मुंबई इंडियंस के कोच महेला जयवर्धने ने रोहित शर्मा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि रोहित शर्मा को मुंबई की टीम क्यों इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। जयवर्धने ने बताया कि इस साल फरवरी-मार्च में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से ही रोहित चोट से जूझ रहे हैं। आपको बता दें कि टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
घुटने में लगी चोट की वजह से रोहित इस सीजन के शुरू में LSG के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाए थे। वह पूरे सीजन में वह एक इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलते हुए दिखे हैं। वह पारी के अंत में फील्डिंग के लिए उतर रहे हैं। गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच से पहले हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में महेला जयवर्धने ने कहा कि ये शुरुआत में नहीं था। जाहिर है, रोहित कुछ मैचों में फील्डिंग कर रहे थे। लेकिन अगर आप टीम कॉम्बिनेशन को देखेंगे तो वहां ज्यादातर खिलाड़ी दोहरी भूमिका निभा रहे हैं। इसमें से ज्यादा गेंदबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि फील्डिंग के दौरान आपको दौड़ने वाले खिलाड़ी चाहिए। इसलिए ये भी खेल का हिस्सा है। और रोहित को चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से हल्की चोट लगी है। इसलिए टीम चाहती थी कि हम उन पर ज्यादा दबाव ना डाले और हम ये करने में कामयाब रहे इसलिए बल्लेबाजी ज्यादा महत्वपूर्ण है। जयवर्धने ने रोहित को लेकर कहा कि चाहे वह मैदान पर हो या नहीं, उन्होंने बहुत योगदान दिया है। अगर आपने देखा हो तो वह हमेशा डगआउट में बात करते हैं या टाइमआउट के दौरान फिल्ड पर आते हैं। वह खिलाड़ियों से बात करते रहते हैं। वह काफी ज्यादा सक्रिय हैं।
आईपीएल 2025 में रोहित का प्रदर्शन
आईपीएल 2025 में रोहित शर्मा के प्रदर्शन की बात करें तो वह शुरुआत के कुछ मैचों में फ्लॉप रहे थे। लेकिन बाद में उन्होंने अच्छी वापसी की। रोहित शर्मा ने इस सीजन में अब तक 10 मैच खेले हैं, जहां उन्होंने 32.55 की औसत और लगभग 155 की स्ट्राइक रेट से 293 रन बनाए हैं। इस सीजन अब तक रोहित के बल्ले से 3 अर्धशतकीय पारियां देखने को मिली हैं।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाक प्रायोजित आतंक पर सख्त हुए भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह: कहा, “यह नया भारत है- आज पूरा देश एकजुट है और जरूरत पड़ी तो भारत सीमा पार कर जवाब देगा”
डॉ. राजेश्वर सिंह ने पहलगाम आतंकी हमले को पाकिस्तान की गंदी साजिश बताया।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इंडस वॉटर ट्रीटी और ट्रेड को रद्द कर कड़ा संदेश दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब नया है और जरूरत पड़ी तो सीमा पार कर जवाब देगा।
विधायक ने कहा कि पूरा देश आज एकजुट है और विपक्ष की जातीय साजिशें नाकाम हो चुकी हैं।
भारतीय जल, थल और वायु सेना पूरी तरह सक्षम है और पाकिस्तान भारत के सामने टिक नहीं सकता।
लखनऊ, 6 मई 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले ने देशभर में आक्रोश की लहर फैला दी है। सरोजनीनगर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “बहुत गंभीर” और “पाकिस्तान की गंदी साजिश” बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब भारत केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहेगा, आवश्यकता पड़ी तो सीमा पार करके भी आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मोदी सरकार की विदेश और रक्षा नीति अत्यंत प्रभावी और निर्णायक है। भारत अब पुराना भारत नहीं रहा। उन्होंने कहा, “यह नया भारत है, जो न डरता है, न झुकता है। पाकिस्तान की हर आतंकी हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा, चाहे वह कूटनीतिक स्तर पर हो या सैन्य कार्रवाई के रूप में।”
“पाकिस्तान ने बहुत गंदा किया, अब बख्शा नहीं जाएगा” – डॉ. सिंह
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पाकिस्तान की भूमिका शुरू से ही आतंकवाद को बढ़ावा देने की रही है। उन्होंने कहा: “बहुत गंभीर मामला है और बहुत ही गंदा किया है पाकिस्तान ने। यह ठीक नहीं किया है। मोदी जी कठोर कदम उठा रहे हैं — इंडस वॉटर ट्रीटी को रद्द कर दिया गया है, पाकिस्तान के साथ व्यापार बंद कर दिया गया है, डिप्लोमेटिक मिशन भी हटा लिए गए हैं और पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंचों से अलग-थलग किया जा रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी।
“पूरा देश एकजुट है, अब जातीय राजनीति नहीं चलेगी”
डॉ. सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एकजुट है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा:
“जो विपक्ष पहले जाति और धर्म के नाम पर देश को तोड़ने की कोशिश करता था, वह आज पूरी तरह विफल हो गया है। अब देश को कोई नहीं बांट सकता। पूरे देश की भावना है कि कठोर कार्रवाई हो, और यकीन मानिए, कार्रवाई होकर रहेगी।”
“अगर आवश्यकता हुई तो सीमा पार करके जवाब देंगे”
विधायक डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि यह समय न केवल कड़े शब्दों का है, बल्कि कड़े फैसलों का भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने साबित कर दिया है कि वह किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार है।
“यह नया भारत है। यदि आवश्यकता पड़ी, तो हम सीमा पार कर के भी जवाब देंगे। अब चुप बैठने का समय नहीं है। हमने पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के माध्यम से पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है, और आगे भी देंगे।”
“भारतीय सेना पूरी तरह सक्षम और तैयार”
जब उनसे पूछा गया कि पाकिस्तान की ओर से वीडियो जारी किए जा रहे हैं जिनमें वह युद्ध की तैयारी दिखा रहा है, तो डॉ. सिंह ने जवाब दिया:
“भारतीय सेवा बहुत मजबूत है। हमारी जल, थल और वायु सेनाएं पूरी तरह से सुसज्जित और तैयार हैं। हमारे पास हर तरह के आधुनिक हथियार और तकनीक है। पाकिस्तान कहीं भी भारत के सामने टिक नहीं सकता।”
“अब ऐसी घटनाएं दोहराई नहीं जाएंगी”
अंत में विधायक ने दोहराया कि सरकार की मंशा और नीति अब पूरी तरह स्पष्ट है — भारत अब केवल सहने वाला देश नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करने वाला राष्ट्र बन चुका है।
“जो लोग इस हमले में शामिल हैं या उनका साथ दे रहे हैं, उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कठोरतम कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।”
डॉ. राजेश्वर सिंह का यह बयान देश की वर्तमान सुरक्षा नीति और राष्ट्रीय भावना का स्पष्ट प्रतिबिंब है। उनका कहना है कि भारत अब ऐसा देश बन चुका है जो न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करता है, बल्कि आतंक के स्रोत पर भी आघात करने की क्षमता और इच्छाशक्ति रखता है। विपक्ष को चेतावनी देते हुए उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अब देश को जाति-धर्म के नाम पर बांटने की कोई साजिश काम नहीं आने वाली है। पूरा देश एकजुट है और प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है।
मालदीव के विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को झूठे दावे करने के मुद्दे पर घेर लिया है। विपक्ष ने मुइज्जू से माफी मांगने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि मुइज्जू ने कहा है कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अन्य देशों के साथ किए गए समझौतों को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। इस पर विपक्षी नेता ने मुइज्जू की आलोचना करते हुए कहा कि भारत जैसे देशों के साथ समझौतों के संबंध में 2023 के चुनाव प्रचार के दौरान किए गए “झूठे दावे” के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
ऑनलाइन समाचार पोर्टल अधाधूडॉटकॉम की खबर के अनुसार, मुइज्जू ने शनिवार को अपने कार्यालय में लंबे समय तक चले एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह सैन्य समझौतों का खुलासा करने के अपने वादे के अनुरूप काम कर रहे हैं और उन्होंने देरी के लिए गोपनीयता के मुद्दों को जिम्मेदार ठहराया। समाचार पोर्टल ने उनके हवाले से कहा, ‘‘द्विपक्षीय चर्चाएं जारी हैं। कोई मुद्दा नहीं है। हालांकि, चूंकि मैंने एक संकल्प लिया है, इसलिए हम द्विपक्षीय चर्चाओं के माध्यम से खुलासा करने का प्रयास कर रहे हैं। कोई चिंता की बात नहीं है।’’
2023 में चुनाव प्रचार के दौरान मुइज्जू पर झूठे दावे का आरोप
पीएसएम न्यूज की खबर के अनुसार, मुइज्जू ने यह टिप्पणी 15 घंटे तक चले एक संवाददाता सम्मेलन में की। पीएसएम न्यूज ने दावा किया कि मुइज्जू के इस संवाददाता सम्मेलन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सत्ता में आने से पहले, मुइज्जू के नेतृत्व वाली पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) ने पूर्ववर्ती मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) सरकार द्वारा अन्य देशों, विशेषकर भारत के साथ हस्ताक्षरित समझौतों पर चिंता व्यक्त की थी। मुइज्जू और उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पहले कहा था कि इन समझौतों से मालदीव की संप्रभुता प्रभावित होगी। मुइज्जू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री और विपक्षी एमडीपी प्रमुख अब्दुल्ला शाहिद ने उनकी आलोचना की और कहा कि मालदीव और भारत के लोग 2023 के चुनाव प्रचार के दौरान समझौतों पर उनके झूठे दावों के लिए माफी के हकदार हैं।
मुइज्जू पर भारत के खिलाफ पैदा किया अपने लोगों में भय
शाहिद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘सालों के झूठे दावों के बाद, राष्ट्रपति मुइज्जू ने अब पुष्टि की है कि मालदीव और भारत के बीच द्विपक्षीय समझौतों को लेकर कोई “गंभीर चिंता” नहीं है। उन्होंने 2023 का राष्ट्रपति चुनाव एक ऐसे अभियान के दम पर जीता है, जिसमें दावा किया गया था कि ये समझौते हमारी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह आख्यान उनके शब्दों से ही ढह गया है। इसने भय उत्पन्न किया, विश्वास तोड़ा और वैश्विक स्तर पर मालदीव की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचायी। मालदीव और भारत के लोग माफी के हकदार हैं।’’ नवंबर 2023 में चीन समर्थक राष्ट्रपति मुइज्जू के पदभार संभालने के बाद से मालदीव और भारत के द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट देखी गई है। उनके कहने पर, भारत ने विमान और हेलीकॉप्टर के रखरखाव के लिए तैनात अपने सैन्य कर्मियों को वापस बुला लिया था।
कई लोग म्यूजिक या मूवीज के शौकीन होते हैं और वह अपने इस अनुभव को और बेहतर करना चाहते हैं जिसके लिए वह कई बार तरह-तरह के साउंडबार का इस्तेमाल करते हैं. बता दें कि एक अच्छा साउंडबार जरूर आपके लिविंग रूम में होना चाहिए. आज बाजार में कई कंपनियों के साउंडबार मौजूद हैं जो न सिर्फ दमदार ऑडियो क्वालिटी प्रदान करते हैं बल्कि आपके होम एंटरटेनमेंट को भी और शानदार बना देते हैं. ऐसे में अगर आपका बजट 20 हजार रुपये है तो मार्केट में आपके लिए कई ऑप्शन मौजूद हैं. आइए जानते हैं आपके लिए कौन सा साउंडबार एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.
सोनी का साउंडबार अपने बेहतरीन साउंड क्वालिटी के लिए जाना जाता है. अगर आप ज्यादा बैलेंस्ड और न्यूट्रल साउंड की तलाश में हैं तो Sony HT-S400 या JBL Bar 2.1 Deep Bass जैसे विकल्प बेहतर रहेंगे. JBL मॉडल 300 वॉट के आउटपुट के साथ आता है और इसका प्राइस करीब 22,999 रुपये है. जबकि Sony का HT-S20R मॉडल 5.1 चैनल और 400 वॉट आउटपुट के साथ केवल 15,989 रुपये में मिलता है.
Mivi Soundbar
Mivi Fort H880 एक ऐसा ही साउंडबार है जो कम कीमत में बेहतरीन फीचर्स ऑफर करता है. इसका लुक काफी प्रीमियम है जिसमें मेटालिक मेश, लेदर फिनिश और ग्लॉसी डिजाइन शामिल है. इसमें वायरलेस सबवूफर और स्पीकर्स हैं जो यूज़ के दौरान एक इमर्सिव एक्सपीरियंस देते हैं. 5.2 चैनल सेटअप होने के कारण यह आपको होम थिएटर जैसा फील देता है. हालांकि इसका ऑडियो सिग्नेचर थोड़ा भारी बास वाला है जिससे कभी-कभी वोकल्स और हाई टोन दब सकते हैं. इसकी कीमत 20 हजार रुपये के अंदर है.
Zebronics का साउंडबार
बता दें कि अगर आप 15 हजार रुपये से भी कम कीमत में एक बेहतरीन साउंडबार की तलाश में हैं तो Zebronics Juke Bar 9400 Pro आपके लिए एक परफेक्ट ऑप्शन साबित हो सकता है. बता दें कि इस साउंडबार की कीमत महज 10,999 रुपये रखी गई है. यह 5.1 चैनल सिस्टम के साथ 500 वॉट तक की पावर देता है.
मार्केट में ज्यादातर इलेक्ट्रिकल सामान 5 स्टॉर हो चुके हैं. इसका मतलब होता है कि 5 स्टॉर वाले डिवाइस कम बिजली खपत करते हैं. इसी तर्ज पर अब स्मार्टफोन और टैबलेट भी 5 स्टॉर आने वाले हैं. सरकार अब इन डिवाइसों के लिए भी रेटिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी में है. इसका उद्देश्य है ग्राहकों को ये बताना कि कोई स्मार्टफोन या टैबलेट कितनी आसानी से रिपेयर हो सकता है.
जानकारी के मुताबिक, एक सरकारी कमेटी ने हाल ही में मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी है जिसमें स्मार्टफोन और टैबलेट पर “रिपेयरबिलिटी रेटिंग” देने का प्रस्ताव रखा गया है. इस रेटिंग से ग्राहक यह जान पाएंगे कि किसी फोन को ठीक कराना कितना आसान या मुश्किल है. इससे उन्हें खरीदारी के समय सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी.
रिपेयरबिलिटी इंडेक्स से मिलेगी सही जानकारी
इस प्रस्ताव के अनुसार, प्रोडक्ट को 5-पॉइंट रेटिंग स्केल पर मापा जाएगा. यह रेटिंग फोन की बैटरी, स्क्रीन, कैमरा, चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर को रिपेयर करने में लगने वाले समय और खर्च पर बेस्ड होगी. साथ ही ये भी देखा जाएगा कि फोन को खोलना कितना सरल है, कौन से टूल्स इस्तेमाल हुए हैं और स्पेयर पार्ट्स कितनी आसानी से उपलब्ध हैं.
शुरुआत में सिर्फ स्मार्टफोन और टैबलेट इस दायरे में आएंगे लेकिन आगे चलकर इसमें लैपटॉप, डेस्कटॉप और अन्य गैजेट्स को भी जोड़ा जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, उपभोक्ता हेल्पलाइन पर इस विषय में 20,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं जिसके बाद यह कदम उठाया गया.
पैकेजिंग और वेबसाइट पर दिखेगी रेटिंग
बता दें कि कमेटी की सिफारिश है कि यह रेटिंग कंपनियों को अपने प्रोडक्ट की पैकेजिंग और आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से दिखानी होगी. आपको बता दें कि डिवाइस की जो सर्विस आसान होगी उसे 5-स्टार रेटिंग दी जाएगी. वहीं, जो सर्विस औसर होगी उसे 3-स्टार जैसी रेटिंग दी जाएगी. हालांकि, इस नियम की शुरुआत में सिर्फ स्मार्टफोन्स और टैबलेट ही शामिल होंगे. फीचर फोन्स को फिलहाल इससे बाहर रखा जाएगा.