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योगी सरकार की पहल: यूपी को फार्मा हब बनाने के लिए चंडीगढ़ में हुआ रोडशो, सीआईआई और यूपीसीडा के सहयोग से फार्मा निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम

योगी सरकार की पहल: यूपी को फार्मा हब बनाने के लिए चंडीगढ़ में हुआ रोडशो, सीआईआई और यूपीसीडा के सहयोग से फार्मा निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम
योगी सरकार की पहल: यूपी को फार्मा हब बनाने के लिए चंडीगढ़ में हुआ रोडशो, सीआईआई और यूपीसीडा के सहयोग से फार्मा निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम
योगी सरकार की पहल: यूपी को फार्मा हब बनाने के लिए चंडीगढ़ में हुआ रोडशो, सीआईआई और यूपीसीडा के सहयोग से फार्मा निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम
  • ललितपुर में 1,472.33 एकड़ भूमि पर बल्क ड्रग फार्मा पार्क का निर्माण
  • औद्योगिक निवेश और फार्मा कंपनियों को आकर्षित करने के लिए सीआईआई और यूपीसीडा का संयुक्त प्रयास
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में फार्मा उद्योग को बढ़ावा देने की नीति
  • फार्मा निवेशकों के साथ सीधा संवाद और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का मजबूत नेटवर्क
  • भारत को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

लखनऊ/चंडीगढ़, 12 मार्च 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को फार्मास्युटिकल हब बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चंडीगढ़ में एक विशेष रोडशो का आयोजन किया। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम “उत्तर प्रदेश के फार्मास्युटिकल परिदृश्य में निवेश के अवसर” थीम पर आयोजित किया गया।

इस आयोजन का उद्देश्य देश और दुनिया के प्रमुख फार्मा निवेशकों को उत्तर प्रदेश में व्यापार और निवेश के अनुकूल माहौल से अवगत कराना था। सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को प्रस्तुत करते हुए यूपीसीडा के अधिकारियों ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश में फार्मा उद्योग की अपार संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश में फार्मा उद्योग को बढ़ावा देने की योजना

योगी सरकार के उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत, ललितपुर में 1,472.33 एकड़ भूमि पर बल्क ड्रग फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना भारत को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और “दुनिया की फार्मेसी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल है।

इस फार्मा पार्क से न केवल औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी फार्मास्युटिकल हब के रूप में उभरने की ओर अग्रसर होगा।

यूपीसीडा ने निवेशकों को आमंत्रित किया

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मयूर माहेश्वरी ने कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख औद्योगिक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा “उत्तर प्रदेश आज निवेशकों के लिए एक अत्यधिक आकर्षक राज्य बन चुका है। सरकार निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

उन्होंने आगे बताया कि राज्य में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां, मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचा, बेहतरीन लॉजिस्टिक्स सुविधाएंतेजी से बढ़ता व्यापारिक और औद्योगिक नेटवर्क उपलब्ध है, जो फार्मा सेक्टर में निवेश को आसान और लाभदायक बनाता है

प्रमुख फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

इस रोडशो में देश की प्रमुख फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वन-टू-वन बिजनेस मीटिंग्स आयोजित की गईं, जिनमें मैनकाइंड फार्मास्युटिकल्स, मोरपेन लैबोरेट्रीज, एलायंस फॉर्मुलेशन्स, हनुकेम लैबोरेट्रीज, प्राइमस फार्मास्युटिकल्स और पार्क फार्मास्युटिकल्स जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने यूपी में निवेश के अवसरों और उद्योग की आवश्यकताओं पर चर्चा की।

इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार डॉ. जी.एन. सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने योगी सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों, टैक्स लाभ, सब्सिडी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं पर प्रकाश डालते हुए निवेशकों को उत्तर प्रदेश में फार्मा उद्योग के विस्तार के लिए आमंत्रित किया

उत्तर प्रदेश को फार्मा हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

इस रोडशो के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार ने देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। फार्मा सेक्टर में निवेश के लिए अनुकूल माहौल, सुविधाएं और सरकार की मजबूत नीतियां राज्य को भारत के अग्रणी फार्मा हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगी।

उत्तर प्रदेश सरकार के इस प्रयास से राज्य में फार्मास्युटिकल सेक्टर को एक नई दिशा मिलेगी और राज्य देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल हब के रूप में उभरकर निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को नया आयाम देगा। योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश को एक ग्लोबल फार्मा डेस्टिनेशन बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

हेल्थ बेनिफिट्स :बार-बार कब्ज की समस्या बवासीर का संकेत हो सकती है! डाइट में ये 6 फल शामिल करें और राहत पाएं।

क्या आपका पेट हफ्ते में 2-3 बार ही साफ हो पाता है, तो इस समस्या को भूलकर भी इग्नोर न करें। यह चेतावनी कब्ज की हो सकती है जोकि आगे चलकर खरनाक समस्या बन सकती है। डॉक्टर के मुताबिक, बवासीर, खूनी बवासीर और फिर फिशर का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान रहते हैं, तो आप कब्ज से राहत पाने के लिए इन 6 फलों का सेवन कर सकते हैं।

कीवी का सेवन करें

 एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि डेंगू के इलाज में कीवी का सेवन करना चाहिए। कीवी खाने से इम्यूनिटी बढ़ाती है और इंफेक्शन में राहत मिलती है। इस फल को खाने से डायजेशन तेजी से होता हैं क्योंकि इसमें फल के अंदर एक्टीनिडीन होता है।

नाशपती

 नाशपती फल के अंदर सोर्बिटोल होता है। यह एक शुगर एल्कोहॉल होता है, जो लैक्सेटिव की तरह काम करता है। इसके अत्याधिक सेवन करने से ब्लोटिंग, डायरिया हो सकता है, क्योंकि इसके अंदर हाई FODMAP केमिकल होता है।

सेब

सेब खाने से बीमारी दूर होती है इसके साथ यह कब्ज भी दूर करता है। सेब में सबसे अधिक फाइबर मात्रा अधिक होती है। जो मल को आसानी से त्यागने में मदद करता है।

पपीता

पपीता का सेवन करने से पेट संबंधित समस्याएं दूर होती है। यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और पेट को साफ करने में मदद करता है। पपीता में डायजेस्टिव एंजाइम होते हैं, जो इस काम के लिए जिम्मेदार हैं।

प्रून्स और बेरीज

ये दोनों ही फल कब्ज के लिए रामबाण है। प्रून्स में फाइबर से भरा होने के साथ ही मल निकासी को आसान बनाने के लिए काफी बढ़िया तरीका है। वहीं, बेरीज अंदर काफी एंटीऑक्सीडेंट पाई जाती है और फाइबर होता है।

Health Tips :शुगर क्रेविंग्स को कम करने में ये मसाले बेहद मददगार साबित हो सकते हैं, डाइट में जरूर शामिल करें!

हम सभी को शुगर क्रेविंग्स होती है, तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें स्वीट टूथ होते हैं। इसलिए वह दिन में कई बार मीठा खाना चाहते हैं। अधिक मीठा खाने से आपकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं बहुत अधिक मीठा खाने से मोटापा बढ़ता है और तमाम स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में समस्या यह है कि शुगर क्रेविंग्स को किस तरह से दूर किया जा सकता है।

शुगर क्रेविंग्स को कम करने के लिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। शुगर क्रेविंग्स को कम करने के लिए आपको अपनी डाइट में कुछ मसालों को शामिल करना चाहिए। वहीं यह मसाले आपको किचन में आसानी से मिल जाएंगे। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको ऐसे ही मसालों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शुगर क्रेविंग्स को कम करने में मददगार हो सकते हैं।

दालचीनी

दालचीनी भी शुगर क्रेविंग्स को कम करने के लिए चमत्कार की तरह काम करती है। यह ब्लड शुगर लेवल को रेग्युलेट करती है। इसकी वजह से शुगर स्पाइक्स और क्रैश की समस्या कम हो सकती है। बिना चीनी के इस्तेमाल किए बिना ही आपकी डिश मीठा स्वाद देता है। आप इसको स्मूदी, ओट्स या फिर कॉफी पर भी छिड़क सकती है।

लौंग

शुगर क्रेविंग्स को रिवर्स करने में लौंग भी मददगार है। यह एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। लौंग ब्लड शुगर लेवल को भी मैनेज करती है। जब आप लौंग को अपनी डाइट में शामिल करते हैं, तो इससे शुगर क्रेविंग्स कम होती है। क्योंकि इसमें एक हल्की मिठास होती है।

काली मिर्च

काली मिर्च का सेवन करने से भी शुगर क्रेविंग्स कम होती है। काली मिर्च खाने का फायदा यह होता है कि यह अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने में सहायता करती है। जब आपका शरीर भोजन से ज्यादा लाभ उठा रहा होता है, तो मीठा खाने की इच्छा कम हो जाती है। इससे लंबे समय तक पेट भरा होने से शुगर क्रेविंग कम होती है। आप काली मिर्च को सब्जियों, सलाद या स्मूदी आदि पर छिड़क सकती हैं।

मेथीदाना

भले ही आपको इस बात की जानकारी न हो, लेकिन मेथीदाना भी शुगर क्रेविंग्स को कम करने का काम करता है। यह आपके शरीर को इंसुलिन को बेहतर बनाता है। जिसकी वजह से ब्लड शुगर लेवल ज्यादा स्टेबल रहता है। इसका सेवन करने के लिए आप मेथी के बीजों को रात भर के लिए भिगों दें और फिर अगले दिन सुबह खाली पेट खा लें। आप इसको पीसकर करी और स्टू में मिला सकते हैं।

इलायची

इलायची का स्वाद प्राकृतिक रूप से मीठा होता है, हालांकि इसमें चीनी नहीं होती है। वहीं यह पाचन में भी सहायता करती है। इसका सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल मैनेज होता है। इसको खाने से बार-बार मीठा खाने की इच्छा नहीं होता है। आमतौर पर चाय में इलायची का इस्तेमाल किया जाता है। इसको आप बेक्ड आइटम्स या फिर स्मूदी में डाल सकते हैं।

Latest Bollywood News :क्या हुआ था ऐसा, जिसने रणबीर कपूर के भाई को सुर्खियों में ला दिया? जानिए पूरी कहानी और एक्ट्रेस का जवाब!

बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर के भाई आदर जैन बीते महीने अपनी शादी को लेकर खूब सुर्खियों में रहे। आदर जैन ने हाल ही में अपनी गर्लफ्रेंड आलेखा आडवाणी से शादी रचाई है। शादी की धूम के साथ आदर जैन अपनी एक्स गर्लफ्रेंड रहीं एक्ट्रेस तारा सुतारिया को लेकर दिए बयानों पर भी चर्चा में रहे। आदर जैन ने तारा सुतारिया को अपनी शादी के समय टाइम पास भी बता दिया था। अब तारा सुतारिया ने भी इसको लेकर करारा जवाब दिया है। तारा सुतारिया ने हाथ में रिंग पहने एक तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर के साथ तारा सुतारिया ने एक कैप्शन भी लिखा है।

तारा सुतारिया ने दिया करारा जवाब

तारा सुतारिया ने अपने इंस्टाग्राम पर बीते रोज कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए तारा सुतारिया ने लिखा, ‘एक महिला के तौर पर आपका अंतिम वादा खुद से होता है और ये जिंदगी का सबसे बड़ा सुख है। आप वही बने रहें जो आप इस दुनिया के सामने हैं। मैंने अपने वजूद का जश्न खुद को एक रिंग गिफ्ट करके मनाती हूं। ये उस बात का रिमाइंडर है कि मैं खुद से कितना प्यार करती हूं।’ तारा के इस पोस्ट के बाद फैन्स ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। जिनमें से कई लोगों ने तारा की खूबसूरती की तारीफ की है और कई लोगों ने उन्हें बेहतरीन एक्ट्रेस बताया है। वहीं कई लोगों ने तारा को एक स्ट्रॉन्ग वीमन भी बताया है।

आदर जैन के साथ चर्चा में रहा रिलेशनशिप?

बता दें कि तारा सुतारिया ने बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस अपने करियर की शुरुआत की थी। कई टीवी सीरियल्स में काम करने के बाद तारा सुतारिया को 2019 में फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर-2’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने का मौका मिला था। तारा अब तक अपने करियर में कई फिल्में और सीरियल्स में काम कर चुकी हैं। तारा बीते दिनों रणबीर कपूर के भाई आदर जैन के साथ रिलेशनशिप को लेकर भी सुर्खियां बटोर चुकी हैं। तारा और आदर जैन कुछ समय तक डेट कर चुके हैं लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। अब आदर जैन ने हाल ही में आलेखा आडवाणी के साथ शादी रचाई है। शादी के समय आदर जैन ने यहां तक कह दिया था ये सब टाइम पास था। इसके बाद तारा की मां ने भी बिना नाम लिए इसका करारा जवाब दिया था।

जेद्दाःरूस-यूक्रेन संघर्ष विराम, जेलेंस्की 30 दिन के युद्धविराम पर सहमत, सऊदी अरब में तैयार हुआ मसौदा

 रूस-यूक्रेन युद्ध मामले पर इस वक्त सऊदी अरब से बड़ी खबर सामने आ रही है। कीव ने संकेत दिया है कि वह रूस के साथ युद्ध में 30 दिन के युद्ध विराम के लिए तैयार है। अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारियों ने मंगलवार को सऊदी अरब में वार्ता के बाद कहा कि अब इंतजार है कि मास्को समझौता कर ले। यूक्रेन की ओर से 30 दिन के लिए युद्ध विराम पर सहमत होने के बाद  अमेरिका ने सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी साझा करना फिर से शुरू कर दिया है।

ट्रंप प्रशासन ने एक सप्ताह पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को रूसी सेना के साथ युद्ध को समाप्त करने के लिए वार्ता में शामिल होने के लिए दबाव डालने के लिए ये उपाय लागू किए थे। अब उसे इसमें सफलता मिलती दिख रही है। जेलेंस्की की ओर से युद्ध विराम पर सहमत होने की बात कहे जाने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका क्रेमलिन के समक्ष युद्ध विराम प्रस्ताव प्रस्तुत करेगा।

अमेरिका ने कही ये बात

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अब हम रूस को बताएंगे कि यूक्रेन 30 दिन के युद्ध विराम पर सहमत हो गया है। अब यह उन पर (रूस पर) निर्भर करेगा कि वे हाँ कहें या नहीं। “यदि वे दुर्भाग्य से नहीं कहते हैं, तो हमें पता चल जाएगा कि यहाँ शांति के लिए क्या बाधा है।”  यूक्रेन गोलीबारी बंद करने और बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है। बता दें कि सऊदी अरब के जेद्दा में वार्ता के दौरान अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज ने कहा: “यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल ने आज एक बात बहुत स्पष्ट कर दी है कि वे शांति के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प के दृष्टिकोण को साझा करते हैं।”

क्या है युद्ध विराम मसौदे की खास शर्तें

वाल्ट्ज ने कहा कि वार्ताकारों ने “इस बात पर ठोस विवरण प्राप्त किया कि यह युद्ध कैसे स्थायी रूप से समाप्त होने जा रहा है,” जिसमें दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी भी शामिल है। ये घोषणाएं तब सामने आईं जब यूक्रेन और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने सऊदी अरब में मास्को के कीव के खिलाफ तीन साल के युद्ध को समाप्त करने पर केंद्रित वार्ता शुरू की। रूस द्वारा 300 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराए जाने के कुछ ही घंटों बाद चर्चा शुरू हुई। क्रेमलिन द्वारा अपने पड़ोसी पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण का आदेश दिए जाने के बाद से यह यूक्रेन का सबसे बड़ा हमला था। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के इस सप्ताह के अंत में मास्को जाने की उम्मीद है, जहाँ वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिल सकते हैं।

यूक्रेन की क्या है मांग

यूक्रेनी राष्ट्रपति के सहायक एंड्री यरमक ने संवाददाताओं से कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि “यूक्रेन में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति कैसे प्राप्त की जाए।” उन्होंने कहा कि भविष्य में रूस को फिर से आक्रमण करने से रोकने के लिए सुरक्षा गारंटी महत्वपूर्ण थी। अमेरिका को यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी ही युद्ध विराम की मुख्य शर्त है। पिछले महीने ट्रम्प और ज़ेलेंस्की के बीच ओवल ऑफिस विस्फोट के बाद से यह दोनों पक्षों के बीच पहली बैठक थी। सऊदी अरब के विदेश मंत्री भी मौजूद थे।