बॉलीवुड सिंगर और एक्टर हिमेश रेशमिया शुक्रवार को दिल्ली के प्रमुख टूरिज्म स्मारक प्रधानमंत्री संग्रहालय में गए. इस दौरान उनके साथ दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा भी मौजूद रहे.
प्रधानमंत्री संग्रहालय में जाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हिमेश रेशमिया ने खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, “मैं बहुत आनंदित हूं. मुझे इस बात की खुशी है कि यहां पर आने का अवसर मिला. यहां मौजूद लोगों और माहौल के साथ जो कनेक्शन है, उसे महसूस किया जा सकता है. जो भी यहां पर अभी तक नहीं आया है, अगर उसे यहां पर आने का मौका मिले, तो वो जरूर आए. प्रधानमंत्री संग्रहालय में आकर लोगों को देश की संस्कृति के साथ एक जुड़ाव महसूस होगा.”
कपिल मिश्रा ने बताया दिल्ली की पहचान
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “बहुत अच्छा लगा कि हिमेश रेशमिया यहां पर समय निकालकर आए. आधुनिक टूरिज्म मॉन्यूमेंट्स में से एक प्रधानमंत्री संग्रहालय है. इसी तरह कर्तव्य पथ, अमृत उद्यान और अंबेडकर सेंटर भी हैं. ये सभी नए भारत के पर्यटन स्थल हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने इनका निर्माण किया है. ये सभी आधुनिक दिल्ली की पहचान बन चुके हैं. हमारी सरकार का लक्ष्य है कि जो लोग भी दिल्ली आए, वो यहां पर जरूर आए.”
दिल्ली टूरिज्म मैप और देश के टूरिज्म मैप पर इन आधुनिक पर्यटन स्थलों का निर्माण किया गया है, जहां पर हमारी संस्कृति, सभ्यता और इतिहास है. यहां पर भविष्य का दर्शन भी होगा. हम टूरिस्ट को आगे बढ़ाने के लिए इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं.
सोशल मीडिया पर भी शेयर कीं तस्वीरें
कपिल मिश्रा ने प्रधानमंत्री संग्रहालय की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए लिखा, “दिल्ली सरकार सुनिश्चित करेगी कि कर्तव्य पथ, भारत मंडपम, प्रधानमंत्री संग्रहालय, डॉ. अम्बेडकर स्मारक जैसे आधुनिक भारत की पहचान वाले पर्यटन स्थलों पर देशभर से लोग आएं. इसी क्रम में आज मशहूर गायक हिमेश रेशमिया के साथ दिल्ली के प्रमुख टूरिज्म स्मारक प्रधानमंत्री संग्रहालय में जाना हुआ.
देश की राजनीति, इतिहास, संस्कृति, सभ्यता को दर्शाते ये नए पर्यटक स्थल दिल्ली की पहचान हैं. हिमेश के साथ प्रधानमंत्री संग्रहालय जाकर हमने इस अभियान की शुरुआत की है, आप सभी दिल्ली के इन पर्यटन स्थलों पर जरूर जाएं.”
‘तारा शक्ति निःशुल्क रसोई’ की शुरुआत 18 जुलाई 2023 को स्व. तारा सिंह जी की पुण्य स्मृति में की गई थी।
दो वर्षों से निरंतर प्रतिदिन 4,000 जरूरतमंदों तक निःशुल्क शुद्ध व पौष्टिक भोजन पहुंचाया जा रहा है।
रसोई का संचालन सरोजनीनगर में प्रगति प्रयास फाउंडेशन और समर्पित वॉलंटियर्स के सहयोग से हो रहा है।
लोकबंधु अस्पताल, पराग चौराहा जैसे प्रमुख स्थानों पर भोजन वितरण किया जाता है।
डॉ. सिंह ने कहा: “भूखा न सोए कोई – यही मेरी मां की प्रेरणा थी, जिसे सेवा का संकल्प बनाकर हमने निभाया है।”
सर्दी, गर्मी या बारिश – रसोई की सेवा एक दिन भी नहीं रुकी, यह जनचेतना और सेवा भावना का प्रतीक बन चुकी है।
इस सेवा यात्रा के दो वर्ष पूर्ण होने पर विधायक ने सरोजनीनगर परिवार व सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
डॉ. सिंह का संकल्प: “इस रसोई की लौ हमेशा जलती रहे – सरोजनीनगर में कोई भूखा न सोए।”
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा में मानवीय सेवा का ऐसा अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है, जो आज पूरे प्रदेश ही नहीं, देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है। ‘तारा शक्ति निःशुल्क रसोई’, एक ऐसी पहल जिसने न सिर्फ भूखों का पेट भरा, बल्कि समाज को यह बताया कि राजनीतिक नेतृत्व केवल नीतियों से नहीं, संवेदना से भी दिशा देता है।
शुरुआत की प्रेरणा – मां की अंतिम इच्छा बनी जीवन का संकल्प
18 जुलाई 2023 को सरोजनीनगर के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपनी पूज्य माता स्व. श्रीमती तारा सिंह जी की पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति को जीवित रखने के लिए ‘तारा शक्ति निःशुल्क रसोई’ की शुरुआत की थी। यह कोई सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत श्रद्धांजलि थी, जिसमें मां के विचारों और संवेदनशीलता को आधार बनाया गया।
डॉ. सिंह कहते हैं – “मेरी मां हमेशा कहती थीं कि कोई गरीब भूखा न सोए। उन्हीं की प्रेरणा से यह रसोई शुरू की गई, और आज यह मेरी व्यक्तिगत भावना से निकलकर जनचेतना का रूप ले चुकी है।”
इस रसोई का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री श्री सुरेश खन्ना ने किया था, और तब से अब तक यह सेवा एक दिन के लिए भी नहीं रुकी है।
सेवा की यात्रा – 730 दिन, 4,000 लोगों को हर दिन भोजन
इस सेवा अभियान को अब दो साल पूरे हो चुके हैं। इन 730 दिनों में एक भी दिन ऐसा नहीं गया, जब तारा शक्ति रसोई से भोजन वितरण न हुआ हो। हर दिन सुबह से ही वॉलंटियर्स की टीम तैयार होती है, भोजन बनता है और दोपहर तक हजारों जरूरतमंदों के हाथों तक गरम व पौष्टिक भोजन पहुंचाया जाता है।
रसोई में भोजन का स्वाद जितना ध्यानपूर्वक तैयार किया जाता है, उतना ही ध्यान साफ-सफाई, पौष्टिकता और गरिमा पर भी दिया जाता है। भोजन की गुणवत्ता वही होती है जो एक सामान्य घर में बनाई जाती है – बिना किसी भेदभाव या निम्नता की भावना के।
कहाँ होता है वितरण? – जरूरतमंदों की पहुंच में हर स्थान
तारा शक्ति रसोई का संचालन सरोजनीनगर क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर किया जा रहा है, जैसे:
लोकबंधु अस्पताल परिसर – जहां इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों को यह भोजन राहत देता है।
पराग चौराहा, बाजार क्षेत्र, रिक्शा स्टैंड, बस स्टॉप्स, मजदूर मंडी – जहां दैनिक श्रमिकों, राहगीरों, रिक्शा चालकों, ठेले वालों और असहाय जनों को बिना पंजीकरण या औपचारिकता के भरपेट भोजन दिया जाता है।
डॉ. सिंह ने कहा, “यह भोजन सिर्फ पेट भरने का काम नहीं करता, यह आत्मसम्मान लौटाने का माध्यम है। हम चाहते हैं कि कोई भी व्यक्ति भीख मांगकर या अपमानित होकर भोजन न मांगे, बल्कि उसे गरिमापूर्ण ढंग से दिया जाए।”
कौन चला रहा है यह रसोई? – सेवा में समर्पित टीम
‘तारा शक्ति रसोई’ का संचालन प्रगति प्रयास फाउंडेशन, स्थानीय कार्यकर्ताओं, और वॉलंटियर्स के माध्यम से किया जा रहा है। सभी सेवक निःस्वार्थ भाव से काम करते हैं, और कोई भी लाभ या वेतन नहीं लेता। इस सेवा के लिए किसी प्रकार का सरकारी बजट नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से डॉ. राजेश्वर सिंह के निजी संसाधनों और जन सहयोग पर आधारित है।
सर्दी, गर्मी, बरसात – सेवा कभी नहीं रुकी
जहां सरकारी व्यवस्थाएं अकसर मौसम, बजट या अन्य व्यावहारिक दिक्कतों से बाधित हो जाती हैं, वहीं तारा शक्ति रसोई ने हर चुनौती को पार करते हुए निरंतरता बनाई रखी है। सर्द हवाओं में, तपती गर्मी में या तेज बारिश में भी, भोजन हर दिन उसी समय, उसी स्थान और उसी भावना के साथ बांटा गया।
विधायक का संकल्प – सेवा की लौ हमेशा जलती रहे
सेवा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा – “यह सिर्फ दो साल का आंकड़ा नहीं है, यह हजारों भूखों की तृप्त आत्मा का आशीर्वाद है। हम इसे तब तक चलाएंगे, जब तक एक भी व्यक्ति भूखे पेट न हो। हमारी कोशिश है कि यह रसोई आगे और क्षेत्रों तक फैले, और सेवा की लौ कभी बुझने न पाए।”
उन्होंने सरोजनीनगर के सभी लोगों, सहयोगी संगठनों, वॉलंटियर्स और जनसामान्य का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनकी सामूहिक चेतना और समर्थन से ही संभव हो पाया है।
सेवा की एक मिसाल, जो राजनीति से ऊपर उठकर समाज को दिशा देती है
‘तारा शक्ति निःशुल्क रसोई’ एक मॉडल है – जिसमें राजनीति, सेवा और मानवीयता का सुंदर समावेश है। यह दिखाता है कि अगर इच्छा सच्ची हो, तो जनप्रतिनिधि समाज की सबसे बड़ी समस्याओं का समाधान स्वयं कर सकते हैं। यह रसोई एक महिला के विचार, एक बेटे की श्रद्धा और एक नेता की जनसेवा भावना का सुंदर संगम है।
चंकी पांडे के बेटे अहान पांडे बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रहे हैं। कल यानी 18 जुलाई को अहान की फिल्म सैयारा सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। रिलीज से पहले ही अहान ने महफिल लूट ली है और तारीफें बटोर रहे हैं। फिल्म की तारीफ सलमान खान ने भी की है। अब अपनी डेब्यू फिल्म रिलीज से पहले ही अहान ने सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान को पीछे छोड़ दिया है। अहान की फिल्म सैयारा ने एडवांस बुकिंग से ही 5 करोड़ रुपयों की कमाई कर डाली है। एडवांस बुकिंग के आंकड़ों में ही अहान ने इब्राहिम अली खान को पीछे छोड़ दिया है।
5 करोड़ रुपयों की कर डाली एडवांस बुकिंग
इंडस्ट्री ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, सैयारा ने एडवांस बुकिंग से ₹5.18 करोड़ कमाए हैं। शाम 5 बजे तक, इस आगामी संगीत नाटक के देश भर में 6,167 शो के लिए 2,07,587 टिकट बिक चुके हैं। ब्लॉक सीटों के साथ, सैयारा का कुल कलेक्शन ₹7.79 करोड़ हो गया है। यशराज फिल्म्स द्वारा समर्थित इस फिल्म ने दिल्ली में 682 शो के लिए ₹93.86 लाख और महाराष्ट्र में 1,165 स्क्रीनिंग के लिए ₹75.86 लाख की कुल कमाई की। सेकनिल्क के अनुसार, इस आगामी फिल्म ने अक्षय कुमार की हाउसफुल 5 और अजय देवगन की रेड 2 की अंतिम टिकट बिक्री को भी पीछे छोड़ दिया है। हाउसफुल 5 ने पहले दिन राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 95,000 टिकट बेचे थे, जबकि रेड 2 ने 93,000 टिकट बेचे थे।
भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही है। अब दोनों टीमों के बीच चौथा मुकाबला 23 जुलाई से मैनचेस्टर के मैदान पर खेला जाएगा। इससे पहले ही भारतीय क्रिकेट टीम के प्लेयर्स ने केंट काउंटी क्रिकेट ग्राउंड में अपने एकमात्र प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया। इसमें थकान खिलाड़ियों के शारीरिक हावभाव से साफ दिखाई दे रही थी। लॉर्ड्स में मिली हार के तीन दिन बाद लंदन से एक घंटे की यात्रा के बाद टीम बस से उतरते समय भारतीय खिलाड़ी थके हुए लग रहे थे लेकिन बेकेनहैम माहौल ने उनका मनोबल तुरंत बढ़ा दिया। ड्रेसिंग रूम में बज रहे विविध संगीत ने खिलाड़ियों को सहज महसूस कराया जिसमें हनुमान चालीसा, अंग्रेजी पॉप से लेकर लोकप्रिय पंजाबी गाने तक शामिल थे।
बुमराह ने पंत के साथ किया मजाक
ऊपर ड्रेसिंग रूम से ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी मैदान से ट्रेनिंग सेशन पर नजर रख रहे पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे। जब एक पत्रकार ने दूर से पंत से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने पीछे बज रहे संगीत के साथ ‘कुछ सुनाई नहीं दे रहा है’ कहकर जवाब दिया। तभी बुमराह ने बीच में आकर अपने साथी खिलाड़ी का मजाक उड़ाया। भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ ने कहा ‘आज दुग्गल जी बहरे हैं’ जिसके बाद पत्रकारों ने खूब ठहाके लगाए। यह एक लोकप्रिय हिंदी फिल्म की पंक्ति थी।
अंगुली की चोट से उबर रहे पंत
ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह दोनों ने केवल वार्म-अप किया और जिम में भी कुछ समय बिताया। गौरतलब है कि पंत अंगुली की चोट से उबर रहे हैं लेकिन मैनचेस्टर मैच के लिए उनके पूरी तरह फिट होने की उम्मीद है। पंत ने बृहस्पतिवार को ट्रेनिंग नहीं की। उन्होंने रेस्ट किया। दूसरी ओर बुमराह और मोहम्मद सिराज ने भी गेंदबाजी नहीं की। यह देखना होगा कि सीरीज के अगले टेस्ट में दोनों में से किसी को आराम दिया जाता है या नहीं। लोकेश राहुल को छोड़कर टीम के सभी सदस्य बेकेनहैम पहुंच गए हैं।
टोक्यो: चीन की दादागिरी सिर्फ दक्षिण चीन सागर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह जापान के दक्षिण-पश्चिम तट से लेकर प्रशांत महासागर तक अपनी सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ा रहा है। जापान ने इसे सबसे बड़ा रणनीतिक खतरा माना है। जापान ने मंगलवार को जारी अपनी वार्षिक रक्षा रिपोर्ट में चीन की तेज़ी से बढ़ती इन सैन्य गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की है। जापान ने चीन की इस हरकत को देश के लिए बड़ी रणनीतिक चुनौती माना है।
चीन और रूस में सैन्य सहयोग स्थिति कर सकता है और खराब
जापान के रक्षा मंत्रालय ने रिपोर्ट में कहा कि चीन का रूस के साथ सैन्य सहयोग का बढ़ना, ताइवान को लेकर जारी तनाव और उत्तर कोरिया से आने वाले खतरों के साथ मिलकर देश की सुरक्षा के लिए चीन की यह सैन्य गतिविधियां गंभीर चिंता का विषय हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी चुनौतियों के युग में प्रवेश कर चुका है। यह भी उल्लेख किया कि अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता के बढ़ते तनाव से वैश्विक शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव आ रहा है। यह खतरे विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में केंद्रित हैं, जहां जापान स्थित है और भविष्य में स्थिति और भी खराब हो सकती है।
चीन ने दी प्रतिक्रिया
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने जापान के इस दावे की आलोचना करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट “चीन के प्रति गलत धारणा अपनाती है और उसके आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप करती है। यह भी कहा कि यह रिपोर्ट तथाकथित ‘चीनी खतरे’ को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करती है।” लिन जियान ने कहा कि बीजिंग ने इस मुद्दे पर जापान के सामने विरोध दर्ज कराया है और चीन की सैन्य गतिविधियों को “वैध और तार्किक” बताया। लिन ने जापान से अपील की कि वह अपने युद्धकालीन इतिहास से सबक ले और क्षेत्रीय तनाव को भड़काने व सैन्य विस्तार को सही ठहराने के लिए चीन से जुड़े मुद्दों को बहाना बनाना बंद करे।
प्रशांत को भी अशांत कर रहा चीन
रिपोर्ट के अनुसार चीन प्रशांत क्षेत्र को भी अशांत कर रहा है। इस महासागर में चीनी युद्धपोतों की उपस्थितियां लगातार बढ़ रही हैं और जापान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों खासतौर पर ताइवान और जापान के योनागुनी द्वीप के बीच में उसकी आवाजाही पिछले तीन वर्षों में तीन गुना अधिक हो चुकी है।
कुछ दिनों पहले चीन और जापान के विमानों को लेकर हुआ था विवाद
कुछ दिन पहले ही जापान ने चीन से अपने लड़ाकू विमानों को जापानी खुफिया विमानों के अत्यधिक निकट उड़ाने पर रोक लगाने की मांग की थी, क्योंकि इससे टकराव का खतरा पैदा हो सकता है। बीजिंग ने जवाब में आरोप लगाया कि जापान चीन की हवाई सीमा के पास जासूसी कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चीन द्वारा प्रशांत क्षेत्र में एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती उसके समुद्री शक्ति विस्तार की महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।
जापानी क्षेत्र में घुस गया था चीन का लड़ाकू विमान
पिछले वर्ष दो घटनाओं का ज़िक्र करते हुए रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एक बार चीन का सैन्य विमान जापानी हवाई क्षेत्र में घुस गया और एक बार चीन का विमानवाहक पोत जापान की समुद्री सीमा के पास पहुंच गया, जो नागासाकी के पास स्थित द्वीपों और नांसेई श्रृंखला के दक्षिण-पश्चिम में था।
उत्तर कोरिया और रूस की गतिविधियां
जापान की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया एक “गंभीर और आसन्न खतरे” के रूप में उभर रहा है। उसने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइलें और ठोस ईंधन से चलने वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर ली हैं, जो अमेरिका की मुख्यभूमि तक पहुंच सकती हैं। इसके साथ ही, रिपोर्ट में कहा गया कि रूस जापान के आस-पास सैन्य गतिविधियों को सक्रिय रूप से जारी रखे हुए है और पिछले सितंबर में उसने जापानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन भी किया था।