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लेटेस्ट स्पोर्ट्स न्यूज़ :न्यूजीलैंड ने टीम की घोषणा की, दिग्गज खिलाड़ियों की वापसी, 21 मार्च से शुरू होगी सीरीज।

न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच T20I सीरीज खेली जानी हैं, जिसका 21 मार्च से आगाज होना है। 3 मैचों की इस T20I सीरीज के लिए न्यूजीलैंड ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। सोफी डिवाइन, अमेलिया केर और ली ताहुहू की न्यूजीलैंड टीम में वापसी हो गई है। सूजी बेट्स अंतरिम कप्तान होंगी जबकि इसाबेला गेज को चोट के कारण टीम में जगह नहीं मिल सकी है। पोली इंग्लिस को उनके स्थान पर टीम में जगह दी गई हैं। बेला जेम्स भी टीम में वापस आ गई हैं।

35 साल की सोफी डिवाइन इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से ब्रेक के बाद वापसी कर रही हैं। उन्होंने जनवरी में अपनी सेहत को प्राथमिकता देने के लिए ब्रेक लिया था। ऑलराउंडर ने ड्रीम11 सुपर स्मैश, वूमेन्स प्रीमियर लीग (WPL) और हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ संपन्न सीरीज में भी हिस्सा नहीं लिया था। वापसी पर डिवाइन ने कहा कि यह अच्छा है कि उन्हें दोबारा अपना केन्द्रित करने के लिए कुछ समय मिला है और वह फिर से खेलने के लिए उत्सुक हैं।

टीम में धाकड़ खिलाड़ियों की वापसी 

श्रीलंका सीरीज से बाहर रहने के बाद एमिलिया इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी कर रही हैं। हालांकि, इस दौरान वह मुंबई इंडियंस के साथ WPL 2025 का खिताब जीतने में सफल रही, जहां उन्होंने 18 विकेट लिए और पर्पल कैप जीती। ताहुहू दिसंबर में लगी ग्रेड-टू हैमस्ट्रिंग टियर से उबरने के बाद वापसी करने के लिए तैयार हैं। बेला जेम्स, जो श्रीलंका सीरीज से बाहर रहीं और अभी तक T20I क्रिकेट में डेब्यू नहीं कर पाई हैं, ने 17 मार्च को अपना फिटनेस टेस्ट पास कर लिया और वह 19 मार्च को टीम के साथ ऑकलैंड जाएंगी।

मेजबान न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की T20I सीरीज  21 से 26 मार्च तक ऑकलैंड, माउंट माउंगानुई और वेलिंगटन में खेली जाएगी। इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है।

3 मैचों की T20I सीरीज का शेड्यूल:

    • पहला T20I मैच: शुक्रवार 21 मार्च – ईडन पार्क, ऑकलैंड
    • दूसरा T20I मैच: रविवार 23 मार्च – बे ओवल, टौरंगा
    • तीसरा T20I मैच: बुधवार 26 मार्च – स्काई स्टेडियम, वेलिंगटन

न्यूजीलैंड की टीम इस प्रकार है: सूजी बेट्स (कप्तान), ईडन कार्सन, सोफी डिवाइन, मैडी ग्रीन, ब्रुक हॉलिडे, पोली इंग्लिस, बेला जेम्स, फ्रान जोनास, जेस केर, मेली केर, रोजमेरी मैयर, जॉर्जिया प्लिमर, ली ताहुहू।

सुनीता की पृथ्वी वापसी पर जितेंद्र सिंह का आया बयान, जानिए कहां लैंड करेगा यान।

अंतरिक्ष में फंसे नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर स्पेसएक्स का यान धरती के लिए रवाना हो गया है। बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान में सवार होकर पृथ्वी की ओर आ रहे हैं। इनके भारतीय समयानुसार बुधवार तड़के 3.27 मिनट पर इसके फ्लोरिडा के समुद्री तट पर उतरने की संभावना है। सुनीता विलियम्स की धरती में वापसी को लेकर भारत में भी खुशी की लहर है।

सुनीता विलियम्स को कहा- भारत की बेटी

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को ‘भारत की बेटी’ कहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के लौटने का इंतजार कर रही है, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर लगभग नौ महीने बिताए हैं।

पूरी दुनिया को किया गौरावान्वित

जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा, ‘देश को उन पर ‘गर्व’ है। उनकी सुरक्षित वापसी के लिए देश प्रार्थना कर रहा है। उन्होंने (सुनीता विलियम्स) भारत की बेटी होने के नाते पूरी दुनिया को गौरवान्वित किया है। उन्होंने उस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया है जो उन्हें सौंपा गया था।’

सुनीता विलियम्स की भारतीय जड़ों का उल्लेख

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक बहुत ही सुखद संयोग यह है कि आज ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महाकुंभ पर एक बयान दिया और संयोग से सुनीता ने भी कुंभ के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं हैं। मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुजरात में सुनीता विलियम्स की भारतीय जड़ों का भी उल्लेख किया।

पीएम मोदी ने 1 मार्च को सुनीता विलियम्स को लिखा पत्र

इस बात पर भी जोर डाला कि भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विलियम्स को 1 मार्च को लिखे गए पत्र के बारे में पूछे जाने पर राज्य मंत्री ने कहा, ‘उनके और भारत के बीच और निश्चित रूप से गुजरात, जिस राज्य से वह ताल्लुक रखती हैं के बीच बहुत गहरा संबंध है। यह इस बात का भी संकेत है कि नासा सहित भारत के बाहर की अधिकांश अंतरिक्ष एजेंसियां ​​अब अपने अधिकांश महत्वपूर्ण मिशनों का नेतृत्व भारतीय लड़के और लड़कियों से करवा रही हैं।

जानिए कहां लैंड करेगा अंतरिक्ष यान?

सुनीता विलियम्स को लेकर आ रहा अंतरिक्ष यान, जो स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल है। अमेरिका के फ्लोरिडा तट के पास समुद्र में लैंड करेगा। यह लैंडिंग ‘स्प्लैशडाउन’ के रूप में होगी, जिसमें यान पैराशूट की मदद से समुद्र में उतरेगा। यह घटना भारतीय समयानुसार 19 मार्च 2025 को सुबह 3:27 बजे होने की संभावना है। फ्लोरिडा के खाड़ी तट पर यह स्प्लैशडाउन नासा और स्पेसएक्स द्वारा निर्धारित स्थानों में से एक है, जो मौसम और अन्य परिस्थितियों के आधार पर चुना जाता है। यह प्रक्रिया अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा और यान की तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर समुद्र में की जाती है।

वाशिंगटन:सुनीता विलियम्स को क्या हुआ? अंतरिक्ष से लौटते ही स्ट्रेचर पर आईं नजर ।

 भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर पृथ्वी पर वापस आ गए हैं। वे 9 महीने से ज्यादा समय से अंतरिक्ष में थे। लंबे समय से उनके पृथ्वी पर आने का इंतजार किया जा रहा था। स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान ड्रैगन से उनकी पृथ्वी पर वापसी तो हो गई लेकिन जब ये दोनों अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर कैप्सूल से बाहर निकले तो उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया गया। अब लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सुनीता विलियम्स को क्या हो गया है जो उन्हें पृथ्वी पर लौटते ही स्ट्रेचर पर ले जाया गया।

क्या है सुनीता को स्ट्रेचर पर ले जाने की वजह?

इससे पहले कि आपको सुनीता विलियम्स की सेहत की चिंता हो तो बता दें कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। वह ना ही बीमार हैं और ना ही घायल हैं। दरअसल उन्हें कैप्सूल से बाहर आने पर स्ट्रेचर पर ले जाने का कारण एक प्रोटोकॉल है। लाइव साइंस के मुताबिक, अंतरिक्ष यात्रियों के धरती पर लौटने के बाद स्ट्रेचर पर ले जाने की प्रक्रिया ISS (अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन) मिशन से जुड़ी नहीं है। यह एक प्रोटोकॉल है, जिसका सभी अंतरिक्ष यात्रियों को पालन करना होता है। इसकी वजह ये है कि अंतरिक्ष से लौटने के बाद अंतरिक्ष यात्री तुरंत चल नहीं पाते हैं।

दरअसल अंतरिक्ष में इन लोगों के शरीर में अस्थायी बदलाव होते हैं। ऐसे में वापसी पर नासा इन बदलावों को लेकर सख्त सुरक्षा प्रक्रियाएं अपनाता है। इसी के तहत स्ट्रेचर का इस्तेमाल होता है। लाइव साइंस ने नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक जॉन डेविट के हवाले से बताया कि बहुत से अंतरिक्ष यात्री स्ट्रेचर पर बाहर नहीं आना चाहते, लेकिन उन्हें बताया जाता है कि उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया जाएगा।

इसके पीछे एक और बात है कि जब अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर वापस लौटते हैं तो उन्हें चक्कर आ सकता है और मतली का अनुभव हो सकता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए पृथ्वी पर आते ही अंतरिक्ष यात्रियों को स्ट्रेचर पर ले जाया जाता है।

डेविट बताते हैं कि पृथ्वी पर लौटते ही यात्रियों को गुरुत्वाकर्षण का अनुभव होता है और अंतरिक्ष में वह भारहीन होते हैं। ऐसे में उन्हें पृथ्वी के जीवन के अनुकूल होने में थोड़ा समय लगता है।

भयानक हादसा : समुद्र में गिरा विमान, मशहूर संगीतकार सहित 12 लोगों की हुई मौत।

सेंट्रल अमेरिका में स्थित देश होंडुरास के तट पर एक विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक मशहूर गरिफुना म्यूजिशियन भी शामिल हैं। लांहसा एयरलाइंस का यह विमान सोमवार रात को रोआटन द्वीप से मुख्यभूमि शहर ला सेइबा के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद समुद्र में क्रैश हो गया। विमान में 17 यात्री और चालक दल के सदस्य थे, जिनमें से पांच को बचा लिया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस के मुताबिक, विमान ने पूरी ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया और टक्कर के तुरंत बाद समुद्र में डूब गया। स्थानीय मछुआरों ने जीवित बचे लोगों को बचा लिया। होंडुरास सिविल एरोनॉटिक्स एजेंसी ने कहा कि दुर्घटना की जांच की जा रही है।

औरेलियो मार्टिनेज सुजौ की मौत

मृतक में पूर्व सांसद और गरिफुना जाति समूह के सदस्य औरेलियो मार्टिनेज सुजौ भी शामिल थे, जो अफ्रीकी और आदिवासी मिश्रित वंश से आते थे। मार्टिनेज सुजौ के पास अमेरिकी नागरिकता भी थी। उनके प्रतिनिधि, हेलेन ओडाइल गिवार्च, जो एक फ्रांसीसी नागरिक हैं, दुर्घटना में जीवित बचने वालों में शामिल थीं।

मार्टिनेज सुजौ होंडुरास के ग्रासियास ए डियोस क्षेत्र के निवासी थे, जो देश के कैरेबियाई तट के पास स्थित है। उनके भतीजे एंजेल अपारिसियो फर्नांडीज मार्टिनेज, जो अपने चाचा के साथ संगीतकार भी थे, उन्होंने मंगलवार को कहा कि हम तबाह हो गए हैं, वे परिवार का आधार थे।

‘लिता एरीरन’ नाम से संगीत समूह

मार्टिनेज सुजौ पहले “लॉस गाटोस ब्रावोस” के सदस्य थे। इसके बाद उन्होंने अपना खुद का संगीत समूह “लिता एरीरन” बनाया। उनका पहला एल्बम “गरिफुना सोल” उन्हें यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य हिस्सों में लेकर गया। उनके भतीजे ने कहा, “वह गरिफुना संगीत के लिए होंडुरास का सबसे बड़े आदर्श थे और उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया।”

सुला घाटी के अफ्रीकी-अवशेष संघ के अध्यक्ष हुम्बर्टो कास्टिलो ने मार्टिनेज सुजौ को “गरिफुना संस्कृति का राजदूत” बताया। उन्होंने कहा कि वे गरिफुना और मिस्किटो दोनों भाषाओं में संगीत रचनाएं करते थे और दोनों भाषाओं में बोलते थे। मृतकों के शवों को रोआटन से सैन पेड्रो सुला के मर्ग में भेज दिया गया।

सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर के आगमन से जालौन में उत्साह, भव्य स्वागत की तैयारी

  • उत्तर प्रदेश की सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर 19 मार्च को झांसी होते हुए उरई पहुंचेंगे, एट टोल प्लाजा पर होगा भव्य स्वागत।
  • सहकारी जनों में जोश, मंडी परिसर एट में हुई बैठक, जिसमें स्वागत की रूपरेखा तैयार की गई।
  • डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा, सहकारिता मंत्री के नेतृत्व में यूपी में सहकारी आंदोलन को नई गति मिली।
  • बैठक में भाजपा व सहकारी संगठनों के कई पदाधिकारी शामिल, बड़ी संख्या में मौजूद रहने का अनुरोध।
  • जेपीएस राठौर की नीतियों से किसानों व ग्रामीणों को लाभ, सहकारिता क्षेत्र में आई नई ऊर्जा।
  • यूपी में सहकारिता आंदोलन को मिली नई गति : डॉ. प्रवीण सिंह जादौन

उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के जनपद जालौन आगमन को लेकर सहकारी जनों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सहकारिता मंत्री झांसी से होते हुए 19 मार्च को उरई पहुंचेंगे, जहां उनका एट टोल प्लाजा पर भव्य स्वागत किया जाएगा। उनके इस दौरे को लेकर सहकारी संगठनों के पदाधिकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार तैयारियां शुरू कर दी हैं।

स्वागत की तैयारियों को लेकर मंडी परिसर एट में बैठक

सहकारिता मंत्री के आगमन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ के निदेशक डॉ. प्रवीण सिंह जादौन की अध्यक्षता में मंडी परिसर एट में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विभिन्न सहकारी संगठनों के पदाधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में सहकारिता मंत्री के स्वागत की रूपरेखा तैयार की गई और सहकारी जनों से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया गया।

इस दौरान डॉ. जादौन ने कहा, “जेपीएस राठौर के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को एक नई गति मिली है। उनके प्रयासों से सहकारी संस्थाओं को मजबूती मिली है और किसानों को सीधा लाभ पहुंचा है। उनके मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र का विकास हो रहा है, जो प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।”

सहकारी और भाजपा पदाधिकारी हुए शामिल

बैठक में सहकारिता से जुड़े अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और भाजपा नेता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राजावत, क्रय-विक्रय सहकारी समिति एट के अध्यक्ष अरविंद सिंह यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष विनय पाल, दुष्यंत निरंजन, शिव प्रताप तोमर, प्रमोद मित्तल, अनिल अग्रवाल, कृष्ण कुमार गुप्ता, राम सनेही शिवहरे, केशव शरण गुप्ता, सोनू लाक्षाकार, ऋषभ पटेरिया समेत कई अन्य गणमान्य लोग शामिल थे। सभी ने जेपीएस राठौर के स्वागत में अधिक से अधिक सहकारी सदस्यों और किसानों से शामिल होने की अपील की।

सहकारिता मंत्री के प्रयासों से किसानों को हो रहा लाभ

जेपीएस राठौर ने सहकारिता मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है, जिससे उत्तर प्रदेश के सहकारी क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उनके नेतृत्व में सहकारी समितियों को सशक्त किया गया, सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार हुआ और किसानों को सहकारी संस्थाओं के माध्यम से सस्ती दरों पर कृषि संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उनके आगमन को लेकर जनपद जालौन के सहकारी जनों में जबरदस्त उत्साह है। इस दौरे से उम्मीद की जा रही है कि सहकारी क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी तथा किसानों और ग्रामीण समुदायों को और अधिक लाभ मिलेगा। जेपीएस राठौर की नीतियों और योजनाओं के चलते सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिल रही है और आने वाले समय में यह और अधिक सशक्त होगा।