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मुकाबले में हार के बाद छलका एमएस धोनी का दर्द, मैच को लेकर क्या बोले कप्तान एमएस धोनी

साल 2023 के आईपीएल फाइनल के बाद शुक्रवार को पहली बार ऐसा हुआ कि चेन्नई सुपरकिंग्स की कप्तानी एमएस धोनी कर रहे थे। जो हाल टीम का रुतुराज गायकवाड की कप्तानी में था, काफी हद तक करीब करीब वही हश्र अभी भी है। पहले मैच में मिली जीत के बाद टीम की गाड़ी पटरी पर नहीं आ पा रही है। मैच के बाद कप्तान एमएस धोनी का भी दर्द साफ तौर पर दिखाई दिया। मैच के बाद धोनी क्या कुछ कहा, वो आपको जरूर जानना चाहिए।

हार के बाद क्या बोले कप्तान एमएस धोनी

केकेआर के खिलाफ मिली आठ विकेट से शर्मनाक हार के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने कहा ​कुछ मैच ऐसे होते हैं, जब हम अपने हिसाब से नहीं खेल पाते हैं। धोनी ने माना कि टीम बोर्ड पर पर्याप्त रन नहीं लगा सकी। उन्होंने कहा कि जब आप जल्दी ज्यादा विकेट खो देते हैं तो टीम पर दबाव आता है। टीम को एक भी बड़ी साझेदारी नहीं मिली। उन्होंने बताया कि पावरप्ले यानी पहले छह ओवर में टीम केवल 31 ही रन बना सकी। सलामी बल्लेबाजों के फेल होने पर धोनी ने कहा कि वो दोनों यानी रचिन रवींद्र और डेवोन कॉन्वे शानदार बल्लेबाज हैं।

कप्तान एमएस धोनी के लिए भी खराब रहा कमबैक

खुद एमएस धोनी के लिए भी ​बतौर कप्तान कमबैक करने वाला ये मैच काफी निराशाजनक रहा। भले ही वे टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करना चाहते थे, लेकिन टॉस हारकर भी टीम को वही काम मिला। टीम इसके बाद भी संघर्ष करती हुई नजर आई। कप्तान एमएस धोनी इस मुकाबले में 9 नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए। वैसे तो ये देर लग सकती है, लेकिन धोनी 16वें ओवर में मैदान थे, लेकिन वे तीन बॉल खेलकर केवल एक ही रन बनाकर आउट हो गए। उन्हें सुनील नारायण ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। धोनी हालांकि अंपायर के फैसले से खुश नहीं थे, उन्होंने डीआरएस भी लिया, लेकिन तीसरे अंपायर ने उन्हें आउट करार दिया। धोनी विकेट के पीछे डीआरएस को लेकर ​जितने शानदार हैं, उतने विकेट से सामने से शायद नहीं।

अब टीम का टॉप 4 में जाना करीब करीब असंभव

केकेआर के खिलाफ चेन्नई की पूरी टीम मिलकर केवल 103 रन ही बना सकी। हालांकि राहत की बात ये रही पूरी टीम आउट नहीं हुई और आईपीएल में अपना सबसे छोटा स्कोर बनाने से भी बच गई। लेकिन चेन्नई में टीम का ये सबसे छोटा स्कोर है। वहीं केकेआर ने केवल 10.1 ओवर में ही 107 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। केकेआर ने इस मैच को 8 विकेट से अपने नाम किया है। अभी बाकी सीजन भी धोनी ही टीम के कप्तान रहेंगे, लेकिन टीम टॉप 4 में पहुंच पाएगी, इसकी संभावना नगण्य ही है। देखना होगा कि टीम क्या जीत की पटरी पर लौट पाएगी।

लेटेस्ट स्पोर्ट्स न्यूज़ :चेन्नई की हार का सबसे बड़ा जिम्मेदार साबित हुआ ये खिलाड़ी, जिसने टीम की पूरी रणनीति पर पानी फेर दिया

चेन्नई की टीम को आईपीएल में एक और हार का सामना करना पड़ा है। टीम की इस साल के आईपीएल में ये बैक टू बैक पांचवीं हार है। टीम की कमान तो अब एमएस धोनी के हाथ में आ गई है। यानी कप्तान बदल गया है, लेकिन टीम की किस्मत में कोई बदलाव नहीं आ रहा है। चेन्नई के लिए अब प्लेऑफ में जाना करीब करीब असंभव हो गया है। इस बीच वैसे तो केकेआर के खिलाफ पूरी की पूरी सीएसके की टीम ने ही खराब खेल दिखाया, लेकिन एक खिलाड़ी ऐसा है, जो इस हार का सबसे बड़ा विलेन माना जा सकता है। उससे उम्मीदें तो बहुत थी, लेकिन उसी खिलाड़ी ने टीम की खटिया खड़ी करा दी है।

चेन्नई के मैदान पर सीएसके बना सकी केवल 103 ही रन

एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए सीएसके बनाम केकेआर मुकाबले में चेन्नई की टीम केवल 103 रन ही बना सकी। वे तो कहिए शिवम दुबे की पारी की वजह से टीम 100 का आंकड़ा पार कर गई और आलआउट नहीं हुई। एक वक्त तो टीम पर आईपीएल इतिहास के सबसे छोटे टोटल पर आउट होने का भी खतरा मंडरा रहा था, लेकिन शिवम दुबे ने 29 बॉल पर 31 रन की पारी खेली, जिसमें तीन चौके शामिल रहे। इस बीच हम ​जिस विलेन की बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं, बल्कि रविचंद्रन अश्विन हैं। कप्तान एमएस धोनी ने अश्विन को इस मैच में खुद और रवींद्र जडेजा से पहले बल्लेबाजी के ​लिए भेजा था। उद्देश्य शायद ये रहा होगा कि विकेट ना गिरे, ताकि आखिरी के ओवर में जाकर खुद धोनी और जडेजा तेजी के साथ कुछ रन बना सकें। लेकिन अश्विन ने सात बॉल का सामना किया और एक ही रन बना सके।

अभी तक अपनी छाप नहीं छोड़ पाए हैं अश्विन

अश्विन इस साल के आईपीएल में एक भी मैच में अपनी छाप नहीं छोड़ सके हैं। वैसे तो उनकी गिनती ऑलराउंडर्स में होती है, लेकिन वे ना तो यहां गेंदबाजी में अपनी टीम को ठीक से विकेट दिला पा रहे हैं और ना ही रन बनाने में ही कामयाब हो रहे हैं। इस साल आईपीएल में चेन्नई का पहला मुकाबला मुंबई से हुआ था। इसमें उन्होंने एक विकेट लिया, लेकिन 31 रन खर्च कर दिए। इसके बाद दूसरे मैच में उन्होंने 22 रन देकर एक विकेट लिया और केवल 11 ही रन बना सके। तीसरे मैच में तो राजस्थान के खिलाफ अश्विन ने 46 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ तो अश्विन को विकेट ही नहीं मिला और वे 21 रन देकर गए। पंजाब किंग्स के खिलाफ उन्हें दो सफलताएं जरूर मिली, लेकिन 48 रन खर्च करने के बाद ऐसा कर पाए।

केकेआर के स्पिनर्स ने किया कमाल, लेकिन सीएसके यहां चूकी

शुक्रवार के मैच की बात करें तो केकेआर के स्पिनर्स ने गदर मचाकर रखा। केकेआर के तीन स्पिनर्स ने 6 विकेट अपनी टीम के लिए लेने का काम किया। सुनील नारायण ने चार ओवर में 13 रन देकर तीन विकेट अपने नाम किए, वहीं वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 22 रन देकर दो विकेट झटके। मोईन अली ने भी चार ओवर में 20 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया। इसके बाद जब चेन्नई की गेंदबाजी आई तो उम्मीद की जा रही ​थी कि टीम के स्पिनर्स मैच जिता पाएं या ना जिता पाएं, लेकिन कम से कम मैच बना तो सकते ही हैं, लेकिन वो भी नहीं हो सका।

अश्विन ने खर्च कर दिए 30 रन, नूर अहमद को मिला विकेट

कप्तान एमएस धोनी ने पावरप्ले में ही अश्विन को गेंदबाजी भी सौंपी, लेकिन वे कुछ नहीं कर सके। उन्होंने इस मुकाबले में तीन ओवर डालकर 30 रन दिए और कोई भी सफलता उन्हें हाथ नहीं लगी। उनसे बेहतर तो नूर अहमद साबित हुए, जिन्होंने आते ही पहली ही बॉल पर विकेट लेकर थोड़ा सा रोमांच पैदा करने की कोशिश की। हालांकि उन्हें दूसरी सफलता नहीं मिली, लेकिन दो ओवर में उन्होंने केवल 8 ही रन दिए। लेकिन अश्विन को ना तो विकेट मिला और ना ही रन रोकने में ही वे सफल रहे।

मेलबर्न स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में अराजक तत्वों द्वारा की गई तोड़फोड़ पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया से कड़ा विरोध दर्ज कराया

मेलबर्न: मेलबर्न स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास परिसर में अराजकों द्वारा तोड़फोड़ किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भारत ने इसे लेकर ऑस्ट्रेलिया के सामने कड़ी आपत्ति जाहिर की है। भारत ने वाणिज्य दूतावास में तोड़फोड़ करने वाले अराजकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मुद्दे को कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के समक्ष उठाया।

‘द ऑस्ट्रेलिया टुडे’ की खबर के अनुसार, मेलबर्न स्थित वाणिज्य दूतावास परिसर पहले भी इसी प्रकार की उकसावे वाली घटनाओं का गवाह रह चुका है, जहां विगत वर्षों में बढ़े हुए अंतरराष्ट्रीय तनाव के दौरान परिसर में नारेबाजी की गई थी। विक्टोरिया पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात करीब एक बजे राजनयिक परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार की दीवारों पर नारे लिखे मिले। पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अधिकारियों का मानना ​​है कि इमारत के सामने वाले हिस्से पर बुधवार और बृहस्पतिवार के दरमियानी रात में नारे लिखे गये थे। नुकसान की जांच अब भी जारी है।’’

दूतावास की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

उच्चायोग ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में कहा कि उसने यह मुद्दा ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के समक्ष उठाया है। पोस्ट में कहा गया है, ‘‘मेलबर्न में भारतीय महावाणिज्य दूतावास के परिसर को उपद्रवियों द्वारा विरूपित करने की घटना को ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है। देश में भारतीय राजनयिक और वाणिज्य दूतावास परिसरों और कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।’’ पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि बृहस्पतिवार की घटना में किसी संदिग्ध की पहचान हुई है या नहीं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि यदि उसके पास कोई सूचना है तो वे साझा करे।

भारतीय ने कहा- हमारे समुदाय को डराने का प्रयास

इस घटना ने भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदायों के बीच एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। भारत ने मेलबर्न में हिंदू मंदिरों और भारतीय सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर की जाने वाली घटनाओं की बढ़ती प्रवृत्ति पर निराशा व्यक्त की है। एक भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई ने कहा, ‘‘यह दीवार पर लिखें महज नारे नहीं है- यह हमारे समुदाय को डराने-धमकाने का संदेश है।’’ उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थानों पर बार-बार होने वाले हमले अत्यंत दुखद हैं। विक्टोरिया की प्रीमियर जेसिंटा एलन सरकार ने इस वर्ष घृणा या धार्मिक पूर्वाग्रह से प्रेरित कृत्यों के लिए दंड को कड़ा करने हेतु निंदा-विरोधी कानून पारित किया।

वियना: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुर्तगाल और स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा पूर्ण कर स्वदेश लौटीं

 भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुर्तगाल और स्लोवाकिया की यात्रा पूरी करने के बाद स्वदेश रवाना हो गई हैं। उनकी यह यात्रा कई मामलों में ‘‘ऐतिहासिक’’ रही है। बता दें कि करीब तीन दशकों में भारत के किसी राष्ट्रपति की दोनों देशों की यह पहली यात्रा थी। इससे आप इस दौरे के महत्व का अंदाजा आसानी से लगा सकते हैं। द्रौपदी मुर्मू से पहले आखिरी बार किसी भारतीय राष्ट्रपति ने 29 साल पहले स्लोवाकिया का दौरा किया था, जबकि पुर्तगाल की यात्रा 27 साल के अंतराल के बाद हुई है।

राष्ट्रपति मुर्मू इन दोनों देशों में चार दिवसीय यात्रा पर रहीं। अब अपना दौरा समाप्त करने के बाद वह वापस लौट रही हैं। वह उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन बंभानिया और संसद धवल पटेल व संध्या रे के साथ विमान से नयी दिल्ली रवाना होने के लिए ब्रातिस्लावा से सड़क मार्ग से यहां पहुंचीं हैं। इसके बाद वह हवाई मार्ग से नई दिल्ली आ जाएंगी। राष्ट्रपति ने यात्रा के पहले चरण में पुर्तगाल पहुंची थीं। इसके बाद वह स्लोवाकिया गईं।

द्विपक्षीय संबंधों पर हुई वार्ता

राष्ट्रपति मुर्मू ने यात्रा के दूसरे चरण में स्लोवाकिया पहुंची थीं। यहां राष्ट्रपति ने अपने स्लोवाकिया के समकक्ष पीटर पेलेग्रिनी, प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको, संसद के अध्यक्ष सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात की और आपसी सहयोग के कई मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान स्लोवाकिया और भारत ने अंतरिक्ष और कृत्रिम मेधा (एआई) जैसे उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में आगे के अवसरों की खोज की। विदेश मंत्रालय के सचिव तन्मय लाल ने कहा, ‘‘शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सहयोग मजबूत हुआ है। उन्होंने कहाकि हमारे देशों के बीच पर्यटन बढ़ रहा है। ‘‘अगर हम भारत और स्लोवाकिया के बीच आर्थिक संबंधों को देखें तो व्यापार तेजी से बढ़ रहा है।

5 साल में 3 गुना बढ़ा व्यापार

स्लोवाकिया ने कहा कि भारत के साथ उसका व्यापार गत 5 साल में तीन गुना बढ़कर 1.3 अरब यूरो के आसपास हो गया है। बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति ने ब्रातिस्लावा से 100 किलोमीटर दूर नित्रा में डिस्कवरी और डिफेंडर मॉडल के वाहनों का उत्पादन करने वाले टाटा मोटर्स जेएलआर संयंत्र का दौरा किया। वहां उन्होंने भारतीय कर्मचारियों से मुलाकात की और उनका हालचाल लिया। द्रौपदी मुर्मू के साथ स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पेलेग्रिनी भी उनके साथ मौजूद थे। दोनों नेता उस जगह पर भी गए जहां कारों को तैयार किया जा रहा था। मुर्मू को नित्रा स्थित ‘कॉन्स्टेंटाइन द फिलॉसफर यूनिवर्सिटी’ द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।

लंदन:एक ओर ब्रिटेन ने यूक्रेन को सैन्य सहायता देने का किया ऐलान, तो दूसरी ओर यूक्रेन पहुंचे प्रिंस हैरी – जानिए क्या है पूरा मामला

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग में हजारों की संख्या में लोग घायल हुए हैं। जंग जारी है और अब ब्रिटेन ने यूक्रेन के लिए बड़ी सैन्य सहायता का ऐलान कर दिया है। इस बीच ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय के छोटे बेटे युवराज हैरी अचानक यूक्रेन पहुंच गए। प्रिंस हैरी ने यहां रूस के साथ जारी युद्ध में घायल यूक्रेनी लोगों से मुलाकात की। हैरी ने इस दौरान लवीव में ऑर्थोपेडिक क्लीनिक ‘सुपरह्यूमन्स सेंटर’ का भी दौरा किया। इस सेंटर में घायल सैन्य कर्मियों और नागरिकों का इलाज किया जाता है।

युवराज हैरी क्यों पहुंचे यूक्रेन

युवराज हैरी की यात्रा का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि युद्ध के बीच लोगों की शीर्ष-स्तरीय सेवाएं मिलें। ‘सुपरह्यूमन्स सेंटर’ में कृत्रिम अंग, सर्जरी से जुड़ी सलाह और मनोवैज्ञानिक सहायता निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। युवराज हैरी की पश्चिमी यूक्रेन की यात्रा के संबंध में जानकारी तब दी गई जब वो वहां से रवाना हो गए।

ब्रिटिश सेना में कर चुके हैं काम 

बता दें कि, प्रिंस हैरी ब्रिटिश सेना में 10 साल सेवाएं दे चुके हैं और अब उन्होंने घायल सैनिकों की मदद के लिए काम करते हैं। युवराज हैरी ने 2014 में ‘इनविक्टस गेम्स’ की स्थापना की थी जिससे घायल सैनिकों को पैरालिंपिक जैसे खेल आयोजनों में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिल सके। ‘इनविक्टस गेम्स’ के बारे में प्रचलित है कि यह चोट के बाद के जीवन के बारे में है।

यूक्रेन जाने वाले शाही परिवार के दूसरे सदस्य हैं हैरी

अपनी यात्रा के दौरान हैरी ने यूक्रेन के पूर्व सैनिकों के मामलों की मंत्री नतालिया कलमीकोवा सेभी मुलाकात की। हैरी (40) यूक्रेन की यात्रा करने वाले शाही परिवार के दूसरे सदस्य हैं। उनकी रिश्तेदार एवं डचेस ऑफ एडिनबर्ग सोफी ने पिछले साल कीव की यात्रा की थी।