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नगर पंचायत कोपागंज (मऊ) में सार्वजनिक तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन संपन्न : ऊर्जा मंत्री ने किया शिलान्यास, ‘कल्प सरोवर’ का होगा कायाकल्प, स्व. कल्पनाथ राय को दी श्रद्धांजलि, तालाब के नामकरण की घोषणा – मधुबन बस स्टैंड के निर्माण कार्य का भी किया निरीक्षण

नगर पंचायत कोपागंज (मऊ) में सार्वजनिक तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन संपन्न : ऊर्जा मंत्री ने किया शिलान्यास, 'कल्प सरोवर' का होगा कायाकल्प, स्व. कल्पनाथ राय को दी श्रद्धांजलि, तालाब के नामकरण की घोषणा - मधुबन बस स्टैंड के निर्माण कार्य का भी किया निरीक्षण
नगर पंचायत कोपागंज (मऊ) में सार्वजनिक तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन संपन्न : ऊर्जा मंत्री ने किया शिलान्यास, 'कल्प सरोवर' का होगा कायाकल्प, स्व. कल्पनाथ राय को दी श्रद्धांजलि, तालाब के नामकरण की घोषणा - मधुबन बस स्टैंड के निर्माण कार्य का भी किया निरीक्षण
नगर पंचायत कोपागंज (मऊ) में सार्वजनिक तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन संपन्न : ऊर्जा मंत्री ने किया शिलान्यास, 'कल्प सरोवर' का होगा कायाकल्प, स्व. कल्पनाथ राय को दी श्रद्धांजलि, तालाब के नामकरण की घोषणा - मधुबन बस स्टैंड के निर्माण कार्य का भी किया निरीक्षण
  • ऊर्जा मंत्री ए.के.शर्मा ने कोपागंज के सार्वजनिक तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन किया।
  • तालाब को ‘कल्प सरोवर’ नाम दिया गया, स्व. कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
  • तालाब के कायाकल्प हेतु ₹81 लाख की लागत से सफाई, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य होगा।
  • मंत्री ने निर्माणाधीन मधुबन बस स्टैंड का निरीक्षण कर अधिकारियों को कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
  • ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास हेतु पूरी तरह संकल्पित है।

मऊ/लखनऊ, 06 अगस्त 2025 : उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बुधवार को मऊ जनपद के नगर पंचायत कोपागंज में विकास कार्यों की श्रृंखला में एक अहम कार्यक्रम में भाग लेते हुए सार्वजनिक तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम का आयोजन ऐतिहासिक शिव मंदिर परिसर में किया गया। तालाब के पुनरोद्धार का यह कार्य ₹81 लाख की लागत से किया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री ने इस दौरान कहा कि यह तालाब न केवल ऐतिहासिक महत्व का है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण का प्रेरणास्रोत भी बनेगा। उन्होंने बताया कि इस तालाब की सफाई, मजबूतीकरण, सौंदर्यीकरण तथा जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के माध्यम से इसे एक आदर्श जलस्रोत के रूप में विकसित किया जाएगा।

इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस तालाब का नाम ‘कल्प सरोवर’ रखने की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह नामकरण मऊ जनपद के महान जननेता स्व. कल्पनाथ राय की स्मृति और उनके योगदान को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

समग्र विकास के लिए राज्य सरकार संकल्पित: ए. के. शर्मा

ऊर्जा मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उत्तर प्रदेश के समग्र, संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने बताया कि मऊ जनपद सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, जल संरक्षण, स्वच्छता व आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए योजनाएं लागू की गई हैं।

उन्होंने कहा कि “जनता के विश्वास और सहयोग से हम परंपरागत संसाधनों को फिर से जीवंत कर रहे हैं। तालाब जैसे जल स्रोतों का जीर्णोद्धार न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों को भी मजबूती देता है।”

निर्माणाधीन मधुबन बस स्टैंड का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश

अपने दौरे के दौरान ऊर्जा मंत्री ने निर्माणाधीन मधुबन बस स्टैंड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन व संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बस स्टैंड का कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी भी ली और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी।

इससे पूर्व ऊर्जा मंत्री ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

विशेष उपस्थिति व जन सहभागिता

इस अवसर पर घोसी विधायक सुधाकर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य, नगर पंचायत अध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। लोगों ने मंत्री जी का पुष्पगुच्छ व अंगवस्त्र से स्वागत किया तथा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए उनका आभार प्रकट किया।

ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने अपने समापन भाषण में कहा कि “मऊ जिले के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटल है। हम सुनिश्चित करेंगे कि हर विकास कार्य जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप हो और पारदर्शी तरीके से समय पर पूरा हो। आने वाले समय में कोपागंज जैसे कस्बों को भी हम आधुनिक नगरीय सुविधाओं से युक्त बनाएंगे।”

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विभागीय समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश: किसानों को समय पर मिले खाद-बीज और कृषि उपकरण, बजट व्यय में तेजी लाने पर बल

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विभागीय समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश: किसानों को समय पर मिले खाद-बीज और कृषि उपकरण, बजट व्यय में तेजी लाने पर बल
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विभागीय समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश: किसानों को समय पर मिले खाद-बीज और कृषि उपकरण, बजट व्यय में तेजी लाने पर बल
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विभागीय समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश: किसानों को समय पर मिले खाद-बीज और कृषि उपकरण, बजट व्यय में तेजी लाने पर बल
  • कृषि मंत्री ने किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
  • खाद वितरण में पारदर्शिता के लिए खतौनी के आधार पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा।
  • इस वर्ष खाद की बिक्री में 4.84 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई।
  • अब तक केवल 20% बजट खर्च होने पर अधिकारियों को गति लाने के निर्देश।
  • रबी सीजन की तैयारी व सह-फसली खेती के लिए कार्ययोजना जल्द बनाने के आदेश।

लखनऊ, 6 अगस्त 2025 : प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार को कृषि भवन सभागार में आयोजित विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसानों को समय पर खाद, बीज और कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएं तथा स्वीकृत बजट को पूरी पारदर्शिता और गति के साथ किसानों के हित में खर्च किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

खाद आपूर्ति पर विशेष निगरानी

बैठक में कृषि मंत्री ने उर्वरक (खाद) की आपूर्ति, भंडारण और वितरण की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि हर खाद विक्रय केंद्र पर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और किसानों को केवल खतौनी में दर्ज उनकी भूमि के सापेक्ष ही उर्वरक वितरित किया जाए, जिससे जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

उन्होंने बताया कि विभाग की लगातार आपूर्ति व्यवस्था के चलते इस वर्ष खाद की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष अब तक 26.41 लाख मीट्रिक टन खाद की बिक्री हुई है, जो पिछले वर्ष की 21.57 लाख मीट्रिक टन की बिक्री की तुलना में 4.84 लाख मीट्रिक टन अधिक है।

किसानों को दी सलाह: उर्वरक का संतुलित उपयोग करें

कृषि मंत्री ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि अत्यधिक रासायनिक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि मृदा परीक्षण और जैविक तरीकों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

बजट व्यय में तेजी की जरूरत

कृषि मंत्री ने विभागीय बजट की समीक्षा करते हुए कहा कि अब तक केवल लगभग 20 प्रतिशत बजट ही व्यय हुआ है, जबकि योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन हेतु बजट का पूर्ण और प्रभावी उपयोग आवश्यक है। जिन अधिकारियों का प्रदर्शन असंतोषजनक पाया गया है उन्हें कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने अधिकारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए ब्रेन स्टॉर्मिंग कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव भी दिया, जिससे योजनाओं की समझ और क्रियान्वयन क्षमता में सुधार लाया जा सके।

रबी सीजन की तैयारी अभी से शुरू हो

आगामी रबी सीजन को लेकर कृषि मंत्री ने अभी से तैयारियां प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने गन्ना विभाग के साथ समन्वय बनाकर गन्ना, मक्का, चना, मटर, अलसी, मसूर और सरसों जैसी फसलों की सह-फसली खेती को बढ़ावा देने की कार्ययोजना तैयार करने का आदेश दिया।

फार्म स्कूल के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण

उन्होंने निर्देश दिया कि फार्म स्कूल के अंतर्गत किसानों को नवीन कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण कार्यशालाओं में कम से कम 25 किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और हर कार्यशाला की वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी की जाए ताकि कार्यों का प्रामाणिक दस्तावेज तैयार किया जा सके।

धान की बुवाई में अब तक की स्थिति

कृषि मंत्री ने आच्छादन की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक 6741.954 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की बुवाई की जा चुकी है। यह संकेत करता है कि किसान इस वर्ष खरीफ फसलों को लेकर सजग और सक्रिय हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव कृषि श्री रवीन्द्र, सचिव कृषि श्री इन्द्र विक्रम सिंह, विशेष सचिव श्री टी.के. शिबू, विशेष सचिव श्री ओ.पी. वर्मा, निदेशक कृषि डॉ. पंकज कुमार त्रिपाठी और निदेशक सांख्यकीय श्रीमती सुमिता सिंह सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के उत्तरी जोन के भिठौली चौराहे पर चला सघन चेकिंग अभियान: डग्गामार बसों और अवैध वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो बसों के साथ ही एक मैजिक वाहन भी सीज, 50 चालान

पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के उत्तरी जोन के भिठौली चौराहे पर चला सघन चेकिंग अभियान: डग्गामार बसों और अवैध वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो बसों के साथ ही एक मैजिक वाहन भी सीज, 50 चालान
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के उत्तरी जोन के भिठौली चौराहे पर चला सघन चेकिंग अभियान: डग्गामार बसों और अवैध वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो बसों के साथ ही एक मैजिक वाहन भी सीज, 50 चालान
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के उत्तरी जोन के भिठौली चौराहे पर चला सघन चेकिंग अभियान: डग्गामार बसों और अवैध वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो बसों के साथ ही एक मैजिक वाहन भी सीज, 50 चालान
  • लखनऊ के भिठौली चौराहे पर बुधवार को चला ट्रैफिक पुलिस का सघन चेकिंग अभियान।
  • बिना परमिट और नियमों के उल्लंघन पर दो डग्गामार बसें व एक मैजिक वाहन सीज।
  • 50 से अधिक वाहनों पर यातायात नियमों के उल्लंघन में चालान की कार्रवाई।
  • अभियान का नेतृत्व एसीपी ट्रैफिक राधा रमण सिंह ने किया, टीम में टीआई और टीएसआई भी रहे शामिल।
  • एसीपी बोले – यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए इस तरह की कार्रवाइयाँ लगातार जारी रहेंगी।

लखनऊ, 6 अगस्त 2025 | संवाददाता – True News Up : राजधानी लखनऊ की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस ने सीतापुर रोड स्थित भिठौली चौराहा पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व एसीपी ट्रैफिक राधा रमण सिंह ने किया। उनके साथ टीआई विजय सिंह व टीएसआई अभयनंदन के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस की विशेष टीम मौजूद रही, जिन्होंने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने खास तौर पर उन वाहनों को चिन्हित किया जो डग्गामार (बिना वैध परमिट के संचालन करने वाली) श्रेणी में आते हैं और निर्धारित मार्ग से हटकर यात्रियों को ढोने का कार्य कर रहे थे। जांच के दौरान दो डग्गामार बसों को पकड़ कर सीज कर दिया गया, जो न तो परिवहन विभाग के मानकों का पालन कर रही थीं और न ही यातायात के निर्देशों का। इसके अलावा एक अवैध रूप से संचालित मैजिक वाहन को भी सीज किया गया।

साथ ही इस चेकिंग के दौरान करीब 50 अन्य वाहनों का चालान काटा गया। इनमें दोपहिया, चारपहिया और व्यावसायिक वाहन शामिल थे जो विभिन्न प्रकार के यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए — जैसे कि बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, प्रदूषण प्रमाण पत्र की अनुपस्थिति, बीमा व कागजात की कमी आदि।

एसीपी ट्रैफिक राधा रमण सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह अभियान केवल जुर्माने या कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे मुख्य उद्देश्य लखनऊ की सड़कों पर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित, अनुशासित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो वाहन बिना परमिट, निर्धारित रूट से बाहर या ओवरलोडिंग के साथ चल रहे हैं, उन पर भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के अभियान आगे भी विभिन्न चौराहों और मार्गों पर लगातार चलाए जाएंगे, जिससे नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों में भय उत्पन्न हो और वे यातायात नियमों के प्रति अधिक सजग रहें।

चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने आम नागरिकों को भी यातायात नियमों के पालन की समझाइश दी और सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया। नागरिकों को यह भी बताया गया कि वे अपने वाहन से संबंधित सभी वैध कागजात साथ रखें और ट्रैफिक नियमों का पूर्ण पालन करें, जिससे वे स्वयं भी सुरक्षित रहें और अन्य लोगों की सुरक्षा में भी सहयोग दें।

यह अभियान प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है, जो आगे चलकर शहर में बढ़ते वाहन दबाव, दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम की समस्याओं को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

योगी सरकार ने प्रदेश की निराश्रित महिलाओं को दिया रक्षाबंधन और जन्माष्टमी का तोहफा

योगी सरकार ने प्रदेश की निराश्रित महिलाओं को दिया रक्षाबंधन और जन्माष्टमी का तोहफा
योगी सरकार ने प्रदेश की निराश्रित महिलाओं को दिया रक्षाबंधन और जन्माष्टमी का तोहफा
योगी सरकार ने प्रदेश की निराश्रित महिलाओं को दिया रक्षाबंधन और जन्माष्टमी का तोहफा
  • योगी सरकार ने 36 लाख से अधिक निराश्रित महिलाओं के खाते में भेजी ₹1115.64 करोड़ की पेंशन राशि
  • सीएम योगी के निर्देश पर त्योहारों के मद्देनजर समय के पहले निराश्रित महिलाओं को मिली दूसरी तिमाही की पेंशन राशि
  • वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में योजना के तहत 35 लाख से अधिक लाभार्थी महिलाओं को मिल चुकी है पेंशन की राशि
  • पात्र महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर समय पर प्राप्त कर सकती हैं पेंशन की राशि
  • महिलाओं की सामाजिक समानता और सम्मान को बढ़ावा दे रही योगी सरकार

लखनऊ, 06 अगस्त 2025 : योगी सरकार ने रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर से पहले निराश्रित महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप, महिला कल्याण विभाग ने पति की मृत्यु उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) की ₹1115.64 करोड़ की धनराशि अगस्त के पहले सप्ताह में ही 36,75,623 लाभार्थी महिलाओं के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में पीएफएमएस के माध्यम से हस्तांतरित कर दी है। जिससे उन्हें त्योहारों को हर्षोल्लास के साथ मनाने में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

निराश्रित महिला पेंशन योजना महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम

महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित पति की मृत्यु उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की ऐसी महिलाएं, जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है, उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हैं और जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय ₹2 लाख से अधिक नहीं है, उनको प्रतिमाह ₹1000 की पेंशन प्रदान की जाती है। योजना की पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके इसके लिए पेंशन की राशि सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है।

त्योहारों के मद्देनजर योगी सरकार ने समय के पहले भेजी पेंशन की राशि

वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में इस योजना के तहत 35,78,111 लाभार्थी महिलाओं को ₹1062.15 करोड़ की धनराशि प्रदान की गई थी। दूसरी तिमाही में सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए 36,75,623 महिलाओं को ₹1115.64 करोड़ की राशि अगस्त के पहले सप्ताह में ही हस्तांतरित कर दी। यह कदम रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे पर्वों से पहले महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, ताकि वे अपने परिवार के साथ उत्सव को पूरे उत्साह के साथ मना सकें।

महिला कल्याण विभाग की निदेशक संदीप कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पेंशन की राशि समय से पहले हस्तांतरित की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि कोई भी पात्र महिला इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।

ऑनलाइन आवेदन कर पेंशन का लाभ प्राप्त कर सकती हैं पात्र महिलाएं

निदेशक ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश की निवासी महिलाएं sspy-up.gov.in वेब पोर्टल के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। यह डिजिटल पहल पारदर्शिता और सुगमता को बढ़ावा देती है, जिससे पात्र महिलाएं बिना किसी बाधा के योजना का लाभ उठा सकती हैं। महिला कल्याण विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आवेदनों की जांच त्वरित और निष्पक्ष तरीके से हो, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो सकें।

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लखनऊ: “वन्डर बाक्स आधारित क्षमता संवर्धन” विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन, सुशासन पर भी दिया गया विशेष प्रशिक्षण

लखनऊ: "वन्डर बाक्स आधारित क्षमता संवर्धन" विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन, सुशासन पर भी दिया गया विशेष प्रशिक्षण
लखनऊ: "वन्डर बाक्स आधारित क्षमता संवर्धन" विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन, सुशासन पर भी दिया गया विशेष प्रशिक्षण
लखनऊ: "वन्डर बाक्स आधारित क्षमता संवर्धन" विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन, सुशासन पर भी दिया गया विशेष प्रशिक्षण
  • बख्शी का तालाब स्थित संस्थान में वन्डर बाक्स आधारित क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
  • उप मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बच्चों की शिक्षा को नया दृष्टिकोण देने की पहल की गई।
  • कार्यक्रम में सुशासन विषय पर भी विशेषज्ञों ने विचार प्रस्तुत किए।
  • बच्चों की उम्र अनुसार शिक्षा की पद्धति पर शिक्षाविदों ने गहन विश्लेषण किया।
  • महानिदेशक ने गुरुकुल परंपरा की उपयोगिता को आज के संदर्भ में सार्थक बताया।

लखनऊ, 6 अगस्त 2025 : दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सतत् प्रशासनिक दक्षता और नवाचार आधारित क्षमता निर्माण के उद्देश्य से दो दिवसीय “वन्डर बाक्स आधारित क्षमता संवर्धन” विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व और निर्देशन में यह आयोजन संस्थान के महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू के संरक्षण तथा अपर निदेशक श्री सुबोध दीक्षित के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य

यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 4 और 5 अगस्त 2025 को आयोजित किया गया, जिसमें प्राथमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से विभिन्न सरकारी, अर्धसरकारी विभागों, स्वैच्छिक संस्थाओं तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के लिए उपयोगी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समृद्ध “वन्डर बाक्स” के माध्यम से शिक्षण विधियों से परिचित कराना था।

साथ ही 5 से 7 अगस्त तक ‘गुड गवर्नेंस’ विषय पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें शासन व्यवस्था की पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और सहभागिता जैसे प्रमुख पहलुओं पर फोकस किया जा रहा है।

विशिष्ट वक्ताओं ने रखे विचार

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रबुद्ध विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किए।

  • उमेश चन्द्र जोशी, सलाहकार एवं राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार ने सुशासन प्रणाली में सहभागिता, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मूलभूत तत्वों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।
  • उन्होंने प्रशिक्षण की प्रभावी प्रक्रिया “सिस्टेमेटिक एप्रोच टू ट्रेनिंग” (SAT) तथा वयस्क शिक्षा और व्यवहार शास्त्र पर भी गहन व्याख्यान प्रस्तुत किया।

डा. किशनवीर सिंह शाक्य, प्रख्यात शिक्षाविद और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व वरिष्ठ सदस्य ने “वन्डर बाक्स” की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों की सीखने की क्षमता तीव्र होती है, अतः उन्हें सहज और सरल ज्ञानवर्धक उपकरणों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।

वरुण विद्यार्थी, मानवोदय सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष ने बाल मानसिकता, माता-पिता की चुनौतियों और परिवारिक परिवेश के प्रभाव पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बालकेंद्री शिक्षण में सहयोगी और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया।

महानिदेशक का प्रेरणादायी संदेश

कार्यक्रम के समापन पर संस्थान के महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा की उपयोगिता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा संचालित गुरुकुल व्यवस्था न केवल ज्ञान, बल्कि नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक सेवा की प्रेरणा भी देती थी।”

प्रशासनिक सहयोग और संचालन

कार्यक्रम का संचालन डा. नवीन कुमार सिन्हा द्वारा किया गया तथा उप निदेशक डॉ. बी. एल. मौर्य ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों और संस्थान के अधिकारियों का आभार प्रकट किया।

इस आयोजन में सफल प्रबंधन और आयोजन हेतु सहायक निदेशक डॉ. राजकिशोर यादव, डॉ. वरुण चतुर्वेदी, डॉ. शिव बचन सिंह यादव, मोहित यादव, विनीता सिंह, उपेन्द्र कुमार दूबे एवं मोहम्मद शहंशाह की सराहनीय भूमिका रही।