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एशिया कप 2025 से पहले टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ का बड़ा बदलाव – 15 साल से जुड़े इस सदस्य को दिखाया बाहर का रास्ता

भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी जहां एक तरफ 9 सितंबर से शुरू होने वाले एशिया कप 2025 की तैयारी में जुटे हुए हैं, तो वहीं इसी बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सपोर्ट स्टाफ एक बड़ा बदलाव कर दिया है। टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ का पिछले 15 साल से हिस्सा रहने वाले मालिशिए राजीव कुमार से अब बीसीसीआई ने नाता तोड़ने का फैसला लिया है। राजीव कुमार का इंग्लैंड दौरे के बाद अनुबंध खत्म हो गया था जिसे अब बीसीसीआई ने आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है।

बीसीसीआई लगातार सपोर्ट स्टाफ में कर रहा बदलाव

टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में पिछले काफी समय से लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। राजीव कुमार जो पिछले 15 साल ड्रेसिंग रूम में प्लेयर्स की मालिश कर उनकी थकान को दूर करते थे उनकी जहां अब छुट्टी हो गई है। वहीं इससे पहले बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के बाद उस समय अस्सिटेंट कोच अभिषेक नायर की छुट्टी कर दी थी। इसके अलावा स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच रहे सोहम देसाई की भी सपोर्ट स्टाफ से छुट्टी कर दी गई थी। ऐसा माना जा रहा है कि भारतीय टीम के थिंक टैंक के एक प्रभावशाली सदस्य का मानना ​​है कि सहयोगी स्टाफ के राष्ट्रीय टीम के साथ बहुत लंबे समय तक बने रहने से टीम को मिलने वाला लाभ कम होता है। एक विचारधारा यह भी है कि लंबे समय तक सहयोगी स्टाफ के साथ रहने से सभी खिलाड़ियों के साथ एक निश्चित सहजता का स्तर बढ़ जाता है और यह टीम के विकास के लिए हानिकारक है।

एशिया कप 2025 पर टीम इंडिया के प्रदर्शन पर सभी की नजरें

यूएई में 9 सितंबर से होने वाले एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टीम की स्क्वाड का ऐलान बीसीसीआई की तरफ से कुछ दिन पहले ही किया गया था, जिसमें कप्तानी की जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव को सौंपी गई है। वहीं उपकप्तान शुभमन गिल को बनाया गया है, जो लंबे समय के बाद टी20 टीम में वापसी कर रहे हैं। अगले साल की शुरुआत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम के लिए एशिया कप काफी अहम रहने वाला है जिसमें कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजरें रहेंगी।

Sports News: पाकिस्तान का बहुत बड़ा कीर्तिमान ध्वस्त, ऑस्ट्रेलिया में बजा साउथ अफ्रीका का डंका

साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। साउथ अफ्रीकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को लगातार दूसरे ODI में मात देकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इस जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर तीसरी बार द्विपक्षीय ODI सीरीज जीतने का गौरव हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि अब साउथ अफ्रीका की टीम ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा ODI सीरीज जीतने वाली विदेशी टीम बन गई है। इससे पहले पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका दोनों के नाम दो-दो सीरीज जीतने का रिकॉर्ड था। लेकिन इस जीत ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए साउथ अफ्रीका को इस लिस्ट में शीर्ष पर पहुंचा दिया।

साउथ अफ्रीका ने पाकिस्तान को पछाड़ा

ऑस्ट्रेलिया की धरती पर जीतना किसी भी विदेशी टीम के लिए बेहद मुश्किल माना जाता है। तेज और बाउंस वाली पिचों पर मेजबान गेंदबाजों के सामने टिक पाना आसान नहीं होता। इसी वजह से क्रिकेट इतिहास में अब तक बहुत कम टीमें वहां जाकर सीरीज जीत पाई हैं। भारत, इंग्लैंड और श्रीलंका जैसी टीमें भी केवल एक-एक बार ही ऑस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज जीत सकी हैं। वहीं, पाकिस्तान ने दो बार यह उपलब्धि हासिल की थी, लेकिन अब साउथ अफ्रीका ने तीन सीरीज जीतकर सबको पीछे छोड़ दिया।

ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीतने वाली टीमें (न्यूनतम 3 मैचों की सीरीज)

  • 3 – साउथ अफ्रीका*
  • 2 – पाकिस्तान
  • 1 – श्रीलंका
  • 1 – इंग्लैंड
  • 1 – भारत

ऑस्ट्रेलिया पर मंडराया क्लीन स्वीप का खतरा

साउथ अफ्रीका की यह ODI सीरीज जीत सिर्फ नंबर तक सीमित नहीं है, बल्कि टीम की निरंतरता और मजबूत प्रदर्शन को भी दर्शाती है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही डिपॉर्टमेंट में अफ्रीकी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को उसके घर पर मात देने में सफलता हासिल की। अब साउथ अफ्रीका के पास 3-0 से सीरीज जीतकर क्लीन स्वीप करने का सुनहरा मौका है। अगर ऐसा होता है तो यह उपलब्धि क्रिकेट इतिहास के पन्नों में और भी सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो जाएगी। ODI सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 24 अगस्त को मकाय में खेला जाएगा। 

ढाका: पाकिस्तानी मंत्री व्यापार बढ़ाने पहुंचे, सवाल उठा – “दो कंगाल देश एक-दूसरे की कितनी मदद कर पाएंगे?”

 पाकिस्तान और बांग्लादेश, दो ऐसे मुल्क जो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, अब एक-दूसरे का हाथ थामकर तरक्की की राह तलाश रहे हैं। शुक्रवार को पाकिस्तान के कॉमर्स मिनिस्टर जाम कमाल खान ने बांग्लादेश में कारोबारी लीडर्स से मुलाकात की और दोनों मुल्कों के बीच व्यापार और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने की बात कही। जाम कमाल खान ने चटगांव शहर में बिजनेस कम्युनिटी से बात करते हुए कहा कि दोनों देशों के पास खाने-पीने की चीजें, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, चमड़ा और जूते जैसे इंडस्ट्रीज में पहले से ही तालमेल है।

‘हमें ज्यादा रिसर्च की जरूरत नहीं है’

खान ने कहा, ‘हमें ज्यादा रिसर्च की जरूरत नहीं है, क्योंकि कई सेक्टर्स पहले से ही एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं।’ उन्होंने प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (PTA) का आइडिया भी रखा, जिसके तहत दोनों मुल्क कुछ खास सेक्टर्स में एक-दूसरे को खास मौके दे सकते हैं। इससे दोनों देशों को फायदा होगा। यह बयान जाम कमाल ने चटगांव चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (CCCI) के एक प्रोग्राम में दिया, जो उनकी बांग्लादेश यात्रा के तीसरे दिन हुआ। गुरुवार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कॉमर्स सलाहकार शेख बशीरउद्दीन के साथ उनकी मुलाकात हुई थी।

दोनों मुल्क करीब आने की कोशिश कर रहे

पाकिस्तान और बांग्लादेश के रिश्तों में पिछले कुछ सालों में खटास आई थी, खासकर 2010 में जब बांग्लादेश की पिछली सरकार ने 1971 की आजादी की जंग में पाकिस्तानी फौज के साथियों के खिलाफ ट्रायल शुरू किया था। लेकिन अब, मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के आने के बाद दोनों मुल्क करीब आने की कोशिश कर रहे हैं। जाम कमाल गुरुवार को बांग्लादेश पहुंचे थे, और शनिवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार भी ढाका पहुंचने वाले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन दोनों मंत्रियों की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पांच समझौता-पत्रों (MoUs) पर दस्तखत होने की उम्मीद है।

2024-25 में हुआ 865 मिलियन डॉलर का व्यापार

पिछले साल दोनों मुल्कों के बीच व्यापार में बढ़ोतरी देखी गई है। 2024-25 में दोनों देशों का कुल व्यापार 865 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। बांग्लादेश का पाकिस्तान को निर्यात 78 मिलियन डॉलर रहा, जो पिछले साल से 20 फीसदी ज्यादा है। वहीं, पाकिस्तान का निर्यात भी 28 फीसदी बढ़ा है। दोनों मुल्कों के इस नए जोश और आपसी तालमेल से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उनके आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे। क्या यह दोस्ती दोनों कंगाल देशों को आर्थिक तंगी से निकाल पाएगी? यह वक्त बताएगा।

गोविंदा से तलाक की अटकलों पर पत्नी सुनीता अहूजा का बयान – कहा, “मामला राजनीति का है, शादी का नहीं”

गोविंदा की पत्नी सुनीता अहूजा अक्सर ही अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। इससे पहले भी कई बार अपने बेवाक विचारों को लेकर  खबरों में रहने वाली सुनीता एक बार फिर चर्चा में हैं। हाउटरफ्लाई की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुनीता ने गोविंदा से तलाक की अर्जी दी है। हालांकि अभी तक ये साफ नहीं है कि इस रिपोर्ट में कितनी सच्चाई है। लेकिन इन तलाक की अफवाहों के बीच सुनीता  अहूजा का एक पुराना वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने गोविंदा से अलग रहने की असल वजह का खुलासा किया है। सुनीता बताती हैं कि  लड़की नहीं बल्कि राजनीति के लोग घर आने के कारण सुनीता अलग रहती हैं। गोविंदा और सुनीता लंबे समय से अलग रह रही हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि दोनों के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। बल्कि सुनीता ने इस वीडियो में बताया था दरअसल राजनीति में जाने के बाद गोविंदा से  लोग बेटाइम आते रहते हैं। गोविंदा लेट सोते हैं और वहां लोगों का आना- जाना लगा रहता है। इसके चलते सुनीता और गोविंदा अलग-अलग बंगले में रहते हैं। 

 नए  ब्लॉग में चंडीगढ़ की कराई थी सैर

अपने नवीनतम व्लॉग में सुनीता दर्शकों को मुंबई से चंडीगढ़ की अपनी यात्रा पर ले गईं और मां महाकाली और काल भैरव के मंदिरों के दर्शन कराए। मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर मां महाकाली के मंदिर पहुंचते हुए, जब पंडित से उनकी प्रार्थनाओं के बारे में पूछा गया, तो वह भावुक हो गईं। पंडित ने बताया कि बचपन से ही उनकी मां उन्हें मुंबई के महालक्ष्मी माता मंदिर ले जाती रही हैं और देवी उन्हें हमेशा से बहुत प्रिय रही हैं। वह और भी भावुक हो गईं और बताया कि जब वह 8-9 साल की थीं, तब से वह मंदिर जाती रही हैं। जब उनकी गोविंदा से मुलाकात हुई, तो उन्होंने देवी से उनके सुखी वैवाहिक जीवन और उनके साथ जीवन के लिए प्रार्थना की थी, और मां महाकाली ने उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी कीं, जिसमें उन्हें दो संतानों का आशीर्वाद भी शामिल था।

Health Tips: इन 6 लोगों के लिए आंवला खतरनाक हो सकता है, इन्हें खाने से फायदे की बजाय गंभीर नुकसान हो सकता है

आंवला (Amla) जिसे इंडियन गूजबेरी भी कहा जाता है, आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में सेहत का खजाना माना जाता है. इसमें विटामिन C,एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर और कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे जूस, पाउडर, अचार और सप्लीमेंट्स के रूप में खूब इस्तेमाल किया जाता है. आंवला इम्यूनिटी मजबूत करता है, पाचन सुधारता है और त्वचा व शुगर लेवल को भी संतुलित रखता है. लेकिन हर किसी के लिए यह फायदेमंद नहीं है. कुछ लोगों को यह नुकसान भी पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं किन 6 तरह के लोगों को आंवला खाने से बचना चाहिए.

 जिनका ब्लड शुगर पहले से लो रहता है

आंवला शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है, लेकिन अगर किसी को पहले से ही हाइपोग्लाइसीमिया (लो ब्लड शुगर) की समस्या है तो आंवला उनके लिए खतरनाक हो सकता है. लगातार कमजोरी, चक्कर आना या बेहोशी तक की नौबत आ सकती है.

 एसिडिटी या पेट संवेदनशीलता वाले लोग

आंवले का स्वाद खट्टा और कसैला होता है, जिसमें विटामिन C की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. यह पेट की लाइनिंग को चुभ सकता है. ऐसे लोग जिन्हें गैस्ट्रिक प्रॉब्लम, एसिडिटी या अल्सर की समस्या है, उन्हें आंवला ज्यादा नहीं खाना चाहिए, वरना पेट दर्द, जलन या ब्लोटिंग हो सकती है.

 ब्लड-थिनिंग दवा लेने वाले मरीज

आंवले में नैचुरल ब्लड-थिनिंग गुण होते हैं. अगर कोई पहले से ही खून पतला करने वाली दवा जैसे वारफरिन, एस्पिरिन या क्लोपिडोग्रेल ले रहा है तो आंवला लेने से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है. खासकर सर्जरी या चोट लगने पर यह खतरनाक साबित हो सकता है.

 किडनी स्टोन वाले लोग

आंवला विटामिन C से भरपूर होता है. शरीर में यह ऑक्सलेट में बदलकर किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ा सकता है. जिन लोगों को पहले से किडनी स्टोन की समस्या है या किडनी सही से काम नहीं करती, उन्हें आंवला ज्यादा मात्रा में नहीं लेना चाहिए.

 प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं

गर्भावस्था के दौरान सीमित मात्रा में आंवला फायदेमंद हो सकता है. लेकिन ज्यादा मात्रा में इसका सेवन पेट खराब, दस्त और शरीर को जरूरत से ज्यादा ठंडा कर सकता है. चूंकि इस पर वैज्ञानिक रिसर्च सीमित है, इसलिए प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग महिलाएं आंवला केवल डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह से ही लें.

 जिन्हें एलर्जी या फूड सेंसिटिविटी है

कुछ लोगों को आंवले से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है, जैसे त्वचा पर खुजली, लाल दाने, उल्टी या पेट दर्द. ऐसे लोग जिन्हें पहले से बेरी या खट्टे फलों से एलर्जी है, उन्हें आंवला खाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.