इंडियन आर्मी के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी ने सिक्किम में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। सिक्किम स्काउट्स के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी 22 मई को उत्तरी सिक्किम में एक ऑपरेशनल टास्क के दौरान एक एक रूट ओपनिंग पैट्रोल का नेतृत्व कर रहे थे, इसी दौरान एक लॉग ब्रिज से एक अग्निवीर साथी का पैर फिसल गया और वह बहने लगा। यह देख 23 साल के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी ने बिना कुछ सोचे समझे नदीं में छलांग लगा दी और साथी को मौत के मुंह से खींचकर बाहर ले आए, लेकिन वह अपनी जान न बचा सके।
पुल से फिसला था स्टीफन सुब्बा का पैर
भारतीय सेना के सिक्किम स्काउट्स के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को छह महीने से भी कम समय पहले 14 दिसंबर 2024 को कमीशन मिला था। सिक्किम में एक टैक्टिकल ऑपरेटिंग बेस (टीओबी) की ओर एक रूट ओपनिंग पेट्रोल का नेतृत्व कर रहे थे, यह एक जरूरी पोस्ट है जिसे भविष्य की तैनाती के लिए तैयार किया जा रहा था। लगभग 11:00 बजे गश्ती दल का एक सदस्य अग्निवीर साथी स्टीफन सुब्बा का पैर एक लॉग ब्रिज (लकड़ी का पुल) को पार करते समय पैर फिसल गया और तेज पहाड़ी धारा में बह गया।
बिना परवाह किए तेज धारा में कूद गए शंशाक तिवारी
सुब्बा को बहता देख लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी ने अपनी असाधारण सूझबूझ, निस्वार्थ नेतृत्व और अपनी टीम के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए, बिना किसी हिचकिचाहट के उसे बचाने के लिए सहज रूप से खतरनाक पानी में छलांग लगा दी। एक अन्य जवान नायक पुकार कटेल भी तुरंत उनकी सहायता के लिए उनके पीछे चले गए। साथ मिलकर, वे डूबते हुए अग्निवीर को बचाने में सफल रहे। हालांकि, लेफ्टिनेंट तिवारी दुर्भाग्य से तेज बहाव में बह गए।
सुबह मिला लेफ्टिनेंट का शव
लेफ्टिनेंट के गश्ती दल ने उन्हें उस दौरान खूब ढूंढने की कोशिश की लेकिन वह जिंदा नहीं बच सके, उनका शव सुबह 11:30 बजे 800 मीटर नीचे की ओर बरामद किया गया। सेना ने कहा कि लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी की वीरतापूर्ण कार्रवाई भारतीय सेना के मूल मूल्यों का एक शानदार उदाहरण है- निस्वार्थ सेवा, ईमानदारी, उदाहरण के तौर पर नेतृत्व और अधिकारियों और जवानों के बीच अटूट बंधन, जो रैंक से परे है और युद्ध और शांति दोनों में पोषित होता है।
ज्वाइनिंग को 6 माह भी नहीं हुआ था
लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी मात्र 23 वर्ष के थे और वह अयोध्या के मझवां गद्दोपुर के रहने वाले थे, आज उनका पार्थिव शरीर देर रात उनके घर पहुंच रहा है। अधिकारी के परिवार में उनके माता-पिता और एक बहन हैं। साल 2019 में उनका सिलेक्शन एनडीए में हुआ था। मिली जानकारी के मुताबिक, शशांक तिवारी बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थे, उन्होंने अपने पहले अटेम्प्ट में ही एनडीए क्रैक किया था। 14 दिसंबर 2024 को उन्हें सेना ने ज्वाइनिंग दी थी।
वृंदावन चौकी प्रभारी दरोगा धीरेन्द्र सिंह को रिश्वत लेने के आरोप में तत्काल निलंबित किया गया।
भाजपा बूथ अध्यक्ष के बेटे से ₹10,000 की रिश्वत लेकर छोड़े जाने का मामला सामने आया।
भाजपा महिला कार्यकर्ता रीना उपाध्याय की शिकायत पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने लिया सख्त संज्ञान।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के हस्तक्षेप पर एसीपी और डीसीपी स्तर पर हुई जांच में आरोप सिद्ध पाए गए।
पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता में विधायक की सक्रियता को लेकर विश्वास और समर्थन और मजबूत हुआ।
लखनऊ, रिपोर्ट: True News UP: सरोजनीनगर विधानसभा के वृंदावन चौकी प्रभारी दरोगा धीरेन्द्र सिंह को भाजपा कार्यकर्ता से रिश्वत लेने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के सख्त हस्तक्षेप और भाजपा महिला कार्यकर्ता रीना उपाध्याय की सक्रिय पहल के चलते संभव हो सकी।
क्या है मामला?
दिनांक 17 मई की रात, भाजपा बूथ अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप सिंह के बेटे को वृंदावन चौकी पुलिस ने किसी मामूली विवाद में हिरासत में ले लिया। परिजनों का आरोप है कि दरोगा धीरेन्द्र सिंह ने युवक को जेल भेजने की धमकी दी और उसे छोड़ने के बदले ₹10,000 की रिश्वत की मांग की। रकम देने के बाद ही युवक को छोड़ा गया।
इस घटना की जानकारी जब भाजपा की सक्रिय महिला कार्यकर्ता रीना उपाध्याय को मिली तो उन्होंने इस पूरे मामले को पहले पार्टी के जिम्मेदार नेताओं और फिर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के संज्ञान में डाला।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का त्वरित एक्शन
विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत गोसाईगंज एसीपी और डीसीपी दक्षिणी से संपर्क किया और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। एसीपी स्तर पर हुई प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद डीसीपी दक्षिणी ने दरोगा के निलंबन की संस्तुति करते हुए विभागीय जांच के आदेश दे दिए।
डीसीपी दक्षिणी ने क्या कहा?
डीसीपी दक्षिणी ने बताया कि दरोगा धीरेन्द्र सिंह का आचरण पुलिस नियमावली और कर्तव्य के विरुद्ध पाया गया है। रिश्वत लेने की पुष्टि होने के बाद तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई है और विभागीय जांच चल रही है।
महिला कार्यकर्ता रीना उपाध्याय की अहम भूमिका
इस मामले में भाजपा महिला कार्यकर्ता रीना उपाध्याय की सक्रियता और साहस तारीफ के काबिल रही। उन्होंने बिना डरे, पार्टी और विधायक तक पूरी सच्चाई पहुंचाई और कार्यकर्ता के सम्मान की रक्षा की।
रीना उपाध्याय ने कहा, “डॉ. राजेश्वर सिंह ने जिस त्वरितता से कार्रवाई की, उन्होंनेहमें यह भरोसा दिलाया कि भाजपा में कार्यकर्ताओं की आवाज न सिर्फ सुनी जाती है, बल्कि उस पर ठोस कदम भी उठाए जाते हैं।”
पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता में संतोष
इस घटना के बाद न सिर्फ भाजपा कार्यकर्ताओं, बल्कि आम जनता में भी विधायक के प्रति विश्वास और सम्मान और अधिक गहरा हुआ है। लोगों का कहना है कि डॉ. सिंह हमेशा जनहित में सक्रिय रहते हैं और भ्रष्टाचार या अन्याय को कभी बर्दाश्त नहीं करते।
यह घटना क्यों है महत्वपूर्ण?
यह साबित करता है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। पुलिसिया भ्रष्टाचार के विरुद्ध विधायक स्तर पर भी सख्त कार्यवाही हो रही है। यहां महिला कार्यकर्ताओं की आवाज को गंभीरता से लिया गया। आम जनता को भी यह संदेश मिला कि वे अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं।
यह घटना सिर्फ रिश्वतखोरी की एक घटना नहीं है, बल्कि एक प्रेरक उदाहरण है कि कैसे एक सजग जनप्रतिनिधि और साहसी महिला कार्यकर्ता मिलकर सिस्टम के भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर सकते हैं।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की संवेदनशीलता और ज़ीरो टॉलरेंस की नीति ने यह साबित कर दिया कि भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
“सौर ऊर्जा केवल विकल्प नहीं, पृथ्वी के भविष्य की जिम्मेदारी है” – डॉ. राजेश्वर सिंह
“ईवी की खरीद पर आकर्षक सब्सिडी, ग्रीन मोबिलिटी में उत्तर प्रदेश बन रहा अग्रणी ” – विधायक राजेश्वर सिंह
” सीएम योगी द्वारा 2030 तक सौर ऊर्जा क्षमता 22,000 MW बढ़ाने का लक्ष्य हरित ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल” – डॉ. राजेश्वर सिंह
“7 महीने में ही खत्म हो जा रहा पृथ्वी का उत्पादन, अगले 5 महीने सिर्फ दोहन” – डॉ. राजेश्वर सिंह
लखनऊ: सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उत्तर प्रदेश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शुक्रवार को सराय शहजादी, बंथरा में राज्य के प्रथम सौर ऊर्जा संचालित इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन मैसिव मोबिलिटी एवं इंजीनियर सोलरवाला द्वारा स्थापित किया गया है। इस अवसर पर विधायक ने कंपनी के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा, “सौर ऊर्जा केवल ऊर्जा का विकल्प नहीं, बल्कि पृथ्वी के भविष्य से जुड़ी एक जिम्मेदारी है। जितना अधिक हम इसका उपयोग करेंगे, उतना ही हम स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”
वायु प्रदूषण और ऊर्जा संकट: समाधान की दिशा में सौर ऊर्जा डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि आज विश्व में वायु प्रदूषण के कारण लगभग 80 लाख लोगों की असामयिक मृत्यु होती है, जिनमें से 25 लाख से अधिक भारत में होती हैं, यह स्थिति अत्यंत भयावह और चेतावनी देने वाली है। उन्होंने कहा, “सौर ऊर्जा न केवल पर्यावरणीय विकल्प है, बल्कि जीवन रक्षा का संकल्प भी है।”
डॉ. सिंह ने अर्थ ओवरशूट डे (Earth Overshoot Day) का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1972 में जब इसकी अवधारणा आई, तब यह 23 दिसंबर को पड़ता था , यानी मनुष्य उस समय तक पृथ्वी के द्वारा साल भर में उत्पन्न संसाधनों का उपभोग करता था। लेकिन आज, 2024 में यह तिथि घटकर 1 अगस्त पर आ गई है, यानी वर्ष के बाकी पाँच महीने हम पृथ्वी का अत्यधिक दोहन करते हैं। यह सतत विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की असफलता का संकेत है।
ईवी क्रांति में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका – डॉ. सिंह ने बताया कि आज विश्व की हर चौथी गाड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) है। भारत में मार्च 2025 तक 20 लाख से अधिक ईवी की बिक्री हो चुकी है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 3.75 लाख से अधिक ईवी पंजीकृत हैं। राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर आकर्षक सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिससे लोगों में इन वाहनों की ओर रुझान बढ़ा है।
उन्होंने बताया कि एक इलेक्ट्रिक वाहन औसतन हर साल 1.5 मिलियन ग्राम CO₂ उत्सर्जन बचा सकता है। ईवी न केवल शून्य प्रदूषण का विकल्प है, बल्कि भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए आयात घाटा कम करने और रुपये को मजबूत करने का एक जरिया भी है। यदि भारत 2030 तक 30% ईवी अपनाता है तो वह हर वर्ष 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तेल आयात लागत बचा सकता है।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ईवी अपनाने की क्रांति – डॉ. सिंह ने कहा कि चीन और नॉर्वे जैसे देश ईवी के क्षेत्र में अग्रणी हैं। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष बेची जाने वाली हर चौथी कार इलेक्ट्रिक होगी। 2024 में वैश्विक ईवी बिक्री 1 करोड़ 70 लाख से अधिक रही और 2025 में यह 2 करोड़ का आंकड़ा पार करने की ओर अग्रसर है। भारत में ईवी की हिस्सेदारी 2020 में 0.7% से बढ़कर 2024 में 6.3% हो गई है। भारत की सड़कों दौड़ने वाली ईवी 1 करोड़ टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन को रोकने में सहायक हैं। यह बदलाव न केवल प्रदूषण को कम करता है, बल्कि रोजगार भी उत्पन्न करता है और सार्वजनिक-निजी निवेश में अब तक 21.5 बिलियन डॉलर से अधिक का योगदान हुआ है।
यूपी के सौर ऊर्जा मिशन की प्रगति – विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सोलर एनर्जी पालिसी -2022 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता निर्माण के लक्ष्य की सराहना की। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश ने 2017 में जहाँ 288 मेगावाट सौर क्षमता से शुरुआत की थी, वहीं 2025 तक यह क्षमता बढ़कर 2,653 मेगावाट तक पहुँच गई है। आने वाले वर्षों में इसे 22,000 मेगावाट तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
इस अवसर पर मैसिव मोबिलिटी के संस्थापक शैलेश विक्रम सिंह, इंजीनियर सोलरवाला के संस्थापक आशीष दीक्षित, विद्याधर दीक्षित, अन्नपूर्णा, राजेश सिंह चौहान, शंकरी सिंह, कर्नल दयाशंकर दुबे, अनिल सिंह, राजेश सिंह, चंदर सिंह, जितेंद्र सिंह पिंकू, अंकुर सिंह (प्रधान प्रतिनिधि), विनय दीक्षित, संजीव मिश्रा फंटन व अन्य मौजूद रहे।
“भाजपा कार्यकर्ताओं के तपोबल से देश को मिली आतंक का मुहतोड़ जबाब देने वाली मोदी सरकार – डॉ. राजेश्वर सिंह
भाजपा कार्यकर्ताओं के कारण भारत बनीं विश्व की चौथी सबसे बड़ी सैन्य और आर्थिक महाशक्ति – डॉ. राजेश्वर सिंह
2014 से पहले कमजोर सरकारें आतंक की कड़ी निंदा करती रहीं और निर्दोष मारे जाते रहे – डॉ. राजेश्वर सिंह
जब तक पकिस्तान के रोल मॉडल बाबर, औरंगज़ेब, तैमूर, ग़ोरी और गजनी हैं, तब तक वहां सुधार असंभव – डॉ. राजेश्वर सिंह
भारत आगे बढ़ रहा है, भारत जितना आगे बढेगा, उतने ही खतरे बढ़ेंगे, इसलिए सबको राष्ट्र प्रथम विचारधारा के साथ एकजुट रहना होगा – डॉ. राजेश्वर सिंह
लखनऊ: जब कोई संगठन मजबूत होता है उसके कार्यकर्ता जागरूक होते हैं तभी वे विपक्ष के आरोपों का सटीक जबाब दे सकते हैं। विपक्ष के नरेटिव को तोड़ सकते हैं, विकास कार्यों और संगठन की विचारधारा को जन – जन तक पहुंचा सकते हैं। इसी लक्ष्य के साथ सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह अपनी विधानसभा क्षेत्र के अलग – अलग मंडलों में कार्यशालों का आयोजन कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को शहीद पथ स्थित होटल वी स्क्वायर में सरोजनीनगर दक्षिण तृतीय मंडल पदाधिकारी सम्मेलन एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाल में न केवल स्थानीय विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई, बल्कि देश और प्रदेश में भाजपा सरकारों द्वारा संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने का भी आह्वान किया गया।
कार्यशाला के दौरान उपस्थित मंडल पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, कोई भी संगठन तब मजबूत होता है, जब उसके योद्धा जागरूक होते हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विकास के कौन से कार्य संचालित हो रहे हैं, पार्टी की क्या विचारधारा है, विपक्षी दल इसे कैसे तोड़ – मरोड़ कर पेश कर रहे हैं, जब तक बूथ अध्यक्षों, पन्ना प्रमुखों को ये जानकारी नहीं होगी तब तक न वे विपक्ष को जबाब दे पायेंगे, न उनके नरेटिव को तोड़ पायेंगे, न ही जनता तक अपनी बात सही से पहुंचा पायेंगे।
विधायक ने आगे जोड़ा हमारे कार्यकर्ताओं को पता होना चाहिए कि किस प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल की स्थापना के सपने को साकार करके दिखाया किस तत्परता से डिफेंस कॉरिडोर स्थापित कराया, कार्यकर्ताओं को जानकारी होनी चाहिए कि कैसे आज दुनिया के 20 से ज्यादा देश भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदना चाहते हैं। विधायक ने बताया सीएम योगी ने देश के 55% एक्सप्रेस वे नेटवर्क को उत्तर प्रदेश में स्थापित करके दिखाया, पहले कानपुर पहुंचने में 2.5 घंटा लगता था, जुलाई में नया एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनने के बाद कानपुर पहुँचने में 45 मिनट ही लगेंगे। सीएम योगी ने स्टेट कैपिटल रीजन की घोषणा की है जो देगा।
डॉ. सिंह ने अपने अभिभाषण में आगे जोड़ा वर्ष 2045 तक मशीन इंटेलिजेंस ह्यूमन इंटेलिजेंस से अधिक हो जायेगी, इसलिए बच्चों को डिजिटल रूप से आगे बढ़ाना है तभी वे ऐसी मशीनों के नियंत्रित और उन्हें ओपरेट कर सकेंगे। युवा पीढ़ी को विकसित भारत – 2047 के सपने के अनुरूप, प्रधानमंत्री के सपने अनुरूप तैयार करना होगा। विधायक ने आगे जोड़ा सीएम योगी नादरगंज में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस सिटी स्थापित करवा रहे हैं, जहाँ अनेक एआई कंपनियां अपना कार्यालय खोलेंगी। जहा युवाओं को इस क्षेत्र में नौकरियों और प्रशिक्षण के अनेक अवसर मिलेंगे।
विधायक ने बताया पीएम मोदी ने विकसित भारत -2047 का लक्ष्य रखा है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित उत्तर प्रदेश एवं राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। विधायक ने बताया उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सीएम योगी ने कानून व्यवथा मजबूत की, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया तभी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 42 लाख करोड़ के निवेश आये, 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर भी उतर चुके हैं, नए प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को नयी ऊँचाइयों पर ले जा रहे हैं, रोजगार – स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे हैं।
पहले 26/ 11 हमला हुआ, लखनऊ, पटना, बंगाल, बैंगलोर वाराणसी जैसे धमाके हुए तब की कमजोर सरकार ने केवल कड़ी निंदा की, फिर भाजपा की सरकार आई जिसने उरी, पुलवामा, पहलगाम की आतंकी घटना का मुहतोड़ जबाब दिया। आज भारत बदल चुका है, हिन्दुस्तान मजबूती से दुनिया के सामने खड़ा है, उसका कारण भाजपा के कार्यकार्ताओं का तपोबल है। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की है यदि अब आगे से आतंकी हमला हुआ तो उसे एक्ट ऑफ़ वार माना जाएगा।
विधायक ने सवाल भरे अंदाज में पूछा क्या पकिस्तान अब सुधर जाएगा ?? पहले क्या हुआ ?? 1960 में सिन्धु जल समझौते के बाद 1665 में हमला हुआ, 1998 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के शान्ति के प्रयासों के तुरंत बाद कारगिल युद्ध हुआ। विधायक ने कहा पकिस्तान कभी सुधर नहीं सकता क्योकि उनके रोल मॉडल बाबर, औरंगज़ेब, तैमूर, ग़ोरी हैं। इन आक्रान्ताओं ने भारत पर तब आक्रमण किया था जब भारत सोने की चिड़िया कहा जाता था, इसलिए हमें पकिस्तान और दूसरे देशों से सतर्क रहना होगा, एकजुट रहना होगा।
विधायक ने आंतरिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड के पास 18 लाख एकड़ जमीन से 39 लाख एकड़ जमीन हो गयी, क्योकि कांग्रेस पार्टी ने वक्फ को मजबूत किया, अब प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान संशोधन कर वक्फ पर नियंत्रण लगाया, भूमि सर्वेक्षण का अधिकार वक्फ ट्रिब्यूनल से हटाकर न्यायालयों को दिया गया। एक राष्ट्र एक चुनाव क्यों जरुरी है – इन विषयों पर कार्यकर्ताओं की अपनी राय होनी चाहिए, जानकारी होनी चाहिए, आज जनसांख्यिकी परिवर्तन हो रहा है, पूर्वोत्तर में 80% तक जनसांख्यिकी बदल चुकी है। केरल, पश्चिम बंगाल ही नहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश में भी तेजी से जनसांख्यिकीपरिवर्तन हुआ है। कार्यकार्ताओं को ये जानकारी होनी चाहिए तभी वे जनता तक अपनी बात मजबूती से रख पायेंगे। आज भारत आगे बढ़ रहा है, भारत जितना आगे बढेगा, उतने ही खतरे बढ़ेंगे, इस लिए सबको साथ रहना है, पार्टी को मजबूत करेंगे तो देश मजबूत होगा, यही हमारा लक्ष्य यही पार्टी का संकल्प है।
महानगर अध्यक्ष का संबोधन – भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह की प्रसंशा करते हुए कहा कि, सरोजनीनगर विधायक सरल, सौम्य, सेवा और विकास को सर्वाधिक समर्पित रहते हैं। डॉ. राजेश्वर सिंह ने महिला सशक्तिकरण की नयी मिसाल गढ़ते हुए 150 से ज्यादा तारा शक्ति सिलाई सेंटर खुलवाये हैं। डॉ. राजेश्वर सिंह सेवा और विकास की अप्रतिम मिसाल हैं। महानगर अध्यक्ष ने आगे जोड़ा कि सरोजनीनगर में नाली, सड़क, बिजली पानी तो छोड़ दीजिये ब्रह्मोस मिसाइल, अशोक लीलैंड बस फैक्ट्री की स्थापना जैसे बड़े – बड़े काम हो रहे हैं। अब लखनऊ की पहचान चिकनकारीगरी से नहीं ब्रह्मोस मिसाइल से होगी।
मेधावियों को लैपटॉप प्रदान कर किया सम्मानित – इस अवसर पर विधायक डॉ. सिंह ने इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सरोजनीनगर के 3 मेधावियों अर्पिता चंद्रा (95%) D/O अपर्णा भारती (महिला मोर्चा महामंत्री), मोहित शर्मा (93%) S/O रेखा शर्मा, अनुष्का शर्मा D/O जयश्री शर्मा (जिला सह संयोजक) को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष विनोद मौर्या, रमा शंकर त्रिपाठी, राज कुमार सिंह, कर्नल दयाशंकर दुबे, शंकरी सिंह, पार्षद के.एन. सिंह, ब्रजमोहन शर्मा, संजीव अवस्थी एवं मनोज रावत, यू एन सिंह, महानगर विधानसभा प्रभारी उमेश तिवारी, महामंत्री अल्पसंख्यक मोर्चा शेरअली ख़ान, जितेंद्र सिंह, रीना उपाध्याय, रश्मी सिंह, सुधा सिंह, बजरंग सिंह, मनोज कुमा, शिव प्रकाश मिश्र, ए.पी.एस. राठौर, शिव बिरंच दुबे, पप्पू पांडे, सोनू शुक्ला बाबा, राजन मिश्रा, विनय सूदन, डॉक्टर पी. के. गुप्ता, जानकी अधिकारी, सरला सिंह, संजीव मिश्रा फंटन एवं अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।
कपूरथला, पंजाब राज्य का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है, जो अपनी भव्य वास्तुकला, शाही इतिहास और अद्भुत पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। यह शहर न केवल पंजाब, बल्कि पूरे भारत में एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है। कपूरथला का सांस्कृतिक वैभव, ऐतिहासिक किले, महल और खूबसूरत बगीचे यहाँ आने वाले पर्यटकों को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं कपूरथला के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में।
1. कपूरथला महल (Kapurthala Palace)
कपूरथला का सबसे प्रमुख आकर्षण है कपूरथला महल, जिसे “पंजाबी वर्साय” के नाम से भी जाना जाता है। यह महल फ्रांसीसी वास्तुकला से प्रेरित है और इसकी भव्यता और आकर्षण पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। महल के अंदर शानदार कमरे, खूबसूरत गैलरी और विस्तृत बगीचे हैं। महल की संरचना और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि इसे कपूरथला का प्रमुख पर्यटन स्थल बनाती है। यहाँ का बगीचा और झील पर्यटकों को शांति और सौंदर्य का अनुभव कराते हैं।
2. शाही मस्जिद (Shahi Mosque)
कपूरथला में स्थित शाही मस्जिद एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, जो अपनी अद्भुत वास्तुकला और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। इस मस्जिद को कपूरथला के तत्कालीन शाही परिवार द्वारा बनवाया गया था। मस्जिद का शाही और भव्य रूप पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ की आंतरिक सजावट और विस्तृत बगीचों में भ्रमण करते हुए लोग शांति का अनुभव करते हैं।
3. सुंदरबाग (Sunder Bagh)
सुंदरबाग, कपूरथला का एक और प्रमुख आकर्षण है। यह बगीचा कपूरथला महल के पास स्थित है और इसकी सुंदरता पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती है। यहाँ की हरियाली, फूलों की सुगंध और शांत वातावरण आपको एक अद्भुत अनुभव प्रदान करते हैं। सुंदरबाग में घूमने से पर्यटकों को पंजाब की प्राकृतिक सुंदरता का अहसास होता है।
कपूरथला ज्यूडिशियल किला भी एक ऐतिहासिक स्थल है, जो इस क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। इस किले की वास्तुकला और इसे बनाने की शैली अत्यंत रोचक है। किला आज भी अपनी भव्यता और ऐतिहासिक धरोहर को बनाए हुए है। किले के चारों ओर फैला हरित क्षेत्र और इसके प्राचीन कक्ष पर्यटकों को बहुत आकर्षित करते हैं।
5. गुलाबबाग (Gulab Bagh)
कपूरथला का गुलाबबाग एक शानदार बगीचा है, जो विशेष रूप से अपनी गुलाब की झाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ विभिन्न प्रकार के गुलाबों का संग्रह देखने को मिलता है, जो बाग को एक अद्वितीय सुंदरता प्रदान करते हैं। गुलाबबाग की सैर करते हुए पर्यटक गुलाबों की खूबसूरती और बाग के शांत वातावरण का आनंद लेते हैं। यह स्थान फूलों के शौकिनों के लिए आदर्श है।
6. चरणबीर बाग (Charanbir Bagh)
चरणबीर बाग कपूरथला का एक ऐतिहासिक बाग है, जो अपने अद्भुत सौंदर्य और शाही संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। इस बाग में कई आकर्षक फूल और पेड़-पौधे हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। बाग में स्थित ऐतिहासिक स्मारक और शाही महल इस स्थान को और भी खास बनाते हैं। यहाँ घूमते हुए पर्यटक प्रकृति के साथ-साथ इतिहास की समृद्धि को भी महसूस कर सकते हैं।
7. फव्वारा (Fawara)
फव्वारा कपूरथला के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। यह एक खूबसूरत और आकर्षक फव्वारा है, जो शहर के बीच स्थित है। इसके आसपास का माहौल और पानी के बहाव का दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। यहाँ पर अक्सर लोग आराम करने के लिए आते हैं और शहर की हलचल से दूर शांति का अनुभव करते हैं।
8. शहीदी स्मारक (Shaheedi Smarak)
कपूरथला के शहीदी स्मारक में भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। यह स्मारक उन वीर शहीदों की याद में बनवाया गया था जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यह स्थल इतिहास प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण और शिक्षाप्रद स्थल है।
कपूरथला एक ऐसा शहर है, जहाँ ऐतिहासिक धरोहर, शाही महल, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत मिश्रण है। कपूरथला महल, शाही मस्जिद, सुंदरबाग और गुलाबबाग जैसे स्थल इस शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धि को दर्शाते हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल पंजाब की लोक कला और संस्कृति से परिचित होते हैं, बल्कि वे यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहर का भी आनंद लेते हैं। अगर आप इतिहास, वास्तुकला और प्रकृति प्रेमी हैं, तो कपूरथला की यात्रा आपके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित हो सकती है।