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“अहान का बिच्छू खाने वाला स्टंट देख भड़के फैंस, सोशल मीडिया पर बोले – ‘ये इंसानी हरकत नहीं!’”

एक्ट्रेस अनन्या पांडे के कजिन अहान पांडे ने अपनी डेब्यू फिल्म ‘सैयारा’ से ही एक स्टार का दर्जा हासिल कर लिया है. उनकी फिल्म ने कुछ ही दिनों में 300 करोड़ का आंकड़ा छू लिया है. फिल्म को देखकर अभी तक दर्शक अहान पर बेशुमार प्यार लुटाते हुए नजर आ रहे थे. लेकिन अब उनका एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसे देख यूजर्स अहान पर भड़कते हुए नजर आ रहे हैं.

फ्राई बिच्छू खाते हुए नजर आए अहान पांडे

दरअसल अहान पांडे का एक थ्रोबैक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. ये वीडियो all__rounded नाम के एक इंस्टा पेज ने अपने अकाउंट पर शेयर किया है. वीडियो में बिच्छू फ्राई खाते हुए दिखाई दिए. उनके इस वीडियो ने फैंस को हिलाकर रख दिया है. यूजर्स अपनी आंखों पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं. एक पंडित होकर अहान ये सब भी खा सकते हैं. अब इस वीडियो को लेकर पर यूजर्स ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया है.

यूजर्स ने लगाई एक्टर की जमकर क्लास

अहान के इस वीडियो को देख यूजर्स का गुस्सा उनपर फूट पड़ा. एक ने कमेंट कर लिखा कि, ‘ब्राह्मण होकर भी, इनसे ये उम्मीद नहीं थी.’ दूसरे ने कहा कि, ‘सबका क्रश, खुद निकला भ्रष्ट..’ वहीं तीसरे ने लिखा कि, ‘अफसोस तुम्हारी फिल्म धोखे से देख ली, तुम तो दैत्य हो..’ कुछ ने तो उन्हें पंडित के नाम पे कलंक तक कह डाला.’

कितना है  ‘सैयारा’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ?

बात करें अहान पांडे की फिल्म ‘सैयारा’ की बात करें तो महज 18 दिनों में 300 करोड़ का आंकड़ा छू लिया है. फिल्म में अहान पांडे और अनीत पड्डा की जोड़ी देखने को मिली. पहली ही फिल्म में इनकी केमिस्ट्री ने लोगों का दिल जीत लिया है. बता दें कि फिल्म में मोहित सूरी ने डायरेक्ट किया है. जो पहले भी बॉलीवुड को कई रोमांटिक फिल्में दे चुके हैं.

“गाजा में कफन तक मयस्सर नहीं, इजरायली हमलों में मारे गए लोगों को कंबलों में लपेटकर दफनाने की मजबूरी”

गाजा में हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि अब मारे गए लोगों को दफनाने के लिए कफन तक मयस्सर नहीं है. लगातार इजरायली हमलों और भूख से मरने वालों की तादाद इतनी बढ़ गई है कि सफेद कफन की जगह अब शवों को मोटे कंबलों में लपेटकर दफनाया जा रहा है. श्मशान और अस्पताल दोनों भर चुके हैं.

इजरायली फायरिंग और एयरस्ट्राइक्स में सोमवार (04 अगस्त,2025) को कम से कम 40 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. इनमें 10 लोग वे थे जो अमेरिकी समर्थित ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’ (GHF) के राहत केंद्रों पर मदद लेने पहुंचे थे. इसके अलावा 5 लोगों की भूख और कुपोषण के चलते मौत हो गई.

राहत केंद्रों पर गोलीबारी, शरणार्थियों की हुई मौत
स्थानीय डॉक्टरों ने बताया कि ये 10 मौतें मध्य और दक्षिण गाजा में दो अलग-अलग घटनाओं में हुईं. वहीं, गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि रविवार को उत्तरी गाजा में ज़िकिम क्रॉसिंग पर राहत ट्रक का इंतजार कर रहे 13 लोगों को भी गोली मार दी गई.

या तो आटा मिलता है या शव बनकर लौटते हैं लोग!
40 वर्षीय फिलिस्तीनी बिलाल थारी ने बताया, ‘जो भी मदद लेने जाता है, वह या तो आटे की बोरी लेकर लौटता है या फिर लाश बनकर. कोई सुरक्षित नहीं लौटता.’ उन्होंने सोमवार को अल शिफा अस्पताल में अपने परिजनों की लाशें लेने पहुंचे लोगों के साथ दुख साझा किया.

कफन भी नहीं बचे, कम्बलों में लपेटे शव
गाजा में इसरायली सीमाई प्रतिबंधों और मौतों की बढ़ती संख्या के कारण सफेद कफन की भारी कमी हो गई है. इसलिए शवों को रंगीन मोटे कम्बलों में लपेटा जा रहा है, जिससे इस्लामिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार में बाधा आ रही है.

“हमें युद्ध नहीं, शांति चाहिए”
बिलाल थारी ने कहा, ‘हम युद्ध नहीं चाहते. हम शांति चाहते हैं. महिलाएं सड़कों पर हैं, हम सब भूखे हैं. हमारे पास एक सामान्य जीवन जीने की कोई सुविधा नहीं है. ये जीवन नहीं है.’

इजरायल की सफाई और रणनीति
इजरायली सेना ने सोमवार की घटना पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं दी, लेकिन कहा कि दक्षिण गाजा में जिस राहत केंद्र के पास लोग मारे गए, वहां उन्होंने सोमवार को गोली नहीं चलाई. इजरायल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह अपनी सुरक्षा कैबिनेट के साथ इस हफ्ते रणनीति पर चर्चा करेंगे.

भूख से अब तक 180 की मौत, 93 बच्चे शामिल
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटों में पांच और लोग भूख से मर गए हैं. युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 180 लोगों की भूख से मौत हो चुकी है, जिनमें 93 बच्चे शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि खाने की एयरड्रॉप पर्याप्त नहीं हैं, ज़मीन के रास्ते तत्काल अधिक राहत भेजी जानी चाहिए.

इजरायल ने कितनी मदद भेजी?
COGAT (इजरायली सैन्य एजेंसी) ने बताया कि पिछले सप्ताह 1,200 ट्रकों में 23,000 टन से अधिक मानवीय सहायता गाजा भेजी गई. हालांकि इनमें से सैकड़ों ट्रक अब भी वितरण केंद्रों तक नहीं पहुंच पाए हैं. इजरायली सेना ने बताया कि छह देशों के सहयोग से सोमवार को 120 फूड पैकेट एयरड्रॉप किए गए.

हमास शासित गाजा मीडिया कार्यालय ने बताया कि जुलाई के अंत से जबसे इजरायल ने सीमित राहत देने की अनुमति दी है, अब तक 600 राहत ट्रक पहुंचे हैं. लेकिन गवाहों और हमास के सूत्रों का कहना है कि इनमें से कई ट्रक रास्ते में ही लूट लिए गए. संयुक्त राष्ट्र और फिलिस्तीनी अधिकारियों के मुताबिक, गाजा को हर दिन कम से कम 600 राहत ट्रकों की ज़रूरत है, जो युद्ध से पहले इजरायल द्वारा अनुमत संख्या थी.

यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास ने दक्षिणी इजरायल पर हमला कर 1,200 लोगों को मार डाला और 251 को बंधक बना लिया. इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर हमला शुरू कर दिया. अब तक इजरायल के हमलों में 60,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है. इजरायली आंकड़ों के मुताबिक, अब भी गाजा में 50 बंधक हैं, जिनमें से सिर्फ 20 के जीवित होने की संभावना है.

“संजय कपूर मौत मामला: मां ने यूके पुलिस को लिखी चिट्ठी, हत्या और गहरी साजिश की जताई शंका”

सोना ग्रुप के पूर्व चेयरमैन संजय कपूर की लंदन में हुई मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. मृतक संजय कपूर की मां रानी कपूर ने इस हफ्ते अपने बेटे की मौत में अंतरराष्ट्रीय साजिश और हत्या की आशंका जताते हुए यूनाइटेड किंगडम (UK) की पुलिस को एक चिट्ठी लिखी है.

यूके पुलिस के लिखी चिट्ठी में मृतक संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दावा किया है कि उनके पास कई पुख्ता सबूत हैं, जो इस बात का इशारा करती है कि उनके बेटे की मौत किसी दुर्घटना या प्राकृतिक रूप से नहीं हुई थी बल्कि उनकी मौत में साजिश, हत्या, धोखेबाजी और जालसाजी जैसे आपराधिक गतिविधियां शामिल हो सकती हैं.

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास ऐसे रिकॉर्ड हैं जो धोखेबाजी, संपत्ति के संदिग्ध ट्रांसफर, संदेहास्पद कानूनी फाइलिंग और उन लोगों की मिलीभगत की ओर इशारा करते हैं, जिन्हें उनकी (संजय कपूर की) मौत से आर्थिक रूप से फायदा हो सकता है. बता दें कि रानी कपूर का इशारा संजय कपूर की दूसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर की ओर था.

ब्रिटिश अधिकारियों के लिखी चिट्ठी में क्या बोलीं रानी कपूर

रानी कपूर ने ब्रिटिश अधिकारियों को लिखे अपने पत्र में कहा, “ऐसे कई ठोस कारण हैं जो यह यकीन दिलाते हैं कि उनकी मौत को जानबूझकर और को-ऑर्डिनेशन के साथ एक अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत रचा गया, जिसमें यूनाइटेड किंगडम (UK), भारत और संभावित रूप से अमेरिका के लोगों या संस्थाओं की मिलीभगत हो सकती है.”

उन्होंने कहा, “मामले की गंभीरता और ब्रिटिश कानूनों के तहत हत्या, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे अपराधों को देखते हुए मैं विनम्रता से अनुरोध करती हूं कि इस पर तुरंत एक औपचारिक शिकायत दर्ज की जाए और आपराधिक जांच शुरू की जाए.”

उल्लेखनीय है कि 53 साल के संजय कपूर की मौत लंदन में पोलो खेलते वक्त 12 जून को हो गई थी. शुरुआत में मौत का कारण दिल का दौरा बताया गया था, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि उनके मुंह में एक मधुमक्खी घुस गई थी, जिसके कारण उन्हें एनाफिलेक्टिक शॉक आया था.

Suryakumar Yadav Sports Hernia Surgery:पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप मुकाबले से पहले सूर्यकुमार यादव की वापसी को लेकर आई बड़ी खुशखबरी!”

 भारत की टी20 इंटरनेशनल टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की हाल ही में स्पोर्ट्स हर्निया की सर्जरी हुई थी. अब सूर्यकुमार यादव की हेल्थ को लेकर बड़ा अपडेट आया है. सर्जरी के बाद भारतीय कप्तान पहली बार प्रैक्टिस के लिए लौटे हैं. पिछले हफ्ते सूर्यकुमार यादव बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रैक्टिस करते नजर आए. भारत के इस खिलाड़ी की जुलाई 2025 में जर्मनी में सर्जरी हुई थी.

एशिया कप से पहले लौटे SKY

सूर्यकुमार यादव तब से ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मेडिकल स्टाफ की देख-रेख में हैं, जब से उनके पेट के निचले दाहिने हिस्से की सर्जरी से उबर रहे हैं. अब धीरे-धीरे अगले कुछ हफ्तों में सूर्यकुमार यादव का वर्कलोड बढ़ेगा और वे 9 सितंबर से शुरू होने वाले एशिया कप (Asia Cup 2025) से पहले टीम इंडिया में वापसी करेंगे. इस बार एशिया कप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में होने वाला है.

ईएसपीएनक्रिकइंफो के मुताबिक, पहले सूर्यकुमार यादव बांग्लादेश के खिलाफ अगस्त में होने वाली टी20 सीरीज में ही वापसी करने वाले थे, लेकिन अब ये सीरीज अगले साल 2026 तक के लिए स्थगित हो गई है. ऐसे में अब सूर्यकुमार सीधे एशिया कप में ही खेलते नजर आएंगे. सूर्या को दिलीप ट्रॉफी में वेस्ट जोन टीम के स्क्वाड में भी शामिल किया गया था, लेकिन सर्जरी वजह से ही इस खिलाड़ी को ये टूर्नामेंट छोड़ना पड़ा.

एशिया कप में पाकिस्तान के साथ मैच

एशिया कप में भारत के टी20 कप्तान वापसी करने वाल हैं, लेकिन इसी एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच को लेकर बवाल मचा हुआ है. कुछ लोग इस मैच के विरोध में हैं. वहीं कुछ लोग चाहते हैं कि पाकिस्तान के साथ खेलकर उसे हराया जाए. अगर भारत, पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलता है तो इससे ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए टीम इंडिया को काफी नुकसान हो सकता है.

Health Tips:“हर दिन हो रहा है बालों का झड़ना… क्या ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं? तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें!”

अगर आपके बाल अचानक झड़ने लगे हैं या हर दिन कंघी में बड़ी मात्रा में बाल नजर आ रहे हैं तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. डॉक्टर्स के अनुसार, यह सिर्फ मौसम का असर या तनाव नहीं बल्कि गंभीर मेडिकल कंडीशन एलोपेसिया का लक्षण हो सकता है. एलोपेसिया यानी ज्यादा बाल झड़ना अब एक सामान्य समस्या बन चुकी हैं जो कि किसी भी उम्र में हो सकती है. इससे समय रहते पहचाना और इलाज कराना जरूरी है वरना बालों की जड़ों को स्थाई नुकसान हो सकता है.

समय पर पहचान और इलाज जरूरी 

कुछ एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर किसी के कुछ बोल रोजाना झड़ते हैं, लेकिन जब बाल तेजी से गिरने लगें या पैचेज में झड़ने लगे तो यह चिंता का विषय है. एलोपेसिया का समय पर इलाज नहीं किया जाए तो यह स्थाई गंजापन भी पैदा कर सकता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि एलोपेसिया कई कारणों से हो सकता है जैसे हार्मोनल असंतुलन, पोषक तत्वों की कमी सूजन, संबंधी बीमारियां या हाल ही में हुई कोई गंभीर बीमारी इसका मुख्य कारण हो सकती है.

एलोपेसिया के पीछे यह हो सकते हैं कारण 

हार्मोनल गड़बड़ी 
थायराइड या पीसीओएस जैसी स्थितियां शरीर के हार्मोन लेवल को असंतुलित कर देती है. खासकर महिलाओं में एंड्रोजन हार्मोन की अधिकता बालों की जड़ों को कमजोर कर देती है. जिससे सिर के बीच वाले भाग में बाल पतले होते जाते हैं.

ऑटोइम्यून बीमारियां 
एलोपेसिया एरिएट और ल्यूपस जैसी बीमारियों में शरीर की रोग प्रतिरोधी प्रणाली खुद बालों की जड़ों पर हमला करने लगती है. इससे अचानक पैचेज में बाल गिरने लगते हैं. सिर, दाढ़ी या यहां तक कि भौंहो पर भी इससे बाल झड़ने लगते हैं.

पोषण की कमी और गंभीर बीमारियों के बाद असर
कॉविड-19 जैसे संक्रमण तेज बुखार और लंबी बीमारी के बाद शरीर रिकवरी मोड में चला जाता है. जिससे बालों की ग्रोथ रुक जाती है और वह झड़ने लगते हैं. साथ ही प्रोटीन आयरन और विटामिन डी की कमी बालों के कमजोर कर देती है.

कब जाए डॉक्टर के पास 
अगर आपके भी बाल अचानक तेजी से गिरने लगे तो आपको इसे लेकर डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. इसके अलावा जब सिर पर गोल-गोल पैचेज बनने लगे और सामान्य हेयर केयर से उसे पर कोई फर्क न पड़े साथी बालों की जड़े कमजोर होने लगे तो ऐसे में आपको डॉक्टर से एक बार परामर्श जरूर लेना चाहिए. बालों की इस तरह की समस्या के लिए आपको हार्मोन प्रोफाइल और पोषण संबंधी टेस्ट करवाएं और बालों के लिए सही खानपान और हेयर केयर रूटीन भी अपनाएं.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.