अमेरिका के वर्जीनिया में गोलीबारी की घटना सामने आ रही है। यहां के एक सुविधा स्टोर में भारतीय मूल के 56 वर्षीय व्यक्ति और उसकी 24 वर्षीय बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने घटना के संबंध में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। मारे गए व्यक्ति का नाम प्रदीपकुमार पटेल बताया जा रहा है। वह अपनी बेटी के साथ वर्जीनिया के पूर्वी तट पर स्थित एकोमैक काउंटी में लैंकफोर्ड हाईवे पर एक स्टोर में काम कर रहे थे, इसी दौरान उन पर हमला हो गया।
द वीक की रिपोर्ट के अनुसार घटना एकोमैक काउंटी शेरिफ कार्यालय में 20 मार्च को सुबह 5:30 बजे के करीब हुई। गोली लगने के बाद घटनास्थल पर ही लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। इसी तरह की चोटों वाली एक महिला को इमारत के अंदर पाया गया और उसे सेंटारा नॉरफ़ॉक जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ बाद में उसकी मृत्यु हो गई। दोनों की पहचान बाप-बेटी के तौर पर हुई।
क्यों मारी गोली
वर्जीनिया पुलिस के अनुसार गुरुवार शाम को एकोमैक काउंटी शेरिफ कार्यालय ने घातक गोलीबारी के सिलसिले में ओनानकॉक के 44 वर्षीय जॉर्ज फ्रेज़ियर डेवोन व्हार्टन को गिरफ़्तारी किया गया है। शेरिफ डब्ल्यू टॉड वेसेल्स ने कहा कि व्हार्टन को वर्तमान में एकोमैक जेल में बिना जमानत के रखा गया है। उस पर प्रथम-डिग्री हत्या, प्रथम-डिग्री हत्या का प्रयास, बन्दूक रखने और गुंडागर्दी करने में बन्दूक का उपयोग करने के दो मामलों सहित कई आरोप हैं। गोलीबारी के पीछे का मकसद अभी तक उजागर नहीं हुआ है।
स्टोर के मालिक परेश पटेल ने पुष्टि की कि दोनों पीड़ित उनके परिवार के सदस्य थे। टीवी स्टेशन ने परेश के हवाले से कहा, “मेरे चचेरे भाई की पत्नी और उसके पिता आज सुबह स्टोर पर काम कर रहे थे और कुछ लोग यहाँ आए और उन्होंने गोली चला दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक के माध्यम से खबर फैलने के बाद अमेरिका में भारतीय समुदाय के लोगों में खलबली मच गई।
सरोजनीनगर विधानसभा: ग्राम पंचायत गहरू में 112वां "आपका विधायक-आपके द्वार" जनसुनवाई शिविर आयोजित, विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह की इस अनूठी पहल के तहत हो रहा जनसमस्याओं का समाधान, मेधावियों का सम्मान, खेल को बढ़ावा और ‘ताराशक्ति’ निःशुल्क रसोई के माध्यम से वितरित किया जा रहा निःशुल्क भोजन
ग्राम पंचायत गहरू में 112वां ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ जनसुनवाई शिविर का आयोजन
ग्रामवासियों की 34 प्रमुख समस्याओं का त्वरित समाधान, शेष मामलों को सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश
‘गांव की शान’ पहल के तहत मेधावी छात्रों को सम्मानित कर साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र भेंट
खेलों को बढ़ावा देने हेतु 69वां गर्ल्स यूथ क्लब गठित, खेल संसाधन उपलब्ध कराए गए
ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान, समाज में योगदान देने वालों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र प्रदान
‘ताराशक्ति’ निःशुल्क रसोई के माध्यम से सैकड़ों ग्रामीणों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया
गांव के विकास हेतु सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ दिलाने का संकल्प
लखनऊ, 23 मार्च 2025: प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र से जनप्रिय भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की अनूठी पहल ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ के तहत ग्राम पंचायत गहरू में 112वां जनसुनवाई शिविर आयोजित किया गया। विधायक की माता स्व. तारा सिंह की स्मृति में आयोजित यह शिविर केवल जनसमस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें प्रतिभाशाली छात्रों को प्रोत्साहन, खेलों को बढ़ावा, बुजुर्गों का सम्मान और निःशुल्क भोजन सेवा जैसी महत्वपूर्ण पहल भी शामिल थीं।
गांव की शान – मेधावियों का सम्मान, शिक्षा को बढ़ावा
ग्राम पंचायत गहरू के प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करने और शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘गांव की शान’ पहल के तहत चार मेधावी विद्यार्थियों को साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “गांव की प्रतिभाएं हमारी असली शक्ति हैं। शिक्षा से ही समाज और देश का विकास संभव है। हमारा लक्ष्य है कि हर मेधावी छात्र को प्रोत्साहन मिले और वे आगे बढ़कर देश का नाम रोशन करें।”
खेलों को प्रोत्साहन – 69वां गर्ल्स यूथ क्लब का गठन
ग्रामीण क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए गहरू में 69वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन किया गया। इस क्लब को कैरम, वॉलीबॉल, फुटबॉल सहित विभिन्न खेल संसाधन उपलब्ध कराए गए।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा: “स्वस्थ समाज के निर्माण में खेलों की अहम भूमिका होती है। हमारा लक्ष्य है कि हर गांव में खेलों को बढ़ावा मिले ताकि ग्रामीण युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकें।”
इस दौरान गांव के युवाओं ने उत्साहपूर्वक खेल गतिविधियों में भाग लिया और विधायक से खेल सुविधाओं को और मजबूत करने की अपील की।
112वां जनसुनवाई शिविर – जनता की समस्याओं का समाधान और सेवा का संकल्प
गर्मी की तपिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस शिविर में भाग लिया और अपनी विभिन्न समस्याओं को विधायक की टीम के समक्ष रखा। जिसमे से 34 प्रमुख समस्याओं को मौके पर ही हल कियागया, जबकि कुछ मामलों को सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश देकर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने वृद्धावस्था पेंशन, किसान सम्मान निधि, नाली और सड़क निर्माण, राजस्व विवाद, विद्युत समस्याएं, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न मुद्दों को उठाया। विधायक ने कहा, “हमारी कोशिश यही रहती है कि जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनसमस्याओं के समाधान के लिए हर गांव में ऐसे शिविर लगाए जाएंगे ताकि लोग अपनी बात सीधे कह सकें और उन्हें त्वरित समाधान मिले।”
‘आपका विधायक – आपके द्वार’ शिविर – बदलाव की दिशा में ठोस कदम
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “यह पहल केवल समस्याओं को सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस समाधान की प्रक्रिया का हिस्सा है। हमारी कोशिश यही रहती है कि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सरोजनीनगर में संचालित अभिनव कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ मिले।”
उन्होंने आगे कहा, “ग्राम पंचायत गहरू में आयोजित यह शिविर साबित करता है कि जब नेतृत्व मजबूत इरादों के साथ काम करता है, तो बदलाव निश्चित रूप से संभव होता है। हमारा संकल्प है कि समाज में हर व्यक्ति को समान अवसर मिले और कोई भी नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान से वंचित न रहे।”
ग्राम पंचायत गहरू में आयोजित 112वां ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ जनसुनवाई शिविर एक समग्र विकास मॉडल के रूप में उभरा। यह शिविर न केवल जनसमस्याओं के समाधान तक सीमित था, बल्कि इसमें शिक्षा, खेल, सेवा और सम्मान को भी प्राथमिकता दी गई।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की यह पहल गांवों के विकास, युवाओं को सशक्त बनाने और हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं के लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान
ग्राम पंचायत गहरू के वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए कई गणमान्य व्यक्तियों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए।
सम्मानित वरिष्ठ नागरिक: ✔ सूर्य पाल सिंह ✔ दिलीप रावत ✔ प्रेमवती रावत ✔ करुणा शंकर उपाध्याय ✔ आर.के. लोधी ✔ सीमा लोधी ✔ के.के. श्रीवास्तव ✔ अजीत, जितेंद्र जीतू, सतीश साहू, शालू कश्यप, पार्षद गीता देवी, शंकरी सिंह, विनय दीक्षित, अंचल, देवेंद्र सिंह, सुमित्रा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति।
विधायक ने कहा,“ग्राम के प्रबुद्ध नागरिकों का आशीर्वाद हमारे लिए मार्गदर्शक है। इनका अनुभव समाज के विकास में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
‘ताराशक्ति’ निःशुल्क रसोई – सेवा और समरसता का प्रतीक
शिविर में ‘ताराशक्ति’ निःशुल्क रसोई के माध्यम से सैकड़ों ग्रामीणों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया। यह पहल केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में समरसता और सेवा भाव को भी मजबूत करने का कार्य कर रही है।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा: “हमारी संस्कृति में अन्नदान को सबसे बड़ा दान माना गया है। ‘ताराशक्ति’ रसोई के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराकर इस परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है।”
सीतापुर में दो दिवसीय विहिप प्रांत योजना बैठक का समापन।
हिंदू समाज में सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर।
विहिप के 25 जिलों के पदाधिकारियों की भागीदारी, संगठन विस्तार पर चर्चा।
पर्यावरण संरक्षण को हिंदू धर्म के मूल्यों से जोड़ने की अपील।
युवा शक्ति को संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
लखनऊ, 23 मार्च 2025: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) अवध प्रांत की दो दिवसीय प्रांत योजना बैठक का आज भव्य समापन हुआ। यह महत्वपूर्ण बैठक आनंदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नैपालापुर, सीतापुर में आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान हिंदू समाज की समरसता, संगठन विस्तार, हिंदू परिवारों की संरचना और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
क्षेत्र संगठन मंत्री ने किया उद्घाटन, प्रमुख संतों और पदाधिकारियों की रही उपस्थिति
बैठक का उद्घाटन विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र जी ने श्रीरामजानकी दरबार के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ किया।
इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप, प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, प्रांत मंत्री देवेंद्र मिश्र, एवं महंत संतोष दास खाकी जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी मंच पर उपस्थित रहे।
बैठक के समापन सत्र में भी हिंदू समाज की उन्नति से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन मंथन किया गया।
हिंदू समाज में सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान
क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र जी ने अपने संबोधन में हिंदू समाज को छुआछूत जैसी कुरीतियों से मुक्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि समाज में सामाजिक समरसता को बढ़ाने और हिंदू परिवार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी हिंदू धर्म के मूल्यों से जोड़कर, इसे एक आवश्यक कर्तव्य बताया गया।
25 जिलों के पदाधिकारी हुए शामिल, संगठन विस्तार पर हुई चर्चा
बैठक में अवध प्रांत के 25 जिलों से विहिप, मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी और बजरंग दल के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।
हिंदू समाज के समक्ष उत्पन्न विभिन्न चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।
संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने और नई रणनीतियों के साथ आगे बढ़ने पर भी चर्चा हुई।
हिंदू समाज की रक्षा और संस्कृति के संरक्षण पर दिया गया जोर
बैठक में हिंदू समाज की रक्षा और संस्कृति के संरक्षण के लिए युवा शक्ति के योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया।
विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने युवाओं से आग्रह किया कि वे हिंदू संस्कृति की रक्षा और संगठन को मजबूत करने के लिए आगे आएं।
विहिप की इस बैठक ने हिंदू समाज की मजबूती, सामाजिक समरसता और संगठन विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक के दौरान विचार-विमर्श से स्पष्ट हुआ कि हिंदू परिवार प्रणाली को सशक्त करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करने की जरूरत है।
यह बैठक 22 से 23 मार्च तक चली, जिसमें हिंदू समाज की बेहतरी के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
Indian Kabaddi Team: कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 का रण अपने आखिरी चरण में पहुंच चुका है। जहां भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने क्वार्टर फाइनल में हंगरी को 69-24 से मात दी और इसी के साथ उसने सेमीफाइनल में शानदार तरीके से एंट्री कर ली। मैच में भारतीय प्लेयर्स ने शानदार प्रदर्शन किया और उनके आगे हंगरी की टीम टिक नहीं पाई। भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में 22 मार्च को वेल्स के खिलाफ मुकाबला खेलेगी, जहां उसकी निगाहें फाइनल का टिकट पाने पर होंगी।
हंगरी के खिलाफ मैच में भारतीय प्लेयर्स ने अपने अनुभव का पूरा उपयोग किया। पहले क्वार्टर से ही भारतीय टीम ने अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया था और भारतीय रेडर्स ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। हंगरी की टीम भारतीय प्लेयर्स को रोक नहीं पाई और उनके रेडर्स मैच में पॉइंट बनाने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए। इसके बाद भारत ने शान से सेमीफाइनल में एंट्री कर ली।
भारतीय टीम ने नहीं हारा एक भी मैच
कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 में अभी तक भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल तक के अपने सफर में एक भी मैच नहीं हारा है। भारत ने अपने पहले मैच में इटली को 64-22 से हराया था। इसके बाद स्कॉटलैंड के खिलाफ उसका मैच 64-64 से टाई रहा। फिर भारतीय टीम ने हांगकांग चीन को 73-21 से पटखनी दी। भारतीय टीम ने फिर वेल्स की टीम को 102-47 से धूल चटाई। क्वार्टर फाइनल में भी भारत का विजय रथ जारी रहा।
23 मार्च को होगा फाइनल मैच
पुरुष कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 का पहला सेमीफाइनल मुकाबला इंग्लैंड और स्क्वॉटलैंड के बीच खेला जाएगा। वहीं दूसरा सेमीफाइनल भारत और वेल्स के बीच होगा। ये दोनों ही सेमीफाइनल मैच 22 मार्च को खेले जाएंगे। इसके बाद फाइनल मैच 23 मार्च को होगा।
सपा सांसद रामजी लाल सुमन के बयान पर विवाद, भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की तीखी प्रतिक्रिया
सपा सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा महाराणा सांगा को ‘गद्दार’ कहने पर विवाद, भाजपा ने की कड़ी निंदा।
भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ट्वीट कर इसे “तुष्टीकरण की मानसिकता का घटिया प्रदर्शन” बताया।
इतिहासकारों ने किया खंडन, कहा – “बाबर को भारत बुलाने में राणा सांगा की नहीं, बल्कि दौलत खान लोदी और आलम खान की भूमिका थी।”
राजनीतिक माहौल गरमाया, भाजपा और राजपूत संगठनों ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव से माफी की मांग की।
मामला बढ़ सकता है, भाजपा ने सपा पर “झूठ और तुष्टीकरण की फैक्ट्री” होने का आरोप लगाया, अब अखिलेश यादव के जवाब का इंतजार।
भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का TWEET
लखनऊ, 23 मार्च 2025: समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा वीर योद्धा महाराणा सांगा को ‘गद्दार’ कहे जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे तुष्टीकरण की मानसिकता का घटिया प्रदर्शन बताया है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से इस विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से माफी मांगने की मांग की।
भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा: “सपा सांसद का राष्ट्रद्रोही बयान तुष्टीकरण की मानसिकता का घटिया प्रदर्शन है! समाजवादी पार्टी की दूषित राजनीति अब हर मर्यादा लांघ चुकी है! मुस्लिम वोट बैंक के लालच में उनके नेताओं को देश की अस्मिता, वीरता और गौरवशाली इतिहास से कोई सरोकार नहीं रहा!!”
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (सपा) सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए वीर योद्धाओं के चरित्र पर कीचड़ उछाल रही है।
“सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने जब वीर योद्धा ‘महाराणा सांगा’ को ‘गद्दार’ कहने की धृष्टता की, तब उन्होंने न केवल ऐतिहासिक तथ्यों का अपमान किया, बल्कि भारतीय वीरता और स्वाभिमान की परंपरा को कलंकित करने का कुत्सित प्रयास भी किया!”
इतिहास के तथ्यों से छेड़छाड़?
सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने अपने बयान में कहा कि “राणा सांगा ने बाबर को भारत बुलाया”, जिसे भाजपा और इतिहासकारों ने पूरी तरह गलत और तथ्यों से परे बताया है।
भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा: “सपा सांसद का दावा ‘राणा सांगा ने बाबर को भारत बुलाया’ न केवल आधारहीन और भ्रामक है, बल्कि इतिहास की सतही समझ और तुष्टीकरण की शर्मनाक राजनीति का निकृष्ट उदाहरण है।”
इतिहासकारों के अनुसार, बाबर को भारत बुलाने वाले असंतुष्ट दरबारी थे, जिनमें खासकर दौलत खान लोदी और आलम खान शामिल थे। बाबरनामा में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है कि दौलत खान लोदी ने बाबर से काबुल में संपर्क किया था।
क्या सपा इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है?
भाजपा विधायक ने ट्वीट में जोर देते हुए लिखा: “समाजवादी पार्टी के नेता, या तो इतिहास पढ़ते नहीं या जानबूझकर झूठ फैलाते हैं!” उन्होंने स्पष्ट किया कि राणा सांगा ने बाबर के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ा था और वह भारत की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़े। महाराणा संग्राम सिंह ‘राणा सांगा’ परम प्रतापी थे – वीर शिरोमणि थे। जब बाबर ने पानीपत की पहली लड़ाई (1526) में लोदी को हराकर दिल्ली पर कब्जा कर लिया और भारत में अपनी सत्ता जमाने की कोशिश शुरू की, तो राणा सांगा ने उसका डटकर विरोध किया।”
खानवा युद्ध और महाराणा सांगा की वीरता
खानवा का युद्ध (17 मार्च 1527) भारतीय इतिहास में वीरता का प्रतीक है। इस युद्ध में महाराणा सांगा ने राजपूत सेना का नेतृत्व करते हुए बाबर से संघर्ष किया।
भाजपा विधायक ने अपने ट्वीट में लिखा “क्या कोई ‘गद्दार’ अपने देश की मिट्टी के लिए आखिरी साँस तक लड़ता है? समाजवादी पार्टी को इस प्रश्न का उत्तर देना चाहिए!!”
इतिहासकारों के अनुसार, इस युद्ध को बाबर ने ‘जिहाद’ का नाम दिया था और अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए इसे धर्म युद्ध बताया। दूसरी ओर, राणा सांगा ने एक आँख, एक हाथ और अस्सी घावों के बावजूद बाबर की तोपों और तुलुगमा रणनीति का डटकर मुकाबला किया।
“क्या यही ‘गद्दारी’ होती है? या तुष्टीकरण के चलते सपा में वीरता की परिभाषा ही बदल गई? या समाजवादी पार्टी का हिंदू वीरता से द्वेष, उनके नेताओं की बुद्धि भ्रष्ट कर चुका है?”
राणा सांगा की वीरता के 5 ऐतिहासिक प्रमाण:
भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने राणा सांगा की वीरता के प्रमाण के लिए इतिहास की कुछ प्रमुख किताबों में लिखे हुए उन शब्दों को भी पूरे प्रमाण के साथ (शब्द, लेखक, किताब का नाम व उसकी पेज संख्या के साथ) शेयर किया, जिससे ऐसे वाहियात बयान देने से पहले कोई भी प्रतिष्ठित पद में बैठ हुआ व्यक्ति अपने पद की गरिमा को जरूर समझे। भाजपा विधायक ने अपने ट्विटर हैन्डल में इतिहास की 5 प्रमुख किताबों का नाम उनके लेखकों के साथ-साथ पेज नंबर व पूरे तथ्य के साथ शेयर भी किया है, जिससे उनके बयान की प्रामाणिकता में किसी प्रकार का प्रश्न चिन्ह न लगे।
मुगल आक्रमण का प्रतिरोध: राणा सांगा ने 1526-1527 में बाबर के नेतृत्व में मुगलों के आक्रमण का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने अन्य राजपूत राज्यों के साथ गठबंधन करके विदेशी शासकों का विरोध किया। (संदर्भ: “A History of India” – John Keay, पेज 345)
खानवा का महासंग्राम: राणा सांगा ने बाबर के खिलाफ खानवा का ऐतिहासिक युद्ध लड़ा। भले ही यह युद्ध उनकी हार में समाप्त हुआ, लेकिन उनकी वीरता और प्रतिरोध ने उन्हें अमर बना दिया। (संदर्भ: “The Mughal Empire” – John F. Richards, पेज 23)
राजपूत शक्ति के संगठक: राणा सांगा ने मुस्लिम शासकों के खिलाफ राजपूत राज्यों को एकजुट किया। उन्होंने अम्बर, मारवाड़ और बीकानेर सहित अन्य राजपूत राज्यों के साथ गठबंधन स्थापित किया। (संदर्भ: “The Rajputs” – G.H. Ojha, पेज 234)
प्रमुख सैन्य अभियान: राणा सांगा ने गुजरात और मालवा के सुल्तानों के खिलाफ कई सफल सैन्य अभियान चलाए और महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विजय प्राप्त की। (संदर्भ: “A History of Rajasthan” – R.C. Jakhmola, पेज 201)
अमर विरासत: राणा सांगा का बलिदान और संघर्ष भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उनकी वीरता और त्याग आज भी राजपूत इतिहास में प्रेरणा का स्रोत है। (संदर्भ: “Rana Sanga: A Study of His Life and Times” – Raghubir Singh, पेज 12)
समाजवादी पार्टी से माफी की मांग
भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस विवाद पर स्पष्ट रूप से कहा कि समाजवादी पार्टी को इस शर्मनाक बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने ट्वीट में लिखा “समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी राजनीति तथ्यों पर नहीं, बल्कि तुष्टीकरण पर टिकी है। बाबर और औरंगजेब जैसे आक्रांताओं की प्रशंसा और राणा सांगा जैसे वीर का अपमान उनकी नियति है!”
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने पर आधारित है और यह एक गहरी साजिश के तहत किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “भारत के वीरों का अपमान, समाजवादी पार्टी के डीएनए में है!” फिर भी अभी तक सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का कोई भी बयान नहीं आया है।
क्या समाजवादी पार्टी देगी जवाब?
समाजवादी पार्टी के सांसद द्वारा दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और भाजपा सहित कई हिंदू संगठनों ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है, उन्होंने कहा है कि “समाजवादी पार्टी झूठ और तुष्टीकरण की फैक्ट्री है!”
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का यह ट्वीट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और सपा सांसद के बयान की कड़ी आलोचना कर रहे हैं।
अब सवाल यह है कि क्या समाजवादी पार्टी अपने सांसद के बयान पर सफाई देगी, या यह विवाद और गहराएगा? यह देखना दिलचस्प होगा कि अखिलेश यादव इस पर क्या रुख अपनाते हैं। क्योंकि अगर समाजवादी पार्टी और उसके जिम्मेदार नेताओं द्वारा समय रहते उचित फैसला नहीं लिया गया, तो मामला और भी बढ़ सकता है।