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Fruits for Children: बच्चों की सेहत के लिए इन फलों को दें, पूरा दिन रहेंगे ऊर्जा से भरपूर और एक्टिव

सुबह-सुबह आपका बच्चा स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहा है, लेकिन उसकी आंखें अधूरी नींद से भरी हैं, चेहरे पर सुस्ती है और नाश्ते में बनाने का मन नहीं कर रहा. अब ऐसे में कैसे पूरे दिन स्कूल में एक्टिव रहेगा? कैसे खेल-कूद में हिस्सा लेगा या होमवर्क पर फोकस करेगा? असल में बच्चों के शरीर को रोज भरपूर ऊर्जा की जरूरत होती है और ये एनर्जी केवल टिफिन या दूध से नहीं आती, इसके लिए जरूरी है कुछ ऐसा जो स्वाद में भी अच्छा हो और पोषण से भरपूर भी.

बता दें, अक्सर बच्चे फलों को खाने से दूर भागते हैं, ऐसे में उनका विकास पूरी तरह से नहीं हो पाता. इसलिए अगर आप उन्हें नाश्ते में इन फलों को देंगे तो वो कभी खाने से इंकार नहीं करेंगे.

केला 

केले में मौजूद नैचुरल शुगर और फाइबर बच्चों को इंस्टेंट एनर्जी देते हैं. ये उनके पेट को देर तक भरा भी रखते हैं और थकान महसूस नहीं होने देते.

सेब 

सेब में आयरन, फाइबर और विटामिन C होता है जो बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाता है. यह दिमाग को तेज चलाने में मदद करता है और दिनभर की थकावट को दूर रखता है.

अनार 

बच्चों में खून की कमी की समस्या आम है. ऐसे में अनार आयरन और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है, जो ना केवल खून बढ़ाता है बल्कि चेहरे पर चमक भी लाता है.

आम 

आम में विटामिन A और C के साथ-साथ एनर्जी देने वाले प्राकृतिक शुगर होते हैं. गर्मियों में ये बच्चों के लिए एक टेस्टी और हेल्दी ऑप्शन है.

चीकू 

चीकू में ग्लूकोज की मात्रा अधिक होती है जो थकान को दूर करता है. इसका स्वाद मीठा होने के कारण बच्चे इसे खुशी-खुशी खाते हैं.

बाजार के पैकेज्ड एनर्जी ड्रिंक्स या चॉकलेट्स से बेहतर है कि बच्चों को नेचुरल फ्रूट्स की आदत डालें. ये ना सिर्फ उनकी सेहत के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि उनका मूड भी अच्छा रखते हैं. कोशिश करें कि बच्चों के नाश्ते या टिफिन में हर दिन एक-दो फल जरूर शामिल हों. धीरे-धीरे ये आदत उनकी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन जाएगी और आप देखेंगे कि आपका बच्चा हमेशा खुश इन फलों को खाना पसंद करेगा.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

India-Bangladesh Relations: ‘बांग्लादेश से मजबूत संबंध चाहते हैं’, भारत सरकार ने मोहम्मद यूनुस से की यह महत्वपूर्ण मांग

भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (29 मई, 2025) को बांग्लादेश के साथ एक अच्छा संबंध बनाने को लेकर बयान दिया है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ एक सकारात्मक और रचनात्मक संबंध स्थापित करना चाहता है. इसके अलावा उन्होंने ढाका से देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराने का भी अनुरोध किया है.

विदेश मंत्रालय के साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम बांग्लादेश के साथ एक अच्छा संबंध चाहते हैं, जिससे दोनों देशों के लोगों की इच्छाओं और हितों को पूरा किया जा सके.” उन्होंने कहा, “बांग्लादेश को जल्द से जल्द देश में समावेशी, निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों के माध्यम से जनता की इच्छा और जनादेश को भी सुनिश्चित करना चाहिए.”

बांग्लादेश में चुनाव कराने के लिए हो रहे प्रदर्शन

बांग्लादेश में होने वाले आम चुनावों को लेकर नई दिल्ली की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब बांग्लादेश में सरकारी कर्मचारियों ने नए स्तर पर विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत कर दी है और कई राजनीतिक दल इस साल के अंत तक देश में चुनाव संपन्न कराने की मांग कर रहे हैं.

शेख हसीना के खिलाफ विरोध के बाद सत्ता पर बैठी मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार

बांग्लादेश में पिछले साल जुलाई और अगस्त महीने में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी. इस दौरान पिछले करीब नौ महीनों से बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार सत्ता संभाल रही है.

ऐसे में जब अंतरिम सरकार पर देश में चुनाव कराने को लेकर दवाब बढ़ रहा है तो सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अपने जापान दौरे के दौरान यह घोषणा कर दी कि देश में अगला आम चुनाव इस साल के दिसंबर महीने से अगले साल जून 2026 के बीच कराए जाएंगे.

मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की ताजा स्थिति के लिए भारत को ठहराया जिम्मेदार

बांग्लादेश में बनी ताजा स्थितियों को लेकर अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इसके लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया, जिस पर अब भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अपने देश में बनी स्थितियों और चुनौतियों के कारण हो रही आलोचना से ध्यान भटकाने की कोशिश में लगी हुई है.

उन्होंने कहा, “जब भी इस तरह के बयान सामने आते हैं, तो ऐसा लगता है कि आप अपनी सत्ता से जुड़े मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाकर किसी और दिशा में मोड़ना चाहते हैं, लेकिन जब आप दूसरों पर यह कहकर इल्जाम डालते हैं कि ये बाहरी समस्याएं दूसरों के कारण बने हैं, तो इससे उस समस्या का कोई समाधान नहीं होता है.”

Donald Trump vs Harvard University: अमेरिकी अदालत ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय को 30 दिनों की मोहलत दी, कहा- सख्त कार्रवाई से बचाए ट्रंप प्रशासन

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का विवाद अब धीरे-धीरे बढ़ने लगता है. अमेरिका की एक अदालत ने ट्रंप प्रशासन की ओर से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को विदेशी छात्रों के नामांकन पर रोक लगाने के आदेश को 30 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है. कोर्ट कहा कि जब तक इस मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तब तक ट्रंप प्रशासन हॉर्वर्ड के अंतरराष्ट्रीय छात्रों को निष्कासित नहीं कर सकता.

30 दिन तक किसी भी सख्त कार्रवाई से बचे ट्रंप प्रशासन

ट्रंप प्रशासन की ओर से नोटिस भेजे जाने के बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) पर मुकदमा दायर किया था. यूनिवर्सिटी ने अपनी याचिका में कहा कि अगर विदेशी छात्रों की संख्या सीमित की जाती है तो विश्वविद्यालय के 25 फीसदी छात्र इससे प्रभावित होंगे. इस पर कोर्ट ने अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग को नोटिस देते हुए कहा कि वह अगले 30 दिन तक किसी भी सख्त कार्रवाई से बचे.

‘राजनीतिक बदले के लिए ट्रंप प्रशासन ने लिया फैसला’

ट्रंप सरकार ने 22 मई 2025 को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की SEVP (Student and Exchange Visitor Program)  सर्टिफिकेशन रद्द करने की घोषणा की थी. ऐसा होने पर विदेशी छात्र इस यूनिवर्सिटी में एडमिशन नहीं ले पाएंगे. इसके बाद हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने बोस्टन की एक कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसमें आरोप लगाया कि हार्वर्ड ने व्हाइट हाउस की कुछ नीतियों का विरोध किया इसलिए ट्रंप प्रशासन ने यह फैसला राजनीतिक बदला निकालने के लिए लिया है.

‘फेडरल नियमों का उल्लंघन’

कोर्ट में हार्वर्ड के वकीलों ने SEVP सर्टिफिकेशन को बिना किसी नोटिस के खत्म करना फेडरल नियमों का उल्लंघन बताया. वकील ने कहा कि नियम ये कहता है कि पहले सरकार नोटिस दे और सफाई का मौका दे. यूनिवर्सिटी ने कहा कि यह केवल एक विश्वविद्यालय की लड़ाई नहीं, बल्कि शिक्षा की स्वतंत्रता और अमेरिका में विविधता की रक्षा की लड़ाई है. हालांकि इस मामले पर बढ़ते दवाब को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकता है.

Covid-19 and Heart Attack: क्या सच में कोरोना की वजह से बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले? जानिए डॉक्टरों की क्या राय है

आप एक बार सोच कर देखिए कि, ऑफिस में सभी लोग काम कर रहे हैं. इसी बीच किसी व्यक्ति को सीने में दर्द होता और पता चलता है कि, उसे हार्ट अटैक हुआ है. साथ ही जांच में ये भी निकलता है कि, पिछले साल उसे कोरोना हुआ था. इसलिए हार्ट अटैक की दिक्कत हुई है. दरअसल, कोरोना महामारी के बाद से ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां युवा और हेल्दी लोग भी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं. सवाल यह उठता है कि, क्या वाकई कोरोना वायरस हार्ट हेल्थ को प्रभावित कर रहा है?

क्या कहते हैं डॉक्टर

मैक्स हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर कार्डियक साइंसेज डॉ. वैभव मिश्रा का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी के बाद से हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या वास्तव में कोरोना इसके लिए जिम्मेदार है. विशेषज्ञों की मानें तो कोविड-19 संक्रमण दिल और रक्त नलिकाओं पर असर डाल सकता है. वायरस के कारण शरीर में सूजन बढ़ जाती है, जिससे रक्त का थक्का बनने का खतरा भी बढ़ता है. यह स्थिति हार्ट अटैक या स्ट्रोक की आशंका को जन्म दे सकती है.

डॉक्टरों का यह भी कहना है कि कोविड के बाद कुछ मरीजों में लंबे समय तक थकान, सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द जैसे लक्षण बने रहते हैं, जिन्हें ‘लॉन्ग कोविड’ कहा जाता है. यह दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है. इसके अलावा, महामारी के दौरान लोग नियमित स्वास्थ्य जांच से दूर हो गए, जिससे पहले से मौजूद दिल की बीमारियों का समय पर इलाज नहीं हो सका.

हालांकि, यह भी जरूरी है कि हर हार्ट अटैक के मामले को सीधे कोरोना से न जोड़ा जाए. विशेषज्ञों का कहना है कि जीवनशैली, तनाव, खानपान और व्यायाम की कमी भी अहम कारण हैं. कोरोना एक कारक हो सकता है, लेकिन अकेला कारण नहीं.

किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?

जो लोग पहले से हाइपरटेंशन, डायबिटीज या मोटापे से जूझ रहे हैं.

जिनकी उम्र 40 से ऊपर है.

जिनका कोरोना संक्रमण गंभीर रहा था या जिन्हें ICU में भर्ती होना पड़ा था.

जो फिजिकल एक्टिविटी में कम हैं और स्मोकिंग करते हैं.

कोरोना संक्रमण को हल्के में लेना अब एक बड़ी गलती साबित हो सकती है, खासकर जब उसका असर दिल पर पड़ रहा हो. डॉक्टर्स लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि कोरोना से रिकवर होने के बाद भी हार्ट हेल्थ को नजरअंदाज न करें. एक हेल्दी लाइफस्टाइल और समय पर जांच ही भविष्य की मुश्किलों से बचा सकती है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

लखनऊ के सरोजनीनगर में आयोजित हुआ अहिल्याबाई होल्कर जन्म त्रिशताब्दी वर्ष समारोह: विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने किया बीएल संतोष व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत

  • सरोजनीनगर में भव्य रूप से आयोजित हुआ अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी समारोह।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएम योगी और बीएल संतोष का किया भव्य स्वागत।
  • महिलाओं की भारी भागीदारी ने कार्यक्रम को बनाया ऐतिहासिक।
  • अहिल्याबाई होल्कर द्वारा 8527 मंदिरों के जीर्णोद्धार और 39 अनाथालयों की स्थापना का उल्लेख।
  • डॉ. सिंह ने योगी सरकार की उपलब्धियों और भाजपा की विचारधारा को रेखांकित किया।

लखनऊ: देवी अहिल्याबाई होल्कर जन्म त्रिशताब्दी वर्ष स्मृति अभियान- 2025 के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी द्वारा देश भर में संगोष्ठी आदि कार्यक्रम संचालित हैं। इसी क्रम में सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी एल संतोष, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने अहिल्या बाई होल्कर के सम्बन्ध में अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्य अतिथि बी एल संतोष, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया।

इस कार्यक्रम की विशेषता रही कि इसमें दर्शकों के रूप में केवल महिलाओं को ही आमंत्रित किया गया था। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिलायें जोश और उत्साह के साथ कार्यक्रम का हिस्सा बनने पहुंची। 5,000 दर्शक क्षमता वाला ऑडिटोरियम खचाखच भरा रहा, बहुत सी महिलाओं ने खड़े होकर वक्ताओं के विचार सुनें जो महिलायें सभागार के अन्दर नहीं पहुँच सकीं, उन्होंने ही एलईडी स्क्रीन पर कार्यक्रम का लाइव देखा।

इस सम्बन्ध में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का कहना है कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में पुण्यश्लोक, राजमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की जन्म त्रिशताब्दी के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन गौरवपूर्ण है। विधायक ने अहिल्याबाई होल्कर के जीवन को प्रेरणाजन्य बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “माँ दुर्गा सी संहार शक्ति, ब्रह्मवादिनी लोपामुद्रा सम वेद मर्मज्ञता, माँ सीता सी मर्यादा, शबरी सी तप और मां यशोदा सम वात्सल्य आदि भारतीय नारीत्व के सम्माननीय, अनुकरणीय गुण हैं! देवी अहिल्याबाई होल्कर इन दिव्य परंपराओं की अग्निशिखा थीं, उनकी मर्यादा, उनके श्रद्धा के विस्तार ने उन्हें राजमाता से भी आगे बढ़कर ‘देवी अहिल्या’ बनाया!”

विधायक ने आगे जोड़ा, “8 वर्ष की आयु में उनका विवाह हुआ, 21 की उम्र में पति का निधन, 35 की उम्र में पुत्र का वियोग हुआ लेकिन इन विषम परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं खोया बल्कि अपने निजी शोक को लोक कल्याण की शक्ति में बदल दिया! अहिल्याबाई होल्कर जी ने वर्ष 1767 से 1795 तक जिस साहस, त्याग और नीति से मालवा की बागडोर संभाली, सत्ता का नेतृत्व किया वह इतिहास में एक आदर्श रामराज्य के रूप में स्वर्णाक्षरों से अंकित है! केदारनाथ, बद्रीनाथ से लेकर रामेश्वरम तक और गया, अयोध्या, काशी, मथुरा से लेकर सोमनाथ तक पूरे भारतवर्ष में उन्होंने 8527 मंदिरों और धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार करवाया, 39 राजकीय अनाथालय स्थापित कराए! ऐसी युग प्रवर्तक, प्रेरणा स्रोत, वीरांगना, धर्मपरायण, माता अहिल्याबाई को भारत देश हमेशा ससम्मान याद रखेगा!”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अहिल्याबाई होल्कर के वंशज उदय सिंह राजे होल्कर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी, उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश महामंत्री संजय राय, कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य और गुलाब देवी, लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल, भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, युवा भाजपा नेता नीरज सिंह, एमएलसी उमेश द्विवेदी, एमएलसी व प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला, विधायक ओ पी श्रीवास्तव, प्रदेश मंत्री शंकर लोधी, अध्यक्ष महिला आयोग बबीता सिंह चौहान, एमएलसी अवनीश सिंह एवं अंगद सिंह, ममता पांडेय एवं डॉक्टर कीर्तिका अग्रवाल सहित सभी उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

अंत में कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं का आभार जताते हुए डॉ. सिंह ने आगे लिखा, “आज सरोजनीनगर की तेजस्विनी मातृशक्ति ने अपार उपस्थिति से कार्यक्रम के गौरव और गरिमा को विभूषित किया, मैं पुनः आप सभी का आभारी हूँ, आपके इस स्नेह, सहयोग और समर्थन के सम्मुख नतमस्तक हूँ!!”