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दुबई:यमन में हूतियों पर जारी हैं घातक हमले, अमेरिकी एयरस्ट्राइक का वीडियो आया सामने

 अमेरिका यमन में हूती विद्रोहियों को लगातार निशाना बना रहा है। अमेरिका की ओर से ताजा किए गए हमलों में राजधानी सना में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है। हूतियों के जरिए संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से इस बारे में जानकारी दी गई है। मंत्रालय ने बताया कि सना में एक मकान को निशाना बनाया गया और इस हमले में 16 अन्य लोग घायल भी हुए हैं।

हूती व्रिदोहियों ने क्या कहा

इससे पहले रविवार को ईरान समर्थित हूती व्रिदोहियों ने कहा था अमेरिकी हवाई हमलों में उनके गढ़ सादा में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है और नौ अन्य घायल हुए हैं। हूती नियंत्रित समाचार चैनल ‘अल-मसीरा’ ने एक वीडियो भी प्रसारित किया है। इस वीडियो में दो मंजिला इमारत ढहती हुई नजर आ रही है।

हूती विद्रोहियों ने पोतों पर किए हमले

इजरायल और हमास के बीच जंग के दौरान हूती विद्रोहियों ने समुद्र में मालवाहक जहाजों पर कई हमले किए हैं। इन हमलों के जवाब में ही अमेरिका हूतियों को टारगेट कर हवाई हमले कर रहा है। हूती विद्रोहियों की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 69 लोग मारे जा चुके हैं। हूती विद्रोहियों ने कहा है कि अमेरिकी हमलों में उनके सैन्य नेतृत्व का कोई भी सदस्य हताहत नहीं हुआ है।

अमेरिका यमन में हूती विद्रोहियों को बना रहा है निशाना

हूतियों के दावे पर उठ रहे सवाल

भले ही हूती कुछ भी कह रहे हों लेकिन हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से साझा किए गए वीडियो के बाद हूतियों के दावे पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ट्रंप की ओर से एक वीडियों साझा किया गया था। हमले के इस वीडियो से संकेत मिलता है कि हताहतों की संख्या हूती विद्रोहियों के दावे से अलग है।

डोनाल्ड ट्रंप ने शेयर किया वीडियो

हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने 25 सेंकड का वीडियो साझा किया था जिसमें 70 से अधिक लोग एक घेरे में दिखाई दे रहे हैं। लोग घेरे में खड़े रहते हैं इसी दौरान एक जोरदार धमाका होता है। धमाके के बाद हमले वाली जगह पर एक बड़ा गड्ढा नजर आता है। हमले को लेकर ट्रंप ने अधिक तो कुछ नहीं बताया लेकिन उन्होंने कहा, ‘‘ये हूती विद्रोही हमले की तैयारी के लिए जमा हुए थे। अब ये कोई हमला नहीं करेंगे! वो हमारे पोतों को फिर कभी निशाना नहीं बनाएंगे।’’

कीव: रूस ने किया कीव पर बड़ा हमला, यूक्रेन की राजधानी पर ताबड़तोड़ मिसाइलों की बरसात

रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। जंग के बीच रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं। ताजा हमलों में रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव को निशाना बनाया है। कीव पर रूस की ओर से किए गए हमलों में एक शख्स की मौत हो गई है। कीव के अलावा रूस ने मध्य यूक्रेनी शहर क्रीवी रीह पर शुक्रवार को हमले किए थे। इन हमलों में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

इमारतों में लगी आग

मेयर विताली क्लित्स्को ने बताया कि कीव के डार्नित्स्की जिले में एक शख्स का शव मिला है। उन्होंने बताया कि रूस के हमलों में तीन लोग घायल हुए हैं। कई इमारतों में आग लग गई और कारों को भी नुकसान पहुंचा है। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि क्रिवी रीह पर हुए हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं।  75 अन्य लोग घायल भी हुए हैं।

रूस ने कीव पर किया अटैक

रूस ने किए ताबड़तोड़ हमले

सोशल मीडिया पर दिए गए एक बयान में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस के बढ़ते हमले यह दिखाते हैं कि मॉस्को पर अब भी अंतरराष्ट्रीय दबाव का कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रूस ने पिछले सप्ताह ही यूक्रेन पर 1,460 से अधिक गाइडेड हवाई बम, लगभग 670 हमलावर ड्रोन और 30 से अधिक मिसाइलें दागी हैं।

क्या है रूस का इरादा

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, “ये हमले सभी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक कोशिशों को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का जवाब है। हमारे हर साथी – अमेरिका, पूरा यूरोप, पूरी दुनिया – ने देखा है कि रूस जंग और हत्या जारी रखने का इरादा रखता है।” रूस के हमले तेज हुए हैं।

तेल अवीव:इजरायल ने आखिरकार गाजा में किया बड़ा एक्शन, जो अब तक नहीं हुआ था वो अब कर दिखाया

 इजरायल की ओर से गाजा लगातार सैन्य कार्रवाई की जा रही है। हाल के दिनों में इजरायल ने गाजा पर हमले तेज भी किए हैं। हमलों के साथ-साथ इजरायल ने गाजा पट्टी में अपना विस्तार भी बढ़ाया है और वहां 50 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र नियंत्रण कर लिया है। हालात यह हैं कि हमलों में फलस्तीन लोगों के मकान, कृषि भूमि और बुनियादी ढांचे इस हद तक तबाह हो चुके हैं कि अब वहां रहना असंभव है।

जारी रहेगी इजरायल की कार्रवाई

इजरायल का कहना है कि उसकी यह कार्रवाई जरूरी है ताकि बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करने के लिए हमास पर दबाव बनाया जा सके। हमास ने सात अक्टूबर 2023 को इजरायल पर आंतंकी हमला किया था जिसके बाद जंग शुरू हुई थी जो अब भी जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इजरायल कब्जे वाले गाजा में लंबे समय तक रह सकता है।

पीएम नेतन्याहू ने साफ किया रुख

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में अपना रुख साफ कर दिया था। नेतन्याहू ने कहा था कि हमास की हार के बाद भी इजरायल गाजा में मौजूद रहेगा और फलस्तीनियों को वहां से जाने के लिए मजबूर करेगा।

क्या बोले इजरायल के सैनिक

इजरायल के पांच सैनिकों ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को बताया कि इजरायली सीमा के पास ‘बफर जोन’ का विस्तार 18 महीने पहले युद्ध शुरू होने के बाद से जारी है। टैंक दस्ते के साथ तैनात एक सैनिक ने कहा, ‘‘उन्होंने (इजरायली बलों ने) वह सबकुछ नष्ट कर दिया है जो वो कर सकते थे। (फलस्तीनियों के पास) वापस आने के लिए कुछ नहीं होगा, वो वापस नहीं आएंगे, कभी नहीं।’’

गाजा में बन गई हैं इजरायली सैन्य चौकियां

इजराइली सेना ने कहा है कि वह गाजा में आम नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहती है। सेना अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करती है। फिलहाल, गाजा में जिस तरह की तस्वीरें देखने को मिल रही हैं उनसे पता चलता है कि घनी आबादी वाले स्थान अब मलबे में तब्दील हो गए हैं। लगभग एक दर्जन नई इजरायली सैन्य चौकियां भी बन गई हैं।

सऊदी अरब ने भारत समेत 14 देशों के यात्रियों के लिए अपने दरवाजे बंद किए , जानिए आखिर क्यों लगाया गया ये प्रतिबंध

भारत समेत 14 देशों के लिए सऊदी अरब से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सऊदी अरब ने उमराह, बिजनेस और फैमिली विजिट के वीजा को लेकर 14 देशों के लोगों के लिए अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है, ये प्रतिबंध जून 2025 के मध्य तक रहेगा यानी कि हज सीजन तक। रिपोर्ट में कहा गया कि यह फैसला हज के दौरान लोगों की सेफ्टी और ओवरक्राउडिंग को लेकर लिया गया है। यह वीजा प्रतिबंध सऊदी अरब द्वारा एक साल के मल्टीपल वीजा को अनिश्चित काल के लिए सस्पेंड करने और इन 14 देशों से यात्रा को फरवरी 2025 में 30 दिनों के लिए वैलिड सिंगल एंट्री वीजा तक सीमित करने के बाद आया है।

किस-किस देश के लोग नहीं जा सकेंगे?

सऊदी अधिकारियों ने उमराह वीजा जारी करने की अंतिम तिथि 13 अप्रैल 2025 तय की है, यानी कि 13 अप्रैल तक हज जाने वालों को रजिस्ट्रेशन कराने का मौका दिया गया है। इसके बाद हज यात्रा खत्म होने तक इन 14 देशों के नागरिकों को इस प्रकार के कोई नए वीजा नहीं दिए जाएंगे। इस वीजा सस्पेंशन से प्रभावित देशों में कुल 14 देश हैं जिनमें अल्जीरिया, मिस्र, बांग्लादेश, इथोपिया, इंडोनेशिया, इराक, भारत, जॉर्डन, मोरक्को, नाइजीरिया, पाकिस्तान, सूडान, ट्यूनीषिया और यमन शामिल हैं।

क्यों लेना पड़ा ऐसा फैसला?

आगे रिपोर्ट में कहा गया कि भारत समेत अन्य लिस्टेड इन देशों से कुछ लोग उमराह या विजिट वीजा पर सऊदी अरब में पहुंच चुके हैं और आधिकारिक चैनल के जरिए रजिस्ट्रेशन किए बिना हज करने के लिए तय समय से अधिक समय तक रुके हुए हैं, जिससे परेशान होकर सऊदी अरब ने ये फैसला लिया है। सऊदी अरब के अधिकारियों ने ऐसे लोगों को चेतावनी भी दी है कि बिना परमिशन के हज करने वाले या परमिटेड पीरिएड से अधिक समय तक रुकने वाले लोगों पर 5 साल तक बैन लग सकता है।

जानकारी दे दें कि सऊदी अरब ने 2024 में हज के दौरान हुई 1200 से अधिक लोगों की मौतों के लिए बिना रजिस्ट्रेशन आए लोगों की भीड़ और भीषण गर्मी को जिम्मेदार बनाया था। कहा गया था कि इन बिना रजिस्ट्रेशन तीर्थयात्रियों तक अक्सर आवास, परिवहन और स्वास्थ्य सेवा जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं पहुंच पाती, जिससे जोखिम और रसद संबंधी कठिनाइयां और भी बदहाल हो जाती हैं।

सऊदी हज और उमराह मंत्रालय के अनुसार, यह फैसला एक सुरक्षित और बेहतर संगठित तीर्थयात्रियों की गारंटी देने के लिए तार्किक प्रतिक्रिया है और इसका राजनायिक चिंताओं से कोई लेना-देना नहीं है।

लिस्ट में क्यों है भारत?

सऊदी अरब में भारत के कुछ नागरिकों द्वारा अनधिकृत रूप से हज करने की कोशिश करने के कारण वीजा दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हैं। ऐसे में सऊदी अरब ने ओवर क्राउडिंग समस्या से निजात पाने के लिए भारत के नागरिकों पर भी यह बैन लगाया है, जिससे इस समस्या को कम किया जा सके।

धर्म-संस्कृति और परंपराओं को संजोता सरोजनीनगर: 40वीं रामरथ से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु- विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में “राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा” का प्रेरणादायक सफर

धर्म, संस्कृति और परंपराओं को संजोता सरोजनीनगर: 40वीं रामरथ से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु- विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में "राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा" का प्रेरणादायक सफर
धर्म, संस्कृति और परंपराओं को संजोता सरोजनीनगर: 40वीं रामरथ से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु- विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में "राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा" का प्रेरणादायक सफर
धर्म, संस्कृति और परंपराओं को संजोता सरोजनीनगर: 40वीं रामरथ से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु- विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में "राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा" का प्रेरणादायक सफर
  • सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल पर 40वीं ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ का सफल आयोजन, ऐन गांव से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे प्रभु श्रीराम की नगरी।
  • यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को मुफ्त बस सेवा, नाश्ता, भोजन, प्रसाद, ठंडे पेय, और अयोध्या दर्शन के लिए बैटरी रिक्शा जैसी सुविधाएं विधायक की टीम द्वारा प्रदान की गईं।
  • श्रद्धालुओं ने अयोध्या में हनुमानगढ़ी, भव्य राम मंदिर, कनक भवन, दशरथ महल और राम की पैड़ी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कर आत्मिक शांति प्राप्त की।
  • यह यात्रा सामाजिक सौहार्द और संस्कृति की प्रेरणा बनी, जिसमें गांव के लोग एकजुट होकर धार्मिक वातावरण में सहभागी बने और एक-दूसरे से आत्मीय संबंध मजबूत हुए।
  • सितंबर 2022 से अब तक 5,000 से अधिक श्रद्धालु इस यात्रा के माध्यम से अयोध्या दर्शन कर चुके हैं, जिसे डॉ. सिंह ने सेवा, श्रद्धा और संस्कृति का संगम बताया है।

लखनऊ, 7 अप्रैल 2025: रामभक्तों की श्रद्धा, सेवा और संस्कृति को समर्पित सरोजनीनगर क्षेत्र की एक विशिष्ट पहल – ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ अपने 40वें चरण में पहुंच चुकी है। सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित इस नि:शुल्क बस सेवा के माध्यम से अब तक हजारों श्रद्धालु प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या के दर्शन कर चुके हैं। रविवार को ऐन गांव से रवाना हुई 40वीं रामरथ यात्रा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब सेवा का भाव और श्रद्धा का संगम होता है, तो उसका प्रभाव जनमानस पर गहरा होता है।

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40वीं यात्रा का भव्य आयोजन

रविवार तड़के ऐन गांव में माहौल भक्तिमय था। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे प्रभु श्रीराम के दर्शन हेतु यात्रा पर जाने को एकत्र हुए। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की टीम ने यात्रियों का स्वागत पारंपरिक ढंग से पटका पहनाकर किया और सभी को व्यवस्थित ढंग से बस में बैठाया गया। जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के साथ श्रद्धालु लगभग 200 किलोमीटर की यात्रा पर निकले। यह यात्रा श्रद्धा, सेवा और समर्पण का प्रतीक बनकर उभरी।

यात्रा के दौरान समुचित व्यवस्था: विधायक की टीम द्वारा पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की हर आवश्यकता का ध्यान रखा गया। चाय, नाश्ता, भोजन, ठंडे पेय, प्रसाद, यहां तक कि अयोध्या में तेज धूप से बचाव के लिए बैटरी रिक्शा की भी व्यवस्था की गई। पूरी यात्रा को इस तरह व्यवस्थित किया गया कि बुजुर्गों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अयोध्या दर्शन का भावपूर्ण अनुभव: श्रद्धालुओं ने हनुमानगढ़ी, भव्य राम मंदिर, दशरथ महल, कनक भवन, और राम की पैड़ी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। इनमें से अधिकांश यात्रियों के लिए यह अयोध्या दर्शन का पहला अवसर था। राम मंदिर के भव्य रूप को देखकर कई श्रद्धालु भावुक हो उठे और उन्होंने डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयासों के लिए आभार प्रकट किया।

अब तक 5,000 से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

रामरथ यात्रा के माध्यम से अब तक वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्ग, डिजिटल शिक्षा केंद्रों के प्रशिक्षणार्थी, स्कूल के छात्र-छात्राएं, ग्रामीण महिलाएं व अन्य करीब 5,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। यह यात्रा अब एक जनांदोलन का स्वरूप ले चुकी है, जो धर्म, सेवा, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुकी है।

रामरथ यात्रा: केवल यात्रा नहीं, सामाजिक परिवर्तन की लहर: रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा केवल एक तीर्थ यात्रा नहीं है, बल्कि यह गांव-गांव में सामाजिक और धार्मिक चेतना की एक नई ज्योति जगा रही है। यह यात्रा न केवल बुजुर्गों के लिए आध्यात्मिक आनंद का स्रोत बन रही है, बल्कि पूरे गांव को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रही है। यात्रा के दौरान एक-दूसरे के साथ बिताया गया समय आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता को सशक्त बना रहा है।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का उद्देश्य

डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि – “प्रभु श्रीराम के दर्शन से वृद्धजनों को मानसिक संतोष, आत्मिक बल और आनंद की अनुभूति होती है।” उनका लक्ष्य है कि सरोजनीनगर क्षेत्र का कोई भी बुजुर्ग, महिला या गरीब व्यक्ति प्रभु राम के दर्शन से वंचित न रह जाए। इसी उद्देश्य से सितम्बर 2022 में इस नि:शुल्क बस सेवा की शुरुआत की गई थी।

डॉ. राजेश्वर सिंह की यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और बुजुर्गों के सम्मान का प्रतीक भी बन गई है। सरोजनीनगर से शुरू हुई यह यात्रा एक ऐसी प्रेरणा बन चुकी है, जो अन्य क्षेत्रों के लिए भी अनुकरणीय है।