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बरेली: सेटेलाइट फ्लाईओवर होगा वाईशेप, पीलीभीत बाईपास बनेगा फोरलेन – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल की विकास योजनाओं को दी रफ्तार

सेटेलाइट फ्लाईओवर होगा वाईशेप, पीलीभीत बाईपास बनेगा फोरलेन – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल की विकास योजनाओं को दी रफ्तार
सेटेलाइट फ्लाईओवर होगा वाईशेप, पीलीभीत बाईपास बनेगा फोरलेन – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल की विकास योजनाओं को दी रफ्तार
सेटेलाइट फ्लाईओवर होगा वाईशेप, पीलीभीत बाईपास बनेगा फोरलेन – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल की विकास योजनाओं को दी रफ्तार
  • बरेली सर्किट हाउस में सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंडलीय विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की।
  • विधायक संजीव अग्रवाल के प्रस्ताव पर वाई-शेप सैटेलाइट फ्लाईओवर और फोरलेन पीलीभीत बाईपास को मंजूरी मिली।
  • सीएम ने जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर उनके क्षेत्रों की प्राथमिक जरूरतों पर फीडबैक लिया।
  • सुभाषनगर अंडरपास, नाथ गलियारा और हरूनगला-नागदेवता मार्ग सहित कई परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई।
  • सीएम ने विकास कार्यों में समयबद्धता, गुणवत्ता और जनभावनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

बरेली/लखनऊ, 6 अगस्त 2025 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बरेली के सर्किट हाउस में बरेली मंडल की मंडलीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर जनपदों की विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की। इस बैठक के माध्यम से मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी और अधिकारियों को विकास कार्यों को तीव्र गति से अमल में लाने के सख्त निर्देश दिए।

जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से विकास को नई दिशा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक की शुरुआत में सभी सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया और उनके क्षेत्रों की प्राथमिक समस्याएं तथा आवश्यक विकास कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जनहितकारी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी योजना का प्रस्ताव बनाने से पहले क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधियों की राय लेना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने विकास कार्यों में स्थानीय जनता की जरूरतों और भावनाओं को प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जमीनी समझ और अनुभव को शासन की नीतियों का आधार बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने इन प्रमुख परियोजनाओं को दी मंजूरी

इस बैठक में कई प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें विशेष रूप से बरेली और पीलीभीत की कनेक्टिविटी एवं बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने वाले विकास कार्य शामिल हैं:

  • सेटेलाइट फ्लाईओवर को कैंट विधायक संजीव अग्रवाल के सुझाव पर वाई शेप में बनाने की स्वीकृति मिली, जिससे बरेली में यातायात दबाव कम होगा और बेहतर आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा।
  • पीलीभीत बाईपास को फोरलेन में विकसित किया जाएगा, जिससे उस क्षेत्र की ओर यातायात सुगम और दुर्घटनारहित बनेगा।
  • नाथ गलियारा योजना, जो धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की परियोजना है, को शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
  • सुभाषनगर अंडरपास को विकास की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया, जिससे शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से आपस में बेहतर जुड़ सकेंगे।
  • हरूनगला से नागदेवता मंदिर तक सड़क निर्माण को मंजूरी मिली, जिससे धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण कनेक्टिविटी दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंटर-कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि बरेली मंडल में इंटरस्टेट कनेक्टिविटी, ब्लॉक मुख्यालयों तक संपर्क, धार्मिक स्थलों तक पहुंच मार्ग, बाईपास, आरओबी, अंडरपास, मेजर व माइनर ब्रिज, सड़क चौड़ीकरण और सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल भौगोलिक चुनौतियां हल होंगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

उन्होंने निर्देश दिया कि इन सभी कार्यों की पहली चरण की कार्य योजना विधायकों और जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के आधार पर बनाई जाए। उन्होंने नगर विकास विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना जनप्रतिनिधियों के परामर्श के कोई भी परियोजना प्रस्तावित न की जाए।

नतीजों तक पहुंचाने वाली योजनाओं पर मुख्यमंत्री का जोर

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि कोई भी योजना केवल कागज पर न रह जाए। योजनाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन, समयबद्धता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही तय होनी चाहिए। शासन की मंशा हर योजना को परिणाम तक पहुंचाने की है और इसके लिए तकनीक का समुचित प्रयोग किया जाए।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे अपने क्षेत्रों में स्वीकृत परियोजनाओं की सतत निगरानी करें और स्थानीय जनता की अपेक्षाओं के अनुसार उन्हें आकार देने में भागीदारी निभाएं।

बैठक में रहे ये जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल

इस एक घंटे पांच मिनट तक चली बैठक में बरेली मंडल के प्रमुख नेता और प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे, जिनमें प्रमुख नाम हैं:

  • वित्त मंत्री सुरेश खन्ना
  • बरेली प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर
  • पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह
  • राज्य मंत्री संजय गंगवार
  • सांसद छत्रपाल गंगवार
  • विधायकगण संजीव अग्रवाल, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. एमपी आर्य, डॉ. डीसी वर्मा, बाबूराम पासवान, विवेक कुमार, डॉ. श्याम बिहारी लाल, राजीव सिंह बब्बू
  • जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल
  • मेयर डॉ. उमेश गौतम
  • एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य
  • एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा
  • कमिश्नर सौम्या अग्रवाल
  • डीआईजी अजय कुमार साहनी
  • डीएम अविनाश कुमार सिंह
  • एसएसपी अनुराग आर्य
  • संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह मंडलीय समीक्षा बैठक न केवल प्रशासनिक दिशा देने वाली रही, बल्कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से यह स्पष्ट संकेत भी मिला कि प्रदेश सरकार जनता की जरूरतों को प्राथमिकता में रखकर समावेशी विकास सुनिश्चित करना चाहती है। अब देखना यह है कि इन घोषणाओं और स्वीकृत परियोजनाओं को ज़मीन पर उतारने की गति कितनी तीव्र होती है।

आर्थिक संकट से जूझ रही मेधावी छात्रा की मदद के लिए ऋषभ पंत ने बढ़ाया हाथ, सराहनीय पहल की हर तरफ हो रही तारीफ

भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत ने कर्नाटक की एक मेधावी छात्रा की फीस भरकर कॉलेज में दाखिला दिलाने में मदद की. पंत के इस कदम ने लोगों का दिल जीत लिया है. उनके इस नेक काम की सराहना की जा रही है.

बिलागी तालुक के रबाकवी गांव की रहने वाली ज्योति कनबूर मठ ने 12वीं क्लास में 83 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. ज्योति हायर एजुकेशन का सपना देख रही थीं, लेकिन आर्थिक तंगी बड़ी बाधा बन गई. ज्योति को कॉलेज में एडमिशन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था.

ज्योति के पिता, तीर्थय्या गांव में एक छोटी-सी चाय की दुकान चलाते हैं. वह अपनी बेटी की शिक्षा का खर्च उठाने में असमर्थ हैं.

गांव के एक स्थानीय ठेकेदार, अनिल हुनाशिकट्टी से संपर्क किया गया. हुनाशिकट्टी से ज्योति को जामखंडी के बीएलडीई कॉलेज में बीसीए की सीट दिलाने में मदद करने का अनुरोध किया गया. अनिल ने न केवल उसके दाखिले में मदद का वादा किया, बल्कि आर्थिक मदद का भी प्रबंध करने का आश्वासन दिया.

हुनाशिकट्टी ने बेंगलुरु में अपने दोस्तों से संपर्क किया. अनिल के दोस्त ऋषभ पंत के करीबी हैं, जिन्होंने भारतीय क्रिकेटर को ज्योति के बारे में जानकारी दी. ऋषभ पंत तुरंत मदद के लिए आगे आए। 17 जुलाई को उन्होंने ज्योति की पहली सेमेस्टर की फीस के लिए 40 हजार रुपये सीधे कॉलेज के खाते में ट्रांसफर कर दिए.

ऋषभ पंत का आभार जताते हुए ज्योति ने कहा, “मैंने गलागली से 12वीं क्लास की पढ़ाई पूरी की और बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए) कोर्स करने का सपना देखा, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. मैंने अनिल हुनाशिकट्टी को इस बारे में बताया और उन्होंने बेंगलुरु में अपने दोस्तों से संपर्क किया, जिन्होंने मेरी स्थिति से ऋषभ पंत को अवगत कराया और उन्होंने मेरी मदद की.”

ज्योति ने कहा, “भगवान ऋषभ पंत को अच्छी सेहत दें. उनकी मदद मेरे लिए बहुत मायने रखती है. उम्मीद है कि पंत मेरे जैसे गरीब पृष्ठभूमि के अन्य छात्रों को भी सपोर्ट करते रहेंगे.”

Sports News:2025 एशिया कप में ऐसी हो सकती है टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन! जानिए कौन से 11 खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका

2025 एशिया कप के शेड्यूल का एलान हो चुका है. एशियाई क्रिकेट का यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट यूएई के दुबई और आबु धाबी में खेला जाएगा. टीम इंडिया टूर्नामेंट में अपना पहला मैच 10 सितंबर को खेलेगी. वहीं भारत का पाकिस्तान से मुकाबला 14 सितंबर को होगा. यहां जानिए 2025 एशिया कप में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन कैसी हो सकती है.

इस दिन एशिया कप के लिए रवाना होगी टीम इंडिया 

2025 एशिया कप का आगाज 9 सितंबर से होगा. वहीं टूर्नामेंट का खिताबी मैच 28 सितंबर को खेला जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय स्क्वाड सितंबर महीने के पहले हफ्ते में यूएई के लिए रवाना होगा. टूर्नामेंट में टीम इंडिया को अपना पहला मैच 10 सितंबर को खेलना है. इसके बाद 14 सितंबर को टीम इंडिया पाकिस्तान से भिड़ेगी. 2025 एशिया कप में तीन बार भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हो सकता है, लेकिन ऐसा तब होगा, जब दोनों टीमें फाइनल खेलेंगी. भारत और पाकिस्तान के बीच पहला मैच 14 सितंबर को लीग स्टेज में होगा और फिर दूसरा मुकाबला सुपर-4 में खेला जाएगा. यह मैच 21 सितंबर को होगा.

अभिषेक और सैमसन करेंगे ओपनिंग! इन खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका

विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन 2025 एशिया कप में ओपनिंग करते दिख सकते हैं. अभिषेक टी20 में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज हैं. इसके बाद तीन नंबर पर तिलक वर्मा के खेलने की उम्मीद है. चार नंबर पर कप्तान सूर्यकुमार यादव का खेलना तय है. पांच नंबर पर ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और छह नंबर पर रिंकू सिंह एक्शन में दिख सकते हैं.

तीन स्पिनर्स के साथ उतर सकता है भारत

यूएई की कंडीशंस को देखते हुए टीम इंडिया 2025 एशिया कप में 3 स्पिनर्स के साथ उतर सकती है. ऐसे में अक्षर पटेल सात नंबर पर खेल सकते हैं. अक्षर को उपकप्तान भी बनाया जा सकता है. इसके बाद रवि बिश्नोई और वरुण चक्रवर्ती दो अन्य स्पिनर हो सकते हैं. कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि जसप्रीत बुमराह इस टूर्नामेंट से दूर रहेंगे. ऐसे में तेज गेंदबाजी हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह संभाल सकते हैं.

2025 एशिया कप में टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन- अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल (उपकप्तान), वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह. इनका साथ देने के लिए हार्दिक पांड्या भी रहेंगे.

क्या 2027 ODI वर्ल्ड कप में खेलते दिखेंगे रोहित शर्मा और विराट कोहली? जानिए इस अहम सवाल का जवाब यहीं

विराट कोहली और रोहित शर्मा, भारतीय क्रिकेट के 2 महानतम खिलाड़ी, जिन्होंने महज 10 महीनों के भीतर टी20 और टेस्ट फॉर्मेट से रिटायरमेंट ले ली थी. उसके बाद लगातार सवाल पूछे जाते रहे हैं कि क्या विराट और रोहित एकदिवसीय क्रिकेट को भी अलविदा कहने वाले हैं. इसके साथ ही यह संभावना भी भारतीय क्रिकेट फैंस में रोमांच भरती रहती है कि विराट और रोहित 2027 का एकदिवसीय विश्व कप (2027 ODI World Cup) खेल सकते हैं.

अभी 2027 के ODI वर्ल्ड कप के आयोजन में 2 साल से ज्यादा समय बाकी है. यह भी एक दिलचस्प सवाल है कि आखिर विश्व कप से पूर्व टीम इंडिया कितने ODI मैच खेलेगी? इसका जवाब है सिर्फ 27. जी हां, दो साल बाद दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नमीबिया द्वारा होस्ट किए जाने वाले वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम 9 द्विपक्षीय ODI सीरीज में कुल 27 मैच खेलेगी.

क्या रोहित और विराट खेलेंगे 2027 ODI वर्ल्ड कप?

जहां तक विराट कोहली और रोहित शर्मा के 2027 ODI वर्ल्ड कप में खेलने का सवाल है, अभी तक उन्होंने खुद इस विषय पर कोई बयान जारी नहीं किया है. दूसरी ओर BCCI ने भी उनके वर्ल्ड कप में खेलने पर अभी कुछ नहीं कहा है, लेकिन द वीक की एक रिपोर्ट के मुताबिक BCCI के बड़े अधिकारी बहुत जल्द विराट और रोहित से उनके ODI में भविष्य पर चर्चा कर सकते हैं.

इस बीच भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर जरूर अपने इरादे साफ कर चुके हैं. कुछ समय पूर्व गौतम गंभीर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित शर्मा और विराट कोहली के 2027 वर्ल्ड कप में खेलने का सवाल पूछा गया था. इस पर उन्होंने कहा था कि, “अभी भारत का ध्यान 2026 टी20 वर्ल्ड कप पर है, जो अगले साल फरवरी-मार्च में होना है. 2027 ODI वर्ल्ड कप अभी 2 साल दूर है. मैं हमेशा एक चीज कहता आया हूं. अगर आप अच्छा प्रदर्शन करना जारी रखेंगे, तो जरूर वर्ल्ड कप खेलिए.” गंभीर का यह बयान दर्शाता है कि विराट-रोहित लगातार अच्छा कर पाते हैं तो उन्हें दोनों के 2027 वर्ल्ड कप में खेलने पर कोई आपत्ति नहीं होगी.

डेयरी डिप्लोमेसी से लेकर गुप्त वार्ताओं तक… ट्रंप की टैरिफ धमकी से निपटने के लिए क्या है भारत की तैयारी ?

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (5 अगस्त 2025) को एक बार फिर भारत पर 25 फीसदी से ज्यादा टैरिफ लगाने की धमकी दी है. ट्र्ंप का कहना है कि भारत रूस की मदद कर यूक्रेन में जारी युद्ध को बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सामानों पर जीरो टैरिफ लगाने की पेशकश करेगा तब भी वो काफी नहीं होगा क्योंकि वह रूस तेल खरीदकर काफी मुनाफा कमा रहा है.

भारत के ये क्षेत्र को होंगे प्रभावित

ट्रंप के टैरिफ के ऐलान से भारत के कपड़ा, इंजीनियरिंग, सीफूड, केमिकल, चमड़े के निर्यातक प्रभावित हो सकते हैं. इतना ही नहीं दोनों देशें के बीच लंबित ट्रेड डील भी इससे बहुत प्रभावित हो सकता है. अमेरिका की ओर से अचानक टैरिफ बढ़ाने से दोनों देशों के बीच दरार और भी गहरी हो गई है.

‘भारत की जीडीपी ग्रोथ घट सकती है’

एक रिपोर्ट के अनुसार एचएसबीसी की अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने दावा किया कि 25 फीसदी टैरिफ से भारत की जीडीपी ग्रोथ में 0.3 फीसदी की कमी आ सकती है. वाणिज्य मंत्रालय का अनुमान है कि इस प्रकार के टैरिफ से जुलाई और सितंबर के बीच भारत के निर्यात में लगभग 10 फीसदी की कमी आएगी. भारत के 85 बिलियन अमेरिकी डॉलर के लगभग आधे निर्यात को खतरा है.

रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा कि जो देश भारत की आलोचना कर रहे हैं, वे खुद रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा, “यूरोपीय यूनियन ने साल 2024 में रूस के साथ 78 बिलियन यूरो का ट्रेड किया, जिसमें 16.5 मिलियन टन एलएनजी शामिल है.”

डेयरी डिप्लोमेसी और बैक चैनल बातचीत

 एक रिपोर्ट के अनुसार भारत एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव करते हुए अमेरिकी को सीमित डेयरी बाजार में एंट्री दे सकता है. अमेरिका लंबे समय से इसकी मांग करता रहा है. यह अमेरिका के लिए बड़ी रियायत होगी क्योंकि भारत ने मुक्त व्यापार वार्ता (FTA) में ब्रिटेन को ऐसा नहीं करने दिया था.

ट्रंप के बार-बार टैरिफ की धमकियों के बीच रूस ने अमेरिकी को नसीहत दे दी. रूस ने कहा, “किसी भी देश को रूस के साथ व्यापार बंद करने के लिए मजबूर करना अवैध है. रूस के व्यापारिक साझेदारों के खिलाफ इस तरह के दबाव को धमकी के रूप में समझा जाएगा.”

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के मॉस्को के दौरे पर जाने वाले हैं. इससे ये संकेत भी मिलता है कि कोई नीतिगत बदलाव नहीं होगा, लेकिन वाशिंगटन के खिलाफ कोई भड़काऊ बयानबाजी भी नहीं होगी.

भारतीय निर्यातकों को लेकर केंद्र का प्लान

एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार निर्यातकों से मजबूत भारतीय ब्रांड बनाने का आग्रह कर रही है, जो टैरिफ के झटकों को झेल सके और जिस चीज पर निर्भरता ज्यादा वो कम हो सके.

रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ के बीच किसी भी सब्सिडी के चंगुल से बाहर आने के लिए भारतीय निर्यातकों के लिए ब्रांड निर्माण और प्रचार करना महत्वपूर्ण है. समुद्री निर्यात जैसे क्षेत्रों को भी रोजगार और क्षमता बनाए रखने के लिए इससे जुड़ी योजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है.