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चीन ने SCO समिट में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का किया स्वागत, 2018 के बाद हो सकती है उनकी पहली यात्रा

GE-Live August 9, 2025 विदेश Comments Offon चीन ने SCO समिट में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का किया स्वागत, 2018 के बाद हो सकती है उनकी पहली यात्रा

चीन ने शुक्रवार (8 अगस्त, 2025) को इस महीने के अंत में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के तियानजिन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित यात्रा का शुक्रवार (8 अगस्त, 2025) को स्वागत किया. उसने उम्मीद जताई कि यह आयोजन एकजुटता, मैत्री और सार्थक परिणामों का समागम होगा.

दिल्ली में मामले के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने इस सप्ताह बताया कि सात साल के अंतराल के बाद प्रधानमंत्री मोदी इस महीने के अंत में SCO के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा कर सकते हैं.

31 अगस्त से 1 सितंबर तक होगा एससीओ शिखर सम्मेलन

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा, “चीन SCO के तियानजिन शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करता है.” उनसे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मोदी की चीन यात्रा की खबरों के बारे में पूछा गया था. चीन 31 अगस्त से एक सितंबर तक तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा.

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि सभी पक्षों के सम्मिलित प्रयास से तियानजिन शिखर सम्मेलन एकजुटता, मैत्री और सार्थक परिणामों का एक संगम होगा और एससीओ अधिक एकजुटता, समन्वय, गतिशीलता और उत्पादकता के साथ उच्च गुणवत्ता वाले विकास के एक नए चरण में प्रवेश करेगा.’’

SCO का यह सम्मेलन इसकी स्थापना के बाद सबसे बड़ा आयोजन- गुओ

गुओ ने कहा, “एससीओ के सभी सदस्य देशों और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों सहित 20 से अधिक देशों के नेता संबंधित कार्यक्रमों में भाग लेंगे. एससीओ तियानजिन शिखर सम्मेलन, एससीओ की स्थापना के बाद से सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन होगा.”

मोदी के 29 अगस्त के आसपास जापान की यात्रा पर जाने की उम्मीद है. इसके बाद वह एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए चीनी शहर तियानजिन जा सकते हैं. मोदी की जापान और चीन की दो देशों की यात्रा की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

पीएम मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात स्पष्ट नहीं

चीन एससीओ का वर्तमान अध्यक्ष है. ऐसे में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल पिछले दो महीनों में एससीओ बैठकों में भाग लेने के लिए चीन गए थे. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक करेंगे या नहीं. उम्मीद है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले शीर्ष नेताओं में शामिल होंगे.

पिछली बार 2018 में चीन गए थे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी पिछली बार जून, 2018 में एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन आए थे. वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अक्टूबर, 2019 में दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत गए थे. हालांकि, पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध के कारण दोनों देशों के बीच संबंधों तल्खी आ गई थी. पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध मई 2020 में शुरू हुआ और उसी वर्ष जून में गलवान घाटी में हुई झड़पों के परिणामस्वरूप संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया.

2024 में रूस के कजान में मोदी-जिनपिंग की हुई थी मुलाकात

पिछले साल 21 अक्टूबर को हुए समझौते के तहत डेमचोक और देपसांग के अंतिम दो टकराव बिंदुओं से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गतिरोध प्रभावी रूप से समाप्त हो गया. रूस के कजान में 23 अक्टूबर, 2024 को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच हुई बैठक में विभिन्न संवाद तंत्रों को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया.

मोदी-शी की यह बैठक भारत और चीन के बीच देपसांग और डेमचोक से सैनिकों को पीछे हटाने के समझौते के दो दिन बाद हुई थी. दोनों पक्षों ने संबंधों को पुनः सुदृढ़ करने के लिए कई पहल कीं, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा को पुनः शुरू करना और नई दिल्ली की ओर से चीनी नागरिकों को पर्यटक वीजा जारी करने की फिर से शुरुआत करना शामिल था. दोनों पक्ष दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवाएं पुनः शुरू करने के तौर-तरीकों पर भी चर्चा कर रहे हैं.

2001 में शंघाई में हुई थी SCO की स्थापना

भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस से मिलकर बना एससीओ एक प्रभावशाली आर्थिक और सुरक्षा समूह है, जो सबसे बड़े अंतरक्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठनों में से एक के रूप में उभरा है. इसकी स्थापना 2001 में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कज़ाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों की ओर से की गई थी. पाकिस्तान 2017 में भारत के साथ इसका स्थायी सदस्य बना. ईरान 2023 में और बेलारूस 2024 में इस समूह में शामिल हुआ.

Side Effect of Coffee:ज्यादा कॉफी का सेवन सेहत के लिए खतरनाक, हो सकते हैं ये 4 गंभीर नुकसान

 सुबह की शुरुआत हो या काम के बीच एनर्जी बूस्ट की तलाश, अधिकतर लोग कॉफी पीना पसंद करते हैं. क्योंकि हमें लगता है कि, यह कॉफी हमारी थकान दूर करेगी. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि, रोजाना कॉफी पीने की आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है?

डॉ. बिमल छाजेड़ का कहना है कि, अत्यधिक कैफीन सेवन न केवल नींद और पाचन पर असर डालता है, बल्कि दिल, दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं ज्यादा कॉफी पीने से शरीर में क्या-क्या गड़बड़ियां हो सकती हैं.

अनिद्रा की समस्या

कैफीन एक स्टिमुलेंट है, जो दिमाग को जगाए रखता है. दिन में 1 कप से अधिक कॉफी पीने से नींद आने में दिक्कत हो सकती है. खासकर अगर आप देर शाम कॉफी लेते हैं तो यह आपकी नींद की क्वालिटी को बिगाड़ सकती है, जिससे शरीर और दिमाग को पूरा आराम नहीं मिल पाता.

दिल की धड़कन बढ़ना

ज्यादा कैफीन सेवन से हृदय गति तेज हो सकती है, जिससे घबराहट या पैनिक अटैक जैसी स्थिति बन सकती है. यह हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए ख़तरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे स्ट्रोक या हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है.

पेट की गड़बड़ी और एसिडिटी

खाली पेट कॉफी पीने से गैस्ट्रिक एसिड बढ़ता है, जिससे पेट में जलन, एसिड रिफ्लक्स या अल्सर जैसी समस्याएं हो सकती हैं. यदि आपको पहले से पाचन की दिक्कत है, तो कैफीन इसे और बढ़ा सकता है.

मानसिक बेचैनी और चिड़चिड़ापन

ज्यादा कैफीन दिमाग को ज़रूरत से ज्यादा उत्तेजित करता है, जिससे मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन और एंग्जायटी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. कई बार लोग इसे “एनर्जी” समझते हैं, लेकिन यह असल में दिमाग की थकान को छिपा रहा होता है.

कॉफी को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा पर कंट्रोल रखना बेहद जरूरी है. दिन में एक कप ज्यादा न पिएं और कोशिश करें कि शाम के बाद कॉफी न लें. हर चीज़ की अति बुरी होती है, कॉफी भी उसमें से एक है. सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है संतुलित जीवनशैली और सोच-समझकर खाना-पीना चाहिए.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

अजीत डोभाल को देखते ही पुतिन मुस्कुराए, तेज कदमों से आए पास; रूस-भारत की नज़दीकियों से चिढ़ा अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत को लेकर काफी सख्त हो गए हैं. उन्होंने 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है. इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल गुरुवार (7 अगस्त) को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले. अजीत डोभाल को देखने के बाद पुतिन तेजी से आगे बढ़े और मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया. अमेरिका, भारत और रूस की दोस्ती की वजह से पहले ही चिढ़ा हुआ है और यह मीटिंग भी उसके लिए सिरदर्द बन सकती है.

पुतिन और डोभाल की यह मीटिंग रणनीतिक लिहाज से काफी अहम है. डोभाल मीटिंग के लिए क्रेमलिन पहुंचे. उन्हें देखने के बाद पुतिन काफी खुश नजर आए और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. पुतिन के चेहरे की मुस्कुराहट साफ बता रही थी कि वे इस मीटिंग को लेकर कितना खुश थे. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को चेतावनी दी थी कि वह टैरिफ बढ़ा देगा. उसे भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर दिक्कत है.

ट्रंप को भारत-रूस की दोस्ती से क्यों हो रही दिक्कत

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर गंभीर आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि भारत, रूस से सस्ता तेल खरीदकर इसे अंतरराष्ट्रीय बाजा में मुनाफे के साथ बेच रहा है. इससे रूस को आर्थिक मदद मिल रही है. ट्रंप का कहना है कि रूस अपना पैसा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में लगा रहा है.

ट्रंप ने भारत को दी थी टैरिफ बढ़ाने की धमकी

अमेरिका ने भारत को पहले टैरिफ बढ़ाने की सिर्फ धमकी दी थी. उसने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, लेकिन इसके बाद टैरिफ डबल कर दिया. अब भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लग गया है. ट्रंप की नाराजगी की एक वजह ट्रेड डील भी हो सकती है. अमेरिका भारत के साथ कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर समझौता करना चाहता है, लेकिन भारत इस पर राजी नहीं है.

IND vs ENG : टेस्ट ड्रॉ के बाद भारत-इंग्लैंड फिर होंगे आमने-सामने, ECB ने घोषित किया नया शेड्यूल

टेस्ट सीरीज के बाद अब भारत और इंग्लैंड के बीच मैदान पर फिर से हलचल मचने वाली है, इस बार मुकाबला होगा टी-20 फॉर्मेट का, जो अपनी रफ्तार और रोमांच के लिए जाना जाता है. पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ रहने के बाद अब टीम इंडिया जुलाई 2026 में इंग्लैंड का दौरा करेगी, जहां दोनों देशों के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज खेली जाएगी.

T20I सीरीज का शेड्यूल और वेन्यू

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने इस बहुप्रतीक्षित सीरीज का शेड्यूल पहले ही घोषित कर दिया था. यह सीरीज 1 जुलाई से 11 जुलाई 2026 के बीच खेली जाएगी. ईसीबी ने इस सीरीज में खेले जाने वाले मैचों के वेन्यू भी बता दिए हैं, जो इस प्रकार हैं,

डरहम

मैनचेस्टर

नॉटिंघम

ब्रिस्टल

साउथैम्प्टन

ECB का उद्देश्य इस सीरीज के जरिए अपनी टीम को 2026 टी20 वर्ल्ड कप से पहले मजबूत मुकाबलों के लिए तैयार करना है. वहीं, भारत के लिए यह दौरा अनुभव और प्रयोग दोनों के लिए एक सही प्लेटफॉर्म साबित होगा.

टीम इंडिया के संभावित खिलाड़ी

क्रिकेट फैंस को इस सीरीज में भारतीय टीम में कई युवा सितारे और टी-20 स्पेशलिस्ट्स खेलते दिख सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक,

सूर्यकुमार यादव इस सीरीज में कप्तानी की भूमिका में नजर आ सकते हैं. हार्दिक पंड्या ऑलराउंड परफॉर्मेंस से टीम को संतुलन देंगे. ओपनिंग में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा आक्रामक अंदाज में पारी की शुरुआत करेंगे. रिंकू सिंह फिनिशर की भूमिका में होंगे. गेंदबाजी की कमान संभालेंगे अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, और रवि बिश्नोई. हर साल की तरह इस बार भी IPL से कुछ नए चेहरे भारतीय टीम में शामिल हो सकते हैं, जो इस इंटरनेशनल मंच पर खुद को साबित करेंगे.

महिला टीम भी इंग्लैंड दौरे पर

टीम इंडिया का इंग्लैंड दौरा सिर्फ पुरुष क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगा. भारतीय महिला टीम भी 28 मई से 2 जून 2026 के बीच इंग्लैंड महिला टीम के खिलाफ तीन T20 मुकाबले खेलेगी.

‘सन ऑफ सरदार 2’ फ्लॉप, सात दिन में भी नहीं कमा सकी 50 करोड़, पहाड़ जैसे बजट की भरपाई बनेगी मुश्किल

‘सन ऑफ़ सरदार 2’ से उम्मीद दी थी कि ये अजय देवगन की साल 2025 की पहली सुपरहिट फिल्म होगी. हालांकि ये बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर पाई. यहां तक कि अजय देवगन की साल की पहली रिलीज ‘रेड 2’ की बराबरी करना तो दूर, ये अपनी 2012 की  प्रीक्वल सन ऑफ़ सरदार के आस-पास भी नहीं है. चलिए यहां जानते है इस फिल्म ने रिलीज के 7वें दिन कितना कलेक्शन किया है?

‘सन ऑफ़ सरदार 2’ ने 7वें दिन कितनी की कमाई?
‘सन ऑफ़ सरदार 2’ को सिनेमाघरों में रिलीज हुए एक हफ्ता हो चुका है. इस दौरान इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ठंडा ही परफॉर्म किया है. वैसे अजय देवगन की पिछले सालों से आ रही हर सीक्वल ने कमाल का बिजनेस किया है. ‘सन ऑफ़ सरदार 2’ से भी ऐसी ही उम्मीद थी लेकिन ये दर्शकों का दिल जीतने में नाकामयाब रही. यहां तक कि अजय देवगन की स्टार पावर भी सिनेमाघरों में दर्शक नहीं खींच पाई. इसी के साथ ये फिल्म अब फ्लॉप साबित हो गई है. वहीं ‘सन ऑफ़ सरदार 2’ की सात दिनों की कमाई की बात करें तो  सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक

    • ‘सन ऑफ़ सरदार 2’ ने पहले दिन 7.25 करोड़ कमाए थे.
    • दूसरे दिन फिल्म का कलेक्शन 8.25 करोड़ रुपये रहा.
    • तीसरे दिन ‘सन ऑफ़ सरदार 2’ की कमाई 9.25 करोड़ रुपये रही.
    • चौथे दिन फिल्म ने 2.35 करोड़ का कारोबार किया और पांचवें दिन फिल्म का कलेक्शन 2.75 करोड़ रहा.
    • छठे दिन फिल्म ने 1.64 करोड़ कमाए.
    • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘सन ऑफ़ सरदार 2’ ने रिलीज के 7वें दिन 1.40 करोड़ की कमाई की है.
    • इसी के साथ अजय देवगन स्टारर फिल्म की एक हफ्ते की कुल कमाई 32.89 करोड़ रुपये हो गई है.

‘सन ऑफ़ सरदार 2’ हुई फ्लॉप
‘सन ऑफ़ सरदार 2’ क्लियरली फ्लॉप हो चुकी है. ये फिल्म रिलीज के सात दिन बाद भी अपनी लागत का आधा नहीं कमा पाई है.वहीं इस फिल्म का बजट 150 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. ऐसे में इसकी आधी लागत 75 करोड़ बनती है लेकन ‘सन ऑफ़ सरदार 2’ एक हप्ते में 32 करोड़ ही कमा पाई है. फिल्म की बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस इतनी खराब है कि इसके लिए अब आधी बजट निकालना भी नामुमकिन लग रहा है. क्योंकि अब अगले हफ्ते वैसे ही सिनेमाघरों में ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की वॉर 2 और रजनीकांत की कुली रिलीज होने वाली है. ऐसे में ‘सन ऑफ़ सरदार 2’ के पास बस अब कमाई के लिए चंद दिन ही बचे हैं. 

‘सन ऑफ़ सरदार 2’ अपनी प्रीक्वल को नहीं दे पाई मात
सन ऑफ़ सरदार 13 नवंबर, 2012 को दिवाली के साथ मंगलवार को रिलीज़ हुई थी. इसका  शाहरुख खान की फिल्म जब तक है जान के साथ क्लैश हुआ था. इसके बावजूद, इसने अपने 6 दिन के एक्स्टेंडेड ओपनिंग वीकेंड में 66.02 करोड़ की शानदार कमाई कर ली थी. वहीं इसके मुकाबले सन ऑफ़ सरदार 2 अपनी प्रीक्वल का आधा भी नहीं कमा पाई है।