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UP के जालौन में पहली सहकार वाटिका का शुभारंभ: पर्यावरण संरक्षण अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता- डॉ. प्रवीण सिंह जादौन

उरई (जालौन)| पर्यावरण संरक्षण और सहकारिता को साथ लेकर चलने वाली एक अभिनव पहल के रूप में आज जनपद जालौन के विकासखंड डकोर के मिनौरा सहकारी संघ लि उरई परिसर में जनपद की पहली ‘सहकार वाटिका’ का भव्य शुभारंभ किया गया। ग्रामीण हरित विकास को समर्पित इस पहल का उद्देश्य ग्रामवासियों को प्रकृति के संरक्षण, सामूहिक प्रयासों और सहकारी भावना से जोड़ना है।

इस अवसर पर आयोजित सहकारी संगोष्ठी में जिला पंचायत जालौन के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा ग्राम स्तर पर इस प्रकार की हरित पहलें सामूहिक चेतना को जागृत करती हैं। सहकार वाटिका न केवल पेड़ों का रोपण है, बल्कि यह भावी पीढ़ियों के लिए जिम्मेदारी का संदेश है। उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लखनऊ के निदेशक डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा पर्यावरण संरक्षण अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। सहकारिता की भावना के साथ यदि हम हर गांव में ऐसी सहकार वाटिकाएं विकसित करें, तो यह समाज के लिए स्थायी बदलाव ला सकती हैं। मिनौरा का यह प्रयास अनुकरणीय है।

सुभासपा के राष्ट्रीय सचिव कालूराम प्रजापति ने कहा सहकारिता के माध्यम से हम समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक भागीदारी के इस सुंदर संयोजन के लिए मिनौरा सहकारी संघ बधाई की पात्र है। भाजपा किसान मोर्चा जालौन के जिला अध्यक्ष सूर्य नायक ने कहा किसान और प्रकृति का संबंध अटूट है। यह वाटिका किसानों को पर्यावरणीय जागरूकता के साथ जोड़ने का एक शानदार माध्यम बनेगी।जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार लि जालौन के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राजावत ने कहा हर सहकारी संस्था को ऐसे प्रयास करने चाहिए जो समाज और पर्यावरण दोनों के हित में हों। सहकार वाटिका उसका उत्कृष्ट उदाहरण है।”

इस अवसर पर सभी अतिथियों द्वारा विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया और उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया गया। ग्राम पंचायत के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और अपने गांव को हराभरा बनाने का संकल्प लिया। यह पहल डॉ. प्रवीण सिंह जादौन के मार्गदर्शन और मिनौरा सहकारी संघ के अध्यक्ष श्याम करण प्रजापति के नेतृत्व में संभव हो सकी। संघ के अध्यक्ष श्याम करन प्रजापति ने कहा कि जनपद जालौन में आज पहली ‘सहकार वाटिका’ का शुभारंभ हुआ है, जो आने वाले समय में पर्यावरणीय चेतना और सहकारी आंदोलन दोनों को मजबूती देने का कार्य करेगी।

कार्यक्रम का समापन वृक्षों की सुरक्षा और जनजागरूकता के लिए ‘संकल्प पत्र’ के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित ग्रामवासियों से वृक्षों को अपना दायित्व मानने की अपील की गई। इस मौके पर विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन के प्रतिनिधि राजीव निरंजन प्रदीप निरंजन सु भा स पा के जिला प्रभारी अखिलेश प्रजापति नरेन्द्र प्रजापति शिक्षक नरेन्द्र निरंजन बी पैक्स कुकरगॉव के निदेशक विक्रम कुशवाहा निदेशक अखिलेश कुमार प्रकाश दुबे अरविंद कुमार सतीश तिवारी महेश द्विवेदी माखन यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहे सहकारी संघ के सचिव चंद्र प्रकाश दुबे ने आए हुए अतिथियों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित कियाl

डॉ. राजेश्वर सिंह का अभिनव प्रस्ताव: जनकल्याणकारी योजनाओं में ब्लॉकचेन और AI तकनीक का समावेश जरूरी

  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने पीएम आवास योजना में ब्लॉकचेन-AI तकनीक के समावेश का प्रस्ताव दिया
  • लाभार्थियों को पारदर्शी और समयबद्ध सेवा देने की दिशा में तकनीकी समाधान सुझाए
  • स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स, AI डैशबोर्ड और ब्लॉकचेन स्वीकृति से भ्रष्टाचार पर लगाम
  • राज्य सरकार को तीन चरणों में पायलट से लेकर राज्यव्यापी विस्तार की रणनीति दी गई
  • यह मॉडल यूपी को डिजिटल वेलफेयर गवर्नेंस में राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान कर सकता है

लखनऊ : उत्तर प्रदेश अब जनकल्याणकारी योजनाओं में तकनीकी क्रांति की दहलीज़ पर खड़ा है। सरोजनीनगर क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व आईआरएस अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक दृष्टिकोणपरक और नवोन्मेषी प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) समेत विभिन्न सामाजिक-आर्थिक योजनाओं में ब्लॉकचेन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग की संस्तुति की गई है।

डॉ. सिंह का यह कदम न केवल डिजिटल इंडिया अभियान के अनुरूप है, बल्कि विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण को भी धरातल पर उतारने की दिशा में निर्णायक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन तकनीकों को योजनाओं के क्रियान्वयन में शामिल किया गया, तो न केवल शासन अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगा, बल्कि जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी ऐतिहासिक सुधार होगा।

तकनीक की आवश्यकता क्यों? – पृष्ठभूमि और तर्क

उत्तर प्रदेश में लाखों लाभार्थियों तक पहुंचने वाली योजनाएं जैसे पीएम आवास योजना, उज्ज्वला, पेंशन, शौचालय निर्माण आदि में भ्रष्टाचार, देरी, और फील्ड स्तर पर अनियमितता जैसी समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं। डॉ. सिंह के अनुसार इन चुनौतियों का स्थायी समाधान उच्च तकनीक पर आधारित समाधान ही हो सकता है, जो निम्नलिखित समस्याओं से निपटने में मदद करेगा:

मुख्य चुनौतियाँ:

  • योजना स्वीकृति के बाद दस्तावेजों में फेरबदल
  • लाभार्थियों की दोहरी प्रविष्टि या गलत जानकारी
  • राशि वितरण में विलंब
  • निर्माण की प्रगति की अपारदर्शी निगरानी
  • शिकायतों का निष्क्रिय समाधान और स्थानीय स्तर पर लीकेज

डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा सुझाए गए समाधान – तकनीक आधारित शासन की दिशा में ठोस प्रस्ताव

डॉ. सिंह का प्रस्ताव एक समग्र तकनीकी मॉडल प्रस्तुत करता है, जो योजना की स्वीकृति से लेकर अंतिम क्रियान्वयन तक को डिजिटल और पारदर्शी बनाता है।

प्रमुख समाधान बिंदु:

  1. ब्लॉकचेन पर योजना स्वीकृति आदेश:
    योजना की स्वीकृति यदि ब्लॉकचेन नेटवर्क पर दर्ज की जाए, तो कोई भी व्यक्ति या अधिकारी उसमें फेरबदल नहीं कर सकेगा। यह व्यवस्था लाभार्थी को मूल अधिकार सुनिश्चित करेगी।
  2. AI आधारित जियो-टैग्ड मॉनिटरिंग:
    आवास या अन्य निर्माण परियोजनाओं की भौगोलिक स्थिति, निर्माण की गति और गुणवत्ता की वास्तविक समय पर निगरानी संभव हो सकेगी। इसके आधार पर ही अगली किस्तें स्वतः जारी होंगी।
  3. स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स:
    योजनाओं के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता (जैसे DBT) स्वचालित रूप से लाभार्थी के खाते में तब जारी होगी, जब AI द्वारा सत्यापित हो कि निर्माण कार्य तय मापदंडों पर है।
  4. AI डैशबोर्ड:
    नागरिकों और अधिकारियों दोनों के लिए एक साझा डैशबोर्ड जिससे योजना की प्रगति, लंबित मामलों और शिकायतों की स्थिति रीयल-टाइम में देखी जा सके।
  5. शिकायत और अनियमितता पहचान प्रणाली:
    शिकायतें केवल फॉर्मेलिटी नहीं रहेंगी, बल्कि AI तकनीक उन्हें प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत करेगी और अनियमितता के संकेतों पर स्वतः सतर्क करेगी।
  6. यूनिफाइड ब्लॉकचेन ID:
    प्रत्येक लाभार्थी की एक विशेष ब्लॉकचेन-आधारित पहचान होगी, जिससे वह राज्य या केंद्र की किसी भी योजना के लिए पात्रता रखता है या नहीं – यह स्वतः पता चलेगा।

तीन-चरणीय कार्यान्वयन योजना – एक व्यवस्थित दृष्टिकोण

इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए डॉ. सिंह ने एक तीन चरणों वाली रणनीति सुझाई है:

1. पायलट चरण (1-2 जिले):

  • पीएम आवास योजना का डेटा ब्लॉकचेन पर ट्रांसफर
  • सीमित AI मॉनिटरिंग और शिकायत डैशबोर्ड

2. जिला स्तर पर विस्तार:

  • MIS सिस्टम के साथ समन्वय
  • स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स का इंटीग्रेशन
  • चैटबॉट आधारित शिकायत निवारण प्रणाली

3. राज्यव्यापी क्रियान्वयन:

  • सभी योजनाओं का लाभार्थी डेटा एक प्लेटफॉर्म पर
  • AI आधारित नीति निर्माण और ऑडिट प्रक्रिया
  • तकनीकी रूप से सक्षम ग्रामीण और शहरी निकायों का सशक्तीकरण

उत्तर प्रदेश को बनाया जा सकता है राष्ट्रीय मॉडल स्टेट

डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता और इच्छाशक्ति पहले ही प्रमाणित हो चुकी है। अब आवश्यकता है तकनीक के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की निर्बाध पहुँच सुनिश्चित करने की। उनके अनुसार यदि यह मॉडल सफल होता है, तो उत्तर प्रदेश डिजिटल वेलफेयर गवर्नेंस का अग्रदूत बन सकता है, जिसकी नकल अन्य राज्य भी करेंगे।

मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह

डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इस प्रस्ताव को ग्रामीण विकास, शहरी आवास और सूचना प्रौद्योगिकी विभागों के माध्यम से समन्वित करते हुए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने कहा:

“यह तकनीकी मॉडल उत्तर प्रदेश को नागरिक-प्रथम शासन की दिशा में एक नई पहचान देगा। इससे ना केवल योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता का भरोसा भी शासन तंत्र में और मजबूत होगा।” – डॉ. राजेश्वर सिंह

डॉ. राजेश्वर सिंह का यह प्रस्ताव प्रशासनिक नवाचार और डिजिटल गवर्नेंस का अनूठा उदाहरण है। यदि इसे कार्यान्वित किया जाता है, तो यह न केवल योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार लाएगा, बल्कि शासन में जवाबदेही, पारदर्शिता और समयबद्ध सेवा वितरण की दिशा में भी एक क्रांतिकारी परिवर्तन साबित होगा।

LUCKNOW: बृहद रोजगार मेले में 1246 अभ्यर्थियों का चयन, विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया उद्घाटन

LUCKNOW: बृहद रोजगार मेले में 1246 अभ्यर्थियों का चयन, विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया उद्घाटन
LUCKNOW: बृहद रोजगार मेले में 1246 अभ्यर्थियों का चयन, विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया उद्घाटन
LUCKNOW: बृहद रोजगार मेले में 1246 अभ्यर्थियों का चयन, विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया उद्घाटन

लखनऊ, 14 जुलाई 2025: विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर सोमवार को उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अलीगंज, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में एक बृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन लखनऊ उत्तर क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया।

अपने संबोधन में विधायक डॉ. बोरा ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में युवाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु हर जिले में रोजगार मेलों का आयोजन करा रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में ‘रोजगार मिशन’ की स्थापना कर युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। उन्होंने संस्थान के प्रधानाचार्य राज कुमार यादव एवं प्लेसमेंट टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

इस अवसर पर संयुक्त निदेशक, लखनऊ मंडल अनील वर्मा ने प्रतिभागियों से मेहनत और लगन के साथ कार्य करने का आह्वान किया, जिससे न केवल उनका भविष्य उज्ज्वल हो बल्कि संस्थान का भी नाम रोशन हो। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में परियोजना निदेशक विकास मिश्रा, प्रभारी जिला सेवायोजन अधिकारी प्रज्ञा त्रिपाठी, सहायक सेवायोजन अधिकारी हिमांशु सिंह एवं डीपीएमयू की टीम भी मेले में उपस्थित रही।

प्रशिक्षण, काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी एम. ए. खाँ ने बताया कि मेले में कुल 29 प्रतिष्ठित कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स, हीरो मोटो कॉर्प, स्वराज इंजन, पेटीएम, मारुति सुजुकी, गोयल किचन, फोटो प्लस सहित अन्य प्रतिष्ठानों ने भाग लिया। इन कंपनियों के लिए कुल 2355 प्रतिभागियों ने साक्षात्कार में हिस्सा लिया, जिनमें से 1246 का चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों को 10,000 से 25,000 रुपये प्रतिमाह के सीटीसी वेतन के साथ अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।
रोजगार मेले को सफल बनाने में ग्रे-सिम फाउंडेशन के सहयोग की विशेष सराहना की गई। इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यदेशक निर्भय कुमार सिंह, अनुदेशक जेड. रहमान, मकबूल कादिर सहित समस्त स्टाफ की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

इज़रायल की दक्षता का उदाहरण – युद्ध के दौरान F-15 के फ्यूल टैंक में आई खराबी, फिर भी ईरान से सुरक्षित लौट आया फाइटर जेट।

इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर दिया था. इसके बाद दोनों ही देशों के बीच युद्ध छिड़ गया. इसको लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल के फाइटर जेट में युद्ध के दौरान दिक्कत आ गया थी और इसी वजह से उसकी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. अहम बात यह है कि इजरायल का फाइटर जेट ईरान की सीमा में था और फिर भी बचा लाया।

एक रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली फाइटर जेट ईरान पर अटैक की कोशिश में था. इसी दौरान एफ-15 के पायलट ने फाइटर जेट में फ्यूल खत्म होते देखा. उसने तुरंत इसको लेकर अपनी टीम को सूचना दी, लेकिन एरियल फ्यूलिंग का विकल्प न होने की वजह से उसे एक पड़ोसी देश में ही इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ गई. हालांकि रिपोर्ट में इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि वह कौनसा देश था जहां लैंडिंग करवाई गई।

इजरायल के मिशन पर नहीं था ईंधन भरने वाला विमान

दरअसल इजरायल के पास मिशन पर ईंधन भरने वाला विमान नहीं थी. इसी वजह से एफ-15 की इमजरेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी. हालांकि इसके बाद रीफ्यूलिंग जेट को भेज दिया गया और इजरायल ने अपना विमान सुरक्षित बचा लिया. ईरान और इजरायल के बीच युद्ध काफी भयानक स्थिति तक पहुंच गया था. दोनों ही देश हमले के लिए मिसाइल के साथ-साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया था।  

Sports News: टीम इंडिया ने जड़े 540 रन, इंग्लैंड के पांच विकेट ढहे- जानिए ताजा स्थिति

पूर्व कप्तान एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने 93 रन की पारी खेली लेकिन इंग्लैंड की अंडर-19 टीम रविवार को यहां चार दिवसीय युवा टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय टीम के खिलाफ स्टंप तक पांच विकेट पर 239 रन ही बना सकी.

फ्लिंटॉफ की 152 गेंद की पारी से घरेलू टीम ने सुनिश्चित किया कि वह भारत के पहली पारी के 540 रन के विशाल स्कोर के सामने पूरी तरह से बिखर नहीं जाए. अब भी वह मेहमान टीम से 310 रन पीछे हैं.

स्टंप तक थॉमस रेव तीन रन बनाकर खेल रहे थे जबकि एकनाथ सिंह ने खाता नहीं खोला था.

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन के बेटे आर्ची वॉन और इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज जो के भतीजे जेडन डेनली के जल्दी आउट होने के बाद रॉकी को कप्तान हमजा शेख (84 रन) के रूप में एक आदर्श जोड़ीदार मिला. उन्होंने तीसरे विकेट के लिए 154 रन जोड़कर इंग्लैंड का स्कोर दो विकेट पर 191 रन कर दिया, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने कामचलाऊ स्पिन गेंदबाजी से शेख को आउट कर दिया.

टीम इंडिया की पारी
इससे पहले, भारतीय अंडर-19 टीम के लिए कप्तान आयुष म्हात्रे के शतक और अभिज्ञान कुंडू, राहुल कुमार, विहान मल्होत्रा और आरएस अंब्रीश ने अर्धशतक लगाए जिससे भारत विशाल स्कोर बनाने में सफल रहा. भारत ने दूसरे दिन सात विकेट पर 450 रन से आगे खेलना शुरू किया. अंब्रीश और हेनिल पटेल की पारी की बदौलत भारत ने पहली पारी में 500 रनों का आंकड़ा छू लिया. अंब्रीश हालांकि 70 रन बनाकर आउट हुए, जबकि पटेल ने 38 रन बनाए।