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Russia massive attack on Ukraine:‘477 ड्रोन और 60 मिसाइलों से हुआ हमला’, रूस के हमले पर यूक्रेन ने क्या प्रतिक्रिया दी ?

 रूस और यूक्रेन के युद्ध का चौथा साल शुरू हो चुका है. इस बीच रूस ने यूक्रेन पर 477 ड्रोन और 60 मिसाइलों से भयानक हवाई हमले को अंजाम दिया है. यूक्रेन के सैन्य अधिकारियों ने रविवार (29 जून, 2025) को कहा कि रूस ने यूक्रेन पर रातभर में 477 ड्रोन और 60 मिसाइलें दागीं. अधिकारियों ने रूस के इस हमले को हाल के हफ्तों में किया गया सबसे बड़ा और भयानक हवाई हमला करार दिया है.

वहीं, रूस की ओर से किए गए हमले में एक यूक्रेनी एफ-16 फाइटर पायलट की भी मौत हो गई. वह पायलट रूस के हवाई हमले का जवाब दे रहा था. अधिकारियों ने कहा कि रूस के हमले ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है.

हमने रूस के 211 ड्रोन और 38 मिसाइलों को मार गिराया- यूक्रेनी सेना

यूक्रेन की सेना ने कहा कि रूस की ओर से किए गए हवाई हमले में हमने 211 ड्रोन और 38 मिसाइलों को मार गिराया. इस बड़े पैमाने पर हुए हमले को रोकने के लिए यूक्रेनी सेना ने अपने सभी उपलब्ध साधनों को दुश्मन की हवाई ताकत से लड़ने के लिए तैनात कर दिया.”

वहीं, गवर्नर इहोर टाबुरेट्स ने कहा, “रूस के हवाई हमले देश के कम से कम छह इलाकों में दर्ज किए गए. हवाई हमलों के कारण लोगों के घरों, बुनियादी ढांचों और इंडस्ट्रियल ठिकानों को व्यापक तौर पर नुकसान पहुंचा है. वहीं, यूक्रेन के जिन इलाकों में धमाके सुने गए, उनमें- ल्वीव, पोल्टावा, माइकोलाइव, ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क, चेरकासी और इवानो-फ्रैंकिवस्क शामिल हैं.”

उन्होंने कहा, “चेरकासी में बहुमंजिला बिल्डिंग और एक कॉलेज पर हुए हमलों के कारण करीब छह लोग घायल हो गए और घायलों में एक बच्चा भी शामिल है. जबकि, इवानो-फ्रैंकिवस्क में एक महिला घायल हो गई और माइकोलाइव और ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क में इंडस्ट्रियल फेसिलिटीज को निशाना बनाया गया.”

यूक्रेन ने की एफ-16 फाइटर जेट के तबाह होने की पुष्टि

वहीं, यूक्रेन ने इस बात की भी पुष्टि कर दी कि रूस के हमले के खिलाफ जारी ऑपरेशन में उसका तीसरा एफ-16 फाइटर जेट भी तबाह हो गया. यूक्रेन के एयर फोर्स ने कहा, “इस ऑपरेशन में शहीद हुए एफ-16 पायलट ने अपने विमान में लगे सभी ऑनबोर्ड हथियारों का इस्तेमाल किया और सात हवाई टार्गेट्स को मार गिराया. लेकिन, जब वह अपने आखिरी टार्गेट को निशाना बना रहा था, तब उसके फाइटर जेट को नुकसान पहुंचा और वह ऊंचाई से गिरने लगा.”

अमेरिका का हमला विफल, ईरान ने बदल दिया पूरा घटनाक्रम! IAEA चीफ का हैरान करने वाला बयान।

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के चीफ राफेल ग्रॉसी ने रविवार (29 जून, 2025) को बताया कि ईरान कुछ महीनों में एनरिच्ड यूरेनियम का उत्पादन कर सकता है. इससे इस बात पर संदेह पैदा हो गया है कि तेहरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए अमेरिकी हमले प्रभावी रहे हैं.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि उनके हमलों ने ईरान के प्रमुख परमाणु स्थलों को नष्ट कर दिया है, हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर तेहरान चिंताजनक स्तर तक यूरेनियम का संवर्धन करता है तो वह ईरान पर फिर से बमबारी करने पर विचार करेंगे.

‘कोई यह दावा नहीं कर सकता कि सब कुछ खत्म हो गया’
ग्रॉसी ने सीबीएस न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उनके (ईरान के) पास जो क्षमताएं हैं, वे वहां हैं. आप जानते हैं कुछ ही महीनों में, मैं कहूंगा कि वे सेंट्रीफ्यूज के कुछ कैस्केड घुमाकर एनरिच यूरेनियम का उत्पादन कर सकते हैं, या उससे भी कम. उन्होंने आगे कहा कि सच कहूं तो कोई यह दावा नहीं कर सकता कि सब कुछ गायब हो गया है और वहां कुछ भी नहीं है.

मार्गरेट ब्रेनन के साथ रविवार को प्रसारित होने वाले फेस द नेशन शो में उन्होंने कहा कि वो तेहरान के परमाणु हथियार विकसित करने की किसी भी संभावना को खत्म करना चाहता थे. इजरायल ने इस महीने की शुरुआत में ईरान पर हमले शुरू कर दिए, जिससे 12 दिनों तक दोनों एक दूसरे पर हवाई हमले करते रहे और आखिर में अमेरिका भी शामिल हो गया.

ईरान के यूरेनियम भंडार हटाने को लेकर क्या बोले ग्रॉसी ? 
वहीं, ईरान का कहना है कि उनका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है. अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख ग्रॉसी ने कहा कि फोर्डो, नतांज और इस्फ़हान में साइटों पर हमलों ने ईरान की यूरेनियम को परिवर्तित करने और समृद्ध करने की क्षमता को काफी हद तक पीछे धकेल दिया है.

ग्रॉसी से उन रिपोर्टों के बारे में भी पूछा गया जिनमें कहा गया था कि ईरान ने अमेरिकी हमलों से पहले अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को स्थानांतरित कर दिया था. इस पर जवाब देते हुए ग्रॉसी ने कहा कि हो सकता है कि हमले के दौरान कुछ को नष्ट कर दिया गया हो, लेकिन कुछ को स्थानांतरित भी किया गया हो.

अमेरिका में 24 वर्षीय भारतीय महिला लापता, पुलिस ने बताया- ‘हाथ में था फोन और फिर…’

अमेरिका में अपनी शादी तय करने गई 24 साल की भारतीय महिला सिमरन लापता हो गई है. सिमरन को आखिरी बार 20 जून को भारत से न्यू जर्सी आने के कुछ समय बाद देखा गया था. न्यू जर्सी के लिंडनवॉल्ड पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि सिमरन बार-बार अपना फोन देख रही थी और किसी का इंतजार कर रही थी. सिमरन के लापता होने की सूचना बुधवार (25 जून) को उसके अमेरिका आने के 5 दिन बाद मिली.

सिमरन की तलाश कर रहे अधिकारियों ने बताया कि सिमरन अपनी अरेंज मैरिज के मामले के चलते अमेरिका आई थी. एनवाई पोस्ट के अनुसार, अधिकारी अब ये जांच कर रहे हैं कि क्या अरेंज मैरिज को लेकर सिमरन न्यू जर्सी आई थी या उसका मकसद अमेरिका घूमना था.

सिमरन के पास था इंटरनेशनल फोन

अधिकारियों ने बताया कि सिमरन का अमेरिका में कोई भी रिश्तेदार नहीं था और ना ही उसे अंग्रेजी बोलना आता था. सिमरन के पास एक इंटरनेशनल फोन है, जो सिर्फ वाई-फाई से ही काम करता है. लिंडनवॉल्ड पुलिस के अनुसार, अभी यहां कोई नहीं है, जो भारत में सिमरन के परिजनों के बारे में हमें जानकारी दे पाए.

पुलिस सिमरन की तलाश में जुटी हुई है और यहां के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, सिमरन के माथे के बाईं ओर एक छोटा सा निशान है. उसे आखिरी बार ग्रे स्वेटपैंट, एक सफेद टी-शर्ट, काले फ्लिप-फ्लॉप और छोटे हीरे जड़े झुमके पहने देखा गया था.

इससे पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

ये पहली बार नहीं है, जब कोई भारतीय नागरिक विदेश में गुमशुदा हुआ हो. मार्च में पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के 20 साल की सुदीक्षा कोनांकी डोमिनिकन गणराज्य में स्प्रिंग ब्रेक के दौरान लापता हो गई थी. 6 मार्च को जब वो लापता हुई, अपने दोस्त के साथ पुंटा काना में छुट्टियां मना रही थी. सुदीक्षा को आखिरी बार सुबह 4:15 बजे देखा गया था.

Paresh Rawal Returns To Hera Pheri 3:‘हेरा फेरी 3’ में परेश रावल की वापसी तय, अक्षय कुमार संग सुलझा सारा विवाद।

 परेश रावल की कॉमेडी फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ में वापसी हो गई है. दिग्गज एक्टर ने खुद खुलासा किया है कि वे एक बार फिर फिल्म में बाबू भैया के रोल में नजर आएंगे. परेश रावल ने अक्षय कुमार के साथ विवाद को लेकर भी बात की है और बताया है कि उनके बीच जो भी तकरार थी, वो अब सुलझ गई है.

बॉलीवुड हंगामा के साथ एक पॉडकास्ट में परेश रावल ने कंफर्म किया कि वो ‘हेरा फेरी 3’ करने के लिए राजी हो गए हैं. अक्षय कुमार के साथ झगड़े पर एक्टर ने कहा- ‘असल में कोई विवाद नहीं है. जब कोई प्रोजेक्ट दर्शकों को इतना पसंद आता है, तो आपको इसे ज्यादा सावधानी से संभालने की जरूरत होती है.’

‘अब सब कुछ ठीक है…’
परेश रावल ने आगे कहा- ‘जनता ने हमें प्यार दिया है और ये जिम्मेदारी के साथ आता है. हमें इसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए. हम उनके लिए अपना बेस्ट काम करने के लिए कर्जदार हैं. मुझे बस लगा कि सभी को एक साथ आना चाहिए और अपना बेस्ट देना चाहिए. यही इकलौती चिंता थी. लेकिन अब सब कुछ ठीक है. ये तो ठीक होना ही था. हमें बस कुछ फाइन-ट्यूनिंग की जरूरत थी. आखिरकार, इसमें शामिल सभी लोग प्रियदर्शन, अक्षय और सुनील क्रिएटिव हैं और लंबे समय से दोस्त हैं.’

परेश रावल ने लौटाया था साइनिंग अमाउंट
इसी साल मई महीने में परेश रावल ने ‘हेरा फेरी 3’ से अपना एग्जिट कंफर्म किया था. खबर ये भी थी कि एक्टर ने 15 पर्सेंट इंटेरेस्ट के साथ अपना 11 लाख का साइनिंग अमाउंट भी वापस कर दिया था. जिसके बाद फ्रेंचाइजी के राइट्स खरीदने वाले अक्षय कुमार ने उनपर ब्रीच ऑफ कॉन्ट्रैक्ट का केस भी कर दिया था. ‘हेरा फेरी 3’ से परेश के बाहर होने पर फैंस से लेकर कई सेलेब्स तक ने मायूसी जाहिर की थी.

‘हेरा फेरी 3’ के बारे में

‘हेरा फेरी 3’ को प्रियदर्शन डायरेक्ट कर रहे हैं और फिरोज नाडियाडवाला फिल्म के प्रोड्यसर हैं. फिल्म में एक बार फिर अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल की तिगड़ी देखने को मिलेगी. फिलहाल फिल्म की रिलीज डेट सामने नहीं आई है.

USA Cricket Board Suspension: ICC एक्शन में, जल्द ही इस देश के क्रिकेट बोर्ड पर लग सकता है बैन; जानें पूरी वजह।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने यूएसए क्रिकेट बोर्ड (USAC) के प्रति बेहद सख्त रवैया अपना लिया है. आईसीसी ने यूएसए क्रिकेट बोर्ड को 12 महीने का गवर्नेंस नोटिस भेजा था, जो अगले महीने समाप्त हो रहा है. खबर है कि या तो संयुक्त राज्य अमेरिका का क्रिकेट बोर्ड अपने नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव करे या बोर्ड को सस्पेंड किया जा सकता है. इस पर अगले महीने ICC की वार्षिक बैठक में बड़ा फैसला लिया जा सकता है.

पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप के समापन के ठीक बाद जुलाई में USAC को नोटिस भेजा गया था. आईसीसीने पिछले साल अनुपालन और सुधारों की निगरानी हेतु सामान्यीकरण समिति की स्थापना की थी. इसके पीछे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने प्रशासनिक अक्षमता का हवाला देकर इस समिति को गठित किया था.

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इसी महीने ICC की एक टीम लॉस एंजेलिस पहुंची थी, जहां उसने यूएस ओलंपिक और पैरालंपिक समिति से मीटिंग की थी. इस बैठक में उस सामान्यीकरण समिति और USAC के कुछ उच्च अधिकारी भी मौजूद रहे. रिपोर्ट अनुसार एक बड़े अधिकारी ने बताया लगातार चेतावनियों के बावजूद परिस्थितियों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि ICC अपना रुख स्पष्ट रख चुका है कि खासतौर पर लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी के बाद नेतृत्व में जरूरी बदलाव अब बहस का मुद्दा रह ही नहीं गए हैं.

आईसीसी की टीम ने USAC के कुछ अधिकारियों से अपना पद छोड़ने का आग्रह किया था. कुछ अधिकारी इस्तीफा देने को तैयार हैं, लेकिन कुछ ऐसा करने को कतई तैयार नहीं हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से एक सूत्र ने बताया कि इस मामले पर यूएसएसी ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है. खबरों की मानें तो आने वाले दिनों में USAC के कई अधिकारी इस्तीफा सौंप सकते हैं. यह भी बताते चलें कि इस संदर्भ में ICC ने अब तक कोई आधिकारिक स्टेटमेंट जारी नहीं किया है.