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Earthquake in Afghanistan:  के बाद अब भारत के पड़ोस में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके, घबराकर घरों से बाहर निकले लोग; जानें कितनी थी तीव्रता

अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में शनिवार (2 अगस्त) को भूकंप के झटके महसूस किए गए. यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई. भूकंप का केंद्र जमीन से 114 किलोमीटर (करीब 70.84 मील) की गहराई में स्थित था. अब तक किसी जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है.

अफगानिस्तान में भूकंपों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, पिछले एक सप्ताह (1-7 दिन) के भीतर देश में चार बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) ने इस पर गहरी चिंता जताई है. कार्यालय ने कहा कि अफगानिस्तान प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, मौसमी बाढ़ और भूस्खलन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है.

कमजोर समुदायों पर भारी आपदाएं

UNOCHA के मुताबिक, देश में बार-बार आने वाले भूकंप कमजोर समुदायों को सबसे अधिक प्रभावित कर रहे हैं. दशकों से संघर्ष और अविकसितता से जूझ रहे इन इलाकों में आपदाओं से निपटने की क्षमता बेहद सीमित रह गई है. कई क्षेत्रों में सामाजिक और भौगोलिक स्थिति इतनी जटिल है कि एक के बाद एक झटकों से पुनर्वास और राहत कार्यों पर भी असर पड़ता है.

भूगर्भीय रूप से सक्रिय है हिंदू कुश क्षेत्र
रेड क्रॉस के अनुसार, अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र भूगर्भीय रूप से अत्यंत सक्रिय है, जहां हर साल शक्तिशाली भूकंप आते हैं. अफगानिस्तान भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित है और इसमें कई भ्रंश रेखाएं मौजूद हैं. इनमें से एक भ्रंश रेखा सीधे हेरात प्रांत से होकर गुजरती है, जो भूकंपीय गतिविधियों का बड़ा केंद्र मानी जाती है.

फिलहाल नुकसान की कोई पुष्टि नहीं
हाल के भूकंपों में किसी तरह के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई पुष्टि अब तक नहीं हुई है. हालांकि, संबंधित एजेंसियों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है.

‘सुना है कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा’, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से बड़ा दावा किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (1 अगस्त, 2025) को भारत के रूस से तेल खरीदने पर संभावित रोक की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक अच्छा कदम बताया. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे इस जानकारी की सच्चाई को लेकर निश्चित नहीं हैं.

एक रिपोर्ट के अनुसार पूछा गया कि क्या भारत पर कोई विशेष जुर्माना लगाया जाएगा या क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोई बातचीत होने वाली है, ट्रंप ने कहा, कि मैंने सुना है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा. मुझे नहीं पता कि यह सही है या गलत. यह एक अच्छा कदम है. देखते हैं क्या होता है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की कमाई को सीमित करने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय दबाव बना रहा है.

रूस से तेल खरीदने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है भारत 

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल इम्पोर्टर है और 2022 से अब तक वह रियायती रूसी कच्चे तेल का प्रमुख खरीदार रहा है. वहीं हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय सरकारी रिफाइनरियों ने घटती छूट और लॉजिस्टिक चुनौतियों के कारण रूस से तेल खरीद को अस्थायी रूप से रोक दिया है. भारत सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. अमेरिका इस व्यापार को जियोपॉलिटिकल नजरिए से गलत मानता है और चाहता है कि भारत रूस से ऊर्जा और हथियारों की खरीद बंद करे.

अमेरिका ने भारत पर लगाया है 25 फीसदी टैरिफ

हाल ही में अमेरिका ने ऐलान किया है कि वो भारत से सभी निर्यातों पर 25% टैरिफ लगाएगा. रूस से ऊर्जा व्यापार जारी रखने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा. ट्रंप ने पिछले सप्ताह अपनी ट्रुथ सोशल पोस्ट में भारत की आलोचना की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत रूस से ऊर्जा और सैन्य उपकरण खरीदता है और अमेरिकी उत्पादों पर काफी ज्यादा टैरिफ लगाता है, जिसकी वजह से कारोबार में काफी दिक्कतें आती हैं.

ट्रंप के बयान पर क्या बोला भारत?

भारत सरकार की ओर से विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत और रूस के बीच एक स्थिर और समय-परीक्षित साझेदारी है. भारत-अमेरिका संबंध साझा हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और मजबूत जन-जन संबंधों पर आधारित है. भारत ने साफ किया कि वह दोनों देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहता है और अपने रणनीतिक हितों से समझौता नहीं करेगा.

पुतिन के करीबी की धमकी से डरे ट्रंप, रूस के पास तैनात करी दो न्यूक्लियर सबमरीन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के पास दो परमाणु पनडुब्बियों को तैनात करने का आदेश दिया है. ट्रंप ने यह कदम रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव की ओर से ‘डेड हैंड’ की चेतावनी के बाद उठाया है. ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर पोस्ट कर चेतावनी दिया कि शब्द बहुत महत्वपूर्ण होते हैं यह अक्सर उम्मीदों से परे परिणाम पैदा कर सकते हैं. उन्होंने आगाह किया कि दिमित्री मेदवेदेव के भड़काऊ बयान कार्रवाई को भड़का सकते हैं.

ट्रंप ने रूस के पास तैनात कीं दो न्यूक्लियर सबमरीन

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर पोस्ट कर कहा, “मैंने दो न्यूक्लियर सबमरीन को उपयुक्त इलाकों में भेजने का आदेश दिया है. ये निर्णय इसलिए लिया गया ताकि अगर मेदवेदेव के बयान सिर्फ बातें न होकर कुछ ज्यादा हों तो हम तैयार रहें.”

पुतिन के करीबी ने दिलाई थी ‘डेड हैंड’ की याद

रूस की सुरक्षा परिषद के डिप्टी चेयरमैन दिमित्री मेदवेदेव ने ट्रंप के डेड इकोनॉमी वाले बयान पर उन्हें न्यूक्लियर पावर की याद दिला दी. उन्होंने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति को द वॉकिंग डेड पर अपनी पसंदीदा फिल्में याद करनी चाहिए. उन्हें याद रखना चाहिए कि डेड हैंड कितना खतरनाक हो सकता है.” दिमित्री मेदवेदेव ने तंज कसते हुए कहा कि अगर मेरे शब्दों से ट्रंप को इतना डर लग रहा है तो इसका मतलब है कि रूस सही दिशा में है.

‘रूस कोई इजरायल या ईरान नहीं है जो चुप रहेगा’

ट्रंप रूस को यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए सिर्फ 10 दिन की मोहलत दी. इससे पहले उन्होंने 50 दिन के भीतर युद्ध रोकने के लिए कहा था. दिमित्री मेदवेदेव ने चेतावनी दी कि इस तरह का अल्टीमेटम अमेरिका को पूर्ण युद्ध के करीब ला रहा है. उन्होंने कहा, “रूस कोई इजरायल या ईरान नहीं है जो चुप रहेगा. ट्रंप को जो बाइडेन जैसा नहीं बनना चाहिए.”

दिमित्री मेदवेदेव के इस बयान पर ट्रंप ने कहा, “वह अब भी खुद को राष्ट्रपति समझता है. उसे कहो कि अपनी जुबान पर लगाम लगाए.” ट्रंप ने दिमित्री मेदवेदेव का मजाक उड़ाते हुए उन्हें ‘रूस का असफल पूर्व राष्ट्रपति’ भी कहा. 

बेटी के जन्म के बाद से अस्वस्थ हैं ‘दृश्यम’ फेम इशिता दत्ता, बेटे वायु की तबीयत भी खराब।

दृश्यम एक्ट्रेस इशिता दत्ता हाल ही में एक बेटी की मां बनी हैं. वहीं अब एक्ट्रेस ने बताया है कि दोबारा मां बनने के बाद से ही वो और उनका बेटा वायु बीमार हैं. इशिता ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी और बेटे वायु के हाथ में कैनुला लगे हुए एक तस्वीर शेयर की है और बताया है कि पिछले एक महीने से उनकी और उनके बेटे वायु की तबीयत ठीक नहीं है.

अपनी सेहत का हाल बताते हुए इशिता ने लिखा स्टोरी में लिखा- ‘ये महीना वाकई बहुत मुश्किल रहा है. ऐसे समय में जब मुझे अपने नवजात शिशु के साथ रहना चाहिए था, मैं अस्पताल के चक्कर लगा रही थी. शुक्र है कि अब मैं और वायु दोनों ही काफी बेहतर हैं.’

बीमार होने की वजह से कम हुआ एक्ट्रेस का वजन
इशिता दत्ता का वजन बेटी के जन्म देने के तुरंत बाद घटता देखकर हर कोई हैरान था. अब एक्ट्रेस ने इसकी भी वजह बताई है. उन्होंने लिखा है- ‘आप में से बहुत से लोग मुझसे मेरे वजन कम होने के बारे में पूछ रहे हैं. लेकिन ये जानबूझकर नहीं घटाया है, बल्कि बीमार होने का नतीजा है.’

बेटी का रखा प्यारा-सा नाम
बता दें कि शनिवार को ही इशिता दत्ता और उनके पति वत्सल सेठ ने अपनी बेटी के नाम का खुलासा किया था. कपल ने बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी का नाम वेदा रखा है. कपल ने इंस्टाग्राम पर नामकरण समारोह का एक खास वीडियो शेयर कियाय इस वीडियो में दोनों अपने करीबी परिवार और दोस्तों के साथ पारंपरिक कपड़े के पालने में अपनी बच्ची को खुशी से झुलाते हुए दिखाई दे रहे हैं. अपनी नन्ही सी बच्ची का नाम बताते हुए, वत्सल और इशिता ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर लिखा- ‘होली जोली पीपल पान… बेन एह पाड्यु वेदा नाम.’

10 जून को वत्सल सेठ और इशिता दत्ता ने एक प्यारी सी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने दूसरे बच्च – एक बेटी का वेलकम किया. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अस्पताल से एक तस्वीर शेयर की। इशिता बच्ची को गोद में लिए हुए थीं, जबकि वत्सल और उनका बेटा वायु बच्ची के बगल में बैठे थे. उन्होंने एक संयुक्त पोस्ट में लिखा- ‘दो से चार दिल एक साथ धड़क रहे हैं. हमारा परिवार अब पूरा हो गया है. एक बच्ची का आशीर्वाद मिला है.’

IND vs ENG Test Series:  साल में पहली बार इंग्लैंड की धरती पर केएल राहुल ने रचा इतिहास, इन दिग्गजों को भी पीछे छोड़ा

भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज भले ही ड्रॉ की ओर बढ़ चली हो, लेकिन इस दौरे पर केएल राहुल ने ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसे अगले कई सालों तक याद रखा जाएगा. अनुभवी ओपनर ने इंग्लैंड की सरजमीं पर वो उपलब्धि हासिल की जो दुनिया का कोई ओपनर नहीं कर सका था. राहुल 22 वर्षो में इंग्लैंड की धरती पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले ओपनर बन गए हैं.

सीरीज में राहुल का दमदार प्रदर्शन

भले ही लंदन के ओवल में खेले जा रहे आखिरी टेस्ट मैच में केएल राहुल का बल्ला खामोश रहा हो, लेकिन पूरे इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया है. पांच मैचों की सीरीज में राहुल ने कुल 10 पारियां खेली, जिसमें 53.20 के औसत से उन्होंने कुल 532 रन बनाए. उनकी इस पारी में दो शानदार शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं. इस सीरीज में उनका बेस्ट स्कोर 137 रन का है.

लीड्स से लेकर मैनचेस्टर तक, हर टेस्ट में उन्होंने भारतीय टीम को एक मजबूत शुरुआत दी. मैनचेस्टर टेस्ट की पहली पारी में राहुल ने शानदार 90 रन बनाए थे, जबकि लीड्स और लॉर्ड्स में भी उनके अर्धशतक और शतक ने भारत की नींव मजबूत की थी.

ओवल टेस्ट में फॉर्म नहीं दोहरा सके

हालांकि, सीरीज के अंतिम मुकाबले में राहुल अपनी लय नहीं पकड़ पाए. पहली पारी में वह सिर्फ 14 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने महज 7 रन ही बनाए. कुल मिलाकर ओवल टेस्ट में वह 21 रन ही जोड़ सके.

22 साल बाद रचा गया रिकॉर्ड

इस टेस्ट सीरीज के साथ ही राहुल इंग्लैंड की धरती पर एक सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले ओपनर बन गए हैं. इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रेम स्मिथ के नाम था, जिन्होंने 2003 में इंग्लैंड में 714 रन बनाए थे. तब से अब तक किसी भी ओपनर ने इंग्लैंड में एक सीरीज में 500 रन का आंकड़ा नहीं छुआ था.

राहुल ने इस दौरान वीरेंद्र सहवाग, मैथ्यू हेडन, रोहित शर्मा, एलेस्टर कुक, और एंड्रू स्ट्रॉस जैसे दिग्गज ओपनर्स को पीछे छोड़ दिया है. यह उपलब्धि बताती है कि विदेशी परिस्थितियों में एक ओपनर के तौर पर राहुल कितने भरोसेमंद खिलाड़ी बनकर उभरे हैं.