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DPL 2025: 7 चौके और 7 छक्कों के साथ पप्पू यादव के बेटे ने डीपीएल में जड़ा शानदार शतक, क्या IPL तक बनेगा रास्ता?

दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2025 में धमाकेदार पारियों का सिलसिला जारी है. इस बार सुर्खियों में रहे बिहार के सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन, जिन्होंने न्यू दिल्ली टाइगर्स के खिलाफ ऐसी पारी खेली कि पूरा मैदान गूंज उठा. नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की ओर से खेलते हुए सार्थक ने मात्र 58 गेंदों में शतक ठोक दिया. उनकी इस पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे.

ओपनिंग से ही खेली शानदार पारी

मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की शुरुआत अच्छी रही. ओपनर सार्थक रंजन और अर्नव ने मिलकर पहले विकेट के लिए 61 रनों की साझेदारी की. हालांकि इसके बाद टीम का संतुलन खो गया और सभी ने जल्दी-जल्दी विकेट गंवा दिए, लेकिन सार्थक ने एक छोर पर डटे रहकर लगातार रन बरसाए. अर्धशतक तक पहुंचने के बाद तो उन्होंने रनों की रफ्तार और तेज कर दी. आखिरकार 58 गेंदों में शतक पूरा कर उन्होंने टीम का स्कोर मजबूत तक पहुंचा दिया.

8 मैचों में 349 रन पूरे

सार्थक रंजन इस सीजन में लगातार शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं. ऑक्शन में उन्हें 12 लाख रुपये से ज्यादा में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने खरीदाकर अपनी टीम में शामिल किया था. अब तक खेले गए 8 मैचों में वह कुल 349 रन बना चुके हैं, जो उनकी स्थिरता और क्लास को दर्शाता है.

199 रनों तक पहुंची स्ट्राइकर्स

सार्थक के शानदार शतक की बदौलत नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 199 रन बना दिए थे. न्यू दिल्ली टाइगर्स के खिलाफ यह स्कोर पूरी तरह चुनौतीपूर्ण साबित हुआ.

IPL का दरवाजा खटखटाते सार्थक

दिल्ली प्रीमियर लीग से कई खिलाड़ियों को पहले भी सीधे IPL में मौका मिल चुका है. ऐसे में सार्थक रंजन के इस प्रदर्शन ने आईपीएल में उनकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया है. क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सार्थक का बल्ला इसी तरह चलता रहा तो बहुत जल्द वे आईपीएल के मैदान में भी नजर आ सकते हैं.

डेमोक्रेट्स का ट्रंप पर हमला, कहा – उनके टैरिफ से सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिका को

अमेरिका की हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के डेमोक्रेट्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन की आलोचना की है. उनका कहना है कि रूस से तेल खरीदने को लेकर केवल भारत को टारगेट किया जा रहा है, जबकि चीन जैसे बड़े खरीदारों को छूट मिली हुई है.

टैरिफ से अमेरिका और रिश्तों को नुकसान
डेमोक्रेट्स का कहना है कि ट्रंप के भारतीय आयात पर 50% टैरिफ ने अमेरिकियों को नुकसान पहुँचाया है और बीते दो दशकों की द्विदलीय कोशिशों से बने भारत-अमेरिका संबंधों को नुकसान पहुंचा रहा है. उन्होंने कहा कि “चीन या अन्य देशों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय केवल भारत को निशाना बनाना अमेरिका-भारत संबंधों को कमजोर कर रहा है. यह लगभग ऐसा है जैसे मामला यूक्रेन से जुड़ा ही नहीं है.”

NYT रिपोर्ट का हवाला
पैनल  की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अगर ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल खरीदने वाले हर देश पर सेकेंडरी प्रतिबंध लगाया होता तो बात अलग थी. लेकिन केवल भारत पर फोकस करने से यह सबसे उलझनभरा नीति परिणाम बन गया है, क्योंकि चीन अभी भी छूट पाकर डिस्काउंट पर रूसी तेल खरीद रहा है.

नए टैरिफ और असर
डेमोक्रेट्स का हमला तब आया जब ट्रंप द्वारा लगाए गए अतिरिक्त 25% टैरिफ (पहले से लागू 25% के ऊपर) प्रभावी हो गए. इस तरह टैरिफ दर दोगुनी हो गई है. ट्रंप ने इसे भारत के रूसी तेल व्यापार से जोड़ा है.

भारत सरकार के मुताबिक, इन टैरिफ का असर 48.2 अरब डॉलर के निर्यात पर होगा. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नई ड्यूटीज़ से अमेरिका को शिपमेंट कमर्शियल रूप से गैर-व्यावहारिक हो सकती हैं, जिससे रोज़गार घटेगा और आर्थिक वृद्धि धीमी हो सकती है.

मोदी सरकार का रुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत दबाव में नहीं झुकेगा. हालांकि, अमेरिका ने फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक गुड्स जैसे कुछ सेक्टरों को अतिरिक्त टैरिफ से छूट दी है, जिससे भारत को आंशिक राहत मिली है.

व्यापार संबंधों की स्थिति
हाल के वर्षों में भारत-अमेरिका व्यापार संबंध मजबूत हुए हैं, लेकिन वे अभी भी मार्केट एक्सेस और घरेलू राजनीतिक दबावों पर विवादों से प्रभावित रहते हैं. भारत उन शुरुआती देशों में था जिसने ट्रंप प्रशासन के साथ व्यापार वार्ता शुरू की थी, लेकिन अब तक कोई समझौता नहीं हो सका है क्योंकि अमेरिका भारत के कृषि और डेयरी सेक्टर में ज्यादा पहुंच की मांग करता रहा है.

रूसी हवाई हमले पर बोले जेलेंस्की – “कीव पर हमला दिखाता है, पुतिन शांति नहीं बल्कि जंग चाहते हैं”

यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने गुरुवार को एक बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया, जिसमें  21 लोग मारे गए और 48 घायल हुए. अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में यूरोपीय संघ के राजनयिक ऑफिस को भी नुकसान पहुंचा. रूसी सेना ने 598 ड्रोन और 31 मिसाइलें दागीं. इस हमले को 2022 में शुरू हुए युद्ध के बाद से सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि इस हमले से साफ पता चलता है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शांति की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाना चाहते. जेलेंस्की ने कहा कि रूस बातचीत के लिए तैयार होने का दावा करता है, लेकिन उनका मकसद सिर्फ युद्ध को जारी रखना है. यह हमला सिर्फ़ यूक्रेन ही नहीं बल्कि यूरोप और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ़ भी सीधा संदेश है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और उसके सहयोगी युद्ध समाप्त करने के लिए शांति प्रयासों को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है.

अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
कीव पर यह हमला यूरोप और अमेरिका में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला है. यूरोपीय संघ के दफ़्तरों पर हमला कूटनीतिक दृष्टि से गंभीर माना जा रहा है. अमेरिका के नेतृत्व में चल रहे शांति प्रयासों की विफलता से रूस-यूक्रेन युद्ध और लंबा खिंच सकता है. रूस की ओर से हालांकि कहा गया कि वह शांति वार्ता में अब भी रुचि रखता है, लेकिन इस तरह के हमले उसके बयानों पर सवाल खड़े करते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप- व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात
इसी महीने की 15 तारीख को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात अलास्का में हुई थी. इस बैठक का मकसद तीन साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने का रास्ता निकालना था. बैठक के बाद ऐसा माना जा रहा था कि जल्द ही रूस और यूक्रेन के बीच सीधी वार्ता का रास्ता खुलेगा, लेकिन दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी न तो पुतिन और जेलेंस्की की बैठक हुई और न ही किसी ठोस शांति योजना की घोषणा सामने आई.

रूस की ईयू संबंधी बिल्डिंग पर धमाका, यूक्रेन ने जवाब में रूसी वॉरशिप पर किया ड्रोन अटैक

पुतिन और ट्रंप की मुलाकात के बाद पहली बार रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़ा हमला किया है. रूस ने किंझल और इस्कंदर जैसी हाइपरसोनिक मिसाइल से कीव स्थित यूरोपीय यूनियन (ईयू) की बिल्डिंग, ईयू से जुड़े एक बैंक और ब्रिटिश काउंसिल की इमारत को निशाना बनाया है. यूक्रेन का आरोप है कि गुरुवार  को भोर सुबह किए गए इन हमलों में 15 लोगों की मौत हुई है और 38 लोग घायल हुए हैं.

यूक्रेन का आरोप है कि रूस ने कीव में 20 अलग-अलग लोकेशन पर एक साथ हाइपरसोनिक मिसाइल और ड्रोन से हमले किए. एक हमला अजरबैजान के दूतावास के बेहद करीब किया गया. बदले में यूक्रेन ने रूस के एक जंगी जहाज पर ड्रोन अटैक किया है. ये हमला क्रीमिया के करीब अजोव सागर में एक मिसाइल कोर्विट (छोटे जहाज) पर किया गया.

मिसाइल स्ट्राइक से पूरी बिल्डिंग मलबे में तब्दील

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार के दिन कीव में एक के बाद एक कई मिसाइल अटैक हुए. इन हमलों की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें मिसाइल स्ट्राइक से पूरी बिल्डिंग एक आग के गोले में तब्दील हो जाती है. यूक्रेन का आरोप है कि कीव के अलावा, रूस ने विन्तिसिया में ऊर्जा संयंत्रों पर हमला किया तो ड्रोन और रॉकेट से दिनीप्रोपेत्रोवस्क, जेपोरेजिया और खेरसोन में भी हमले किए.

इन हमलों को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की सहित यूरोपीय देशों के राष्ट्राध्यक्षों की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस के ताजा हमलों में 03 बच्चों समेत 14 (अब 15) लोगों की जान चली गई है. जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस के हमले रिहायशी इलाकों में किए गए हैं, जिससे साफ हो जाता है कि रूस, युद्ध खत्म नहीं करना चाहता. जेलेंस्की ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है.

इंग्लैंड के पीएम ने दी प्रतिक्रिया

इंग्लैंड के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ब्रिटिश काउंसिल की बिल्डिंग पर हमले को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ये खून-खराबा खत्म होना चाहिए. स्टार्मर ने पुतिन पर बच्चों और आम नागरिकों की हत्या और शांति की उम्मीदों को खत्म करने का आरोप जड़ा.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आरोप लगाया कि रूस ने एक रात में 629 मिसाइल और ड्रोन से यूक्रेन पर अटैक किया. मैक्रो ने ईयू से जुड़ी बिल्डिंग पर स्ट्राइक की भर्त्सना की. ईयू की उपाध्यक्ष काजा कैलिस ने कहा कि जहां पूरी दुनिया शांति के रास्ते पर चलना चाहती है, रूस मिसाइल से जवाब दे रहा है. कीव पर हुए ताजा हमले को लेकर रूस की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

पुतिन-जेलेंस्की के बीच कोई शांति वार्ता नहीं

इसी महीने की 15 तारीख को अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन के बीच यूक्रेन जंग समाप्त करने को लेकर वार्ता हुई थी. इसके बाद जेलेंस्की और यूरोप के आधा दर्जन देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की थी, लेकिन दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी रूस और यूक्रेन या पुतिन-जेलेंस्की के बीच मीटिंग को लेकर कोई बात आगे नहीं बढ़ी है.

बिग बी को 4.5 करोड़ की कार गिफ्ट करना डायरेक्टर को पड़ा भारी, मां ने थप्पड़ मारकर जताई नाराज़गी

‘परिंदा’, ‘1942 अ लव स्टोरी’ और हाल ही में आई ’12वीं फेल’ जैसी फिल्मों के लिए मशहूर निर्माता-निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ने ‘एकलव्य: द रॉयल गार्ड’ भी बनाई थी. हालाँकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई. इसमें अमिताभ बच्चन, सैफ अली खान, संजय दत्त, विद्या बालन और बोमन ईरानी ने अहम रोल प्ले किया था. इससे पहले एक इंटरव्यू में, विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्म से जुड़ा एक मजेदार किस्सा बताया था. उन्होंने खुलासा किया था कि उन्होंने बिग बी को 4.5 करोड़ रुपये की लग्जरी कार क्यों गिफ्ट की थी.

विधु विनोद चोपड़ा ने क्यों बिग बी को गिफ्ट की थी करोडों की कार?
विधु विनोद चोपड़ा को आमतौर पर एक मुश्किल इंसान माना जाता है और उन्होंने खुद इस बात का मज़ाक उड़ाया था. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की शूटिंग शुरू की थी, तो अमिताभ बच्चन बहुत कम सामान लेकर आउटडोर शूटिंग के लिए आए थे. फिल्म निर्माता ने सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत के दौरान बताया कि जब उन्होंने बच्चन से पूछा कि वह इतना कम सामान क्यों लेकर आ रहे हैं, तो अभिनेता ने जवाब दिया, “जया ने मुझसे कहा था कि मैं तुम्हें एक हफ्ते से ज़्यादा बर्दाश्त नहीं कर पाऊँगा.” उनकी भविष्यवाणी सच साबित हुई। चोपड़ा ने आगे कहा, “दरअसल, एक हफ़्ते या दस दिन बाद ही हमारी लड़ाई शुरू हो गई थी. लेकिन वह रुके रहे और फ़िल्म पूरी की. मैंने उन्हें 4.5 करोड़ रुपए की एक कार तोहफ़े में दी क्योंकि उन्होंने मुझे बर्दाश्त किया. उनके जैसे स्टार के लिए मुझे बर्दाश्त करना वाकई बहुत बड़ी बात थी, यह उनके लिए बहुत बड़ी बात थी.”

कार गिफ्ट करने पर मां ने मारा था विधु विनोद चोपड़ा को थप्पड़
द लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में, चोपड़ा ने बताया था कि उन्होंने अमिताभ बच्चन को कार गिफ्ट की थी तो उनकी मां ने उन्हें थप्पड़ क्यो मारा था, उन्होंने हँसते हुए कहा, “मैं इस घटना को कभी नहीं भूलूँगा. जब मैं अमिताभ को कार गिफ्ट कर रहा था, तो मैं अपनी माx को अपने साथ ले गया. उन्होंने उन्हें चाबियाँ दीं. वह वापस आईं और मेरी कार में बैठ गईं, जो एक नीली मारुति वैन थी. उन्होंने बिग बी को ‘लंबू’ कहा. उस समय मेरे पास ड्राइवर नहीं था, इसलिए मैं गाड़ी चला रहा था. उन्होंने मुझसे कहा, ‘तूने लंबू को गाड़ी दे दी?’ मैंने कहा, ‘हाँ.’ उन्होंने जवाब दिया, ‘तू खुद क्यों नहीं लेता गाड़ी?’ मैंने उनसे कहा कि मैं कार खरीदूँगा, जब समय आएगा, उन्होंने जवाब दिया, ’11 लाख की तो होगी.’

 और मैं हँसा क्योंकि उन्हें नहीं पता था कि कार 4.5 करोड़ रुपये थी. मैंने उन्हें कीमत बताई, और उन्होंने मुझे थप्पड़ मार दिया और मुझे ‘बेवकूफ’ कहा. मैं यह कभी नहीं भूलूँगा, क्योंकि पैसा किस काम का अगर वह आपको खुशी न दे सके.”

बता दें कि ‘एकलव्य: द रॉयल गार्ड’ बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, इसके बावजूद यह फिल्म ऑस्कर में भारत की ऑफिशियल एंट्री थी.