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18 करोड़ के आलीशान मंडप और एक करोड़ की साड़ी के साथ इस एक्टर ने रचाई सबसे महंगी शादी, लेकिन दुल्हन को लेकर बना विवाद का विषय

भारत में शादियां, चाहे आम लोगों की हों या सेलिब्रिटीज की, हमेशा से ही ये एक ग्रैंड अफेयर रहा है। शादियों में भव्यता और शान-ओ-शौकत देखने को मिलती है। खासकर फिल्म इंडस्ट्री में शादी समारोहों पर करोड़ों रुपये खर्च करना आम बात है। फिर चाहे बात हो डिजाइनर कपड़ों की, आलीशान वेन्यू की या हजारों मेहमानों से भरे जश्न की। बॉलीवुड के चर्चित कपल्स जैसे अनुष्का शर्मा-विराट कोहली, रणवीर सिंह-दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा-निक जोनास और कैटरीना कैफ-विक्की कौशल की शादियां इसी भव्यता का उदाहरण हैं।

इस एक्टर की हुई थी ग्रैंड वेडिंग

अगर साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की बात करें तो सबसे भव्य शादी का खिताब आरआरआर फेम जूनियर एनटीआर और लक्ष्मी प्रणति की शादी को जाता है। यह शादी न सिर्फ उस साल की सबसे बड़ी खबर बनी, बल्कि देश की सबसे महंगी शादियों में से एक भी रही। 5 मई 2011 को जूनियर एनटीआर ने एक अरेंज मैरिज के जरिए लक्ष्मी प्रणति से शादी की, जो कि नामी बिजनेसमैन नरने श्रीनिवास राव की बेटी हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इस शादी का कुल बजट लगभग 100 करोड़ रुपये था। समारोह में करीब 3000 सेलिब्रिटीज और 1200 फैंस शामिल हुए। खास बात यह रही कि शादी के लिए जो भव्य मंडप तैयार किया गया, उसकी सजावट पर ही करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

शादी में दुल्हन की उम्र को लेकर हुआ था विवाद

दुल्हन लक्ष्मी ने अपनी शादी में एक बेहद खूबसूरत सोने की कांजीवरम साड़ी पहनी थी, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई गई। वहीं जूनियर एनटीआर ने पारंपरिक सफेद कुर्ता और धोती पहनकर सादगी में भी शाही अंदाज अपनाया। हालांकि इस शादी के पहले एक कानूनी विवाद भी सामने आया था। जब दोनों की सगाई हुई तब लक्ष्मी की उम्र महज 17 साल थी। इस पर वकील सिंगुलुरी शांति प्रसाद ने बाल विवाह अधिनियम के तहत अभिनेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी थी। विवाद से बचने के लिए जूनियर एनटीआर ने तब तक इंतजार किया, जब तक लक्ष्मी 18 साल की नहीं हो गईं और उसके बाद उन्होंने शादी की।

एक्टर हैं दो बेटों के पापा

शादी के कुछ साल बाद यह रिश्ता और भी मजबूत हुआ जब 2014 में कपल ने अपने पहले बेटे, अभय राम का स्वागत किया। बाद में उन्हें एक और बेटे का आशीर्वाद मिला, जिसका नाम भार्गव रखा गया। आज यह जोड़ी न सिर्फ व्यक्तिगत तौर पर खुशहाल है, बल्कि फैन्स के बीच भी आदर्श कपल मानी जाती है।

इस्लामाबाद: भारत से हार के बाद पाकिस्तान से मिली तारीफ, फील्ड मार्शल बनते ही आसिम मुनीर ने क्या कहा?

 पाकिस्तान ने अपने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को एक बयान जारी कर ये कहा है। बता दें कि लगभग 60 वर्षों में यह पहली बार है कि किसी जनरल को इस पद पर पदोन्नत किया गया है। आसिम मुनीर को उनकी पदोन्नति को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई, जो कि भारत के साथ देश के लगभग तीन दशकों के सबसे बुरे सैन्य संघर्ष के कुछ दिनों बाद हुई है।

फील्ड मार्शल बनने पर क्या कहा मुनीर ने

सेना के जनसंपर्क विंग द्वारा जारी एक बयान में मुनीर ने कहा, “यह किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान की सशस्त्र सेना और पूरे देश का सम्मान है।” फील्ड मार्शल बनने के बाद आसिम मुनीर ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और संघीय कैबिनेट को धन्यवाद दिया और कहा कि यह सम्मान राष्ट्र का भरोसा है, जिसके लिए लाखों आसिम ने अपना बलिदान दिया है। आगे उसने कहा कि यह किसी व्यक्तिगत सम्मान नहीं बल्कि पाकिस्तान के सशस्त्र बलों और पूरे देश का सम्मान है।

पीएमओ ने जारी किया था बयान

पीएम  कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है, “यह पुरस्कार रणनीतिक प्रतिभा और साहसी नेतृत्व को मान्यता देते हुए दिया गया है, जिसने राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित की और दुश्मन को निर्णायक रूप से पराजित किया।” एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि नए औपचारिक पद के साथ मुनीर सेना प्रमुख बने रहेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि मंत्रिमंडल ने पाकिस्तान वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनका सेवा विस्तार करने का भी निर्णय लिया है।

भारत से खाई मात, मुनीर को दी शाबासी

पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने आसिम मुनीर को भारत की ओर से किए गए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद मिली मात के बाद ये शाबासी दी है। भारत पर हमले और इसमें अपनी तरफ से खुद ही जीत की घोषणा करने वाले पाकिस्तान ने खुद को ही शाबासी दी है और आसिम मुनीर को रैंक सौंपा है।

संजू सैमसन ने IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए इतिहास रचते हुए यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बने

राजस्थान रॉयल्स की टीम ने आईपीएल 2025 के सीजन में अपने सफर का अंत जीत के साथ किया। इस सीजन टीम का प्रदर्शन काफी निराशाजनक देखने को मिला जिसमें वह लीग स्टेज के 14 मुकाबलों में से सिर्फ चार मैचों को ही जीतने में कामयाब हो सके। चेन्नई सुपर किंग्स की टीम के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की टीम ने अपना आखिरी लीग स्टेज का मुकाबला खेला जिसमें वह 6 विकेट से जीत हासिल करने में सफल रहे। इस मैच में राजस्थान टीम के कप्तान संजू सैमसन बल्ले से एक बड़ा कारनामा भी करने में कामयाब रहे, जिससे इससे पहले आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए कोई भी खिलाड़ी करने में कामयाब नहीं हो सका था।

संजू सैमसन ने राजस्थान रॉयल्स से खेलते हुए 4000 रन पूरे करने वाले बने पहले खिलाड़ी

आईपीएल में अब तक काफी कम ही ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने एक टीम के लिए काफी लंबे समय तक खेला है, जिसमें एक नाम संजू सैमसन का भी शामिल है, जो राजस्थान रॉयल्स टीम के अहम प्लेयर्स में से एक हैं। सैमसन के बल्ले से चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में 31 गेंदों में 41 रनों की पारी देखने को मिली थी, जिसके दम पर वह राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल में खेलते हुए 4000 रनों का आंकड़ा पूरा करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। संजू अब तक राजस्थान के लिए आईपीएल में कुल 149 मुकाबले खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 31.70 के औसत से कुल 4027 रन बनाएं हैं और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 141.24 का देखने को मिला है। संजू के बल्ले से 2 शतकीय और 23 अर्धशतकीय पारियां भी देखने को मिली हैं।

आईपीएल 2025 का सीजन में नहीं चला संजू का बल्ला

संजू सैमसन के लिए आईपीएल का 18वां सीजन कुछ खास नहीं रहा जिसमें एक तरफ जहां वह फिटनेस की समस्या से जूझते हुए नजर आए तो वहीं कुल 9 मुकाबलों में ही मैदान पर बल्लेबाजी करने उतरे, जिसमें वह 35.63 के औसत से 285 रन बनाने में कामयाब रहे और सिर्फ एकबार 50 से अधिक का स्कोर बना सके। सैमसन के अभी तक के उनके आईपीएल करियर को देखा जाए तो उन्होंने 175 मैचों में 30.68 के औसत से कुल 4663 रन बनाएं हैं जिसमें वह 3 शतक और 26 अर्धशतकीय पारियां खेलने में कामयाब रहे।

‘हेरा फेरी 3’ से बाहर होने पर परेश रावल को उठाना पड़ा भारी नुकसान, अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस ने किया 25 करोड़ रुपये का मुकदमा

‘हेरा फेरी’, एक कल्ट कॉमेडी क्लासिक है। ये फिल्म इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है, क्योंकि इसकी तीसरी किस्त की शूटिंग जोर-शोर से शुरू हो चुकी है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इंटरनेट पर कई तरह की अफवाहें और कयास लगाए जा रहे हैं। ताजा अपडेट के अनुसार अक्षय कुमार की कंपनी केप ऑफ गुड फिल्म्स ने अभिनेता परेश रावल पर 25 करोड़ रुपये का मुकदमा दर्ज किया है, क्योंकि उन्होंने फिल्म की शूटिंग के दौरान ही अचानक इसे छोड़ दिया। एक्टर ने इसका ऐलान खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल पर किया है।

परेश ने किया ये ट्वीट

परेश रावल ने ट्वीट कर कहा, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ‘हेरा फेरी 3′ से मेरा हटना किसी भी तरह के क्रिएटिव मतभेद की वजह से नहीं है। मैं दोहराता हूं कि फिल्म मेकर के साथ मेरे किसी भी प्रकार के रचनात्मक मतभेद नहीं हैं। मुझे श्री प्रियदर्शन जी (निर्देशक) के प्रति अत्यधिक प्रेम, सम्मान और विश्वास है।’ उनके इस बयान से यह साफ हो जाता है कि उनके जाने के पीछे किसी रचनात्मक मतभेद की बात नहीं है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब परेश रावल ने इतने सालों तक एक ऐसे किरदार को निभाया जो दर्शकों के दिलों में बस गया है तो उन्होंने अचानक इस फ्रेंचाइजी को क्यों छोड़ा?

क्या है प्रोडक्शन हाउस का कहना

प्रोडक्शन हाउस से जुड़े एक करीबी सूत्र ने बताया, ‘परेश जी एक अनुभवी कलाकार हैं और हमने उनके साथ पहले भी कई प्रोजेक्ट्स में काम किया है। लेकिन उनका यह रवैया काफी अनप्रोफेशनल रहा और हम उनके स्तर के किसी कलाकार से ऐसा व्यवहार की उम्मीद नहीं कर रहे थे।’ उनके जाने के बाद प्रोडक्शन हाउस को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सख्त टाइमलाइन करोड़ों फैन्स की उम्मीदें और फिल्म के प्रति लगाव के बीच इस तरह की बाधा से न सिर्फ देरी हुई है बल्कि रचनात्मक चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। बाबूराव का किरदार लोगों के दिलों में खास जगह रखता है, और मेकर्स इस किरदार की आत्मा को खोना नहीं चाहते।

इस वजह से उठाया गया ये कदम

रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स कानूनी रास्ता नहीं अपनाना चाहते थे, लेकिन परेश रावल के अचानक पीछे हटने की वजह से उनके पास और कोई विकल्प नहीं बचा। परेश रावल ने फिल्म के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था, साइनिंग अमाउंट ले लिया था और उन्हें उनकी सामान्य फीस से भी ज़्यादा भुगतान किया गया था। निर्माता उनकी हर शर्त मान चुके थे और वह सभी जरूरी बैठकों का हिस्सा भी थे। लेकिन शूटिंग शुरू होने के बाद उन्होंने फिल्म छोड़ दी, जिससे मेकर्स को कानूनी कार्रवाई करनी पड़ी। एक बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है कि परेश रावल ने फिल्म के लिए और अधिक पैसे की मांग की, जबकि पहले ही उन्हें मोटी रकम दी जा चुकी थी। अब देखना यह है कि मामला किस दिशा में जाता है, लेकिन फैंस बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं कि अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी की आइकोनिक तिकड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ दिखाई दें।

WHO के सदस्य देशों ने महामारी से निपटने के लिए ऐतिहासिक समझौते को दी हरी झंडी, जानिए इसका उद्देश्य क्या है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सदस्य देशों ने मंगलवार को औपचारिक रूप से सर्वसम्मति से दुनिया के पहले महामारी समझौते के पक्ष में वोटिंग की। संयुक्त राष्ट्र (UN) स्वास्थ्य निकाय ने एक बयान में इसकी घोषणा की। इस समझौते का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश भविष्य की महामारियों की प्रभावी रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए मिलकर काम करें।

समझौते का उद्देश्य क्या है?

    • कोरोना महामारी के दौरान इस आपदा समझौते की शुरुआत की गई थी और इसकी मंजूरी देने से पहले 3 साल से ज्यादा समय तक इसे अपनाने का प्रोसेस चला।
    • इस समझौते में महामारी की रोकथाम के लिए जो कमियां हैं, उन्हें दूर करने पर बात हुई।
    • WHO ने बयान में कहा कि ‘इस महत्वपूर्ण समझौते को डब्ल्यूएचओ संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अपनाया गया।
    • इसका उद्देश्य देशों, डब्ल्यूएचओ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों, नागरिक समाज, निजी क्षेत्र और अन्य हितधारकों के बीच मजबूत सहयोग को बढ़ावा देना है ताकि महामारी को रोका जा सके।
    • भविष्य में महामारी संकट की स्थिति में बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

WHO के महानिदेशक क्या बोले?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनम घेब्रेसियस ने कहा, ”दुनिया भर की सरकारें अपने देशों और वैश्विक समुदाय को महामारी के खतरों से सुरक्षित बना रही हैं। मैं विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों को कोविड-19 के बाद भविष्य की महामारियों से दुनिया को बेहतर तरीके से बचाने के लिए एक साथ आने का संकल्प लेने के लिए बधाई देता हूं। इस वैश्विक समझौते को विकसित करने के लिए उनका काम यह सुनिश्चित करेगा कि देश अगली महामारी के खतरे को रोकने और उसका जवाब देने के लिए बेहतर, तेज और अधिक समान रूप से एक साथ काम करें।’

इस समझौते के तहत पैथोजन एक्सेस एंड बेनेफिट शेयरिंग सिस्टम (PABS) बनाया जाएगा। इसके लिए एक अंतरसरकारी कार्य समूह स्थापित किया जाएगा। इस पीएबीएस सिस्टम में फार्मा कंपनी भी शामिल की जाएंगी, ताकि महामारी की स्थिति में जल्द से जल्द वैक्सीन तैयार की जा सके।