अक्षय कुमार स्टारर ‘हाउसफुल 5’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार परफॉर्म किया है. फिल्म के दो वर्जन और दो क्लाइमेक्स ने फैंस को सिनेमाघरों तक खींचने में अहम रोल प्ले किया और इसी के साथ इसने छप्परफाड़ कमाई की. हालांकि रिलीज के दूसरे हफ्ते में इसकी कमाई में काफी गिरावट देखी गई. वहीं अब आमिर खान की ‘सितारे जमीन पर’ भी सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. इस फिल्म की वजह से ‘हाउसफुल 5’ की कमाई पर काफी असर पड़ता नजर आ रहा है. चलिए यहां जानते हैं अक्षय कुमार स्टारर ने रिलीज के 15वें दिन यानी तीसरे शुक्रवार को कितना कलेक्शन किया है?
‘हाउसफुल 5’ ने 15वें दिन कितनी की कमाई? ‘हाउसफुल 5’ मल्टी स्टारर फिल्म है और इसे तरुण मनसुखानी ने निर्देशित किया है. ‘हाउसफुल’ फ्रेंचाइजी की इस पांचवीं किस्त को लेकर फैंस में काफी एक्साइटमेंट थी और फिर सिनेमाघरों में दस्तक देने के बाद इस फिल्म की अच्छी शुरुआत हुई. वीकेंड से लेकर पहले हफ्ते तक फिल्म का क्रेज दर्शको के सिर चढ़कर बोला और इसे देखने के लिए दर्शक थिएटर्स में उमड़ पड़े. हालांकि दूसरे हफ्ते में ‘हाउसफुल 5’ की कमाई का ग्राफ हर दिन नीचे आता जा रहा है. इसी के साथ इस फिल्म का 200 करोड़ का आंकड़ा छूना भी सपना सा बनता जा रहा है.
वहीं तीसरे शुक्रवार यानी 15वें दिन भी फिल्म की कमाई में काफी गिरावट देखी जा रही है. इन सबके बीच फिल्म के कलेक्शन की बात करें मेकर्स द्वारा शेयर किए गए आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने रिलीज के 14 दिनों में भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 177.09 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है.
वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘हाउसफुल 5’ ने रिलीज के 15वें दिन 1.85 करोड़ की कमाई की है.
इसी के साथ ‘हाउसफुल 5’ के 15 दिनों का कुल कलेक्शन अब 178.94 करोड़ रुपये हो गया है.
सितारे जमीन पर की रिलीज के साथ ‘हाउसफुल 5’ हुई धड़ाम ‘हाउसफुल 5’ रिलीज के दो हफ्तों से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही थी लेकिन 15वें दिन इस सस्पेंस-कॉमेडी थ्रिलर को बॉक्स ऑफिस पर टक्कर देने के लिए आमिर खान की सितारे जमीन पर भी रिलीज हो चुकी है. इसी क साथ ‘हाउसफुल 5’ की कमाई को बड़ा झटका लगा है और ये 15वें दिन बड़ी मुश्किल से चंद करोड़ कमा पाई है. अगर फिल्म की कमाई में तीसरे वीकेंड तेजी नहीं आई तो इसका अपना 240 करोड़ का बजट वसूलना तो दूर 200 करोड़ का आंकड़ा छूना भी मुश्किल हो जाएगा.
ईरान इजरायल के बीच चल रही जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. हालांकि इस युद्ध के शुरू होने का कारण था इजरायली आर्मी की तरफ से तेहरान और उसके आस-पास बने न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले करना. इजरायली सेना को इसमें काफी हद तक कामयाबी भी मिली, लेकिन इसके बावजूद ईरान की एक न्यूक्लियर फैसलिटी अभी भी पूरी तरह सेफ है और उसका नाम है फोर्डो परमाणु ईंधन प्लांट.
ईरान का सबसे सुरक्षित परमाणु संयंत्र (फोर्डो परमाणु ईंधन प्लांट) राजधानी तेहरान से 125 मील दूर एक पहाड़ के नीचे करीब 300 फीट गहराई में बना हुआ है. बताया जाता है कि पहाड़ी पर स्थित इसी संयंत्र में ईरान अपने लिए अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (U-235) का उत्पादन करता है.
80-90 मीटर मोटी चट्टानों के नीचे है फोर्डो प्लांट परमाणु बम निर्माण के लिए U-235 काफी अहम है. यह ईरान के लिए इतना महत्वपूर्ण है कि उसने इसकी किलेबंदी कर रखी है. हवाई हमलों और बम गिराकर भी इसे तबाह नहीं किया जा सकता. यह ठिकाना कम-से-कम 80 से 90 मीटर मोटी चट्टानों के नीचे बना हुआ है. इसे रूसी S-300 एयर डिफेंस सिस्टम और भारी सैन्य उपस्थिति के बीच ईरान ने महफूज किया हुआ है.
क्या है बंकर बस्टर बम ? फोर्डो परमाणु प्लांट को नष्ट करने के लिए बहुत ही शक्तिशाली बम की जरूरत होगी और वो बम केवल अमेरिका के पास है. इसे तबाह करने के लिए बंकर बस्टर बम की जरूरत होगी. बंकर बस्टर बम जमीन की सतह के काफी नीचे जाकर विस्फोट करने के लिए बनाए गए हैं. अमेरिका का GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेटरेटर इसी तरह का बम है, जिसका वजन लगभग 13,600 किलोग्राम है. इसे गहरी सुरंगों और मजबूत बंकरों पर सटीक हमला करने के लिए बनाया गया है.
फोर्डो प्लांट को लेकर ट्रंप का क्या है रुख ? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार ईरान के इस परमाण सयंत्र पर हमले को लेकर बात कर चुके हैं. ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान को परमाणु बम बनाने से रोकना है तो इसे तबाह करना ही होगा, लेकिन उन्होंने अभी तक ये नहीं बताया है कि वो इस मामले में इजरायल की मदद करेंगे या नहीं.
‘इजरायल कर सकता है परमाण बम का इस्तेमाल’ टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप अगर दो सप्ताह में फोर्डो परमाणु प्लांट पर हमला करने से पीछे हट जाते हैं तो ऐसे में इजरायल के पास इस ठिकाने को नष्ट करने का एक तरीका है और वो है परमाणु बम का इस्तेमाल.
हिब्रू भाषा में दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के सभी परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए इजरायल प्रतिबद्ध है, जिसमें फोर्डो परमाणु प्लांट भी शामिल है. उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास बिना किसी के सहयोग के भी इसे नष्ट करने की क्षमता है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इजरायल फोर्डो परमाणु प्लांट को तबाह करने के लिए कम क्षमता वाले परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार (20 जून, 2025) को एक बार फिर जम्मू-कश्मीर, सिंधु जल संधि, व्यापार और आतंकवाद से निपटने सहित सभी लंबित मुद्दों पर भारत के साथ बातचीत करने की इच्छा दोहराई.
सरकारी पाकिस्तान टीवी द्वारा ‘X’ पर पोस्ट किए गए एक बयान के अनुसार, शहबाज शरीफ ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान यह बात कही.
शहबाज शरीफ ने की डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ
इसमें कहा गया कि गर्मजोशी और सौहार्दपूर्ण बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी शुभकामनाएं दीं. उन्होंने राष्ट्रपति की उनके साहसिक नेतृत्व के लिए प्रशंसा की और विदेश मंत्री रुबियो की सक्रिय कूटनीति की सराहना की, जिसने ‘पाकिस्तान और भारत को संघर्षविराम समझौते पर पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.’
शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के बारे में राष्ट्रपति ट्रंप के सकारात्मक बयान दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए सबसे उत्साहजनक हैं, जिसे पाकिस्तान और भारत के बीच सार्थक बातचीत शुरू करके ही संभव बनाया जा सकता है.
शहबाज ने फिर लगाई सिंधु के पानी के लिए गुहार
सरकारी पाकिस्तान टीवी ने कहा, ‘इस संदर्भ में शहबाज शरीफ ने जम्मू-कश्मीर, सिंधु जल संधि, व्यापार और आतंकवाद से निपटने सहित सभी लंबित मुद्दों पर भारत के साथ बातचीत करने की पाकिस्तान की इच्छा दोहराई.’ हालांकि भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह पाकिस्तान के साथ केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की वापसी और आतंकवाद के मुद्दे पर ही बातचीत करेगा.
ईरान-इजरायल जंग पर भी हुई चर्चा
शहबाज शरीफ और रुबियो के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा हुई, जिसमें ईरान-इजरायल संकट पर चर्चा की गई. इस दौरान पाक पीएम ने बातचीत और कूटनीति के जरिए इस गंभीर संकट का शांतिपूर्ण समाधान खोजने की आवश्यकता पर बल दिया.
भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मैच लीड्स में खेला जा रहा है. इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. इसके जवाब में भारतीय टीम बल्लेबाजी करने आई. भारत ने इस टेस्ट मैच की पहली पारी में इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया है. लीड्स टेस्ट के पहले दिन टीम इंडिया के उपकप्तान ऋषभ पंत और इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के बीच एक अलग ही कंप्टीशन देखने को मिला, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
बेन स्टोक्स ने ऋषभ पंत को चेताया
भारत का यशस्वी जायसवाल के रूप में तीसरा विकेट गिरने के बाद जब ऋषभ पंत बल्लेबाजी करने आए, तब उनके सामने गेंद लेकर इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स खड़े थे. लेकिन पंत ने इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं की और आते ही चौका बेन स्टोक्स की गेंद पर चौका जड़ दिया. इसके बाद स्टोक्स, पंत के पास आकर कुछ कहने आए और हंसने लगे. लेकिन पंत ने स्टोक्स की बात का कोई जवाब नहीं दिया. पंत का वो कड़क शॉट देखकर बेन स्टोक्स भी दंग रह गए थे.
पंत ने खेली तूफानी पारी
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ऋषभ पंत को उपकप्तान बनाया गया है. पंत ने लीड्स टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड के गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दिए. पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद पंत 102 गेंदों में 65 रन पर बल्लेबाजी कर रहे हैं. टीम इंडिया के उपकप्तान अब तक अपनी इस पारी में 6 चौके और 2 छक्के लगा चुके हैं. वहीं दूसरे सिरे से कप्तान शुभमन गिल क्रीज पर डटे हैं. गिल 175 गेंदों में 127 रन पर बल्लेबाजी कर रहे हैं. भारत का स्कोर पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद तीन विकेट के नुकसान पर 359 रन हो गया है.
भारत की पहली AI City और एरोसिटी से लखनऊ बनेगा देश का टेक्नोलॉजी हब – सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने पेश किया डिजिटल उत्तर प्रदेश के भविष्य का खाका
लखनऊ में भारत की पहली AI City 70 एकड़ में विकसित हो रही है।
IBM, Deloitte, HCLTech जैसी वैश्विक कंपनियां लखनऊ में काम कर रही हैं।
Dassault Systèmes ने AKTU में ₹240 करोड़ का Center of Excellence स्थापित किया है।
बेंगलुरु में काम कर रहे 35% टेक प्रोफेशनल्स यूपी से आते हैं और लौट रहे हैं।
सरोजनीनगर में एरोसिटी, AI City, ब्रह्मोस यूनिट समेत कई राष्ट्रीय परियोजनाएं चल रही हैं।
लखनऊ, 20 जून 2025 | True News Up : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब सिर्फ नवाबों और तहज़ीब की पहचान नहीं, बल्कि तकनीकी क्रांति का केंद्र बनने जा रही है। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से लखनऊ को देश की पहली AI City (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी) के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने इसे ‘परंपरा से टेक्नोलॉजी की ओर यात्रा’ करार देते हुए योगी सरकार की दूरदर्शी सोच को डिजिटल युग की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
क्या है AI City और क्यों है यह खास?
डॉ. राजेश्वर सिंह के मुताबिक, लखनऊ में विकसित हो रही यह AI City करीब 70 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, ऑगमेंटेड रियलिटी, ब्लॉकचेन और उभरती टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स, रिसर्च लैब्स और वैश्विक टेक कंपनियां एकसाथ संचालित होंगी। यह न केवल लखनऊ, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए डिजिटल नवाचार और तकनीकी अनुसंधान का मुख्य केंद्र बनेगी।
उन्होंने कहा, “यह परियोजना एक ऐसी कल्पना है जो अब वास्तविकता बन चुकी है। हम उस भविष्य की नींव रख रहे हैं जिसमें उत्तर प्रदेश भारत की तकनीकी राजधानी के रूप में उभरेगा।”
दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों का लखनऊ में आगमन
डॉ. सिंह ने बताया कि पिछले छह महीनों में लखनऊ में विश्व स्तरीय कंपनियों की सक्रियता बढ़ी है। इनमें शामिल हैं:
IBM
Deloitte
Sify Technologies
Genpact
inMobi
Teleperformance
जबकि पहले से HCLTech और TCS जैसी कंपनियां लखनऊ में ऑपरेट कर रही हैं। जल्द ही KPMG और Accenture जैसी वैश्विक कंपनियां भी अपने संचालन की शुरुआत करेंगी।
Dassault Systèmes द्वारा ₹240 करोड़ की निवेश योजना
फ्रांस की टेक कंपनी Dassault Systèmes ने लखनऊ के AKTU परिसर में ₹240 करोड़ की लागत से Center of Excellence की नींव रखी है। वहीं अमेरिका की UsefulBI कंपनी ने लखनऊ को अपनी वैश्विक रणनीति में शामिल करते हुए दूसरा ऑफिस यहीं खोलने की घोषणा की है।
बेंगलुरु से लखनऊ लौट रहे हैं यूपी के युवा टेक टैलेंट्स
NASSCOM–Deloitte (2023) की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु में कार्यरत टेक प्रोफेशनल्स में से लगभग 35% उत्तर प्रदेश से हैं। अब इनमें से बड़ी संख्या में लोग लखनऊ लौटकर यहीं करियर बनाने की संभावना तलाश रहे हैं। AI City जैसी परियोजनाएं उनके लिए उपयुक्त अवसर दे रही हैं, जिसमें सरकारी समर्थन, वैश्विक एक्सपोज़र और मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं।
सरोजनीनगर में तकनीकी और राष्ट्रीय महत्व की योजनाएं
डॉ. सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर विधानसभा अब राष्ट्रीय स्तर की कई परियोजनाओं का केंद्र बन चुकी है, जिनमें शामिल हैं:
भारत की सबसे बड़ी एरोसिटी (1500 एकड़)
AI City – पहली डिजिटल स्मार्ट सिटी
English & Foreign Languages University
State Institute of Forensic Sciences
लखनऊ विश्वविद्यालय – कृषि संकाय
ITI नीवा एवं NCDC प्रशिक्षण केंद्र
नेवल शौर्य म्यूजियम
ब्रह्मोस निर्माण इकाई
DRDO प्रयोगशालाएं
UP Defence Industrial Corridor से सीधा जुड़ाव
इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल क्षेत्रीय विकास है, बल्कि राष्ट्रीय रक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शोध और डिजिटल सशक्तिकरण को गति देना भी है।
AI आयोग की मांग
डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर ‘उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आयोग’ के गठन की मांग की है। यह आयोग AI आधारित तकनीकी मानकों, डेटा संरक्षण, नवाचार, अनुसंधान, सुरक्षा और कौशल विकास के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि यह आयोग भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का मार्गदर्शक होगा।
डॉ. राजेश्वर सिंह का दृष्टिकोण
डॉ. सिंह ने अपने विस्तृत बयान में कहा: “यह परिवर्तन केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, यह डिजिटल पुनर्जागरण है। सरोजनीनगर अब डिजिटल भारत की तकनीकी धड़कन है। डिजिटल युग उन्हीं का है जो भविष्य की योजना आज ही बनाते हैं।”
डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल और योगी सरकार की विजनरी नीतियां मिलकर लखनऊ को एक ऐसे टेक्नोलॉजी हब में बदलने की दिशा में कार्य कर रही हैं, जो आने वाले वर्षों में देश के डिजिटल परिदृश्य को नई ऊँचाइयों पर ले जाएंगी। AI City और एरोसिटी जैसी परियोजनाएं लखनऊ और उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, शोध और नवाचार के नए द्वार खोलेंगी।