोजित कर श्रद्धालुओं की धार्मिक आकांक्षाएँ पूरी करने की योजना।
  • विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि धर्म और संस्कृति के बिना समाज अधूरा है, इसलिए सेवा का यह क्रम जारी रहेगा।
  • श्रद्धालुओं ने करतारपुर साहिब में गुरु नानक देव जी की चरण रज प्राप्त की।
  • यात्रा के दौरान हर श्रद्धालु की आंखों में कृतज्ञता और भक्ति के आंसू छलक पड़े।
  • यह यात्रा धार्मिक सौहार्द और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक बनी।
  • सिख समाज ने इस पहल को ऐतिहासिक और अत्यंत भावनात्मक बताया।
  • भविष्य में इस यात्रा को और अधिक श्रद्धालुओं के लिए सुलभ बनाने की योजना।

लखनऊ, 25 फरवरी 2025: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के 41 सिख श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब में गुरु नानक देव जी के पावन दर्शन कर अपनी वर्षों की मनोकामना पूरी की। यह यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था और भक्ति का जीवंत प्रमाण बनी। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान श्रद्धालु गहरी भावनाओं में डूब गए और उनकी आंखों में श्रद्धा और कृतज्ञता के अश्रु छलक पड़े।

इस आध्यात्मिक यात्रा को सफल बनाने में सरोजनीनगर के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके नेतृत्व में श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं और व्यवस्थाओं की योजना बनाई गई। वर्षों से सिख समाज की यह आकांक्षा थी कि वे श्री करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकें, और डॉ. सिंह की दूरदृष्टि एवं संकल्प शक्ति के कारण यह सपना साकार हो सका।

डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल: करतारपुर साहिब यात्रा बनी ऐतिहासिक

सरोजनीनगर के 41 सिख श्रद्धालुओं ने अटारी-वाघा बॉर्डर पार कर श्री करतारपुर साहिब के दर्शन किए। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयासों से यह यात्रा संभव हुई, जिसमें सभी श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गईं। 24 फरवरी को अमौसी एयरपोर्ट से इंडिगो फ्लाइट द्वारा अमृतसर के लिए उड़ान, स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका। करतारपुर साहिब में मत्था टेकते समय श्रद्धालुओं की आंखों में छलके आंसू, जीवन की अधूरी इच्छा पूरी हुई। श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर को संभव बनाने के लिए डॉ. राजेश्वर सिंह का आभार जताया।

अमृतसर से करतारपुर तक: एक अध्यात्मिक यात्रा

इस यात्रा में श्रद्धालुओं का जत्था 24 फरवरी को लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से इंडिगो फ्लाइट द्वारा रवाना हुआ। अमृतसर पहुंचने पर श्रद्धालुओं का ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। सभी ने स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका और सिख धर्म के पवित्र ग्रंथों का पाठ किया।

इसके बाद श्रद्धालु करतारपुर साहिब के लिए रवाना हुए, जहाँ उन्हें गुरु नानक देव जी की पावन स्थली के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। करतारपुर साहिब में श्रद्धालु भावुक हो उठे, क्योंकि यह वही स्थान है जहाँ गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष व्यतीत किए।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ करतारपुर कॉरिडोर

वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करतारपुर कॉरिडोर की स्थापना की गई। इस पहल से भारतीय श्रद्धालु बिना वीज़ा करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकते हैं। करतारपुर यात्रा सिख समाज के लिए ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण अवसर बना। प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदृष्टि और सिख समाज के प्रति उनके सम्मान का यह प्रत्यक्ष प्रमाण है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने इसी सोच से प्रेरित होकर सरोजनीनगर के श्रद्धालुओं को इस यात्रा का अवसर प्रदान किया।

धर्म, संस्कृति और सेवा का प्रतीक बने लखनऊ के सरोजनी नगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह न केवल एक जनप्रतिनिधि हैं, बल्कि संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षक भी हैं। उनके प्रयासों से अब तक 37 राम रथ श्रवण यात्राओं के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन कराए जा चुके हैं।

‘रूस तुरंत अपनी सेना वापस बुलाए’ – संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन और अन्य देशों का प्रस्ताव हुआ मंजूर

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को अब तीन साल का समय पूरा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस जंग को जल्द से जल्द खत्म करवाने की कोशिश में लगे हुए हैं। हालांकि, इस बीच रूस के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यूक्रेन के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एपी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस प्रस्ताव में यूक्रेन से सभी रूसी सैनिकों की तत्काल वापसी की मांग की गई है।

बाध्यकारी नहीं है प्रस्ताव

यूक्रेन की ओर से संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव रखा गया था कि यूक्रेन से सभी रूसी सैनिकों की तत्काल वापसी हो। यूक्रेन पर रूसी हमले के तीन साल पूरे होने पर रखे गए इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र की ओर से मंजूरी दे दी गई। आपको बता दें कि निकाय के प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते हैं। हालांकि, इसे विश्व जनमत का संकेतक माना जाता है।

भारत ने वोटिंग से बनाई दूरी

संयुक्त राष्ट्र महासभा में कुल 193 देश सदस्य के रूप में मौजूद हैं। इनमें से 93 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया है। वहीं, 18 सदस्यों ने इस प्रस्ताव के विरोध में वोट किया। भारत समेत 65 देश इस मतदान में अनुपस्थित रहे। इससे पहले आए प्रस्तावों में 140 से ज्यादा देशों ने रूस की आक्रामकता की निंदा की थी और यूक्रेन के 4 क्षेत्रों पर उसके कब्जे को हटाने की मांग की थी।

जेलेंस्की ने पद छोड़ने के लिए रखी शर्त

यूक्रेन पर रूसी हमले के 3 साल पूरे होने पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बड़ा बयान दिया है। जेलेंस्की ने कहा है कि अगर यूक्रेन को शांति की गारंटी मिलती है या फिर उसे नाटो सैन्य गठबंधन की सदस्यता दी जाती है तो वह अपना पद छोड़ने को तैयार हैं। जेलेंस्की ने कहा है कि अगर उनके देश को स्थायी शांति प्राप्त होती है तो वह अपना पद छोड़ने को तैयार हैं।

पेरिस:फ्रांस के मार्सिले में रूसी वाणिज्य दूतावास के बाहर हुआ धमाका, संदिग्ध मौके से फरार

 फ्रांस के मार्सिले शहर में स्थित रूसी वाणिज्य दूतावास के बाहर सोमवार तड़के आग लगाने के काम में इस्तेमाल होने वाले एक उपकरण में विस्फोट हो गया। यूक्रेन पर रूसी हमले की तीसरी वर्षगांठ पर हुए इस विस्फोट में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इस दौरान दूसरा उपकरण भी फेंका गया, लेकिन वह नहीं फटा। इस घटना के बाद बम निरोधक विशेषज्ञ को घटनास्थल पर बुलाया गया।

फरार हुआ संदिग्ध

एक अधिकारी ने नाम ना बताने की शर्त पर कहा कि घटना के बाद संदिग्ध व्यक्ति भाग गया और जांच शुरू की गई है। अधिकारियों ने संदिग्ध या मकसद के बारे में अभी कोई ब्योरा नहीं दिया है। मार्सिले फ्रांस का दूसरा सबसे बड़ा शहर और एक प्रमुख भूमध्यसागरीय बंदरगाह है। इस शहर में विभिन्न समुदाय के लोग रहते हैं, लेकिन यहां रूसी समुदाय के अधिक लोग नहीं रहते हैं।

फ्रांस में रूस के खिलाफ हुए हैं प्रदर्शन

फ्रांस ने 2022 से यूक्रेन पर रूस के हमले के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन देखे हैं, जिसमें मार्सिले, पेरिस और अन्य शहरों के प्रदर्शन शामिल हैं। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि मार्सिले में हुई घटना में ‘आतंकवादी हमले के सभी लक्षण हैं।’

रूस विरोधी तत्वों की भूमिका?

फ्रांसीसी मीडिया ने पहले बताया था कि वाणिज्य दूतावास के पास एक विस्फोट की आवाज सुनी गई थी और दमकलकर्मी मौके पर थे। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि इस घटना के पीछे किसका हाथ है। हालांकि, माना जा रहा है कि इस घटना के पीछे रूस विरोधी तत्वों की भूमिका हो सकती है।

रोम: पोप फ्रांसिस की तबीयत बिगड़ी, गुर्दे में खराबी के संकेत मिले।

अस्पताल में भर्ती पोप फ्रांसिस की सेहत में सुधार हो रहा है और उन्होंने रात में अच्छी नींद ली, सोमवार सुबह उन्होंने आराम भी किया। वेटिकन ने यह जानकारी दी है। पोप फ्रांसिस 10 दिन से रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती हैं। वह फेफड़े के संक्रमण से पीड़ित हैं जिसके कारण उनके गुर्दे में खराबी के शुरुआती चरण के लक्षण दिखने लगे हैं। हालांकि, वेटिकन के इस एक वाक्य के इस बयान में यह स्पष्ट नहीं है कि फ्रांसिस (88) सोकर उठे हैं या नहीं। बयान में कहा गया है, ‘‘रात अच्छे से गुजरी, पोप ने अच्छी नींद ली और वह आराम कर रहे हैं।’’

गुर्दे में खराबी के दिखे शुरुआती लक्षण 

रविवार देर रात चिकित्सकों ने बताया कि खून की जांच से पता चला है कि गुर्दे में खराबी के शुरुआती लक्षण दिख रहे हैं, लेकिन फिर भी स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि फ्रांसिस की हालत नाजुक बनी हुई है, लेकिन शनिवार से उन्हें सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं हुई है। उन्हें ऑक्सीजन दी जा रही थी और रविवार को उन्होंने लोगों से बात भी की तथा उन्होंने प्रार्थना सभा में भाग लिया।

2021 में भी अस्पताल में हुए थे भर्ती

चिकित्सकों ने कहा कि फ्रांसिस की बढ़ती उम्र, स्थिति की गंभीरता और पहले से फेफड़े के रोग से पीड़ित होने के कारण उनके स्वास्थ्य की स्थिति खतरनाक बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि फ्रांसिस के सामने मुख्य खतरा ‘सेप्सिस’ है, जो रक्त का एक गंभीर संक्रमण है। वेटिकन द्वारा उपलब्ध कराई गई अब तक की चिकित्सा जानकारी में ‘सेप्सिस’ की शुरुआत का कोई जिक्र नहीं किया गया है। इससे पहले, 2021 में वह रोम के इसी जेमेली अस्पताल में 10 दिन तक भर्ती थे, जब उनके मलाशय का 33 सेंटीमीटर हिस्सा निकाला गया था।

यह भी जानें

न्यूयॉर्क में धार्मिक नेता कार्डिनल टिमोथी डोलन ने कहा कि ईसाई धर्म के कैथोलिक संप्रदाय के लोग पोप फ्रांसिस की नाजुक हालत के बीच एकजुट हैं। हालांकि रोम में धार्मिक गुरु सार्वजनिक रूप से ऐसा कहने से बचते दिखे। डोलन ने सेंट पैट्रिक कैथेड्रल के मंच से अपने संबोधन में कहा, ‘‘हमारे पवित्र ‘फादर’ पोप फ्रांसिस का स्वास्थ्य बेहद नाजुक है और शायद वह मृत्यु शैय्या के करीब हैं।’’ हालांकि बाद में उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें उम्मीद है और वह प्रार्थना करते हैं कि फ्रांसिस जल्द ‘‘ठीक हो जाएं।’’

ऐसे में क्या होगा?

पोप फ्रांसिस के स्वास्थ्य की स्थिति ने इस तरह की अटकलों को फिर से जन्म दे दिया है कि अगर वह अचेत हो गए या किसी अन्य तरह से अक्षम हो गए तो क्या होगा और क्या वह इस्तीफा दे देंगे?

क्या नक्शे से गायब हो सकता है नैनीताल? 3 किमी तक हो रही भू-धंसान की समस्या, घरों का सर्वेक्षण होगा

उत्तराखंड का प्रसिद्ध शहर नैनीताल वर्तमान समय में चौतरफा खतरों को झेल रहा है। जानकारी के मुताबिक, शहर में भूस्खलन, दरारों और भूकंप की घटनाओं ने लोगों को खौफ से भर दिया है। शहर में कई किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में पहाड़ों के धंसने की खबर भी सामने आ रही हैं। सवाल ये भी उठाए जा रहे हैं कि क्या ‘नैनीताल’ शहर भूगोल के नक्शे से मिट जाएगा। आइए जानते हैं इस मामले के बारे में सबकुछ।

CBRI करेगा घरों का सर्वे

दरअसल, खतरों के बावजूद नैनीताल शहर में आबादी बढ़ रही है। शहर बड़ी संख्या में पर्यटकों से भरा रहता है और बड़ी संख्या में भवनों के निर्माण भी जारी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBRI यानी कि सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्ट्यूट इस मामले में आगे आया है और वह इस बात का आंकलन कर रहा है कि क्या नैनीताल शहर भूकंप के झटके सहन कर पाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स में जानकारी सामने आई है कि CBRI ने नैनीताल में बिना प्लानिंग के तैयार 1 हजार घरों का सर्वे करने का फैसला किया है। इसके तहत ये जांच की जाएगी कि क्या शहर में स्थित घर भूकंप के लिए सुरक्षित हैं। जांच के तहत बचाव और कैरिंग केपेसिटी की अध्‍ययन रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

भूस्खलन और नई दरारें सामने आईं

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नैनीताल शहर के टिफिनटॉप, चाइना पिक, चार्टनलॉज, स्नोव्यू समेत कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में नई दरारें भी सामने आने लगी हैं। इससे पहले साल 2009 में भी कई विशेषज्ञों ने नैनीताल की कैरिंग केपिसिटी की रिपोर्ट तैयार कर के सरकार को भेजी थी। माना जा रहा है कि सरकार नैनीताल को बचाने के लिए भूवैज्ञानिकों और आम लोगों के सुझावों को लागू करने के लिए कदम उठाने की तैयारी कर रही है।

चूहों ने भी मचाया आतंक

नैनीताल की पहाड़ियों में भूस्खलन के खतरे के बीच चूहों ने भी आतंक मचा दिया है। चूहों ने शहर के हजारों घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की दीवारों, नालों की सुरक्षा दीवारों आदि को खोखला कर दिया है। इस कारण नालियां चोक हो रही हैं और सफाईकर्मियों के लिए मलबे को निकालना चुनौती का काम साबित हो रहा है। नैनीताल के जिलाधिकारी ने भी इस मामले में परीक्षण कर के रिपोर्ट की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चूहों ने झील के पास, मॉल रोड और अन्य सड़कों की सुरक्षा दीवारों को भी खोखला कर दिया है। अगर दीवारों की मिट्टी निकलती है तो इससे घरों में दरार और भू-धंसाव का खतरा बढ़ता है।

3 KM में धंस रहे हैं पहाड़

हाल ही में उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव की डराने वाली घटनाएं सामने आई थीं। अब ऐसा ही कुछ मामला नैनीताल से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित खूपी गांव में भी देखने को मिल रहा है। यहां किसी अनहोनी के डर से लोग घरों को छोड़कर जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, खूपी गांव में साल 2012 के बाद से भू-धंसाव की घटनाएं सामने आने लगी थीं। गांव में करीब 3 किलोमीटर के क्षेत्र में पहाड़ धंस रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर साल गांव के 19 घरों में दरारें सामने आ रही हैं। प्रशासन की टीम ने भी हाल ही में खूपी गांव का निरीक्षण किया है।

चार्टन लॉज एरिया में भी भूस्खलन

इन सब के अलावा नैनीताल के चार्टन लॉज एरिया में भी एक बार फिर से भूस्खलन का घटनाएं देखने को मिल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इलाके में 18 परिवारों समेत आस-पास में स्थित दर्जनों घरों पर खतरा मंडरा रहा है। यहां अब तक 3 परिवार घर छोड़ चुके हैं। बाकी के परिवार के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। नैनीताल के एसडीएम ने कहा है कि प्रशासन ने खूपी गांव का सर्वे किया गया है, कई घरों में दरारें आ रही हैं। चार्टन लॉज क्षेत्र में भी भूस्खलन पर नजर रखी जा रही है।

खतरे में पूरा नैनीताल

जानकारी के मुताबिक, नैनीताल के खूपी गांव से लघु हिमालय और बाह्या हिमालय (शिवालिक) रेंज को जोड़ने वाली मेन बाउंड्री थ्रस्ट गुजरती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बाउंड्री हिमालय को कंप्रेस करने का काम करती है जिस कारण से जमीन उठने लगती हैं और दरारें, भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि खूपी गांव ही नहीं बल्कि पूरा नैनीताल शहर ही खतरे में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में दो दिन पहले टिफिन टॉप भूस्खलन से गिर गया है। इसके अलावा नैना पीक पहाड़ भी टूट रहा है।