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Sports News:हसीन जहां के विवादित बोल, मोहम्मद शमी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल; कहा – ‘पागल और आवारा…’

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी से अलग रह रहीं उनकी पत्नी हसीन जहां ने एक सोशल मीडिया पोस्ट से सनसनी मचा दी है. उन्होंने हाल ही में दावा किया था कि उन्हें सालों पहले डराने की कोशिश की गई थी, लेकिन उन्होंने दबाव के आगे कभी घुटने नहीं टेके. अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी उन्होंने साल 2018 का जिक्र किया है, जब उन्होंने मोहम्मद शमी और उनके परिवार पर आरोप लगाए थे. हसीन जहां ने अपने पोस्ट में अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया है.

हसीन जहां ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “पागल आवारा कुत्तों से डरना होता मुझे तो 2018 में ही डर जाती. जितना चाहे जोर लगा ले मुझे डराने की, बर्बाद करने की. अल्लाह के करम से और मजबूत बनती जाऊंगी.”

हसीन जहां का यह सोशल मीडिया पोस्ट मोहम्मद शमी के उस इंटरव्यू के बाद आया है, जिसमें उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ पर बात की थी और कहा कि वो बीते समय पर कोई बात नहीं करना चाहते. शमी ने कहा, “वो सब छोड़िए. मुझे बीती हुई बातों का कोई पछतावा नहीं है. जो हो चुका, उसे जाने दीजिए. मैं अपने आपको या किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहता. मैं सिर्फ अपने करियर पर फोकस करना चाहता हूं. मुझे विवादों में नहीं पड़ना है.”

 मोहम्मद शमी और हसीन जहां ने साल 2014 में शादी रचाई थी, लेकिन चार साल बाद ही वो अलग रहने लगे. हसीन जहां ने भारतीय तेज गेंदबाज पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. यहां तक कि उन्होंने शमी पर दूसरी महिलाओं के साथ संबंध बनाने और मैच फिक्सिंग के भी आरोप लगाए थे.

शमी के करियर की बात करें तो उन्होंने इसी साल फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वापसी की थी, लेकिन वनडे और टेस्ट टीम में उन्हें वापसी का अब भी इंतजार है.

Indian Famous Lakes: भारत की ये झीलें बेहद खूबसूरत हैं, इस गर्मी अपनी ट्रैवल बकेट लिस्ट में इन्हें जरूर जोड़ें।

गर्मियों के मौसम में लगभर हर कोई ठंडी जगहों या समुद्र तटीय क्षेत्रों पर जाना ज्यादा पसंद करते हैं। इसके अलावा इस मौसम में झीलों का नजारा भी देखने लायक होता है। ठंडी-ठंडी हवाओं के बीच झीलों को देखना काफी ज्यादा अच्छा लगता है। ऐसे में अगर आप भी इस गर्मी देश की फेमस और खूबसूरत झीलों को देखने का मन बना रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको देश की कुछ अद्भुत और बेहद खूबसूरत झीलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर जाकर आप अपनी छुट्टियों को खास बना सकते हैं।

बड़ी लेक

राजस्थान के माउंट आबू में मीठे पानी की एक विशाल झील है। इसको बड़ी लेक के नाम से भी जाना जाता है। गर्मियों में यहां का नजारा बेहद खूबसूरत होता है। बताया जाता है कि बड़ी लेक को खुद भगवान ने बनाया था। हर साल यहां पर बड़ी संख्या में लोग अपनी छुट्टियों को यादगार बनाने के लिए आते हैं।

नैनी झील

नैनीताल के लोगों के लिए नैनी झील काफी ज्यादा फेमस है। नैनी झील को नैनीताल झील के नाम से भी जाना जाता है। नैनी झील में आप नौकायन यानी की नाव की सवारी का आनंद ले सकते हैं। हर साल यहां पर देशी और विदेशी पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं।

हुसैन सागर झील

वहीं हैदराबाद में हुसैन सागर झील है, जोकि देखने में काफी ज्यादा खूबसूरत लगती है। बताया जाता है कि इस हुसैन झील के तट पर गोलकुंडा और मुगलों के बीच संधि हुई थी। इसके साथ ही इस लेक में बुद्ध देवता की विशाल मूर्ति है। गर्मियों में हुसैन सागर झील का नजारा देखने लायक होता है।

लोकटक झील

लोकटक झील मणिपुर में है और यह झील पर्यटकों के बीच काफी ज्यादा फेमस है। इस झील को फ्लोटिंग झील के नाम से भी जाना जाता है। बताया जाता है कि लोकटक झील दुनिया की इकलौती ऐसी लेक है, जोकि तैरती हुई दिखाई देती है। ऐसे में अगर आप गर्मियों में मणिपुर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको एक बार लोकटक झील देखने जरूर जाना चाहिए।

टारसर झील

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में टारसर झील मौजूद है, जोकि काफी ज्यादा खूबसूरत है। यह झील पर्वतीय इलाके में जमीन से करीब 3,795 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। टारसर झील के आसपास बड़े-बड़े पहाड़ हैं, जोकि दिखने में काफी ज्यादा खूबसूरत लगते हैं।

Screwworm outbreak Mexico:मैक्सिको में इंसानी मांस खाने वाले स्क्रूवर्म के मामले बढ़ रहे हैं, जानिए इससे भारत को कितना खतरा हो सकता है।

 कल्पना कीजिए कि कोई ऐसा कीड़ा आपके शरीर में घुस जाए, जो आपके जिंदा मांस को खाते हुए आपके शरीर को नष्ट कर दे.सुनने में डरावना लगता है, लेकिन यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि एक खतरनाक हकीकत है. मैक्सिको में इन दिनों “स्क्रूवर्म” के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.

यह कीड़ा इंसानों और जानवरों दोनों को संक्रमित कर सकता है. इसकी वजह से त्वचा में गहरे जख्म बन जाते हैं और अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. सवाल यह है कि क्या भारत जैसे देश में भी इसका खतरा मौजूद है? आइए जानते हैं विस्तार से…

स्क्रूवर्म क्या है?

स्क्रूवर्म असल में एक तरह की मक्खी का कीड़े का बच्चा होता है, जो जख्म या कटे हुए हिस्से में अंडे देकर बढ़ता है. जब ये अंडे लार्वा में बदलते हैं, तो वे जिदा मांस को खाना शुरू कर देते हैं. इसी वजह से इसे “फ्लेश-ईटिंग वर्म” यानी इंसानी मांस खाने वाला कीड़ा भी कहा जाता है.

    • मैक्सिको में क्यों बढ़ रहे मामले?
    • पिछले कुछ महीनों में मेक्सिको में स्क्रूवर्म के कई मामले सामने आए हैं
    • वहां के गर्म और नम वातावरण में ये कीड़े तेजी से पनपते हैं
    • सफाई की कमी और खुले जख्म वाले लोग या जानवर इनका आसान शिकार बन जाते हैं
    • कई लोगों को गंभीर संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है

भारत में कितना खतरा?

    • भारत में अभी तक स्क्रूवर्म के मामले आम नहीं हैं, लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षित भी नहीं है
    • जलवायु – भारत का कई राज्यों का वातावरण (गर्म और नमी वाला) ऐसे कीड़ों के लिए अनुकूल हो सकता है
    • पशुधन पर असर – भारत में बड़ी संख्या में पशु हैं, और स्क्रूवर्म पहले जानवरों पर अटैक करता है
    • यात्रा का खतरा – अगर संक्रमित व्यक्ति या पशु भारत आता है तो यहां भी संक्रमण फैलने की संभावना बन सकती है

बचाव कैसे किया जा सकता है?

    • साफ-सफाई पर ध्यान दें – किसी भी खुले घाव को बिना पट्टी लगाए न छोड़ें
    • जख्म का तुरंत इलाज करें – छोटी चोटों को भी अनदेखा न करें
    • जानवरों की देखभाल – पशुधन को समय-समय पर चेकअप और ट्रीटमेंट कराएं
    • यात्रा निगरानी – मेक्सिको जैसे प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग जरूरी है

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

128 साल पहले फ्रांस ने मेडागास्कर के राजा का सिर कलम किया था, अब उनकी खोपड़ियां लौटाई गई हैं।

फ्रांस ने मेडागास्कर को तीन मानव खोपड़ियां लौटा दी हैं, जिनमें से एक 19वीं सदी के मालागासी राजा टोएरा का मानी जा रही है, जो सकलावा जनजाति से थे. यह वापसी 128 साल बाद हुई है, जब ये खोपड़ियां फ्रांस लाई गई थीं.

फ्रांसीसी संस्कृति मंत्रालय में मंगलवार को आयोजित एक समारोह में यह वापसी की गई. यह 2023 में बनाए गए उस फ्रांसीसी कानून का पहला प्रयोग है, जो अंतिम संस्कार के लिए मानव अवशेषों को उनके मूल देश में वापस भेजने का अधिकार देता है.

खूनी विद्रोह के दौरान राजा की हुई थी हत्या

रिपोर्ट के अनुसार, अन्य दो खोपड़ियां सकलावा योद्धाओं की थीं, जिन्होंने राजा टोएरा के साथ युद्ध किया था और पश्चिमी मेडागास्कर में मेनाबे साम्राज्य के खिलाफ खूनी विद्रोह के दौरान उन्हें भी मार डाला गया था. फ्रांसीसी सैनिकों ने 19वीं सदी के अंत में साकालावा साम्राज्यों को हराकर मेडागास्कर पर कब्जा कर लिया.

अगस्त 1897 में, फ्रांसीसी सैनिकों ने मेडागास्कर के राजा टोएरा की हत्या कर दी और उनका सिर काट दिया. फिर उनकी खोपड़ी को एक जीत की निशानी की तरह पेरिस ले जाया गया और कई अन्य अवशेषों के साथ राष्ट्रीय प्रकृतिक इतिहास संग्रहालय में रख दिया गया.

खोपड़ियों की वापसी एक अभूतपूर्व कदम

फ्रांस की संस्कृति मंत्री रचिदा दाती ने कहा, ‘ये खोपड़ियां राष्ट्रीय संग्रह में ऐसे हालात में शामिल हुईं, जो स्पष्ट रूप से मानवीय गरिमा का उल्लंघन करती थीं और औपनिवेशिक हिंसा के संदर्भ में थीं.’ रिपोर्ट के अनुसार, मेडागास्कर की संस्कृति मंत्री वोलामिरांती डोना मारा ने कहा कि खोपड़ियों की वापसी एक अभूतपूर्व कदम है, जो फ्रांस और मेडागास्कर के रिश्तों में एक नए दौर की शुरुआत करता है. 128 सालों से हमारे राजा की अनुपस्थिति हमारे देश के दिल में एक खुला घाव बनी हुई थी.

फ्रांस के राष्ट्रपति की अनोखी पहल 

वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद से अफ्रीका में फ्रांस की ओर से की गई पुरानी गलतियों को मानना शुरू कर दिया है. अप्रैल में मेडागास्कर की यात्रा के दौरान मैक्रों ने कहा कि वे मेडागास्कर पर फ्रांस के ‘खूनी और दुखद’ कब्जे के लिए माफी मांगते हैं. अब खोपड़ियों को रविवार को हिंद महासागर के इस द्वीप पर दफनाने के लिए वापस लाया जाएगा.

Sports News:एशिया कप के इतिहास में बनी सबसे बड़ी पार्टनरशिप की लिस्ट में टॉप-10 में पांच रिकॉर्ड भारतीय खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं।

क्रिकेट मैच में पार्टनरशिप किसी भी टीम की जीत की सबसे बड़ी कुंजी मानी जाती है. जब दो बल्लेबाज क्रीज पर टिककर रन बनाते हैं, तो न केवल स्कोरबोर्ड तेजी से आगे बढ़ता है बल्कि विपक्षी टीम पर दबाव भी बढ़ जाता है. अच्छी साझेदारी मुश्किल हालात में टीम को संभाल सकती है और बड़े मैचों में जीत की नींव रखती है. एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में भी कई ऐसी साझेदारियां हुई, जिसने टीम को जीत दिला दी. आइए जानते हैं एशिया कप की टॉप-10 सबसे बड़ी साझेदारियों के बारे में.

एशिया कप की 10 सबसे बड़ी साझेदारियां

    • विराट कोहली और केएल राहुल – 233 रन

एशिया कप के इतिहास में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड विराट कोहली और केएल राहुल के नाम है. राहुल और कोहली ने साल 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे विकेट के लिए नाबाद 233 रन जोड़ दिए.

    • नासिर जमशेद और मोहम्मद हफीज – 224 रन

पाकिस्तान के नासिर जमशेद और मोहम्मद हफीज इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं. नासिर और हफीज ने साल 2012 में भारत के खिलाफ पहले विकेट के लिए 224 रन जोड़े थे.

    • यूनिस खान और शोएब मलिक – 223 रन

पाकिस्तान के यूनिस खान और शोएब मलिक इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं. यूनिस और शोएब ने साल 2004 में हांगकांग के खिलाफ तीसरे विकेट के लिए 223 रन जोड़े थे.

    • इफ्तिखार अहमद और बाबर आजम – 214 रन

पाकिस्तान के बल्लेबाज इफ्तिखार अहमद और बाबर आजम का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. बाबर और इफ्तिखार ने साल 2023 में नेपाल के खिलाफ 5वें विकेट के लिए 214 रन जोड़े थे.

    • अजिंक्य रहाणे और विराट कोहली – 213

भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे और विराट कोहली पांचवें स्थान पर हैं. रहाणे और कोहली ने साल 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे विकेट के लिए 213 रन जोड़े थे.

    • रोहित शर्मा और शिखर धवन – 210

भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा और शिखर धवन इस लिस्ट में छठे स्थान पर हैं. रोहित और धवन ने साल 2018 में पहले विकेट के लिए 210 रन जोड़े थे.

    • मोइन-उल-अतीक और इजाज अहमद – 205 रन

पाकिस्तान के बल्लेबाज मोइन-अली-अतीक और इजाज अहमद ने बांग्लादेश के खिलाफ साल 1988 में 205 रन जोड़े थे. वो लिस्ट में सातवें स्थान पर हैं.

    • विराट कोहली और गौतम गंभीर – 205 रन

भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली और गौतम गंभीर इस लिस्ट में 8वें स्थान पर हैं. कोहली और गंभीर ने श्रीलंका के खिलाफ साल 2012 में दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े थे.

    • कुमार संगाकारा और सनथ जयसूर्या – 201 रन

श्रीलंका के बल्लेबाज कुमार संगाकारा और सनथ जयसूर्या इस लिस्ट में 9वें स्थान पर हैं. संगाकारा और जयसूर्या ने बांग्लादेश के खिलाफ साल 2008 में 201 रन जोड़े थे.

    • वीरेंद्र सहवाग और सुरेश रैना – 198

भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना और वीरेंद्र सहवाग ने साल 2008 में पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे विकेट के लिए 198 रन जोड़ दिए थे. वो इस लिस्ट में 10वें स्थान पर हैं.