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इन तीनों स्टार किड्स का फिल्म इंडस्ट्री से है खास जुड़ाव, जिनमें से दो एक्टिंग में कदम रखकर बन चुकी हैं एक्ट्रेस

अनुष्का रंजन द्वारा शेयर की गई एक तस्वीर ने इंटरनेट यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। थ्रोबैक गोल्ड में अनुष्का के साथ शाहीन भट्ट और सोनाक्षी सिन्हा की बचपन की तस्वीरें हैं। एक साथ एक पार्टी में ग्रुप फोटो के लिए पोज देते हुए, तीनों स्टार किड्स बहुत प्यारे लग रहे थे। प्रिंटेड आउटफिट पहने अनुष्का और शाहीन दोनों ही क्यूट लग रही थीं। इस तस्वीर की सबसे खास बात सोनाक्षी सिन्हा का चश्मा था। इस थ्रोबैक फोटो को अनुष्का ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था और लिखा, ‘हे भगवान!’ सोशल मीडिया पर इस वक्त ये तस्वीर जबरदस्त चर्चा में बनी हुई है।

ये तीनों हसीनाएं हैं इंडस्ट्री की शान 

प्यारी सी गोल आंखें, गोल-मटोल गाल और मासूमियत से भरपूर सोनाक्षी सिन्हा का चेहरा फोटो में अपनी खूबसूरती से सब का दिल जीत रहा है। वह एक प्यारी पोनीटेल और गोल चश्मे के साथ एक ब्लैक ड्रेस पहने हुए दिखाई दे रही हैं, जिसमें वह बहुत क्यूट लग रही हैं। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट को फिर से शेयर करते हुए लिखा, ‘यार, मेरा चश्मा एक वाइब सेट कर रहा है।’ अनुष्का रंजन और सोनाक्षी सिन्हा आज इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस की लिस्ट में शुमार हैं और वहीं फिल्म मेकर महेश भट्ट की बेटी और आलिया भट्ट की बहन शाहीन भट्ट राइटर हैं। खास बात यह है कि अनुष्का रंजन एक एक्ट्रेस होने के साथ-साथ मॉडल भी हैं। उन्होंने मनीष मल्होत्रा, विक्रम फडनीस, नीता लुल्ला, प्रिया कटारिस पुरी, बबीता मलकानी, एमी बिलिमोरिया और कई अन्य मशहूर डिजाइनरों के लिए मॉडलिंग की है।

भाई की फिल्म से धूम मचाएंगी सोनाक्षी

सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल ने जून 2024 में एक-दूसरे से शादी की। इस शादी में घरवाले और करीबी रिश्तेदार शामिल हुए थे। दोनों ने 2022 में रिलीज होने वाली ‘डबल एक्सएल’ में स्क्रीन स्पेस शेयर किया था। अब एक्ट्रेस जल्द ही ‘जटाधारा’ के साथ टॉलीवुड डेब्यू के लिए तैयार हैं। यह फिल्म वेंकट कल्याण द्वारा निर्देशित है। फिल्म में सुधीर बाबू के साथ, शिल्पा शिरोडकर, रेन अंजलि और दिव्या विज भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा सोनाक्षी के साथ निकिता ‘रॉय’ भी हैं। इस फिल्म का निर्देशन उनके भाई कुश एस सिन्हा ने किया है।

अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के डॉ. संदीप कटियार को “ब्रोंकोकॉन 2025” में सम्मानित किया गया: इंडियन एसोसिएशन फॉर ब्रोंकोलॉजी के 27वें राष्ट्रीय सम्मेलन में मिला विशेष सम्मान

अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के डॉ. संदीप कटियार को "ब्रोंकोकॉन 2025" में सम्मानित किया गया: इंडियन एसोसिएशन फॉर ब्रोंकोलॉजी के 27वें राष्ट्रीय सम्मेलन में मिला विशेष सम्मान
अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के डॉ. संदीप कटियार को "ब्रोंकोकॉन 2025" में सम्मानित किया गया: इंडियन एसोसिएशन फॉर ब्रोंकोलॉजी के 27वें राष्ट्रीय सम्मेलन में मिला विशेष सम्मान
अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के डॉ. संदीप कटियार को "ब्रोंकोकॉन 2025" में सम्मानित किया गया: इंडियन एसोसिएशन फॉर ब्रोंकोलॉजी के 27वें राष्ट्रीय सम्मेलन में मिला विशेष सम्मान

कानपुर/लखनऊ: कानपुर के प्रतिष्ठित अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. संदीप कटियार को हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित इंडियन एसोसिएशन फॉर ब्रोंकोलॉजी के 27वें राष्ट्रीय सम्मेलन ‘ब्रोंकोकॉन 2025’ में भाग लेने का विशेष सम्मान प्राप्त हुआ। डॉ. कटियार को थोरैकोस्कोपी कार्यशाला के संकाय के रूप में चुना गया, जहाँ उन्होंने ‘सेमी-रिजिड थोरैकोस्कोप के साथ चरण-दर-चरण थोरैकोस्कोपी’ विषय पर अपनी विशेषज्ञता साझा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मुख्य सम्मेलन सत्रों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई और इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी के क्षेत्र में देश के कुछ अग्रणी विशेषज्ञों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

डॉ. कटियार ने बताया कि, “ब्रोंकोकॉन 2025 में भाग लेना मेरे लिए एक अत्यंत सम्मान की बात रही। विशेष रूप से थोरैकोस्कोपी कार्यशाला में संकाय सदस्य के रूप में ‘सेमी-रिजिड थोरैकोस्कोप के साथ चरण-दर-चरण थोरैकोस्कोपी’ विषय पर प्रस्तुति देना मेरे लिए एक समृद्ध अनुभव था। इस मंच पर देश के अग्रणी इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजिस्ट्स के साथ विचार साझा करने और नवीनतम तकनीकों पर संवाद करने का अवसर मिला। मैं इंडियन एसोसिएशन फॉर ब्रोंकोलॉजी का धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने मुझे इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का हिस्सा बनने का अवसर दिया। यह अनुभव न केवल पेशेवर रूप से बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी बेहद प्रेरणादायक रहा।”

डॉ. संदीप कटियार का ब्रोंकोकॉन 2025 में योगदान अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के लिए गर्व की बात है। इस उपलब्धि ने अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर एक सम्मानित चिकित्सा संस्थान के रूप में पहचान दिलाई है। ‘सेमी-रिजिड थोरैकोस्कोप के साथ चरण-दर-चरण थोरैकोस्कोपी’ पर उनकी कार्यशाला ने फेफड़ों के रोगों के इलाज में उनकी विशेषज्ञता को साबित किया है।

इस सम्मान से यह साफ है कि डॉ. कटियार और अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल दोनों ही मरीजों को बेहतर इलाज देने के साथ-साथ नई तकनीकों और चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने में लगातार काम कर रहे हैं। उनकी इस सफलता से पूरे अपोलो परिवार को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिली है, जिससे भविष्य में अस्पताल के सभी चिकित्सा कार्यक्रम और भी बेहतर बन सकें।

राजनीतिक और सांस्कृतिक समन्वय का साक्षी बना लखनऊ: सुप्रसिद्ध चुनावी रणनीतिकार शांतनु सिंह के विवाह समारोह में सपरिवार शामिल हुए आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश

राजनीतिक और सांस्कृतिक समन्वय का साक्षी बना लखनऊ: अयोध्या निवासी शांतनु सिंह एवं मांडवी के विवाह समारोह में आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश और उनकी पत्नी ब्राह्मणी की विशेष उपस्थिति
राजनीतिक और सांस्कृतिक समन्वय का साक्षी बना लखनऊ: अयोध्या निवासी शांतनु सिंह एवं मांडवी के विवाह समारोह में आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश और उनकी पत्नी ब्राह्मणी की विशेष उपस्थिति
राजनीतिक और सांस्कृतिक समन्वय का साक्षी बना लखनऊ: अयोध्या निवासी शांतनु सिंह एवं मांडवी के विवाह समारोह में आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश और उनकी पत्नी ब्राह्मणी की विशेष उपस्थिति
  • लखनऊ के गोल्डन ब्लॉसम रिसॉर्ट में हुआ शांतनु सिंह और मांडवी का भव्य विवाह समारोह।
  • समारोह में आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश और उनकी पत्नी ब्राह्मणी ने की विशिष्ट उपस्थिति।
  • नारा लोकेश, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू के पुत्र हैं और मानव संसाधन विकास एवं आईटी मंत्री हैं।
  • वधूवर शांतनु सिंह, प्रसिद्ध चुनावी रणनीतिकार हैं, जिनका योगदान कई राज्यों की ऐतिहासिक जीत में रहा है।
  • श्री सिंह ने प्रशांत किशोर के साथ करियर शुरू कर बिहार, बंगाल, आंध्र प्रदेश में चुनावी सफलता दिलाई।
  • आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने श्री सिंह की रणनीति और भविष्य दृष्टि की प्रशंसा की, इसे राजनीति में युवाओं की सकारात्मक भागीदारी का उदाहरण बताया।

लखनऊ, True News Up ब्यूरो: लखनऊ शहर एक ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बना जब 21-22 मई 2025 को आयोजित शांतनु सिंह एवं मांडवी के विवाह समारोह में राजनीति, संस्कृति और सामाजिक गरिमा का अनुपम संगम देखने को मिला। गोल्डन ब्लॉसम रिसॉर्ट में सम्पन्न यह विवाह समारोह सिर्फ एक पारिवारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक चेतना और सामाजिक सौहार्द्र का अद्वितीय मंच भी बना।

आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश की सपरिवार गरिमामयी उपस्थिति

विवाह समारोह की सबसे उल्लेखनीय बात रही आंध्र प्रदेश सरकार के मानव संसाधन विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, नारा लोकेश की विशेष उपस्थिति। वे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के पुत्र हैं और दक्षिण भारत के राजनीतिक क्षितिज पर एक तेजस्वी नेता के रूप में स्थापित हैं। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी नारा ब्राह्मणी, जो स्वयं एक शिक्षित और प्रभावशाली महिला उद्यमी हैं, ने भी समारोह की शोभा बढ़ाई। दोनों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।

चुनावी रणनीति के उभरते शिल्पकार हैं शांतनु सिंह

विवाह समारोह में सम्मिलित होने का मुख्य आकर्षण शांतनु सिंह की सशक्त और प्रेरक राजनीतिक पृष्ठभूमि रही। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जनपद से संबंध रखने वाले श्री सिंह एक दशक से अधिक समय से राष्ट्रीय राजनीति में चुनावी रणनीतिकार के रूप में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रसिद्ध रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ की और 2015 बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के चुनावी अभियान में रणनीतिक सहयोग दिया, जिससे तृणमूल कांग्रेस ने भारी बहुमत से सरकार बनाई।

इसके पश्चात वे आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े और मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में पार्टी को सत्ता दिलाने में योगदान दिया। सबसे ताजे उदाहरण के रूप में, 2025 आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी रणनीति ने तेलुगु देशम पार्टी को भारी बहुमत दिलाया, जिससे एन. चंद्रबाबू नायडू पुनः मुख्यमंत्री बनने में सफल हुए। इस सफल ट्रैक रिकॉर्ड ने शांतनु सिंह को देश के शीर्ष रणनीतिकारों की सूची में ला खड़ा किया है। उत्तर भारत विशेषकर उत्तर प्रदेश में वे अब एक प्रभावशाली युवा नेतृत्व और चुनावी रणनीति के सशक्त स्तंभ के रूप में पहचान बना रहे हैं।

राजनीतिक हस्तियों की प्रतिक्रिया

समारोह में उपस्थित नारा लोकेश ने श्री सिंह की राजनीतिक सूझबूझ और कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि “भारत के राजनीतिक परिदृश्य को नई दिशा देने वाले युवाओं की आज आवश्यकता है, और शांतनु सिंह निश्चित रूप से उनमें से एक हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर और दक्षिण भारत के इस मिलन से भारतीय राजनीति में सांस्कृतिक सौहार्द्र और वैचारिक आदान-प्रदान को नया बल मिलेगा। वहीं, उनकी पत्नी ब्राह्मणी ने वर-वधू को आशीर्वाद देते हुए विवाह को “दो परिवारों के साथ दो राज्यों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर” बताया।

समारोह की छटा और आयोजन की विशेषता

विवाह समारोह में पारंपरिक भारतीय रीति-रिवाजों और आधुनिक आयोजन शैलियों का सुंदर समावेश देखने को मिला। मेहमानों का स्वागत पारंपरिक अवधी संगीत एवं फूलों की वर्षा के साथ किया गया। स्थल को पूरी तरह पारंपरिक वास्तुकला की झलक देने वाले मंडप, साज-सज्जा और रंगोलियों से सजाया गया था। भोज में उत्तर और दक्षिण भारत की व्यंजनों की झलक स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

True News Up की शुभकामनाएं

True News Up परिवार की ओर से नवविवाहित शांतनु सिंह और मांडवी को जीवन के इस नए अध्याय के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हम आशा करते हैं कि यह युगल जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलतापूर्वक आगे बढ़े और सामाजिक सेवा व राष्ट्रहित के कार्यों में अपना योगदान देता रहे।

676 कोविड कार्मिकों के समायोजन को हरी झंडी: पूर्व में 1834 कर्मचारियों को मिल चुकी है तैनाती, शेष कार्मियों के लिए पत्र जारी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दी जानकारी, एक माह में तैनाती के दिए निर्देश

676 कोविड कार्मिकों के समायोजन को हरी झंडी: पूर्व में 1834 कर्मचारियों को मिल चुकी है तैनाती, शेष कार्मियों के लिए पत्र जारी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दी जानकारी, एक माह में तैनाती के दिए निर्देश
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लखनऊ, 27 मई 2025: कोविड महामारी के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अस्थाई, अल्पकालिक, संविदा एवं आउटसोर्स मानव संसाधन के पदों पर कार्यरत कर्मियों के विभागीय समायोजन को हरी झंडी मिल गई है। यह वे कर्मचारी हैं, जो पिछले समायोजन में रह गए थे। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों में इन कर्मियों का समायोजन किया जा रहा है। इससे पूर्व कई कर्मियों का विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों में समायोजन हो चुका है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान प्रदेश भर से कार्मिकों को विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों में अस्थाई रूप से भर्ती किया गया था। कुछ समय पूर्व से इन कार्मिकों से कार्य नहीं लिया जा रहा है। इन कर्मचारियों की मांग के आधार पर विभिन्न जनपदों में 1834 कर्मचारियों को समाहित कर लिया गया था। शेष 676 कर्मचारियों को समाहित करने के निर्देश मंगलवार को जारी कर दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि इन कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा अगले एक माह में समाहित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव की ओर से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति), सभी प्रधानाचार्य, राजकीय-स्वशासी मेडिकल कॉलेज, सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति), सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को इस संबंध में पत्र जारी किया गया है।

योग्यतानुसार मिलेगी तैनाती
पत्र के अनुसार योग्यता अनुसार कार्मिकों को कार्य मिलेगा। जिन ब्लॉकों में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट स्थापित किए गए हैं, वहां डाटा एनालिस्ट, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों में लैब असिस्टेंट, ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन, आयुष एमओ, बीडीएस एमओ, स्वीपर, वार्ड ब्वॉय, वार्ड आया, नॉन मेडिकल साइंटिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, पीएचसी लेवल के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में लैब टैक्नीशियन, एनएचएम के अंतर्गत डिस्ट्रिक्ट हेल्थ स्थ्रेनटिनिंग प्रोग्राम के स्टाफ नर्स की तैनाती उस समय मिलने वेतन पर ही की जाए।

सिर्फ कोविड कार्मिकों को रखें
पत्र के अनुसार अगर किसी जिले में आवश्यक रिक्तियां नहीं हैं तो इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा तत्काल अपने मंडलीय अपर निदेशक को सूचित किया जाए। पत्र में यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि कोविड के दौरान काम करने वाले कार्मिकों के अतिरिक्त किसी अन्य कार्मिक को इन पदों पर न रखा जाए। अगर ऐसा होता है तो संबंधित जिला स्वास्थ्य समिति एवं अधिकारी स्वंय जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए रिकवरी की कार्रवाई भी की जाएगी।

मनाली यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें, आपकी ट्रिप रहेगी बेफिक्र और आरामदायक

गर्मियों का मौसम हो या फिर सर्दियों का, मनाली में हर सीजन में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिलती है। गर्मी में ठंडक के एहसास के लिए लोग मनाली जाते हैं। वहीं सर्दियों में स्नो का नजारा देखने के लिए मनाली जाते हैं। यही वजह है कि यहां पर किसी भी मौसम में पर्यटकों की भीड़ कम नहीं होता है। मई-जून के महीने में अक्सर लोग पूरे परिवार के साथ मनाली ट्रिप का प्लान कर रहे हैं, क्योंकि गर्मियों में बच्चों की छुट्टियां पड़ती हैं। ऐसे में अगर आप इस महीने मनाली घूमने जाने का प्लान कर रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि मनाली घूमने जाने के दौरान किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।

इन बातों का रखें ध्यान

गर्मियों के मौसम में जा रहे हैं, यह सोचकर ट्रिप देर से न करें। प्रयास करें कि आस यात्रा की शुरूआत सुबह जल्दी करें। इससे आप आधा रास्ता जल्दी और सुकून से कवर कर लेंगे। वरना आप दिन में मनाली की सड़कों पर लगे जाम में घंटों तक फंसे रह सकते हैं।

यदि आप सोच रहे हैं कि गर्मियों में आपको मनाली में होटल सस्ते मिल जाएंगे, तो ऐसा नहीं है। क्योंकि इस दौरान पर्यटकों की भीड़ ज्यादा बढ़ जाती है, इसलिए आप भी पहले से होटल आदि बुक कर लें। वहीं आप मनाली घूमने के लिए ट्रैवल एजेंट या फिर ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं।

बता दें कि शहर में आपको पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ सकता है। इसलिए प्रयास करें कि आप ट्रैफिक से बचने के लिए सुबह जल्दी होटल से निकल जाएं। वहीं अगर आप अटल टनल, सोलांग वैली या रोहतांग के आसपास की जगहों को एक्सप्लोर करने का प्लान बना रहे हैं, तो सुबह जल्दी होटल से निकल जाएं। ये जगहें सनसेट व्यू प्वॉइंट के लिए जाने जाते हैं।

वहीं मनाली में आप दिन में सर्दी लगने के कारण वहीं बल्कि तेज धूप की वजह से परेशान हो सकते हैं। इसलिए छाता औऱ टोपी साथ लेकर चलें। वहीं गर्मी और सर्दी वाले कपड़े भी लेकर जाएं। क्योंकि रात के समय तापमान यहां पर कम हो जाता है। अगर आपको ऑनलाइन पेमेंट करने में समस्या हो सकती है, इसलिए कैश साथ लेकर चलें।