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Latest Bollywood News :जमींदार परिवार से ताल्लुक, फिर भी की गार्ड की नौकरी और बेचनी पड़ी धनिया

बॉलीवुड स्टार नवाजुद्दीन सिद्दीकी आज 51 साल के हो गए हैं। नवाज के जन्मदिन पर बॉलीवुड सितारों समेत तमाम फैन्स ने उन्हें सोशल मिडिया पर बधाई दी है। अपने करियर में नवाजुद्दीन ने अब तक 114 से ज्यादा फिल्मों और सीरीज में काम किया है। इस दौरान 42 से ज्यादा अवॉर्ड्स अपने नाम किए और एक्टिंग के सुपरस्टार कहलाए। लेकिन कम ही लोग जानते हैं नवाजुद्दीन की स्टारडम की जर्नी काफी मुश्किलों से भरी रही है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी भले ही एक जमींदार परिवार से आते हैं लेकिन सपनों का पीछे करते-करते पेट पालने के लिए कई तरह के काम भी किए हैं। सुरक्षा गार्ड की नौकरी से लेकर धनिया बेचने जैसे काम कर चुके नवाजुद्दीन सिद्दीकी आज बॉलीवुड के हिट एक्टर्स में गिने जाते हैं।

इन फिल्मों में बटोरी तारीफें

नवाजुद्दीन सिद्दीकी का जन्म मुजफ्फरनगर जिले के एक छोटे से शहर बुधाना में हुआ था। नवाज ने बॉलीवुड की कुछ प्रमुख फिल्मों में काम किया है, जिनमें ब्लैक फ्राइडे (2004), न्यूयॉर्क (2009), पीपली लाइव (2010), कहानी (2012), गैंग्स ऑफ वासेपुर (2012) और गैंग्स ऑफ वासेपुर – भाग 2 (2012) शामिल हैं। स्थानीय कॉलेज से विज्ञान में स्नातक करने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए एक पेट्रोकेमिकल कंपनी में रसायनज्ञ के रूप में काम किया। लेकिन जल्द ही बोरियत होने लगी और वे दिल्ली चले गए, यहां अगले डेढ़ साल की अवधि में उन्होंने एक कार्यालय में चौकीदार की नौकरी करते हुए नाटक देखना शुरू कर दिया। वे साक्षी थिएटर ग्रुप से जुड़े और मनोज बाजपेयी और सौरभ शुक्ला जैसे अभिनेताओं के साथ काम किया। आखिरकार उन्होंने 1996 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) नई दिल्ली से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। अब वे एक प्रसिद्ध अभिनेता हैं।

आमिर खान की फिल्म से किया डेब्यू

एनएसडी से स्नातक करने के बाद नवाज मुंबई चले गए। नवाजुद्दीन ने 1999 में आमिर खान अभिनीत सरफरोश में एक छोटी सी भूमिका के साथ बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की। मुंबई जाने के बाद उन्होंने टेलीविजन में काम पाने की कोशिश की लेकिन उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। अपने डेब्यू के बाद वे छोटी भूमिकाओं में दिखाई दिए, जहां उनके दमदार अभिनय के बावजूद उन्हें किसी ने नोटिस नहीं किया। उन्होंने 2003 में एक छोटी फिल्म द बाईपास की, जिसमें वे अभिनेता इरफान खान के साथ नजर आए। 2002 और 2005 के बीच वे बेरोजगार थे। अनुराग कश्यप की ब्लैक फ्राइडे (2007) में उनकी उपस्थिति ने अन्य शक्तिशाली भूमिकाओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया। फीचर फिल्म में उनकी पहली मुख्य भूमिका प्रशांत भार्गव की पतंग में थी जिसका प्रीमियर बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में हुआ था, जिसके लिए नवाजुद्दीन के अभिनय की विश्व प्रसिद्ध फिल्म समीक्षक रोजर एबर्ट ने प्रशंसा की थी। 2009 में वे देव डी फिल्म के हिट गाने ‘इमोशनल अत्याचार’ में एक कैमियो भूमिका में दिखाई दिए, जिसमें उन्होंने रंगीला के रूप में अपने जोड़ीदार रसीला के साथ काम किया। आमिर खान प्रोडक्शंस की पीपली लाइव (2010) में एक पत्रकार की भूमिका थी। उस फिल्म ने उन्हें पहली बार एक अभिनेता के रूप में पहचान दिलाई। इसके बाद उसी वर्ष तिग्मांशु धूलिया द्वारा निर्देशित बायोपिक, पान सिंह तोमर में पुलिस मुखबिर गोपी की भूमिका निभाई।

कहानी फिल्म ने दिलाई पहचान

फिल्म कहानी (2012) के बाद नवाज घर-घर में मशहूर हो गए, जिसमें उन्होंने एक चिड़चिड़े स्वभाव वाले पुलिस अधिकारी खान की भूमिका निभाई। इसके बाद गैंग्स ऑफ वासेपुर ने उनकी प्रसिद्धि को और बढ़ाया। उन्होंने आशिम अहलूवालिया की मिस लवली में सोनू दुग्गल के रूप में अपनी पहली मुख्य भूमिका निभाई, जिसका प्रीमियर 2012 के कान फिल्म समारोह में हुआ, एक ऐसी भूमिका जिसे नवाजुद्दीन ने अपना अब तक का सबसे वास्तविक प्रदर्शन बताया। नवाजुद्दीन आमिर खान की 2012 में रिलीज हुई तलाश में नजर आए। गैंग्स ऑफ वासेपुर को नवाजुद्दीन के करियर को परिभाषित करने वाली फिल्म माना जाता है, जिसमें उन्होंने मनोज बाजपेयी द्वारा निभाए गए सरदार खान के दूसरे बेटे फैजल खान की भूमिका निभाई थी। गैंग्स ऑफ वासेपुर में उनकी भड़कीली पोशाक, शानदार लहजे और अलग-थलग व्यवहार ने बॉलीवुड आलोचकों पर अपनी छाप छोड़ी।

अब हैं एक्टिंग के सुपरस्टार

बता दें कि नवाजुद्दीन को अब बॉलीवुड में एक्टिंग का सुपरस्टार माना जाता है। नवाजुद्दीन अब तक अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में दमदार किरदार निभाकर वाहवाही बटोर चुके हैं। इतना ही नहीं नवाजुद्दीन ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में रणवीर सिंह जैसे कलाकारों को एक्टिंग की भी ट्रेनिंग दी है। नवाज अब हीरो से लेकर विलेन के किरदारों में कमाल करते दिखते हैं। आज जन्मदिन के खास मौके पर फैन्स ने उन्हें पुराने किरदारों के जरिए याद किया है।

IMF के फैसले पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का प्रहार: जिससे रोटी की जगह बारूद खरीदा जाए, वो सहायता नहीं अपराध है” पाकिस्तान को फंडिंग, आतंक को ऑक्सीजन देने के बराबर है

  • “भारत विरोधी आतंक का वित्तपोषण नहीं होना चाहिए IMF सुनिश्चित करे अपनी जिम्मेदारी” – राजेश्वर सिंह
  • “पाकिस्तान IMF की शर्तों को भी तोड़ता है, और कानूनों को भी” — डॉ. राजेश्वर सिंह
  • आतंक के मददगार न बनें आईएमएफ जैसे वैश्विक संस्थान – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • IMF द्वारा पकिस्तान को ऋण, अप्रत्यक्ष रूप से आतंक वित्तपोषण – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ : जब सहायता राशि से रोटी नहीं, बारूद खरीदी जाने लगे, तो दुनिया को अपनी अंतरात्मा पर पुनः विचार करना चाहिए। IMF द्वारा पाकिस्तान को 7 अरब डॉलर के ऋण पैकेज को स्वीकृति देना, जिसमें से 2.4 अरब डॉलर पहले ही जारी किए जा चुके हैं, को लेकर भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे न केवल आर्थिक रूप से गलत निर्णय बताया, बल्कि भूराजनीतिक रूप से भी घातक करार दिया।

डॉ. सिंह ने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास वित्तीय अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और आतंक को संरक्षण देने से भरा पड़ा है। ऐसे देश को वैश्विक संस्थानों द्वारा बार-बार राहत देना यह प्रश्न खड़ा करता है कि क्या हम सुधारों को प्रोत्साहित कर रहे हैं या अतिवाद को पोषित कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि IMF ने 50 शर्तों के साथ यह ऋण मंज़ूर किया है, जिनमें 11 नई शर्तें भी शामिल हैं, लेकिन पाकिस्तान की विफलताओं का इतिहास बताता है कि वह इन शर्तों को या तो नजरअंदाज करता है या फिर तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करता है। संसद से बजट पारित कराना या बिजली पर अधिभार लगाना ये सतही कदम हैं, जो गहरे भ्रष्ट तंत्र को नहीं बदल सकते।

“यह सिर्फ आर्थिक भूल नहीं, बल्कि रणनीतिक असावधानी है,” सरोजनीनगर विधायक ने स्पष्ट किया। इस धनराशि का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान की विशाल सेना और उसके माध्यम से भारत विरोधी आतंक संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद तक पहुंच सकता है। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि भारत ने इस ऋण को समर्थन नहीं दिया और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे “अप्रत्यक्ष आतंक वित्तपोषण” की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पाकिस्तान को FATF ग्रे लिस्ट से हटाया गया है, वह भी नाममात्र प्रयासों के बाद और अब उसे इस प्रकार से पुरस्कृत किया जाना वैश्विक आतंकवाद विरोधी संरचनाओं की विश्वसनीयता को ही कमजोर करता है।

उन्होंने IMF और अन्य वैश्विक संस्थानों से आह्वान किया कि आर्थिक सहायता सशर्त और पारदर्शी होनी चाहिए। जब तक फंड के उपयोग की रीयल-टाइम निगरानी, स्वतंत्र ऑडिटिंग और बाहरी मूल्यांकन नहीं होगा, तब तक इस प्रकार की सहायता दक्षिण एशिया की स्थिरता को खतरे में डालती रहेगी। डॉ. सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाने की अपील की और कहा कि लोकतंत्रों, वैश्विक संगठनों और जिम्मेदार राष्ट्रों को एकजुट होकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी संस्था चाहे वह IMF हो या कोई और आतंकवाद की अप्रत्यक्ष सहयोगी न बन सके।

रूस से अफगानिस्तान तक शुरू होगी ट्रेन सेवा, जानिए क्या है ट्रांस-अफगान रेलवे प्रोजेक्ट

मॉस्को: रूस और उज्बेकिस्तान “ट्रांस-अफगानिस्तान रेलवे” परियोजना के लिए अफगानिस्तान में संभावना तलाश रहे हैं। इसके लिए सर्वेक्षण कर रहे हैं, अगर सबकुछ ठीक रहा, तो भूमि से घिरे मध्य एशियाई देशों को भारतीय उपमहाद्वीप तक पहुंच प्रदान करेगी। रूस के शीर्ष मंत्रियों ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी है। उप प्रधानमंत्री एलेक्सी ओवरचुक ने 16वें अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच ‘रूस-इस्लामिक वर्ल्ड : काजान फोरम 2025’ में कहा कि ट्रांस-अफगान रेलवे के लिए किया जाने वाला सर्वेक्षण 2026 में पूरा हो जाएगा।

जुड़ेंगे ये देश

ट्रांस-अफगान परिवहन कॉरिडोर यूरोपीय संघ (ईयू), रूस, उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ेगा। उज्बेकिस्तान का दक्षिणी शहर टर्मेज तत्कालीन सोवियत संघ द्वारा निर्मित रेल मार्ग के माध्यम से पहले से ही उत्तरी अफगानिस्तान के खैरातन से जुड़ा हुआ है।

रेलवे विशेषज्ञ कर रहे हैं काम

समाचार एजेंसी ‘इंटरफैक्स’ ने ओवरचुक के हवाले से कहा, “रूस और उज्बेकिस्तान के रेलवे विशेषज्ञ मिलकर ट्रांस-अफगान रेलवे परियोजना के फिजिबिलिटी सर्वे का मसौदा तैयार कर रहे हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि सर्वे 2026 की शुरुआत में पूरा हो जाएगा, ताकि इसके कार्यान्वयन के सिलसिले में फैसला लिया जा सके।”

बदल जाएगा पूरे क्षेत्र का परिवहन भूगोल

सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ की खबर में रूस के उप परिवहन मंत्री दमित्री जेवरेव के हवाले से दावा किया गया है कि ट्रांस-अफगान मार्ग पूरे क्षेत्र के भूगोल और परिवहन भूगोल को बदल देगा। जेवरेव ने मुस्लिम-बहुल तातारस्तान की राजधानी काजान में आयोजित ‘रूस-इस्लामिक वर्ल्ड : काजान फोरम 2025’ में कहा, “बहुपक्षीय कार्य समूह का आभार, जिसकी वजह से अफगानिस्तान में सर्वेक्षण किया जा रहा है। उज्बेक रेलवे इसमें अपने रूसी सहयोगियों के साथ मिलकर सर्वेक्षण कर रहा है।”

यह भी जानें

‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, परियोजना में रूस की भागीदारी के सिलसिले में एक प्रारंभिक समझौता अप्रैल 2024 में उज्बेक राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव की मॉस्को यात्रा के दौरान हुआ था। खबर के मुताबिक, उज्बेकिस्तान के परिवहन मंत्रालय ने पहले कहा था कि ट्रांस-अफगान रेलवे के निर्माण में कम से कम पांच साल लगेंगे और परियोजना की अनुमानित लागत 4.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकती है।

Women Health Tips: क्या लंबे समय तक बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से प्रेग्नेंसी में आती हैं दिक्कतें? जानें विशेषज्ञों की सलाह

शादी के बाद पेरेंटहुड में कदम रखना एक बड़ा फैसला है। यह कपल्स का अपना निजी फैसला होता है और कई बातों को ध्यान में रखने के बाद कपल्स प्रेग्नेंसी की प्लानिंग करते हैं। वहीं सेफ सेक्शुअल रिलेशन और अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए कॉन्ट्रासेुप्शन का इस्तेमाल किया जाता है। अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए कंडोम, कॉपर टी या ओरल पिल्स समेत कई चीजें मार्केट में आसानी से मिल जाती हैं। अगर आप भी इनमें से किसी ऑप्शन का इस्तेमाल कर रही हैं, तो यह आप पर निर्भर करता है। प्रेग्नेंसी से बचने के लिए कई महिलाएं कॉन्ट्रासेप्शन पिल्स का सहारा लेती हैं। लेकिन महिलाओं के मन में यह डर बना रहता है कि इन पिल्स को छोड़ने के बाद उनके प्रेग्नेंट होने पर कोई मुश्किल तो नहीं आएगी।

बर्थ कंट्रोल पिल्स का प्रेग्नेंसी के चांसेज पर खतरा

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो लंबे समय तक बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन करने से महिलाओं के कंसीव करने की क्षमता पर बुरा असर होता है।

बर्थ कंट्रोल पिल्स में हार्मोन्स, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन मौजूद होते हैं। जिससे ओव्युलेशन को कुछ समय तक रोका जाता है। लेकिन जैसे ही इन पिल्स को लेना बंद किया जाता है, वैसे ही शरीर में हार्मोन्स बैलेंस सही हो जाती है। हालांकि अधिकतर मामलों में मेंस्ट्रुअल साइकिल और फर्टिलिटी कुछ महीनों में नॉर्मल हो जाती है।

लंबे समय तक ओरल कॉन्ट्रासेप्शन के इस्तेमाल करने से फर्टिलिटी पर असर नहीं होता है। जो महिलाएं बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन करती हैं, जब वह इसको लेना बंद कर देती हैं, तो उनके प्रेग्नेंट होने के चांसेज अधिक होते हैं। लेकिन सभी महिलाओं में ऐसा नहीं होता है।

बर्थ कंट्रोल पिल्स ओवरीज के लिए एक शील्ड के रूप में काम करती हैं। इसलिए ओवरियन फंक्शन को सही रखने में सहायता करती है। लेकिन कुछ दवाएं ऐसी होती हैं, जिनको छोड़ने के बाद रेगुलर ओव्युलेशन शुरू होने में करीब 1 साल से अधिक का समय लग जाता है।

बर्थ कंट्रोल पिल्स शुरू करने या कंसीव करने की प्लानिंग करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

बता दें कि बर्थ कंट्रोल पिल्स कॉन्ट्रासेप्शन का एक सेफ तरीका माना जाता है औऱ इसका फर्टिलिटी पर भी निगेटिव असर नहीं होता है। वहीं इन पिल्स का सेवन बंद करने के बाद भी यदि कंसीव करने में समय लग रहा है, तो ऐसा कुछ समय के लिए हो सकता है। क्योंकि पिल्स के कारण शरीर पर होने वाला असर हमेशा के लिए नहीं होता है।

अगर महिला की उम्र 35 साल से ज्यादा है औऱ आपको कंसीव करने में समस्या आ रही है। तो इसके पीछे कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं।

RCB बनाम KKR का IPL मुकाबला आज से फिर शुरू, जानिए समय, स्थान और अन्य अहम जानकारी

RCB vs KKR: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और सैन्य टकराव के चलते स्थगित हुआ इंडियन प्रीमियर लीग 2025 अब फिर से पटरी पर लौटने को तैयार है। शनिवार यानी 17 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और कोलकाता नाइटराइडर्स आमने-सामने होंगी। इस मुकाबले की सबसे खास बात होगी पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली की वापसी, जिन्होंने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। फैंस की निगाहें एक बार फिर उनके प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।

लगभग 10 दिन के अंतराल के बाद दोनों टीमें टूर्नामेंट में अपनी पूरी ताकत झोंकना चाहेंगी। आरसीबी ने अब तक 11 मैचों में 16 अंक हासिल किए हैं और पाइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर काबिज है। इस मैच में जीत उसे प्लेऑफ में लगभग पक्की जगह दिला देगी। वहीं, डिफेंडिंग चैंपियन केकेआर के लिए मुकाबला करो या मरो जैसा है। 12 मैचों में 11 अंक जुटाने वाली टीम फिलहाल छठे पायदान पर है और एक और हार उनकी प्लेऑफ की उम्मीदों पर पानी फेर सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम आज बाजी मारती है। आइए जानते हैं कब और कहां खेला जाएगा मुकाबला..

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच कब और कहां खेला जाएगा?

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु में 17 मई को खेला जाएगा।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच कितने बजे शुरू होगा?

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच 7:30 बजे शुरू होगा।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच में टॉस कब होगा?

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच में टॉस शाम 7:00 बजे होगा।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच किस टीवी चैनल पर आएगा?

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (स्टार स्पोर्ट्स 1 एचडी/एसडी) पर पर होगा। लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

दोनों टीमों का स्क्वॉड 

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: फिल साल्ट, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), मयंक अग्रवाल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड, यश दयाल, रसिख दार सलाम, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, स्वप्निल सिंह, लियाम लिविंगस्टोन, नुवान तुषारा, लुंगी एनगिडी, मोहित राठी, स्वास्तिक चिकारा, अभिनंदन सिंह।

कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, अंगकृष रघुवंशी, रिंकू सिंह, लवनिथ सिसोदिया, क्विंटन डिकॉक, रहमानुल्लाह गुरबाज, सुनील नारायण, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वेंकटेश अय्यर, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, वैभव अरोड़ा, मयंक मारकंडे, उमरान मलिक, एनरिक नॉर्किया, स्पेंसर जॉनसन।