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Asia Cup Record: सबसे बड़ी पारी खेलने वाले पांच खिलाड़ी, क्या इनमें विराट कोहली और बाबर आजम शामिल?

 एशिया कप वनडे क्रिकेट का वह टूर्नामेंट है जहां एशियाई दिग्गज टीमें आमने-सामने होती हैं. इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजों के पास चमकने का बड़ा मौका होता है. इस टूर्नामेंट के इतिहास में कई शानदार पारियां देखने को मिली हैं. आइए जानते हैं एशिया कप (ODI) के टॉप 5 हाईएस्ट इंडिविजुअल स्कोर क्या रहा है और कौन सा खिलाड़ी इस लिस्ट में टॉप पर है.

विराट कोहली – 183 रन (भारत बनाम पाकिस्तान, 2012)

भारतीय रन मशीन विराट कोहली ने एशिया कप 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ मीरपुर में अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेली थी. उन्होंने 148 गेंदों पर 183 रन ठोके, जिसमें 22 चौके और 1 छक्का शामिल था. 123.64 की स्ट्राइक रेट से खेली गई यह पारी अब तक एशिया कप इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है.

बाबर आजम – 151 रन (पाकिस्तान बनाम नेपाल, 2023)

पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने एशिया कप 2023 के उद्घाटन मैच में नेपाल के खिलाफ मुल्तान में शानदार बल्लेबाजी का नजारा पेश किया था. उन्होंने 131 गेंदों पर 151 रन बनाए थे. इस पारी में 14 चौके और 4 छक्के शामिल थे. बाबर की इस पारी ने उन्हें एशिया कप के हाई स्कोरर्स की लिस्ट में जगह दिलाई है.

यूनुस खान – 144 रन (पाकिस्तान बनाम हांगकांग, 2004)

कोलंबो के SSC मैदान पर यूनुस खान ने 122 गेंदों पर 144 रनों की तेजतर्रार पारी खेली थी. इस इनिंग में 8 चौके और 3 छक्के शामिल थे. उनकी इस पारी ने पाकिस्तान को एकतरफा जीत दिलाई थी और यह भी साबित किया था कि मिडिल ऑर्डर में वे कितने भरोसेमंद बल्लेबाज थे.

मुशफिकुर रहीम – 144 रन (बांग्लादेश बनाम श्रीलंका, 2018)

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ मुशफिकुर रहीम ने 150 गेंदों में 144 रन बनाए थे. इस पारी में 11 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल थे. रहीम की यह इनिंग बांग्लादेश क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक रही और टीम को मजबूत मंच प्रदान किया था.

शोएब मलिक – 143 रन (पाकिस्तान बनाम भारत, 2004)

भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा खास होता है. 25 जुलाई 2004 को कोलंबो में शोएब मलिक ने 127 गेंदों पर 143 रनों की शानदार पारी खेली थी. उनकी पारी में 18 चौके और 1 छक्का शामिल रहा. इस पारी ने पाकिस्तान की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई थी.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा : भारत-पाकिस्तान हालात पर हमारी नजर रोजाना रहती है

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार (17 अगस्त 2025) को यूक्रेन युद्ध पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि युद्ध में सीजफायर तभी संभव है जब दोनों पक्ष गोलीबारी रोकने पर सहमत हों. हालांकि, रूस अब तक इसके लिए तैयार नहीं है. युद्धविराम तक पहुंचना ही मुश्किल नहीं है, बल्कि उसे बनाए रखना और भी जटिल है. यूक्रेन में चल रहे साढ़े तीन साल लंबे युद्ध के संदर्भ में यह चुनौती और गंभीर हो जाती है.

रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का लक्ष्य केवल अस्थायी युद्धविराम नहीं है, बल्कि रूस और यूक्रेन के बीच ऐसा शांति समझौता है, जो भविष्य में भी युद्ध रोक सके. एनबीसी न्यूज़ से बातचीत में रुबियो ने भारत और पाकिस्तान को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि हम हर दिन पाकिस्तान और भारत के बीच क्या हो रहा है, उस पर नजर रखते हैं. इस तरह हम कंबोडिया और थाईलैंड जैसे क्षेत्रों पर भी निगरानी रखते हैं. उन्होंने आगे कहा कि युद्धविराम कभी भी जल्दी टूट सकता है, इसलिए अमेरिका का फोकस स्थायी समाधान पर है.

ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकता का ज़िक्र
फॉक्स बिजनेस को दिए एक अन्य इंटरव्यू में रुबियो ने भारत-पाकिस्तान संबंधों का ज़िक्र करते हुए कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि हमारे पास ऐसा राष्ट्रपति है, जिसने शांति को अपनी प्राथमिकता बनाया है. हमने इसे कंबोडिया-थाईलैंड और भारत-पाकिस्तान में देखा है. हालांकि, ये पहली बार नहीं है , जब अमेरिका ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर दावा किया है. इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप लगातार इस तरह का दावा करते रहे हैं.

भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने हमेशा किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की बात से इनकार किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान साफ कहा था कि किसी भी देश ने भारत को ऑपरेशन रोकने के लिए नहीं कहा. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी स्पष्ट किया था कि पाकिस्तान के साथ हुए युद्धविराम समझौते में किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी.

चौथे दिन भी छाया रहा ‘वॉर 2’, दो रिकॉर्ड अपने नाम कर आमिर खान की फिल्म को दी मात

ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की ‘वॉर 2’ को रजनीकांत की कुली से कड़ा मुकाबला करना पड़ रहा है. दोनों ही फिल्में 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इनकी शुरुआत भी बंपर रही है. हालांकि कमाई के मामले में कुली आगे चल रही है लेकिन ‘वॉर 2’ भी अच्छा कारोबार कर ही है. वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की इस फिल्म ने रिलीज के चौथे दिन यानी संडे को कितना कारोबार किया है चलिए इस रिपोर्ट में जानते हैं.

‘वॉर 2’ ने चौथे दिन कितनी की कमाई?
ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर स्टारर ‘वॉर 2’ साल की मच अवेटेड फिल्म थी. इस एक्शन पैक्ड थ्रिलर की शुरुआत अच्छी हुई थी. इसके बाद दूसरे दिन स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी का इसे खूब फायदा मिला और इसने 10.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की. हालांकि, ओपनिंग वीकेंड पर इसकी कमाई में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन फिर इसने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कारोबार किया है. फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो

    • ‘वॉर 2’ ने रिलीज के पहले दिन 52 करोड़ का कलेक्शन किया था.
    • दूसरे दिन फिल्म ने 10.29 फीसदी की तेजी दिखाते हुए 57.35 करोड़ कमाए.
    • तीसरे दिन ‘वॉर 2’ की कमाई में 42.02 फीसदी की गिरावट आई और इसने 33.25 करोड़ का कारोबार किया.
    • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘वॉर 2’ ने रलीज के चौथे दिन 31 करोड़ का कलेक्शन किया है.
    • इसी के साथ ‘वॉर 2’ की चार दिनों की कुल कमाई अब 173.60 करोड़ रुपये हो गई है.

‘वॉर 2’ ने चटाई आमिर खान की फिल्म को धूल
रविवार के ‘वॉर 2’ ने धमाल मचा दिया. इस फिल्म ने 170 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ‘सितारे ज़मीन पर के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया हैं. आमिर खान की इस फिल्म ने भारत में 166.58 करोड़ (कोईमोई के आंकड़े) किया था. वहीं ‘सितारे ज़मीन पर’ को मात देकर ‘वॉर 2’  साल 2025 की छठी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बन गई है. अब इसका अगला शिकार रेड 2 (179.3 करोड़ रुपये) होने वाली है. सोमवार को ‘वॉर 2’ अजय देवगन की फिल्म को भी मात दे देगी.

साल 2025 की बनी सबसे बड़ी ओपनिंग वीकेंड फिल्म
‘वॉर 2’ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. ये फिल्म 173.60 करोड़ की कमाई कर साल 2025 की सबसे बड़ी ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन करने वाली फिल्म बन गई है. बता दें कि इसने ‘छावा’ के 121.43 करोड़ के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है.

‘वॉर 2’ के बारे में
बता दें कि ‘वॉर 2’ वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की छठी फिल्म है. इस यूनिवर्स में टाइगर फ्रेंचाइजी, पठान और आलिया भट्ट, शरवरी वाघ और बॉबी देओल स्टारर अपकमिंग फिल्म अल्फा भी शामिल है. वहीं ‘वॉर 2’ का निर्देशन अयान मुखर्जी ने किया है और फिल्म में ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर के अलावा कियारा आडवाणी ने अहम रोल प्ले किया है.

पुतिन का शांति प्रस्ताव: बोले- कुछ शर्तें मानें तो छोड़ देंगे यूक्रेन की ज़मीन

डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच हुए अलास्का शिखर सम्मेलन के बाद रूस ने युद्ध समाप्त करने को लेकर प्रस्ताव की रूपरेखा तय की है. शांति प्रस्ताव के तहत पुतिन चाहते हैं कि जेलेंस्की यूक्रेन के पूर्वी हिस्से वाली जमीन को छोड़ दें, जिसके बदले में रूस ने यूक्रेन पर जिन छोटे-छोटे जगहों को कब्जा किया है उसे छोड़ देगा.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्र ने दावा किया कि पुतिन के प्रस्ताव पर सोमवार (18 अगस्त 2025) को ट्रंप, जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के बीच चर्चा होगी. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह पुतिन का आखिरी प्रस्ताव है या फिर इसमें फेरबदल हो सकती है. पुतिन की कुछ मांगें ऐसी हैं, जो यूक्रेन के नेतृत्व के लिए स्वीकार करने में बड़ी चुनौतियां पेश करेंगी.

रूस को देना होगा डोनबास का ये इलाका

पुतिन के प्रस्ताव से एक बात साफ है कि फिलहाल कोई सीजफायर नहीं हो रहा है यानी कि रूस यूक्रेन पर हमला करता रहेगा. ये जेलेंस्की के लिए चिंता की बात है क्योंकि रूस रोज ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित रूसी समझौते के तहत यूक्रेन को डोनेट्स्क और लुगांस्क का क्षेत्र मॉस्को को देना होगा, जिसके बदलने में रूस खेरसॉन और जापोरीज्जिया के दक्षिणी क्षेत्रों में हमला करना रोक देगा.

रूस छोड़ देगा यूक्रेन की जमीन

जेलेंस्की ने पहले ही डोनेट्स्क समेत कोई भी जमीन रूस को देने से इनकार कर दिया है. यूक्रेन का कहना है कि ये क्षेत्र कीव को रूसी हमलों का जवाब देने के लिहाज से काफी अहम है. रिपोर्ट के मुताबिक रूस, उत्तरी सुमी और उत्तर-पूर्वी खार्किव क्षेत्रा का जमीन यूक्रेन को वापस करने के लिए तैयार है, जिस पर फिलहाल पुतिन की सेना ने कब्जा कर रखा है.

यूक्रेन के डीप स्टेट बैटलफील्ड मैपिंग प्रोजेक्ट के अनुसार, रूस के पास सूमी और खार्किव क्षेत्रों का लगभग 440 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र है. यूक्रेन डोनबास के लगभग 6600 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर नियंत्रण रखता है , जिसमें डोनेट्स्क और लुगांस्क क्षेत्र शामिल हैं और जिस पर रूस अपना दावा करता है.

यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं होने दिया जाएगा

रिपोर्ट में सूत्रों ने दावा किया कि यूक्रेन को नाटो सैन्य गठबंधन में शामिल होने से भी रोक दिया जाएगा. हालांकि पुतिन यूक्रेन को किसी प्रकार की भी सुरक्षा गारंटी दिए जाने के लिए तैयार हैं. बताया जा रहा है कि रूस यूक्रेन के कुछ हिस्सों में या पूरे यूक्रेन में रूसी भाषा के लिए आधिकारिक दर्जा की मांग करेगा. साथ ही रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च को स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार भी मांगेगा.

यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी ने मास्को से जुड़े इस चर्च पर रूस के समर्थन में दुष्प्रचार करके और जासूसों को पनाह देकर यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. हालांकि चर्च ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि उसने मास्को के साथ अपने कानूनी संबंध समाप्त कर लिए हैं.

पुतिन से मीटिंग के दो दिन बाद ट्रंप बोले – रूस मुद्दे पर हुई अहम प्रगति

अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हुई मुलाकात के दो दिन बाद रविवार (17 अगस्त, 2025) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को लेकर बड़े प्रगति का ऐलान किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (17 अगस्त, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी साझा की है.

ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा, “रूस मामले पर बड़ी प्रगति हुई है. आगे की जानकारी के लिए जुड़े रहिए!” हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे लेकर विस्तार से कोई जानकारी साझा नहीं की.

अलास्का के एक एयरबेस पर हुई ट्रंप-पुतिन की मुलाकात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात शुक्रवार (15 अगस्त, 2025) को अलास्का के एंकरेज स्थित एल्मेंडॉर्फ एयरफोर्स बेस पर हुई. एल्मेंडॉर्फ एयरबेस पर ट्रंप और पुतिन की मुलाकात तीन घंटे से ज्यादा समय तक चली.

यह पहली बार था रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फरवरी, 2022 में यूक्रेन पर हमले के आदेश देने के बाद पश्चिमी जमीन (अमेरिका में) पर प्रवेश करने की अनुमति मिली. वहीं, दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच यह मुलाकात छह साल के अंतराल के बाद हुई.

ट्रंप और पुतिन ने अपनी बातचीत को बताया सकारात्मक

हालांकि, अलास्का शिखर सम्मेलन में ट्रंप और पुतिन की मुलाकात के दौरान किसी तरह की बड़ी घोषणा नहीं की गई. लेकिन दोनों ही नेताओं ने अपनी बातचीत को सकारात्मक बताया. वहीं, अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने रविवार (17 अगस्त, 2025) को कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन ने अपनी अहम बैठक के दौरान यूक्रेन के लिए मजबूत सुरक्षा गारंटी पर सहमति जताई है. स्टीव विटकोव ने सीएनएन से कहा, “हमने मजबूत सुरक्षा गारंटियों पर सहमति जताई है, जिन्हें मैं गेम-चेंजिंग कहूंगा.”

रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा कि ट्रंप और पुतिन ने मुलाकात के दौरान ऐसे प्रस्तावों पर चर्चा की, जिसमें रूस ने अपने कब्जे वाले छोटे यूक्रेनी इलाकों को छोड़ने की बात कही है और बदले में यूक्रेन से पूर्वी हिस्से की मजबूत किलाबंद जमीन सौंपने को कहा है और बाकी मोर्चों पर स्थिति को स्थिर करने की बात कही है.