
लखनऊ। सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र के वृंदावन क्षेत्र में भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर एक भव्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि तप, त्याग, अनुशासन और तेज के अद्वितीय प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को यह संदेश देता है कि सच्ची विजय केवल शस्त्रों से नहीं, बल्कि ज्ञान, संयम और विवेक से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज में स्वार्थ और कर्तव्यहीनता का भाव बढ़ रहा है, ऐसे में भगवान परशुराम के आदर्श और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।
₹10 लाख की सहायता और ‘परशुराम महोत्सव’ की घोषणा

इस अवसर पर विधायक डॉ. सिंह ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए ₹10 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि भविष्य में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक भव्य और व्यवस्थित बनाने में सहायक होगी। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष से इस आयोजन को “परशुराम महोत्सव” के रूप में और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिल सके।
गुरु-शिष्य परंपरा और सत्यनिष्ठा पर जोर

अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने भगवान परशुराम और उनके शिष्य कर्ण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु-भक्ति, सत्य और समर्पण जीवन के सबसे महत्वपूर्ण मूल्य हैं। उन्होंने कहा कि छल और असत्य का मार्ग भले ही कुछ समय के लिए सफलता दिला दे, लेकिन अंततः वह पराजय की ओर ही ले जाता है, जबकि सत्य और निष्ठा ही स्थायी सफलता का आधार हैं।
“विकास और संस्कृति का संगम बन रहा सरोजनी नगर”
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनी नगर में विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का संरक्षण भी प्राथमिकता में है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 220 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण और सुविधाओं का विस्तार कराया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिल रहा है।
सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए विशेष पहल
डॉ. सिंह ने बताया कि क्षेत्र में सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रसार के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं-
- 56 ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन का अवसर प्रदान किया गया
- 41 सिख श्रद्धालुओं को अमृतसर से करतारपुर साहिब (पाकिस्तान) दर्शन हेतु भेजा गया, जो धार्मिक समरसता का उदाहरण है
- गुरुकुल परंपरा को बढ़ावा देने के लिए गुरुकुल पहाड़पुर और गुरुकुल हरौनी में मूलभूत सुविधाओं का विकास कराया गया
धार्मिक स्थलों के विकास पर करोड़ों की सहायता
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान की गई है-
- प्राचीन रेतेश्वर महादेव मंदिर के लिए ₹5.30 करोड़
- झाड़ेश्वर महादेव मंदिर के लिए ₹1.05 करोड़
- श्री महादेव शिव साईं नाथ शिवधाम के लिए ₹98 लाख
- कबीर पंथी दाता साईं संत आश्रम एवं खालसा स्थल के लिए ₹1 करोड़
समाज को एकजुट करने का संदेश
डॉ. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र, समाज और धर्म सर्वोपरि हैं, और प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़ा हो। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करें।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज के उत्थान में योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजन स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
इस अवसर पर अनंत कुमार मिश्रा (अंटू), शिव शंकर अवस्थी, रामेश्वर सिंह, प्रमोद शर्मा, प्यारे मोहन चौबे, ए.पी. मिश्रा, प्रणव अग्निहोत्री, शिव प्रकाश मिश्रा, गणेश चंद्र जोशी, डॉ. श्रयाकांत त्रिपाठी, राजन मिश्रा (मंडल अध्यक्ष), विनोद मौर्य (मंडल अध्यक्ष), किशोर मिश्रा, पी.के. मिश्रा, राज कुमार शुक्ला, कर्नल दया शंकर दुबे, रजनी अवस्थी (पार्षद), संजीव अवस्थी, के.एन. सिंह (पार्षद), प्रकाश तिवारी, डॉ. रीना उपाध्याय, राजेश चौधरी (नगर मंत्री), दिनेश पांडेय, अनिल कुमार दुबे, विनोद कुमार दुबे, के.के. शुक्ला, प्रदीप चतुर्वेदी, अजय तिवारी, राजेश्वरी त्रिपाठी एवं भजन गायक विजय अग्निहोत्री सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


































