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UPSTF ने सांठगांठ कर फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले संगठित गिरोह को सरगना समेत दबोचा: एसटीएफ ने चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र से गिरोह के सरगना सहित 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार, हजारों की संख्या में सिम कार्ड, फर्जी आधार और मोबाइल बरामद

UPSTF ने सांठगांठ कर फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले संगठित गिरोह को सरगना समेत दबोचा: एसटीएफ ने चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र से गिरोह के सरगना सहित 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार, हजारों की संख्या में सिम कार्ड, फर्जी आधार और मोबाइल बरामद
UPSTF ने सांठगांठ कर फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले संगठित गिरोह को सरगना समेत दबोचा: एसटीएफ ने चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र से गिरोह के सरगना सहित 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार, हजारों की संख्या में सिम कार्ड, फर्जी आधार और मोबाइल बरामद
UPSTF ने सांठगांठ कर फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले संगठित गिरोह को सरगना समेत दबोचा: एसटीएफ ने चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र से गिरोह के सरगना सहित 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार, हजारों की संख्या में सिम कार्ड, फर्जी आधार और मोबाइल बरामद
  • एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह के निर्देशन में टीम को मिली बड़ी सफलता।
  • एसटीएफ ने चित्रकूट से फर्जी सिम कार्ड गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया।
  • गिरोह वोडाफोन आइडिया अधिकारियों की मिलीभगत से हजारों सिम कार्ड एक्टिवेट करता था।
  • गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना, नेटवर्क अधिकारी और पीओएस एजेंट शामिल हैं।
  • 500+ एक्टिव सिम, फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन और बायोमैट्रिक डिवाइस बरामद।
  • सिम कार्ड डिजिटल अरेस्ट, पार्सल स्कैम, और स्टॉक मार्केट फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों में उपयोग होते थे।

चित्रकूट/लखनऊ, 15 मई 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को साइबर अपराध के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता मिली है। वोडाफोन आइडिया कम्पनी के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट कर उन्हें डिजिटल अरेस्ट, स्टॉक मार्केट ठगी, पार्सल स्कैम जैसे साइबर अपराधों में प्रयुक्त करने वाले संगठित गिरोह के सरगना सहित 6 आरोपियों को जनपद चित्रकूट के राजापुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। गिरोह ने बीते दो-तीन वर्षों में 10,000 से अधिक सिम कार्ड फर्जी तरीके से एक्टिवेट कर देशभर में साइबर ठगों को बेचे हैं।

गिरफ्तारी की कार्रवाई

एसटीएफ की यह कार्रवाई 15 मई 2025 की रात लगभग 11:15 बजे चित्रकूट जनपद के राजापुर थाना क्षेत्र के बरगदी पुरवा बेराउर इलाके में की गई। एसटीएफ की साइबर क्राइम यूनिट को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ पीओएस एजेंट व मोबाइल नेटवर्क डिस्ट्रीब्यूटर, विशेष रूप से वोडाफोन आइडिया से जुड़े अधिकारी, संगठित गिरोहों को फर्जी तरीके से सिम कार्ड उपलब्ध करा रहे हैं। अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह के निर्देशन में संचालित इस अभियान में विशेष अभिसूचना इकाई की सहायता से कार्रवाई की गई।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

  1. ओमप्रकाश अग्रहरि उर्फ टीटू
    • उम्र: 37 वर्ष
    • निवासी: सरांय तलैया, राजापुर, चित्रकूट
    • शिक्षा: बीए
    • प्रोपराइटर: अग्रहरि कम्युनिकेशन (गिरोह का सरगना)
  2. शिवदयाल निषाद
    • उम्र: 35 वर्ष
    • निवासी: बरगदी पुरवा बेराउर बांगर, राजापुर, चित्रकूट
    • शिक्षा: बीए
    • पद: टेरीटरी सेल्स एक्जीक्यूटिव, वोडाफोन आइडिया (राजापुर)
  3. राहुल पाण्डेय
    • उम्र: 30 वर्ष
    • निवासी: पाण्डेय पुरवा, राजापुर, चित्रकूट
    • शिक्षा: बीए, एलएलबी
    • प्रोपराइटर: नित्या इंटरप्राइजेज; पूर्व में डीएसई, अग्रहरि कम्युनिकेशन
  4. जितेन्द्र कुमार
    • उम्र: 29 वर्ष
    • निवासी: पश्चिम नाका, राजापुर, चित्रकूट
    • शिक्षा: बीए
    • पद: टेरीटरी सेल्स एक्जीक्यूटिव, वोडाफोन आइडिया (कौशाम्बी)
  5. शिवबाबू
    • उम्र: 32 वर्ष
    • निवासी: बरगदी का पुरवा, राजापुर, चित्रकूट
    • शिक्षा: बीए
    • पीओएस एजेंट व प्रमोटर (पूर्व में अग्रहरि कम्युनिकेशन में कार्यरत)
  6. सुरेन्द्र सिंह
    • उम्र: 34 वर्ष
    • निवासी: लूपलाइन, राजापुर, चित्रकूट
    • शिक्षा: बीटीसी, बीएड
    • प्रोपराइटर: रवि जनसेवा व स्टूडियो (फर्जी आधार कार्ड तैयार करने में संलिप्त)

बरामद सामग्री

गिरोह के कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए, जिनका विवरण निम्न है:

  • 31 मोबाइल फोन
  • 87 फर्जी आधार कार्ड
  • 514 प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड (वोडाफोन आइडिया)
  • 505 ब्लैंक सिम कार्ड (वोडाफोन आइडिया)
  • 30 ब्लैंक सिम कार्ड (रिलायंस जियो)
  • 26 ब्लैंक सिम कार्ड (एयरटेल)
  • 3 बायोमैट्रिक स्कैनर
  • 1 सीपीयू
  • ₹7,250 नकद

गिरोह की कार्यप्रणाली

एसटीएफ की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ओमप्रकाश अग्रहरि ने वर्ष 2006 में “अग्रहरि कम्युनिकेशन” नाम से अपनी फर्म की स्थापना की थी। शुरुआत में वह हच मोबाइल कम्पनी से जुड़ा और फिर वोडाफोन व रिलायंस जियो के साथ डिस्ट्रीब्यूटरशिप की। उसने वोडाफोन आइडिया में कार्यरत अधिकारियों और अपने पुराने कर्मचारियों जैसे शिवदयाल, राहुल, जितेन्द्र और शिवबाबू के साथ मिलकर एक जाल बुनना शुरू किया।

ये लोग फर्जी पीओएस एजेंट बनवाकर उनके माध्यम से दो सिम कार्ड एक ही व्यक्ति के नाम पर एक्टिवेट करते थे। एक सिम कस्टमर को दे दिया जाता था जबकि दूसरा खुद के पास रख लिया जाता था। डिजिटल केवाईसी में फर्जी आधार कार्ड का प्रयोग किया जाता था, जिन्हें सुरेन्द्र सिंह के स्टूडियो से बनवाया जाता था। इन सिम कार्डों को बाद में साइबर ठगों को ऊंचे दामों पर बेचा जाता था, जिससे ये लोग करोड़ों की अवैध कमाई कर रहे थे।

साइबर अपराध में सिम कार्डों की भूमिका

गिरोह के सदस्य 200 से 300 एक्टिवेटेड सिम कार्ड इकट्ठा होने पर कौशाम्बी जाते थे और वहां संदीप पाण्डेय नामक व्यक्ति को बेचते थे, जो इन सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में करता था। इस गिरोह ने सिर्फ अक्टूबर 2023 से मार्च 2024 के बीच हजारों सिम कार्ड विभिन्न फर्जी आईडी से जारी किए। गिरोह के सदस्यों ने “राजू मोबाइल,” “अशोक किराना,” “दिनेश मोबाइल” जैसे फर्जी पीओएस के माध्यम से यह कार्य किया।

आगे की कार्रवाई

एसटीएफ द्वारा दर्ज अभियोग संख्या 115/2025 के अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34, 419, 420, 465, 467, 468, 471 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C, 66D के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

महत्वपूर्ण संकेत

एसटीएफ के इस ऑपरेशन से यह स्पष्ट है कि टेलीकॉम कम्पनियों की आंतरिक निगरानी व्यवस्था में भारी खामियां हैं। फील्ड अधिकारियों के सहयोग से इस तरह के बड़े फर्जीवाड़े संभव हो पा रहे हैं। यह कार्रवाई आने वाले समय में साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।


रिपोर्टः True News Up | चित्रकूट ब्यूरो |

दिनांक: 15 मई 2025

काशीराम कॉलोनियों की तस्वीर बदलने के लिए सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएम को दिया प्रस्ताव: दलितों, वंचितों गरीबों की कॉलोनियां बनें स्मार्ट, निर्बल आय वर्ग कॉलोनियों के रूपांतर के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनें कमेटी

काशीराम कॉलोनियों की तस्वीर बदलने के लिए डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएम को दिया प्रस्ताव: दलितों, वंचितों गरीबों की कॉलोनियां बनें स्मार्ट, निर्बल आय वर्ग कॉलोनियों के रूपांतर के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनें कमेटी
काशीराम कॉलोनियों की तस्वीर बदलने के लिए डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएम को दिया प्रस्ताव: दलितों, वंचितों गरीबों की कॉलोनियां बनें स्मार्ट, निर्बल आय वर्ग कॉलोनियों के रूपांतर के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनें कमेटी
काशीराम कॉलोनियों की तस्वीर बदलने के लिए डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएम को दिया प्रस्ताव: दलितों, वंचितों गरीबों की कॉलोनियां बनें स्मार्ट, निर्बल आय वर्ग कॉलोनियों के रूपांतर के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनें कमेटी
  • काशीराम कॉलोनियों को ‘स्मार्ट कॉलोनी’ में बदलने की दिशा में सार्थक पहल : मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर डॉ. राजेश्वर सिंह ने रखी विस्तृत कार्ययोजना
  • क्या अब बदलेगी इन कॉलोनियों की तस्वीर ? – डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजा दूरदर्शी विकास खाका
  • गरीबों के लिए बनीं कॉलोनियों के पुनरोद्धार के लिए बने उच्चस्तरीय स्थाई समिति – डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री से की मांग
  • डॉ. सिंह ने कहा- काशीराम कॉलोनियों में आधारभूत विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हो स्थाई समिति

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने पूर्ववर्ती सरकार में दलितों, वंचितों के लिए बनाई गईं काशीराम कॉलोनियों एवं अन्य निर्बल आय वर्ग की आवासीय योजनाओं को मूलभूत सुविधाओं से समृद्ध ‘स्मार्ट कॉलोनी’ में रूपांतरित करने हेतु एक विस्तृत प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रेषित किया है।

इस पत्र में उन्होंने सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित 1. काशीराम आवासीय परिसर, गहरू 2. काशीराम आवासीय परिसर, सदरौना 3. निर्बल वर्ग आवासीय परिसर, मवैइया सहित प्रदेश की अन्य समान प्रकृति की बस्तियों का उल्लेख करते हुए, उनके समग्र विकास की दिशा में ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की है।

डॉ. सिंह ने अपने पत्र में कॉलोनियों को स्मार्ट कॉलोनी में परिवर्तित करने हेतु निम्न आवश्यकताओं पर बल दिया: रंगाई-पुताई एवं कॉलोनी का समग्र सौंदर्यीकरण, सामुदायिक केंद्रों व पार्कों की स्थापना, जल निकासी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, सड़कों, सीवर लाइन, और पेयजल पाइप लाइन का निर्माण, स्वास्थ्य एवं वेलनेस सेंटर, डाकघर, एटीएम जैसी सेवाओं की उपलब्धता, विद्यालयों और अन्य शैक्षिक संस्थानों की स्थापना।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक स्थायी निगरानी समिति का हो गठन: साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि इन कार्यों की समुचित निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक स्थायी निगरानी समिति का गठन भी किया जाए।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “हर नागरिक को गरिमा मिले, हर बस्ती को सुविधा प्राप्त हो यही योगी सरकार का लक्ष्य है, यही हमारा प्रयास है।”

यह प्रस्ताव न केवल सरोजनीनगर की बस्तियों के परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि समूचे प्रदेश के शहरी पुनरुत्थान की नीति को भी नई दिशा देने वाला है।

कोणार्क की प्राकृतिक खूबसूरती और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है

कोणार्क, ओडिशा राज्य का एक प्रमुख शहर है, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह शहर खासकर अपने प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर के लिए जाना जाता है, जो यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। कोणार्क न केवल अपने मंदिरों और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति भी पर्यटकों को आकर्षित करती है।

कोणार्क सूर्य मंदिर: स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण

कोणार्क का प्रमुख आकर्षण है कोणार्क सूर्य मंदिर। यह मंदिर भगवान सूर्य को समर्पित है और 13वीं शताब्दी में राजा नरसिंहदेवI द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर अपनी विशाल और अद्भुत वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर की संरचना एक विशाल रथ (रथ का रूप) की तरह बनाई गई है, जो सूर्य देवता की यात्रा को दर्शाता है। इसके चार पहिये और घोड़े की मूर्तियाँ अत्यधिक बारीकी से बनायी गई हैं।

कोणार्क सूर्य मंदिर के दीवारों पर उकेरी गई चित्रकला और शिल्पकला भारतीय स्थापत्य का एक अद्वितीय उदाहरण है। यहाँ की मूर्तियाँ और नक्काशी दर्शाती हैं कि उस समय के शिल्पकारों ने कितना उच्च स्तर का कला कौशल हासिल किया था। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय शिल्पकला और वास्तुकला का अद्वितीय उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

कोणार्क बीच

कोणार्क का एक और प्रमुख आकर्षण है यहाँ का सुंदर समुद्र तट, जिसे कोणार्क बीच कहा जाता है। यह समुद्र तट अपनी शांत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटक यहाँ सूर्योदय और सूर्यास्त का अद्भुत दृश्य देख सकते हैं। यह समुद्र तट उन लोगों के लिए आदर्श है जो समुद्र के नजदीक शांति और सुकून की तलाश करते हैं। साथ ही, यहाँ विभिन्न जल क्रीड़ाओं का भी आनंद लिया जा सकता है, जैसे कि स्विमिंग, बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स।

कोणार्क की ऐतिहासिक धरोहर

कोणार्क में केवल सूर्य मंदिर ही नहीं, बल्कि अन्य ऐतिहासिक स्थल भी हैं जो इस क्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को दर्शाते हैं। कोणार्क म्यूजियम में पर्यटक इस क्षेत्र के इतिहास और संस्कृति के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ की पुरानी मूर्तियाँ, शिल्पकला और अन्य पुरातात्त्विक वस्तुएं इस क्षेत्र की समृद्ध धरोहर को उजागर करती हैं।

कोणार्क महोत्सव

कोणार्क नृत्य महोत्सव हर साल दिसंबर महीने में आयोजित किया जाता है। इस महोत्सव में ओडिशा के पारंपरिक नृत्य रूपों, जैसे कि ओडिसी नृत्य, के शानदार प्रदर्शन होते हैं। यह महोत्सव कोणार्क सूर्य मंदिर के पास खुले आकाश के नीचे आयोजित होता है, जहाँ पर्यटक और कलाकार एक साथ ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव मनाते हैं। यह महोत्सव कला और संस्कृति प्रेमियों के लिए एक अद्भुत अनुभव होता है।

नजदीकी पर्यटक स्थल

कोणार्क के आसपास कई अन्य दर्शनीय स्थल भी हैं जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। चिलिका झील जो एशिया की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील है, केवल 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यह झील अपने प्राकृतिक सौंदर्य और पक्षी अभयारण्य के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ आप बोटिंग का आनंद ले सकते हैं और पक्षियों को देख सकते हैं।

इसके अलावा, पुरी और भुवनेश्वर जैसे अन्य पर्यटन स्थल भी कोणार्क के पास स्थित हैं, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय

कोणार्क यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक है, जब मौसम ठंडा और सुखद रहता है। गर्मियों में यहाँ का तापमान बढ़ सकता है, जिससे यात्रा में असुविधा हो सकती है।

कोणार्क एक अद्भुत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल है, जो अपनी प्राचीन वास्तुकला, सूर्य मंदिर और समुद्र तट के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की शांति, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर पर्यटकों को आकर्षित करती है। अगर आप भारतीय इतिहास, संस्कृति और वास्तुकला के प्रति रुचि रखते हैं, तो कोणार्क एक अवश्य देखे जाने योग्य स्थान है। यह जगह हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

रोजाना इस चाय का सेवन करने से फैटी लिवर के लक्षण होंगे कम, वजन घटाने में भी मिलेगी मदद

लिवर हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा होता है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए लिवर का सही तरीके से फंक्शन करना बेहद जरूरी होता है। वहीं लिवर कोशिकाओं में जमे फैटी एसिड और ट्राइग्लिसराइड्स के कारण फैटी लिवर में दिक्कतें हो जाती हैं। वहीं आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। डाइजेशन खराब होना, आंखों के नीचे पफीनेस, जीभ पर सफेद लेयर जमना, स्किन इंफेक्शन और मुंह से आने वाली बदबू लिवर के अच्छे से काम न करने की निशानी है।

फैटी लिवर होने पर लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करना बेहद जरूरी है। जिससे कि फैटी लिवर के लक्षणों को रिवर्स किया जा सके। साथ ही वेट कम करना भी बहुत जरूरी है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक ऐसी चाय के बारे में बताने जा रहे हैं, जो फैटी लिवर के लक्षणों रिवर्स करने और वेट लॉस में मदद करती है।

देसी चाय की सामग्री

हल्दी- 1 चुटकी

दालचीनी- 1 छोटी स्टिक

सिंहपणी जड़- चौथाई टीस्पून

सेंधा नमक- 1 चुटकी

नींबू- आधा

ऐसे बनाएं ये चाय

सबसे पहले दालचीनी, हल्दी और सिंहपणी की जड़ को पानी में डालकर अच्छे से उबालें।

फिर इसको छान लें और इसमें नींबू व सेंधा नमक मिलाएं।

अब इसको अच्छे से मिला लें।

इस चाय को 1 महीने तक दिन में एक बार जरूर पिएं।

फायदे

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो यदि रिपोर्ट में फैटी लिवर आ गया है, तो आपको वेट लॉस पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही फैटी लिवर के लक्षणों को रिवर्स करने के लिए अपनी डाइट और लाइफस्टाइस में बदलाव करना चाहिए।

हमारा लिवर नेचुरल फिल्टर होता है। जब यह अधिक काम करने लगता है, तो व्यक्ति को डाइजेशन से जुड़ी समस्या हो सकती है। ऐसे में इस चाय को लगातार 1 महीने तक पीने से लिवर डिटॉक्स होगा। साथ ही वेट लॉस भी होगा।

हल्दी इंफ्लेमेशन को कम करती है और लिवर को भी डिटॉक्स करने में सहायता करती है। हल्दी से लिवर में जमा फैट कम होता है और शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। इससे लिवर डैमेज कम होता है और डाइजेशन भी दुरुस्त होता है।

दालचीनी आपके लिवर फंक्शन को सुधारने का काम करती है और फैट आसानी से बर्न होता है। यह लिवर को डिटॉक्स करती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करती है। दालचीनी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जोकि लिवर की सूजन को कम करता है।

लिवर हेल्थ के लिए सिंहपर्णी या डंडेलियन की जड़ अच्छी मानी जाती है। यह लिवर डिटॉक्स करता है और इसके सेवन से लिवर डैमेज भी कम होता है।

सेंधा नमक डाइजेशन को दुरुस्त करता है और इससे डाइजेस्टिव एंजाइम्स भी दुरुस्त होता है।

नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर को डिटॉक्स करने का काम करता है। साथ ही नींबू में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। यह लिवर सेल फंक्शन को सुधारती है।

कैमरा देख राजेश खन्ना की नातिन ने तुरंत पीछे हटकर भागना शुरू किया, वहीं अमिताभ बच्चन के नाती पीछे से आए, लोगों ने कहा – आखिर क्या हुआ?

ये साल कई बॉलीवुड स्टारकिड्स के लिए खास है। इस साल कई बॉलीवुड स्टारकिड बड़े पर्दे पर काम करने की तैयारी में हैं। खुशी कपूर और इब्राहिम अली खान ने साल की शुरुआत में ही डेब्यू किया है। अब शनाया की बारी भी आ गई है। इसके अलावा कई और स्टारकिड्स भी डेब्यू को लेकर चर्चा में हैं। बिग स्क्रीन डेब्यू के लिए सुहाना खान, सिमर भाटिया, नाओमिका सरन और अगस्तय नंदा भी पूरी तैयारी कर चुके हैं। अब हाल ही में नाओमिका सरन और अगस्तय नंदा के एक साथ देखा गया। दोनों का वीडियो सामने आया है, लेकिन इसमें एक ट्विस्ट है। दोनों ही साथ होते हुए भी पैपराजी के सामने अलग-अलग आते हैं। वीडियो देख लोग पूछ रहे हैं कि आखिर माजरा क्या है और दोनों के बीच चल क्या रहा है? इन सवालों का सही और सटीक जवाब हम आपको देते हैं।

पैप्स से बचती दिखीं नाओमिका

हाल ही में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राजेश खन्ना की नातिन नाओमिका सरन और महानायक अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा को मुंबई में एक फेमस मेडॉक प्रोडक्शन हाउस के ऑफिस के बाहर एक साथ देखा गया। सामने आए वीडियो में नाओमिका सरन ब्लैक मिनी सकर्ट और ब्यू शर्ट पहने बिल्डिंग से बाहर आती हैं, लेकिन वो झट से फोन पर बात करते हुए दोबारा अंदर चली जाती हैं। पैपराजी के देखते ही उन्हें उल्टे पांव भागते देखा जा सकता है। इसी बीच उनके पीछे से अगस्त्य नंदा बाहर आते हैं। वो पूरे कॉन्फिडेंस के साथ बाहर आते हैं और मीडिया को पोज भी देते हैं। नाओमिका अपनी गाड़ी और आने का इंतजार करती हैं और झट से वहां से निकल जाती हैं।

ये है माजरा

अब दोनों को साथ देखा गया है, लेकिन इस बार मामला लिंकअप का नहीं है बल्कि इस पब्लिक अपीयरेंस से साफ है कि दोनों एक साथ एक ही प्रोजेक्ट पर काम करने की तैयारी में लग गए हैं। इससे पहले भी कई रिपोर्ट्स सामने आई थीं, जिसमें कहा गया था कि नाओमिका और अगस्तय मैडॉक फिल्म के प्रोजेक्ट में साथ दिखेंगे। दोनों ही मैडॉक के इवेंट में भी इससे पहले नजर आए थे। फिलहाल इस फिल्म की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। नाओमिका के अलावा अगस्तय अक्षय कुमार की भांजी सिमर भाटिया के साथ ‘इक्कीस’ में भी काम करने वाले हैं।

नाओमिका की हो रही तारीफ

नाओमिका, राजेश खन्ना की छोटी बेटी रिंकी खन्ना और व्यवसायी समीर सरन की बेटी हैं। नाओमिका और अगस्त्य की जोड़ी को लेकर सोशल मीडिया पर मिला-जुला रिक्शन सामने आया है। कई लोगों ने इस जोड़ी को अनफिट कहा तो कई लोगों का कहना है कि साथ काम करने के बाद ही पता चलेगा किसमें कितना दम हैं। कुछ लोग स्टारकिड्स को साथ देखने के लिए काफी उत्साहित हैं। वैसे नाओमिका की तारीफ जमकर हो रही है। लोगों को उनकी सादगी भा गई है। लोगों का कहना है कि उनका अंदाज सबसे अलग है। बाकी स्टारकिड्स की तुलना में उनका स्टाइल अलग और सिंपल है, लेकिन उन पर काफी फब रहा है।

इस प्रोडक्शन की फिल्म में करेंगे काम

बता दें, इससे पहले रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि नाओमिका और अगस्त्य एक रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म में साथ नजर आ सकते हैं, जिसे प्रोड्यूसर दिनेश विजान के प्रोडक्शन हाउस मैडॉक फिल्म्स के तहत बनाया जा रहा है। इस फिल्म का निर्देशन पंजाबी हिट्स ‘किस्मत’, ‘किस्मत 2’ और ‘शड्डा’ जैसी सफल फिल्मों के निर्देशक जगदीप सिद्धू करेंगे, जो इस फिल्म के साथ बॉलीवुड में अपना निर्देशन डेब्यू करेंगे।