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केप केनवरल:चांद की सतह पर पहली बार दिखा “नीला भूत”, वैज्ञानिक भी हैरान

 दुनिया उस वक्त हैरान रह गई, जब चांद की धरती पर पहली बार ब्लू घोस्ट ने कदम रखा। आप भी चौंकिये मत, क्योंकि यह घटना सच है। अमेरिका की एक एक निजी कंपनी ने अंतरिक्ष में पहली बार ब्लू घोस्ट उतार कर सबको चौंका दिया है। निजी कंपनी ने अपने अंतरिक्ष यान को रविवार को चांद पर उतारा है। यह अंतरिक्ष एजेंसी नासा के लिए प्रयोग किये गए।

बता दें कि फायरफ्लाई एयरोस्पेस का ‘ब्लू घोस्ट’ लैंडर स्वचालित रूप से चंद्रमा की कक्षा से उतरा, जिसका लक्ष्य चंद्रमा के उत्तरपूर्वी छोर पर स्थित प्रभाव बेसिन में स्थित प्राचीन ज्वालामुखी गुंबद की ढलानों पर पहुंचना था। कंपनी के मिशन कंट्रोल ने बताया कि, ‘‘हम चांद पर हैं’’। साथ ही उसने बताया कि लैंडर की स्थिति ‘‘स्थिर है’’। टेक्सास स्थित कंपनी फायरफ्लाई एयरोस्पेस ने इस अंतरिक्ष यान को विकसित किया है।

चांद पर इन देशों को मिल चुकी है सफलता

एक दशक पहले स्थापित स्टार्टअप फायरफ्लाई को एक सहज, सीधी लैंडिंग ने ऐसा पहला निजी संगठन बना दिया है, जिसने अंतरिक्ष यान को चंद्रमा पर उतारा है। केवल पांच देशों रूस, अमेरिका, चीन, भारत और जापान ने ही ऐसी सफलता मिलने का दावा किया है। दो अन्य कम्पनियों के ‘लैंडर’ के भी इस सप्ताह के अंत में चंद्रमा पर उतरने की उम्मीद है। फ्लोरिडा से जनवरी के मध्य में प्रक्षेपित किये गये 6 फुट 6 इंच (2 मीटर) लंबे ‘लैंडर’ ने नासा के लिए चंद्रमा पर 10 प्रयोग किये। चंद्रमा की ओर जाते हुए, ‘ब्लू घोस्ट’ ने अपने गृह ग्रह की अद्भुत तस्वीरें भेजीं। लैंडर ने चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगाने के बाद भी चंद्रमा की सतह के विस्तृत चित्र लिए।

Russia-Ukraine Update : युद्ध विराम के नए प्रस्ताव पर ब्रिटेन, फ्रांस और यूक्रेन में बनी सहमति

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के प्रेसिडेंट व्लादिमिर जेलेंस्की के बीच शुक्रवार को ह्वाइट हाउस के ओवल ऑफिस में जोरदार बहस के बाद यूक्रेन युद्ध विराम का खाका तैयार किया जाने लगा है। इस वक्त जेलेंस्की ब्रिटेन में हैं और उन्हें ब्रिटेन, फ्रांस समेत पूरे यूरोप का समर्थन मिल रहा है। ब्रिटेन ने आखिरी दम तक यूक्रेन के साथ खड़ा होने का वादा किया है। इससे जेलेंस्की का हौसला बढ़ा है। अब यूक्रेन युद्ध विराम योजना को लेकर ब्रिटेन, फ्रांस और यूक्रेन नया खाका तैयार कर रहे हैं। युद्ध विराम योजना पर काम करने को लेकर तीनों देशों के बीच सहमति बन गई है। प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे अमेरिका के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

बता दें कि ब्रिटेन, फ्रांस और यूक्रेन एक युद्धविराम योजना पर काम करने के लिए सहमत हो गए हैं, जिसे अमेरिका के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने यह जानकारी दी। स्टॉर्मर ने कहा कि यह योजना चार देशों के नेताओं के बीच बातचीत के बाद सामने आई है।

यूक्रेन युद्ध विराम प्रस्ताव में ये है बड़ी शर्त

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ‘ओवल ऑफिस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय) में हुई तीखी बहस के एक दिन बाद यह योजना सामने आई है। प्रधानमंत्री ने बताया कि उनका मानना ​​है कि अमेरिकी राष्ट्रपति यूक्रेन में स्थायी शांति चाहते हैं। उन्होंने अपना यह दावा दोहराया कि इसे कायम रखने के लिए अमेरिकी सुरक्षा गारंटी की आवश्यकता होगी। ये इसकी बड़ी शर्त है। स्टॉर्मर यूक्रेन पर चर्चा के लिए रविवार को लंदन में यूरोपीय नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं।

यूरोपीय नेताओं के शिखर सम्मेलन में छाई ओवल ऑफिस की घटना

यह यूक्रेन में शांति की संभावना को आगे बढ़ाने वाले एक सप्ताह तक चले कूटनीति प्रयासों का दौर था। लेकिन, रविवार को यूरोपीय नेताओं के शिखर सम्मेलन में ‘ओवल ऑफिस’ की घटना छाई रही। जब ट्रंप और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ‘ओवल ऑफिस’ में जेलेंस्की पर अमेरिकी समर्थन के प्रति पर्याप्त रूप से आभारी न होने का आरोप लगाया था। इसका सीधे टीवी पर प्रसारण हो रहा था। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने कहा कि वह यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प हैं।

नाटो समेत ये देश ले रहे सम्मेलन में भाग

स्टॉर्मर ने कहा, “हमारे पास यूक्रेन में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए एक साथ आने का अवसर है, जो उनकी संप्रभुता और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। अब समय आ गया है कि हम यूक्रेन के लिए सर्वोत्तम परिणाम की गारंटी देने, यूरोपीय सुरक्षा की रक्षा करने तथा हमारे सामूहिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एकजुट हों।’’ इस शिखर सम्मेलन में फ्रांस, जर्मनी, डेनमार्क, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, स्पेन, कनाडा, फिनलैंड, स्वीडन, चेक गणराज्य और रोमानिया के नेता भी शामिल होंगे। तुर्की के विदेश मंत्री, नाटो महासचिव तथा यूरोपीय आयोग और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष भी इसमें भाग लेंगे।

यूक्रेन को ब्रिटेन ने दी ताकत

इससे पहले, वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ‘ओवल ऑफिस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय) में हुई तीखी बहस के एक दिन बाद ब्रिटेन आए यूक्रेन के राष्ट्रपति को ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने गले लगाया और कहा कि उन्हें देश का अटूट समर्थन प्राप्त है। जेलेंस्की शनिवार को जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के कार्यालय ‘10 डाउनिंग स्ट्रीट’ पहुंचे तो वहां बाहर एकत्र लोग उनके समर्थन के नारे लगा रहे थे। स्टॉर्मर ने यूक्रेनी राष्ट्रपति को गले लगाया और वह उन्हें अंदर ले गए। दोनों नेताओं की मुलाकात लंदन में यूरोपीय नेताओं की बैठक की पूर्व संध्या पर हुई।

अमेरिका यूक्रेन से खींचता है हाथ तो होगा ये विकल्प

इस बैठक में इस बात पर चर्चा की जाएगी कि अगर अमेरिका यूक्रेन से समर्थन वापस ले लेता है तो यूरोपीय देश यूक्रेन और खुद की रक्षा कैसे कर सकते हैं। स्टॉर्मर ने युद्धग्रस्त देश के नेता से कहा, “और जैसा कि आपने बाहर सड़क पर नारो के जरिए सुना, आपको पूरे ब्रिटेन में समर्थन प्राप्त है।” उन्होंने कहा, “हम आपके साथ, यूक्रेन के साथ खड़े हैं, भले ही इसमें (युद्ध में) कितना भी समय लगे।” जेलेंस्की ने उन्हें और ब्रिटेन के लोगों को उनके समर्थन और दोस्ती के लिए धन्यवाद दिया।

डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयासों से सरोजनीनगर में विकास की नई इबारत–110वें जनसुनवाई शिविर में त्वरित समाधान, मेधावियों का सम्मान और महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल

सरोजनीनगर में “आपका विधायक – आपके द्वार” अभियान के 110वें शिविर का सफल आयोजन, जन समस्याओं का त्वरित समाधान और ग्रामीण विकास को मिली नई गति

लखनऊ, सरोजनीनगर: भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में “आपका विधायक – आपके द्वार” अभियान के तहत 110वें जनसुनवाई शिविर का आयोजन ग्राम एकता नगर, कल्ली पश्चिम में किया गया।

इस शिविर में जन समस्याओं के त्वरित समाधान, मेधावी छात्रों का सम्मान, महिला सशक्तिकरण की पहल, खेल प्रोत्साहन और वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

जन समस्याओं का त्वरित समाधान

जनता की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए, शिविर में सड़क, नाली, विद्युत, वृद्धावस्था पेंशन, राजस्व आदि से जुड़ी 31 समस्याएँ दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष समस्याओं को संबंधित विभागों को भेजकर शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया गया।

गाँव के होनहार छात्रों को मिला प्रोत्साहन

‘गाँव की शान’ पहल के तहत, सरोजनीनगर के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। इंटरमीडिएट परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले मयंक तिवारी (79.5%) और निकिता (74.5%), तथा हाईस्कूल परीक्षा में सर्वाधिक अंक पाने वाले प्रिया कुमारी (88%) और अभिषेक मिश्रा (86%) को साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

महिला सशक्तिकरण और खेल प्रोत्साहन की अनूठी पहल

सरोजनीनगर की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए 67वें ‘गर्ल्स यूथ क्लब’ की स्थापना की गई। इस क्लब के तहत वॉलीबॉल, फुटबॉल, कैरम सहित विभिन्न खेलों की स्पोर्ट्स किट वितरित की गईं, ताकि बेटियाँ खेल जगत में भी अपनी पहचान बना सकें।

वरिष्ठ नागरिकों और समाजसेवियों को मिला सम्मान

गाँव के वरिष्ठ नागरिकों और समाजसेवियों के योगदान को मान्यता देते हुए राजेन्द्र मिश्रा, शिव प्रसाद तिवारी, जितेन्द्र तिवारी, मनीष तिवारी, राम मनोरथ, दरोगा राय, फूलमती, लालपती, राम मनोरथ वर्मा, पंकज कुमार, गुड्डू तिवारी, अभय कुमार सिंह, ऋषिकेश राय, लाल चंद राम एवं प्रभात राम को अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

“तारा शक्ति निःशुल्क रसोई” – सेवा का नया आयाम

19 महीनों से लगातार संचालित ‘तारा शक्ति निःशुल्क रसोई’ के तहत इस शिविर में भी ग्रामवासियों को स्वच्छ, पौष्टिक एवं ताजा भोजन उपलब्ध कराया गया। यह सेवा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए एक वरदान साबित हो रही है।

“आपका विधायक-आपके द्वार” अभियान बना जनता की आवाज़

डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर अभी-तक 110 जनसुनवाई शिविरों का आयोजन कर जनता से सीधा संवाद स्थापित किया गया है। यह अभियान न सिर्फ सरोजनीनगर के विकास को नई गति दे रहा है, बल्कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान का भी एक मजबूत मंच बन चुका है।

“सेवा ही संकल्प” के मंत्र के साथ, डॉ. राजेश्वर सिंह सरोजनीनगर के चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

वाशिंगटन:व्हाइट हाउस पहुंचे यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, स्वागत के लिए गेट पर खड़े थे ट्रंप

 यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की अमेरिका पहुंच गए हैं। द्विपक्षीय वार्ता शुरू होते ही दोनों नेताओं में तीखी बहस शुरू हो गई। ट्रंप ने जेलेंस्की को कहा कि आप लाखों लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं। ट्रंप ने जेलेंस्की को यहां तक कह डाला कि आप तीसरे विश्व युद्ध का बीज बो रहे हैं, जबकि आपकी कोई हैसियत नहीं है। उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति को कहा कि आप हमारी वजह से इतने दिन युद्ध में टिके। अमेरिकी हथियारों की वजह से आप लड़ पा रहे हैं।

ट्रंप ने जेलेंस्की को मीडिया के सामने मूर्ख राष्ट्रपति कहा

ट्रंप और जेलेंस्की में बहस का स्तर इस कदर बिगड़ गया कि यूक्रेनी राष्ट्रपति कहने लगे-आप मुझे बोलने का मौका नहीं दे रहे। वहीं ट्रंप ने कहा कि हमने 350 अरब डॉलर यूक्रेन को दिया। बातों ही बातों में ट्रंप ने मीडिया के सामने कह दिया कि आप मूर्ख राष्ट्रपति हैं। आपको समझौता करना ही होगा। ट्रंप ने जेलेंस्की को कहा कि आज से आपके बुरे दिन शुरू हो गए हैं। वहीं जेलेंस्की ने कहा कि हम कोई युद्ध विराम नहीं मानेंगे। ट्रंप ने जेलेंस्की को मीडिया के सामने ही धमकियां देना शुरू कर दिया है। वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस दोनों नेताओं के बीच सुलह कराने का प्रयास कर रहे हैं। ह्वाइट हाउस में तीखी बहस जारी है।

जेलेंस्की ने कहा-आप हमारे ऊपर दबाव नहीं डाल सकते

जेलेंस्की को फटकार लगाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि आप लाखों लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं। यूक्रेन युद्ध नहीं जीत रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को समझौता करना ही होगा या हम इस बीच से हट रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि आप तीसरे विश्व युद्ध का जुआ खेल रहे हैं। ट्रंप ने जेलेंस्की को कहा कि आप हमारी वजह से सही सलामत हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के बिना यूक्रेन युद्ध नहीं लड़ सकता। वहीं जेलेंस्की ने कहा कि हमें युद्ध विराम की जरूरत नहीं है। हम कोई समझौता नहीं मानेंगे। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने ट्रंप से कहा कि आप हमारे ऊपर दबाव नहीं डाल सकते। उन्होंने कहा कि आप पुतिन की भाषा बोल रहे। वहीं ट्रंप ने जेलेंस्की को कहा कि आप अमेरिका का अपमान कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि आप न बताएं कि हमें क्या करना है। क्योंकि आप हमें आदेश देने की स्थिति में नहीं हैं। आपके देश की हालत बहुत खराब है।

देहरादून(उत्तराखंड हिमस्खलन): फंसे 57 मजदूरों में से 33 को बचाया गया, सभी के नाम हुए जारी”

 उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सीमांत गांव माणा के पास ऊंचाई वाले क्षेत्र में शुक्रवार को हिमस्खलन के कारण बर्फ में 57 मजदूर दब गए। सूबे के उंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फबारी के बीच फंसे सीमा सड़क संगठन के लिए काम कर रहे इन 57 मजदूरों में से 33 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, शाम 5 बजे तक बद्रीनाथ धाम से 6 किलोमीटर आगे हिमस्खलन में फंसे 32 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है जबकि शेष बचे 24 अन्य को निकालने की कार्रवाई चल रही है।

सुबह करीब 07:15 बजे हुआ था हिमस्खलन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, माणा और बद्रीनाथ के बीच में स्थित बीआरओ के मजदूरों के कैंप पर करीब 07:15 बजे हिमस्खलन हुआ था जिससे मजदूर बर्फ में दब गए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस, सेना, सीमा सड़क संगठन (BRO), भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राज्य आपदा प्रतिवादन बल और आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा बचाव और राहत कार्य शुरू किया। उत्तराखंड सरकार ने बताया कि अब तक 33 मजदूरों को रेस्क्यू किया जा चुका है। बता दें कि खराब मौसम और लगातार बर्फवारी के कारण मौके पर बचाव एवं राहत कार्य चलाने में मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि, घटना में अभी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना में फंसे सभी मजदूरों के नाम भी सामने आ गए हैं।

‘बर्फ नहीं गिरने से कैंप बंद नहीं किया गया था’

बता दें कि बद्रीनाथ से करीब 3 किलोमीटर दूर माणा भारत तिब्बत सीमा पर बसा आखिरी गांव है जो 3200 मीटर की उंचाई पर स्थित है। हादसा स्थल हिमस्खलन की दृष्टि से सर्दियों के समय में खतरनाक माना जाता रहा है इसलिए पहले के समय में इस कैंप से लोगों को हटाकर बद्रीनाथ में रखा जाता था। माणा के गांव प्रधान पिताम्बर सिंह ने बताया कि इस बार बर्फ नहीं गिरने से कैंप बंद नहीं किया गया था और आज मजदूर हादसे की चपेट में आ गए। बद्रीनाथधाम, नर और नारायण पर्वत की तलहटी पर बसा है जिसके बीचों बीच अलकनंदा नदी प्रवाहित होती है। हादसा नर पर्वत से आए हिमस्खलन के कारण हुआ।