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लखनऊ के सरोजनीनगर में मंडल पदाधिकारी सम्मेलन: भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कार्यकर्ताओं में जागृत किया राष्ट्रवाद का नवस्वर

  • 6 मंडलों की 6 कार्यशालाएं: 1500 से अधिक पदाधिकारी, राष्ट्र रक्षा का संकल्प
  • डॉ. राजेश्वर सिंह: भाजपा कार्यकर्ता बनें राष्ट्रवाद के सजग सिपाही
  • सरोजनीनगर बना संगठनात्मक ऊर्जा का केंद्र, कार्यकर्ता बने सरकार के ब्रांड एंबेसडर
  • डिजिटल युद्ध और साइबर हमलों के प्रति कार्यकर्ताओं और युवाओं को किया सतर्क – साइलेंट वारफेयर की दी चेतावनी
  • संगठन सशक्त, निष्ठा प्रखर: राष्ट्र प्रथम विचारधारा को किया मजबूत

लखनऊ: सरोजनीनगर में शनिवार को सम्पन्न मंडल पदाधिकारी सम्मेलन में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने राष्ट्रवाद की नई चेतना को जागृत किया। छह मंडलों में सम्पन्न इन कार्यशालाओं में 1500 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, और सभी ने “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना के साथ राष्ट्र रक्षा का संकल्प लिया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया कि आज भारत को ऐसी सरकार चाहिए जो जनसंख्या असंतुलन, अवैध धर्मांतरण, अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर स्पष्ट और कड़ा स्टैंड ले सके। यह केवल भाजपा ही कर सकती है। यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करना, डिजिटल युद्ध के प्रति तैयार रहना, वामपंथी-इस्लामी गठजोड़ का मुकाबला करना—इन सभी के लिए एक मजबूत पार्टी और मजबूत सरकार की आवश्यकता है।

सम्मेलन में बच्चों का सम्मान, प्रेरणा की नई परंपरा

सम्मेलन में मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया: कृष्णा द्विवेदी (92%), अनिमेष पाण्डेय (92%), अंश सिंह (88%) इन सभी को लैपटॉप भेंटकर सम्मानित किया गया।

डॉ. सिंह का आह्वान: “युवाओं को बनना होगा डिजिटल योद्धा”
उन्होंने कहा कि आज का युग केवल बंदूक और बम का नहीं, बल्कि सर्वर और सिग्नल का युद्ध है। आने वाले वर्षों में मानसिक और मनोवैज्ञानिक युद्ध होंगे, जहाँ युवाओं के मन, सोशल मीडिया, डेटा, और भावनाओं को हथियार बनाया जाएगा। यह युद्ध जाति, धर्म और क्षेत्र के नाम पर समाज को विभाजित कर सकता है—इसलिए कार्यकर्ताओं और युवाओं को आत्म-सजग, आत्मनिर्भर और साइबर सशस्त्र होना पड़ेगा।

Silent Warfare: भारत की नई सुरक्षा चुनौती
डॉ. सिंह ने बताया कि “Silent Warfare” अब सबसे खतरनाक चुनौती है। 2023 में वैश्विक साइबर अपराधों से 10.5 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। भारत में 2022 में 13 लाख साइबर अपराध दर्ज हुए। प्रति माह औसतन 15 लाख साइबर हमले होते हैं। 2020 में चीन समर्थित हैकर्स ने मुंबई पावर ग्रिड पर हमला किया। 2022 में AIIMS दिल्ली का डेटा लीक हुआ, जिसमें 4 करोड़ मरीजों का रिकॉर्ड चोरी हुआ।

सरोजनीनगर: अब रक्षा और विज्ञान का शक्ति केंद्र
ब्रह्मोस मिसाइल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन सरोजनीनगर को सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बना रहा है। PTC इंडस्ट्रीज़ द्वारा 300 करोड़ के निवेश से रक्षा निर्माण बढ़ेगा। फॉरेंसिक संस्थान, आपदा प्रबंधन केंद्र, नेवल वॉर म्यूजियम, और 10,000 क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर सरोजनीनगर को राष्ट्रस्तरीय पहचान दे रहे हैं। EFLU (English & Foreign Languages University) का नया परिसर युवाओं को वैश्विक शिक्षा देगा।

लखनऊ बना आर्थिक ऊर्जा का इंजन
2400 बसें प्रति वर्ष अशोक लेलैंड फैक्ट्री से बनेंगी। 1,800 युवाओं को मिलेगा रोजगार। लखनऊ राज्य की जीडीपी में 4% का योगदान दे रहा है। एजुकेशन, वेलनेस, IT और मैनेजमेंट सिटीज़ की 4 टाउनशिप विकसित हो रही हैं।

भाजपा ही भविष्य की चुनौतियों का समाधान है
डॉ. सिंह ने कहा: “विपक्ष की राजनीति भारत को रोकना चाहती है, भाजपा की नीति भारत को आगे बढ़ाना चाहती है।
हमारी विचारधारा है राष्ट्र पहले, अन्त्योदय अंतिम लक्ष्य। केवल भाजपा कार्यकर्ता ही इस विचारधारा के सच्चे संवाहक बन सकते हैं।”

सम्मेलन में प्रमुख भाजपा नेता रहे उपस्थित
सम्मेलन में महानगर विधानसभा प्रभारी उमेश तिवारी, मंडल अध्यक्ष शिव शंकर विश्वकर्मा, मंडल महामंत्री श्याम मोहन गुप्ता, मंडल महामंत्री नीरज शर्मा, मंडल उपाध्यक्ष राजकपूर वर्मा, मंडल उपाध्यक्ष अखिलेश त्रिपाठी, रमा शंकर त्रिपाठी, आर.पी. सिंह, गंगाराम भारती, गंगा राम अंबेडकर, भगवान शंकर त्रिवेदी, अवधेश बाजपेयी, शैलेंद्र सिंह, अखिलेश सिंह,पार्षद कौशलेंद्र द्विवेदी, हिमांशु अंबेडकर, के एन सिंह, विमल तिवारी, कमलेश सिंह, अमित वर्मा, नितेश बासड़े, आंनद शुक्ला, विमल सिंह, राजकुमारी, रमेश शर्मा, सुनील शर्मा, सुनीता लांबा, कार्तिकेय दीक्षित, मंजुलता सोनी, दीपा त्रिवेदी, शिखर त्रिवेदी, नीता दीक्षित, राहुल मिश्रा, अमरीश मौर्या, राजू रावत, करुणा सारस्वत, रंजना मिश्रा एवं अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।

32 वर्षीय अभिनेत्री ने कान्स में किया धमाकेदार डेब्यू, कपूर परिवार की बहू बनकर ऐसे नजर आईं जैसे राजकुमारी

बॉलीवुड की खूबसूरत और सबसे चर्चित एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने कान्स 2025 के रेड कार्पेट पर एंट्री करते ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कान्स फिल्म फेस्टिवल में आलिया भट्ट का धमाकेदार डेब्यू हो गया है। सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस का लुक तेजी से वायरल हो रहा है। गाउन में एक्ट्रेस किसी डिज्नी प्रिंसेस से कम नहीं लग रही थीं। हर कोई उनके पहले लुक को लेकर बहुत एक्साइटेड था। आलिया का फर्स्ट लुक अब रिवील हो चुका है। उन्होंने पीच कलर का गाउन पहना है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्ट्रेस की खूबसूरत तस्वीरों और वीडियो की बाढ़ आ गई है।

आलिया भट्ट ने फ्लोरल गाउन में किया कान्स डेब्यू

आलिया ने पीच कलर का पेस्टल फ्लोरल गाउन में अपना कान्स डेब्यू किया। इस ऑफ शोल्डर गाउन में अपने लुक को एक्ट्रेस ने बालों में बन बनाकर, ग्लोसी मेकअप और क्लासिक स्टड इयररिंग्स के साथ पूरा किया है। इसमें उनका टोंड फिगर भी दिख रहा है। आलिया के इस रफल गाउन पर फूलों से डिजाइन बना हुआ है। इसे बहुत ही बारीकी के साथ तैयार किया गया है। आलिया भट्ट ने डिजाइनर Schia Parelli द्वारा डिजाइन बॉडी फिटेड गाउन कैरी कर महफिल लूट ली। आलिया लॉरियल ब्रांड से जुड़ी हैं, जो फेस्टिवल का ऑफिशियल ब्यूटी पार्टनर हैं।

कान्स में बनठन कर पहुंचीं एक्ट्रेस

वहीं कान्स में जाने से पहले आलिया ने अपने लुक की झलक खुद इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इसमें एक्ट्रेस हाथ में एक पंखा लिए अपना फेस छुपाती नजर आई थी। इस साल कान्स के रेड कार्पेट पर ऐश्वर्या राय बच्चन, जाह्नवी कपूर, करण जौहर, शर्मिला टैगोर, अनुष्का सेन, अदिति राव हैदरी, रुचि गुज्जर और उर्वशी रौतेला जैसी अन्य भारतीय हस्तियां भी शामिल हुईं। पिछले हफ्ते, यह बताया गया था कि आलिया ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इस साल इस कार्यक्रम को छोड़ने का फैसला किया है। हालांकि, बाद में पता चला कि वह इस इवेंट में भाग लेंगी।

‘रामायण’ की अभिनेत्री ने अमिताभ बच्चन की पत्नी बनकर बनाई थी पहचान, आज गुजर रही हैं इस हालात से

रामानंद सागर की ‘रामायण’ में नजर आने वाला हर किरदार बेहद खास है। इसकी स्टार कास्ट ने अपनी एक्टिंग से लोगों के दिलों में अलग छाप छोड़ है। इतना ही नहीं सभी कलाकारों ने ऑनस्क्रीन रामायण के पात्रों को अपने दमदार अभिनय से अमर कर दिया। इस धारावाहिक में काम करने वाले कई कलाकार दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।  लेकिन, एक एक्ट्रेस ऐसी भी थीं जिन्होंने अपने पति की मौत के बाद एक्टिंग की दुनिया को अलविदा कह दिया। हम बात कर रहे हैं सिनेमा जगत में भी अपना नाम कमाने में कामयाब रही पद्मा खन्ना कीं। टेलीविजन स्क्रीन के अलावा बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर चुकी एक्ट्रेस पद्मा की जिंदगी में एक वक्त ऐसा आया जब वह सबकुछ छोड़ अमेरिका में शिफ्ट हो गईं।

अमिताभ बच्चन की हीरोइन थीं डांसिंग क्वीन

‘रामायण’ में कैकेयी का किरदार निभाकर पद्मा खन्ना घर-घर में मशहूर हो गईं। वह कभी सिनेमा की बेहतरीन अदाकारा और डांसिंग क्वीन हुआ करती थीं। कई फिल्मों में नजर आ चुकी पद्मा ने फिल्म ‘सौदागर’ में अमिताभ बच्चन की पत्नी का किरदार निभाया था। इतना ही नहीं वह 1972 में आई ‘पाकीजा’ में मीना कुमारी की डबल बॉडी भी बन चुकी हैं। दरअसल, शूटिंग के बीच ही मीना कुमारी की तबीयत खराब हो गई थी। उस दौरान बचा हुआ शूट पद्मा ने पूरे किए थे। साल 1973 में रिलीज हुई ‘गद्दार’ में पद्मा खन्ना के साथ नागार्जुन, प्राण, विनोद खन्ना और योगिता बाली भी थे। इस मूवी को IMDb पर 8.3 रेटिंग मिली है। एक्ट्रेस की ये फिल्म IMDb लिस्ट में नंबर 1 पर है।

पद्मा खन्ना अभी कहां है?

अपने अभिनय, डांस और किरदार से लाखों दिलों पर राज करने वाली पद्मा खन्ना कई फिल्मों में बतौर कैबरे डांसर मशहूर हुई थीं। पद्मा खन्ना ने साल 1986 में फिल्म डायरेक्टर जगदीश सिदाना से शादी के बाद, उन्होंने अभिनय से संन्यास ले लिया और अमेरिका चली गईं। अब वह न्यू जर्सी के इसेलिन में इंडियनिका डांस अकादमी नाम से एक डांस स्कूल चलाती हैं। वहां वह अपने बच्चों नेहा और अक्षर के साथ जिंदगी बिता रही हैं। पति के निधन के बावजूद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कमबैक का नहीं सोचा और विदेश में ही रह रही हैं।

अगर आप गुजरात घूमने का प्लान बना रहे हैं तो इन जगहों की सैर जरूर करें, ट्रिप बन जाएगी यादगार

गुजरात घूमने जा रहे लोगों के लिए जरूरी है कि वह वहां के फेमस टूरिस्ट स्पॉट घूमने जरूर जाएं। क्योंकि जब भी आप किसी जगह पर घूमने के लिए जाते हैं। तो सबसे पहले आपके दिमाग में वही लोकेशन आती हैं। जिनके बारे में वह शहर जाना जाता है। गुजरात में कई ऐसी जगहें हैं, जिसको देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। ऐसे में अगर आप इन फेमस जगहों पर घूमने नहीं जाते हैं, तो आपको यकीनन अफसोस होगा। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको गुजरात की कुछ फेमस जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं। ऐसे में आपको गुजरात की इन फेमस जगहों पर घूमने जरूर जाना चाहिए।

गिर राष्ट्रीय उद्यान

गिर राष्ट्रीय उद्यान भारत के फेमस उद्यानों में से एक है। इसको देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। गिर राष्ट्रीय उद्यान एशिया में सिंहों का एकमात्र निवास स्थान माना जाता है। यहां पर आप सफारी का भी आनंद ले सकते हैं। वहीं इस उद्यान में आपको कई तरह के प्रजातियों वाले जीव देखने को मिलेंगे। ऐसे में गुजरात आने के बाद आपको यहां जरूर आना चाहिए।

सोमनाथ मंदिर

आपको सोमनाथ मंदिर के भी दर्शन के लिए जाना चाहिए। यह भारत के प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिरों में से एक है। भगवान शिव के भक्त दूर-दूर से इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। यह मंदिर शिव के बारह ज्योतिर्लिगों में से एक है। अरब सागर के तट पर स्थिति यह मंदिर खूबसूरत होने के साथ चमत्कारी भी माना जाता है। बताया जाता है कि सोमनाथ मंदिर में सच्चे मन से दर्शन करने वाले लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छी जगहों में से एक है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

बता दें कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची भव्य प्रतिमा देश की सबसे बड़ी प्रतिमाओं में से एक है। साल 2018 में पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। यह गुजरात का फेमस टूरिस्ट स्पॉट है। यहां का सुंदर नजारा काफी आकर्षित करता है। ऐसे में आप यदि गुजरात आ रहे हैं, तो आपको यहां आना अच्छा लगेगा।

पाकिस्तान में अब सूखे का खतरा बढ़ता जा रहा है, पाकिस्तानी नेता ने सिंधु जल संधि के निलंबन को ‘जल बम’ करार दिया

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया ही है। साथ ही पाकिस्तान के कई एयरबेस को भी तबाह कर दिया। इसके पहले भारत ने सिंधु जल संधि के निलंबित कर दिया। इसके बाद से पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। पाकिस्तान में इसे ‘वाटर’ बम तक कहा जा रहा है।

वाटर बम को निष्क्रिय करने की अपील

भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान के एक विपक्षी नेता ने शुक्रवार को सरकार से देश में अकाल से बचने के लिए ‘वाटर बम’ को ‘निष्क्रिय’ करने का आग्रह किया है।

पानी को लेकर युद्ध जैसी भविष्यवाणियां

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सीनेटर अली जफर ने सीनेट को बताया, ‘पानी की कमी हम पर थोपा जा रहा युद्ध है। 21वीं सदी में पानी को लेकर युद्ध लड़े जाने की भविष्यवाणियां सच साबित हो रही हैं।’

अकाल का करना पड़ सकता है सामना

उन्होंने कहा, ‘अगर हम जल के अपने मुद्दों को हल नहीं करते हैं, तो हमें अकाल का सामना करना पड़ सकता है। सिंधु हमारी जीवन रेखा है। यह वास्तव में हमारे ऊपर लटका एक ‘वाटर बम’ है, जिसे हमें निष्क्रिय करना होगा।’

पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए थे 26 लोग

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक कदमों की घोषणा की थी। इसमें सिंधु जल संधि (IWT) को निलंबित करना भी शामिल है। इस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे।