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मिचेल मार्श ने आईपीएल में बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड, महज इतने रन बनाने में 15 साल का समय लग गया

IPL 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स के सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे है। मिचेल मार्श इस सीजन 8 मैचों में 43 के औसत और 160 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 344 रन बना चुके हैं, जिसमें 4 अर्धशतक शामिल हैं। दिल्ली के खिलाफ IPL 2025 के 40वें मैच में भी मार्श ने 36 गेंदों पर 45 रनों की अहम पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी में 3 चौके और एक छक्का जड़ा। मार्श दिल्ली के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार का शिकार बने।

दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मार्श भले ही अपने अर्धशतक से 5 रन दूर रह गए लेकिन वह IPL में अपने 1000 रन पूरे करने में सफल रहे। इस मैच से पहले मार्श को 1000 रन के आंकड़े तक पहुंचने के लिए सिर्फ 36 रनों की दरकार थी। मार्श ने IPL के 50वें मैच की 44वीं पारी में ये मुकाम हासिल किया। हालांकि, इसके साथ ही उनके नाम एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड भी जुड़ गया।

15 साल में छुआ 1000 रन का आंकड़ा

दरअसल, मिचेल मार्श IPL में सबसे लंबे वक्त में 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्हें 1000 IPL रन पूरे करने में 15 साल का लंबा वक्त लग गया। जी हां, ये सच है। मार्श को हजार रन बनाने में ही IPL के 15 सीजन लग गए। आपको जानकर हैरानी होगी कि मिचेल मार्श ने साल 2010 में डेक्कन चार्जर्स की ओर से IPL में डेब्यू किया था। उस सीजन उन्हें सिर्फ 3 मैच खेलने का मौका मिला। इसके बाद खराब प्रदर्शन और चोट के कारण वह IPL में अंदर-बाहर होते रहे और अब जाकर उन्होंने अपने 50वें IPL मैच में हजार रन का आंकड़ा छुआ है। मार्श ने इस तरह IPL में सबसे ज्यादा साल में एक हजार रन बनाने का शर्मनाक रिकॉर्ड बना दिया है। इससे पहले ये रिकॉर्ड मोइसेस हेनरिक्स के नाम था, जिनको एक हजार IPL रन बनाने में 13 साल का लंबा वक्त लग गया था।

IPL में सबसे लंबे समय में 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज

15 साल- मिचेल मार्श*

13 साल – मोइसेस हेनरिक्स
12 साल – राहुल तेवतिया

बता दें, लखनऊ सुपर जायंट्स से पहले मार्श डेक्कन चार्जर्स के अलावा पुणे वॉरियर्स इंडिया (2011 और 2013), राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स (2016-17), सनराइजर्स हैदराबाद (2020) और दिल्ली कैपिटल्स (2022-2024) के लिए भी खेल चुके हैं।

पोप फ्रांसिस के निधन के बाद, कौन बन रहा अगला ईसाई धर्मगुरु? जानें उन प्रमुख नामों के बारे में जिनकी चर्चा हो रही है

कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का 88 साल की उम्र निधन हो गया। वेटिकन के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार सोमवार को सुबह 7 बजकर 35 मिनट पर पोप ने आखिरी सांस ली। पोप फ्रांसिस के निधन के बाद शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार सुबह कार्डिनल केविन फेरेल ने पोप के निधन की घोषणा की।

नए कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु की चर्चा शुरू

शोक संदेश में कहा, ‘पोप फ्रांसिस का पूरा जीवन भगवान और चर्च की सेवा में समर्पित रहा। पोप फ्रांसिस ने हम सबको हमेशा साहस, प्यार और हाशिए में रहे लोगों के पक्ष में खड़ा रहने के लिए प्रेरित किया। पोप फ्रांसिस लॉर्ड जीसस के सच्चे शिष्य थे।’ वहीं, अब उनके निधन के बाद अगला कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु कौन हो सकता है? इसको लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कई स्टेप से होकर चुनी जाती है ये प्रक्रिया

हालांकि, अभी से अगले पोप के बारे में कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है। अभी सिर्फ कयास लगाए जा सकते हैं, क्योंकि यह कैथोलिक चर्च की कॉन्क्लेव प्रक्रिया पर निर्भर करता है। ये सब गोपनीय और कई स्टेप से होकर चुनी जाने वाली प्रक्रिया है। अगले कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु कि लिस्ट में कुछ प्रमुख नाम हैं, जिनको माना जा रहा है कि वेटिकन सिटी के अगले कैथोलिक ईसाई धर्मगुरू बन सकते हैं।

कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन

कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन को अगला पोप का उत्तराधिकारी माना जा रहा है। ये इटली के रहने वाले हैं। पिछले एक दशक से पोप फ्रांसिस के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से रहे। वह बतौर गृह सचिव (सेक्रेटरी ऑफ स्टेट), वे 2013 से वेटिकन की कूटनीति और प्रशासन का नेतृत्व कर रहे हैं। ये 70 साल के हैं। काफी अनुभवी हैं। पोप फ्रांसिस की सुधारवादी नीतियों के समर्थक हैं। उनकी वैश्विक कूटनीतिक भूमिका और वेटिकन के क्यूरिया में गहरा अनुभव उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है।

कार्डिनल लुइस एंटोनियो टैगले

दूसरा नाम कार्डिनल लुइस एंटोनियो टैगले का है, जो फिलीपींस के रहने वाले हैं। इनका पद अभी डिकास्ट्री फॉर इवेंजलाइजेशन के प्रीफेक्ट का है। इनकी उम्र अभी 68 साल की है। वह एशिया से एक करिश्माई और प्रिय व्यक्तित्व हैं। उनकी सामाजिक न्याय और गरीबों के प्रति प्रतिबद्धता फ्रांसिस की विचारधारा से मेल खाती है। ऐसी भी संभावना है कि टैगले एशिया के बढ़ते कैथोलिक समुदाय को देखते हुए वह गैर-यूरोपीय पोप के रूप में एक मजबूत दावेदार हैं।

कार्डिनल मातेओ ज़ुप्पी

कार्डिनल मातेओ ज़ुप्पी भी इस दावेदारी में है, जो कि इटली के रहने वाले हैं। 70 वर्षीय ज़ुप्पी बोलोग्ना के आर्चबिशप और सेंट’एगिडियो समुदाय के प्रमुख सदस्य हैं। वह सामाजिक कार्यों और शांति मध्यस्थता में सक्रिय हैं। फ्रांसिस ने उन्हें यूक्रेन-रूस संघर्ष में मध्यस्थता का दायित्व सौंपा था।

कार्डिनल पीटर एर्डो

इस कड़ी में चौथा कार्डिनल पीटर एर्डो का है, जो हंगरी के रहने वाले हैं। इनके पास अभी एस्ज़्टरगोम-बुडापेस्ट के आर्चबिशप का पद है। 73 वर्षीय एर्डो रूढ़िवादी विचारधारा के साथ यूरोपीय चर्च में प्रभावशाली हैं। वह यूरोप में कैथोलिक चर्च के भविष्य पर जोर देते हैं।

कार्डिनल रॉबर्ट प्रीवो

कार्डिनल रॉबर्ट प्रीवो का नाम भी इस कड़ी में जोड़ा जा रहा है। जो कि पेरू के रहने वाले हैं। ये अभी डिकास्ट्री फॉर बिशप्स के प्रीफेक्ट पद पर हैं। 56 वर्षय रॉबर्ट प्रीवो लैटिन अमेरिका से हैं, जो कैथोलिक चर्च का एक प्रमुख केंद्र है। फ्रांसिस ने उन्हें हाल ही में कार्डिनल बनाया, जिससे उनकी स्थिति मजबूत हुई है। ऐसी संभावना है कि लंबे कार्यकाल की चाह रखने वाले कॉन्क्लेव के लिए वह बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

पोप फ्रांसिस ने मार्च 2013 में संभाला था पद

बता दें कि अभी तक कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस थे, जिन्हें विश्व के कैथोलिक चर्च का सर्वोच्च नेता माना जाता रहा है। पोप फ्रांसिस का लंबी बीमारी के बाद आज (21 अप्रैल, 2025) निधन हो गया। पोप फ्रांसिस ने 13 मार्च 2013 को यह पद संभाला था। वे वेटिकन सिटी के प्रमुख और रोमन कैथोलिक चर्च के आध्यात्मिक नेता थे।

जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा एक्टर, कैंसर ने बनाया लाचार, तंगहाली में सौम्या सहारा बनी

हिना खान की कैंसर जर्नी ने काफी लोगों को प्रेरित किया और हौसला दिया कि इस मुश्किल बीमारी का डटकर सामना किया जा सकता है। ताहिरा कश्यप को भी दूसरी बार ब्रेस्ट कैंसर हो गया है और अयुष्मान खुराना की पत्नी ने इसके बारे  में हाल ही में लोगों को एक पोस्ट के जरिए बताया। इसी बीच एक और एक्टर हैं जो सालों से इस बीमारी से जूझ रहे हैं। इस बीमारी ने उन्हें लाचार और तंगहाल बना दिया है, लेकिन वो आज भी हिम्मत नहीं हारे हैं और इससे लड़ कर जीतने की कोशिश में लगे हुए हैं। बीमारी ने न सिर्फ एक्टर की सेहत खराब की है बल्कि उनको पाई-पाई का मोहताज भी बना दिया है। यही वजह है कि अब एक्टर लोगों से मदद मांग रहे हैं।

इलाज के लिए नहीं बचे पैसे

इस एक्टर के पास अपने कैंसर के इलाज के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। कैंसर का इलाज कराने के चलते एक्टर के पास पैसों की तंगी हो गई। उनकी मदद के लिए कई एक्टर्स आगे आ रहे हैं। टीवी इंडस्ट्री के कई नामी सितारे इस एक्टर की मदद में लग गए हैं। ये एक्टर को और नहीं बल्कि विभु राघव हैं। टीवी इंडस्ट्री का चर्चित नाम रहे विभु राघव कैंसर की चौथी स्टेज से जूझ रहे हैं। अनेरी वजानी और मिश्कत वर्मा स्टारर ‘निशा और उसके कजिन्स’ में विभु नजर आए थे। यही वजह है कि उनकी को-एक्ट्रेस और दोस्त अनेरी वजानी उनकी मदद के लिए आगे आई हैं और उनके लिए एक खास पोस्ट भी साझा किया है। एक्ट्रेस ने फैंस से उनकी मदद करने के लिए गुहार लगाई है।

मदद के लिए आगे आईं ये एक्ट्रेस

अभिनेता पिछले तीन साल से कोलन के स्टेज 4 के न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर से जूझ रहे हैं। इलाज के चलते उनकी आर्थिक स्थिति भी काफी खराब हो गई है और वो काम करने की खासा स्थिति में भी नहीं हैं, लेकिन अब भी उनके अंदर जीने की पूरी चाहत है। उनकी एक्ट्रेस दोस्त सौम्या टंडन ने भी इस बात की जानकारी दी और लोगों से मदद का हाथ आगे बढ़ाने के लिए कहा। इसे पहले एक्ट्रेस सिंपल कौल उनकी मदद में आगे आई थीं। अब सौम्या टंडन और अनेरी उनकी मदद कर रही हैं। एक्टर ने अपने ही एक पोस्ट में बताया था कि उनकी मदद के लिए सौम्या कई सालों से लगी हुई हैं। ‘भाबी जी घर पर हैं’ फेम एक्ट्रेस विभु के लिए किसी एंजल से कम नहीं रही हैं। उन्होंने एक्ट्रेस के लिए एक थैक्ट गिविंग पोस्ट भी इंस्टाग्राम पर लिखा था, जिसमें कहा गया था कि वो उनके काफी करीब हैं और उनके मुश्किल दौर में कई और एंजल्स के बीच वो एक मसीहे की तरह साथ खड़ी हैं।

सौम्या ने किया ये पोस्ट

सौम्या टंडन ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, ‘यह पोस्ट हमारे खूबसूरत दोस्त विभु के लिए है जो 4th स्टेज के कोलन कैंसर से पीड़ित है। उसका टाटा अस्पताल में इलाज चल रहा है और वह कीमोथेरेपी करवा रहा है। हमें उसके इलाज के लिए पैसे और ढेर सारी दुआओं और शुभकामनाओं की जरूरत है। हमें पहले भी आप सभी से बहुत मदद मिली है। इस बार भी उसके लिए पैसे जुटाने की उम्मीद है। कृपया उसका इलाज करवाने में हमारी मदद करें। आप जो भी राशि दे सकते हैं, वो मदद करें। सभी का धन्यवाद। इस लिंक को बायो और स्टोरी में भी डाल रहा हूं।’ अनेरी ने भी ऐसा ही पोस्ट साझा किया है।

5 साल बाद फिर यूट्यूब पर पवन पुत्र का गाना मचा रहा धूम, काजल राघवानी ने किया दीवाना

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह हमेशा चर्चा में रहते हैं, फिर चाहे वो उनकी फिल्में हो या उनके गानों की धुन। वह भोजपुरी और बॉलीवुड में अपनी आवाज और एक्टिंग का जादू चला चुके हैं। पवन सिंह के गाने अक्सर सोशल मीडिया पर छाए रहते हैं जब वो स्टेज पर आते हैं तो एक अलग ही जबरदस्त माहौल बन जाता है। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की कई हीरोइनों के साथ उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया जाता है। वहीं भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर चर्चा में है। इसी बीच अब पवन सिंह के साथ भोजपुरी फिल्मों की मशहूर एक्ट्रेस काजल राघवानी का एक 5 साल पुराना गाना धूम मचा रहा है।

पवन पुत्र का गाना मचा रहा धूम

अगर आप भी पवन सिंह के फैन हैं तो आपके लिए ये गाना बहुत ही खास होने वाला है। पवन सिंह और काजल राघवानी का गाना ‘मूड बनाने में तो टाइम लगता है’ फिल्म ‘पवन पुत्र’ का है और ठीक पांच साल पहले रिलीज हुआ था। अब तक इस गाने को लाखों बार देखा जा चुका है। इस गाने में पवन सिंह बिल्कुल नए अंदाज में नजर आ रहे हैं। पवन सिंह ने इस गाने में भोजपुरी रैप को बहुत अच्छे से पेश करने की कोशिश की है जिसे दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं। गाने में काजल राघवानी और पवन सिंह की केमिस्ट्री देखे लायक है। इस जोड़ी को भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे पॉपुलर जोड़ियों में से एक माना जाता है।

काजल राघवानी-पवन सिंह का रहा जलवा

‘मूड बनाने में तो टाइम लगता है’ में काजल राघवानी की अदाएं देख आप भी उनके दीवाने हो जाएंगे। उनके डांस मूव्स भी लोगों को बहुत पसंद आ रहे हैं। इस गाने को कैलाश आर दास ने कंपोज किया है। इसके बोल आजाद सिंह और श्याम देहाती ने लिखे हैं। फिल्म में पवन सिंह और काजल राघवानी के अलावा प्रियंका पांडे, प्रियंका रेवड़ी, रितु पांडे, उमेश सिंह, ब्रिजेश त्रिपाठी, अमित शुक्ला, इमरोज अख्तर (मुन्ना), अयाज खान, राकेश त्रिपाठी, अनुप अरोड़ा, संजय वर्मा, अनमोल चौगले, निशा झा और जय पांडे भी हैं।

ISSF वर्ल्ड कप 2025: भारत ने 7 मेडल के साथ तीसरा स्थान किया हासिल, सुरुचि सिंह ने किया देश को गौरवान्वित

भारत ने पेरू की राजधानी लीमा में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप निशानेबाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल सात मेडल जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन हालांकि भारतीय प्रशंसकों को थोड़ी निराशा हाथ लगी, जब पृथ्वीराज टोंडिमान और प्रगति दुबे की जोड़ी ट्रैप मिश्रित टीम इवेंट के मेडल राउंड में प्रवेश करने में असफल रही। सिमरनप्रीत कौर बराड़ ने सोमवार को भारत के लिए इस प्रतियोगिता का अंतिम मेडल जीता। उन्होंने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में दमदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में एक और पदक डाला। इस जीत के साथ भारत ने प्रतियोगिता का समापन दो गोल्ड, चार सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल के साथ किया।

मेडल टैली में चीन अव्वल, अमेरिका ने भारत को पछाड़ा

मेडल टैली में चीन सबसे ऊपर रहा, जिसने कुल 13 मेडल जीते, जिनमें चार गोल्ड, तीन सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। अमेरिका ने भारत के बराबर 7 मेडल जीते, लेकिन गोल्ड मेडल की अधिक संख्या के कारण वह दूसरे स्थान पर रहा। भारत को तीसरा स्थान मिला।

सुरुचि इंदर सिंह बनीं भारत की स्टार शूटर

भारत की ओर से सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन 18 वर्षीय सुरुचि इंदर सिंह का रहा। उन्होंने प्रतियोगिता में दो गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का लोहा मनवाया। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में मनु भाकर जैसी अनुभवी खिलाड़ी को पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा उन्होंने सौरभ चौधरी के साथ जोड़ी बनाकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता।

ट्रैप मिश्रित टीम में मेडल से चूका भारत

पृथ्वीराज टोंडिमान और प्रगति दुबे की जोड़ी 134 का संयुक्त स्कोर बनाकर आठवें स्थान पर रही, जिससे वे पदक दौर में जगह नहीं बना सके। वहीं लक्ष्य और नीरू की जोड़ी ने 128 के स्कोर के साथ 13वें स्थान पर रहते हुए प्रतियोगिता का समापन किया। इस इवेंट में केवल शीर्ष चार टीमें ही फाइनल राउंड में जगह बना सकीं।