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हमास ने गाज़ा पुनर्निर्माण प्रस्ताव को नकारा, बोला- मानवीय सहायता के पीछे छुपा है छलावा

फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने रविवार (17 अगस्त, 2025) को इजरायल के गाजा पुनर्वास योजना को सिरे से खारिज कर दिया है. हमास ने कहा कि गाजा सिटी के निवासियों को विस्थापित करने की इजरायल की योजना इलाके के लाखों लोगों के लिए नरसंहार और विस्थापन की एक नई लहर बन जाएगी. हमास ने कहा कि इजरायल की ओर से दक्षिणी गाजा में टेंटों और अन्य आश्रय सामग्रियों को योजनाबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना सिर्फ एक छलावा है.

वहीं, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की सेना (IDF) ने कहा है कि वह रविवार (17 अगस्त, 2025) से टेंट और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है. ताकि फिलिस्तीनी नागरिकों को लड़ाई वाले इलाकों से निकालकर एन्क्लेव के दक्षिणी हिस्से में स्थानांतरित किया जा सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

हमास के इजरायल की मानवीय सहायता को कहा धोखा

हमास ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि मानवीय सहायता के नाम पर इजरायल की ओर से टेंट लगाना सिर्फ एक धोखा है, जिसका मकसद उस क्रूर अपराध को ढकना है जिसे इजरायली सेना अंजाम देने की तैयारी कर रही है.

इजरायल उत्तरी गाजा में शुरू करेगा एक नया अभियान

इजरायल ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि वह एन्क्लेव के सबसे बड़े शहरी इलाके उत्तरी गाजा सिटी पर कंट्रोल करने के लिए एक नया अभियान शुरू करेगा. इजरायल की इस योजना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता को बढ़ा दिया है, क्योंकि इस इलाके में करीब 22 लाख लोगों के घर हैं और जो पहले से ही भारी तबाही झेल चुका है.

2023 में हुई हमास और इजरायल का ये युद्ध

इस युद्ध की शुरुआत 7 अक्टूबर, 2023 को हुई थी, जब फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने दक्षिणी इजरायल में हमला कर दिया था. हमास के हमले में 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 251 लोगों को अगवा कर लिया गया था. वहीं, इजरायल के अधिकारियों के मुताबिक, गाजा में बचे हुए 50 बंधकों में से करीब 20 लोगों के जिंदा होने पर आशंका है.

हमास के हमले के बाद जब इजरायल ने अपना सैन्य अभियान शुरू किया, तब से लेकर अब तक 61 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है और गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इजरायली हमले ने भुखमरी का खतरा पैदा कर दिया है.

आपका विधायक आपके द्वार : 131वाँ संवाद शिविर सम्पन्न, सतत संवाद, संकल्प की शक्ति और समाधान की राह पर सरोजनीनगर

लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा में जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और जनसंपर्क को नई ऊँचाई देने वाले अभियान ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ के अंतर्गत आज 131वाँ विशेष शिविर आयोजित हुआ। यह शिविर सरोजनीनगर दक्षिण तृतीय मंडल अध्यक्ष विनोद मौर्या के कार्यालय, होटल V-Squire (निकट रमाबाई अंबेडकर रैली स्थल) पर सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर क्षेत्रवासियों ने सड़क, नाली, पार्कों का सौन्दर्यीकरण, सोलर लाइट, ओपन एयर जिम, और मेधावी सम्मान जैसी 66 समस्याएँ व सुझाव प्रस्तुत किए, जिनके निस्तारण की कार्यवाही तत्काल प्रारम्भ की गई।

गाँव की शान – मेधावियों को मिला सम्मान

शिविर में ‘गाँव की शान’ पहल के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों –

  • वैभवी दीक्षित (96%)
  • सक्षम कुमार (91%)
  • आश्चर्य कुमार (75%)
  • प्रगति सिंह (77%)

को घड़ी, साइकिल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

अब तक विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा 1500 से अधिक मेधावियों को लैपटॉप, टैबलेट और साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया जा चुका है। यह पहल ग्रामीण बच्चों और युवाओं को उच्च शिक्षा व प्रतिस्पर्धा के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

युवा शक्ति को मिला नया आयाम

डॉ. राजेश्वर सिंह युवाओं को फिट, सक्रिय और सकारात्मक दिशा देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इसी क्रम में आज 141वें यूथ क्लब (Boys) का गठन किया गया और वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट व कैरम जैसी स्पोर्ट्स किट्स वितरित की गईं।

यह अभियान युवाओं में खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दे रहा है।

सम्मान और सहभागिता

शिविर में मंडल अध्यक्ष विनोद मौर्या, महामंत्री शिव प्रकाश मिश्रा, एस.के. श्रीवास्तव, शेष नारायण दीक्षित, शंकर शरण शुक्ला, बूथ अध्यक्ष रश्मि प्रधान, सरला सिंह, अर्चना वोहरा, बीनू मिश्रा सहित अनेक पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही उपस्थित नागरिकों के लिए ‘तारा शक्ति नि:शुल्क रसोई’ के माध्यम से पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई।

131 सप्ताहों से सतत अभियान

‘आपका विधायक – आपके द्वार’ शिविर श्रृंखला 131 सप्ताहों से लगातार जारी है। यह केवल समस्याओं का समाधान ही नहीं, बल्कि जनभागीदारी, मेधावी छात्रों का सम्मान, युवाओं को संसाधन और सामाजिक सहभागिता का सशक्त माध्यम बन चुका है।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का यह प्रयास सरोजनीनगर की जनता की आकांक्षाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में एक सतत और प्रेरक अभियान है।

जमीनी वैश्विक उद्योगपति एलन मस्क : दक्षिण अफ्रीका से लेकर X तक का अद्भुत सफर, नवाचार और विवादों की पूरी कहानी

  • दक्षिण अफ्रीका में जन्मे एलन मस्क ने 12 साल की उम्र में पहला वीडियो गेम बेचा।
  • Zip2 और PayPal की सफलता ने मस्क को वैश्विक पहचान दिलाई।
  • SpaceX ने अंतरिक्ष यात्रा को सस्ता और सुलभ बनाया।
  • Tesla ने इलेक्ट्रिक वाहनों को पर्यावरण-अनुकूल परिवहन का प्रतीक बनाया।
  • ट्विटर को खरीदकर X में बदलना मस्क का सबसे विवादित और चर्चित कदम रहा।

लखनऊ। आधुनिक तकनीकी क्रांति की बात हो और उसमें एलन मस्क का नाम न आए, यह असंभव है। वे केवल एक उद्यमी नहीं, बल्कि ऐसे दूरदर्शी व्यक्ति हैं जिन्होंने अंतरिक्ष यात्रा से लेकर इलेक्ट्रिक वाहन और सोशल मीडिया तक—हर क्षेत्र में नई परिभाषा गढ़ी है।

बचपन और शुरुआती जीवन

एलन मस्क का जन्म 28 जून 1971 को दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया शहर में हुआ। बचपन आसान नहीं था। पिता इंजीनियर और माता मॉडल होने के बावजूद उनका पारिवारिक माहौल उतना सौहार्दपूर्ण नहीं था। मस्क को अक्सर अकेलापन महसूस होता और किताबों में डूबकर वे अपनी कल्पना की दुनिया रचते। यही आदत आगे चलकर उनकी रचनात्मकता और जिज्ञासा की नींव बनी।
महज 12 साल की उम्र में उन्होंने Blastar नामक वीडियो गेम बनाया और उसे बेचकर अपनी प्रतिभा का सबूत दिया। यह उनके उद्यमी जीवन की पहली झलक थी जिसने दिखा दिया कि मस्क अलग सोच रखते हैं और वे अपने विचारों को हकीकत में बदलना जानते हैं।

शिक्षा और अमेरिका की ओर कदम

मस्क ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई दक्षिण अफ्रीका में पूरी की, लेकिन उनका सपना हमेशा सीमाओं से परे था। वे ऐसी जगह जाना चाहते थे जहाँ नवाचार और अवसर की कोई कमी न हो। इसी कारण वे पहले कनाडा गए और फिर अमेरिका पहुँचे। यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से उन्होंने भौतिकी और अर्थशास्त्र में डिग्री हासिल की।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में उन्होंने पीएचडी की शुरुआत की लेकिन केवल दो दिन बाद ही छोड़ दी। कारण यह था कि मस्क का मानना था कि लैब में बैठकर शोध करने की बजाय वास्तविक दुनिया में तकनीक और व्यवसाय के जरिए बदलाव लाना ज्यादा उपयोगी है। यह कदम उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

Zip2 और PayPal से मिली पहली सफलता

साल 1995 में मस्क ने अपने भाई किम्बल के साथ Zip2 नामक कंपनी की स्थापना की। यह ऑनलाइन सिटी गाइड थी जो अख़बारों को इंटरनेट पर स्थानीय जानकारी देने में मदद करती थी। यह स्टार्टअप इतना सफल रहा कि 1999 में Compaq ने इसे 300 मिलियन डॉलर में खरीद लिया।
इसके बाद मस्क ने X.com नाम की ऑनलाइन बैंकिंग कंपनी शुरू की। उस समय ऑनलाइन लेन-देन एक नया विचार था, लेकिन मस्क ने इसमें अपार संभावनाएँ देखीं। यही कंपनी बाद में PayPal बनी और 2002 में eBay ने इसे 1.5 बिलियन डॉलर में अधिग्रहित कर लिया। इस सौदे ने मस्क को न केवल वित्तीय सुरक्षा दी बल्कि उन्हें टेक्नोलॉजी जगत का उभरता सितारा बना दिया।

SpaceX और Tesla का उदय

PayPal की सफलता के बाद मस्क का अगला सपना था—मानव सभ्यता को अंतरिक्ष में ले जाना। उन्होंने 2002 में SpaceX की नींव रखी। शुरुआती रॉकेट लॉन्च असफल रहे, लेकिन मस्क ने हार नहीं मानी। चौथे प्रयास में सफलता मिली और इसके बाद SpaceX ने न केवल नासा के साथ करार किया बल्कि अंतरिक्ष यात्रा को सस्ता और सुलभ बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाए।
2004 में मस्क Tesla Motors से जुड़े। शुरुआती दौर में लोग इलेक्ट्रिक कारों को गंभीरता से नहीं लेते थे, लेकिन मस्क की दूरदर्शिता और जोखिम उठाने की क्षमता ने खेल बदल दिया। आज टेस्ला केवल कार कंपनी नहीं बल्कि पर्यावरण-हितैषी परिवहन का वैश्विक प्रतीक है।

अन्य प्रयोग और कंपनियाँ

एलन मस्क केवल SpaceX और Tesla तक सीमित नहीं रहे। उनकी सोच हर उस क्षेत्र तक फैली जहाँ मानव सभ्यता को नई दिशा मिल सकती थी।

  • SolarCity के माध्यम से उन्होंने सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया।
  • Neuralink ने मानव मस्तिष्क को मशीन से जोड़ने का सपना दिखाया।
  • The Boring Company ने शहरों की ट्रैफिक समस्या का समाधान खोजने का प्रयास किया।
  • OpenAI और xAI के जरिए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सुरक्षित और उपयोगी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया।
  • ये सभी प्रयोग यह दर्शाते हैं कि मस्क का लक्ष्य केवल बिज़नेस नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाना है।

ट्विटर से X तक की यात्रा

मस्क का सबसे चर्चित और विवादित कदम तब सामने आया जब उन्होंने 2022 में ट्विटर को 44 बिलियन डॉलर में खरीद लिया। यह सौदा लंबी कानूनी लड़ाई और कारोबारी जटिलताओं के बाद पूरा हुआ।
2023 में उन्होंने ट्विटर का नाम बदलकर X कर दिया। उनका विज़न है कि यह केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म न रहे, बल्कि “एवरीथिंग ऐप” बने। इसमें पेमेंट, कॉलिंग, शॉपिंग, चैटिंग और वीडियो जैसी सेवाएँ एक ही जगह मिलें। यह विचार चीन के WeChat से प्रेरित है, लेकिन मस्क इसे और बड़े पैमाने पर लागू करना चाहते हैं।

विवाद और लोकप्रियता

मस्क जितने अपने इनोवेशन के लिए जाने जाते हैं, उतने ही विवादों के लिए भी सुर्खियों में रहते हैं। टेस्ला के शेयर प्राइस को लेकर उनके ट्वीट्स, क्रिप्टोकरेंसी पर दिए गए बयान, अथवा X पर उनकी नीतियाँ—ये सब अक्सर बहस का कारण बनते हैं।
इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही। 2021 में Time Magazine ने उन्हें “Person of the Year” घोषित किया। इसके अलावा हॉलीवुड निर्देशक डैरेन एरोनोफ्स्की उनके जीवन पर आधारित एक बायोपिक बनाने जा रहे हैं, जिसकी पूरी दुनिया को प्रतीक्षा है।

असाधारण सफर से मिली प्रेरणा

आज एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर और प्रभावशाली लोगों में गिने जाते हैं। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी दूरदृष्टि और नवाचार है। दक्षिण अफ्रीका से अमेरिका तक, असफलताओं से सफलता तक और ट्विटर से X तक- उनकी यात्रा यह साबित करती है कि बड़े सपने और अटूट संकल्प किसी भी असंभव को संभव बना सकते हैं।
मस्क की कहानी हमें यह प्रेरणा देती है कि चुनौतियाँ चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, नवाचार और मेहनत से भविष्य को बदला जा सकता है।

नई सहकारिता नीति ने सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा दी है: डॉ. प्रवीण सिंह जादौन

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ के निदेशक डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने आज अलीगढ़ सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि “सहकारिता भारतीय ग्रामीण जीवन की आत्मा है। इस नीति का उद्देश्य सहकारी समितियों को और अधिक सशक्त, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है।” डॉ. जादौन ने बताया कि 2034 तक सहकारिता क्षेत्र का देश की GDP में योगदान तीन गुना करने, 50 करोड़ सक्रिय सदस्यों को जोड़ने तथा फरवरी 2026 तक 2 लाख प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की स्थापना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डॉ. जादौन ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी की दूरदृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और अमित शाह जी की ठोस नीतियों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर
के ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की प्रतिबद्धता के कारण सहकारिता क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन संभव हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि यह नीति सहकारी समितियों को केवल कृषि ऋण या उर्वरक वितरण तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें पर्यटन, टैक्सी सेवाएँ, बीमा, ग्रीन एनर्जी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे नए क्षेत्रों में प्रवेश दिलाएगी। इससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर और छोटे किसानों को सामूहिक रूप से बड़े बाजारों तक पहुँचने का अवसर मिलेगा।
डॉ. जादौन ने स्पष्ट किया कि सहकारिता केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक समृद्धि का आधार है। इस नीति से ग्रामीण महिलाओं, दलितों और आदिवासी वर्ग को विशेष लाभ मिलेगा।
प्रेस वार्ता में उन्होंने नीति के छह प्रमुख स्तंभ संरचना को मजबूत करना, सहकारिता को जीवंत बनाना, भविष्य के लिए तैयार करना, समावेशिता बढ़ाना, नए क्षेत्रों में विस्तार करना और युवाओं को जोड़ना पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। सहकारी जनों से आह्वान किया कि वे सहकारी समितियों में सक्रिय भागीदारी करें ताकि आने वाले वर्षों में ‘सहकार से समृद्धि’ का लक्ष्य साकार हो सके। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय सह संयोजक मनीष सिंह चौहान भाजपा के जिला उपाध्यक्ष जयदीप सिंह सहकार भारती उत्तर प्रदेश के प्रदेश सह संपर्क प्रमुख राणा प्रताप सिंह , पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य चमन शर्मा , सहकार भारती के जिला संगठन प्रमुख संजय कुमार गौर जी, जिला महामंत्री श्री सुभाष शर्मा भाजपा के जिला उपाध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि आई टी विभाग के मंडल संयोजक, रितेश वार्ष्णेय जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार जालौन के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राजावत मिनौरा सहकारी संघ के अध्यक्ष श्याम करन प्रजापति उपस्थित रहे l

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरोजनीनगर में ऐतिहासिक बाइक रैली : 25 किलोमीटर लंबी बाइक रैली से तिरंगामय हुआ सरोजनीनगर, युवाओं की देशभक्ति का उत्साह भी दिखा

  • सरोजनीनगर में स्वतंत्रता दिवस पर 25 किमी लंबी बाइक रैली, हज़ारों युवाओं ने लहराया तिरंगा।
  • विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह बुलेट पर सवार होकर युवाओं को दिया आत्मविश्वास और देशभक्ति का संदेश।
  • भारी बारिश के बावजूद तिरंगे की शपथ लेकर उमड़ा सरोजनीनगर का जनसैलाब।
  • रैली में युवाओं ने किया आह्वान – राष्ट्र विरोधी विचारधाराओं के खिलाफ रहेंगे सक्रिय।
  • सरोजनीनगर की बाइक रैली बनी एकता, युवाशक्ति और भारत गौरव का भव्य उत्सव।

लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में एक भव्य 25 किलोमीटर लंबी बाइक रैली निकाली गई। बंथरा से शुरू हुई इस यात्रा में हज़ारों युवाओं ने तिरंगा लहराते हुए बारिश की परवाह किए बिना देशभक्ति का जोश दिखाया। डॉ. सिंह स्वयं बुलेट पर सवार होकर युवाओं का नेतृत्व कर रहे थे।

बारिश में भी नहीं थमा उत्साह

तेज बारिश के बावजूद रैली का उत्साह कम नहीं हुआ। ट्रांसपोर्ट नगर, तेलीबाग, बंगला बाज़ार होते हुए यह रैली डॉ. भीमराव अंबेडकर ऑडिटोरियम, कानपुर रोड, एलडीए कॉलोनी तक पहुँची। हर तरफ़ तिरंगे के साथ “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारे गूंजते रहे।

विधायक का संबोधन: आत्मविश्वास ही भारत की ताकत

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा –
“युवाओं के नए विचार भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार युवाओं को हर स्तर पर सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने याद दिलाया कि भारत पर पिछले हज़ार वर्षों में 200 से अधिक आक्रमण हुए, और हर बार हमारी कमजोरी का फायदा उठाया गया। लेकिन आज भारत आत्मविश्वास और शक्ति के साथ खड़ा है।

राष्ट्र संकल्प का आह्वान

  • डॉ. सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारत-विरोधी और संस्कृति-विरोधी विचारधाराओं के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों।
  • पड़ोसी देशों और विपक्षी राजनीति से पनप रही महिला-विरोधी व संस्कृति-विरोधी मानसिकता को समाप्त करना होगा।
  • स्टार्ट-अप इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों के बल पर भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन चुका है।
  • लक्ष्य है भारत को पुनः विश्व की सर्वोच्च शक्ति बनाना।

तिरंगे की शपथ

रैली में युवाओं ने तिरंगे को राष्ट्र की आन-बान-शान मानते हुए शपथ ली कि आवश्यकता पड़ने पर उसके लिए प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। डॉ. सिंह ने कहा,
“तिरंगा भारत के गौरवशाली अतीत, वर्तमान की प्रतिबद्धता और भविष्य की आकांक्षाओं का प्रतीक है।”

युवाओं को संदेश

डॉ. सिंह ने युवाओं से आह्वान किया:

  • स्त्रियों का सम्मान करें।
  • माता-पिता और बुजुर्गों का आदर करें।

राष्ट्र के लिए सदैव त्याग और सेवा के लिए तैयार रहें।
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका की शीर्ष 33% कंपनियाँ भारतीय मूल के लोगों के नेतृत्व में चल रही हैं — यह भारतीय प्रतिभा की वैश्विक पहचान है।

रैली बनी युवाशक्ति और एकता का उत्सव

भारी बारिश के बावजूद यह बाइक रैली भारत के गौरव, एकता और युवाशक्ति का प्रतीक बन गई। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर, पूर्व सांसद रीना चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष विजय मौर्य, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी समेत सैकड़ों गणमान्य नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।