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लखनऊ मंडल की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी के समक्ष सरोजनीनगर रहा फोकस में, डॉ. राजेश्वर सिंह ने रखे 17 प्रस्ताव, 11793 करोड़ की 101 योजनाओं पर गहन विमर्श, डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएम योगी का जताया आभार

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को लखनऊ मंडल की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें लखनऊ जनपद सहित मंडल के सभी विधायकों, सांसदों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य लखनऊ मंडल के समग्र विकास, संरचनात्मक परियोजनाओं की समीक्षा और प्रस्तावों पर निर्णय लेना रहा।

इस अहम बैठक में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने क्षेत्र के बहुआयामी विकास प्रस्तावों को प्रखरता से प्रस्तुत करते हुए सीएम योगी का आभार जताया और 17 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्वीकृति का आग्रह किया।

11,793 करोड़ की लागत से 101 संरचनात्मक योजनाएं- विकास की नई रेखाएं खिंचतीं

बैठक में सरोजनीनगर क्षेत्र से जुड़ी लोक निर्माण विभाग की 11793 करोड़ की लागत वाली 101 संरचनात्मक योजनाओं पर सार्थक विमर्श हुआ। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • फ्लाईओवर
  • रेलवे ओवरब्रिज (ROB)
  • मुख्य जिला सड़कें (MDR/ODR)
  • दीर्घ व लघु सेतु निर्माण
  • आवासीय व सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का विस्तार

इन योजनाओं को क्षेत्रीय संतुलन, यातायात सुधार, औद्योगिक कनेक्टिविटी और जनसुविधाओं के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष रखे गए 17 प्रमुख बहुआयामी प्रस्ताव

डॉ. सिंह ने बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सरोजनीनगर की जनता की ओर से निम्नलिखित परियोजनाओं की स्वीकृति की मांग की:

  1. पिपरसंड में लखनऊ विश्वविद्यालय कृषि संकाय की स्थापना
  2. चकौली में विदेशी भाषा विश्वविद्यालय (Foreign Language University)
  3. नादरगंज में एआई सिटी (Artificial Intelligence City)
  4. ब्रह्मोस मिसाइल प्लांट का विस्तार एवं सपोर्ट सुविधाएं
  5. लतीफ नगर में गर्ल्स डिग्री कॉलेज की स्थापना
  6. वृंदावन योजना में देश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर
  7. अशोक लेलैंड बस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट (औद्योगिक प्रोत्साहन हेतु)
  8. सरोजनीनगर में फ्लाईओवर व ROB निर्माण की प्रगति में तेजी
  9. मुख्य और ग्रामीण सड़कों का पुनर्निर्माण एवं चौड़ीकरण
  10. जोनल पार्क, तालाबों व जल स्रोतों का सौंदर्यीकरण
  11. आईटी हब व इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर का विस्तार
  12. सोलर पार्क और EV चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना
  13. स्मार्ट हेल्थ सेंटर व महिला स्वास्थ्य इकाइयां
  14. ट्रैफिक डाइवर्जन योजना और सिग्नल फ्री रूट प्रस्ताव
  15. बायो-डायवर्सिटी पार्क और ईको टूरिज्म विकास
  16. स्किल डेवलपमेंट सेंटर व ITI संस्थान का उन्नयन
  17. परियोजनाओं की निगरानी हेतु विधानसभा स्तर पर “Project Monitoring Cell” का गठन

जनता की आवाज़ बन मुख्यमंत्री को सौंपा सरोजनीनगर का रोडमैप

डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री योगी से मुलाक़ात कर सरोजनीनगर के समग्र विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा:

“हमारा लक्ष्य केवल योजनाओं को कागज़ों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध, पारदर्शी और जमीनी हकीकत बनाना है। सरोजनीनगर की जनता ने विश्वास किया है, अब हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम उस विश्वास को ठोस रूप दें।”

तेज़ी और पारदर्शिता पर ज़ोर: मॉनिटरिंग और समयसीमा पर विशेष बल

डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सभी स्वीकृत योजनाओं पर कार्य की गति तेज़ की जाए, और इनकी प्रॉपर मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि समयबद्ध तरीके से योजनाएं पूर्ण हों और वित्तीय व गुणवत्ता पारदर्शिता बनी रहे।

सरोजनीनगर के लिए विशेष फोकस

इस बैठक में यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि लखनऊ मंडल में सरोजनीनगर को एक विकास मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। बुनियादी ढांचा, शिक्षा, उद्योग, ऊर्जा और पर्यावरणीय संतुलन जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने जो बहुआयामी प्रस्ताव दिए, वे सरोजनीनगर को एक “Green-Tech Smart Assembly” के रूप में स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं।

सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र का भविष्य उज्ज्वल है, और इसकी नींव आज की योजनाओं में रखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की सक्रियता एवं दृष्टिकोण से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर योजना जनहित से जुड़ी हो और उसका लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचे।

भारत की अग्नि-5 मिसाइल की नकल करने का पाकिस्तान का सपना फिर चकनाचूर_ अबाबील मिसाइल का परीक्षण एक बार फिर रहा नाकाम

पाकिस्तान गाहे बगाहे सोशल मीडिया पर अपनी मिसाइल ताकत और हथियारों का जखीरा डालकर शेखी बघराता रहता है और खुद को भारत के बराबर पावरफुल दिखाना चाहता है, लेकिन हकीकत इससे कहीं उल्ट है. पाकिस्तान के वैज्ञानिक बैलेस्टिक मिसाइल नहीं बना पा रहे हैं. इस कारण प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर का सपना बार-बार टूट रहा है.

हाल ही में पाकिस्तानी वैज्ञानिकों ने मीडियम रेंज की बैलेस्टिक मिसाइल (MRBM) अबाबील का एक बार फिर टेस्ट किया, मगर यह टेस्ट नाकाम साबित हो गया. पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान भारत के हथियारों से मात खा गया था. भारत के आगे न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि चीन और तुर्किए तक के डिफेंस सिस्टम और हथियार फिसड्डी साबित हुए थे. इसके बाद से ही पाकिस्तान में भारत का खौफ बढ़ता जा रहा है.

कितनी पावरफुल है अबाबील मिसाइल ?
अबाबील ठोस ईंधन से चलने वाली मिसाइल है, जिसकी रेंज करीब 2,000 किलोमीटर बताई जाती है. इसका पहली बार परीक्षण 2017 में किया गया था. इसमें MIRV तकनीक (Multiple Independent Re-entry)) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो एकसाथ कई ठिकानों को तबाह करने की ताकत रखती है. पाकिस्तान का सपना बार-बार टूट रहा है, क्योंकि हालिया टेस्ट से पहले अक्टूबर 2023 में भी अबाबील का परीक्षण फेल हो गया था. सोशल मीडिया पर अबाबील के टेस्ट के दौरान उसका मलबा दिखाया जा रहा है और यह दावा किया जा रहा है कि यह परीक्षण फेल हो गया है.

भारत की अग्नि-5 मिसाइल की नकल कर रहा पाक
IDRW वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक MIRV तकनीक इंटरकॉन्टिनेंट बैलेस्टिक मिसाइलों (ICBMs) के लिए काफी बेहतर मानी जाती है. आईसीबीएम की खूबी ये है कि ये 5,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है, जैसे भारत की अग्नि-5 मिसाइल जिसका मार्च, 2024 में टेस्ट काफी कामयाब रहा था. वहीं, इसकी नकल करने में पाकिस्तान बार-बार फेल हो रहा है.

क्यों बार-बार फेल हो रहा पाकिस्तान ?
पाकिस्तान अबाबील मिसाइल टेस्ट में बार-बार फेल होने के बाद भी ये दावे करता रहा है कि उसने मीडियम रेंज की बैलेस्टिक मिसाइल का टेस्ट किया है. कई डिफेंस एक्सपर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा है कि पाकिस्तान के पास इंजीनियरिंग में काफी दिक्कतें हैं. सिस्टमैटिक इश्यू समेत पर्याप्त टेस्ट ढांचे का अभाव, विदेशी तकनीक खासतौर पर चीन पर निर्भरता और संसाधनों की कमी इस मामले में पाकिस्तान को कमजोर बनाती है

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भीषण गोलीबारी: 6 की मौत, वारदात के बाद हमलावर ने खुद को भी मारी गोली

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सोमवार (28 जुलाई, 2025) को एक भीषण गोलीबारी की घटना में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई. यह हमला शहर के ओर टॉर कोर मार्केट में हुआ, जो बैंकॉक के प्रसिद्ध चतुचक मार्केट के पास स्थित है और आमतौर पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों से भरा रहता है. मारे गए लोगों में चार सुरक्षा गार्ड, एक महिला और खुद हमलावर शामिल है, जिसने फायरिंग के बाद खुद को गोली मारकर जान दे दी. यह जानकारी Erawan Emergency Medical Centre के हवाले से सामने आई है, जो बैंकॉक के अस्पतालों पर नजर रखता है.

हमलावर की पहचान और मकसद की जांच जारी

बैंक सुए जिले के डिप्टी पुलिस प्रमुख वोरापत सुकथाई ने बताया कि अब तक इसे एक मास शूटिंग माना जा रहा है. उन्होंने कहा, “पुलिस हमलावर की पहचान करने और हमले के पीछे के कारणों की जांच में जुटी है.” उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि क्या इस गोलीबारी का कोई संभावित संबंध थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहे सीमा विवाद से है.

थाईलैंड में बढ़ती हिंसा चिंता का विषय

थाईलैंड में इस तरह की गोलीबारी कोई नई बात नहीं है. वहां बंदूकों की खरीद आसान है और गन कंट्रोल कानूनों का पालन अक्सर ढीला रहता है, जिससे इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आती हैं.

पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है. मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है.

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच क्यों है विवाद?

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद वर्षों पुराना है, जिसका केंद्र प्रीह विहार मंदिर क्षेत्र है. यह विवाद 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय द्वारा कंबोडिया के पक्ष में फैसला दिए जाने के बाद भी पूरी तरह सुलझा नहीं. दोनों देशों की सेनाएं समय-समय पर इस क्षेत्र में आमने-सामने आ चुकी हैं, जिनमें झड़पें और गोलीबारी की घटनाएं भी शामिल रही हैं.

Travel Tips: दुनिया के इन जादुई झरनों की खूबसूरती देख कर खिल उठेगा आपका दिन, और स्ट्रेस हो जाएगा छूमंतर!

दुनिया भर में प्राकृतिक सुंदरता का एक अनोखा अनुभव झरनों में देखने को मिलता है। ऊंचाई से गिरने हुए पानी का नजारा काफी मनमोहक होता है। ऊंचाई से गिरने हुए पानी का नजारा देखना लोगों के मन को सुकून पहुंचाने के साथ रोमांच का अनुभव कराता है। बता दें कि दुनिया में कई ऐसे झरने हैं, जिनकी ऊंचाई और सुंदरता उनको खास बनाती है। इन झरनों की ऊंचाई सुनकर कोई भी चौंक जाएगा, वहीं इनकी सुंदरता भी उतनी ही सुकूनदायक है।

पहाड़ों, गहरी घाटियों और हरियाली बीच बहते हुए यह झरने प्राकृतिक कला का अनूठा और अद्वितीय उदाहरण है। अगर आप भी प्रकृति प्रेमी है और घूमने के भी शौकीन हैं, तो आपको दुनिया के सबसे ऊंचे और खूबसूरत झरनों का दीदार करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको दुनिया के कुछ सबसे ऊंचे और खूबसूरत झरनों के बारे में बताने जा रहे हैं

एंजेल फॉल्स , वेनेजुएला

वेनेजुएला दक्षिणी अमेरिकी महाद्वीप पर एक देश है। जहां पर एंजेल फॉल्स बहता है। वेनेजुएला का यह एंजेल फॉल्स दुनिया का सबसे ऊंचा झरना है। जोकि वेनेजुएला के केनैमा नेशनल पार्क में स्थित है। इस झरने की धारा इतनी ऊंचाई से गिरती है कि पानी नीचे तक पहुंचते-पहुंचते बारीक-बारीक बूंदों में बदल जाता है।

टुगेला फॉल्स, दक्षिण अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका में मौजूद टुगेला फॉल्स की ऊंचाई 3,110 फीट है। बारिश के मौसम में यहां का नजारा देखने लायक है। यह रॉयल नेटल नेशनल पार्क के ड्रेकेन्सबर्ग माउंटेन्स पर स्थित है।

थ्री सिस्टर्स फॉल्स, पेरू

पेरू एक बेहद खूबसूरत जगह है, जहां पर आपको थ्री सिस्टर्स फॉल्स नाम का शानदार जलप्रपात देखने को मिलेगा। यह अमेजन जंगल के बीच स्थित है और तीन स्तरों में बहता है। इसी वजह से इसका नाम ‘थ्री सिस्टर्स‘ पड़ा। ट्रैकिंग और रोमांच पसंद करने वालों के लिए यह जगह जन्नत से कम नहीं है।

ओलूपेना फॉल्स, हवाई

संयुक्त राज्य अमेरिका के हवाई में करीब 900 मीटर की ऊंचाई पर ओलूपेना फॉल्स है। ओलूपेना फॉल्स सीधे समंदर से लगती चट्टानों से गिरता है और सिर्फ बोट या हेलिकॉप्टर से ही देखा जा सकता है।

युंबिला फॉल्स, पेरू

बता दें कि युबिला फॉल्स सबसे ऊंचे झरनों में शामिल है, यह पेरू में है। हाल ही में खोज में यह झरना पाया गया है। जोकि पेरू के घने जंगलों में छिपा है और अब धीरे-धीरे फेमस हो रहा है। यहां पर आपको चारों ओर मनमोहक नजारा देखने को मिलेगा।

“अगर मैं नहीं होता तो दुनिया में 6 युद्ध चल रहे होते” – ट्रंप ने फिर किया बड़ा दावा, खुद को बताया वैश्विक शांति का रक्षक

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्कॉटलैंड में मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि अगर उन्होंने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया होता तो भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया होता. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों को व्यापार वार्ता रोकने की धमकी दी थी, जिससे युद्ध टला.

छह बड़े युद्ध रोके, भारत-पाक संबंधों को बताया ‘हॉटस्पॉट’
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दुनिया में छह बड़े युद्धों को रोकने का काम किया, जिनमें भारत-पाकिस्तान भी शामिल हैं. उन्होंने भारत-पाक को “बहुत बड़ा हॉटस्पॉट” बताया क्योंकि दोनों परमाणु संपन्न देश हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें भारत और पाकिस्तान के नेताओं से अच्छी जान-पहचान है.

परमाणु युद्ध की चेतावनी और व्यापार की शर्त
ट्रंप ने बताया कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा, तो उन्होंने दोनों से कहा, ‘अगर आप युद्ध करने जा रहे हैं तो मैं आपके साथ कोई व्यापार समझौता नहीं करूंगा.’
उन्होंने इसे ‘पागलपन’ करार देते हुए कहा कि यदि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होता, तो कई देश उसमें शामिल हो जाते और भारी विनाश होता.

युद्ध टालना गर्व की बात: ट्रंप
उन्होंने कहा कि शायद ये थोड़ा स्वार्थी लगे, लेकिन युद्धों को रोकना अमेरिका के लिए सम्मान की बात है. उन्होंने गाजा संघर्ष के संदर्भ में यह बात कही, जहां उन्होंने इजरायल पर युद्ध विराम का दबाव बनाया.

भारत ने ट्रंप के दावे को खारिज किया
भारत ने ट्रंप के इस दावे को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है. भारत ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जवाबी सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई थी, जो 7 से 10 मई के बीच चला.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने की सटीक कार्रवाई
भारत ने  पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए. इसमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए. इसके बाद सीमा पर दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष शुरू हो गया.

बिना मध्यस्थता सीधा संघर्ष विराम
भारत ने कहा कि संघर्ष विराम किसी अमेरिकी मध्यस्थता से नहीं बल्कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई सीधी बातचीत के बाद हुआ. भारत की ओर से बार-बार यह स्पष्ट किया गया है कि कोई मध्यस्थ नहीं था.