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Health Tips:नाक बंद और चेहरे में दर्द से हैं परेशान? साइनस से राहत दिलाने वाले ये हैं प्रभावी घरेलू नुस्खे

साइनस इन्फेक्शन यानी साइनसाइटिस एक आम समस्या है, जिसमें नाक बंद होना, चेहरे में दबाव महसूस होना और बलगम जम जाना जैसी दिक्कतें होती है. आमतौर पर यह समस्या कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है,लेकिन अगर लक्षण लगातार बने रहे या बिगड़ते जाए तो इलाज की जरूरत पड़ सकती है. अच्छी बात यह है कि कुछ घरेलू उपाय ऐसे होते हैं जिन से साइनस के लक्षणों से राहत मिल सकती है और इम्यून सिस्टम को भी सपोर्ट किया जा सकता है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि साइनस इन्फेक्शन से राहत कैसे पा सकते हैं उसके घरेलू उपाय क्या-क्या है.

नाक को साफ रखने के लिए करें नेजल इरिगेशन

नेटी पॉट सलाइन स्प्रे या स्क्विज बॉतल की मदद से नाक की सफाई करने पर जमी हुई गंदगी, बलगम और एलरर्जन बाहर निकल जाते हैं. इससे तुरंत राहत मिलती है. इसके लिए उपला हुआ स्टरलाइज्ड पानी, बिना आयोडीन वाला नमक और थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाकर सलाइन सॉल्यूशन तैयार किया जा सकता है. ध्यान रखें कि इस्तेमाल के बाद उपकरणों को अच्छे से साफ करना जरूरी है.

स्टीम थेरेपी और ह्यूमिडिफायर से मिलेगा आराम

गर्म भाप लेने से बलगम ढीला होता है और नाक की सूजन में राहत मिलती है. आप गर्म पानी की भाप ले सकते हैं या गर्म पानी से नहा कर भी फायदा पा सकते हैं. कुछ बूंदे यूकेलिप्टिस या पिपरमेंट ऑयल डालने से और ज्यादा लाभ मिल सकता है. इसके साथ ही ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करने से रात के समय नाक और साइनस की सूजन कम हो सकती है.

चेहरे के दर्द के लिए गर्म सेक फायदेमंद

गरम और गीले कपड़े से माथे, गाल और नाक पर सेक करने से साइनस का दबाव कम होता है. गर्म और ठंडे सेक को बारी-बारी से करने से सूजन और दर्द में राहत मिलती है.

पर्याप्त पानी पिएं और सिर को ऊंचा रखें

पानी, सूप और हर्बल चाय जैसे तरल पदार्थ पीने से बलगम पतला होता है और नाक की रुकावट दूर होती है. कैफीन और अल्कोहल से परहेज करें क्योंकि ये डिहाइड्रेशन को बढ़ाते हैं. रात में सिर ऊंचा रखकर सोने से बलगम जमा नहीं होता है और ड्रेनेज आसान होता है.

खानपान में लाएं सुधार

साइनस जैसी समस्या होने पर खाने में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें जिनमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी इनफ्लेमेटरी गुण हो जैसे लहसुन, अदरक, हल्दी, प्याज, शहद और विटामिन सी युक्त फल आप खा सकते हैं. वहीं  हरी सब्जियां और ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त मछलियां भी फायदेमंद हो सकती है. तीखे मसाले जैसे मिर्च में मौजूद कैप्सेसिन भी नाक की रुकावट करने में मदद करता है.

एसेंशियल ऑयल का सावधानी से करें इस्तेमाल

यूकेलिप्टस, टी ट्री या पिपरमेंट ऑयल को भाप या डिफ्यूजर में मिलाकर इस्तेमाल करें. ये सूजन कम करने और सांस लेने में आसानी से मदद कर सकते हैं. वहीं ध्यान रखें कि इन्हें सीधे त्वचा पर न लगाएं.

शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के ये हैं संकेत, खून की कमी दूर करने के लिए रोजाना पिएं यह खास ड्रिंक

आजकल की काफी महिलाएं खून की कमी से परेशान हैं। खून की कमी से शरीर में एनीमिया के कई लक्षण नजर आते हैं। जिनको समय रहते पहचानना जरूरी है। वरना इसका असर शरीर के सभी फंक्शन्स पर भी असर पड़ता है। कमजोरी, स्किन का पीलना होना, थकान, सांस लेने में मुश्किल, चक्कर आना, सिरदर्द, भूख न लगना और दिल की धड़कन का तेज होना जैसे लक्षण खून की कमी की ओर इशारा करता है।

ऐसे में शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ाने के लिए आयरन रिच फूड्स को डाइट में शामिल करना चाहिए। एक्सपर्ट ने बताया कि खाली पेट एक ड्रिंक का सेवन करने से शरीर में आयरन का लेवल बूस्ट होगा और खून तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक ऐसी मॉर्निंग ड्रिंक के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ा सकता है और खून की कमी को भी दूर करता है।

पिएं ये मॉर्निंग ड्रिंक

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो एनीमिया रोगियों के लिए काली किशमिश काफी फायदेमंद है। इससे शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ता है और थकान व कमजोरी दूर होती है।

काली किशमिश में आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर में खून के लेवल को बढ़ाता है और इससे लिवर और किडनी के फंक्शन को सुधारती है और बॉडी को डिटॉक्स करती है। साथ ही यह शरीर को एनर्जी देती है।

काली किशमिश में फाइबर, आयरन और एंटी ऑक्सीडेंट्स पाई जाती है। इसका नियमित सेवन करने से शरीर में रेड ब्लड सेल्स के बनने में सहायता करता है। इसको भिगोकर खाने से अधिक फायदा मिलता है।

दालचीनी में विटामिन ए, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और फॉस्फोरस जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहींल यह एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने से लेकर आयरन को बढ़ाने और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने तक में यह फायदेमंद है।

इस ड्रिंक को पीने से हार्मोन्स बैलेंस होते हैं और पीरियड्स नियमित होते हैं। इससे चेहरे पर निखार आता है और बालों का झड़ना कम होता है और कमजोरी दूर होती है।

आयरन बढ़ाने के लिए पिएं ये ड्रिंक

आयरन बढ़ाने के लिए 10 काली किशमिश और दालचीनी की 1 छोटी स्टिक लें।

इसमें 3-4 धागे केसर के डालें।

फिर 1 गिलास पानी में इसको 3-4 घंटे या फिर पूरी रात के लिए भिगो दें।

इस पानी को सुबह खाली पेट पिएं और किशमिश खा लें।

इसको रोजाना पीने से कुछ ही हफ्तों में अंतर महसूस हो सकता है।

England Test Captain Ben Stokes: जब बेन स्टोक्स का जन्म न्यूजीलैंड में हुआ, तो फिर वह इंग्लैंड की टीम से क्यों खेलते हैं?

इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स ने एंडरसन-तेंदुलकर सीरीज में अपनी टीम को मजबूती के साथ संभाले रखा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्टोक्स का जन्म इंग्लैंड में नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड में हुआ था. फिर आखिर ये खिलाड़ी न्यूजीलैंड की बजाय इंग्लैंड टीम में क्यों शामिल है, आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब.

बेन स्टोक्स का न्यूजीलैंड से कनेक्शन

इंग्लैंड टीम के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स का जन्म न्यूजीलैंड के क्रिस्टचर्च में हुआ था. उनकी मां भी वहीं रहती थीं. न्यूजीलैंड के साउथ आईलैंड से ही स्टोक्स ने अपने क्रिकेटिंग करियर की शुरुआत की थी. लेकिन स्टोक्स की 12 साल की उम्र में उनकी फैमिली इंग्लैंड शिफ्ट हो गई. इसके बाद 2010 में ही स्टोक्स को इंग्लैंड की अंडर-19 टीम में वर्ल्ड कप खेलने के लिए चुना गया. इंग्लैंड आने के छह साल के अंदर ही ये पूरी तरह से एक ब्रिटिशर्स की तरह बोलने लगे थे.

इंग्लैंड की अंडर-19 टीम के बाद बेन स्टोक्स सीनियर टीम में भी जगह बनाने में कामयाब हुए. आज स्टोक्स इंग्लैंड क्रिकेट टीम के एक सफल कप्तान के रूप में नजर आते हैं. इसके साथ ही वे एक धाकड़ बल्लेबाज और गेंदबाज भी हैं.

भारत के खिलाफ सीरीज में दिखाया दम

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स इस सीरीज के शुरुआती चार मैचों में पूरी तरह से छाए रहे. स्टोक्स की कप्तानी के साथ ही उनकी गेंदबाजी में भी धार देखने को मिली. स्टोक्स की कप्तानी में शुरुआती चार में से इंग्लैंड ने दो मैच जीते और एक मैच ड्रॉ हुआ. वहीं इंग्लैंड को केवल एक मैच में हार का सामना करना पड़ा. स्टोक्स के चोटिल होने की वजह से पांचवें टेस्ट में ओली पोप ने टीम की कमान संभाली, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने इस मैच को इंग्लैंड की पकड़ से छीन लिया और सीरीज 2-2 से ड्रॉ कर ली.

भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ, 21 दिन बाद से होगा लागू… रूसी तेल को लेकर नाराज़ ट्रंप ने अपने आदेश में किया उल्लेख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया है, जिसमें भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही गई है. यह आदेश 21 दिन बाद यानी 27 अगस्त से लागू होगा. ऑर्डर में कहा गया है कि रूसी तेल खरीद की वजह से भारत पर यह एक्शन लिया गया है. ट्रंप ने इससे पहले 30 जुलाई को भारत पर 25 फीसदी टौरिफ लगाने का ऐलान किया था. ऐसे अब भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगेगा.

ट्रंप के आदेश में रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र

अमेरिका के इस कदम से कपड़ा, समुद्री उत्पाद और चमड़ा निर्यात जैसे क्षेत्रों पर बुरा असर पड़ने की आशंका है. ट्रंप के आदेशानुसार 8 मार्च 2022 को रूस की ओर से यूक्रेन पर हमला करने के चलते कुछ आयात और निवेशों पर प्रतिबंध लगाया गया था. इसमें साफ-साफ कहा गया है कि ये टैरिफ अन्य सभी शुल्कों और टैक्स के अतिरिक्त होगा.

आदेश में ट्रंप ने कहा, ”मुझे लगता है कि भारत सरकार इस समय प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूसी संघ से तेल आयात कर रही है इसलिए और लागू कानून के मुताबिक अमेरिका के सीमा शुल्क क्षेत्र में आयातित भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी की अतिरिक्त शुल्क दर लागू होगी. जो सामान 27 अगस्त 2025 से पहले रवाना हो चुका है और 17 सितंबर 2025 से पहले यूएस पहुंचेगा, उसे टैरिफ से छूट मिलेगी.”

ट्रंप ने दिया राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला

व्हाइट हाउस की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ट्रंप ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के साथ-साथ व्यापार कानूनों का हवाला दिया. इसमें कहा गया कि भारत की ओर से रूस से तेल खरीदना प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका के लिए खतरा पैदा करता है.

आदेश में साफ किया गया है कि रूसी तेल का मतबल सिर्फ रूस से निर्यात किया गया तेल नहीं है, बल्कि कोई भी प्रेट्रोलियम या तेल उत्पाद जो रूस में तैयार हुआ हो या किसी तीसरे देश के माध्यम से भारत खरीदा हो और उसका सोर्स रूस हो.

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस आदेश में यह भी कहा है कि यदि कोई और देश रूस से परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से तेल खरीदता पाया गया तो उस पर भी इसी तरह के टैरिफ या प्रतिबंध जैसे कदम उठाए जाएंगे.

Fort Stewart Shooting:अमेरिका के जॉर्जिया स्थित आर्मी बेस पर दिनदहाड़े हुई अंधाधुंध फायरिंग, 5 सैनिक गोली लगने से घायल

 अमेरिका के पूर्वी जॉर्जिया स्थित फोर्ट स्टीवर्ट सैन्य अड्डे पर बुधवार को हुई गोलीबारी की घटना में पांच सैनिक घायल हो गए. यह हमला सैन्य अड्डे के द्वितीय बख्तरबंद ब्रिगेड कॉम्बैट टीम क्षेत्र में हुआ. सेना ने इसे एक सक्रिय शूटर द्वारा अंजाम दिया गया हमला बताया है.

फोर्ट स्टीवर्ट के आधिकारिक फेसबुक पेज पर जारी जानकारी के अनुसार, गोलीबारी के तुरंत बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने हमलावर को पकड़ लिया है और अब परिसर या आस-पास के क्षेत्र में कोई सक्रिय खतरा नहीं है. घायलों को मौके पर प्राथमिक इलाज देने के बाद विन्न आर्मी कम्युनिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद सैन्य अड्डे को स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे के बाद एहतियातन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था.

व्हाइट हाउस ने जारी किया बयान

एफबीआई का सवाना कार्यालय, सेना के आपराधिक जांच विभाग (CID) के साथ मिलकर मामले की जांच में जुटा है. वहीं व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस घटना की जानकारी दे दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. जॉर्जिया के गवर्नर ब्रायन केम्प ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा, “हम स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निरंतर संपर्क में हैं. मार्टी, हमारी बेटियां और मैं फोर्ट स्टीवर्ट में हुई इस त्रासदी से गहरे आहत हैं.”

फिलहाल शूटर की पहचान और हमले की मंशा को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और घटना की विस्तृत जांच जारी है. फोर्ट स्टीवर्ट अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य ठिकानों में से एक है, जहां बड़ी संख्या में सैनिक तैनात रहते हैं. इस गोलीबारी की घटना ने सेना की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.