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अभिरा और अरमान का प्यार देख आगबबूला हुई , क्या ‘पूकी’ की लेगी जान?

समृद्धि शुक्ला और रोहित पुरोहित स्टारर ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ की कहानी में हाल ही में कई मोड़ आए। अभिरा, अरमान और रूही की जिंदगी में बहुत बदल गया है। रोहित के चले जाने से रूही टूट गई। अरमान के लिए यह दोहरा सदमा था क्योंकि उसने अपनी मां शिवानी को भी खो दिया था। सब कुछ उलट-पुलट हो गया और हमने देखा कि कैसे अभिरा-अरमान, रूही का सहारा बन गए है क्योंकि वह उनके बच्चे की सरोगेट है और अरमान ने रोहित से वादा किया था कि वह रूही-दक्ष की देखभाल करेगा। अरमान ने अपनी ड्यूटी शुरू कर दी है और रूही को खुश रखने की पूरी कोशिश कर रहा है। इसी बीच, अब ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के अपकमिंग ट्विस्ट में हमें देखने को मिलेगा कि अभिरा-अरमान बेबीमून पर रूही को साथ लेकर जाएंगे जहां बहुत बड़ा तमाशा होगा।

रूही बनेगी अभिरा-अरमान की दुश्मन

राजन शाही के ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के आने वाले एपिसोड में हम देखेंगे कि अरमान किस तरह अपनी ड्यूटी बखूबी निभाता है। हम उसे अभिरा और रूही दोनों को संभालते हुए देखेंगे। अभिरा भी रूही का ख्याल रखेगी। हालांकि, अब देखने को मिलेगा कि रूही उनकी जिंदगी का हिस्सा बन जाएगी और वे उसे हर जगह अपने साथ ले जाएंगे। अभिरा-अरमान, रूही के लिए बेबीमून प्लान करेंगे ताकि उसे अच्छा लगे। दादी सा अभिरा को चेतावनी देंगी कि वह अपनी शादी में तीसरे को एंट्री न दे। हालांकि, अभिरा दादी सा की बात नहीं सुनेगी और इन बातों को अनदेखा कर देगी।

पूकी को नुकसान पहुंचाएंगी रूही

बेबीमून के दौरान, हम देखेंगे कि कैसे मां बनने वाला टैग अभिरा की जगह रूही के पास चला जाएगा। इसके बाद नया ड्रामा तब देखने को मिलेगा जब अभिरा, रूही को कॉफी पीने के लिए मना करेगी क्योंकि डॉक्टर ने उसे चाय-कॉफी ना पीने को कहा है, लेकिन रूही को कॉफी की तलब होगी और वह अभिरा-अरमान का रोमांटिक याद कर गुस्से में कॉफी पी लेगी, जिसके बाद उसे पेट में तेज दर्द होगा। इस दौरान वहां अरमान भी होता है जो यह सब अभिरा को बताएगा कि कैसे रूही कॉफी पीने की वजह से बेहोश हो गई है। वह रूही को अपनी गोद में उठाकर अस्पताल जाएगा। ऐसे में अभिरा सोच में पड़ जाएगी कि क्या वे बच्चे को खो देंगे। रूही, अरमान को अपनी देखभाल करता देख फिर से उससे प्यार करने लगेगी। उसे लगेगा कि वह दक्ष के लिए एक अच्छा पिता और उस के लिए आदर्श पति है। इसके अलावा, दक्ष भी अरमान को ‘पापा’ कहने लगेगा, जिससे सभी चौंक जाएंगे। इन सभी सीन्स को देखकर अभिरा को ऐसा लगता है कि रूही ये सब जानबूझकर कर रही है।

कीव:रूसी मिसाइल हमले ने यूक्रेन के सूमी शहर में मचाई तबाही, 20 से अधिक लोगों की गई जान।

 यूक्रेन के सूमी शहर में रूस ने बड़ा घातक हमला किया है। रूस के इस मिसाइल हमले में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हालांकि अभी घायलों की संख्या की जानकारी सामने नहीं आ पाई है। हमले के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई है।

यूक्रेनी शहर के कार्यवाहक महापौर ने रविवार को रूस के इस भीषण हमले की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि जब स्थानीय निवासी रविवार को ‘पाम संडे’ मनाने के लिए एकत्र हुए थे, तभी रूस ने घातक बैलिस्टिक मिसाइलों से यह हमला कर दी। ऐसे में वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए और हमले में मारे गए।

यूक्रेन कर रहा भयावह युद्ध त्रासदी का सामना

करीब 3 साल से चल रहे युद्ध में यूक्रेन भयावह त्रासदी का सामना कर रहा है। उसके सभी प्रमुख शहर खंडहर बन चुके हैं। इस युद्ध में हजारों सैनिक और लोग मारे जा चुके हैं। जबकि हजारों लोग अपाहिज भी हो गए हैं। मगर यह युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है।  महापौर अर्टेम कोबजर ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा, “पाम संडे के अवसर पर हमारे लोगों को भयावह त्रासदी का सामना करना पड़ा। दुर्भाग्य से 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।” इससे एक दिन पहले रूस और यूक्रेन के शीर्ष राजनयिकों ने ऊर्जा संरचना पर हमले रोकने के लिए अमेरिका द्वारा कराए गए संभावित समझौते के उल्लंघन का एक-दूसरे पर आरोप लगाया था।

बीजिंग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिनकी भरपूर सराहना की, वो चीन के प्रोफेसर वांग झिचेंग कौन हैं?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन के एक प्रतिष्ठित विद्वान प्रोफेसर की जमक करक तारीफ की है। इनका नाम वांग झिचेंग है। पीएम मोदी ने प्रोफेसर वांग को पत्र लिखकर उनको खूब सराहा है। मगर पीएम मोदी ने चीन के इस प्रोफेसर की सराहना क्यों की है, पीएम मोदी वांग से कैसे परिचित हुए, वांग ने ऐसा क्या किया है, जिसके लिए पीएम मोदी भी उनके कायल हो गए, आइये आपको पूरा मामला बताते हैं।

बता दें कि प्रोफेसर वांग चीन में योग, वेदांत और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को लोकप्रिय बनाने की दिशा में तत्पर हैं। पीएम मोदी ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए और उसे चीनी लोगों के बीच पहुंचाने के लिए उनके प्रयासों की सराहना की है। वाणिज्य दूतावास की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि भारतीय महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने बृहस्पतिवार को एक समारोह में प्रोफेसर वांग को प्रधानमंत्री का पत्र सौंपा। विज्ञप्ति में कहा गया कि यह समारोह हांग्झो के प्रतिष्ठित झेजियांग विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया।

भारत-चीन संबंधों के 75 वर्ष पूरे

भारत और चीन इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। अपने पत्र में मोदी ने भारतीय दार्शनिक परंपराओं की गहरी समझ को विशेष रूप से योग और वेदांत पर कार्यों के माध्यम से बढ़ावा देने के प्रति वांग के समर्पण की सराहना की। अपने संबोधन में महावाणिज्यदूत माथुर ने वांग के ‘‘भारतीय संस्कृति को लोकप्रिय बनाने के अथक प्रयासों’’ की प्रशंसा की तथा इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे योग सांस्कृतिक कूटनीति के लिए एक मजबूत माध्यम बन गया है। प्रेस विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया है, ‘‘प्रोफेसर वांग का योगदान भारत और चीन की हमारे समृद्ध इतिहास और परंपराओं के माध्यम से जुड़ने की साझा आकांक्षाओं का उदाहरण है।’’

वांग ने चीन में बढ़ाई योग की लोकप्रियता

माथुर ने कहा, ‘‘चीन में योग की लोकप्रियता इसकी सार्वभौमिक अपील और हमारे लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने की इसकी क्षमता का प्रमाण है।’’ प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वांग के प्रयासों ने चीन में योग की लोकप्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और चीन में यह शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए व्यापक रूप से अपनाई जाने वाली पद्धति के रूप में उभरी है। पिछले दशक में, चीनी शहरों में योग काफी लोकप्रिय हुआ है। लाखों लोग योग कक्षाओं, कार्यशालाओं और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।

केंद्र सरकार राष्ट्रपति के लिए समयसीमा निर्धारित करने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती दे सकती है

केंद्र सरकार राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति और राज्यपालों के लिए समय सीमा तय करने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर समीक्षा याचिका दायर कर सकती है। सरकार का मानना है कि फैसले में कुछ बिंदु कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

समीक्षा याचिका दायर करने को लेकर होगी चर्चा

अधिकारियों के अनुसार, समयसीमा की समीक्षा की मांग के अलावा, सरकार सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश की समीक्षा की मांग कर सकती है, जिसके अनुसार यदि राज्यपाल द्वारा विचार के लिए भेजे गए विधेयक पर राष्ट्रपति अपनी मंजूरी नहीं देते हैं तो राज्य सरकारें सीधे कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती हैं। नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, “अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन समीक्षा याचिका पर विचार किया जा रहा है।” अधिकारी ने समीक्षा याचिका दायर करने की समयसीमा नहीं बताई। दूसरे अधिकारी ने कहा कि समीक्षा के आधार पर भी अभी चर्चा होनी है।

किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला?

पिछले सप्ताह एक फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया था कि राष्ट्रपति को राज्यपाल द्वारा विचार के लिए आरक्षित विधेयकों पर उस तारीख से तीन महीने की अवधि के भीतर निर्णय लेना चाहिए, जिस दिन ऐसा संदर्भ प्राप्त होता है। फैसले के बाद, तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए सरकारी राजपत्र में 10 अधिनियमों को अधिसूचित किया, जिसके अनुसार उन्हें स्वीकृति प्राप्त हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 10 विधेयकों को भी मंजूरी दी, जिन्हें तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने राष्ट्रपति के विचार के लिए रोक रखा था।

शुक्रवार रात को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए गए 415 पन्नों के फैसले के अनुसार, न्यायालय ने सभी राज्यपालों को राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों पर कार्रवाई करने के लिए एक महीने की समयसीमा निर्धारित की है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा “हम गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित समयसीमा को अपनाना उचित समझते हैं और निर्धारित करते हैं कि राष्ट्रपति को राज्यपाल द्वारा उनके विचार के लिए आरक्षित विधेयकों पर उस तारीख से 3 महीने की अवधि के भीतर निर्णय लेना आवश्यक है, जिस दिन ऐसा संदर्भ प्राप्त हुआ है। इस अवधि से परे किसी भी देरी के मामले में, उचित कारणों को दर्ज करना होगा और संबंधित राज्य को बताना होगा। राज्यों को भी सहयोगात्मक होना चाहिए और उठाए जा सकने वाले प्रश्नों के उत्तर देकर सहयोग करना चाहिए और केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सुझावों पर शीघ्रता से विचार करना चाहिए।”

सर्वोच्च न्यायालय ने दूसरे चरण में राष्ट्रपति के विचार के लिए 10 विधेयकों को आरक्षित करने के फैसले को अवैध और कानून की दृष्टि से त्रुटिपूर्ण करार देते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, “जहां राज्यपाल राष्ट्रपति के विचार के लिए विधेयक को आरक्षित रखते हैं और राष्ट्रपति उस पर अपनी सहमति नहीं देते हैं, तो राज्य सरकार के लिए इस न्यायालय के समक्ष ऐसी कार्रवाई करने का अधिकार होगा।”

केंद्र सरकार का क्या कहना है?

केंद्र सरकार खासकर उस बात पर पुनर्विचार चाहती है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजते हैं और राष्ट्रपति उस पर कोई फैसला नहीं लेते हैं, तो राज्य सरकार सीधे राष्ट्रपति से बात कर सकती है। सरकार को लगता है कि यह नियम सही नहीं है और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए, सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।

क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी सच हो गई? इस साल दुनिया को झेलनी पड़ सकती है भारी आर्थिक आपदा

दुनिया भर के शेयर बाजारों में मची उथल-पुथल और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराते संकट के बाद अब एक बार फिर बुल्गेरियाई भविष्यवक्ता बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों पर चर्चा तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि उन्होंने साल 2025 के लिए एक बड़ी आर्थिक आपदा की चेतावनी दी थी और मौजूदा घटनाक्रमों को देखते हुए उनकी यह भविष्यवाणी सच होती दिख रही है।

ट्रंप की टैरिफ नीति ने मचाया तहलका

5 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व व्यापार में एक बड़ा कदम उठाते हुए कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने का ऐलान किया। उन्होंने इस दिन को “मुक्ति दिवस” करार दिया और चीन पर 34 प्रतिशत, यूरोपीय संघ पर 20 प्रतिशत और मेक्सिको और कनाडा से आने वाले कई उत्पादों पर 25 प्रतिशत तक का टैरिफ लगा दिया।

ट्रंप के इस ऐलान के बाद बाजारों में अफरा-तफरी मच गई। प्रमुख वैश्विक स्टॉक इंडेक्सों में भारी गिरावट देखी गई और निवेशकों का भरोसा डगमगाने लगा। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह व्यापार युद्ध और आगे बढ़ा, तो यह निश्चित ही वैश्विक मंदी की शुरुआत कर सकता है।

चीन का पलटवार, व्यापार युद्ध में आई तेजी

ट्रंप के टैरिफ के जवाब में चीन ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजिंग ने अमेरिकी वस्तुओं पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की। इससे नाराज़ होकर ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर चीन पीछे नहीं हटा, तो अमेरिका अतिरिक्त 50 प्रतिशत टैरिफ और लगाएगा। चीन ने झुकने से इनकार किया और इसके बाद अमेरिका ने कुल टैरिफ 104 प्रतिशत तक बढ़ा दिए।

चीन ने इसके जवाब में गुरुवार से सभी अमेरिकी उत्पादों पर 84 प्रतिशत टैरिफ लागू करने का ऐलान किया। इसके अलावा 12 अमेरिकी कंपनियों को निर्यात नियंत्रण सूची में और 6 को ‘अविश्वसनीय संस्थाएं’ घोषित कर दिया गया।

ट्रंप का नया फैसला, चीन पर 125% टैरिफ

स्थिति और बिगड़ती देख, ट्रंप ने बाकी देशों के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत के लिए 90 दिनों की टैरिफ रोक लगाने का फैसला किया, लेकिन चीन के खिलाफ उन्होंने सख्ती और बढ़ाते हुए टैरिफ 125 प्रतिशत तक कर दिया है, जो तुरंत लागू हो गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में चिंता और गहरा गई है।

बाबा वेंगा की भविष्यवाणी: अंधविश्वास या चेतावनी?

हालांकि, बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन उनकी भविष्यवाणियों में 9/11 हमले, राजकुमारी डायना की मौत और सीरिया संकट जैसी घटनाएं शामिल बताई जाती हैं। 2025 के लिए उन्होंने यूरोप में युद्ध, विनाशकारी भूकंप, और वैश्विक आर्थिक संकट की बात कही थी। इनमें से दो घटनाएं पहले ही हो चुकी हैं। 28 मार्च को म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में 2,700 से अधिक लोग मारे गए और अब वैश्विक व्यापार युद्ध की वजह से आर्थिक संकट गहराने लगा है।