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Sports News:वनडे इंटरनेशनल में सबसे तेज शतक जड़ने वाले टॉप 10 बल्लेबाजों की सूची, शाहिद अफरीदी का नाम दो बार शामिल

वनडे क्रिकेट की शुरुआत करीब 54 साल पहले हुई थी. पहला इंटरनेशनल मैच 5 जनवरी, 1971 को खेला गया था. तब से लेकर आज तक इस फॉर्मेट में कई बल्लेबाजों का दबदबा रहा है. वनडे इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ‘क्रिकेट के भगवान’ सचिन तेंदुलकर के नाम है. लेकिन आज हम बात करेंगे वनडे इंटरनेशनल में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की.

1- एबी डिविलियर्स 

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स के नाम वनडे में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड दर्ज है. उन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सिर्फ 31 गेंद में शतक जड़ दिया था.

2- कोरी एंडरसन 

इस रिकॉर्ड लिस्ट में दूसरे नंबर पर न्यूजीलैंड के पूर्व ऑलराउंडर कोरी एंडरसन का नाम है. एंडरसन ने 2014 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सिर्फ 36 गेंद में शतक लगाया था. एंडरसन अब यूएसए के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते हैं.

3- शाहिद अफरीदी 

पाकिस्तान के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी और कप्तान शाहिद अफरीदी ने 1996 में श्रीलंका के खिलाफ सिर्फ 37 गेंद में शतक लगाया था. तब अफरीदी की इस पारी को देख हर कोई हैरान रह गया था. सालों तक वनडे में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड शाहिद अफरीदी के नाम रहा. हालांकि, अब वह इस रिकॉर्ड लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं.

4- ग्लेन मैक्सवेल 

ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल इस रिकॉर्ड लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं. मैक्सवेल ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप में नीदरलैंड्स के खिलाफ सिर्फ 40 गेंद में शतक जड़ा था.

5- आसिफ खान 

इस रिकॉर्ड लिस्ट में यूएई के आसिफ खान का भी नाम है. आसिफ ने नेपाल के खिलाफ 2023 में ही 41 गेंद में शतक लगाया था.

6- मार्क बाउचर 

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज मार्क बाउचर इस रिकॉर्ड लिस्ट में छठे नंबर पर हैं. बाउचर ने सभी को हैरान करते हुए 2006 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 44 गेंद में सेंचुरी ठोक दी थी.

7- ब्रायन लारा 

वेस्टइंडीज क्रिकेट के इतिहास के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक ब्रायन लारा इस रिकॉर्ड लिस्ट में सातवें नंबर पर हैं. लारा ने 1999 में बांग्लादेश के खिलाफ 45 गेंद में शतक लगाया था.

8- शाहिद अफरीदी 

पाकिस्तान के पावर हिटर रहे शाहिद अफरीदी सबसे तेज शथक लगाने वाले 10 बल्लेबाजों की लिस्ट में दो बार आते हैं. वह तीसरे नंबर के साथ-साथ आठवें नंबर पर भी हैं. 2005 में भारत के खिलाफ अफरीदी ने सिर्फ 45 गेंद में शतक लगाया था.

9- जेसी राइडर 

न्यूजीलैंड के पूर्व विस्फोटक ओपनर जैसी राइडर 46 गेंद में शतक लगा चुके हैं. उन्होंने 2014 में वेस्टइंडीज के खिलाफ यह कारनामा किया था.

10- जोस बटलर 

इंग्लैंड के पावर हिटर में से एक जोस बटलर इस रिकॉर्ड लिस्ट में 10वें नंबर पर हैं. बटलर ने 2015 में पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ 46 गेंद में सेंचुरी बनाई थी.

Health Tips :लंग कैंसर के अंतिम चरण में शरीर देता है ये संकेत, जरूर जानें ये लक्षण

जब लंग कैंसर (फेफड़ों का कैंसर) अपने अंतिम यानी स्टेज-4 में पहुंचता है, तो शरीर कई गंभीर चेतावनियाँ देने लगता है। इन्हें समय पर पहचानना बहुत जरूरी होता है:

 अंतिम चरण के संभावित लक्षण:

  1. लगातार खांसी और खून आना
    – खांसी जो महीनों तक ठीक न हो
    – खांसते समय खून या गुलाबी रंग की थूक
  2. सांस लेने में तकलीफ
    – सीढ़ी चढ़ने या हल्की मेहनत में भी सांस फूलना
    – छाती में जकड़न महसूस होना
  3. गंभीर वजन कम होना
    – अचानक और बिना वजह तेजी से वजन घटाना
  4. हड्डियों में दर्द
    – खासकर पीठ, पसलियों या कूल्हों में तेज़ दर्द
  5. थकावट और कमजोरी
    – दिनभर थकान महसूस होना, ऊर्जा की भारी कमी
  6. गले में सूजन या निगलने में परेशानी
    – यह संकेत कैंसर के फैलने का हो सकता है
  7. ब्रेन या लिवर में फैलाव के लक्षण
    – सिरदर्द, चक्कर, भ्रम, बोलने या देखने में समस्या
    – पेट में सूजन या पीलिया
  8. हॉर्सनेस (आवाज़ में भारीपन)
    – आवाज़ बैठ जाना या भारी हो जाना, खासकर लंबे समय तक

 ध्यान दें:

यदि ये लक्षण किसी को लंबे समय से महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। लंग कैंसर के अंतिम चरण में इलाज का लक्ष्य रोग को नियंत्रित करना और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाना होता है।

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

‘चीनी राजदूत से ट्यूशन लेकर देते हैं ज्ञान’ — राज्यसभा में एस. जयशंकर का राहुल गांधी पर करारा हमला, तंज भरे लहजे में कसा निशाना

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार (30 जुलाई, 2025) को राज्यसभा में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और जयराम रमेश पर चीन को लेकर तंज कसा. विदेश ने कांग्रेस नेताओं को स्वघोषित चाइना गुरु करार देते हुए उनकी आलोचना की.

राज्यसभा में चीन की मुद्दे पर बोलते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर विपक्ष की ओर से की जा रही आलोचना का जवाब दिया. जयशंकर ने कहा, “आजकल कुछ लोग चीन पर काफी ज्यादा ज्ञान बांट रहे हैं. वहीं, कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया है कि मुझे चीन के बारे में जानकारी नहीं है.”

विदेश मंत्री ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश पर कसा तंज

उन्होंने कहा, “मैंने अपने जीवन के 41 साल विदेश सेवा में बिताए हैं और सिर्फ मैं चीन में भारत का सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला राजदूत रहा हूं. लेकिन अब कुछ लोग चाइगा गुरु बन गए हैं. उनमें से एक माननीय सदस्य (जयराम रमेश), जो इस वक्त सामने ही बैठे हैं. इनका चीन के लिए लगाव इतना ज्यादा है कि उन्होंने चीन और भारत को जोड़कर एक नया शब्द ‘चिंडिया’ गढ़ दिया था.”

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यह टिप्पणी कांग्रेस सांसद जयराम रमेश पर तंस कसते हुए की थी, जिन्होंने साल 2000 के दशक की शुरुआत में भारत और चीन के साथ मिलकर काम करने के विचार को बढ़ावा देने के लिए ‘चिंडिया’ (Chindia) शब्द की रचना की थी.

चिंडिया शब्द को लेकर बोले कांग्रेस नेता जयराम रमेश

साल 2014 में चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स को दिए गए अपने इंटरव्यू में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था, “दस साल पहले जब मैंने ‘चिंडिया’ (Chindia) शब्द का प्रस्ताव दिया था, तब उसका उद्देश्य यही था कि भारत और चीन मिलकर एक-दूसरे का सहयोग करें और आने वाली चुनौतियों का सामना एक साथ करें.”

उन्होंने कहा, “चिंडिया कोई पुरानी या अप्रासंगिक सोच नहीं है; असल में यही वह नजरिया है, जिसके साथ दोनों देशों की सरकारें आगे बढ़ रही हैं. भारत और चीन को उन लोगों का शिकार नहीं बनना चाहिए, जो दोनों देशों को स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे का दुश्मन मानते हैं.”

विदेश मंत्री ने राहुल गांधी पर चीन को लेकर किया कटाक्ष

वहीं, राज्यसभा में अपना भाषण देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की चीन को लेकर की गई पहले की टिप्पणियों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार की चीन के साथ सीमा तनाव की स्थिति से निपटने के तरीके पर कई बार सवाल उठाए हैं.

साल 2023 में लंदन के एक कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा था कि विदेश मंत्री की चीन को लेकर समझ बिल्कुल सतही थी. उन्होंने कहा था, “मेरी विदेश मंत्री से बात हुई, लेकिन उन्हें चीन की समझ ही नहीं है.” राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी.

वहीं, जयशंकर ने इस पूरे प्रसंग पर कटाक्ष करते हुए कहा, “यह जो ‘चाइना गुरु’ हैं, वह कहते हैं कि चीन और पाकिस्तान बहुत करीब आ गए हैं और यह बात बिल्कुल सही है. लेकिन वे करीब क्यों आए? क्योंकि हमने उनके बीच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) की जमीन छोड़ दी थी.”

धरती और समंदर दोनों का कहर! रूस में भीषण भूकंप के बाद कई देशों पर मंडराया सुनामी का खतरा, अमेरिका ने भी जारी किया अलर्ट।

रूस में आए 8.8 तीव्रता के भीषण भूकंप ने पूरी दुनिया को हिला दिया है. भूकंप के बाद प्रशांत महासागर के किनारे बसे देशों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है. अलास्का और हवाई में समुद्र की लहरें तेजी से उठती देखी गईं. हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि सुनामी की लहरें कितनी ऊंची और कितनी खतरनाक होंगी. अमेरिका की आपातकालीन एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं.

पश्चिमी अलास्का के अल्यूशियन द्वीप समूह, कोडियाक और दक्षिण-पूर्वी तटों पर लहरें टकरा चुकी हैं. अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. हवाई की आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने तटीय इलाकों में भारी तबाही की आशंका जताई है और लोगों के लिए आपातकालीन आश्रय खोल दिए हैं.

उत्तर अमेरिका में सुनामी अलर्ट जारी
अमेरिका के कैलिफोर्निया तट पर हंबोल्ट से लेकर ओरेगन सीमा तक सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. मेक्सिको में भी ऐसी ही चेतावनी दी गई है. हवाई, वॉशिंगटन और ओरेगन के तटीय क्षेत्रों, दक्षिण अलास्का, समाल्गा पास से अट्टू तक के अलेउतियन द्वीपों और कैलिफोर्निया के हंबोल्ट से रिंकॉन पॉइंट तक सुनामी एडवाइजरी लागू है. अलास्कन प्रायद्वीप, ईस्ट अलेउतियंस और ब्रिटिश कोलंबिया में अलर्ट हटा लिया गया है.

दक्षिण अमेरिका के कई देशों में चेतावनी
चिली, एल साल्वाडोर, कोस्टा रिका और निकारागुआ में सुनामी की सीधी चेतावनी दी गई है. कोलंबिया के प्रशांत तटीय इलाकों और इक्वाडोर के गैलापागोस द्वीपों में एडवाइजरी जारी है.

ओशिनिया के द्वीपों पर खतरे का अलर्ट
पापुआ न्यू गिनी, सोलोमन द्वीप, मार्केसास द्वीपों के उआ हुका, नुकु हीवा और हिवा ओआ तथा वानुआतु में खतरे का अलर्ट जारी किया गया है. समोआ में एडवाइजरी जारी है जबकि टोंगा, फिजी, कुक आइलैंड्स, गुआम, सीएनएमआई और अमेरिकी समोआ से अलर्ट हटा लिया गया है.

एशिया और रूस में स्थिति नियंत्रण में
जापान के प्रशांत तट पर सुनामी एडवाइजरी जारी है. वहीं ताइवान, फिलीपींस, चीन के शंघाई और झेजियांग क्षेत्रों तथा जापान के अन्य क्षेत्रों से चेतावनी हटा ली गई है. रूस के कामचटका प्रायद्वीप, सखालिन द्वीप और उत्तरी कुरील द्वीपों के सेवेरो-कुरिल्स्क से भी अलर्ट समाप्त कर दिया गया है.

प्रशांत महासागर के चारों ओर सुनामी का खतरा
प्रशांत महासागर में आए भूकंप के बाद अतिरिक्त झटकों की आशंका जताई जा रही है, जिससे पूरे “पैसिफिक रिम” को सुनामी वॉच पर रखा गया है. उत्तरी कैलिफोर्निया के कुछ हिस्सों के लिए सुनामी चेतावनी अब भी प्रभावी है. कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया से लेकर अमेरिका के वेस्ट कोस्ट होते हुए मैक्सिको तक के प्रशांत तटीय क्षेत्र को सुनामी एडवाइजरी के तहत रखा गया है.

6 साल बाद एक बार फिर अध्यक्ष बन सकते हैं सौरव गांगुली, दादा के फैंस के लिए आई खुशखबरी!

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और BCCI के पूर्व प्रेसिडेंट सौरव गांगुली एक बार फिर क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन में वापसी कर सकते हैं. एक मीडिया रिपोर्ट अनुसार गांगुली दूसरी बार क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB President) के अध्यक्ष चुने जा सकते हैं. CAB के प्रेसिडेंट के तौर पर गांगुली का पहला टर्म 2015-2019 तक चला था. अभी प्रेसिडेंट पद पर सौरव के भाई स्नेहाशीश गांगुली मौजूद हैं, लेकिन बहुत जल्द प्रेसिडेंट बदले जाने की खबर सामने आई है.

क्रिकब्लॉगर के मुताबिक गांगुली दोबारा क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के प्रेसिडेंट बनने वाले हैं. 2019 में अपना पहला टर्म समाप्त करने के बाद गांगुली ने उसी साल BCCI प्रेसिडेंट का पद संभाल लिया था. गांगुली के बाद यह पद पूर्व बीसीसीआई प्रेसिडेंट जगमोहन डालमिया के बेटे अविशेक डालमिया ने संभाला था, जो 2022 तक इस पद पर बने हुए थे. वहीं 2022 के बाद स्नेहाशीश गांगुली इस पद पर बने हुए हैं.

प्रेसिडेंट पद के लिए सौरव गांगुली के सामने कोई दूसरा उम्मीदवार चुनौती पेश करेगा या नहीं, इस पर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है. गांगुली को चुनौती मिलने की संभावना कम है क्योंकि सीएबी पहले भी उन्हें अपने साथ लाने का प्रयास कर चुका है, जो असफल रहे थे.

बतौर BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली का कार्यकाल उथल-पुथल भरा रहा था. इसी दौरान उनकी विराट कोहली के साथ अनबन की खबरें चरम पर थीं, उसी समय विराट ने टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ी थी. गांगुली का कार्यकाल जब तक चला, उस दौरान भारतीय टीम दो बार टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई और उसे एक बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में हार मिली थी.

यदि सौरव गांगुली दोबारा क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष चुने जाते हैं, तो उन्हें IPL में दिल्ली कैपिटल्स का साथ छोड़ना होगा. गांगुली दिल्ली कैपिटल्स में डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट पद पर रह चुके हैं, लेकिन IPL 2025 से पूर्व यह पद वेणुगोपाल राव ने संभाल लिया था. वो WPL में दिल्ली कैपिटल्स टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट होने के साथ SA20 में प्रिटोरिया कैपिटल्स के साथ काम कर चुके हैं.