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NSA अजीत डोभाल और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात पर रूस का बयान – “दोस्ती का रिश्ता निभाया साबित”

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने गुरुवार (7 अगस्त, 2025) को मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात की. इस दौरान भारत और रूस ने एक-दूसरे के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया.

एनएसए अजीत डोभाल की रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ यह मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी तेल खरीदने के लेकर भारत पर लगाए गए 25 परसेंट टैरिफ को दोगुना करने की घोषणा के एक दिन बाद हुई है. अजीत डोभाल की यह रूस यात्रा पहले से तय थी और इसमें उन्होंने रूस के नेतृत्व के साथ दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की.

भारतीय एनएसए अजीत डोभाल ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से क्रेमलिन में मुलाकात की, इससे पहले डोभाल ने रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु के साथ व्यापक रूप से चर्चा की. चर्चा के दौरान डोभाल और शोइगु ने वैश्विक मंच पर बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच भारत और रूस के अत्यंत विशेष संबंध के महत्व पर जोर दिया, जो ट्रंप प्रशासन की नीतियों से उत्पन्न उथल-पुथल की ओर स्पष्ट संकेत था.

हम अपनी साझेदारी को देते हैं महत्व- डोभाल

एनएसए अजीत डोभाल ने कहा, “हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं. आपने (शोइगु) सही कहा कि दुनिया इस वक्त एक बहुत ही उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रही है. इस दौरान कई अनिश्चितताएं हैं, कुछ अनजानी परिस्थितियां हैं और ऐसे वातावरण में हमारी पुरानी रणनीतिक और विशेषाधिकार हासिल की हुई साझेदारी की एक बहुत विशेष भूमिका है.”

सर्गेई शोइगु ने भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने को बताया प्राथमिकता

इस पर रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु ने कहा, “रूस और भारत के बीच मजबूत और समय की कसौटी पर खरा उतरा दोस्ती का रिश्ता है और मॉस्को के लिए भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है, जो आपसी सम्मान, भरोसा, एक-दूसरे के हितों की समान रूप से समझ और एक एजेंडे को आगे बढ़ाने की इच्छा पर आधारित है.

उन्होंने कहा, “हम एक नए और टिकाऊ विश्व की व्यवस्था के निर्माण, अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन को सुनिश्चित करने और सभी आधुनिक चुनौतियों और खतरों का संयुक्त रूप से मुकाबला करने के लिए सक्रिय सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

DGP, उत्तर प्रदेश पुलिस और I4C के बीच साइबर अपराध पर उच्च स्तरीय बैठक, राज्य स्तर पर विशेष केंद्र स्थापित करने की योजना

DGP, उत्तर प्रदेश पुलिस और I4C के बीच साइबर अपराध पर उच्च स्तरीय बैठक, राज्य स्तर पर विशेष केंद्र स्थापित करने की योजना
DGP, उत्तर प्रदेश पुलिस और I4C के बीच साइबर अपराध पर उच्च स्तरीय बैठक, राज्य स्तर पर विशेष केंद्र स्थापित करने की योजना
DGP, उत्तर प्रदेश पुलिस और I4C के बीच साइबर अपराध पर उच्च स्तरीय बैठक, राज्य स्तर पर विशेष केंद्र स्थापित करने की योजना
  • उत्तर प्रदेश पुलिस और I4C के बीच साइबर अपराध पर अहम बैठक हुई।
  • राज्य में साइबर अपराध रोकने के लिए विशेष केंद्र स्थापित करने की योजना।
  • शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को डिजिटल और त्वरित बनाने पर जोर।
  • पुलिस कर्मियों को साइबर अपराध प्रशिक्षण देने की तैयारी।
  • जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को साइबर सुरक्षा से अवगत कराया जाएगा।
DGP, उत्तर प्रदेश पुलिस और I4C के बीच साइबर अपराध पर उच्च स्तरीय बैठक, राज्य स्तर पर विशेष केंद्र स्थापित करने की योजना
DGP, उत्तर प्रदेश पुलिस और I4C के बीच साइबर अपराध पर उच्च स्तरीय बैठक, राज्य स्तर पर विशेष केंद्र स्थापित करने की योजना

लखनऊ, 07 अगस्त 2025 — उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए मंगलवार को राजधानी लखनऊ के पुलिस मुख्यालय (सिग्नेचर बिल्डिंग, गोमतीनगर विस्तार) में एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्णा ने की, जिसमें भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के वरिष्ठ अधिकारी और अपर पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) सहित कई उच्च पदस्थ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का उद्देश्य राज्य और केंद्र सरकार के बीच साइबर अपराध के खिलाफ समन्वित प्रयासों को मजबूत करना, नागरिकों को राहत पहुंचाना, और साइबर अपराध की रोकथाम के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाना था।

बैठक में उठाए गए प्रमुख बिंदु

संस्थागत और प्रशासनिक पहल

  • उत्तर प्रदेश में एक विशेष साइबर क्राइम नियंत्रण केंद्र की स्थापना पर सहमति बनी, जो राज्यभर में साइबर अपराधों की रोकथाम, जांच और निगरानी में अहम भूमिका निभाएगा।
  • महिलाओं और बच्चों से संबंधित साइबर अपराधों की अलग से निगरानी के लिए विशेष विंग के गठन पर भी चर्चा हुई।
  • नागरिकों की साइबर शिकायतों को सरल, डिजिटल और त्वरित पद्धति से दर्ज करने की प्रक्रिया विकसित करने की योजना सामने आई।
  • तकनीकी रूप से दक्ष और विशेष प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों की तैनाती का खाका भी तैयार किया गया।

सेवा व्यवस्था और शिकायत निवारण में सुधार

  • शिकायतों की रिकॉर्डिंग, निगरानी और समाधान के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया।
  • जिलों में आने वाली शिकायतों की गुणवत्ता, गंभीरता और समयबद्ध निपटान के लिए अलग निगरानी इकाई स्थापित करने का सुझाव दिया गया।
  • ठगी या धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को राहत देने हेतु त्वरित कार्रवाई और धनवापसी के लिए प्रक्रिया विकसित करने पर भी विचार हुआ।

नागरिक सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन

  • प्रदेश में साइबर ठगी के अधिक प्रभावित क्षेत्रों (हॉटस्पॉट) की पहचान कर वहां विशेष सतर्कता और कार्रवाई की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
  • वित्तीय ठगी के मामलों में पीड़ितों की धनवापसी सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित टीम गठित करने का प्रस्ताव सामने आया।

पुलिस प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण

  • प्रदेश के समस्त पुलिस बल को साइबर अपराध की पहचान, रोकथाम और वैज्ञानिक जांच पद्धतियों का प्रशिक्षण देने की योजना तैयार की गई।
  • यह प्रशिक्षण नए नियुक्त पुलिसकर्मियों के साथ-साथ वर्तमान में कार्यरत अधिकारियों के लिए भी समान रूप से आयोजित किया जाएगा।

जन-जागरूकता और संवाद कार्यक्रम

  • प्रत्येक जिले में साइबर जागरूकता अभियान शुरू करने पर सहमति बनी, जिसमें पोस्टर, वीडियो, पंचायत स्तर पर शिविर, स्कूलों और कॉलेजों में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
  • उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे साइबर सुरक्षा अभियानों से जोड़ने की दिशा में भी योजना पर विचार हुआ।

तीन स्तंभों पर आधारित साइबर रणनीति

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर कार्य करना होगा:

  1. अपराध की त्वरित पहचान और तकनीकी निगरानी के माध्यम से रोकथाम
  2. पुलिस बल को तकनीकी रूप से तैयार और प्रशिक्षित बनाना
  3. नागरिकों के बीच व्यापक जागरूकता और संवाद कायम करना

राज्य और केंद्र के बीच समन्वय पर विशेष बल

राज्य और केंद्र दोनों ही पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि साइबर अपराध जैसी आधुनिक और गंभीर चुनौती से निपटने के लिए निरंतर संवाद, सूचनाओं का आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। यह साझेदारी न केवल उत्तर प्रदेश को साइबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएगी, बल्कि अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में कार्य करेगी।

इस बैठक में I4C के CEO राजेश कुमार एवं श्रीमती रूपा.एम. IG threat analytics unit सम्मिलित हुए।

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) भारत सरकार के गृह मंत्रालय की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देश में साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक रूप से निपटना है।

I4C का मुख्य फोकस नागरिकों से संबंधित साइबर अपराध से जुड़े सभी पहलुओं को प्रभावी ढंग से संभालना है, जिसमें विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, साइबर अपराध से निपटने की भारत की समग्र क्षमता को सुदृढ़ करना, तथा नागरिकों की संतुष्टि के स्तर को बढ़ाना शामिल है।

जनवरी 2020 में स्थापना के पश्चात से यह केंद्र देश की सामूहिक साइबर अपराध निवारण क्षमता को सशक्त करने तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने की दिशा में सतत कार्य कर रहा है।

LUCKNOW: प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के आठ मार्गों का किया लोकार्पण, बोले – लखनऊ का हो रहा है सर्वांगीण विकास, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास सराहनीय

  • प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 8 सड़कों का लोकार्पण किया।
  • कुल 6.660 किमी लंबाई के इन मार्गों पर ₹429.17 लाख की लागत से विशेष मरम्मत कार्य हुआ।
  • इन मार्गों से क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा और सुगम यातायात मिलेगा।
  • मंत्री ने लखनऊ के विकास में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के योगदान को सराहा।
  • खन्ना ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था व इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है।

लखनऊ, 07 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा लखनऊ जनपद के प्रभारी मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आठ सड़कों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षदों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।

लोकार्पित किए गए यह सभी मार्ग राज्य सड़क निधि के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा विशेष मरम्मत योजना के तहत तैयार किए गए हैं। कुल 6.660 किलोमीटर की लंबाई वाले इन आठ मार्गों पर 429.17 लाख रुपये की लागत आई है। यह सभी सड़कें लंबे समय से जर्जर अवस्था में थीं, जिससे आवागमन में कठिनाई हो रही थी। अब इनके निर्माण से स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।

लोकार्पण किए गए आठ प्रमुख मार्ग:

  1. राजाजीपुरम – बाबा की बगिया से बिस्मिल पार्क होते हुए घंटेश्वर मंदिर से सेठी क्लीनिक तक मार्ग।
  2. सोनापुरम रेलवे क्रॉसिंग से राजकुमार चिल्ड्रन एकेडमी तक मार्ग।
  3. हनुमान मंदिर के पीछे से अंजना शाहू अस्पताल तक सड़क।
  4. रामजानकी गेस्ट हाउस से प्रमोद सिंह के मकान तक सड़क।
  5. राम बिहार कॉलोनी – अनिल मौर्या से बाबूलाल के मकान होते हुए पुष्कर सिंह के घर तक मार्ग।
  6. शीतलापुरम – चंदभान सिंह से उत्सव मैरिज हॉल होते हुए अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह और फिर कृष्णा पब्लिक स्कूल तक सड़क।
  7. डॉ. सुनील के मकान से कृष्णा पब्लिक स्कूल तक मार्ग।
  8. पुराने थाने से आवासीय स्कूल तक सड़क।

लखनऊ के कायाकल्प का परिणाम हैं ये विकास कार्य

इस मौके पर संबोधन देते हुए मंत्री सुरेश खन्ना ने रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह को लखनऊ के समग्र विकास के लिए विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि “जब से राजनाथ सिंह जी लखनऊ के सांसद बने हैं, तबसे उन्होंने लखनऊ के कायाकल्प में कोई कसर नहीं छोड़ी है। चाहे वो रोड हो, फ्लाईओवर हो या कोई अन्य अवस्थापना विकास कार्य, सभी में उन्होंने विशेष रुचि दिखाई है।”

खन्ना ने कहा कि लखनऊ के हर क्षेत्र को सजाने और संवारने में सांसद राजनाथ सिंह की अहम भूमिका रही है। उन्होंने ‘किसान पथ’ के निर्माण को लखनऊ के लिए एक “विशेष उपहार” करार दिया, जिससे लखनऊ ही नहीं, अन्य जिलों से आने वाले यात्रियों को भी आवागमन में अत्यधिक सुविधा मिली है।

उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद

मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं का तीव्र विकास हो रहा है। बेहतर कानून व्यवस्था और मजबूत आधारभूत संरचना के चलते उत्तर प्रदेश अब निवेशकों की पहली पसंद बन गया है।

उन्होंने लखनऊ के नागरिकों से आग्रह किया कि वे नगर को स्वच्छता के क्षेत्र में नम्बर वन बनाने में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा, “लखनऊवासियों के सहयोग से हम स्वच्छता में भी अव्वल आ सकते हैं।”

स्थानीय जनता ने जताया आभार

इन सड़कों के लोकार्पण पर स्थानीय नागरिकों ने सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्षों से खराब पड़ी इन सड़कों के सुधरने से अब उनका दैनिक जीवन सुगम होगा। व्यापारियों और विद्यार्थियों के लिए यह मार्ग विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होंगे।

गृह मंत्री अमित शाह के ऐतिहासिक कार्यकाल पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने दी बधाई

  • मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अमित शाह को दिल्ली में भेंट कर ऐतिहासिक कार्यकाल पर बधाई दी।
  • उन्होंने कहा कि गृहमंत्री के निर्णय भारत की सुरक्षा व्यवस्था में मील का पत्थर हैं।
  • अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को मुख्यधारा से जोड़ना एक साहसिक कदम बताया।
  • आतंकवाद, नक्सलवाद और संगठित अपराध पर कड़ी कार्रवाई को सराहा गया।
  • गृह मंत्रालय को राष्ट्र की धड़कन बनाने हेतु अमित शाह के प्रयासों को ऐतिहासिक कहा।

नई दिल्ली/लखनऊ, 07 अगस्त 2025 | संवाददाता – True News Up : देश की आंतरिक सुरक्षा, अखंडता और राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती देने वाले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को उनके ऐतिहासिक और निर्णायक गृहमंत्री कार्यकाल पर बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और मुजफ्फरनगर से विधायक कपिल देव अग्रवाल ने दिल्ली में भेंट कर शुभकामनाएं और बधाई दी।

राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि अमित शाह का अब तक का 2,259 दिवसीय गृहमंत्री कार्यकाल भारतीय प्रशासनिक, सुरक्षा और राजनीतिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यकाल केवल अवधि की दृष्टि से ही ऐतिहासिक नहीं है, बल्कि अपने फैसलों, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण के चलते यह कालखंड भारत की आंतरिक सुरक्षा संरचना का कायाकल्प करने वाला साबित हुआ है।

मंत्री अग्रवाल ने विशेष रूप से अनुच्छेद 370 के ऐतिहासिक उन्मूलन का उल्लेख करते हुए कहा कि अमित शाह ने जिस साहसिक निर्णय से जम्मू-कश्मीर को भारत की मुख्यधारा से जोड़ा, वह भारत की एकता और अखंडता की दिशा में एक निर्णायक कदम था। इसके साथ ही आतंकवाद, नक्सलवाद और संगठित अपराध पर जिस प्रकार उन्होंने सख्ती से कार्यवाही की, वह भारत के सुरक्षा तंत्र को नए आत्मविश्वास से भरने वाला था।

उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा को लेकर गृहमंत्री की रणनीति ने भारत की रक्षा नीति को एक नई धार दी है। खुफिया तंत्र के आधुनिकीकरण से लेकर सुरक्षा बलों को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस करने तक, हर स्तर पर उनका दृष्टिकोण राष्ट्रहित में रहा है।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अमित शाह को केवल एक गृह मंत्री नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी राष्ट्र नेता बताया जिनकी तेज निर्णय क्षमता, संगठनात्मक समझ और प्रशासनिक दक्षता के चलते आज भारत एक सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमित शाह ने गृह मंत्रालय को केवल एक मंत्रालय न रहने देकर, उसे देश की सुरक्षा और राष्ट्रवाद की धड़कन बना दिया है।

राज्यमंत्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि राष्ट्रहित, समर्पण और कार्यकुशलता के ऐसे प्रतीक नेता पर देश को गर्व है। उनका कार्यकाल न केवल संख्यात्मक दृष्टि से लंबा रहा है, बल्कि वह भारत की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय अखंडता का सशक्त प्रतीक बन चुका है।

अंत में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि वे स्वयं और देश के करोड़ों नागरिक अमित शाह के इस प्रेरणादायी नेतृत्व से ऊर्जा प्राप्त करते हुए भारत को और अधिक सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं।

लखनऊ भाजपा कार्यालय में ‘अटल कल्याण सभागार’ का हुआ भव्य शिलान्यास, डॉ.राजेश्वर सिंह ने कहा– विचारधारा का सशक्त केंद्र बनेगा यह सभागार

लखनऊ भाजपा कार्यालय में ‘अटल कल्याण सभागार’ का हुआ भव्य शिलान्यास, डॉ.राजेश्वर सिंह ने कहा– विचारधारा का सशक्त केंद्र बनेगा यह सभागार
लखनऊ भाजपा कार्यालय में ‘अटल कल्याण सभागार’ का हुआ भव्य शिलान्यास, डॉ.राजेश्वर सिंह ने कहा– विचारधारा का सशक्त केंद्र बनेगा यह सभागार
लखनऊ भाजपा कार्यालय में ‘अटल कल्याण सभागार’ का हुआ भव्य शिलान्यास, डॉ.राजेश्वर सिंह ने कहा– विचारधारा का सशक्त केंद्र बनेगा यह सभागार
  • लखनऊ भाजपा कार्यालय में ‘अटल कल्याण सभागार’ का विधिवत भूमिपूजन एवं शिलान्यास हुआ।
  • विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इसे संगठन विस्तार और विचारधारा का सशक्त केंद्र बताया।
  • रघुनाथ एकेडमी को 10 कंप्यूटर भेंट कर डिजिटल लैब की स्थापना की घोषणा की गई।
  • डॉ. सिंह ने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर मानवीय संवेदना प्रकट की।
  • भाजपा कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के स्वास्थ्य की जानकारी लेकर व्यक्तिगत रूप से साथ निभाया।

लखनऊ, 7 अगस्त 2025 (True News Up ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर द्वारा बुधवार को एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘अटल कल्याण सभागार’ के शिलान्यास समारोह का आयोजन पार्टी के लखनऊ महानगर कार्यालय में किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष त्रयंबक त्रिपाठी, प्रदेश महामंत्री संजय राय, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, महापौर सुषमा खर्कवाल सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी, विधायक, पार्षदगण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी कार्यक्रम में भाग लेते हुए अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने ‘अटल कल्याण सभागार’ की स्थापना को संगठन विस्तार की दिशा में एक सशक्त, दूरदर्शी और वैचारिक पहल बताया।

“संगठन की आत्मा है विचारधारा” – डॉ. राजेश्वर सिंह

अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यालय केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि सेवा, संवाद और संगठन के भावनात्मक जुड़ाव का केंद्र होता है। ‘अटल कल्याण सभागार’ उसी भावना को मूर्त रूप देगा। उन्होंने कहा—

“यह सभागार भाजपा की विचारधारा, सेवा भाव और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का जीवंत प्रतीक बनेगा। यह प्रशिक्षण, संवाद और कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन का ऐसा मंच होगा जो आने वाले वर्षों में संगठन की शक्ति को और अधिक ऊर्जा प्रदान करेगा।”

डॉ. सिंह ने लखनऊ महानगर इकाई की इस पहल की सराहना करते हुए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सभागार अटल जी की स्मृतियों, उनकी नीति और नेतृत्व के आदर्शों को जीवित रखने वाला एक प्रेरणादायक केंद्र साबित होगा

संगठनात्मक शक्ति का नया केंद्र बनेगा ‘अटल कल्याण सभागार’

इस सभागार की परिकल्पना भाजपा के दिवंगत नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों से प्रेरित है। इसका उद्देश्य संगठन के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देना, वैचारिक मंथन करना और समाज के विविध वर्गों से संवाद स्थापित करना है। यहां सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन होगा, जिससे भाजपा की जमीन से जुड़ी राजनीति और सेवाभावी कार्यशैली को और मजबूती मिलेगी।

एक दिन में कई मोर्चों पर सक्रिय दिखे डॉ. राजेश्वर सिंह – सामाजिक सरोकार, संवेदना, शिक्षा और संगठन को दी ऊर्जा

भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की सक्रियता केवल संगठन तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने दिन भर में शैक्षिक, पारिवारिक और मानवीय मोर्चों पर भी भागीदारी निभाई। आइए क्रमबद्ध रूप से देखें उनकी दिनभर की व्यस्तताओं को

रघुनाथ एकेडमी को भेंट किए 10 कंप्यूटर, डिजिटल लैब की स्थापना का किया शुभारंभ

डॉ. सिंह ने बुधवार को श्री रघुनाथ एकेडमी (सरोजनीनगर) में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल की। उन्होंने स्कूल में 10 कंप्यूटर भेंट किए और एक डिजिटल लैब की स्थापना का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर विद्यालय के संस्थापक डॉ. जय सिंह चौहान को राम दरबार की प्रतिमा भेंट करते हुए उन्होंने कहा—

“डिजिटल इंडिया के युग में हमें बच्चों को आधुनिक संसाधनों से लैस करना होगा। यह डिजिटल लैब सरोजनीनगर के बच्चों के लिए तकनीकी शिक्षा का प्रवेशद्वार बनेगा।”

उन्होंने डॉ. चौहान के शैक्षणिक योगदान की भी सराहना की और उन्हें निरंतर प्रेरणास्रोत बताया।

दुःख की घड़ी में भी रहे साथ – परिवारजनों से की मुलाकात

● भूपेंद्र शर्मा के यहां दोहरे शोक पर पहुंचे सांत्वना देने

भाजपा नेता भूपेंद्र शर्मा के पिता व बहू का निधन हो गया। डॉ. राजेश्वर सिंह उनके आवास पर पहुंचे और परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को धैर्य रखने की सलाह दी और कहा कि—“इस कठिन घड़ी में संगठन और हम सभी आपके साथ खड़े हैं।”

● वरिष्ठ नेता भुवनेन्द्र सिंह ‘मुन्ना’ के स्वास्थ्य की जानकारी ली

वरिष्ठ भाजपा नेता भुवनेन्द्र सिंह ‘मुन्ना’ के अस्वस्थ होने की जानकारी मिलते ही डॉ. राजेश्वर सिंह उनके आवास पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। डॉ. सिंह ने यह भी आश्वस्त किया कि हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी।

● लवकुश रावत के पिता के निधन पर शांति पाठ में हुए शामिल

पार्षद प्रतिनिधि लवकुश रावत के पिताजी के निधन पर आयोजित शांति पाठ में डॉ. सिंह ने भाग लिया। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया।

● वरिष्ठ पत्रकार आशीष सिंह की माता जी को अर्पित की श्रद्धांजलि

वरिष्ठ पत्रकार आशीष सिंह की माता जी के निधन की सूचना पर डॉ. सिंह बंथरा स्थित आवास पर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिजनों से मिलकर कहा कि—

“आपकी पीड़ा हमारी साझा पीड़ा है। परिवार के हर सदस्य के साथ हम खड़े हैं।”

समाज सेवा और मानवीय मूल्यों की मिसाल हैं डॉ. राजेश्वर सिंह

डॉ. राजेश्वर सिंह केवल एक विधायक नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खड़े रहने वाले एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि हैं। चाहे संगठनात्मक गतिविधि हो, शिक्षा का संवर्धन हो या दुख-सुख में भागीदारी—वह हर भूमिका में निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं

लखनऊ महानगर भाजपा द्वारा ‘अटल कल्याण सभागार’ की स्थापना संगठन की वैचारिक और बौद्धिक यात्रा का एक ऐतिहासिक अध्याय है। वहीं, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के दिनभर के कार्यक्रम यह स्पष्ट करते हैं कि एक जनप्रतिनिधि की भूमिका केवल विधानसभा तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह समाज के हर वर्ग, हर व्यक्ति के सुख-दुख का सहभागी होता है।

संगठन, सेवा और संवेदना – तीनों को साथ लेकर चलने वाला नेतृत्व आज सरोजनीनगर की पहचान बन चुका है।