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सपा सांसद रामजी लाल सुमन के बयान से मचा बवाल: भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने बताया तुष्टीकरण की मानसिकता का घटिया प्रदर्शन, समाजवादी पार्टी की दूषित राजनीति अब हर मर्यादा लांघ चुकी, वोटबैंक के लालच में सपा नेता देश की अस्मिता, वीरता और गौरवशाली इतिहास से भी कर रहे खिलवाड़

  • सपा सांसद रामजी लाल सुमन के बयान पर विवाद, भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की तीखी प्रतिक्रिया
  • सपा सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा महाराणा सांगा को ‘गद्दार’ कहने पर विवाद, भाजपा ने की कड़ी निंदा।
  • भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ट्वीट कर इसे “तुष्टीकरण की मानसिकता का घटिया प्रदर्शन” बताया।
  • इतिहासकारों ने किया खंडन, कहा – “बाबर को भारत बुलाने में राणा सांगा की नहीं, बल्कि दौलत खान लोदी और आलम खान की भूमिका थी।”
  • राजनीतिक माहौल गरमाया, भाजपा और राजपूत संगठनों ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव से माफी की मांग की।
  • मामला बढ़ सकता है, भाजपा ने सपा पर “झूठ और तुष्टीकरण की फैक्ट्री” होने का आरोप लगाया, अब अखिलेश यादव के जवाब का इंतजार।
भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का TWEET

लखनऊ, 23 मार्च 2025: समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा वीर योद्धा महाराणा सांगा को ‘गद्दार’ कहे जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे तुष्टीकरण की मानसिकता का घटिया प्रदर्शन बताया है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से इस विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से माफी मांगने की मांग की।

भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का तीखा प्रहार

भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा: “सपा सांसद का राष्ट्रद्रोही बयान तुष्टीकरण की मानसिकता का घटिया प्रदर्शन है! समाजवादी पार्टी की दूषित राजनीति अब हर मर्यादा लांघ चुकी है! मुस्लिम वोट बैंक के लालच में उनके नेताओं को देश की अस्मिता, वीरता और गौरवशाली इतिहास से कोई सरोकार नहीं रहा!!”

उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (सपा) सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए वीर योद्धाओं के चरित्र पर कीचड़ उछाल रही है।

“सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने जब वीर योद्धा ‘महाराणा सांगा’ को ‘गद्दार’ कहने की धृष्टता की, तब उन्होंने न केवल ऐतिहासिक तथ्यों का अपमान किया, बल्कि भारतीय वीरता और स्वाभिमान की परंपरा को कलंकित करने का कुत्सित प्रयास भी किया!”

इतिहास के तथ्यों से छेड़छाड़?

सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने अपने बयान में कहा कि “राणा सांगा ने बाबर को भारत बुलाया”, जिसे भाजपा और इतिहासकारों ने पूरी तरह गलत और तथ्यों से परे बताया है।

भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा: “सपा सांसद का दावा ‘राणा सांगा ने बाबर को भारत बुलाया’ न केवल आधारहीन और भ्रामक है, बल्कि इतिहास की सतही समझ और तुष्टीकरण की शर्मनाक राजनीति का निकृष्ट उदाहरण है।”

इतिहासकारों के अनुसार, बाबर को भारत बुलाने वाले असंतुष्ट दरबारी थे, जिनमें खासकर दौलत खान लोदी और आलम खान शामिल थे। बाबरनामा में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है कि दौलत खान लोदी ने बाबर से काबुल में संपर्क किया था।

क्या सपा इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है?

भाजपा विधायक ने ट्वीट में जोर देते हुए लिखा: “समाजवादी पार्टी के नेता, या तो इतिहास पढ़ते नहीं या जानबूझकर झूठ फैलाते हैं!”
उन्होंने स्पष्ट किया कि राणा सांगा ने बाबर के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ा था और वह भारत की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़े। महाराणा संग्राम सिंह ‘राणा सांगा’ परम प्रतापी थे – वीर शिरोमणि थे। जब बाबर ने पानीपत की पहली लड़ाई (1526) में लोदी को हराकर दिल्ली पर कब्जा कर लिया और भारत में अपनी सत्ता जमाने की कोशिश शुरू की, तो राणा सांगा ने उसका डटकर विरोध किया।”

खानवा युद्ध और महाराणा सांगा की वीरता

खानवा का युद्ध (17 मार्च 1527) भारतीय इतिहास में वीरता का प्रतीक है। इस युद्ध में महाराणा सांगा ने राजपूत सेना का नेतृत्व करते हुए बाबर से संघर्ष किया।

भाजपा विधायक ने अपने ट्वीट में लिखा “क्या कोई ‘गद्दार’ अपने देश की मिट्टी के लिए आखिरी साँस तक लड़ता है? समाजवादी पार्टी को इस प्रश्न का उत्तर देना चाहिए!!”

इतिहासकारों के अनुसार, इस युद्ध को बाबर ने ‘जिहाद’ का नाम दिया था और अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए इसे धर्म युद्ध बताया। दूसरी ओर, राणा सांगा ने एक आँख, एक हाथ और अस्सी घावों के बावजूद बाबर की तोपों और तुलुगमा रणनीति का डटकर मुकाबला किया।

“क्या यही ‘गद्दारी’ होती है? या तुष्टीकरण के चलते सपा में वीरता की परिभाषा ही बदल गई? या समाजवादी पार्टी का हिंदू वीरता से द्वेष, उनके नेताओं की बुद्धि भ्रष्ट कर चुका है?”

राणा सांगा की वीरता के 5 ऐतिहासिक प्रमाण:

भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने राणा सांगा की वीरता के प्रमाण के लिए इतिहास की कुछ प्रमुख किताबों में लिखे हुए उन शब्दों को भी पूरे प्रमाण के साथ (शब्द, लेखक, किताब का नाम व उसकी पेज संख्या के साथ) शेयर किया, जिससे ऐसे वाहियात बयान देने से पहले कोई भी प्रतिष्ठित पद में बैठ हुआ व्यक्ति अपने पद की गरिमा को जरूर समझे। भाजपा विधायक ने अपने ट्विटर हैन्डल में इतिहास की 5 प्रमुख किताबों का नाम उनके लेखकों के साथ-साथ पेज नंबर व पूरे तथ्य के साथ शेयर भी किया है, जिससे उनके बयान की प्रामाणिकता में किसी प्रकार का प्रश्न चिन्ह न लगे।

  1. मुगल आक्रमण का प्रतिरोध:
    राणा सांगा ने 1526-1527 में बाबर के नेतृत्व में मुगलों के आक्रमण का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने अन्य राजपूत राज्यों के साथ गठबंधन करके विदेशी शासकों का विरोध किया। (संदर्भ: “A History of India” – John Keay, पेज 345)
  2. खानवा का महासंग्राम:
    राणा सांगा ने बाबर के खिलाफ खानवा का ऐतिहासिक युद्ध लड़ा। भले ही यह युद्ध उनकी हार में समाप्त हुआ, लेकिन उनकी वीरता और प्रतिरोध ने उन्हें अमर बना दिया। (संदर्भ: “The Mughal Empire” – John F. Richards, पेज 23)
  3. राजपूत शक्ति के संगठक:
    राणा सांगा ने मुस्लिम शासकों के खिलाफ राजपूत राज्यों को एकजुट किया। उन्होंने अम्बर, मारवाड़ और बीकानेर सहित अन्य राजपूत राज्यों के साथ गठबंधन स्थापित किया। (संदर्भ: “The Rajputs” – G.H. Ojha, पेज 234)
  4. प्रमुख सैन्य अभियान:
    राणा सांगा ने गुजरात और मालवा के सुल्तानों के खिलाफ कई सफल सैन्य अभियान चलाए और महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विजय प्राप्त की। (संदर्भ: “A History of Rajasthan” – R.C. Jakhmola, पेज 201)
  5. अमर विरासत:
    राणा सांगा का बलिदान और संघर्ष भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उनकी वीरता और त्याग आज भी राजपूत इतिहास में प्रेरणा का स्रोत है। (संदर्भ: “Rana Sanga: A Study of His Life and Times” – Raghubir Singh, पेज 12)

समाजवादी पार्टी से माफी की मांग

भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस विवाद पर स्पष्ट रूप से कहा कि समाजवादी पार्टी को इस शर्मनाक बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने ट्वीट में लिखा “समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी राजनीति तथ्यों पर नहीं, बल्कि तुष्टीकरण पर टिकी है। बाबर और औरंगजेब जैसे आक्रांताओं की प्रशंसा और राणा सांगा जैसे वीर का अपमान उनकी नियति है!”

उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने पर आधारित है और यह एक गहरी साजिश के तहत किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “भारत के वीरों का अपमान, समाजवादी पार्टी के डीएनए में है!” फिर भी अभी तक सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का कोई भी बयान नहीं आया है।

क्या समाजवादी पार्टी देगी जवाब?

समाजवादी पार्टी के सांसद द्वारा दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और भाजपा सहित कई हिंदू संगठनों ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है, उन्होंने कहा है कि “समाजवादी पार्टी झूठ और तुष्टीकरण की फैक्ट्री है!”

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का यह ट्वीट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और सपा सांसद के बयान की कड़ी आलोचना कर रहे हैं।

अब सवाल यह है कि क्या समाजवादी पार्टी अपने सांसद के बयान पर सफाई देगी, या यह विवाद और गहराएगा? यह देखना दिलचस्प होगा कि अखिलेश यादव इस पर क्या रुख अपनाते हैं। क्योंकि अगर समाजवादी पार्टी और उसके जिम्मेदार नेताओं द्वारा समय रहते उचित फैसला नहीं लिया गया, तो मामला और भी बढ़ सकता है।

कौशांबी: महेवाघाट पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 37 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार, पुलिस अधीक्षक बृजेश श्रीवास्तव ने की प्रशंसा

  • इंस्पेक्टर भानु प्रताप सिंह की टीम ने 37 किलो 240 ग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को किया गिरफ्तार।
  • घोघपुर तिराहे पर चेकिंग के दौरान सफेद अर्टिगा कार (UP70 MT 9223) से गांजा बरामद।
  • आरोपी देवेंद्र तिवारी गिरफ्तार, जबकि साथी प्रदुम्न सिंह उर्फ लल्लन फरार, पुलिस तलाश में जुटी।
  • NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, वाहन के कागजात न मिलने पर MV एक्ट में सीज
  • पुलिस अधीक्षक ने टीम को सराहा, मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी

कौशाम्बी, 23 मार्च 2025: जनपद कौशाम्बी के थाना महेवाघाट पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इंस्पेक्टर भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 37 किलो 240 ग्राम अवैध गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई।

मुखबिर की सूचना पर की गई कार्रवाई

महेवाघाट पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति गांजा की बड़ी खेप लेकर घोघपुर तिराहे से गुजरने वाला है। इस पर इंस्पेक्टर भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर चेकिंग अभियान शुरू किया। इस दौरान एक सफेद अर्टिगा कार (UP70 MT 9223) को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।

आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

पुलिस ने मौके से देवेंद्र तिवारी (24 वर्ष), निवासी सेंगरहा, थाना पश्चिम शरीरा, जनपद कौशाम्बी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उसका साथी प्रदुम्न सिंह उर्फ लल्लन, निवासी कोतारी, थाना मंझनपुर, जनपद कौशाम्बी मौके से फरार हो गया।

बरामदगी का विवरण:

  1. गांजा – 37 किलो 240 ग्राम
  2. सफेद अर्टिगा कार (UP70 MT 9223)
  3. नकद 2100 रुपये
  4. 02 मोबाइल फोन

NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज

गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ महेवाघाट थाना में मुकदमा संख्या 43/2025, धारा 8/20 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, गाड़ी के वैध कागजात न मिलने के कारण धारा 207 MV एक्ट में वाहन सीज कर दिया गया है।

गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम:

इंस्पेक्टर भानु प्रताप सिंह, थाना महेवाघाट
उप निरीक्षक विनोद कुमार यादव
सिपाही रामजी पटेल
सिपाही विवेकानंद सिंह
सिपाही सूरज प्रताप सिंह

पुलिस अधीक्षक बृजेश श्रीवास्तव ने पूरी टीम को इस बड़ी सफलता के लिए सराहना की है। वहीं, फरार आरोपी की तलाश के लिए छापेमारी जारी है। इस कार्रवाई से मादक पदार्थों की तस्करी पर बड़ी चोट मानी जा रही है।

Health Tips : वेट लॉस से लेकर कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल तक, करी पत्ता के जबरदस्त फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान!

कई ऐसे पेड़-पौधे और फल-सब्जियां आदि होते हैं, जो हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं। इन्हीं में करी पत्ता भी शामिल है। करी पत्ता को ‘मीठी नीम’ के नाम से भी जाना जाता है। खाने में स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए करी पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है। इनका स्वाद खट्टा और हल्का कड़वा होता है। आयु्र्वेद के मुताबिक करी पत्ता खाने को स्वादिष्ट और सुगंधित बनाने के साथ ही सेहत को भी कई तरह से लाभ पहुंचाता है। एक स्टडी के मुताबिक करी पत्ते में एंटीडायबिटिक, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सिडेंट और एंटीट्यूमर गुण पाए जाते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको करी पत्ते को डाइट में शामिल करने के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

करीपत्ता में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स

USDA के अनुसार, करी पत्ता में कैल्शियम, कॉपर, फाइबर, विटामिन C, फॉस्फोरस, कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम और आयरन जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं।

करी पत्ता सेहत के लिए फायदेमंद

इसमें विटामिन A, C और फ्लेवोनोइड्स जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर होते हैं। जो कई बीमारियों के जोखिम को कम करते हैं। करी पत्ता में एंटी हाइपरग्लाइसेमिक गुण पाया जाता है। जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में सहायक होता है। इसके साथ ही करी पत्ता कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल करने में मददगार होता है।

इसके अलावा करी पत्ता में मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। वहीं एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर से टॉक्सिन्स को खत्म करते हैं और लिवर फंक्शन को बेहतर बनाने का काम करते हैं।

वेट लॉस में भी फायदेमंद है करीपत्ता

बता दें कि करी पत्ते में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने का काम करते हैं। इसका सेवन करने से शरीर अधिक कैलोरी बर्न करता है, जिससे वजन तेजी से कम होता है।

वहीं करी पत्ता शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट को कम करता है। यह शरीर की फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज करता है और भूख कंट्रोल करने में मदद करता है। करी पत्ते के सेवन से ज्यादा खाने का मन नहीं होता है, जिससे वेट लॉस में भी मदद मिलती है।

हालांकि सिर्फ करी पत्ते के सेवन से ही वेट लॉस नहीं होगा। बल्कि इसके लिए आपको हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लेने के साथ वर्कआउट करना भी जरूरी है।

कच्चे करी पत्ते का सेवन

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो करी पत्ते को कच्चा भी खाया जा सकता है। इसको सुबह खाली पेट खाने के कई फायदे होते हैं। आप चाहें तो इसको पानी में उबालकर भी पी सकते हैं या फिर करी पत्ते का पाउडर बनाकर खा सकते हैं। रोजाना 3-4 करी पत्ते का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। वहीं जरूरत से ज्यादा करी पत्ते का सेवन करने से इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं।

डाइट में ऐसे करें शामिल

आमतौर पर लोग करी, उपमा, सांभर, ढोकला और दलिया आदि में करी पत्ते का इस्तेमाल करते हैं।

करी पत्ते की चाय भी बनती है।

सुबह खाली पेट चबा सकते हैं।

सूप और स्मूदी में डाल सकते हैं।

जूस में मिलाकर पी सकते हैं।

इसे चटनी में भी डाल सकते हैं।

खाने में तड़का लगा सकते हैं।

क्या डायबिटिक लोग खा सकते हैं करी पत्ता

बता दें कि डायबिटीक लोग भी करी पत्ते का सेवन कर सकते हैं। इसमें फ्लेवोनोइड्स और फाइबर जैसे कंपाउंड मौजूद होते हैं। जो शुगर लेवल को कंट्रोल करते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को करी पत्ते का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

करी पत्ता खाने के नुकसान

दरअसल, करी पत्ते में एल्ककॉइड नामक कंपाउंड पाया जाता है। ऐसे में शरीर में इसकी अधिकता होने से कई तरह की समस्याएं हो सकते हैं। जरूरत से ज्यादा करी पत्ते के सेवन से व्यक्ति को एलर्जी, लो ब्लड शुगर लेवल, पाचन संबंधी समस्या और ब्लड प्रेशर हाई होने की समस्या हो सकती है।

किन लोगों को नहीं करना चाहिए करी पत्ते का सेवन

बता दें कि प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं और छोटे बच्चों को करी पत्ते का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं अगर किसी बीमारी की पहले से दवा चल रही है, या फिर ब्लड प्रेशर के मरीज हैं, तो इन लोगों को भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए। किडनी स्टोन और पाचन संबंधी समस्या से पीड़ित व्यक्तियों की भी करी पत्ता नहीं खाना चाहिए।

‘खतरनाक’: करण कुंद्रा ने तेजस्वी प्रकाश संग शादी की अफवाहों पर जवाब दिया

‘बिग बॉस 15’ में मिले करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश चार साल से रिलेशनशिप में हैं। टेलीविजन इंडस्ट्री के मशहूर कपल्स में से एक करण और तेजस्वी अपनी रोमांटिक केमिस्ट्री को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं। इन दिनों दोनों अपनी शादी को लेकर खूब चर्चा में हैं जब से एक्ट्रेस की मां ने नेशनल टेलीविजन पर उनकी शादी की डेट का ऐलान किया है। यह खुलासा कुकिंग-बेस्ड शो ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ’ के एक एपिसोड के दौरान हुआ, जहां तेजस्वी एक कंटेस्टेंट हैं। अब, करण ने आखिरकार तेजस्वी की मां के खुलासे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और मजाकिया अंदाज में इसका दोष AI पर मढ़ा है।

तेजस्वी संग शादी की अफवाह पर बोले करण कुंद्रा

टीवी एक्टर करण कुंद्रा ने इंडिया फोरम को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘नहीं, नहीं, वो एआई था एआई। वो तो सब… आजकल एआई इतना खतरनाक हो गया है ना मैं बता नहीं सकता आपको बाप रे।’ करण ने आगे कहा, ‘मैं बता रहा हूं आपको, वो एआई था।’ हालांकि, उन्होंने इस साल शादी करने से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा है, ‘नहीं, मैं ये बोला ही नहीं है, मैंने तो बोला के एआई था, वो बिचारी आंटी का एआई बना के डाला लोगों ने।’ इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया पर भी एआई को लेकर पोस्ट शेयर किया है।

करण कुंद्रा-तेजस्वी प्रकाश की शादी का प्लान

शो का एक क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो गया है, जिसमें होस्ट-जज फराह खान को तेजस्वी प्रकाश से शादी के बारे में पूछते हुए देखा जा सकता है। इस पर, तेजस्वी की मां ने जवाब दिया, ‘इसी साल हो जाएगा’ ये सुन सभी ने ताली बजाई और उन्हें बधाई दी तो एक्ट्रेस शर्मा गई और कुछ नहीं बोल पाईं। इससे पहले, तेजस्वी ने कुंद्रा के साथ अपनी शादी का प्लान बताया था, जिसमें हिना खान और उनके बॉयफ्रेंड रॉकी जायसवाल स्पेशल गेस्ट बनकर आए थे। उन्होंने खुलासा किया था कि वो कोर्ट मैरिज करेंगी। करण और तेजस्वी पिछले काफी समय से साथ रह रहे हैं। उन्हें कई पार्टी और फैमिली गैदरिंग में साथ देखा जा चुका है।

भूकंप के झटकों से हिला भारत का यह क्षेत्र, दहशत में घरों से बाहर आये लोग, जानें रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता!

भारत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत का उत्तर पूर्वी राज्य असम भूकंप के झटकों से हिल गया। असम के कछार जिले में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मॉलाजी के अनुसार (NCS), असम के कछार जिले में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने 3.2 आंकी गई है।

25 किलोमीटर की गहराई पर रहा भूकंप का केंद्र

एनसीएस ने बताया कि ये भूकंप शुक्रवार शाम 6 बजकर 35 मिनट और 13 सेकेंड पर आया है। कछार जिले में भूकंप का केंद्र धरती से 25 किलोमीटर की गहराई पर रहा है। भूकंप के झटकों के डर से लोग अपने घरों और बिल्डिंग से बाहर निकल आए। काफी देर बाद लोग अपने-अपने घरों में गए।

क्यों आते हैं भूकंप?

भूकंप पृथ्वी की सतह पर होने वाली प्राकृतिक घटनाएं हैं, जो मुख्य रूप से पृथ्वी की आंतरिक संरचना में होने वाले तनाव और गतिविधियों के कारण आते हैं। भारत में भूकंप का मुख्य कारण हिमालय क्षेत्र में टेक्टोनिक गतिविधियां हैं। भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच टकराव के कारण यहां तनाव होता है। यही वजह है कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत भूकंप के लिहाज से संवेदनशील हैं।