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Champions Trophy Record:चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में पहली बार अनोखा कारनामा, तीन बल्लेबाजों ने मिलकर रचा नया रिकॉर्ड

 चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का सीजन अब समापन की ओर है। भारत के बाद अब न्यूजीलैंड ने भी फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल 9 मार्च को दुबई क्रिकेट स्टेडियम पर खेला जाएगा। इस बीच न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए मुकाबले को न्यूजीलैंड ने 50 रन से जीत लिया। इस मैच में एक ऐसा कमाल भी हुआ है, जो इससे पहले कभी देखने के लिए नहीं मिला। मैच के दौरान तीन बल्लेबाजों ने मिलकर करिश्मा कर दिया।

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चैंपियंस ट्रॉफी के एक ही मैच में लगी तीन सेंचुरी

चैंपियंस ट्रॉफी में अब तक कई बार अपने देखा होगा कि एक ही मैच में दो बल्लेबाजों ने शतक लगाए हैं। इतना ही नहीं, एक मैच में एक ही टीम ओर से दो सेंचुरी लगते हुए भी आपने देखी होंगी। लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ है, जब एक ही मैच में तीन शतक लग गए हों। लेकिन अ​ब ऐसा भी हो गया है। न्यूजीलैंड बनाम साउथ अफ्रीका मैच में पहले न्यूजीलैंड की ओर से दो बल्लेबाजों ने शतकीय पारी खेली और इसके बाद साउथ अफ्रीका की ओर से डेविड मिलर ने भी सेंचुरी ठोक दी।

पहले रचिन रवींद्र और केन विलियमन ने लगाया शतक

न्यूजीलैंड की ओर से पहले सलामी बल्लेबाज रचिन रवींद्र ने 101 बॉल पर 108 रनों की शानदार पारी खेली। उन्होंने 13 चौके और एक आसमानी छक्का भी लगाया। इसके कुछ ही देर बाद पूर्व कप्तान केन विलियमसन ने भी अपना शतक पूरा कर लिया। उन्होंने 94 बॉल पर 102 रन बनाए। उनकी पारी के दौरान 10 चौके और दो छक्के आए। आमतौर पर केन विलियमसन ऐसी तेज पारी खेलने के लिए जाने नहीं जाते हैं। लेकिन इस मैच में उनका अलग ही रूप देखने के लिए मिला।

डेविड मिलर ने ठोकी चैंपियंस ट्रॉफी की सबसे तेज सेंचुरी

इसके बाद जब साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी आई तो डेविड मिलर ने शतक ठोक दिया। साउथ अफ्रीका भले ही ये मैच हार गया हो, लेकिन डेविड मिलर की पारी को याद रखा जाएगा। उन्होंने मैच की आखिरी बॉल पर दो रन लेकर अपना शतक पूरा किया। मिलर ने 67 बॉल पर 100 रनों की नाबाद पारी खेली। ये चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास का सबसे तेज शतक भी है। उन्होंने 77 बॉल पर चैंपियंस ट्रॉफी में शतक लगाने वाले जोश इंग्लिस और वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।

डोनाल्ड ट्रंप से टकराव जेलेंस्की को भारी पड़ा, अमेरिका ने खुफिया जानकारी देना रोका

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बहस करने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की मुसीबतें बुरी तरह से बढ़ गई हैं। ट्रंप ने यूक्रेन को अब एक और बड़ा झटका दिया है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने यूक्रेन के साथ अपनी खुफिया जानकारी साझा करना रोक दिया है। बता दें कि इससे पहले अमेरिका ने यूक्रेन को दी जा रही सैन्य सहायता पर भी रोक लगा दी थी। अमेरिका के इस कदम के बाद रूस से जारी जंग में यूक्रेन की हालत और खराब हो सकती है।

छोटा सा निलंबन हो सकता है

एपी के मुताबिक, अमेरिका की ओर से खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक के बाद यूक्रेन को रूसी सैनिकों को निशाना बनाने में मदद करने वाली महत्वपूर्ण जानकारी का प्रवाह बंद हो गया है। रूस के इरादों और सैन्य अभियानों के बारे में जानकारी यूक्रेन की रक्षा के लिए अब तक काफी अहम रही है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने बुधवार को कहा है कि दोनों देशों के बीच सकारात्मक वार्ता का मतलब है कि यह केवल एक छोटा सा निलंबन हो सकता है।

कब वापस दी जाएगी खुफिया जानकारी 

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज ने बुधवार को यूक्रेन को खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक को लेकर बात की है। उन्होंने कहा- “हमने एक कदम पीछे ले लिया है और इस रिश्ते के सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं।” एपी के मुताबिक, माइक वाल्ट्ज ने फॉक्स न्यूज पर कहा है किएक बार जब जेलेंस्की ये दिखा देंगे कि वह डोनाल्ड ट्रंप की शर्तों पर शांति वार्ता में भाग लेने के लिए गंभीर हैं, तो यूक्रेन को जल्द ही अमेरिका से खुफिया जानकारी मिल सकती है।

CIA के निदेशक ने क्या कहा?

CIA के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा है कि ये कदम बीते हफ्ते ओवल ऑफिस में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच हुई बुरी बैठक के बाद आया है। रैटक्लिफ के मुताबिक, ट्रंप ये जानना चाहते हैं कि जेलेंस्की शांति के बारे में गंभीर हैं या नहीं। रैटक्लिफ ने खुफिया जानकारी पर रोक को विराम (Pause) कहा है। रैटक्लिफ ने कहा- “सैन्य मोर्चे और खुफिया मोर्चे पर, ऐसा होने देने वाला विराम दूर हो जाएगा, और मुझे लगता है कि हम यूक्रेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे, जैसा कि हमने किया है।”

“PoK मिलने के बाद ही कश्मीर विवाद खत्म होगा ” – एस जयशंकर का बड़ा बयान

कश्मीर घाटी के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इन दिनों लंदन में हैं। यहां एक कार्यक्रम “विश्व में भारत का उदय और भूमिका” में उन्होंने कश्मीर मामले पर भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बात की, जिसमें उन्होंने धारा 370 को हटाना, विकास और आर्थिक गतिविधि की बहानी और चुनाव कराना शामिल है। साथ ही जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में हुए मतदान पर भी उन्होंने बात की। कश्मीर के मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर एस जयशंकर ने कहा, ‘कश्मीर मुद्दे के अधिकांश मामलों को सुलझाने में हमने काफी बढ़िया काम किया है। मुझे लगता है कि अनुच्छेद 370 को हटाना एक इस दिशा में एक कदम था।’

पीओके की वापसी के साथ, खत्म हो जाएगा कश्मीर विवाद

उन्होंने कहा कि कश्मीर में विकास, आर्थिकि गतिविधि और सामाजिक न्याय को बहाल करना इसका दूसरा कदम था और चुनाव कराना और भारी संख्या में मतदान होना इस दिशा में हमारा तीसरा कदम था। विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को काली करने से कश्मीर मुद्दा पूरी तरह से हल हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम जिस हिस्से का इंतजार कर रहे हैं, वह कश्मीर के उस हिस्से की वापसी है, जो अवैध पाकिस्तानी कब्जे में है। जब यह हो जाएगा, तो मैं आपको आश्वासन देता हूं कि कश्मीर का मसला हल हो जाएगा।’

चीन मुद्दे पर क्या बोले विदेश मंत्री

वहीं भारत चीन के साथ किस तरह का रिश्ता चाहता है? इस सवाल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हमारे बीच बहुत ही अनोखे रिश्ते हैं। हम दुनिया के दो ऐसे देश हैं जिनकी आबादी एक अरब से ज्यादा है। हम दोनों का इतिहास बहुत पुराना है, जिसमें समय के साथ उतार-चढ़ाव आए हैं। उन्होंने कहा कि आज दोनों देश आगे बढ़ रहे हैं हम सीधे पड़ोसी भी हैं। चुनौती यह है कि जैसे-जैसे कोई देश आगे बढ़ता है, दुनिया और उसके पड़ोसियों के साथ उसका संतुलन बदलता है। जब इस आकार, इतिहास, जटिलता और महत्व वाले दो देश समानांतर रूप से आगे बढ़ते हैं तो अनिवार्य रूप से परस्पर काम करते हैं।

New Zealand Cricket Team:न्यूजीलैंड ने श्रीलंका के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा, पाकिस्तान में जीतते ही भारत की बराबरी की

 चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका को 50 रनों से हरा दिया और फाइनल में एंट्री कर ली है। कीवी कप्तान मिचेल सेंटनर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, जो सही साबित हुआ। मैच में कीवी बल्लेबाजों ने बेहतरीन बैटिंग का नमूना पेश किया और 362 रनों का स्कोर खड़ा किया। इसके बाद डेविड मिलर के शतक के बाद भी साउथ अफ्रीकी टीम जीत दर्ज नहीं कर पाई। न्यूजीलैंड के लिए रचिन रवींद्र और केन विलियमसन ने शतक लगाए और जीत में अहम भूमिका निभाई।

श्रीलंकाई टीम को छोड़ा पीछे

न्यूजीलैंड ने मई 2023 से मार्च 2025 तक पाकिस्तानी धरती पर लगातार 7 वनडे मैच जीते हैं। इसी के साथ उन्होंने श्रीलंकाई टीम को पीछे कर दिया है और भारतीय टीम की बराबरी कर ली है। श्रीलंकाई क्रिकेट टीम ने अक्टूबर 1995 से नवंबर 1997 तक पाकिस्तानी धरती पर लगातार 6 वनडे मैच जीते थे। वहीं, भारतीय टीम ने फरवरी 2006 से जून 2008 तक पाकिस्तानी धरती पर लगातार 7 वनडे मैच जीते थे।

पाकिस्तान में लगातार सबसे ज्यादा वनडे मैच जीतने वाली विदेशी टीमें

  • न्यूजीलैंड (मई 2023 से मार्च 2025)- 7 मैच
  • भारत (फरवरी 2006 से जून 2008)- 7 मैच
  • श्रीलंका (अक्टूबर 1995 से नवंबर 1997)- 6 मैच

न्यूजीलैंड की टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में हारा सिर्फ एक मैच

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में मिचेल सेंटनर की अगुवाई में न्यूजीलैंड की टीम बहुत ही अच्छा प्रदर्शन कर रही है। टीम ने मौजूदा टूर्नामेंट में अभी तक सिर्फ एक ही मुकाबला हारा है। वह भी भारत के खिलाफ। इससे पहले पाकिस्तान में ही हुई ट्राई सीरीज में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज की थी। ट्राई सीरीज में न्यूजीलैंड ने कुल तीन मुकाबले जीते थे, जहां उसने पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका को पटखनी दी थी।

रचिन रवींद्र ने लगाए शतक

साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। कीवी टीम के लिए रचिन रवींद्र ने 108 रन और केन विलियमसन ने 102 रन बनाए। इन प्लेयर्स के अलावा डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने 49-49 रनों की पारियां खेली। इसी वजह से कीवी टीम 362 रनों का हिमालय जितना बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहीं। अफ्रीका के लिए लुंगी एनगिदी ने सबसे ज्यादा 3 विकेट हासिल किए, लेकिन इसके लिए उन्होंने 72 रन लुटाए।

Latest World News :डोनाल्ड ट्रंप की हमास को अंतिम चेतावनी – “बंधकों को रिहा करो, वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहो”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को आखिरी चेतावनी जारी कर दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कड़े शब्दों में साफ तौर पर कह दिया है कि हमास गाजा में रखे गए इजरायल के सभी बंधकों को वापस लौटा दे। वरना उसका काम खत्म हो जाएगा। एपी के मुताबिक, इससे ठीक पहले व्हाइट हाउस ने बताया है कि ट्रंप ने हमास के साथ प्रत्यक्ष वार्ता के लिए एक दूत भेजा है।

क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?

दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में हमास की कैद से छूटे 8 बंधकों के साथ बैठक की थी। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा- “शालोम हमास, इसका मतलब है नमस्ते और अलविदा- आप चुन सकते हैं। सभी बंधकों को अभी रिहा करें, बाद में नहीं, और जिन लोगों की आपने हत्या की है, उनके शवों को तुरंत लौटा दें, अन्यथा आपके लिए सब कुछ खत्म हो जाएगा। केवल बीमार और विकृत लोग ही शवों को रखते हैं, और आप बीमार और विकृत हैं। मैं इजरायल को वह सब कुछ भेज रहा हूँ जो उसे काम पूरा करने के लिए चाहिए। अगर आप मेरे कहे अनुसार काम नहीं करते हैं तो हमास का एक भी सदस्य सुरक्षित नहीं रहेगा। मैं अभी आपके पूर्व बंधकों से मिला हूँ, जिनकी ज़िंदगी आपने बर्बाद कर दी है। यह आपको आखिरी चेतावनी है। नेतृत्व के लिए, जब तक आपके पास मौका है, अब गाजा छोड़ने का समय है। साथ ही गाजा के लोगों के लिए: एक सुंदर भविष्य आपका इंतजार कर रहा है, लेकिन अगर आप बंधकों को बंदी बनाए रखते हैं तो नहीं। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आप मर चुके हैं! एक समझदारी भरा फैसला लें। बंधकों को अभी रिहा करें, नहीं तो बाद में आपको बहुत कीमत चुकानी पड़ेगी!”

पहली बार अमेरिका और हमास के बीच प्रत्यक्ष बातचीत

डोनाल्ट ट्रंप ने ये कड़ी टिप्पणी ऐसे समय में की है जब अमेरिकी अधिकारी हमास के साथ बातचीत और विचार-विमर्श में लगे हुए हैं। इससे पहले अमेरिका की लंबे समय से नीति चली आ रही थी कि आतंकवादी समूह से सीधे तौर पर न जुड़ा जाए। ये बातचीत कतर की राजधानी दोहा में हो रही है। साल 1997 में अमेरिका ने हमास को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था। उसके बाद से यह अमेरिका और हमास के बीच पहली ज्ञात प्रत्यक्ष बातचीत है।

गाजा में कितने बंधक हैं?

इजरायल के अधिकारियों का कहना है कि गाजा में करीब 24 जीवित बंधक मौजूद हैं। इनमें एक अमेरिकी नागरिक एडन अलेक्जेंडर भी शामिल है। इसके साथ ही कम से कम 35 अन्य बंधकों के शव अभी भी गाजा में मौजूद हैं। बता दें कि इजरायल और हमास के बीच 15 महीने की जंग के बाद सीजफायर हुआ था। इस दौरान हमासा ने क इजरायली बंधकों को रिहा किया और इजरायल ने भी फिलिस्तीनी कैदियों को जेल से रिहा किया है। हालांकि, इजरायल-हमास युद्धविरामल अब अधर में लटका हुआ है।