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Housefull 5 Box Office Collection Day 13: ‘हाउसफुल 5’ ने 13वें दिन रचा इतिहास, बनाया ये बड़ा रिकॉर्ड, जानें अब तक की कुल कमाई

अक्षय कुमार की ‘हाउसफुल 5’ दर्शकों की फेवरेट बनी हुई है. इस सस्पेंस- कॉमेडी थ्रिलर ने रिलीज के पहले हफ्ते में अच्छी कमाई की. इसके बाद दूसरे वीकेंड पर भी ये बॉक्स ऑफिस पर छाई रही लेकिन अब दूसरे हफ्ते में इसके कारोबार में हर दिन गिरावट दर्ज की जा रही है. चलिए यहां जानते हैं ‘हाउसफुल 5’ ने रिलीज के 13वें दिन यानी दूसरे बुधवार को कितना कलेक्शन किया है?

‘हाउसफुल 5’ ने 13वें दिन कितनी की कमाई?
‘हाउसफुल 5’ की दो एंडिंग फिल्म के लिए फायदे का सौदा साबित हुई है. दरअसल इसकी वजह से फिल्म को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट बढ़ी हुई है और ‘हाउसफुल 5’ को सिनेमाघरों में खूब ऑडियंस मिल रही है. बता दें कि 240 करोड़ के बजट में बनी ये फिल्म आधी लागत से ज्यादा तो वसूल कर चुकी है लेकिन पूरा बजट निकालना इसके लिए काफी मुश्किल साबित हो सकता है. दरअसल फिल्म की कमाई में दूसरे हफ्ते काफी गिरावट दर्ज की जा रही है और ये अब 5 करोड़ की कमाई भी नहीं कर पाई रही है. वहीं 13वें दिन तो इसने अब तक का सबसे कम कलेक्शन किया है. इन सबके बीच ‘हाउसफुल 5’ की कमाई की बात करें तो मेकर्स द्वारा शेयर किए गए आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने रिलीज के 12 दिनों में 170.89 करोड़ की कमाई की है.

    • वहीं सैकनिल्क द्वारा शेयर किए गए आंकडों के मुताबिक ‘हाउसफुल 5’ की 13वें दिन की कमाई 3 करोड़ रही.
    • इसी के साथ ‘हाउसफुल 5’ के 13 दिनों का कुल कलेक्शन अब 173.89 करोड़ रुपये हो गया है.

‘हाउसफुल 5’ बनी साल की दूसरी सबसे बड़ी फिल्म
‘हाउसफुल 5’ ने रिलीज के 13वें दिन इतिहास रच दिया है. इस फिल्म ने अजय देवगन की रेड 2 के लाइफटाइम कलेक्शन 172.87 करोड़ ( सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक) को मात दे दी है. इसी के साथ ये फिल्म साल 2025 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. अब ये फिल्म छावा (601.54 करोड़) से ही पीछे रह गई है.

‘हाउसफुल 5’ क्या वसूल पाएगी बजट
‘हाउसफुल 5’ की बॉक्स ऑफिस पर कमाई की रफ्तार अब कम होती जा रही है. वहीं 20 जून से सिनेमाघरों में आमिर खान की ‘सितारे जमीन पर’ रिलीज हो रही है. इस मूवी को लेकर काफी हाईप बना हुआ है. ऐसे में ‘हाउसफुल 5’ की कमाई को ‘सितारे जमीन पर’ की रिलीज के बाद बड़ा झटका लग सकता है और इसी के साथ इसके बजट वसूलने का सपना भी टूट सकता है. क्योंकि लागत वसूलने के लिए इसे अभी 70 करोड़ और चाहिए जो कमाना आसान नहीं है. अब देखने वाली बात होगी कि ‘सितारे जमीन पर’ की रिलीज के बाद ‘हाउसफुल 5’ का क्या हाल होता है.

Israel Defence Minister Threatens Iran: ‘बातचीत का सवाल ही नहीं, लक्ष्य पूरा होने तक ऑपरेशन जारी रहेगा’ – इजरायल ने ईरान को दी सख्त चेतावनी

ईरान के जारी संघर्ष के बीच इजरायल के मंत्रियों ने खुले तौर पर एक बार फिर से धमकी है. इजराइल के मंत्रियों ने बुधवार  को कहा कि ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं होगी और ऑपरेशन ‘राइजिंग लॉयन’ तब तक जारी रहेगा, जब तक कि यह अपने उद्देश्यों को प्राप्त नहीं कर लेता है. वहीं, इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस्लामिक राष्ट्र में सत्ता परिवर्तन की संभावना का भी संकेत दिया.

तेहरान के ऊपर आ रहा है एक तूफान- इजरायल काट्ज

इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने ईरान में संभावित सत्ता परिवर्तन की ओर संकेत करते हुए एक्स पोस्ट में कहा, “तेहरान के ऊपर एक तूफान आ रहा है. सरकारी संस्थानों पर बमबारी की जा रही है और उन्हें नष्ट किया जा रहा है. स्थानीय निवासियों की भीड़ इलाका छोड़ रही है. तानाशाही का पतन इसी तरह होता है.”

इजरायली विदेश मंत्री ने विदेशी राजदूतों को दी जानकारी

वही, इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने रविवार (15 जून) को तेल अवीव के निकट बाट याम में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के स्थल पर विदेशी राजदूतों को जानकारी दी. इस हमले में कम से कम नौ लोग मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हो गए. उन्होंने विदेशी राजनयिकों से कहा, ‘‘ईरान से कोई बातचीत नहीं होगी. जब तक हम अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर लेते, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा.’’

विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा, ‘‘ईरान जानबूझकर आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाता है और नागरिकों की हत्या करता है. वे गलती कर रहे हैं. वे यह नहीं समझते कि इजराइली लोग मजबूत हैं और ऑपरेशन ‘राइजिंग लॉयन’ का बड़े पैमाने पर समर्थन करते हैं.’’

इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने भारत सहित 30 से अधिक देशों के राजदूतों को ईरान के किए गए हमलों और ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के बारे में जानकारी दी. इससे पहले, घटनास्थल पर मीडिया को जानकारी देते हुए इजरायल के विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इजराइल जारी सैन्य अभियान में अपने उद्देश्यों को प्राप्त करेगा.

ऑपरेशन के तहत IDF ने ईरान में 1,100 से अधिक संपत्तियों को निशाना बनाया- डेफ्रिन

वहीं, इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने प्रेसवार्ता में कहा कि इजराइली वायुसेना ने शुक्रवार (13 जून) को ऑपरेशन ‘राइजिंग लॉयन’ शुरू करने के बाद से ईरान में सैकड़ों हमलों में 1,100 से अधिक ईरानी संपत्तियों को निशाना बनाया है. डेफ्रिन ने कहा, ‘‘हम परमाणु खतरे को बेअसर करने के लिए व्यवस्थित रूप से काम कर रहे हैं.’’

Jasprir Bumrah vs Joe Root: अब तक कौन रहा हावी? चौंका देंगे आंकड़े

भारत और इंग्लैंड की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 20 जून से होने वाली है. करीब डेढ़ महीने तक चलने वाली इस सीरीज में कुल पांच टेस्ट मैच खेले जाएंगे. एक समय था जब विराट कोहली बनाम जेम्स एंडरसन का बैटल (Virat Kohli vs James Anderson) चर्चा का विषय बना होता था. मगर आगामी सीरीज में जो रूट और जसप्रीत बुमराह की भिड़ंत पर सबकी नजरें टिकी होंगी. बुमराह भारतीय गेंदबाजी अटैक को लीड कर रहे होंगे, वहीं जो रूट इंग्लैंड की बैटिंग यूनिट की अगुआई कर रहे होंगे.

बुमराह vs रूट: हेड टू हेड बैटल

अब तक टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में जो रूट और जसप्रीत बुमराह 24 टेस्ट मैचों में आमने-सामने आए हैं. अब तक बुमराह, रूट पर हावी रहे हैं. इंग्लैंड के ‘रिकॉर्ड ब्रेकर’ कहे जाने वाले जो रूट ने अब तक जसप्रीत बुमराह की 559 गेंदों का सामना किया है, जिनमें रूट सिर्फ 286 रन बना पाए हैं. टेस्ट फॉर्मेट में जो रूट का कुल औसत 50.80 का है, लेकिन बुमराह के खिलाफ उनका एवरेज घटकर सिर्फ 31.77 का रह जाता है. बुमराह अब तक इंग्लैंड के इस धुरंधर बल्लेबाज को 9 बार आउट कर चुके हैं.

जसप्रीत बुमराह और जो रूट की पहली बार टक्कर तब हुई जब 2018 में टीम इंडिया ने इंग्लैंड का दौरा किया था. उस सीरीज में बुमराह की 127 गेंदों का सामना करते हुए रूट ने सिर्फ 44 रन बनाए और 2 बार आउट भी हुए थे. वहीं 2021 की सीरीज में बुमराह ने रूट को पूरिन तरह डॉमिनेट किया और उन्हें 3 बार आउट किया था. वहीं 2024 में हुई भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में भी बुमराह ने जो रूट का विकेट 3 बार झटका था.

केवल पैट कमिंस और जोश हेजलवुड ही वो गेंदबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट में जो रूट को जसप्रीत बुमराह से ज्यादा बार आउट किया है. कमिंस ने उन्हें 11 बार और हेजलवुड ने रूट का विकेट 10 बार लिया है.

Iran Israel War:ईरान में फंसे 110 भारतीय छात्र सुरक्षित रेस्क्यू, आर्मेनिया के रास्ते पहुंचे दिल्ली

ईरान में फंसे 110 भारतीय छात्र दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंच गए हैं. इनमें से अधिकतर छात्र जम्मू कश्मीर से हैं. ये छात्र उर्मिया मेडिकल यूनिवर्सिटी से हैं. छात्रों ने आर्मेनिया और दोहा के रास्ते से होते हुए बुधवार देर शाम दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी. उनकी फ्लाइट करीब 3 घंटे देरी से भी पहुंची.

ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ की शुरुआत की. सरकार के इस विशेष ऑपरेशन के तहत 17 जून को ईरान के उत्तरी हिस्से में फंसे 110 भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकाला गया. इन छात्रों को भारतीय दूतावास की निगरानी में सड़क मार्ग से ईरान से आर्मेनिया की राजधानी येरेवान पहुंचाया गया. वे इसी रास्ते से दिल्ली आए हैं.

स्पेशल फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे भारतीय छात्र

सभी छात्र बुधवार को दोपहर 2:55 बजे स्पेशल फ्लाइट से भारत रवाना हुए और गुरुवार की सुबह नई दिल्ली पहुंचे. यह ऑपरेशन सिंधु का पहला चरण है. भारत सरकार ने इस पूरे अभियान में सहयोग के लिए ईरान और आर्मेनिया की सरकारों का विशेष आभार जताया है, जिन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन को आसान और सुरक्षित बनाने में पूरी मदद की.

ईरान में स्थिति बिगड़ने के कारण भारतीय दूतावास लगातार भारतीय नागरिकों को युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित इलाकों में भेजने की कोशिश में जुटा है. इसके साथ ही, भारत सरकार ने इमजरजेंसी कॉन्टेक्ट नंबर, व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी जारी की है, जहां से लोग मदद ले सकते हैं.

ईरान-इजरायल के बीच कई दिनों से चल रहा युद्ध

ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध भंयकर रूप ले चुका है. बुधवार को इजरायल ने दावा किया था कि उसकी वायुसेना ने 50 फाइटर एयरक्राफ्ट भेजकर ईरान में हमला किया है. वहीं ईरान ने ड्रोन के जरिए इजरायल पर अटैक किया था.

PM Modi Croatia Visit:‘चाहे यूरोप हो या एशिया… समाधान युद्ध से नहीं निकलेगा’, क्रोएशिया में बोले पीएम मोदी

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कनाडा से क्रोएशिया पहुंचें. क्रोएशियाई प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ बैठक में रूस-यूक्रेन संघर्ष, इजराइल-ईरान स्थिति पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने कहा कि यूरोप हो या एशिया किसी भी समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता. उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी देश के लिए क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान आवश्यक है.

आतंकवाद मानवता का दुश्मन- पीएम मोदी

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले पर संवेदना व्यक्त करने के लिए पीएम मोदी ने क्रोएशियाई प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया. पीएम मोदी ने कहा, “हम मानते हैं कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और लोकतंत्र के मूल्यों को बनाए रखने वाली सभी ताकतों के लिए खतरा है. ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में, हमारे मित्र देशों का समर्थन और एकजुटता हमारे लिए बहुत मूल्यवान रही है.”

डिजिटल टेक्नोलॉजी समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति

पीएम मोदी ने कहा, “हमने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और विश्वसनीय सप्लाई चेन तैयार करने के लिए कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है. हम फार्मा, कृषि, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, क्लीन टेक्नोलॉजी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर में सहयोग को बढ़ावा देंगे.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले, “हम दोनों सहमत है कि आज के वैश्विक वातावरण में भारत और यूरोप की साझेदारी बहुत महत्व रखती है. यूरोपीय यूनियन के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में क्रोएशिया का समर्थन और सहयोग बहुत ही महत्वपूर्ण है”

दोनों देशों के बीच पर्यटन बढ़ाने पर हुआ विचार

प्रधानमंत्री ने कहा, ” आज हमने अपने सांस्कृतिक और पीपल टू पीपल संबंधों को और बल देने का निश्चय किया है. जाग्रेब विश्वविद्यालय में हिंदी चेयर के MoU के अवधि 2030 तक बढ़ा दी गई है. अगले 5 वर्षों के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम तैयार किया गया है. लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए गतिशीलता समझौते को जल्द ही पूरा किया जाएगा.”

पीएम मोदी ने कहा, “हमने दोनों देशों के बीच पर्यटन बढ़ाने पर विचार किया है. यहां पर योग की लोकप्रियता को मैंने स्पष्ट रूप से अनुभव किया है. 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है और मुझे विश्वास है कि हमेशा की तरह क्रोएशिया के लोग इसे धूम-धाम से मनाएंगे.”

‘वैश्विक स्थिरता के लिए आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा’

क्रोएशियाई प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच ने कहा कि हमने भारत में हुए आतंकवादी हमले पर भी चर्चा की और दुख जताया. उन्होंने कहा, “सुरक्षा के मामले में दुनिया की स्थिति बहुत अस्थिर है इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि दुनियाभर के सबसे प्रभावशाली देश शांति के लिए अपना योगदान दें. हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर भारतीय प्रधानमंत्री के संदेश को अच्छी तरह से समझा है क्योंकि यह वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा है.”

उन्होंने आगे कहा, “हमने अर्थव्यवस्था से लेकर रक्षा तक सभी क्षेत्रों में भविष्य में सहयोग पर भी सहमति व्यक्त की है. चूंकि भारत आईटी क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी है तो हम रक्षा उद्योग, परमाणु ऊर्जा, जहाज निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी में सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं.”