
लखनऊ, 19 जुलाई 2026। भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने आम लोगों तक जीवन बीमा की जानकारी सरल और रोचक तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से उपभोक्ता जागरूकता कॉमिक बुक सीरीज़ लॉन्च की है। राष्ट्रीय बीमा जागरूकता दिवस के अवसर पर आईआरडीएआई के चेयरमैन अजय सेठ ने इस पहल की शुरुआत की। कार्यक्रम में देश की प्रमुख जीवन बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और ‘बीमा सबके लिए’ अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
आईआरडीएआई की इस नई पहल का उद्देश्य ऐसे लोगों तक भी जीवन बीमा की सही जानकारी पहुंचाना है, जो जटिल बीमा नियमों और शर्तों को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं। कॉमिक बुक में रोजमर्रा की घटनाओं और सरल भाषा के माध्यम से जीवन बीमा के महत्व, उसके लाभ और सही समय पर बीमा लेने की आवश्यकता को समझाया गया है।
कॉमिक सीरीज़ की मुख्य पात्र सुप्रिया, एक युवा जीवन बीमा सलाहकार है, जो अलग-अलग परिवारों की कहानियों के जरिए बताती है कि समय रहते लिया गया सही बीमा निर्णय भविष्य में आर्थिक संकट से कैसे बचा सकता है। इसमें मैरिड वूमेन्स प्रॉपर्टी एक्ट (MWP), वेवर ऑफ प्रीमियम (WoP) और क्रिटिकल इलनेस राइडर जैसी महत्वपूर्ण बीमा सुविधाओं को भी बेहद आसान भाषा में समझाया गया है, ताकि लोग केवल पॉलिसी खरीदने तक सीमित न रहें, बल्कि उसकी उपयोगिता और लाभों को भी अच्छी तरह समझ सकें।
इस अवसर पर आईएसी-लाइफ के अध्यक्ष कमलेश राव ने कहा कि भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और ऐसे समय में प्रत्येक परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कॉमिक बुक लोगों तक बीमा का महत्व प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी और उन्हें अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रेरित करेगी।
लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के महासचिव आदित्य गुप्ता ने कहा कि जीवन बीमा केवल एक पॉलिसी नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। उनके अनुसार, कहानी आधारित प्रस्तुति लोगों को बीमा के प्रति जागरूक करने का एक प्रभावी और नया माध्यम साबित होगी।
कार्यक्रम के दौरान “India Asks: Why Prioritise Life Insurance?” विषय पर आयोजित विशेष चर्चा में बीमा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने कहा कि आज भी देश के बड़ी संख्या में परिवार अचानक आने वाले आर्थिक संकट के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। ऐसे में जीवन बीमा की पहुंच बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इस दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े भी साझा किए गए। बताया गया कि जीवन बीमा उद्योग ने इस अवधि में नए व्यवसाय प्रीमियम में 15.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि 2.83 करोड़ से अधिक नई जीवन बीमा पॉलिसियां जारी की गईं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अभी भी देश की बड़ी आबादी बीमा सुरक्षा से वंचित है। ऐसे में जागरूकता बढ़ाने और लोगों का विश्वास मजबूत करने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।


































