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Latest Sports News :बार-बार दोहरा रहा है गलती, इस खिलाड़ी पर अब तक लग चुका है भारी जुर्माना

क्रिकेट में विकेट लेने के बाद ​गेंदबाज का सेलिब्रेशन करने का अपना ही अंदाज होता है। कभी कभी ये अच्छा लगता है तो कभी घटियापने की झलक दिखाई पड़ती है। आईपीएल में भी इस साल एक ऐसा खिलाड़ी खेल रहा है, जो विकेट लेने के बाद ऐसा सेलिब्रेशन करता है, जो बहुत खराब दिखता है। आईपीएल की ओर से अब तक उस पर काफी जुर्माना भी लग चुका है, लेकिन वो बाज नहीं आ रहा है। अब केकेआर बनाम एलएसजी मैच में भी ऐसा ही कुछ हुआ है।

दिग्वेश राठी पर अब तक दो बार लग चुका है जुर्माना

आईपीएल 2025 में एलएसजी यानी लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेल रहे दिग्वेश राठी इस वक्त चर्चा में हैं। वे गेंदबाजी तो ठीकठाक करते हैं, लेकिन विकेट लेने के बाद ऐसा काम भी करते हैं, जो किसी को भी रास नहीं आता। दिग्वेश राठी को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 30 लाख रुपये में अपने साथ किया था। ये किसी भी खिलाड़ी का बेसप्राइज होता है, यानी वे काफी कम ​कीमत पर टीम के साथ जुड़े हैं। अपने पहले ही मैच में पंजाब किंग्स के खिलाफ जब दिग्वेश राठी ने पहला विकेट लिया तो आउट होने वाले बल्लेबाज के पास जाकर उसकी पर्ची सी काटते हुए नजर आए। इसके बाद आईपीएल ने उन पर एक्शन लिया और मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगा दिया। यानी पहले ही मैच में उनके 1.87 लाख रुपये की कटौती हो गई।

दूसरी बार आईपीएल ने ठोका 50 फीसदी का जुर्माना

इसके बाद वे दूसरे मैच में मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलने के लिए उतरे। इस मैच में भी विकेट लेने के बाद उन्होंने कुछ इसी तरह का सेलिब्रेशन किया। इस बार आईपीएल ने और भी सख्त रुख अपनाते हुए उन पर 50 फीसदी का जुर्माना लगा दिया। यानी इस बार 3.75 लाख रुपये काटे गए। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि अब दिग्वेश ऐसा नहीं करेंगे, लेकिन वे मानने के लिए तैयार ही नहीं हैं।

क्विंटन डिकॉक को आउट करने के बाद फिर घटिया हरकत दोहराई

केकेआर बनाम एलएसजी मैच में जब दिग्वेश राठी ने कोलकाता के बल्लेबाज सुनील नारायण को आउट किया तो जमीन पर फिर से पर्ची सी काट दी। वैसे तो हर खिलाड़ी अपना सेलिब्रेशन करता है, लेकिन जब खिलाड़ी खेल भी उसी तरह का दिखा रहा हो तो ये सब अच्छा लगता है। अभी तो दिग्वेश राठी ने खेलना शुरू ही किया है और अभी से इस तरह की हरकतें कतई शोभा नहीं देतीं। अब देखना होगा कि इस मैच के बाद भी क्या आईपीएल की ओर से कोई जुर्मना ठोका जाता है या फिर राठी बचकर निकल जाते हैं।

पंचायत के साथ इन ओटीटी सीरीज़ ने भी दिल जीता, हर सीज़न में दमदार कहानी

अभी तक आपको सिर्फ मजेदार और बेहतरीन वेब सीरीज ‘पंचायत’ और ‘दुपहिया’ का ही नाम पता होगा, लेकिन बीच-बीच में ऐसी कई सीरीज आई हैं, जिसे आप पूरी फैमिली के साथ एन्जॉय कर सकते हैं। अब हम 1 और फैमिली सीरीज के बारे में बता रहे हैं। इनकी रेटिंग भी काफी जबरदस्त है। ‘पंचायत’ वेब सीरीज के तीन सीजन आ चुके हैं। इसके तीनों ही सीजन की रेटिंग काफी अच्छी थी। फैंस बेसब्री से इसके अगले सीजन का इंतजार कर रहे हैं। अब, इसी बीच दर्शकों को एक और सीरीज के पांचवें सीजन का इंतजार है, जिसके 4 सीजन ओटीटी पर हिट साबित हुए थे। हम जिस सीरीज के बारे में बात कर रहे हैं उसका नाम है ‘गुल्लक’।

पंचायत-दुपहिया भी इस सीरीज के आगे है फीकी

ओटीटी दर्शकों ‘गुल्लक’ का हर सीजन बहुत पसंद आया है क्योंकि इसकी कहानी इतनी बेहतरीन है कि हर कोई खुद को इसे जोड़ सकता है। मीडिल क्लास परिवार पर बेस्ड यह वेब सीरिज लोगों के बीच आज भी काफी चर्चा में है। इसमें आम जिंदगी में आने वाली प्रॉब्लम को बखूबी दिखाया गया है। इस वेब सीरीज की कहानी आपको अंत तक बांधकर रखती है। जमील खान और गीतांजलि कुलकर्णी का इस सीरीज में एक अलग ही अंदाज देखने को मिला है। इस वेब सीरीज को आप सोनी लिव पर देख सकते हैं।

कास्ट नहीं, बेहतरीन कहानी ने जीता दिल

गुल्लक के सारे सीजन को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इस सीरीज से मिश्रा फैमिली ने दर्शकों को खूब हंसाया और गुदगुदाया है। हर एपिसोड लगभग 20-25 मिनट लंबा है। ऐसे में आप पूरे सीजन को एक बार में ही आसानी देख सकते हैं। वहीं गुल्लक सीजन 5 को लेकर अभी तक कोई खास अपडेट सामने नहीं आई है। बता दें कि ‘गुल्लक’ के हर सीजन में जमील खान उर्फ संतोष मिश्रा, गीतांजलि कुलकर्णी उर्फ शांति मिश्रा, वैभव राज उर्फ गुप्ता आनंद मिश्रा और हर्ष मयार उर्फ अमन मिश्रा के किरदार में नजर आ हैं। शो में सुनीता राजवार को बिट्टू की मां के रूप में दिखाया गया है। इस सीरीज को सिर्फ इसकी दमदार कहानी की वजह से इतना प्यार मिला है।

राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश(लिस्बन:): ‘भारत की सोच है दिल जोड़ने की, न कि देश जीतने की’

 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में मंगलवार को भारतीय रिसर्चर्स से एक संवाद सत्र के दौरान कहा कि भारतीय देश नहीं, बल्कि दिलों को जीतना चाहते हैं। राष्ट्रपति ने ‘सम्पालिमो सेंटर फॉर अननोन’ में भारतीय रिसर्चर्स से कहा कि वे भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि बनें, क्योंकि अपने देश के नाम से उनकी पहचान होती है। मुर्मू ने एक रिसर्चर के सवाल के जवाब में कहा,‘आप शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे। आप रिसर्च में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे। आप एक अच्छे विद्वान बनेंगे, आप अर्थव्यवस्था और समाज में योगदान देंगे तथा यहां के नियमों और विनियमों का पालन करेंगे। आगे बढ़ें और भारत को गौरवान्वित करें।’

राष्ट्रपति ने दिए रिसर्चर्स के सवालों के जवाब

रिसर्चर्स द्वारा पूछे गए हर सवाल का जवाब देने के लिए राष्ट्रपति अपनी जगह पर खड़ी हुईं। उन्होंने कहा,‘मैं एक ऐसे देश में गई थी, जहां एक वरिष्ठ नेता ने मुझसे पूछा कि क्या भारतीय दुनिया को जीतना चाहते हैं। मैंने कहा कि भारतीय देश को नहीं जीतना चाहते, वे दिलों को जीतना चाहते हैं।’ भारत में महिलाओं की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर मुर्मू ने कहा कि सीताराम, लक्ष्मी नारायण कहना तथा लोगों को देवियों और सज्जनों कहकर संबोधित करना भारतीय संस्कृति में है। मुर्मू ने कहा कि उन्हें महिला मेडल विनर्स, सीनियर महिला अफसरों और विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी महिलाओं को देखकर गर्व महसूस होता है।

‘पुर्तगाल के लोग मिलनसार और उदार हैं’

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि पुर्तगाल, भारत का एक अच्छा मित्र है तथा इस देश के लोग मिलनसार और उदार हैं एवं यह देश प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा और चैंपलीमॉड फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. लियोनोर बेलेजा ने सम्पालिमो सेंटर में राष्ट्रपति की अगवानी की। इस केंद्र के दौरे पर, मुर्मू और सूसा को फार्मेसी से कैंसर रोगियों तक दवाइयां पहुंचाने वाले रोबोट के काम करने के तरीके के बारे में जानकारी दी गई। मुर्मू ने परिसर में ‘कैमेलिया जैपोनिका’ का पौधा भी लगाया। भारतीय वास्तुकार चार्ल्स मार्क कोरिया द्वारा डिजाइन किया गया सम्पालिमो सेंटर फॉर द अननोन, समकालीन वास्तुशिल्प भव्यता का एक शानदार प्रतीक है।

India Arab Relations:भारत-अरब संबंधों में नया दौर, शहजादे की कूटनीति से मजबूत हुए रिश्ते

 अरब देश विश्व के उन क्षेत्रों में शामिल हैं जहां प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है। इन देशों में राजनीतिक व्यवस्था और विकास के बीच जटिल संबंध हैं। विकास की राजनीति यहां कई सामाजिक, आर्थिक और भू-राजनीतिक कारकों से प्रभावित होती है। अरब देशों की अधिकांश सरकारें राजशाही शासनों पर आधारित हैं। सऊदी अरब, कुवैत, कतर जैसे देशों में आज भी शाही परिवारों का शासन है लेकिन बहुत कुछ बदलता हुआ भी नजर आ रहा है। अरब देशों के युवा दुनियादारी को नए नजरिये से देख रहे हैं। अपने देश को दुनिया के साथ लेकर चल रहे हैं। एजेंडे में मॉर्डनाइजेशन और संस्कृति दोनों शामिल हैं। नया अरब आने वाले समय के लिए खुद को तैयार कर रहा है।

बदल रहा है अरब

दुबई के प्रिंस शेख हमदान, अबू धाबी के प्रिंस शेख खालिद और सऊदी अरब के प्रिंस सलमान जैसे युवा नेता विश्व के पटल पर अपनी पहचान से दुनिया का परिचय करवा रहे हैं। 42 साल के शेख हमदान, 43 साल के शेख खालिद और 39 साल के प्रिंस सलमान अरब देशों की उस नई पीढ़ी को आगे ले जा रहे हैं जो आधुनिकता के साथ-साथ बदलाव को अपना रही है। नई सोच पुरानी रुढ़ियों को चुनौती दे रही है, मजहब को कट्टरता से दुराव हो रहा है और बदलते वैश्विक हालात में अरब भी बदल रहा है। हाल के वर्षों पर नजर डालें तो अरब देशों ने विविधता को अपनाया है। पर्यटन, तकनीक, हरित ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग हो रहे हैं। जैसे सऊदी अरब की ‘विजन 2030’ योजना, जिसका उद्देश्य तेल पर निर्भरता को कम करना और अर्थव्यवस्था को अलग दिशा देना है।

दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान की भारत यात्रा

अरब के युवा नेताओं पर बात करते हुए सबसे उससे पहले चर्चा दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम की करते हैं। शेख हमदान भारत की यात्रा पर हैं। दुबई के क्राउन प्रिंस के रूप में यह शेख हमदान की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्राउन प्रिंस की यात्रा भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी और दुबई के साथ हमारे बहुआयामी संबंधों को मजबूत करेगी।

भारत के पास है अवसर

शेख हमदान की ‘दुबई ग्लोबल’ पहल, जो दुबई को वैश्विक व्यापार केंद्र बनाने पर केंद्रित है, भारत की आर्थिक दृष्टिकोण से मेल खाती है। शेख हमदान रक्षा मंत्री भी हैं, इस वजह से उनकी यात्रा और भी अहम हो जाती है। भारत खाड़ी क्षेत्र में अपनी सामरिक उपस्थिति बढ़ाना चाहता है और शेख हमदान की यह यात्रा इस दिशा में भी मददगार साबित होगी।

‘हिंद’ से है प्यार

शेख हमदान हाल ही में पिता बने हैं, उनके घर एक बच्ची ने जन्म लिया है। इस बच्ची का ‘हिंद’ रखा गया है। बेटी का नाम ‘हिंद’ रखना भारत के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। शेख हमदान अपने देश के सोशल मीडिया स्टार भी हैं। एक्स पर उनके 34 लाख फॉलोअर्स हैं, जबकि फेसबुक पर 21 लाख लोग उनसे जुड़े हैं। सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और उनकी आधुनिक जीवनशैली युवाओं को प्रेरित करती है।

शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान

शेख हमदान के बाद अब बात शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की करते हैं। शेख खालिद ना केवल एक युवा और दूरदर्शी नेता हैं बल्कि भारत के साथ UAE के रिश्तों को नई ऊर्जा देने वाले महत्वपूर्ण शख्सियत भी हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और भारत के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, और आर्थिक रिश्ते दशकों पुराने हैं। इन मजबूत संबंधों को और अधिक गहराई प्रदान करने में शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

द्विपक्षीय संबंधों में योगदान

शेख खालिद ने भारत और UAE के बीच के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को सुदृढ़ करने के लिए कई उच्च स्तरीय बैठकों और साझेदारियों को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने व्यापार, निवेश, उर्जा, और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया है। भारत और UAE के बीच Comprehensive Strategic Partnership (व्यापक रणनीतिक साझेदारी) की जो नींव पहले से रखी गई थी, उसे उन्होंने नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया।

सांस्कृतिक जुड़ाव

भारत और UAE के सांस्कृतिक संबंध भी गहरे हैं। UAE में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं और वहां की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। शेख ख़ालिद ने इस प्रवासी समुदाय के महत्व को समझते हुए भारत के साथ सांस्कृतिक मेल-जोल और सामाजिक एकता को प्राथमिकता दी है।

निवेश और व्यापार

शेख खालिद की देखरेख में अबू धाबी और भारत के बीच निवेश के कई समझौते हुए हैं। भारत के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, और स्टार्टअप सेक्टर में UAE का निवेश तेजी से बढ़ा है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) जैसे समझौतों ने व्यापार को नई दिशा दी है।

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बाद अब बात सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की करते हैं। भारत और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से घनिष्ठ संबंध रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में इन संबंधों को और अधिक गहराई मिली है, खासकर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) के नेतृत्व में। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

मोहम्मद बिन सलमान की भूमिका

MBS, जो सऊदी अरब के डिफैक्टो शासक माने जाते हैं, ने “विजन 2030” के तहत देश को तेल-आधारित अर्थव्यवस्था से विविध क्षेत्रों में ले जाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना में भारत एक प्रमुख साझेदार के रूप में उभरा है। उन्होंने भारत की यात्रा कर निवेश के कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए और भारतीय नेतृत्व के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया।

सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग

दोनों देशों के बीच रक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग भी लगातार बढ़ रहा है। खाड़ी क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति और सऊदी अरब की भूमिका को देखते हुए, यह सहयोग दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद है। करीब 25 लाख भारतीय नागरिक सऊदी अरब में काम कर रहे हैं और दोनों देशों के बीच मजबूत मानवीय संबंध बनाए हुए हैं। ये प्रवासी भारत को बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भेजते हैं और सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में भी योगदान करते हैं।

अरब देशों का युवा नेतृत्व भारत के संबंधों के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। व्यापार, रणनीति और सांस्कृतिक संबंधों में बढ़ती साझेदारी से स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में यह संबंध और भी मजबूत होंगे।

Latest Bollywood News :‘लोग भौंकेंगे ही’, गोविंदा संग तलाक की अफवाहों पर सुनीता आहूजा ने तोड़ी चुप्पी, दिया करारा जवाब

गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा कुछ दिनों से अपने तलाक की खबरों को लेकर सुर्खियों में थे। अफवाहें थी कि दोनों अलग होने वाले थे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और अब भी वे साथ में हैं। बॉलीवुड के पावर कपल में से एक गोविंदा और सुनीता की शादी को 37 साल पूरे हो चुके हैं। इसी बीच, इस साल की शुरुआत में उनके अलग होने की अफवाह आई थी। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि कुछ निजी कारणों की वजह से उनका तलाक होने वाला है। इन अफवाहों पर रिएक्ट करते हुए गोविंदा के वकील ने पुष्टि की थी कि सुनीता ने छह महीने पहले तलाक के लिए अर्जी दी थी, लेकिन बाद में मामला सुलझ गया था। अब, सुनीता ने आखिरकार तलाक की अफवाहों पर खुलकर बात की है।

लोग कुत्ते हैं, भौंकेंगे ही

सुनीता आहूजा ने कहा कि दोनों के बीच सब ठीक है। एबीपी के साथ एक इंटरव्यू में सुनीता ने कहा, ‘पॉजिटिव है या निगेटिव है। पॉजिटिव है मुझे पता है। मैं सोचती हूं कुत्ते हैं लोग भौंकेंगे।’ इसके अलावा, उन्होंने आगे कहा, ‘जब तक आप मुझसे या गोविंदा से कुछ न सुने तो आप यह मत सोचो कि कुछ गड़बड़ है। मेरे बारे में जो भी कोई निगेटिव बोलता है तो मैं उसे बहुत-बहुत धन्यवाद बोलती हूं क्योंकि इसमें भी मेरी ही पब्लिसिटी है ना… कम से कम लोग मेरे बारे में बात तो कर रहे हैं।’

गोविंदा से क्यों खफा थीं सुनीता आहूजा

गोविंदा और सुनीता आहूजा के तलाक की अफवाह तब शुरू हुई जब एक्टर की पत्नी ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो और गोविंदा अलग-अलग रहते हैं। जनवरी में, उन्होंने पिंकविला के हिंदी रश से कहा, ‘हमारे पास दो घर हैं, हमारे अपार्टमेंट के सामने एक बंगला है। मेरा मंदिर है और मेरे बच्चे फ्लैट में हैं। हम फ्लैट में रहते हैं जबकि वह अपनी मीटिंग के बाद देर से आते हैं। उन्हें बात करना पसंद है इसलिए वह 10 लोगों को इकट्ठा करते हैं और उनके साथ बैठकर बात करते हैं। जबकि मैं, मेरा बेटा और मेरी बेटी एक साथ रहते हैं, लेकिन हम शायद ही कभी इतना बात करते हैं क्योंकि मुझे लगता है कि अगर आप बहुत ज्यादा बात करके अपनी ऊर्जा बर्बाद करते हैं। सिर्फ काम की बात करनी चाहिए।’ हालांकि, बाद में उन्होंने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें अलग नहीं किया जा सकता और गोविंदा के साथ उनका रिश्ता बहुत मजबूत है। उन्होंने बताया, ‘मुझे उनके साथ बहुत रहना पसंद है।’ गोविंदा और सुनीता ने 11 मार्च, 1987 को शादी की और उनके दो बच्चे हैं, टीना आहूजा और यशवर्धन।