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Home Remedies for Gut Health:कब्ज और पेट की समस्याओं से हैं परेशान? राहत के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे।

सुबह उठते ही पेट साफ न हो तो पूरा दिन बेकार लगने लगता है. चेहरे की रौनक गायब, चिड़चिड़ा और मन किसी काम में नहीं लगता. ये परेशानी छोटी दिखती है, लेकिन असर बड़ा करती है, इसका नाम है कब्ज.आज के समय में जब भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हम अनहेल्दी खानपान और स्ट्रेस से घिरे रहते हैं, तब कब्ज और पेट की गड़बड़ी आम बात हो गई है.

बता दें, हमारी दादी-नानी के देसी नुस्खों में ऐसे कई राज छिपे हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के पेट की सफाई और पाचन शक्ति को सुधार सकते है. तो चलिए जानते हैं कुछ असरदार घरेलू उपाय, जो न सिर्फ कब्ज को दूर करेंगे, बल्कि पेट को भी रखेंगे एकदम हल्का और स्वस्थ.

गुनगुना पानी और नींबू का जादू

सुबह खाली पेट गुनगुना पानी में आधा नींबू और एक चुटकी नमक मिलाकर पीना कब्ज से राहत पाने का सबसे आसान और कारगर तरीका है. ये मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और पेट को साफ रखने में मदद करता है.

त्रिफला चूर्ण

रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लेने से न सिर्फ कब्ज ठीक होती है, बल्कि आंतों की सफाई भी गहराई से होती है. यह आयुर्वेदिक नुस्खा पाचन तंत्र को मजबूत करता है.

एक चम्मच देसी घी 

अगर आप रोज़ रात को गर्म दूध में एक चम्मच देसी घी मिलाकर पीते हैं, तो आंतों की नमी बनी रहती है और मल नरम होता है, जिससे सुबह पेट आसानी से साफ हो जाता है.

इसबगोल

इसबगोल भूसी को गर्म दूध या पानी के साथ लेना एक पुराना लेकिन असरदार उपाय है. ये फाइबर से भरपूर होता है और मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाता है.

पपीता और फाइबर युक्त फल

रोज के खाने में पपीता, सेब, चुकंदर, गाजर और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें. इनमें मौजूद फाइबर कब्ज को दूर करने में मदद करता है और पाचन तंत्र को सक्रिय रखता है.

रोजाना योग करना न भूलें

केवल खानपान ही नहीं, बल्कि हल्की फुल्की एक्टिविटी जैसे सुबह-शाम टहलना या कुछ मिनटों का योग (जैसे पवनमुक्तासन और त्रिकोणासन) भी कब्ज से राहत दिलाने में कारगर है.

कब्ज एक ऐसी समस्या है जिसे समय रहते समझना और ठीक करना बेहद जरूरी है. अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो यह सिरदर्द, मुंह की बदबू, त्वचा की समस्याएं और मानसिक तनाव जैसी कई परेशानियों की वजह बन सकती है. इसलिए दवाओं पर निर्भर रहने की बजाय इन देसी नुस्खों को अपनाएं और अपनी पाचन शक्ति को प्राकृतिक तरीके से मजबूत बनाएं.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Sitaare Zameen Par Box Office Collection Day 1:सितारे जमीन पर’ से आमिर खान की धमाकेदार वापसी, सनी देओल की ‘जाट’ को पीछे छोड़ा

आमिर खान की फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस कॉमेडी और इमोशंस से भरपूर फिल्म के साथ आमिर खान ने तीन साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी की है. ‘सितारे जमीन पर’ दर्शकों का दिल जीत रही है और रिलीज होते ही धांसू कमाई करने में कामयाब हुई है.

‘सितारे जमीन पर’ ने पहले दिन भारतीय बॉक्स ऑफिस पर दमदार शुरुआत की है. सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक आमिर खान स्टारर फिल्म ने भारत में 11.50 करोड़ रुपए की ओपनिंग की है. इसी के साथ फिल्म ने पहले दिन ही इस साल रिलीज हुई सनी देओल की फिल्म ‘जाट’ को मात दे दी है.


‘सितारे जमीन पर’ ने ‘जाट’ को पछाड़ा
सनी देओल स्टारर एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘जाट’ इसी साल 10 अप्रैल को थिएटर्स में रिलीज हुई थी. फिल्म ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर 9.5 करोड़ रुपए की कमाई की थी. ‘सितारे जमीन पर’ ने ये आंकड़ा पार करते हुए ‘जाट’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

3 साल बाद आमिर खान की वापसी
आमिर खान ने ‘सितारे जमीन पर’ से तीन साल बाद कमबैक किया है. इससे पहले आखिरी बार मिस्टर परफेक्शनिस्ट फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ में दिखाई दिए थे. 2022 में रिलीज हुई ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी. अब सितारे जमीन से सुपरस्टार को काफी उम्मीदें हैं. ये फिल्म साल 2007 की फिल्म ‘तारे जमीन पर’ का सीक्वल है. ‘सितारे जमीन पर’ आमिर खान के करियर की पहली सीक्वल फिल्म है.

‘सितारे जमीन पर’ के बारे में
आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ को आर एस प्रसन्ना ने डायरेक्ट किया है. फिल्म में आमिर खान के साथ जेनेलिया देशमुख रोमांस करती दिखी हैं. इसके अलावा अरौश दत्ता, गोपी कृष्णन वर्मा, वेदांत शर्मा, नमन मिश्रा, ऋषि शाहनी, ऋषभ जैन और आशीष पेंडसे समेत कई कलाकार फिल्म का हिस्सा हैं.

Shubman Gill Century: कप्तान के रूप में पहले ही मैच में शुभमन गिल ने रचा इतिहास, शतक जड़कर विराट और गावस्कर की बराबरी की।

इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के पहले मैच में शुभमन गिल ने शतक लगा दिया है. यह बतौर कप्तान उनकी पहली टेस्ट पारी थी, जिसमें सेंचुरी लगाकर उन्होंने इतिहास रच डाला है. वो बतौर कप्तान अपनी डेब्यू टेस्ट पारी में शतक लगाने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं. उनसे पहले विराट कोहली, सुनील गावस्कर और विजय हजारे यह कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं. शुभमन गिल को रोहित शर्मा की टेस्ट रिटायरमेंट के बाद भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था. वो इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट में बतौर कप्तान पहला मैच खेल रहे हैं. इस मैच में उन्होंने 140 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी की.

बतौर कप्तान पहली टेस्ट पारी में शतक लगाने वाले भारतीय

बतौर कप्तान डेब्यू टेस्ट पारी में शतक लगाने वाले पहले भारतीय विजय हजारे थे, जिन्होंने साल 1951 में इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 164 रनों की पारी खेली थी. उनके बाद सुनील गावस्कर ने 1976 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बतौर कप्तान पहली टेस्ट पारी में 116 रनों की पारी खेली थी. वहीं विराट कोहली ने भी जब कप्तानी संभाली तो 2014 में अपनी पहली पारी में 115 रनों की पारी खेली थी. अब शुभमन गिल ने भी दिग्गजों की इस लिस्ट को जॉइन कर लिया है.

शुभमन गिल ने पूरे किए 2,000 टेस्ट रन

यह टेस्ट क्रिकेट में पहली बार है जब शुभमन गिल नंबर-4 पर बैटिंग कर रहे हैं.  इस क्रम पर पहले विराट कोहली बैटिंग किया करते थे, लेकिन वो अब रिटायर हो गए हैं. इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज से पहले शुभमन गिल ने अपने 32 मैचों के टेस्ट करियर में 1893 रन बना लिए थे. अब इंग्लैंड के खिलाफ 107 रन बनाते ही उन्होंने टेस्ट फॉर्मेट में 2000 रन पूरे कर लिए हैं. उन्होंने यह उपलब्धि अपनी 60वीं टेस्ट पारी में हासिल की है.

China-Pakistan-Bangladesh Meeting: पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ क्या योजना बना रहा चीन? भारत की चिंता बढ़ना तय।

चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश ने अपने विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों की उद्घाटन त्रिपक्षीय बैठक में अच्छे पड़ोसी, समानता और आपसी विश्वास के सिद्धांतों के आधार पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है.

चीन के उपविदेश मंत्री सन वेइदोंग, बांग्लादेश के कार्यवाहक विदेश सचिव रूहुल आलम सिद्दिकी और पाकिस्तान के अतिरिक्त विदेश सचिव इमरान अहमद सिद्दिकी ने चीन के दक्षिणी युन्नान प्रांत की राजधानी कुनमिंग में आयोजित बैठक में भाग लिया.

चीन, पाक और बांग्लादेश के बीच सहयोग तीनों देशों के लोगों के लिए हितकारी- वेइदोंग

शुक्रवार (20 जून) को चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया. बयान में चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि गुरुवार (19 जून) को पाकिस्तानी विदेश सचिव आमना बलूच ने वीडियो लिंक के माध्यम से बैठक के पहले चरण में भाग लिया. भारत के पड़ोस में अलग-थलग रह रहे दो दक्षिण एशियाई देशों को करीब लाने के लिए चीन की नई रणनीतिक पहल पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ इसी तरह की त्रिपक्षीय बैठक के एक महीने बाद आई है.

बयान के मुताबिक, अपने संबोधन में चीनी उपविदेश मंत्री सन वेइदोंग ने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों चीन के अच्छे पड़ोसी, अच्छे मित्र और अच्छे साझेदार हैं और उच्च गुणवत्ता वाले बेल्ट एंड रोड (BRI) सहयोग में महत्वपूर्ण साझेदार हैं.

पाकिस्तान और भारत में चीनी राजदूत रह चुके सन ने कहा, “चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सहयोग तीनों देशों के लोगों के साझा हितों के अनुरूप है और यह क्षेत्रीय शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि में योगदान दे सकता है. बयान में कहा गया कि तीनों पक्षों ने चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश त्रिपक्षीय सहयोग पर व्यापक रूप से विचारों का आदान-प्रदान किया और वे बैठक के दौरान बनी सहमति को अमलीजामा पहनाने के लिए एक कार्य समूह स्थापित करने पर राजी हुए.

चीन के साथ रिश्ते मजबूत करने और मदद मांगने में जुटे मोहम्मद यूनुस

बयान के मुताबिक, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि चीन-बांग्लादेश-पाकिस्तान सहयोग सच्चे बहुपक्षवाद और खुले क्षेत्रवाद पर आधारित है, जो किसी तीसरे पक्ष पर लक्षित नहीं है. गुरुवार (19  जून) की त्रिपक्षीय वार्ता ऐसे समय में हुई, जब बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस चीन के प्रति अपने रिश्ते मजबूत कर रहे हैं और विभिन्न मोर्चों पर बीजिंग से सहायता मांग रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से भारत पर उनके देश की निर्भरता कम करने का प्रयास है.

मोहम्मद यूनुस ने पाकिस्तान के साथ स्थापित किए घनिष्ठ संबंध

यूनुस ने पिछले साल शेख हसीना सरकार के अपदस्थ हो जाने के बाद कार्यभार संभाला था. यूनुस ने पाकिस्तान के साथ भी घनिष्ठ संबंध स्थापित करने की कोशिश की है और 1971 के युद्ध के बाद अलग हुए बांग्लादेश के साथ पहली बार पाकिस्तान के साथ संबंधों को स्थापित किया है

अफगानिस्तान के कार्यवाहक उपप्रधानमंत्री से मिले चीनी उपविदेश मंत्री

बयान में कहा गया है कि तीनों देश कुनमिंग में बैठक के दौरान अच्छे पड़ोसी, समानता और आपसी विश्वास, खुलेपन और समावेशन, साझा विकास और परस्पर लाभकारी सहयोग के सिद्धांतों के आधार पर त्रिपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए. कुनमिंग में, सन ने अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार के कार्यवाहक उपप्रधानमंत्री हाजी मावलवी अब्दुल सलाम हनफ़ी से भी मुलाक़ात की और रूहुल आलम सिद्दीकी और इमरान अहमद सिद्दीकी के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कीं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की एक बयान में कहा गया है कि बलूच ने त्रिपक्षीय तंत्र की उद्घाटन बैठक आयोजित करने के लिए चीनी पक्ष की सराहना की.

इजरायल ने ईरान पर हमला क्यों किया? सेना ने उजागर किया पीछे का कारण।

ईरान से चल रहे युद्ध के बीच इजरायल के रक्षा बलों (आईडीएफ) ने शुक्रवार को एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि ईरान ने दक्षिणी इजरायल में बच्चों के एक सेंटर पर हमला किया है. 24 सेकंड के इस वीडियो में क्रेच जैसा दिख रहा है, जिसमें खिलौने बिखरे हुए हैं.

आईडीएफ की तरफ से शेयर किए गए वीडियो में 3 सेकंड पर धूल और मलबा दिखाई देता है, जो उस समय का लग रहा है जब मिसाइल ने साइट पर हमला किया होगा. हालांकि, हमले के वीडियो में उस दौरान कोई भी बच्चा दिखाई नहीं दिया.

इजरायल की तरफ से शेयर किए वीडियो से यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चों का ये सेंटर दक्षिणी शहर बीर्शेबा के सोरोका अस्पताल से जुड़ा है या नहीं, जिसे गुरुवार को ईरान ने निशाना बनाया. ईरानी हमले के कारण अस्पताल के प्रवेश कक्ष और कई विभागों को भारी नुकसान पहुंचा, जिसमें सर्जिकल भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित नेत्र रोग विभाग भी शामिल है.

ईरानी हमले में दर्जनों लोग हुए घायल
विस्फोट के चलते अस्पताल की खिड़कियां टूट गईं और कांच बिखर गए. छतें भी ढह गई और चिकित्सा उपकरण नष्ट हो गए. अस्पताल के निदेशक ने कहा कि लोगों की जान बच गई क्योंकि परिसर का वह हिस्सा जिसे नुकसान पहुंचा था, उसे कुछ दिन पहले ही खाली करा लिया गया था. हालांकि हमले में दर्जनों लोग घायल हुए हैं.

नेतन्याहू ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को घटनास्थल का दौरा किया और हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया. नेतन्याहू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “हम तेहरान में अत्याचारियों को भारी कीमत चुकाने पर मजबूर करेंगे.”

ईरान के अधिकारियों ने क्या कहा ?
इस हमले को लेकर ईरानी अधिकारियों ने कहा कि हमारा टारगेट अस्पताल नहीं था, बल्कि पास में स्थित इजरायली कमांड पोस्ट और इंटेलिजेंस फैसिलिटी थी. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक बयान में कहा, “इस ऑपरेशन में अस्पताल के पास शासन के कमांड और खुफिया केंद्र को अत्यधिक सटीक और निर्देशित मिसाइलों से निशाना बनाया गया.”