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Maalik Box Office Collection Day 3: रविवार को बॉक्स ऑफिस पर छाए राजकुमार राव, 9 फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़े और बने ‘मालिक

 राजकुमार राव और मानुषी छिल्लर की एक्शन ड्रामा ‘मालिक’ को क्रिटिक्स और  दर्शकों से मिक्स्ड रिव्यू मिला था.  जिसके चलते इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत कुछ खास नहीं रही. हालांकि वीकेंड पर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी रफ्तार बढ़ाई और अच्छी कमाई कर ली. चलिए यहां जानते हैं ‘मालिक’ ने रलीज के तीसरे दिन यानी संडे को कितना कलेक्शन किया है?

‘मालिक’ ने तीसरे दिन कितनी कमाई की?
राजकुमार ने अभी तक हल्की-फुल्की कॉमेडी से भरी फिल्में की हैं और अब पहली बार वे ‘मालिक’ में गैंगस्टर के अवतार में नजर आए हैं. पुलकित निर्देशित इस फिल्म के ट्रेलर के बाद से ही इसकी रिलीज का इंतजार हो रहा था. 11 जुलाई को ‘मालिक’ ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी. फिल्म को पहले ही दिन शनाया कपूर और विक्रांत मैसी की आंखों की गुस्ताखियों और हॉलीवुड फिल्म सुपरमैन से क्लैश करना पड़ा था.

वहीं इस फिल्म को पहले से सिनेमाघरों में मौजूद सितारे जमीन पर , मेट्रो इन दिनों और मां जैसी फिल्मों से भी मुकाबला करना पड़ा. बावजूद इसके ‘मालिक’ ने रिलीज के पहले दिन 3.75 करोड़ के कलेक्शन के साथ खाता खोला था. इसके बाद शनिवार को यानी दूसरे दिन 40 फीसदी की तेजी दिखाते हुए 5.25 करोड़ का कलेक्शन किया
वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘मालिक’ ने रिलीज के तीसरे दिन यानी संडे को फिर 5.25 करोड़ कमाए.

इसी के साथ ‘मालिक’ की तीन दिनों की कुल कमाई अब 14.25 करोड़ रुपये हो गई है.

‘मालिक’ ने 9 फिल्मों के ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन को दी मात
बता दे कि ‘मालिक’ ने 14.25 करोड़ की कमाई के साथ जॉन अब्राहम की द डिप्लोमौट के ओपनिंग वीकेंड़ कलेक्शन 13.45 करोड़ , बैडएस रवि कुमार के 7.77 करोड़, इमरजेंसी के 8.70 करोड़, आजाद के 4.05 करोड़, फतेह के 6.86 करोड़, लवयापा 4 करोड़, मेरे हसबैंड की बीवी 4.65 करोड़, क्रेजी 3.25 करोड़, सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव के 1.60 करोड़ के ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन को मात दे दी है.

मालिक के बारे में सब कुछ
पुलकित द्वारा निर्देशित और टिप्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड व नॉर्दर्न लाइट्स फिल्म्स द्वारा निर्मित, इस फिल्म में प्रोसेनजीत चटर्जी भी प्रमुख भूमिका में हैं. यह फिल्म एक आम आदमी मालिक के गैंगस्टर बनन की कहानी के इर्द-गिर्द घूमती है और अंडरवर्ल्ड में उसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है. फिल्म में राजकुमार एक अनदेखे अवतार में, एक गुस्सैल युवक के रूप में, दिखाई दे रहे हैं. वहीं मानुषी छिल्लर, अशुमान पुष्कर, स्वानंद किरकिरे और सौरभ शुक्ला ने भी फिल्म  अहम रोल प्ले किया है.

Health Tips: बवासीर की परेशानी होगी चुटकियों में दूर, बाबा रामदेव ने बताए असरदार आयुर्वेदिक उपाय

अनियमित डाइट और उल्टी-सीधी लाइफस्टाइल की वजह से कब्ज जैसी दिक्कत बेहद कॉमन हो चुकी है. इसकी वजह से बवासीर यानी पाइल्स जैसी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. योग गुरु बाबा रामदेव ने अपने यूट्यूब चैनल पर हाल ही में बवासीर की दिक्कत को दूर करने के कुछ देसी नुस्खे बताए थे. आइए आपको उनके बारे में जानकारी देते हैं.

कैसे होते हैं बवासीर के लक्षण?

बवासीर दो तरह की होती है. इनमें पहली खूनी बवासीर होती है, जिसमें दर्द कम होता है, लेकिन ब्लीडिंग होती है. दूसरी बादी बवासीर होती है, जिसमें ब्लीडिंग नहीं होती है. हालांकि, कब्ज, दर्द और सूजन की दिक्कत काफी ज्यादा होती है. Indian Journal of Medical Research (2024) के मुताबिक, कब्ज, कम फाइबर वाली डाइट, लंबे समय तक बैठने, और पानी की कमी से बवासीर की दिक्कत होती है.

    • मल त्याग के दौरान दर्द और जलन
    • गुदा के आसपास खुजली और सूजन
    • मल के साथ खून आना (खूनी बवासीर में)
    • गुदा के आसपास मस्से या गांठ
    • उठने-बैठने में कठिनाई

बिना सर्जरी कैसे ठीक करें बवासीर?

बाबा रामदेव के मुताबिक, आयुर्वेद और लाइफस्टाइल में बदलाव करके बवासीर को बिना सर्जरी ठीक किया जा सकता है. उनका दावा है कि नुस्खे नैचुरल जड़ी-बूटियों और योग पर आधारित हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं और कब्ज से राहत दिलाते हैं.

दूध और नींबू का मिश्रण

बाबा रामदेव ने दूध और नींबू के कॉम्बिनेशन को बवासीर के लिए रामबाण बताया है. इसके लिए सुबह खाली पेट गाय के एक कप गुनगुने दूध में एक नींबू निचोड़कर तुरंत पी लें. दूध गाय का ही होना चाहिए, क्योंकि भैंस का दूध गर्म होता है और दिक्कत बढ़ सकती है. फ्रिज का ठंडा दूध भी इस्तेमाल न करें. दूध नैचुरल तरीके से ठंडा करें. नींबू में मौजूद विटामिन C और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करते हैं, जबकि दूध पाचन को बेहतर बनाता है. बाबा रामदेव का दावा है कि 3-7 दिनों तक इसका सेवन करने से खूनी और बादी बवासीर में राहत मिलती है.

केला और देसी कपूर

बाबा रामदेव के अनुसार, केला और देसी कपूर का कॉम्बिनेशन बवासीर, फिशर और फिस्टुला के लिए असरदार होता है. एक पके केले का छोटा टुकड़ा लें, उसमें चने के आकार का देसी कपूर (भीमसेनी) डालें. इसे बिना चबाए निगल लें. सुबह खाली पेट 3 दिन तक यह प्रक्रिया आजमाएं. कपूर में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो एनल की सूजन और जलन को कम करते हैं. केला फाइबर देता है, जो कब्ज से राहत दिलाता है. बाबा रामदेव का दावा है कि यह नुस्खा 3 दिन में बवासीर को जड़ से खत्म करता है.

नागदोन के पत्ते

बाबा रामदेव ने नागदोन (नागदमनी) के पत्तों को बवासीर के लिए बेहतरीन बताया है. सुबह खाली पेट नागदोन के 3-5 पत्ते चबाएं. इन्हें 3-7 दिन तक नियमित रूप से लें. नागदोन के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर जैसे गुण होते हैं, जो पाचन को बेहतर करते हैं और मस्सों की सूजन को कम करते हैं. बाबा रामदेव का कहना है कि यह उपाय ब्लीडिंग को पहले दिन से रोक सकता है और एक सप्ताह में पूरी तरह राहत देता है.

त्रिफला चूर्ण

बाबा रामदेव त्रिफला चूर्ण को कब्ज और बवासीर के लिए बेहद असरदार मानते हैं. रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लें. इसे 40-45 दिनों तक नियमित रूप से करें. हरड़, बहेड़ा और आंवला से बना त्रिफला पाचन तंत्र को साफ करता है. इससे कब्ज से राहत मिलती है और आंतें मजबूत होती हैं. यह बवासीर के मस्सों को कम करने में भी मदद करता है.  गौर करने वाली बात यह है कि ज्यादा त्रिफला लेने से दस्त हो सकते हैं.

अंजीर का सेवन

बाबा रामदेव ने अंजीर को बवासीर के लिए कारगर बताया है. इसके लिए 2-3 सूखे अंजीर रात में पानी में भिगो दें. सुबह खाली पेट और शाम को 4-5 बजे इन्हें खाएं. यह प्रोसेस 8-10 दिन तक लगातार करें. अंजीर में काफी ज्यादा फाइबर होता है, जो मल को नरम करता है और मल त्याग को आसान बनाता है. इससे बवासीर का दर्द और सूजन कम होती है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Ind Vs Eng Third Test: टीम इंडिया मुश्किल में, 193 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 58 पर ही गंवाए 4 विकेट

लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय टीम संकट में है. इंग्लैंड के दिए 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने महज 58 रनों पर अपने 4 विकेट गंवा दिए. चौथे दिन का खेल समाप्त होने पर केएल राहुल 33 रन बनाकर नाबाद थे.

193 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही. यशस्वी जायसवाल फिर फ्लॉप रहे और बिना खाता खोले लौट गए. करुण नायर 14 रन, कप्तान गिल 6 रन और नाइट वॉच मैन के रूप में आए आकाश दीप 1 रन बनाकर आउट हो गए.

भारतीय टीम के लिए एकमात्र अच्छी बात यह है कि केएल राहुल 33 रन बनाकर नाबाद हैं. 47 गेंद की पारी में राहुल ने 6 चौके लगाए हैं. पांचवें दिन भारतीय टीम के लिए राहुल की भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है. राहुल के साथ-साथ ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा का रोल भी अहम होने वाला है. दोनों ने इस सीरीज में अच्छी बल्लेबाजी की है. भारत को जीत के लिए 135 रनों की जरूरत है.

इंग्लैंड की तरफ से ब्रायडन कार्स ने 2 जबकि जोफ्रा आर्चर और बेन स्टोक्स ने 1-1 विकेट लिए. इससे पहले भारतीय टीम के गेंदबाजों ने इंग्लैंड को महज 192 रनों पर समेट कर टीम की जीत के लिए आदर्श भूमिका बनाई. इंग्लैंड की दूसरी पारी में भारतीय स्पिनर वाशिंगटन सुंदर सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरे. सुंदर ने 4 विकेट लेकर इंग्लैंड को 192 रनों पर समेटने में अहम भूमिका निभाई थी. जसप्रीत बुमराह और सिराज ने 2-2 जबकि रेड्डी और आकाश दीप ने 1-1 विकेट लिए थे.

वहीं, भारत और इंग्लैंड दोनों ही टीमें अपनी पहली पारी में 387 रनों पर सिमट गई थीं. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने जो रूट की शतकीय पारी के दम पर 387 रन बनाए थे.। जबकि भारत की तरफ से जसप्रीत बुमराह ने 5 विकेट लिए थे.

भारत ने भी अपनी पहली पारी में केएल राहुल के शतक एवं पंत और जडेजा के अर्धशतक के दम पर 387 रन बनाए थे.

सरोजनीनगर के रामचौरा में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का 127वां आपका विधायक – आपके द्वार जनसुनवाई शिविर: जनप्रतिनिधि के पहल वाले इस शिविर में समाधान, सम्मान और सेवा का संकल्प

सरोजनीनगर के रामचौरा में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का 127वां आपका विधायक - आपके द्वार जनसुनवाई शिविर: जनप्रतिनिधि के पहल वाले इस शिविर में समाधान, सम्मान और सेवा का संकल्प
सरोजनीनगर के रामचौरा में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का 127वां आपका विधायक - आपके द्वार जनसुनवाई शिविर: जनप्रतिनिधि के पहल वाले इस शिविर में समाधान, सम्मान और सेवा का संकल्प
सरोजनीनगर के रामचौरा में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का 127वां आपका विधायक - आपके द्वार जनसुनवाई शिविर: जनप्रतिनिधि के पहल वाले इस शिविर में समाधान, सम्मान और सेवा का संकल्प
  • सरोजनीनगर में डॉ. राजेश्वर सिंह का 127वां जनसुनवाई शिविर आयोजित
  • 52 जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण का प्रयास
  • 4 मेधावी छात्राओं को सम्मानित कर साइकिल व घड़ी प्रदान की गई
  • 78वें गर्ल्स यूथ क्लब की स्थापना, बेटियों को खेल किट वितरित
  • ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण और वितरण
  • ताराशक्ति रसोई में नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था
  • शिविर बना संवाद, समाधान और सेवा का सशक्त मंच

लखनऊ : राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में रविवार को “आपका विधायक – आपके द्वार” अभियान के अंतर्गत विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने 127वें जनसुनवाई शिविर का आयोजन रामचौरा, बंथरा स्थित मंडल अध्यक्ष कार्यालय पर किया। इस शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना, जल निकासी, सड़क मरम्मत, वृद्धावस्था पेंशन जैसी 52 समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया।

“गांव की शान पहल” : 4 मेधावी बेटियों को मिला सम्मान

कार्यक्रम में जानवी गौतम, रिया, अनुभव सिंह और वैष्णवी सिंह जैसी मेधावी छात्राओं को साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
डॉ. सिंह ने कहा —
“बेटियाँ यदि प्रोत्साहन पाएँ, तो गांव से वैश्विक नेतृत्व तक का सफर तय कर सकती हैं।”

78वां गर्ल्स यूथ क्लब: बेटियों के लिए खेल संसाधनों की सौगात

विधायक ने ग्रामीण बालिकाओं को आत्मबल और स्वास्थ्य के लिए प्रेरित करते हुए 78वें “गर्ल्स यूथ क्लब” की स्थापना की।
क्लब के अंतर्गत कैरम बोर्ड, वॉलीबॉल, बैडमिंटन रैकेट, क्रिकेट किट जैसी सामग्री वितरित की गई।

‘एक पेड़ मां के नाम’: मातृत्व और प्रकृति को समर्पित अभियान

कार्यक्रम में आम, जामुन, अमरूद, बेल और अशोक जैसे फलदार पौधों का रोपण किया गया।
साथ ही ग्रामीणों को भी पौधे वितरित किए गए, ताकि वे पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बन सकें।

ताराशक्ति नि:शुल्क रसोई: सेवा के साथ सम्मान

शिविर में आए सभी नागरिकों के लिए “ताराशक्ति नि:शुल्क रसोई” के माध्यम से ताजे और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई।
यह पहल विधायक की सेवा भावना और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है।

डॉ. सिंह का संदेश: शिविर समाधान केंद्र नहीं, सेवा और संवाद का आंदोलन है

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा: “जनता के द्वार जाकर समस्याओं का समाधान कराना ही सच्ची लोकसेवा है। ये शिविर केवल समाधान केंद्र नहीं, संवाद, सम्मान और सेवा का जनआंदोलन हैं।” कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष सौरभ राजपूत, सभासद प्रतिनिधि श्रीकृष्ण, प्रिओम, सूरज, धर्मेन्द्र, रेनू, अर्चना गौतम, बीना श्रीवास्तव, राजू शुक्ला, रविंद्र, अजय रावत, नवनीत सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

शुभांशु शुक्ला किस रॉकेट से धरती पर लौटेंगे, कितनी होगी उनकी रफ्तार और किस तकनीक से होगी लैंडिंग? जानिए इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी

भारतीय वैज्ञानिक शुभांशु शुक्ला जल्द ही अंतरिक्ष से धरती पर लौटने वाले हैं. एक्सियम-4 मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर गए शुभांशु 15 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे पृथ्वी पर लैंड कर सकते हैं. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि 14 जुलाई शाम 4:30 बजे क्रू ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की अनडॉकिंग प्रक्रिया शुरू होगी. अब सवाल उठता है कि आखिर अंतरिक्ष से धरती पर लौटने की यह रोमांचक यात्रा कैसे पूरी होगी? आइए जानते हैं.

1. अनडॉकिंग: स्पेस स्टेशन से अलग होगा यान

क्रू ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट धीरे-धीरे ISS से अलग होगा. इस प्रक्रिया को अनडॉकिंग कहा जाता है. यह पूरी तरह स्वचालित (ऑटोमैटेड) होती है, लेकिन अंतरिक्ष यात्री इसे सतर्कता से मॉनिटर करते हैं.

2. पृथ्वी की ओर वापसी की तैयारी

अनडॉकिंग के बाद स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी की ओर बढ़ेगा. फिर retrograde burn के ज़रिए रॉकेट फायरिंग की जाएगी ताकि यान पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश कर सके.

3. वायुमंडल में प्रवेश और जबरदस्त घर्षण

जैसे ही यान पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल होगा, उसे जबरदस्त गर्मी और घर्षण का सामना करना पड़ेगा. इस समय यान की रफ्तार करीब 28,000 किमी/घंटा होगी, जो उतरते समय धीरे-धीरे कम हो जाएगी.

4. पैराशूट से सुरक्षित लैंडिंग

वायुमंडल में प्रवेश के बाद पहले छोटे और फिर बड़े पैराशूट खुलेंगे, जो यान की रफ्तार को काफी कम कर देंगे. यह प्रक्रिया यान की सुरक्षित स्प्लैशडाउन लैंडिंग सुनिश्चित करती है.

नासा के अनुसार, यदि मौसम अनुकूल रहा तो शुभांशु शुक्ला और उनका दल कैलिफोर्निया तट के पास समुद्र में उतरेंगे. नासा इस लैंडिंग को लाइव प्रसारित भी करेगा.

5. वापसी का समय और रिकवरी

अनडॉकिंग से लेकर स्प्लैशडाउन तक की प्रक्रिया में कुल 12 से 16 घंटे लग सकते हैं. क्रू ड्रैगन आमतौर पर अटलांटिक महासागर या गल्फ ऑफ मेक्सिको में उतरता है. स्पेसX की रिकवरी टीम तुरंत पहुंचकर यान को जहाज पर लिफ्ट करती है और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालती है.

6. क्या लेकर आ रहे हैं शुभांशु शुक्ला?

ड्रैगन यान में लगभग 263 किलो वैज्ञानिक उपकरण और डेटा साथ लाया जा रहा है. इनमें NASA के हार्डवेयर और 60 से ज्यादा अंतरिक्ष प्रयोगों से जुड़े आंकड़े शामिल हैं.