Home Blog Page 904

महाकुम्भ 2025: उत्तर प्रदेश की जनता को त्रिवेणी के पावन जल से स्नान का अनूठा अवसर, महाकुंभ से वंचित श्रद्धालुओं को मिलेगा पुण्य स्नान का लाभ

महाकुम्भ 2025: उत्तर प्रदेश की जनता को त्रिवेणी के पावन जल से स्नान का अनूठा अवसर, महाकुंभ से वंचित श्रद्धालुओं को मिलेगा पुण्य स्नान का लाभ
महाकुम्भ 2025: उत्तर प्रदेश की जनता को त्रिवेणी के पावन जल से स्नान का अनूठा अवसर, महाकुंभ से वंचित श्रद्धालुओं को मिलेगा पुण्य स्नान का लाभ
महाकुम्भ 2025: उत्तर प्रदेश की जनता को त्रिवेणी के पावन जल से स्नान का अनूठा अवसर, महाकुंभ से वंचित श्रद्धालुओं को मिलेगा पुण्य स्नान का लाभ
  • अग्निशमन विभाग की 300 से अधिक दमकल गाड़ियां त्रिवेणी का पवित्र जल लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए रवाना
  • प्रदेश के 75 जिलों में जिला मुख्यालयों तक पहुंचेगा संगम का पावन जल
  • अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग के माध्यम से 5 लाख लीटर से अधिक जल की निःशुल्क होम डिलीवरी
  • महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में किया पुण्य स्नान
  • प्रदेश की जेलों में बंद 90,000 से अधिक कैदियों को भी पहली बार त्रिवेणी जल से स्नान का अवसर मिला

प्रयागराज, 28 फरवरी 2025: महाकुंभ 2025 में रिकॉर्ड 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य स्नान कर अपने धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न किया। इस पुण्य अवसर से वंचित रहने वालों के लिए योगी सरकार ने विशेष पहल करते हुए अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग के माध्यम से संगम के पावन जल को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, 300 से अधिक दमकल गाड़ियों के जरिये 5 लाख लीटर से अधिक त्रिवेणी जल को प्रदेश के 75 जिलों में भेजा जा रहा है। इस पवित्र जल को स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आमजन तक पहुंचाया जाएगा, जिससे वे भी पुण्य स्नान कर सकें।

प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को भी मिला पुण्य स्नान का अवसर

इससे पहले, मुख्यमंत्री के आदेश पर जेलों में बंद कैदियों के लिए भी पहली बार त्रिवेणी जल से स्नान की व्यवस्था की गई थी। प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद 90,000 से अधिक कैदियों और बंदियों को त्रिवेणी जल उपलब्ध कराकर धार्मिक आस्था का सम्मान किया गया। यह पहली बार हुआ है जब किसी सरकार ने कैदियों के धार्मिक विश्वास को ध्यान में रखते हुए उनके लिए इस तरह की विशेष पहल की है।

त्रिवेणी जल की होम डिलीवरी

अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रमोद शर्मा ने जानकारी दी कि प्रयागराज से भेजी गई दमकल गाड़ियों की जल भंडारण क्षमता लगभग 5,000 लीटर प्रति वाहन है। इस आधार पर 5 लाख लीटर से अधिक संगम जल विभिन्न जिलों में भेजा जा रहा है। जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह जल उन लोगों तक पहुंचाया जाएगा जो किसी कारणवश महाकुंभ में स्नान करने नहीं आ सके।

श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान देने की ऐतिहासिक पहल

महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी के बावजूद लाखों लोग ऐसे रहे जो किसी न किसी कारणवश स्नान करने से वंचित रह गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल के तहत, अब प्रदेश की जनता को भी त्रिवेणी के पुण्य जल से स्नान कर आध्यात्मिक लाभ लेने का अवसर मिलेगा। प्रशासन ने इस कार्य को सुनियोजित तरीके से क्रियान्वित करने की रूपरेखा तैयार कर ली है, जिससे संगम का जल लोगों के घरों तक पहुंचे और वे धर्मलाभ प्राप्त कर सकें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ाया आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ाया आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ाया आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ाया आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने किया स्वागत
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम मानदेय ₹18,000 करने की घोषणा की।राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने इस निर्णय का स्वागत किया और इसे ऐतिहासिक कदम बताया।
  • परिषद ने आशा बहुओं को भी ₹18,000 फिक्स मानदेय में लाने की मांग की।
  • आउटसोर्स कर्मियों के लिए नियमावली बनाने की जरूरत बताई गई, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आए।
  • इस फैसले से प्रदेश के 5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ होगा।

लखनऊ, 28 फरवरी 2025: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। अब आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम ₹18,000 प्रति माह का मानदेय मिलेगा, जिससे लाखों कर्मचारियों को लाभ होगा। इस निर्णय का राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने स्वागत किया है और इसे कर्मियों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला बताया है।

परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने कहा कि विगत एक वर्ष से परिषद इस मांग को लेकर प्रयासरत थी, और मुख्यमंत्री के इस फैसले से करीब 5 लाख कर्मियों को सीधा फायदा होगा। साथ ही, परिषद ने मुख्यमंत्री से आशा बहुओं को भी ₹18,000 फिक्स मानदेय की परिधि में लाने की मांग की है।

आउटसोर्स कर्मियों के हित में सरकार का बड़ा फैसला

प्रदेश में सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मी लंबे समय से अपने मानदेय में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री से दो बार इस मुद्दे पर मुलाकात की थी और इस विषय पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।

इस निर्णय से प्रदेश के स्वास्थ्य, शिक्षा, नगर निगम, जल निगम, बिजली विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा। पहले जहां कुछ कर्मियों को ₹12,000 से ₹16,000 तक मानदेय मिलता था, अब न्यूनतम ₹18,000 सुनिश्चित कर दिया गया है।

परिषद ने की आशा बहुओं के लिए भी मानदेय वृद्धि की मांग

परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया कि आशा बहुओं को भी इस निर्णय के तहत लाया जाए। उन्होंने कहा कि आशा बहुएं प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र की रीढ़ हैं, और उन्हें ₹18,000 का फिक्स मानदेय दिया जाना चाहिए।

परिषद का कहना है कि यदि आशा बहुओं को भी इस श्रेणी में शामिल किया जाता है, तो इससे उनके सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार होगा और वे और अधिक समर्पित होकर कार्य कर सकेंगी।

आउटसोर्स कर्मियों के लिए नियमावली बनाने की जरूरत

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार से आउटसोर्स कर्मियों के लिए एक स्पष्ट नियमावली बनाने की भी मांग की है। परिषद का मानना है कि इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और कर्मियों को उनके अधिकार मिल सकेंगे।

परिषद के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि वर्तमान में कई विभागों में अस्थायी आधार पर आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती होती है, जिससे उनके भविष्य की सुरक्षा पर सवाल उठता है। यदि सरकार एक ठोस नियमावली बनाती है, तो इससे कर्मियों को न केवल स्थिरता मिलेगी, बल्कि उनके काम में गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।

सीएम योगी के फैसले का जोरदार स्वागत

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी, कार्यवाहक अध्यक्ष निरंजन कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण दुबे, महामंत्री अरुणा शुक्ला, उपाध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया, प्रीति पांडे, ओमप्रकाश पांडे और राजेश निराला सहित कई पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले का स्वागत किया, परिषद ने कहा कि यह निर्णय आउटसोर्स कर्मियों के लिए आर्थिक संबल प्रदान करेगा और उनके मानसिक तनाव को भी कम करेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम आउटसोर्स कर्मियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने इस फैसले को सराहनीय बताते हुए नियमावली निर्माण और आशा बहुओं के मानदेय वृद्धि की मांग की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन अतिरिक्त मांगों पर क्या कदम उठाती है।

यूपी से बड़ी खबर: प्रदेश में अवैध खनन पर सीएम योगी सख्त, मुख्यमंत्री ने कड़े दिशानिर्देश देते हुए कहा- बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए नदी की स्थानीय परिस्थितियों का कराया जाए सर्वेक्षण, साथ ही बाढ़ राहत कंट्रोल रूम को 24×7 सक्रिय रखें और नदियों में अवैध खनन की गतिविधि कहीं भी न हो सके, इसके लिए लगातार मॉनीटरिंग की जाती रहे

यूपी से बड़ी खबर: प्रदेश में अवैध खनन पर सीएम योगी सख्त, मुख्यमंत्री ने कड़े दिशानिर्देश देते हुए कहा- बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए नदी की स्थानीय परिस्थितियों का कराया जाए सर्वेक्षण, साथ ही बाढ़ राहत कंट्रोल रूम को 24x7 सक्रिय रखें और नदियों में अवैध खनन की गतिविधि कहीं भी न हो सके, इसके लिए लगातार मॉनीटरिंग की जाती रहे
यूपी से बड़ी खबर: प्रदेश में अवैध खनन पर सीएम योगी सख्त, मुख्यमंत्री ने कड़े दिशानिर्देश देते हुए कहा- बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए नदी की स्थानीय परिस्थितियों का कराया जाए सर्वेक्षण, साथ ही बाढ़ राहत कंट्रोल रूम को 24x7 सक्रिय रखें और नदियों में अवैध खनन की गतिविधि कहीं भी न हो सके, इसके लिए लगातार मॉनीटरिंग की जाती रहे
यूपी से बड़ी खबर: प्रदेश में अवैध खनन पर सीएम योगी सख्त, मुख्यमंत्री ने कड़े दिशानिर्देश देते हुए कहा- बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए नदी की स्थानीय परिस्थितियों का कराया जाए सर्वेक्षण, साथ ही बाढ़ राहत कंट्रोल रूम को 24x7 सक्रिय रखें और नदियों में अवैध खनन की गतिविधि कहीं भी न हो सके, इसके लिए लगातार मॉनीटरिंग की जाती रहे
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ नियंत्रण के लिए नदियों की स्थानीय परिस्थितियों के ड्रोन सर्वेक्षण के निर्देश दिए।
  • जहां नदी की मुख्य धारा में सिल्ट जमा हो, वहां ड्रेजिंग को प्राथमिकता देने और चैनलाइजेशन की व्यवस्था करने का आदेश।
  • 2018-19 से अब तक 1575 बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं पूरी, जिससे 60.45 लाख लोगों और 4.97 लाख हेक्टेयर भूमि को राहत मिली।
  • प्रदेश के 24 जिलों को बाढ़ के अति संवेदनशील और 16 जिलों को संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए तटबंधों की सतत निगरानी का निर्देश।
  • 31 मार्च तक सभी ड्रेनों की सफाई कराने, बाढ़ राहत कंट्रोल रूम को 24×7 सक्रिय रखने और अवैध खनन पर सख्त निगरानी रखने का आदेश।

लखनऊ, 28 फरवरी 2025: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में बाढ़ से स्थायी समाधान के लिए नदी की स्थानीय परिस्थितियों के अध्ययन और सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जहां नदी के मुख्य धारा (मेन स्ट्रीम) में सिल्ट जमा हो, वहां द्रेजिंग (गाद निकालने की प्रक्रिया) को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके अलावा, नदी के चैनलाइजेशन (जल प्रवाह को व्यवस्थित रूप से निर्देशित करने की प्रक्रिया) को भी बाढ़ से बचाव का एक सुनियोजित और स्थायी समाधान बताया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी नदियों का ड्रोन सर्वेक्षण कर उनकी स्थानीय परिस्थितियों की समुचित जानकारी प्राप्त की जाए, ताकि प्रभावी बाढ़ नियंत्रण रणनीति बनाई जा सके।

बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों और सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव ने अब तक की प्रगति की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बाढ़ से होने वाली जन-धन हानि को रोकने के लिए बीते 8 वर्षों में सुनियोजित प्रयास किए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक उपायों के कारण, पिछले वर्षों की तुलना में बाढ़ से होने वाले नुकसान में काफी कमी आई है।

बाढ़ नियंत्रण की दिशा में हुई प्रगति

बैठक के दौरान प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग ने बताया कि 2018-19 से अब तक 1575 बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इनमें से 305 परियोजनाएं अकेले वर्ष 2024-25 में पूरी की गई हैं।

इन परियोजनाओं के तहत किए गए प्रयासों से:

  • लगभग 4.97 लाख हेक्टेयर भूमि को बाढ़ से सुरक्षित किया गया
  • 60.45 लाख लोगों को राहत पहुंचाई गई

मुख्यमंत्री ने इन सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई परियोजना समय पर पूरी नहीं होती, तो इससे न केवल कार्य प्रभावित होता है, बल्कि वित्तीय बजट भी बढ़ता है। इसलिए, किसी भी परियोजना का बजट पुनरीक्षण नहीं किया जाएगा।

बाढ़ से संवेदनशील जिलों की सूची जारी, अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 24 जिले बाढ़ की दृष्टि से अति संवेदनशील श्रेणी में आते हैं, जबकि कुछ जिले संवेदनशील हैं।

अति संवेदनशील जिले:

  • महाराजगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, बस्ती, बहराइच, बिजनौर, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर, गोंडा, बलिया, देवरिया, सीतापुर, बलरामपुर, अयोध्या, मऊ, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, बदायूं, अम्बेडकर नगर, आजमगढ़, संत कबीर नगर, पीलीभीत और बाराबंकी

संवेदनशील जिले:

  • सहारनपुर, शामली, अलीगढ़, बरेली, हमीरपुर, गौतमबुद्ध नगर, रामपुर, प्रयागराज, बुलंदशहर, मुरादाबाद, हरदोई, वाराणसी, उन्नाव, लखनऊ, शाहजहांपुर और कासगंज

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इन अति संवेदनशील और संवेदनशील जिलों में तटबंधों का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाए।

बाढ़ से सुरक्षा के लिए राज्य में निर्मित संरचनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बाढ़ से सुरक्षा के लिए विभिन्न नदियों पर 523 तटबंध (3869 किलोमीटर लंबाई के) और 10727 ड्रेनेज नहरें (60047 किलोमीटर लंबाई के) निर्मित हैं।

उन्होंने निर्देश दिए कि इन सभी संरचनाओं की सतत निगरानी की जाए और 31 मार्च तक सभी ड्रेन की सफाई पूरी कर ली जाए।

बाढ़ नियंत्रण में आधुनिक तकनीकों का होगा प्रयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधुनिकतम तकनीकों का प्रयोग कर बाढ़ से सुरक्षा के लिए प्रभावी रणनीति बनाई गई है। उन्होंने ड्रोन सर्वेक्षण और सैटेलाइट इमेजिंग जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:

✅ ड्रेजिंग को प्राथमिकता दी जाए जहां नदी उथली हो
✅ बाढ़ परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए, बजट पुनरीक्षण नहीं होगा
✅ ड्रोन सर्वेक्षण से नदियों की स्थिति की निगरानी की जाए
✅ 31 मार्च तक सभी ड्रेन की सफाई पूरी हो
✅ बाढ़ राहत कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहे
✅ नदियों में अवैध खनन पर सख्त निगरानी रखी जाए

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि श्रावस्ती, गोंडा, सीतापुर, हरदोई और बाराबंकी में प्रस्तावित परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बाढ़ नियंत्रण के लिए व्यापक और ठोस रणनीति बनाई जा रही है। नदियों के ड्रेजिंग, चैनलाइजेशन, ड्रोन सर्वेक्षण, और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से उत्तर प्रदेश को बाढ़ मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। सरकार की यह पहल लाखों लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम साबित होगी।

हेल्थ टिप्स : इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए खाली पेट पिएं ये हेल्दी ड्रिंक्स

हम सभी बीमारियों से कोसों दूर रहना चाहते हैं लेकिन आज के समय में हर किसी का लाइफस्टाइल कुछ ऐसा हो गया है कि हर व्यक्ति किसी ना किसी बीमारी की जद में रहता ही है। सीजनल एलर्जी से लेकर कब्ज व पेट दर्द तक, कई समस्याएं व्यक्ति को हमेशा घेरे रहती हैं। ऐसे में अक्सर व्यक्ति दवाइयों पर ही निर्भर रहता है। जबकि अगर आप चाहें तो नेचुरल तरीके से भी अपनी सेहत का ख्याल रख सकती हैं। जी हां, ऐसी कई मॉर्निंग ड्रिंक्स होती हैं, जो इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मददगार साबित हो सकती हैं। जिसकी वजह से आपकी सेहत पर पॉजिटिव असर पड़ता है और इम्यूनिटी बूस्टअप होने से आप बार-बार बीमार नहीं पड़ते हैं-

अदरक-तुलसी की चाय (Ginger-Tulsi Tea)

अदरक में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जो संक्रमण से लड़ते हैं। वहीं, तुलसी अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। अदरक-तुलसी की चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक कप पानी उबालें। अब इसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक और 5-6 तुलसी के पत्ते डालें। अब इसे 5 मिनट तक उबलने दें। छानें और गर्म पिएं।

नींबू-दालचीनी पानी (Lemon-cinnamon water)

इम्यूनिटी बूस्टिंग के लिए आप मॉर्निंग ड्रिंक के रूप में नींबू दालचीनी का पानी पीएं। नींबू में विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है। यह शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। वहीं दूसरी ओर, दालचीनी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो संक्रमण से बचाते हैं। नींबू दालचीनी पानी बनाने के लिए सबसे पहले पानी को गर्म करें। अब उसमें एक नींबू का रस और 1/4 चम्मच दालचीनी पाउडर डालें।

जीरा पानी (Cumin Water)

जीरा एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है जो ना केवल पाचन में सुधार करता है, बल्कि इससे इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। जीरा पानी बनाने के लिए सबसे पहले 1 चम्मच जीरा को 1 गिलास पानी में रात भर भिगो दें। सुबह पानी को उबालकर छान लें और गर्मागर्म पिएं।

चुकंदर-गाजर का जूस (Beetroot-Carrot Juice)

चुकंदर और गाजर दोनों ही विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और बीटा-कैरोटीन से भरपूर होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को बूस्टअप करने में मददगार है। अगर आप इस जूस का सेवन करते हैं तो लिवर को डिटॉक्स करने से लेकर रेड ब्लड सेल्स को बूस्ट करने और स्किन हेल्थ को बेहतर बनाने में मददगार है। इस जूस को बनाने के लिए 1 चुकंदर, 1 गाजर, आधा इंच अदरक और आधा नींबू का ररस पानी के साथ डालकर ब्लेंड करें।

Jasprit Bumrah Bowling: भारतीय टीम के लिए खुशखबरी! चोटिल खिलाड़ी ने फिर शुरू की गेंदबाजी, VIDEO आया सामने

जसप्रीत बुमराह को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में पीठ में जकड़न महसूस हुई थी। इसके बाद वह चोटिल होने की वजह से चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर हो गए थे। उनका बाहर होना टीम इंडिया के लिए किसी झटके से कम नहीं था। अब भारतीय टीम के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। चोटिल बुमराह ने गेंदबाजी करनी शुरू कर दी है और गेंदबाजी करते समय उन्हें कोई परेशानी नहीं लग रही है।

बुमराह ने शुरू की गेंदबाजी

जनवरी की शुरुआत में जसप्रीत बुमराह नेशनल क्रिकेट एकेडमी में थे। जहां उन्होंने बीसीसीआई के मेडिकल स्टाफ की देखरेख में रिहैब किया था। अब उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह बॉलिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं और पूरी लय में नजर आ रहे हैं। इससे पता चल रहा है कि वह लगभग पूरी तरह से फिट हो चुके हैं। अब बुमराह आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए दिखाई देंगे।

साल 2024 में किया शानदार प्रदर्शन

साल 2024 में जसप्रीत बुमराह ने कमाल का प्रदर्शन किया था और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज में शानदार गेंदबाजी का नमूना पेश किया था। तब उन्होंने सीरीज में कुल 32 विकेट हासिल किए थे। साल 2024 में उन्होंने कुल 71 टेस्ट विकेट झटके थे। इसी वजह से उन्हें साल 2024 के लिए आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर और आईसीसी प्लेयर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिला था।

टी20 वर्ल्ड कप जिताने में निभाई अहम भूमिका

जसप्रीत बुमराह के बेजोड़ प्रदर्शन की वजह से ही टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतने में सफल रही थी। तब उन्होंने कुल 15 विकेट झटके थे और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी मिला था। उनकी यॉर्कर गेंदों का कोई भी सानी नहीं हैं। वह अहम मौकों पर भारतीय टीम को विकेट दिलाते रहे हैं।