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लखनऊ का सरोजनीनगर बनेगा भारत की AI राजधानी : डॉ. राजेश्वर सिंह की दूरदृष्टि को मिल रहा साकार रूप, AI City केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव है

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र जल्द ही देश की सबसे महत्वाकांक्षी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) परियोजनाओं में से एक AI City का केंद्र बनने जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल इनोवेशन, स्टार्टअप, डेटा सेंटर और हाई-टेक उद्योगों का नया हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र को भविष्य की तकनीकों और निवेश का केंद्र बनाने के उद्देश्य से निरंतर प्रयास किए हैं। उनके विजन में सरोजनीनगर को केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक आर्थिक और तकनीकी कॉरिडोर के रूप में विकसित करना शामिल रहा है। AI City की अवधारणा को गति मिलने के साथ यह विजन अब साकार होता दिखाई दे रहा है।

डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि आने वाला दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीकों का है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने तथा वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए विश्वस्तरीय तकनीकी अवसंरचना विकसित करना समय की आवश्यकता है।

प्रस्तावित AI City में अत्याधुनिक कार्यालय, AI एवं डीप-टेक कंपनियों के लिए कार्यस्थल, स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, अनुसंधान एवं नवाचार प्रयोगशालाएं, डेटा सेंटर तथा आधुनिक डिजिटल सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ-साथ लखनऊ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर में एयरोसिटी, अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, आधुनिक सड़क नेटवर्क, आईटी एवं औद्योगिक निवेश जैसी अनेक विकास परियोजनाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। AI City इन सभी प्रयासों को नई दिशा देगी और सरोजनीनगर को उत्तर भारत के सबसे बड़े तकनीकी एवं नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और AI City जैसी परियोजनाएं इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होंगी।

AI City के विकसित होने के बाद सरोजनीनगर केवल लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के तकनीकी विकास, नवाचार, निवेश और रोजगार का नया इंजन बनकर उभरेगा।

कॉमिक के जरिए घर-घर पहुंचेगी बीमा की समझ, IRDAI ने ‘बीमा सबके लिए’ अभियान को दी नई दिशा

लखनऊ, 19 जुलाई 2026। भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने आम लोगों तक जीवन बीमा की जानकारी सरल और रोचक तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से उपभोक्ता जागरूकता कॉमिक बुक सीरीज़ लॉन्च की है। राष्ट्रीय बीमा जागरूकता दिवस के अवसर पर आईआरडीएआई के चेयरमैन अजय सेठ ने इस पहल की शुरुआत की। कार्यक्रम में देश की प्रमुख जीवन बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और ‘बीमा सबके लिए’ अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

आईआरडीएआई की इस नई पहल का उद्देश्य ऐसे लोगों तक भी जीवन बीमा की सही जानकारी पहुंचाना है, जो जटिल बीमा नियमों और शर्तों को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं। कॉमिक बुक में रोजमर्रा की घटनाओं और सरल भाषा के माध्यम से जीवन बीमा के महत्व, उसके लाभ और सही समय पर बीमा लेने की आवश्यकता को समझाया गया है।

कॉमिक सीरीज़ की मुख्य पात्र सुप्रिया, एक युवा जीवन बीमा सलाहकार है, जो अलग-अलग परिवारों की कहानियों के जरिए बताती है कि समय रहते लिया गया सही बीमा निर्णय भविष्य में आर्थिक संकट से कैसे बचा सकता है। इसमें मैरिड वूमेन्स प्रॉपर्टी एक्ट (MWP), वेवर ऑफ प्रीमियम (WoP) और क्रिटिकल इलनेस राइडर जैसी महत्वपूर्ण बीमा सुविधाओं को भी बेहद आसान भाषा में समझाया गया है, ताकि लोग केवल पॉलिसी खरीदने तक सीमित न रहें, बल्कि उसकी उपयोगिता और लाभों को भी अच्छी तरह समझ सकें।

इस अवसर पर आईएसी-लाइफ के अध्यक्ष कमलेश राव ने कहा कि भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और ऐसे समय में प्रत्येक परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कॉमिक बुक लोगों तक बीमा का महत्व प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी और उन्हें अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रेरित करेगी।

लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के महासचिव आदित्य गुप्ता ने कहा कि जीवन बीमा केवल एक पॉलिसी नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। उनके अनुसार, कहानी आधारित प्रस्तुति लोगों को बीमा के प्रति जागरूक करने का एक प्रभावी और नया माध्यम साबित होगी।

कार्यक्रम के दौरान “India Asks: Why Prioritise Life Insurance?” विषय पर आयोजित विशेष चर्चा में बीमा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने कहा कि आज भी देश के बड़ी संख्या में परिवार अचानक आने वाले आर्थिक संकट के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। ऐसे में जीवन बीमा की पहुंच बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

इस दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े भी साझा किए गए। बताया गया कि जीवन बीमा उद्योग ने इस अवधि में नए व्यवसाय प्रीमियम में 15.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि 2.83 करोड़ से अधिक नई जीवन बीमा पॉलिसियां जारी की गईं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अभी भी देश की बड़ी आबादी बीमा सुरक्षा से वंचित है। ऐसे में जागरूकता बढ़ाने और लोगों का विश्वास मजबूत करने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।

रिकॉर्ड समय में तैयार हुआ ₹66.40 करोड़ का राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भवन, सरोजनीनगर को मिली एक और बड़ी सौगात: डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने गोमतीनगर विस्तार में ₹66.40 करोड़ की लागत से निर्मित उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के नवीन भवन के लोकार्पण को प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को नई मजबूती देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह भवन न केवल उत्तर प्रदेश की संस्थागत क्षमता को सशक्त करेगा, बल्कि सरोजनीनगर को एक और महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान की सौगात भी देगा।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि 1 जून 2023 को मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस भवन का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया था। अब लगभग तीन वर्षों के भीतर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 19 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के कर-कमलों से ही इसका लोकार्पण होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना का समयबद्ध निर्माण और उसका लोकार्पण सुशासन का सबसे बड़ा प्रमाण होता है और उत्तर प्रदेश में यही कार्य संस्कृति स्थापित हुई है।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का ‘Promise vs Delivery’ मॉडल विकास की नई पहचान बन चुका है। सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि तय समय में परियोजनाओं को पूरा कर जनता को समर्पित भी करती है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भवन इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विधि विज्ञान संस्थान, विदेशी भाषा विश्वविद्यालय और अशोक लेलैंड फैक्ट्री के बाद अब राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का आधुनिक भवन भी सरोजनीनगर की पहचान को और मजबूत करेगा। उन्होंने बताया कि एनसीडीसी जैतीखेड़ा, आईटीआई नीवा तथा लतीफनगर गर्ल्स डिग्री कॉलेज जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी तेजी से आकार ले रही हैं, जिससे सरोजनीनगर शिक्षा, कौशल विकास, उद्योग और प्रशासनिक संस्थानों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आपदाओं के दौरान त्वरित राहत, बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीक आधारित प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। नया भवन राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को अत्याधुनिक संसाधनों और बेहतर आधारभूत संरचना से लैस करेगा, जिससे आपदा की स्थिति में निर्णय लेने और राहत कार्यों की गति एवं प्रभावशीलता बढ़ेगी।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर में लगातार बड़े संस्थानों और विकास परियोजनाओं का स्थापित होना क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने समस्त सरोजनीनगर परिवार को इस उपलब्धि की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “शिलान्यास से लोकार्पण तक की यह यात्रा केवल एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि जनता से किए गए वादों को समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यही ‘Promise vs Delivery’ मॉडल विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित सरोजनीनगर की मजबूत नींव है।”

19 जुलाई को आयोजित लोकार्पण समारोह में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राजस्व राज्य मंत्री सुरेन्द्र दिलेर, प्रमुख सचिव राजस्व श्रीमती अर्पणा यू., उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एस.पी. गोयल, उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे।

लखनऊ: गोमतीनगर विस्तार थाने की जनेश्वर मिश्र पार्क चौकी की पुलिस पर वर्दी की आड़ में वसूली के गंभीर आरोप, दुकानदार का वीडियो वायरल; वसूली के लिए देर रात कॉल करने का भी दावा

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाना क्षेत्र स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क वेंडिंग ज़ोन से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दुकानदार ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि कुछ पुलिसकर्मी नियमित रूप से दुकानदारों से कथित रूप से अवैध वसूली करते हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।

दुकानदार सुजीत राय का दावा है कि वेंडिंग ज़ोन की प्रत्येक दुकान से ₹100 की वसूली की जाती है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से लगभग 40 से 45 दुकानदार प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित वसूली में मुख्य रूप से चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह और उनके साथ आने वाले कुछ पुलिसकर्मी शामिल रहते हैं।

दुकानदार ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि कथित वसूली के पैसों के लिए 9451111213 नंबर से देर रात तक लगातार फोन कॉल किए जाते हैं। इस संबंध में नंबर से किए गए कॉल के स्क्रीनशॉट भी True News UP के पास उपलब्ध हैं।

वीडियो में यह आरोप भी लगाया गया है कि कई बार 20 से 25 पुलिसकर्मी दुकान पर चाय, मैगी, बन-मक्खन सहित अन्य खाद्य सामग्री का सेवन करने के बाद बिना भुगतान किए चले जाते हैं। दुकानदार का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें दुकान बंद कराने और कार्रवाई कराने की धमकी दी गई।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गोमतीनगर विस्तार पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

True News UP ने जब इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक, गोमतीनगर विस्तार से बात की तो उन्होंने कहा कि “वीडियो भेजिए, मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

उधर, वेंडिंग ज़ोन के दुकानदारों ने उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

नोट: यह समाचार दुकानदार द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध वीडियो के आधार पर प्रकाशित किया जा रहा है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच अभी शेष है। पुलिस का पक्ष भी समाचार में शामिल किया गया है।

विकसित भारत के लिए संस्कारवान और सक्षम नागरिक जरूरी: डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ, 17 जुलाई। सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत अर्थव्यवस्था और अत्याधुनिक तकनीक से ही पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए संस्कारवान, सक्षम, स्वस्थ और राष्ट्रप्रथम सोच रखने वाले नागरिकों का निर्माण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाना माता-पिता, विद्यालयों और पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्रांति, नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में नई पीढ़ी को ईमानदारी, अनुशासन, करुणा, राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यबोध और दूसरों के प्रति सम्मान जैसे मूल्यों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की भावना ही किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होती है। इतिहास हमें सामाजिक समरसता और एकजुटता का महत्व सिखाता है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि आने वाले समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए बच्चों को मूल्य, ज्ञान, तकनीक और फिटनेस का संतुलित आधार देना होगा। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जागरूकता, डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा और खेलों के माध्यम से युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि सरोजनी नगर में संचालित 15 RBS डिजिटल एम्पावरमेंट सेंटर युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर रहे हैं। इन केंद्रों से अब तक 1,001 विद्यार्थी प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं, जबकि 481 विद्यार्थी वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

खेलों को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क और नशामुक्त जीवन का संदेश दे रही है। लीग के 9 संस्करणों में 10,000 से अधिक युवा भाग ले चुके हैं। इसके तहत 1,500 से अधिक स्पोर्ट्स किट वितरित की गई हैं और 11 लाख रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि प्रदान की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की मजबूत नींव आधुनिक विकास के साथ-साथ मजबूत चरित्र और सक्षम मानव संसाधन पर ही टिकेगी। यदि देश को बेहतर भविष्य देना है तो आज से ही संस्कारवान, आत्मविश्वासी और राष्ट्रप्रथम सोच रखने वाली पीढ़ी तैयार करनी होगी।