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सीजफायर के टूटने की आशंका से परेशान हैं बिलावल भुट्टो, शहबाज शरीफ बोले – बातचीत के लिए हैं तैयार

ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ दुनियाभर में की जा रही है। इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस और रडार सिस्टमों को तबाह कर दिया। इसके बाद घुटनों पर आ चुके पाकिस्तान ने भारत को सीजफायर का प्रस्ताव दिया। इस बीच भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सीजफायर के टूटने की चिंता पाकिस्तान के कुछ नेताओं को सता रही है। दरअसल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चीफ बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तानी मीडिया को एक इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में उन्होंने चिंता जताई है कि अगर सीजफायर टूटा तो क्या अंजाम होगा। बिलावल भुट्टो ने सीजफायर को कायम रखने को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पीएम नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ के लिए भी इम्तिहान की घड़ी बताया है।

बिलावल भुट्टों को सता रहा सीजफायर के टूटने का डर

बिलावल भुट्टो ने कहा, ‘हकीकत ये है कि हमने एक सीजफायर जारी रखा है। इस वक्त एक सीजफायर मौजूद है वो बहुत बड़ी कामयाबी है। पाकिस्तान अमन और शांति चाहता है। लेकिन भारत की अंदरुनी सियासत की वजह से भारत की तरफ से जो बयान आ रहे हैं, उससे हमें खतरा महसूस हो रहा है कि ये सीजफायर जारी नहीं रहेगा। ये टूट जाएगा।ये बहुत खतरनाक होगा। ना सिर्फ हम दोनों देशों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए। इस वक्त ये बड़ा इम्तिहान है। राष्ट्रपति ट्रंप के लिए पीएम शहबाज शरीफ के लिए और पीएम नरेंद्र मोदी के लिए हम दुआएं करते हैं कि ये सब इम्तिहान पास हो जाए।’

शहबाज शरीफ बोले- हम भारत से बात करने को तैयार

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने गुरुवार को देश के पंजाब प्रांत का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव में शामिल अधिकारियों और सैनिकों से बातचीत की। शहबाज शरीफ ने यहां पर कहा कि हम शांति के लिए भारत साथ बातचीत करने को तैयार हैं। शरीफ के साथ  उपप्रधानमंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी मौजूद थे। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ भारत के साथ बातचीत और शांति के लिए शर्तों में कश्मीर मुद्दे को भी शामिल करने की बात कही है। आपको बता दें कि भारत लंबे समय से पूरी दुनिया को साफ कर रखा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और रहेंगे।

केपटाउन: साउथ अफ्रीका से क्यों है ट्रंप नाराज? G20 सम्मेलन का किया बहिष्कार, लगाए कई प्रतिबंध

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साउथ अफ्रीका पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि साउथ अफ्रीका में गोरे किसानों का ‘नरसंहार’ (genocide) हो रहा है, जिसे दुनिया से छिपाया जा रहा है। ट्रंप ने न केवल इस मुद्दे को उठाया, बल्कि साउथ अफ्रीका की विदेश नीति, खासकर इजरायल के खिलाफ उसके रुख और ईरान के साथ बढ़ते रिश्तों को भी निशाना बनाया। इसके चलते ट्रंप ने साउथ अफ्रीका पर कई तरह की पाबंदियां भी लगा दी हैं।

‘गोरे किसानों का नरसंहार हो रहा है’

ट्रंप का कहना है कि अश्वेत बहुल साउथ अफ्रीका की सरकार गोरे किसानों के खिलाफ नस्लवादी रवैया अपना रही है। उनके मुताबिक, इस वजह से गोरे किसानों की हत्याएं हो रही हैं। दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसका कहना है कि देश में हिंसक अपराध की समस्या है, लेकिन ये हत्याएं नस्लीय आधार पर नहीं हो रही हैं। इस हफ्ते ट्रंप प्रशासन ने 50 से ज्यादा गोरे दक्षिण अफ्रीकियों को अमेरिका में शरण दी। ट्रंप ने इन्हें अफ्रीकन समुदाय का हिस्सा बताया और कहा कि ये लोग अपनी अश्वेत सरकार से उत्पीड़न और नस्लीय हिंसा का शिकार हैं।

‘ट्रंप को गलत जानकारी दी जा रही है’

साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने इन दावों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ अफ्रीकी लॉबी ग्रुप और अमेरिका के रूढ़िवादी (conservative) कमेंटेटर ट्रंप को गलत जानकारी दे रहे हैं। ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका की उस कार्रवाई को भी आड़े हाथों लिया, जिसमें उसने इजरायल के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत (International Court of Justice) में नरसंहार का केस दायर किया। यह केस 2024 की शुरुआत में दायर हुआ था, जिसमें साउथ अफ्रीका ने इजरायल पर गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार का आरोप लगाया।

साउथ अफ्रीका पर लगाई गईं कई पाबंदियां

साउथ अफ्रीका के इस कदम ने उसे वैश्विक स्तर पर फिलिस्तीनी समर्थन का बड़ा चेहरा बना दिया, लेकिन अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ इसके रिश्ते खराब हो गए। ट्रंप ने 7 फरवरी को एक कार्यकारी आदेश (executive order) जारी कर साउथ अफ्रीका पर पाबंदियां लगाईं और सारी अमेरिकी सहायता रोक दी। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका ने अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल के खिलाफ ‘आक्रामक रुख’ अपनाया है। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि दक्षिण अफ्रीका का यह कदम हमास को समर्थन दिखाता है। अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन जैसे देश हमास को आतंकवादी संगठन मानते हैं।

साउथ अफ्रीका के ईरान से रिश्तों पर चिढ़े ट्रंप

साउथ अफ्रीका लंबे समय से फिलिस्तीन का समर्थक रहा है और इजरायल की आलोचना करता रहा है। हालांकि, उसने हमास को समर्थन देने से इनकार किया है। लेकिन कुछ घटनाओं ने इस दावे को कमजोर किया, जैसे 2023 में जब पूर्व दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के पोते ने हमास के अधिकारियों को दक्षिण अफ्रीका में मेहमान के तौर पर बुलाया था। ट्रंप ने अपने कार्यकारी आदेश में साउथ अफ्रीका पर ईरान के साथ बढ़ते व्यापारिक, सैन्य और परमाणु संबंधों का भी आरोप लगाया। दक्षिण अफ्रीका ने स्वीकार किया कि उसके ईरान के साथ राजनयिक रिश्ते हैं, लेकिन परमाणु हथियारों को लेकर कोई समझौता नहीं है।

G20 का बहिष्कार कर रहा है अमेरिका

साउथ अफ्रीका ने कहा कि वह ईरान को बिजली के लिए परमाणु रिएक्टर बनाने के एक व्यापारिक अनुबंध के लिए बोली लगाने की इजाजत दे रहा है, जिसमें अन्य देश भी शामिल हैं। साउथ अफ्रीका के एक गैर-लाभकारी शोध संस्थान, इंस्टीट्यूट फॉर सिक्योरिटी स्टडीज ने कहा कि ट्रंप ईरान के साथ दक्षिण अफ्रीका के रिश्तों पर ओवररिएक्ट कर रहे हैं। लेकिन उसने यह भी कहा कि साउथ अफ्रीका को अपने रिश्तों की वजह से आलोचना के लिए तैयार रहना चाहिए। बता दें कि इस साल साउथ अफ्रीका पहली बार G20 की अध्यक्षता कर रहा है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इसका बहिष्कार करने का फैसला किया है।

अमेरिका के बहिष्कार से दक्षिण अफ्रीका को नुकसान

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फरवरी में जोहान्सबर्ग में हुई G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। ट्रंप प्रशासन ने साउथ अफ्रीका के G20 आयोजनों से जुड़ा सारा सहयोग भी निलंबित कर दिया। एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि ट्रंप साउथ अफ्रीका के G20 एजेंडे का समर्थन नहीं करते। हालांकि, इसका अमेरिका की अगले साल की G20 अध्यक्षता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस बहिष्कार से दक्षिण अफ्रीका के उन मुद्दों को नुकसान पहुंचेगा, जिन्हें उसने अपनी अध्यक्षता में प्राथमिकता दी थी।

साउथ अफ्रीका करेगा रिश्तों को सुधारने की कोशिश

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने ट्रंप की आलोचना से बचते हुए कहा कि वह अगले हफ्ते व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात करेंगे। उनका मकसद दोनों देशों के रिश्तों को ‘रीसेट’ करना है। रामफोसा का कहना है कि वह ट्रंप को सही जानकारी देकर गलतफहमियां दूर करने की कोशिश करेंगे। ट्रंप का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सख्त रवैया न केवल गोरे किसानों के मुद्दे से जुड़ा है, बल्कि उसकी विदेश नीति, खासकर इजरायल, हमास और ईरान को लेकर भी है। इन विवादों ने दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा दिया है, और अब यह देखना बाकी है कि रामफोसा की ट्रंप से मुलाकात क्या रंग लाती है।

RCB को मिली राहत, IPL सस्पेंशन से मिला फायदा; इस खिलाड़ी की वापसी लगभग सुनिश्चित

भारत और पाकिस्तान के बीच बॉर्डर पर बढ़ते तनाव की वजह से आईपीएल 2025 का सीजन 10 मई को एक हफ्ते के लिए सस्पेंड करने का फैसला लिया गया। 12 मई को हुए सीजफायर के बाद आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की तरफ से नए शेड्यूल का भी ऐलान कर दिया गया जिसमें अब बाकी बचे मुकाबले 17 मई से लेकर तीन जून तक खेले जाएंगे। इसी बीच आरसीबी की टीम जिनका इस सीजन काफी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला उनके लिए ये सस्पेंशन काफी फायदेमंद साबित हुआ जिसमें उनके कप्तान रजत पाटीदार जिनको चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले के दौरान उंगली में चोट लगी थी वह अब लगभग पूरी तरह से फिट हो गए हैं और केकेआर के खिलाफ मुकाबले में खेलते हुए दिख सकते हैं।

पाटीदार पहले 2 से तीन मैच कर सकते थे मिस

आरसीबी की टीम आईपीएल 2025 में रजत पाटीदार की कप्तानी में खेल रही है, जिसमें उन्होंने अब तक 11 मुकाबले खेल लिए हैं और उसमें से उन्होंने 8 मैचों को अपने नाम किया है। वहीं सीएसके के खिलाफ 3 मई को हुए मुकाबले में रजत पाटीदार अपने दाएं हाथ की उंगली को चोटिल कर बैठे थे, जिसके चलते उन्हें पूरी तरह से फिट होने में लगभग 10 दिन का समय बताया गया था और ऐसे में पाटीदार का 2 से तीन मैचों से बाहर रहना तय माना जा रहा था। हालांकि आईपीएल अचानक बीच में एक हफ्ते के लिए सस्पेंड होने की वजह से पाटीदार को पूरी तरह से फिट होने का भी समय मिल गया। अब पाटीदार 17 मई को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले में खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिसमें उन्होंने नेट्स में बल्लेबाजी का अभ्यास भी शुरू कर दिया है।

नेट्स में बल्लेबाजी करते हुए पाटीदार को नहीं दिखे तकलीफ में

केकेआर के खिलाफ मुकाबले के लिए आरसीबी की टीम ने 15 मई से एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। ईएसपीएन क्रिकइंफो की खबर के अनुसार रजत पाटीदार ने 15 मई को नेट्स पर लगभग 30 मिनट तक बल्लेबाजी की जिसमें वह किसी तरह की तकलीफ में नहीं दिखाई दिए। हालांकि फील्डिंग की प्रैक्टिस के दौरान पाटीदार ने हिस्सा नहीं लिया। पाटीदार ने अब तक इस सीजन 10 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए कुल 239 रन बनाएं हैं।

अब शहबाज शरीफ ने दिखाया शांति का रुख, भारत से बातचीत का दिया प्रस्ताव

भारत से मुंह की खाने के बाद आतंक के पनाहगार देश पाकिस्तान को अब अक्ल आन लगी है। भारत को हमेशा युद्ध और परमाणु हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ को शांति की याद आने लगी है। बता दें कि भारत के सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान पर कार्रवाई करते हुए उसे कुछ ही समय में घुटनों पर ला दिया था। अब शहबाज शरीफ ने कहा है कि वह शांति के लिए बातचीत करने को तैयार है।

क्या बोले शहबाज शरीफ?

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने गुरुवार को देश के पंजाब प्रांत का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव में शामिल अधिकारियों और सैनिकों से बातचीत की। शहबाज शरीफ ने यहां पर कहा कि हम शांति के लिए भारत के साथ बातचीत करने को तैयार हैं। शरीफ के साथ उपप्रधानमंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी मौजूद थे।

फिर अलापा कश्मीर का राग

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ भारत के साथ बातचीत और शांति के लिए शर्तों में कश्मीर मुद्दे को भी शामिल करने की बात कही है। आपको बता दें कि भारत लंबे समय से पूरी दुनिया को साफ कर रखा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और रहेंगे।

सहमति का विस्तार 18 मई तक

भारत और पाकिस्तान के बीच DGMO स्तर की वार्ता में शत्रुता खत्म करने के लिए 10 मई को सहमति बनी थी। अब दोनों देशों ने विश्वास बहाली के उपायों को जारी रखने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने बताया है कि दोनों देशों के बीच शत्रुता समाप्त करने पर बनी सहमति का विस्तार 18 मई तक किया गया है।

IPL 2025: क्या वेस्टइंडीज खिलाड़ी खेलेंगे बाकी बचे मैचों में? विंडीज बोर्ड ने दिया जवाब

इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें सीजन को 57 लीग मुकाबले के बाद उस समय सस्पेंड कर दिया गया जब भारत और पाकिस्तान के बीच बॉर्डर पर लगातार तनाव बढ़ता जा रहा था। वहीं अब हालात सामान्य होने के साथ आईपीएल 2025 सीजन के बाकी बचे मैचों की शुरुआत 17 मई से हो जाएगी, जिसमें अब फाइनल मुकाबला 3 जून को खेला जाएगा। ऐसे में अचानक बीच में शेड्यूल बदलने की वजह से कई विदेशी प्लेयर्स जो वापस अपने देश लौट गए थे वह बाकी बचे मैचों में खेलने के लिए नहीं आ रहे हैं। वहीं इसी बीच अब क्रिकेट वेस्टइंडीज ने भी अपने प्लेयर्स के लिए फरमान जारी कर दिया है कि वह आईपीएल के मौजूदा सीजन के बाकी बचे मुकाबलों में खेल पाएंगे या नहीं।

आईपीएल के बाकी बचे में खेल सकेंगे विंडीज खिलाड़ी

वेस्टइंडीज की टीम को 21 मई से आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा करना है जहां उन्हें वनडे और टी20 दोनों फॉर्मेट में सीरीज सीरीज खेलनी है, जिसको लेकर स्क्वाड का पहले ही ऐलान किया जा चुका है। वहीं अब क्रिकेट वेस्टइंडीज ने ये साफ कर दिया है कि उनके प्लेयर्स आईपीएल 2025 सीजन के बाकी बचे सभी मुकाबलों में खेल सकते हैं। बोर्ड के इस फैसले से आईपीएल फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम को सबसे ज्यादा राहत मिली है, क्योंकि इन दोनों ही टीमों कई अहम विदेशी खिलाड़ी जहां खेलने के लिए वापस नहीं लौट रहे हैं तो वहीं कुछ प्लेऑफ से पहले ही वापस चले जाएंगे। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने अपनी तरफ से जारी किए गए बयान में कहा कि 21 मई से तीन जून तक होने वाले वेस्टइंडीज टीम के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए हम अपनी एक मजबूत टीम उतारने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

शमर जोसेफ बाकी बचे आईपीएल मैचों के लिए वापस भारत नहीं आएंगे

आईपीएल 2025 में वेस्टइंडीज टीम के तीन ऐसे खिलाड़ी हैं जिनको वनडे सीरीज के लिए विंडीज स्क्वाड में चुना गया है। इसमें शमर जोसेफ वापस इंडिया नहीं लौटेंगे तो वहीं क्रिकेट वेस्टइंडीज ने ये साफ कर दिया है कि शेरफेन रदरफोर्ड की जगह पर जॉन कैंपबेल आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलेंगे जबकि जेदीह ब्लैड्स को रोमारियो शेफर्ड की जगह पर शामिल किया गया है। इसके अलावा शिमरन हेटमायर इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से स्क्वाड का हिस्सा बन जाएंगे क्योंकि उनकी आईपीएल टीम पहले ही प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है।