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3 सुपरस्टार्स की मौजूदगी भी नहीं बचा पाई फिल्म, बजट की आधी कमाई भी नहीं हुई, अब ओटीटी पर होगा इसका डिजिटल प्रीमियर

बॉलीवुड में हर साल बिग बजट की फिल्में बनाती है, लेकिन उनमें से कुछ ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित होती है। आज हम आपको बॉलीवुड की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्म के बारे में बताने वाले है जो 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम हो गई। प्रोड्यूसर्स ने इस फिल्म की प्रमोशन और स्टार कास्ट पर जितना पैसा खर्च किया, यह उसका आधा पैसा भी नहीं कमा पाई। हम बात कर रहे हैं ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ की जो 21 फरवरी, 2025 को आई थी। इस रोमांटिक कॉमेडी में अर्जुन कपूर, भूमि पेडनेकर और रकुल प्रीत सिंह लीड रोल में थे। सिनेमाघरों में रिलीज होने के करीब दो महीने बाद अब पता चला है कि फिल्म डिजिटली रिलीज होने वाली है। ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ 18 अप्रैल को ओटीटी पर रिलीज होगी।

अर्जुन कपूर की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्म

एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ ओटीटी पर 18 अप्रैल, 2025 को रिलीज होगी। फिल्म का स्ट्रीमिंग पार्टनर पहले ही सामने आ चुका है। पोस्टर और ट्रेलर के अनुसार, रोम-कॉम जिओ हॉटस्टार पर देख सकते हैं जो दर्शक सिनेमाघरों में फिल्म देखने से चूक गए या इसे फिर से देखना चाहते हैं। वे अपने होम स्क्रीन पर मजेदार कहानी का आनंद ले सकते हैं। ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ एक लव ट्रायंगल है, जिसमें अंकुर के रूप में अर्जुन कपूर, प्रभलीन के किरदार में भूमि पेडनेकर और अंतरा के रोल में रकुल प्रीत सिंह हैं। इनके अलावा फिल्म में आदित्य सील, डिनो मोरिया, हर्ष गुजराल और अनीता राज है। फिल्म ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ को पहले दिन ऑडियंस से ज्यादा खास रिस्पॉन्स नहीं मिला है।

बजट का आधा भी नहीं कमा पाई

‘मेरे हसबैंड की बीवी’ का निर्देशन मुदस्सर अजीज ने किया है। Sacnilk के मुताबिक, वाशु भगनानी, जैकी भगनानी और दीपशिखा देशमुख द्वारा निर्मित इस फिल्म ने रुपये के बजट में से केवल 10% ही कमा पाई। बता दें कि मेकर्स ने दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए बाय 1 गेट 1 तक का ऑफर दिया था, लेकिन इससे कुछ खास फायदा नहीं हुआ।

इस्लामाबाद: ईरान में अपने नागरिकों की हत्या के बाद जागी शरीफ सरकार, तेहरान से की कड़ी कार्रवाई की मांग

दक्षिण-पूर्वी ईरान में आठ पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या के बाद शहबाज शरीफ की सरकार तिलमिलाई हुई है। इस मामले में पाकिस्तान ने तेहरान से पूरा सहयोग मांगा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर बयान भी जारी किया है। बयान में कहा गया है कि नागरिकों की हत्या शनिवार को पाकिस्तान-ईरान सीमा से लगभग 230 किलोमीटर (142 मील) दूर, सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के मेहरेस्तान काउंटी में हुई है।

‘अपराधियों की पहचान की जाएगी’

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “अपराधियों की पहचान की जाएगी और न्याय सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगीा।” ईरान में पाकिस्तान के राजदूत मुहम्मद मुदस्सिर ने ‘एक्स’ पर लिखा कि मारे गए सभी लोग मजदूर थे। इस्लामाबाद और तेहरान उनके शवों को वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने इस हत्या को आतंकवादी कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि यह इस्लामी सिद्धांतों, कानूनों और मानवीय मानदंडों के विपरीत है।

बलूच लिबरेशन आर्मी करती रही है हमले

ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में फैला बलूचिस्तान क्षेत्र दो दशकों से अधिक समय से स्वतंत्रता चाहने वाले बलूच राष्ट्रवादियों के विद्रोह का सामना कर रहा है। पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान में ‘बलूच लिबरेशन आर्मी’ अक्सर सुरक्षा बलों और नागरिकों को निशाना बनाती है।

यह भी जानें

करीब 900 किलोमीटर की लंबी ईरान-पाकिस्तान सीमा को गोल्डस्मिथ लाइन के नाम से जाना जाता है। यह अफगानिस्तान से उत्तरी अरब सागर तक फैली हुई है। लगभग 90 लाख बलूच सीमा के दोनों ओर रहते हैं। ईरान और पाकिस्तान पहले भी बलूच विद्रोह से निपटने के लिए सहयोग कर चुके हैं। लेकिन, साथ ही दोनों देश एक-दूसरे पर आतंकवादियों को पनाह देने और समर्थन करने का आरोप लगाते रहे हैं।

लंदन: शेख हसीना की भतीजी ट्यूलिप ने भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज किया, जानिए क्या है पूरा मामला

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भतीजी और ब्रिटिश संसद में लेबर पार्टी की सदस्य ट्यूलिप सिद्दीक को टारगेट कर रही है। बांग्लादेशी अधिकारियों ने ट्यूलिप के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। ढाका के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) की ओर से जारी गिरफ्तारी वारंट की खबर सामने आने के बाद ट्यूलिप सिद्दीक ने किसी भी तरह का गलत काम करने से इनकार किया है। सिद्दीक ने इस साल जनवरी में ब्रिटेन के वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके पारिवारिक संपर्क प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर के नेतृत्व वाली सरकार के काम में बाधा बन रहे हैं।

ट्यूलिप सिद्दीक के प्रवक्ता क्या बोले

ट्यूलिप सिद्दीक के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि सिद्दीक के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। बयान में कहा गया है, ‘‘एसीसी ने सिद्दीक को कोई जवाब नहीं दिया है या सीधे या उनके वकीलों के माध्यम से उन पर कोई आरोप नहीं लगाया है। सिद्दीक को ढाका में उनके संबंध में चल रही सुनवाई के बारे में कुछ भी पता नहीं है और उन्हें किसी भी गिरफ्तारी वारंट के बारे में कोई जानकारी नहीं है, जिसके जारी होने की बात कही जा रही है।’’

ब्रिटेन और बांग्लादेश के बीच नहीं है प्रत्यर्पण संधि 

प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि लंदन में रह रहीं सिद्दीक के खिलाफ लगाए जाने वाले किसी भी आरोप का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस आरोप में बिलकुल भी सच्चाई नहीं है कि उन्होंने अवैध तरीकों से ढाका में एक भूखंड हासिल किया है। ब्रिटेन और बांग्लादेश के बीच कोई औपचारिक प्रत्यर्पण संधि नहीं है, इसलिए बांग्लादेशी गिरफ्तारी वारंट जारी होने की खबर के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है।

क्या है मामला?

बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की ओर से दर्ज चार्जशीट के अनुसार, ट्यूलिप सिद्दीक पर आरोप है कि उन्होंने शेख हसीना के कार्यकाल में ढाका के बाहरी इलाके पुर्बाचल न्यू टाउन के डिप्लोमैटिक जोन में 7200 वर्गफुट का एक प्लॉट अवैध रूप से हासिल किया है। ढाका मेट्रोपोलिटन सीनियर स्पेशल जज मोहम्मद जाकिर हुसैन गालिब ने गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए कहा कि अगर 27 अप्रैल तक आरोपी कोर्ट में पेश नहीं होते हैं, तो उन्हें भगोड़ा घोषित किया जाए। इस मामले में ट्यूलिप सिद्दीक के अलावा कुल 52 अन्य लोगों के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। इनमें उनकी मां शेख रेहाना, भाई रदवान, बहन आजमीना और खुद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भी शामिल हैं।

Former Malaysian Prime Minister Death:मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अहमद बदावी का 85 साल की उम्र में निधन

 मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अहमद बदावी का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। अब्दुल्ला लंबे समय से बीमार चल रहे थे। कुआलालंपुर के एक अस्पताल ने उनके निधन के बारे में जानकारी दी है। अब्दुल्ला को 25 अप्रैल, 2024 को भी नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट में क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था। अब्दुल्ला न्यूमोथोरैक्स नाम की बीमारी से पीड़ित थे।

कुआलालंपुर के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ हार्ट में कराया गया था भर्ती

अब्दुल्ला को “पाक लाह” के नाम से भी जाना जाता था, उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने के बाद रविवार को कुआलालंपुर के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ हार्ट में भर्ती कराया गया था, जहां हृदय रोग विशेषज्ञों की टीम द्वारा उनकी बारीकी से निगरानी की जा रही थी। लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद सोमवार को शाम 7:10 बजे उनका निधन हो गया। 22 साल तक प्रधानमंत्री रहने के बाद वरिष्ठ नेता महाथिर मोहम्मद के इस्तीफे के बाद अब्दुल्ला 2003 में प्रधानमंत्री बने थे।

बदावी के जीवन के बारे में जानें

अब्दुल्ला अहमद बदावी के पिता मलेशिया के सत्ताधारी नेशनल फ़्रंट गठबंधन में सबसे प्रभावी पार्टी यूनाइटेड मलय नेशनल ऑर्गनाइज़ेशन यानी यूएमएनओ के संस्थापक सदस्य रहे है। बदावी का जन्म मलेशिया के पेनांग प्रांत में हुआ था और उन्होंने इस्लाम मज़हब में डिग्री हासिल की थी। 1978 में अपने पिता की मृत्यु तक वह सिविल सेवा से जुड़े रहे थे। इसके बाद उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। 1998 में उन्हें उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था।

क्या समंदर से एक बाल्टी पानी निकालने से उसका जलस्तर काम होता है ? जानिए इस रोचक सवाल का वैज्ञानिक जवाब

क्या समुद्र से एक बाल्टी पानी निकालने से उसका जलस्तर कम हो जाएगा? ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट शहर की साढ़े छह साल की बच्ची एलिस के इस मासूम सवाल का जवाब ‘हां’ है। हालांकि, समुद्र के जलस्तर में बहुत ही मामूली अंतर आएगा। आप घर पर एक छोटे-से प्रयोग के जरिए भी इस सवाल का जवाब हासिल कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक गिलास पानी और एक चम्मच की जरूरत पड़ेगी।

पानी के स्तर में आती है गिरावट

गिलास को ऊपर तक भरें और पानी का स्तर ध्यान से देखें। इसके बाद उसमें से एक चम्मच पानी निकाल दें। क्या आप इससे पानी के स्तर में आए बदलाव को महसूस कर सकते हैं? शायद आप कर सकते हैं या शायद नहीं। आप अपनी रसोई के ‘सिंक’ या बाथरूम में मौजूद ‘बाथ टब’ में भी यह प्रयोग दोहरा सकते हैं। मुख्य बात यह है कि पानी के स्तर में यकीनन गिरावट आती है, लेकिन बेहद कम मात्रा में। अगर आप ‘बाथ टब’ में से एक चम्मच पानी निकाल देते हैं, तो आप शायद जलस्तर में आए अंतर को नहीं भांप पाएंगे।

हमारे पास मापने का कोई जरिया ही नहीं

चलिए, समुद्र पर लौटते हैं। यह वाकई बहुत विशाल होता है, खासकर बाल्टी की तुलना में। मान लीजिए, आपके पास एक बाल्टी है, जिसमें दस लीटर पानी आता है। अगर इस बाल्टी के हिसाब से देखें तो पृथ्वी पर मौजूद सभी महासागरों में कुल 137 मिलियन, मिलियन, मिलियन बाल्टी पानी होने का अनुमान है। और ऐसे में अगर आप समुद्र में से एक बाल्टी पानी निकाल लें, तो उसके जल स्तर में लगभग 0.0000000000277 मिलीमीटर की कमी आएगी। आप अपने ‘पेंसिल बॉक्स’ में रखे ‘स्केल’ पर देख सकते हैं कि एक मिलीमीटर का माप कितना छोटा होता है। पृथ्वी पर हमारे पास ऐसा कुछ भी नहीं है, जो इतनी छोटी (0.0000000000277 मिलीमीटर की) वस्तु को माप सके। यह तो एक अणु से भी कइयों गुना छोटी वस्तु होगी। तो, एलिस के सवाल का जवाब यह है कि पानी के स्तर में ‘यकीनन’ कमी आती है, लेकिन इसकी मात्रा इतनी छोटी होती है कि हम इसे माप भी नहीं सकते।

जानें बेहद दिलचस्प बात

पृथ्वी वाकई में बहुत ही दिलचस्प ग्रह है। जब आप अपनी बाल्टी में पानी भरते हैं, तो यह सारा पानी एक प्रक्रिया से होकर गुजरता है, जिसे जलचक्र कहा जाता है। समुद्र का जलस्तर वास्तव में लगातार बदलता रहता है। हर साल समुद्र से बहुत सारा पानी वाष्प बनकर उड़ जाता है। कुछ पानी तो अंतरिक्ष में भी चला जाता है। हालांकि, वाष्प बनकर उड़ने वाला अधिकांश पानी वापस सीधे समुद्र में या फिर धरती पर बरस जाता है, और धरती से यह नदी में बहते हुए आखिरकार फिर से समुद्र में पहुंच जाता है। बड़ी मात्रा में पानी जमीन के नीचे भी जमा होता है और उसमें से भी कुछ हिस्सा धीरे-धीरे फिर से समुद्र में पहुंच जाता है। ऐसे में अगर आप अपनी बाल्टी का पानी जमीन पर उड़ेल दें, तो अंत में यह जल चक्र के जरिए वापस समुद्र में पहुंच जाएगा।

कुछ दिलचस्प तथ्य 

पानी की एक बूंद में हाइड्रोजन डाइऑक्साइड (एचओ2) के 1.5 मिलियन, मिलियन, मिलियन यानी 1,500,000,000,000,000,000 अणु होते हैं। माना जाता है कि धरती पर पानी सबसे पहले 1.6 अरब साल से भी अधिक समय पूर्व बारिश के रूप में गिरा था। पृथ्वी पर अधिकांश ताजा पानी (लगभग 98 फीसदी) भूजल के रूप में मौजूद है।