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पाकिस्तान: इमरान खान की बढ़ी परेशानियां, अब इस केस में किया जाएगा ‘पॉलीग्राफ’ टेस्ट

लाहौर: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान बड़ी मुश्किल में घिरते हुए नजर आ रहे हैं। आतंकवाद निरोधक अदालत (ATC) ने 9 मई की हिंसा से संबंधित मामलों में जेल में बंद खान के ‘पॉलीग्राफ’ परीक्षण (झूठ का पता लगाने की जांच) और ‘फोटोग्रामेट्रिक’ परीक्षण (चेहरे और आवाज का विश्लेषण) करने की अनुमति पुलिस को दे दी है। खान के खिलाफ 12 आतंकवाद मामलों के लिए ये परीक्षण किए जाएंगे। ये मामले 9 मई, 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों से संबंधित हैं।

अदालत के अधिकारी ने क्या बताया?

अदालत के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘एटीसी-प्रथम न्यायाधीश मंजर अली गिल ने बुधवार को अभियोजन पक्ष के अनुरोध को स्वीकार कर लिया और लाहौर कोर कमांडर हाउस पर हमले सहित 12 आतंकवाद मामलों में रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान खान की 12 दिनों के भीतर पॉलीग्राफ और फोटोग्रामेट्रिक परीक्षण करने की अनुमति पुलिस को दे दी।’’

खान के वकील ने किया विरोध 

इमरान खान के वकील सलमान सफदर ने अभियोजन पक्ष के अनुरोध का विरोध किया और 9 मई की घटना के 727 दिन बाद ‘पॉलीग्राफ’ और ‘फोटोग्रामेट्रिक’ परीक्षण कराने के पुलिस के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-इंसाफ (PTI) पार्टी के संस्थापक को आतंकवाद के 21 मामलों में पहले ही जमानत दी जा चुकी है। विशेष अभियोजक राणा आजर ने तर्क दिया कि सर्वोच्च न्यायालय ने जांच संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस तरह के परीक्षणों की अनुमति दी है, हालांकि खान ने अपने वकील की उपस्थिति के बिना जेल में ये परीक्षण कराने से इनकार किया है।

अंकारा:रूस-यूक्रेन शांति वार्ता को लेकर सामने आया अहम अपडेट

 यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह 2022 में रूस के हमलों के बाद रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ पहली सीधी शांति वार्ता के लिए रक्षा मंत्री के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल को तुर्किए के शहर इस्तांबुल भेज रहे हैं। जेलेंस्की ने यह कदम रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा तुर्किए में उनके साथ आमने-सामने की बैठक से दूर रहने के बाद उठाया है, जिसका प्रस्ताव यूक्रेनी नेता ने पिछले सप्ताहांत कूटनीतिक कोशिशों के तहत दिया था।

क्या बोले जेलेंस्की

जेलेंस्की ने तुर्किए की राजधानी अंकारा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रूसी प्रतिनिधिमंडल में ‘‘कोई भी ऐसा व्यक्ति शामिल नहीं है जो वास्तव में निर्णय लेता हो।’’ जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह दिखाने के लिए कि यूक्रेन तीन साल पुराने युद्ध को समाप्त करना चाहता है, वह बैठक के लिए अपने अधिकारियों को अंकारा से इस्तांबुल भेजने को तैयार हुए हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव करेंगे और इसका उद्देश्य ‘‘युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कम से कम पहला कदम उठाने का प्रयास करना है – अर्थात युद्ध विराम।’’

ट्रंप ने कही बड़ी बात

ट्रंप ने इस बीच कतर में कहा कि गतिरोध को तोड़ने के लिए उनके और पुतिन के बीच बैठक महत्वपूर्ण है। उन्होंने दोहा से संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी जाते समय ‘एयर फोर्स वन’ में कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि जब तक वह (पुतिन) और मैं एक साथ नहीं आते, तब तक कुछ भी होने वाला है, चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं। लेकिन हमें इसे हल करना होगा क्योंकि बहुत से लोग मर रहे हैं।’’

जेलेंस्की केवल पुतिन से ही करेंगे बात

क्रेमलिन (रूसी सरकार) ने कहा कि पुतिन के सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जिसमें तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि पुतिन की आने वाले दिनों में ट्रंप से मिलने की कोई योजना नहीं है। पुतिन ने इस्तांबुल में वार्ता के लिए चार निचले स्तर के अधिकारियों को बतौर ‘विशेषज्ञ’ भी नियुक्त किया है। यूक्रेन के एक अधिकारी ने बताया कि शीर्ष स्तरीय यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल में रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव, विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा और यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख आंद्रेई यरमक शामिल होंगे। यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार मिखाइलो पोदोल्यक ने कहा कि जेलेंस्की केवल पुतिन के साथ ही वार्ता की मेज पर बैठेंगे।

आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता हीरालाल ने समस्त अधिकारियों से सहकारिता विभाग को नम्बर-वन बनाने के लिए की अपील: बोले- सामूहिक प्रयास, मेहनत, लगन से हम सब मिलकर विभाग को ऊंचाईयों तक पहुंचा सकते हैं

आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता हीरालाल ने समस्त अधिकारियों से सहकारिता विभाग को नम्बर-वन बनाने के लिए की अपील: बोले- सामूहिक प्रयास, मेहनत, लगन से हम सब मिलकर विभाग को ऊंचाईयों तक पहुंचा सकते हैं
आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता हीरालाल ने समस्त अधिकारियों से सहकारिता विभाग को नम्बर-वन बनाने के लिए की अपील: बोले- सामूहिक प्रयास, मेहनत, लगन से हम सब मिलकर विभाग को ऊंचाईयों तक पहुंचा सकते हैं
आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता हीरालाल ने समस्त अधिकारियों से सहकारिता विभाग को नम्बर-वन बनाने के लिए की अपील: बोले- सामूहिक प्रयास, मेहनत, लगन से हम सब मिलकर विभाग को ऊंचाईयों तक पहुंचा सकते हैं

लखनऊ : 15 मई 2025: आयुक्त एवं निबन्धक सहकारिता हीरालाल ने आज लखनऊ मण्डल की समीक्षा आयुक्त एवं निबन्धक के सभागार में की। जिसमें संयुक्त निबन्धक, सहायक निबन्धक, सचिव जिला सहकारी बैंक, अपर जिला सहकारी अधिकारी, क्षेत्रीय प्रबन्धक पीसीएफ/पीसीयू/यूपीएसएस के अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने जिले से आये सहायक निबन्धकों से अपने एक महीने के कार्यकाल में भेजे गये दिशा-निर्देशों परिपत्रों के कार्यवाही के सम्बन्ध में बिन्दुवार जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सहकारिता विभाग में परिवर्तन दिखाई देगा तथा सहकारिता विभाग प्रगति की राह पर चलकर देश में नम्बर-वन प्रदेश बनेगा।

आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता हीरालाल ने समस्त अधिकारियों से सहकारिता विभाग को नम्बर-वन बनाने के लिए की अपील: बोले- सामूहिक प्रयास, मेहनत, लगन से हम सब मिलकर विभाग को ऊंचाईयों तक पहुंचा सकते हैं
आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता हीरालाल ने समस्त अधिकारियों से सहकारिता विभाग को नम्बर-वन बनाने के लिए की अपील: बोले- सामूहिक प्रयास, मेहनत, लगन से हम सब मिलकर विभाग को ऊंचाईयों तक पहुंचा सकते हैं

आयुक्त एवं निबन्धक ने बैठक में आये सहायक निबन्धक, अपर जिला सहकारी अधिकारी से उनका परिचय प्राप्त की। उन्होंने समस्त अधिकारियों से सहकारिता विभाग को नम्बर-वन बनाने के लिए अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास मेहनत लगन से हम सब मिलकर विभाग को ऊंचाईयों तक पहुंचा सकते हैं। सहकारिता विभाग को ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए दिशा-निर्देश भी दिये। उन्होंने सहकारिता का मूल मंत्र बताया कि नियत साफ है तो रास्ते मिल ही जाते हैं। उन्होंने सहकार से समृद्धि, आडिट व अन्य कार्यों को 20 मई तक करने के निर्देश दिये। उन्होंने ब्रांच मैनेजर सहायक निबन्धकों को एक-एक समिति को गोद लेने के निर्देश दिये। कॉमन सर्विस सेन्टर में 31 मई तक बिजली बिल जमा करवाने को प्राथमिकता दी।

उन्होंने इसी प्रकार मूल्य समर्थन योजना, भण्डारण योजना, जनऔषधि केन्द्र, एफपीओ, पीएम सम्मान निधि योजना, आहरण वितरण, धान एवं गेहूं खरीद भुगतान की स्थिति, बैंकिंग योजना, लखनऊ में रिकवरी की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। आयुक्त निबन्धक ने निर्देश दिये कि 10 लाख लिमिट वाली समितियों पर खाद अभी से भेज दी जाये। दलहन-तिलहन की खरीद को पूरे प्रदेश में बढ़ाया जाय। नैनो यूरिया, नैनो डीएपी पर भी चर्चा की। उन्होंने मध्यस्थवाद को जीरो करने का अभियान चलाकर निस्तारण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जो भी वाद न्यायालय में लम्बित हैं उनका शीघ्र निस्तारण कराकर विभागीय वादों को खत्म किया जाय। सहकारिता विभाग की कार्यवाही जो प्रचलित हैं उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने वृक्षारोपण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। जहां पर वृक्ष लग चुके हैं उनको कैसे बचाया जाय इस पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओं अभियान पर विशेष जोर दिया।

आयुक्त ने आये हुये समस्त अधिकारियों को निर्देश दिया कि 10 प्रगतिशील किसानों से सम्पर्क किया जाय। चरित्र प्रविष्ट सम्बन्धी ‘क’ ‘ख’ ‘ग’ संवर्ग को मानव सम्पदा पोर्टल पर अपडेट करने को कहा। गेंहूं क्रय नीति पालन पर जोर दिया। राज्य ग्रामीण विकास संस्थान में क्रमवार ट्रेनिंग करवाने हेतु प्रोत्साहित किया।

डॉ. राजेश्वर सिंह का अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह व तुर्की को चेतावनी: आतंक के संरक्षकों को सशक्त संदेश दे विश्व, धर्म के नाम पर आतंक को बढ़ावा अस्वीकार्य, तुर्की की भूमिका वैश्विक शांति के विरुद्ध एक सुनियोजित चुनौती

डॉ. राजेश्वर सिंह का अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह व तुर्की को चेतावनी: आतंक के संरक्षकों को सशक्त संदेश दे विश्व, धर्म के नाम पर आतंक को बढ़ावा अस्वीकार्य, तुर्की की भूमिका वैश्विक शांति के विरुद्ध एक सुनियोजित चुनौती
डॉ. राजेश्वर सिंह का अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह व तुर्की को चेतावनी: आतंक के संरक्षकों को सशक्त संदेश दे विश्व, धर्म के नाम पर आतंक को बढ़ावा अस्वीकार्य, तुर्की की भूमिका वैश्विक शांति के विरुद्ध एक सुनियोजित चुनौती
डॉ. राजेश्वर सिंह का अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह व तुर्की को चेतावनी: आतंक के संरक्षकों को सशक्त संदेश दे विश्व, धर्म के नाम पर आतंक को बढ़ावा अस्वीकार्य, तुर्की की भूमिका वैश्विक शांति के विरुद्ध एक सुनियोजित चुनौती
  • “भारत की नीति अडिग, तुर्की की भूमिका घातक – डॉ. राजेश्वर सिंह का वैश्विक आह्वान”
  • “तुर्की की दोहरी नीति पर करारा प्रहार, डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया मानवता का अपमान”

लखनऊ। सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेशवर सिंह ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन द्वारा पाकिस्तान के पक्ष में दिए गए हालिया बयान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को प्रोत्साहन देने वाला बताते हुए उसकी तीव्र शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे “आतंकवाद का खुला समर्थन” और “विश्व शांति के विरुद्ध एक घातक हस्तक्षेप” करार दिया।

तुर्की का दोहरा आचरण और आतंक के प्रति सहिष्णु रुख

डॉ. सिंह ने कहा कि तुर्की लगातार उन तत्वों के साथ खड़ा रहा है जो कट्टरपंथ और वैश्विक आतंकवाद को पोषित करते हैं। उन्होंने तुर्की के इस दोहरे रवैये को चिन्हित करते हुए कहा: कश्मीर पर पाकिस्तान के पक्ष में लगातार बयानबाज़ी – जबकि पाकिस्तान को विश्व स्तर पर आतंकवाद का संरक्षक देश माना जाता है। मुस्लिम ब्रदरहुड और अन्य कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों के साथ तुर्की के सक्रिय संबंध जो वैश्विक चरमपंथ की जड़ें मजबूत करते हैं। सीरिया, लीबिया और अफगानिस्तान में चरमपंथी गुटों को तुर्की द्वारा दिए गए प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन के आरोप – जिससे इन क्षेत्रों में स्थायित्व और शांति की संभावनाएं क्षीण हुईं।तुर्की के सरकारी मीडिया और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा चलाया गया भारत-विरोधी और जिहादी मानसिकता को पोषित करने वाला प्रचार अभियान।

आतंकवाद पर भारत की नीति स्पष्ट, अडिग और सख्त

डॉ. सिंह ने कहा, “भारत ने सदैव आतंकवाद और कट्टरता के विरुद्ध स्पष्ट, सुसंगत और कठोर नीति अपनाई है। जो राष्ट्र ऐसी शक्तियों को संरक्षण और समर्थन प्रदान करते हैं, वे मानवता के विरोधी हैं। इन्हें वैश्विक समुदाय द्वारा अलग-थलग किया जाना समय की आवश्यकता है।”

तुर्की के लिए चेतावनी और विश्व बिरादरी से आह्वान

डॉ. राजेश्वर सिंह ने तुर्की को स्पष्ट शब्दों में चेताया कि “धर्म की आड़ में आतंकवाद को प्रोत्साहित करना न केवल तुर्की के लिए, बल्कि पूरी सभ्य दुनिया के लिए आत्मघाती सिद्ध हो सकता है।” उन्होंने वैश्विक समुदाय से अपील की कि वह तुर्की की इस “खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना भूमिका” पर तत्काल संज्ञान ले और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसा सशक्त संदेश दे जिससे आतंक के संरक्षकों को स्पष्ट चेतावनी मिल सके।

यह बयान डॉ. राजेश्वर सिंह ने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और तुर्की द्वारा पाकिस्तान का समर्थन करने के संदर्भ में, सोशल मीडिया मंच X (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर साझा किया है।

वरिष्ठ भाजपा नेता और सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेशवर सिंह ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन द्वारा पाकिस्तान के पक्ष में दिए गए हालिया बयान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को प्रोत्साहन देने वाला बताते हुए उसकी तीव्र शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे “आतंकवाद का खुला समर्थन” और “विश्व शांति के विरुद्ध एक घातक हस्तक्षेप” करार दिया।

तुर्की का दोहरा आचरण और आतंक के प्रति सहिष्णु रुख

डॉ. सिंह ने कहा कि तुर्की लगातार उन तत्वों के साथ खड़ा रहा है जो कट्टरपंथ और वैश्विक आतंकवाद को पोषित करते हैं। उन्होंने तुर्की के इस दोहरे रवैये को चिन्हित करते हुए कहा: कश्मीर पर पाकिस्तान के पक्ष में लगातार बयानबाज़ी – जबकि पाकिस्तान को विश्व स्तर पर आतंकवाद का संरक्षक देश माना जाता है। मुस्लिम ब्रदरहुड और अन्य कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों के साथ तुर्की के सक्रिय संबंध जो वैश्विक चरमपंथ की जड़ें मजबूत करते हैं। सीरिया, लीबिया और अफगानिस्तान में चरमपंथी गुटों को तुर्की द्वारा दिए गए प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन के आरोप – जिससे इन क्षेत्रों में स्थायित्व और शांति की संभावनाएं क्षीण हुईं।तुर्की के सरकारी मीडिया और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा चलाया गया भारत-विरोधी और जिहादी मानसिकता को पोषित करने वाला प्रचार अभियान।

आतंकवाद पर भारत की नीति स्पष्ट, अडिग और सख्त

डॉ. सिंह ने कहा, “भारत ने सदैव आतंकवाद और कट्टरता के विरुद्ध स्पष्ट, सुसंगत और कठोर नीति अपनाई है। जो राष्ट्र ऐसी शक्तियों को संरक्षण और समर्थन प्रदान करते हैं, वे मानवता के विरोधी हैं। इन्हें वैश्विक समुदाय द्वारा अलग-थलग किया जाना समय की आवश्यकता है।”

तुर्की के लिए चेतावनी और विश्व बिरादरी से आह्वान

डॉ. राजेश्वर सिंह ने तुर्की को स्पष्ट शब्दों में चेताया कि “धर्म की आड़ में आतंकवाद को प्रोत्साहित करना न केवल तुर्की के लिए, बल्कि पूरी सभ्य दुनिया के लिए आत्मघाती सिद्ध हो सकता है।” उन्होंने वैश्विक समुदाय से अपील की कि वह तुर्की की इस “खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना भूमिका” पर तत्काल संज्ञान ले और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसा सशक्त संदेश दे जिससे आतंक के संरक्षकों को स्पष्ट चेतावनी मिल सके।

यह बयान डॉ. राजेश्वर सिंह ने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और तुर्की द्वारा पाकिस्तान का समर्थन करने के संदर्भ में, सोशल मीडिया मंच X (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर साझा किया है।

तांबे के बर्तन में पानी पीते समय ये गलतियां बिल्कुल न करें, नहीं तो ये आपके शरीर के लिए जहरीला साबित हो सकता है।

भारत में तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। वहीं भारतीय ग्रंथों में भी तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने के कई फायदे बताए गए हैं। इस पानी को पीने से दिल और दिमाग दोनों स्वस्थ रहते हैं। साथ ही इम्यूनिटी मजबूत होती है, वेट कम करता है, एंटी एजिंग और टैनिंग भी कम करता है। तांबे का पानी पीने से पाचन बेहतर होने के साथ इम्यूनिटी बढ़ती है और एंटीऑक्सीडेंट जैसे फायदे भी मिलते हैं। हालांकि इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना चाहिए।

भले ही तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से फायदा मिलता है, लेकिन सही मात्रा में इसका इस्तेमाल करना जरूरी माना जाता है। क्योंकि तांबा पावरफुल चीज है और इस पानी को पीते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।

पावरफुल है कॉपर

बता दें कि कॉपर बहुत शक्तिशाली होता है। लेकिन हर शक्तिशाली चीज की तरह इसको भी संतुलन के साथ इस्तेमाल करना चाहिए। भले ही यह इम्यूनिटी बढ़ाने, नेचुरल एंटी-ऑक्सीडेंट्स और पाचन सुधारने के रूप में काम कर सकता है। लेकिन इसका अधिक इस्तेमाल आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।

कितनी मात्रा है सही

असल में हर एक चीज की सीमा होता है। ऐसे में अगर शरीर में ज्यादा तांबा जमा हो जाए, तो इसका असर जहर जैसा हो सकता है। इससे आपके पेट में जलन, उल्टी, पेट दर्द और जिंक के संतुलन में गड़बड़ी हो सकती है।

तांबे के बर्तन में रखा कितना पानी पिएं

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक आपको दिन भर तांबे का पानी पीने या फिर उसमें नींबू मिलाने या गर्म करने की आवश्यकता नहीं है। आप साधारण तापमान वाले एक या दो मग तांबे के पानी का सेवन कर सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से पहले इसकी सही मात्रा का इस्तेमाल करना जरूरी है। क्योंकि अधिक तांबा आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए ध्यान रखें कि तांबे के पानी का सही तरीके से सेवन करके आप स्वास्थ्य फायदों का आनंद ले सकते हैं।

तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे

तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से इम्यूनिटी बढ़ती है और बीमारियों से लड़ने में सहायता करता है।

तांबे के गुण पेट साफ रखने के साथ पाचन में भी सुधार करता है। साथ ही यह गैस, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याएं दूर होती हैं।

दरअसल, तांबा शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म करने का काम करता है। इससे शरीर की सफाई होती है और सूजन भी कम होती है।

तांबा दिल की सेहत में सुधार करता है। वहीं यह दिमाग के सही तरीके से काम करने में सहायता करता है।

अगर आप सही तरीके से इस पानी का सेवन करते हैं, तो यह मेटाबॉलिज्म को तेज कर सकता हैं। इससे वेट कंट्रोल में मदद मिलती है।

वहीं तांबा बॉडी में रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में सहायता करता है। इससे खून की गुणवत्ता में सुधार आता है।