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पाकिस्तान की जेल में रची जा रही साजिश, इमरान खान की हत्या करना चाहते हैं मुनीर – जानिए किसने किया यह दावा

पाकिस्तान से बुरी खबर आई, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के सबसे पॉपुलर लीडर और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में मारने की साजिश हो रही है। इमरान खान की बहन अलीमा खान ने इसका खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि मेरे भाई इमरान की बेल पिटीशन पर सुनवाई को जानबूझ कर टाला जा रहा है। इमरान खान को जेल में आम कैदियों को मिलने वाली सहूलियतें भी नहीं मिल रही हैं। परिवार वालों को इमरान खान से नहीं मिलने दिया जा रहा है, उनके वकीलों की जेल में एंट्री वैन कर दी गई है। इमरान की बहनें अलीमा खान और उजमा खान आज भी रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंची थीं, लेकिन उन्हें इमरान खान से नहीं मिलने दिया गया।

आसिम मुनीर पर लगाया आरोप

अलीमा खान ने कहा कि जनरल आसिम मुनीर ने पाकिस्तान में अनडिक्लेयर्ड मार्शल लॉ लागू कर दिया है। ज्यूडिशियरी पूरी तरह सरकार और फौज के इशारे पर चल रही है। इमरान खान को आइसोलेट करके, उन्हें राजनातिक तौर पर पूरी तरह से खत्म करने की साजिश हो रही है। इमरान को जेल में टॉर्चर किया जा रहा है। अदालत के आदेश पर इमरान खान की सेल में पंखा लगाया गया है, कूलर लगाया गया है, लेकिन पावर सप्लाई बंद कर दी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ना वकील इमरान से मिल सकते हैं, न डॉक्टर्स। कब, कौन सी बुरी खबर आ जाए कोई नहीं कह सकता। मतलब ये है कि इमरान खान की जान को खतरा है।

इमरान खान को क्यों हुई जेल

इमरान ख़ान को 2018 में फ़ौज ने ही प्राइम मिनिस्टर बनाया था लेकिन, उनके बुरे दिन 2022 में उस वक़्त शुरू हुए, जब उस वक़्त के आर्मी चीफ जनरल क़मर जावेद बाजवा से इमरान ख़ान की खटपट हो गई। फिर फौज की मदद से इमरान की सरकार गिरा दी गई। इसके बाद जब 9 मई 2022 को इमरान ख़ान को कोर्ट में पेशी से ठीक पहले गिरफ़्तार किया गया तो उनके समर्थकों ने पाकिस्तानी फ़ौज के हेडक्वार्टर समेत पूरे मुल्क में फ़ौजी ठिकानों को कैंट areas को टारगेट किया। जनरलों के घरों पर हमले किए। इसके बाद से ही इमरान ख़ान के बुरे दिन शुरू हो गए। 

उस वक्त तो सुप्रीम कोर्ट ने इमरान ख़ान को बेल दे दी थी। लेकिन, मई 2023 में इमरान ख़ान पर करप्शन, घूसख़ोरी, फ़ौज के ख़िलाफ़ बग़ावत भड़काने, क़ानून तोड़ने और सरकारी कर्मचारियों के काम में ख़लल डालने जैसे क़रीब 200 मुक़दमे लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया। इमरान ख़ान के ऊपर पंजाब और सिंध से लेकर बलोचिस्तान और ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह सूबे में केस रजिस्टर्ड हैं और कई मामलों में lower court से बेल मिलने के बाद, ऊपरी अदालत इमरान ख़ान की ज़मानत पर रोक लगा देती है।

कोर्ट भी फौज के इशारे पर चल रही

एक केस में ज़मानत होती है..तो दूसरे में अरेस्ट कर लिया जाता है, आज इमरान ख़ान की बह  ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की जुडिशियरी भी, फ़ौज के इशारे पर चल रही है। इसीलिए इमरान ख़ान को ज़मानत नहीं मिल रही है। अलीमा ने कहा कि इमरान के ऊपर थोपे गए ज़्यादातर केस फ़र्ज़ी हैं और उनको तुरंत बेल मिल सकती है लेकिन, judges भी बेल पेटिशन पर सुनवाई नहीं कर रहे हैं क्योंकि, फ़ौज ने इमरान ख़ान को जेल में रखे का हुक्म दिया है।

अब सीता के किरदार में नजर आईं मोनालिसा, रामायण का सीन किया रीक्रिएट, दर्शकों को याद आईं दीपिका चिखलिया

महाकुंभ मेला 2025 की खोज मोनालिसा आए दिन सोशल मीडिया पर चर्चा में बनी रहती हैं। मोनालिसा के एक्टिंग डेब्यू का पहले ही ऐलान हो गया था, लेकिन अब तक उनका बॉलीवुड डेब्यू नहीं हुआ है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वह काफी एक्टिव हैं और आए दिन अपने फैंस के साथ कोई न कोई नया वीडियो शेयर करती रहती हैं, जिसमें वह अपनी एक्टिंग स्किल्स फ्लॉन्ट करती नजर आती हैं। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने श्रीदेवी की सुपरहिट फिल्म ‘चालबाज’ के एक डायलॉग पर लिपसिंक करते हुए वीडियो शेयर किया था और अब वह रामायण की सीता मैया बन गई हैं। मोनालिसा ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह एक वायरल सीन पर लिप सिंक करती दिखाई दे रही हैं।

सीता मैया बनीं मोनालिसा

हाल ही में मोनालिसा ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह ‘रामायण’ के एक वायरल सीन पर लिप सिंक करती दिखीं। वीडियो में उन्होंने इतनी जबरदस्त एक्टिंग की कि जिसने भी ये वीडियो देखा वायरल गर्ल की तारीफ किए बिना नहीं रह पाया। इस वीडियो में वह दीपिका चिखलिया द्वारा निभाए माता सीता का डायलॉग बोलती हुई काफी इंप्रेसिव लगीं। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा- ‘एक्टिंग का प्रयास।’ इस वीडियो से एक बात तो जाहिर है कि मोनालिसा लगातार अपनी एक्टिंग स्किल्स पर काम कर रही हैं और ये उनके वीडियो में भी साफ देखा जा सकता है। मोनालिसा के वीडियो पर कमेंट करते हुए कई यूजर्स ने उनकी तारीफ कही। वहीं कुछ का कहना है कि इस वीडियो को देखकर उन्हें दीपिका चिखलिया याद आ गईं।

टाइटैनिक की हीरोइन ने घटाया 45 किलो वजन, अब पहचानना हुआ मुश्किल; खुद शेयर किया अपना वेट लॉस सीक्रेट

टाइटैनिक फिल्म का हर किरदार आज भी लोगों के दिलों पर राज करता है। केट विंस्लेट, लियोनार्डो डी कैपरियो ही नहीं मार्गेट ब्राउन (मॉली) तक का कैरेक्टर लोगों को याद है। फिल्म में गोल मटोल सी एक अमीर महिला का रोल प्ले करने वाली कैथी बेट्स इन दिनों फिर से चर्चाओं में है। कैथी बेट्स अपने वजन घटाने को लेकर सुर्खियां बटोर रही है। 76 साल की ऑस्कर विनर एक्ट्रेस ने पिछले कुछ सालों में 100 पाउंड यानि करीब 45 किलो वजन कम कर लिया है। सबसे खास बात ये है कि इसके लिए न तो उन्होंने डाइटिंग की और न ही कोई खास वर्कआउट का सहारा लिया। एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने बड़े आसान तरीके से 6 साल में इस वजन को हासिल कर लिया।

कैथी बेट्स ने घटाना 100 पाउंड वजन

एक्ट्रेस कैथी ने हाल ही में वैरायटी के साथ हुए इंटरव्यू में बताया कि पिछले छह सालों में उन्होंने 100 पाउंड वजन कम किया है। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए एक गेम चेंजर रहा है। मुझे सच में नहीं लगता कि मैं अपने कॉलेज के दिनों से इतनी पतली रही हूं।’

मोटापे से होने लगीं थीं ये परेशानी

उन्होंने बताया कि मेरे लिए चलना मुश्किल हो गया था। कोई भी काम करने में सांस फूलने लगती थी। लेकिन साल 2019 जब उन्हें डायबिटीज हो गया तो वजन कम करने की ठान ली। एक्ट्रेस ने 60 पाउंड वजन कम करने का टारगेट रखा और उससे कहीं ज्यादा हासिल कर दिखाया।माइंडफुल ईटिंग से घटाया वजनकैथी बेट्स ने वजन घटाने को जारी रखा जिसमें उन्होंने अपनी भतीजी से माइंडफुल ईटिंग के बारे में जाना और फॉलो किया। इससे तेजी से वजन कम होने लगा। बेट्स ने बताया, जब आप 20 से 30 मिनट तक खाना खाते हैं तो आपका शरीर और दिमाग इस बात को जान पाते हैं कि आपने पर्याप्त मात्रा में खा लिया। आपको भी इससे फुल होने का अहसास होता है। इसे माइंडफुल ईटिंग कहा जाता है। जबकि सिर्फ 5 मिनट में खाना खत्म कर देने से दिमाग को खाने और पेट भरा होने का सिग्नल तक नहीं मिल पाता है। जिससे आपको और खाने की क्रेविंग होती है। लेकिन माइंडफुल ईटिंग के बाद आपको जल्दी खाने का मन नहीं करता है और वजन घटाने में आसानी होती है।

ईशान किशन ने एक बार फिर दिखाया अपनी बल्लेबाज़ी का जौहर, इंग्लैंड में जड़ा लगातार दूसरा अर्धशतक।

एक तरफ जहां टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर पहले टेस्ट में हार के बाद दूसरे टेस्ट मैच की तैयारी में जुटी है। वहीं, दूसरी तरफ भारत के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन इस समय इंग्लैंड में अपनी शानदार फॉर्म का जलवा बिखेर रहे हैं। उन्होंने लगातार दूसरे मुकाबले में अर्धशतक ठोक कर सबका ध्यान खींचा है। ईशान किशन इंग्लैंड दौरे पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने काउंटी चैम्पियनशिप डिवीजन वन में बैक टू बैक मैचों में बल्ले से धमाका कर दिया है।

ईशान किशन ने नॉटिंघमशायर की ओर से खेलते हुए 77 रनों की जबरदस्त पारी खेली। सोमरसेट के खिलाफ मैच के तीसरे दिन अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 128 गेंदों का सामना किया और कई बेहतरीन शॉट्स लगाए। उनके बल्ले से 8 चौके और 2 बेहतरीन छक्के देखने को मिले। इस तरह लगातार दूसरे मैच में अर्धशतक जड़ने का कारनामा किया। इससे पहले भी उन्होंने यॉर्कशर के खिलाफ खेलते हुए 87 रनों की शानदार पारी खेली थी। 

सिर्फ 2 मैच का था साथ 

26 साल के किशन नाटिंघमशर की टीम में साउथ अफ्रीका के काइल वेरेने की जगह शामिल हुए थे। लगातार 2 मैचों में अर्धशतक जड़ने साथ ही उनका काउंटी में इस सीजन का सफर समाप्त हो गया है। बता दें, भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने नाटिंघमशर के साथ दो काउंटी मैच खेलने के लिए ही करार किया था। 

सिलेक्टर्स को बल्ले से भेजा संदेश

दो लगातार अर्धशतक जड़ ईशान ने दिखा दिया है कि वो अपने पुराने लय में लौट आए हैं। इंग्लैंड की कंडीशंस में उनका इस तरह प्रदर्शन करना न केवल उनकी काउंटी टीम के लिए फायदेमंद है, बल्कि आने टीम इंडिया के लिए भी अच्छी खबर है। फिलहाल, किशन की इस फॉर्म ने भारतीय चयनकर्ताओं का ध्यान भी खींचा है। इस प्रदर्शन के बाद उनकी टेस्ट और वनडे टीम में वापसी की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि किशन अपने इस फॉर्म को कितनी दूर तक कायम रख पाते हैं। 

कांग्रेस अध्यक्ष के पुत्र द्वारा RSS पर प्रतिबंध लगाने की धमकी के बाद सरोजिनी नगर विधायक ने दी चेतावनी: बोले- जो संघ को मिटाने की सोचते हैं, वे भारत की चेतना से टकरा रहे हैं

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश: भारत की सुरक्षा शक्ति का नया केंद्र बना सरोजनीनगर- डॉ. राजेश्वर सिंह
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“RSS भारत की धड़कन है” – डॉ. सिंह ने कांग्रेस की मंशा को आंकड़ों सहित किया बेनकाब

लखनऊ। कर्नाटक सरकार में मंत्री एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियांक खड़गे द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की धमकी के बाद देशभर में तीव्र प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। इस विषय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरोजनीनगर के विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ के माध्यम से एक सशक्त वक्तव्य जारी किया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “RSS मात्र एक संस्था नहीं, यह राष्ट्र चेतना है, यह भारत की आत्मा है। जिस संगठन को प्रतिबंधित करने की बात की जा रही है, वह भारत की मिट्टी से उपजा, भारत माता की सेवा में सतत समर्पित संगठन है।”

डॉ. सिंह ने इस बयान को कांग्रेस की विचारधारा की दिवालियापन और भारत विरोधी सोच का परिचायक बताते हुए कहा कि यह वही मानसिकता है, जो सदियों से भारत की संस्कृति को कुचलने के प्रयास करती रही है, और अब यह प्रयास कांग्रेस के वंशवादी मंच से हो रहा है।

RSS – भारत की सेवा, सुरक्षा और संस्कृति का संवाहक

अपने वक्तव्य में डॉ. राजेश्वर सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए निम्नलिखित तथ्य साझा किए:

संघ कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि भारत की धड़कन है।

1 करोड़ से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवक, 61,045 दैनिक शाखाएँ, 80 से अधिक आनुषांगिक संगठन, 55,000 से अधिक गाँवों तक सेवा विस्तार और 40 से अधिक देशों में वैश्विक उपस्थिति इसका प्रमाण है।

इतिहास साक्षी है – जब-जब संकट आया, संघ सबसे आगे खड़ा हुआ

डॉ. राजेश्वर सिंह ने विभिन्न कालखंडों का उल्लेख करते हुए बताया कि:

  • 1947 में विभाजन के समय संघ ने 3,000 से अधिक राहत शिविरों के माध्यम से शरणार्थियों की सेवा की।
  • 1962 के भारत-चीन युद्ध के समय संघ स्वयंसेवकों ने सेना की भरपूर सहायता की।
  • आपातकाल के दौरान हजारों स्वयंसेवकों ने लोकतंत्र की रक्षा हेतु जेलों में अमानवीय यातनाएँ सही।
  • गोवा और दादरा-नगर हवेली जैसे क्षेत्रों की आज़ादी में संघ की निर्णायक भूमिका रही। सेवा के क्षेत्र में RSS एक विश्वसनीय नाम

डॉ. सिंह ने आगे जोड़ा कि:

  • सेवा भारती के माध्यम से 35,000 एकल विद्यालयों में 10 लाख से अधिक छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
  • विद्या भारती के 20,000 विद्यालयों में 30 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
  • विवेकानंद केंद्र, वनवासी कल्याण आश्रम, लघु उद्योग भारती जैसे संगठन समाज के अंतिम छोर तक सेवा पहुंचा रहे हैं। तीन बार प्रतिबंध – तीन बार सत्य की विजय
    अपने बयान में विधायक ने यह भी उल्लेख किया कि:
  • 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद,
  • 1975 में आपातकाल के समय,
  • 1992 में बाबरी ढांचा प्रकरण के समय—तीनों बार संघ पर प्रतिबंध लगा, लेकिन हर बार न्याय और सत्य की जीत हुई। संघ की निर्मल छवि – स्वयं गांधी, नेहरू, इंदिरा और प्रणव मुखर्जी कर चुके हैं प्रशंसा

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि:

  • महात्मा गांधी ने वर्धा में संघ के अनुशासन और समानता की प्रशंसा की थी।
  • पंडित नेहरू ने 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में स्वयं संघ को आमंत्रित किया था।
  • इंदिरा गांधी ने विवेकानंद रॉक मेमोरियल के उद्घाटन में सहभागिता की।
  • पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने नागपुर में RSS को ‘राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला’ बताया था। कांग्रेस से स्पष्ट प्रश्न – क्या संघ से डरने लगी है वंशवादी राजनीति?

डॉ. सिंह ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए पूछा:

  • क्या भारत के सबसे बड़े राष्ट्रसेवी संगठन को मिटाने की धमकी देना आपकी राजनीति की हताशा नहीं दर्शाता?
  • क्या अब वंशवाद की राजनीति इतनी असहाय हो गई है कि उसे संघ की सेवा और संघर्ष से भय लगने लगा है? संघ मिटेगा नहीं, संघ बढ़ेगा – भारत बनेगा

अपने वक्तव्य के अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा:
“जो संघ पर प्रतिबंध की बात करता है, वह भारत की सेवा, सुरक्षा, संस्कृति और स्वाभिमान पर हमला करता है।
संघ मिटेगा नहीं – यह संकल्प है। संघ बढ़ेगा, समाज बढ़ेगा। संघ रहेगा, भारत बनेगा!”