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‘शोले’ से लेकर ‘3 इडियट्स’ तक, इन फिल्मों ने दिखाया सच्ची दोस्ती का शानदार उदाहरण।

‘दोस्ती’ शब्द सुनते ही जय और वीरू की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है. साल 1975 में रिलीज हुई फिल्म ‘शोले’ आज भी दोस्ती का पर्याय है. फिल्म इंडस्ट्री सिनेमा के जरिए दोस्त और दोस्ती की कहानी को बेहतरीन अंदाज में कहने में माहिर है.

इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे के मौके पर ऐसी फिल्मों पर डालते हैं एक नजर जहां दोस्ती में जान देने या मित्र की ढाल बनने की कहानियों को गढ़ा गया. बॉलीवुड ने ऐसी कई फिल्मों के जरिए दोस्ती के जज्बे को पर्दे पर उतारा है, जो हंसी, आंसुओं और बलिदान से भरी हैं.

शोले( 1975)- जय और वीरू की अमर दोस्ती
साल 1975 में आई ‘शोले’ की गिनती बॉलीवुड की सबसे शानदार फिल्मों में की जाती है, जिसमें जय (अमिताभ बच्चन) और वीरू (धर्मेंद्र) की दोस्ती की मिसाल है.  ठाकुर बलदेव सिंह (संजीव कुमार) गब्बर सिंह को पकड़ने का जिम्मा इन दोनों जांबाजों को सौंपता है. इन दो दोस्तों की कहानी हंसी, रोमांच और बलिदान से भरी है. जब डाकुओं ने वीरू और उसकी प्रेमिका बसंती (हेमा मालिनी) को पकड़ लिया, तो जय ने अपनी जान देकर उन्हें बचा लिया.

दिल चाहता है
साल 2001 में आई थी, ‘दिल चाहता है’ फरहान अख्तर की यह फिल्म आकाश (आमिर खान), समीर (सैफ अली खान) और सिद्धार्थ (अक्षय खन्ना) की दोस्ती की कहानी है. यह फिल्म आधुनिक दोस्ती के उतार-चढ़ाव, प्यार और जिंदगी के बदलाव को दिखाती है.  दोस्तों के बीच मतभेद के बावजूद, वे एक-दूसरे के लिए हमेशा और हर हाल में खड़े रहते हैं.

कल हो न हो
साल 2003 में रिलीज हुई थी ‘कल हो ना हो’, यह फिल्म कई मायनों में खास थी, हालांकि, शाहरुख खान, सैफ अली खान और प्रीति जिंटा स्टारर यह फिल्म दोस्ती और प्यार का संगम है. अमन (शाहरुख) को पता है कि उसकी सांसे ज्यादा नहीं बची हैं, फिर भी वह अपनी दोस्त नैना (प्रीति) को खुश देखना चाहता है. वह नैना और रोहित (सैफ) को करीब लाता है, अपनी भावनाओं को छिपाकर. यह दोस्ती की कहानी को नए अंदाज में पेश करती है.

3 इडियट्स
दोस्ती की बात हो तो साल 2009 में आई ‘3 इडियट्स’ को इग्नोर नहीं किया जा सकता.  राजकुमार हिरानी की यह फिल्म रणछोड़दास (आमिर खान), राजू (शरमन जोशी) और फरहान (आर. माधवन) की कॉलेज दोस्ती की कहानी है.  यह फिल्म न केवल एजुकेशन सिस्टम पर तंज कसती है, बल्कि दोस्ती के महत्व को भी खास अंदाज में दिखाती है. रणछोड़दास अपने दोस्तों को जीवन में सही रास्ता चुनने के लिए प्रेरित करता है. जब राजू मुश्किल में होता है, तो रणछोड़दास और फरहान उसकी मदद के लिए दौड़ पड़ते हैं. यह फिल्म कॉमेडी, प्रेरणा और दोस्ती का शानदार मिश्रण है.

रंग दे बसंती- दोस्ती और देशभक्ति की मिसाल
मल्टीस्टारर फिल्म ‘रंग दे बसंती’ साल 2006 में आई थी. राकेश ओमप्रकाश मेहरा की यह फिल्म दोस्ती और देशभक्ति का संगम है. अभिनेता आमिर खान, सिद्धार्थ, शरमन जोशी, कुणाल कपूर और अतुल कुलकर्णी जैसे सितारों से सजी यह कहानी एक ब्रिटिश फिल्ममेकर के भारत आने और पांच दोस्तों को स्वतंत्रता सेनानियों की कहानी पर फिल्म बनाने के लिए प्रेरित करने की है. जब इनका एक दोस्त सिस्टम की गलतियों का शिकार होता है, तो ये दोस्त मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हैं और अपनी जान तक कुर्बान कर देते हैं. यह फिल्म दोस्ती की गहराई को पर्दे पर पेश करती है.

‘भारत के साथ व्यापार वार्ता से नाराज़ हैं ट्रंप’, सलाहकार का खुलासा — क्या 25% टैरिफ एकतरफा लगाया जाएगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ चल रही व्यापार समझौते की बातचीत से ‘निराश’ हैं. ट्रंप का मानना है कि भारत पर 25% आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने से यह स्थिति जल्द ही ठीक हो जाएगी. उन्होंने यह टैरिफ 1 अगस्त से प्रभावी करने की घोषणा की है. यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौता तय समय-सीमा से पहले नहीं हो सका. व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने यह बात न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स से कही.

क्या कहा केविन हैसेट ने?
एक रिपोर्ट के अनुसार, केविन हैसेट ने कहा, ‘मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ ट्रेड टॉक की धीमी रफ्तार से निराश हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि 25% टैरिफ से स्थिति में सुधार होगा और यह अमेरिकी जनता के लिए फायदेमंद होगा. ट्रंप और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर जल्द ही उस एक्स्ट्रा पैनल्टी के बारे में और जानकारी शेयर करेंगे जिसकी घोषणा राष्ट्रपति ने की है’. दरअसल, ट्रंप ने भारत द्वारा रूस से तेल और हथियारों की खरीद को लेकर एक जुर्माने की भी घोषणा की है.

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में क्या है रुकावट?
भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता में कृषि और डेयरी क्षेत्रों को खोलने पर भारत की सख्ती एक बड़ी अड़चन बनी हुई है. भारत सरकार का रुख साफ है कि वह अपने किसानों और डेयरी सेक्टर के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी. इसी मुद्दे को लेकर व्यापार समझौते पर सहमति नहीं बन सकी है. अमेरिकी अधिकारी अगस्त के अंत में भारत का दौरा करेंगे, जिसमें ट्रेड टॉक का छठा दौर आयोजित होने की उम्मीद है.

भारत की प्रतिक्रिया – राष्ट्रीय हित से कोई समझौता नहीं
भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के संभावित प्रभावों की स्टडी की जा रही है. मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए राष्ट्रीय हित से कोई समझौता नहीं करेगा.

11,457 करोड़ की लागत से बनी ‘अवतार’ सीरीज का तीसरा पार्ट है तैयार, एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर मचाएगा धमाल!

‘अवतार’ सीरीज, जिसे मशहूर डायरेक्टर जेम्स कैमरन ने बनाया है, हॉलीवुड की सबसे शानदार फिल्मों में से एक है. ये फिल्म सिर्फ शानदार ग्राफिक्स और अपनी दमदार कहानी के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि इसकी कमाई और बजट में हमेशा से चर्चों में रहा है.

अब इस सीरीज का तीसरा पार्ट भी जल्द ही रिलीज होने जा रहा है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि अब तक उन फिल्मों ने कितनी कमाई की है और उन फिल्मों को बनाने में कितना खर्चा हुआ .

‘अवतार’ का बजट और कलेक्शन

    • ‘अवतार’ सीरीज की पहली पार्ट साल 2009 में रिलीज हुआ था.
    • ये फिल्म पेंडोरा नाम के काल्पनिक ग्रह पर आधारित थी और इसके विजुअल इफेक्ट्स ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था .
    • फिल्म के बजट की बात करें, तो टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इसे 1800 करोड़ रुपए की लागत से तैयारा किया गया था.
    • 1800 करोड़ रुपए के बड़े बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 20,368 करोड़ रुपए की कमाई की थी.
    • इस फिल्म ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता , बल्कि उस वक्त की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म भी साबित हुई.

‘अवतार:द वे ऑफ वॉटर’

    • 13 साल बाद 2022 में इस सीरीज का दूसरा पार्ट ‘अवतार’ द वे ऑफ वॉटर रिलीज हुआ था.
    • इस बार की कहानी पानी की दुनिया और समुद्री जीवन पर आधारित थी, जिसमें नई तकनीक और बेहतरीन ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया गया था.
    • इस फिल्म को 7500 करोड़ के बजट में बनाया गया था और इसने दुनियाभर में 17,587 करोड़ रुपये की कमाई की थी.
    • ये फिल्म भी पिछली पार्ट की तरह बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही साथ ही दर्शकों को भी बहुत पसंद आई.

‘अवतार: फायर एंड ऐश’

    • अब इस सीरीज का तीसरा सीजन ‘अवतार- फायर एंड ऐश’ भी जल्द ही दुनियाभर के सिनेमाघरों में दस्तक देने आ रहा है.
    • ‘अवतार- फायर एंड ऐश’ 19 दिसंबर 2025 को रिलीज होने वाली है.
    • इसका बजट कुल 2156 करोड़ रुपये बताया जा रहा है.
    • हाल ही में इस फिल्म का ट्रेलर भी लीक हुआ था, जिसनें फैंस की एक्साइटमेंट और भी बढ़ा दी है.
    • हर कोई बस इस बात का इंतजार कर रहा है कि यह फिल्म भी पहले की दोनों पार्ट्स की तरह ही कमाल करेगी या नहीं.

तीनों फिल्मों का कुल बजट और कमाई
अब अगर हम तीनों फिल्मों के बजट को जोड़ें तो ये लगभग 11,456 करोड़ होता है. वहीं  पहली और दूसरी फिल्म की कुल वर्ल्डवाइड कमाई मिलाकर लगभग 37,965 हो चुकी है. अब सबकी नजरें ‘अवतार’ 3 पर टिकी हैं. फैंस को भरोसा है कि ये फिल्म भी रिकॉर्ड तोड़ कमाई करेगी. अगर ऐसा हुआ तो ‘अवतार’ सीरीज दुनिया की सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म फ्रेंचाइजी बन सकती है.

अगर यह मिशन रहा सफल, तो पूरी दुनिया में छा जाएगा ISRO का दबदबा — जानिए क्या है NISAR मिशन और क्यों माना जा रहा है इसे बेहद खास!

पृथ्वी की निगरानी के लिए तैयार किया गया अब तक का सबसे अत्याधुनिक सैटेलाइट ‘निसार’ (NISAR) बुधवार (30 जुलाई, 2025) को लॉन्च किया जाएगा. इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है. इस अत्याधुनिक सैटेलाइट की लॉन्चिंग भारत के आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से शाम 5:40 बजे जीएसएलवी-एफ16 रॉकेट के जरिए की जाएगी.

‘निसार’ यानी NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar मिशन का उद्देश्य पृथ्वी की सतह पर होने वाले परिवर्तनों की सटीक और लगातार निगरानी करना है. यह उपग्रह अंतरिक्ष में धरती से 740 किलोमीटर की ऊंचाई से ऑपरेट करेगा और दिन-रात, सुबह-शाम, हर मौसम में, बादलों और बारिश के बावजूद हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें लेने में सक्षम होगा.

भारत और अमेरिका की संयुक्त तकनीक से लैस है निसार सैटेलाइट

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के संयुक्त रूप से विकसित किए गए इस उपग्रह की खासियत यह है कि यह हर 12 दिन में पूरी पृथ्वी की भूमि और बर्फीली सतह को स्कैन करेगा और सेंटीमीटर स्तर तक की सटीक जानकारी प्रदान करेगा. इसमें अमेरिका की ओर से विकसित एल-बैंड और भारत की ओर से तैयार एस-बैंड रडार लगे हैं, जो विश्व में सबसे उन्नत तकनीकों में गिने जाते हैं.

सैटेलाइट से प्राकृतिक आपदाओं की रियल मॉनिटरिंग होगी संभव

निसार की मदद से प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़, सुनामी, भूस्खलन, ज्वालामुखी विस्फोट और ग्लेशियर के पिघलने जैसी घटनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी. इसके अलावा, यह तकनीक जलवायु परिवर्तन, कृषि, तटीय कटाव और मिट्टी की नमी के अध्ययन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

करीब 1.3 बिलियन डॉलर की लागत से तैयार इस मिशन में इसरो और नासा ने एक दशक से अधिक समय तक मिलकर काम किया है. यह मिशन न केवल भारत और अमेरिका के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

Jasprit Bumrah In England: क्या जसप्रीत बुमराह खेलेंगे पांचवां टेस्ट? मैच से दो दिन पहले कोच ने खोला राज

 भारत और इंग्लैंड के बीच तेंदुलकर-एंडरसन सीरीज का पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच 31 जुलाई से लंदन के केनिंग्टन ओवल स्टेडियम में खेला जाएगा. इस सीरीज की शुरुआत से पहले ही भारत ने ये साफ कह दिया था कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ केवल तीन टेस्ट मैच ही खेलेंगे. वहीं बुमराह पहले, तीसरे और चौथे टेस्ट मैच में गेंदबाजी कर चुके हैं, जिससे उनके तीन टेस्ट मैच पूरे हो गए हैं, लेकिन बड़ी बात ये है कि बुमराह पांचवां टेस्ट खेलने के लिए भी फिट हैं.

पांचवां टेस्ट खेलेंगे जसप्रीत बुमराह?

भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने पांचवें टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बुमराह के बारे में अपडेट दिया. सितांशु कोटक से जब बुमराह के पांचवें टेस्ट में खेलने के बारे में पूछा गया, तब बैटिंग कोच ने जवाब दिया कि बुमराह अपने वर्कलोड के हिसाब से अभी इस समय फिट हैं. पिछले टेस्ट मैच में भी बुमराह ने केवल एक ही पारी में गेंदबाजी की थी, इसलिए हेड कोच, फिजियो और कप्तान बुमराह को लेकर चर्चा कर सकते हैं.

बुमराह को मैनचेस्टर टेस्ट में मिला आराम

मैनचेस्टर टेस्ट में चार में से कुल तीन ही पारी खेली गईं. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 358 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड ने पहली पारी में 669 रन बना दिए. इसके बाद टीम इंडिया दूसरी पारी में बल्लेबाजी करती रही और पांचवां दिन भी समाप्त हो गया. भारत ने ये मैच ड्रॉ करा लिया. इंग्लैंड की दूसरी पारी नहीं आई, जिसके चलते जसप्रीत बुमराह को इंग्लैंड की पहली पारी के बाद पूरा आराम मिला.